क्यों लोगों का कहना है कि हमें मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए? इसका क्या लाभ है?...


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मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए जब आप पार्टी करोगे तो इसका लाभ मिलेगा पहले से ही लाभ होने की कल्पना करने वाले को कभी लाभ नहीं मिलता मांधारी से और बिना कुछ मांगे अच्छा रखें जब पाठ करते तब अपने आप लाभ मिलता है

mangalwaar aur shaniwaar ko hanuman chalisa ka path karna chahiye jab aap party karoge toh iska labh milega pehle se hi labh hone ki kalpana karne waale ko kabhi labh nahi milta mandhari se aur bina kuch mange accha rakhen jab path karte tab apne aap labh milta hai

मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए जब आप पार्टी करोगे तो इसका लाभ मिलेगा

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Dr Kanahaiya

Dr Kanahaiya Reki Grand Masstr Apt .Sujok .Homyopathy .

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हनुमान चालीसा खुला तो बता पाना कठिन है तुमसे और ना करना

hanuman chalisa khula toh bata paana kathin hai tumse aur na karna

हनुमान चालीसा खुला तो बता पाना कठिन है तुमसे और ना करना

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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लोगों का कहना सही है आपको मंगलवार शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए हनुमान अष्टक का भी प्रयोग करें इससे आपको मानसिक लाभ प्राप्त होगा मानसिक शांति प्राप्त होगी और मानसिक संबल मिलेगा आप अपने इष्ट देव का ध्यान करते हैं और बूस्ट देव आपको बहुत सारी परेशानियों से संकटों से बचाए हुए बल्कि मेरा मानना तो यह है कि जहां तक हो सके अगर आपको रोजी हनुमान चालीसा का पाठ अपना तो करके करें तो यह बहुत ज्यादा हितकारी लाभकारी है यह निश्चित रूप से है क्योंकि जब हम अपने इष्ट देव को रोज याद करते अभी भी हमें निश्चित रूप से ही आपका कृपा पात्र मान करके हमें बहुत सारी संकटों के दो बातों से परेशानियों से बचा और इस कलयुग में यदि कोई साक्षात देख कर सकते हो जो हेल्प करता है जो मानवों की परेशानियों में सहायता करता है तो वह एकमात्र हनुमान जी हैं क्योंकि हनुमान जी को माता सीता ने अजर अमर रहने का वरदान दिया है श्री राम ने यह कहा था कि हनुमान तब तक इस पृथ्वी पर सूरज चांद रहेंगे यह ब्रह्मांड रहेगा यह पथरी रहेगी जब तक कि पर्वत पहाड़ रहेंगे अनुमान तब तक तुम इसी प्रति पर रह कर के मेरा यह सब हम करो तेरे नाम स्मरण करो और इस पति वासियों के लोगों का कल्याण करो इस प्रकार के अपने प्रधान जी हुए हैं हम भांजे अपने भक्तों पर हमेशा ही दया करते हैं कृपा करते हैं आओ मिलकर पर हम अनुमान मनोजवम मारुत तुल्य वेगम जितेंद्रियम बुद्धिमता सिस्टम का तापमान अधिकतम श्री राम दूतम शरणाम प्रपद्ये आंजनेय मत पाठ कानून कंचना दि कामी विक्रम परिजात अरुण भारती माध्यमिक परमानंद अनम यत्र यत्र प्राप्त की तब तब तक बात का अंजली पास ऊपर पूर्ण चंद्रमा मेरा किसान प्रक्रम

logo ka kehna sahi hai aapko mangalwaar shaniwaar ko hanuman chalisa padhani chahiye hanuman ashtak ka bhi prayog kare isse aapko mansik labh prapt hoga mansik shanti prapt hogi aur mansik sambal milega aap apne isht dev ka dhyan karte hai aur boost dev aapko bahut saari pareshaniyo se sankaton se bachaye hue balki mera manana toh yah hai ki jaha tak ho sake agar aapko rozi hanuman chalisa ka path apna toh karke kare toh yah bahut zyada hitkari labhakari hai yah nishchit roop se hai kyonki jab hum apne isht dev ko roj yaad karte abhi bhi hamein nishchit roop se hi aapka kripa patra maan karke hamein bahut saari sankaton ke do baaton se pareshaniyo se bacha aur is kalyug mein yadi koi sakshat dekh kar sakte ho jo help karta hai jo manavon ki pareshaniyo mein sahayta karta hai toh vaah ekmatra hanuman ji hai kyonki hanuman ji ko mata sita ne ajar amar rehne ka vardaan diya hai shri ram ne yah kaha tha ki hanuman tab tak is prithvi par suraj chand rahenge yah brahmaand rahega yah pathari rahegi jab tak ki parvat pahad rahenge anumaan tab tak tum isi prati par reh kar ke mera yah sab hum karo tere naam smaran karo aur is pati vasiyo ke logo ka kalyan karo is prakar ke apne pradhan ji hue hai hum bhanje apne bhakton par hamesha hi daya karte hai kripa karte hai aao milkar par hum anumaan manojavam marut tulya vegam jitendriyam buddhimata system ka taapman adhiktam shri ram dutam sharanam prapadye anjaney mat path kanoon kanchana di kami vikram parijat arun bharati madhyamik parmanand anam yatarr yatarr prapt ki tab tab tak baat ka anjali paas upar purn chandrama mera kisan prakram

लोगों का कहना सही है आपको मंगलवार शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए हनुमान अष्टक का भी प

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Tejnath sahu

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पवित्र हिंदू धर्म की सौगंध है चार वेद और चारों वेदों का निचोड़ है भगवत गीता तो भगवत गीता जी के अध्याय 16 के श्लोक 23 में स्पष्ट रूप से कहा है कि जो पुरुष स्वास्थ्य विधि को त्याग कर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है वह न तो सिद्धि को प्राप्त होता है ना परम गति को और हमारे गीता जी में कहीं पर भी हनुमान जी की भक्ति करने के लिए नहीं कहा है क्योंकि हनुमान भगवान के परम भक्त थे उन्होंने अपने आत्म कल्याण के लिए गुरु बनाएं और भक्ति की टोन भक्तों की भक्ति कर अपना आत्म कल्याण नहीं करवा सकते इसलिए हमें अपना आत्म कल्याण करवाने हैं तो भगवान की भक्ति करने की

pavitra hindu dharm ki saugandh hai char ved aur charo vedo ka nichod hai bhagwat geeta toh bhagwat geeta ji ke adhyay 16 ke shlok 23 mein spasht roop se kaha hai ki jo purush swasthya vidhi ko tyag kar apni iccha se manmana aacharan karta hai vaah na toh siddhi ko prapt hota hai na param gati ko aur hamare geeta ji mein kahin par bhi hanuman ji ki bhakti karne ke liye nahi kaha hai kyonki hanuman bhagwan ke param bhakt the unhone apne aatm kalyan ke liye guru banaye aur bhakti ki tone bhakton ki bhakti kar apna aatm kalyan nahi karva sakte isliye hamein apna aatm kalyan karwane hain toh bhagwan ki bhakti karne ki

पवित्र हिंदू धर्म की सौगंध है चार वेद और चारों वेदों का निचोड़ है भगवत गीता तो भगवत गीता ज

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