जीएसटी क्यों लागू हुआ है?...


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Sefali

Media-Ad Sales

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीएसटी लागू है इसीलिए हुआ कि वह हमारे टैक्स सिस्टम को काफी आसान कर दे हम लोगों को समझ में तो आए थे वह क्या टाइप कर रहे हैं और कितनी देर पहले छोटा सिस्टम से हमारी हमें बहुत सारे डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स देने पड़ते थे सेल्स टैक्स सर्विस टैक्स कस्टम टैक्स एक्साइज टैक्स क्यों जा रहा है क्यों इतने पैसे दे रहे हैं कहां पर का कौन सा टेक्स्ट चलाएं को समझ में नहीं आता था पर अभी अगर हम देखा जाए जीएसटी लागू होने के बाद जीएसटी में खाली दो ही तरीके हैं एक तो है आपका सेंट्रल जीएसटी और यात्रा है क्या रेट जीएसटी

gst laagu hai isliye hua ki vaah hamare tax system ko kaafi aasaan kar de hum logo ko samajh mein toh aaye the vaah kya type kar rahe hain aur kitni der pehle chota system se hamari hamein bahut saare direct aur indirect tax dene padte the sales tax service tax custom tax excise tax kyon ja raha hai kyon itne paise de rahe hain kahaan par ka kaun sa text chalaye ko samajh mein nahi aata tha par abhi agar hum dekha jaaye gst laagu hone ke baad gst mein khaali do hi tarike hain ek toh hai aapka central gst aur yatra hai kya rate gst

जीएसटी लागू है इसीलिए हुआ कि वह हमारे टैक्स सिस्टम को काफी आसान कर दे हम लोगों को समझ में

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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीएसटी यानी गुड्स सर्विस टैक्स इसलिए लागू हुआ है क्योंकि अभी तक हर एक वस्तु पर चार या पांच या 56 प्रकार के टैक्स लगते थे लेकिन अब जीएसटी के आने के बाद से केवल एक ही टैक्स लगेगा जो की जनता को पहले से मालूम है कि यह 5 परसेंट 12 प्लस 18 प्लस 28 प्रशन की खेड़ी में कौन कौन सी वस्तु है पहली व दूसरी है जितना भी भ्रष्टाचार होता है नंबर 2 की कमाई होती है यह फिर होती है उन सब को रोकने के लिए जीएसटी लागू किया गया है क्योंकि जीएसटी के बाद से सारी चीजे ऑनलाइन हो गई ऑनलाइन रिपोर्ट आने के बाद से भ्रष्टाचार काफी कम होगा

gst yani goods service tax isliye laagu hua hai kyonki abhi tak har ek vastu par char ya paanch ya 56 prakar ke tax lagte the lekin ab gst ke aane ke baad se keval ek hi tax lagega jo ki janta ko pehle se maloom hai ki yah 5 percent 12 plus 18 plus 28 prashn ki khedi mein kaun kaun si vastu hai pehli va dusri hai jitna bhi bhrashtachar hota hai number 2 ki kamai hoti hai yah phir hoti hai un sab ko rokne ke liye gst laagu kiya gaya hai kyonki gst ke baad se saree chije online ho gayi online report aane ke baad se bhrashtachar kaafi kam hoga

जीएसटी यानी गुड्स सर्विस टैक्स इसलिए लागू हुआ है क्योंकि अभी तक हर एक वस्तु पर चार या पांच

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीएसटी इस भारत की भारत के इकनोमिक डेवलपमेंट की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा महत्व रखता है जीएसटी का जो डिसीजन लिया गया है वह बहुत उंदा डिसीजन है क्योंकि जीएसटी से जो पहला तो जो इतने सारे डिपार्टमेंट से इंडिया अलग-अलग इनडायरेक्ट टैक्स इसके जैसे की एक्साइज ड्यूटी सर्विस टैक्स वगैरा आने लगी डिपार्टमेंट से जो लगे पढ़ लेते हैं उन सब की रिटर्न फाइलिंग टैक्स कलेक्शन वगैरह में और जीएसटी के द्वारा टैक्स कलेक्शन की Sahara प्रोसेस जो है उसको ऑनलाइन कर दिया गया है जिसे जो बहुत सारे दोस्त आप बच गया है जो स्टाफ को जो टेक्स्ट कलेक्शन में लगा हुआ था उनको बहुत उपयोगी कार्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जीएसटी से भारत सरकार को पूरे देश के ऊपर टैक्स की कलेक्शन टैक्स कलेक्शन के ऊपर बहुत अच्छा नियंत्रण मिलता है और ऊपर से एक टेक्स्ट होने के द्वारा सब जगह शब्द राज्यों में जो है जो यह अलग-अलग धाम है हर चीज हो कर वह भी समान होते हैं लगभग समान हो रहे हैं जीएसटी WhatsApp अर्थव्यवस्था यानी इकनोमिक डेवलपमेंट के लिए बहुत जरुरी फैसला है और इसे बहुत सारे दूसरे बाहर के देशों में भी अपनाया गया है जिससे इकनोमिक डेवलपमेंट तेजी से हो रहा है

gst is bharat ki bharat ke economic development ki arthavyavastha mein bahut bada mahatva rakhta hai gst ka jo decision liya gaya hai vaah bahut unda decision hai kyonki gst se jo pehla toh jo itne saare department se india alag alag indirect tax iske jaise ki excise duty service tax vagera aane lagi department se jo lage padh lete hai un sab ki return Filing tax collection vagera mein aur gst ke dwara tax collection ki Sahara process jo hai usko online kar diya gaya hai jise jo bahut saare dost aap bach gaya hai jo staff ko jo text collection mein laga hua tha unko bahut upyogi karya ke liye istemal kiya ja sakta hai gst se bharat sarkar ko poore desh ke upar tax ki collection tax collection ke upar bahut accha niyantran milta hai aur upar se ek text hone ke dwara sab jagah shabd rajyo mein jo hai jo yah alag alag dhaam hai har cheez ho kar vaah bhi saman hote hai lagbhag saman ho rahe hai gst WhatsApp arthavyavastha yani economic development ke liye bahut zaroori faisla hai aur ise bahut saare dusre bahar ke deshon mein bhi apnaya gaya hai jisse economic development teji se ho raha hai

जीएसटी इस भारत की भारत के इकनोमिक डेवलपमेंट की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा महत्व रखता है जी

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Janak

An Enthusiastic Entrepreneur.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीएसटी लागू लागू होने का सबसे बड़ा रीजन यह था कि हमारे इंडिया में हमारी कंट्री में काफी सारे स्टेट्स में काफी सारे अलग-अलग टैक्स लगते थे और Plus और ऑल कंट्री मेड इजी कीबोर्ड लगता था सर्विस टैक्स लगता था और काफी अलग अलग टैक्स लगते थे फूड फूड का टेक्स्ट कहां पर लग लगता था फिर फॉर्म आज का टैक्स लगता था ऐसी कई वेरिएशन टेक्स्ट मैसेज भेजो कि प्रॉब्लम कर रहा था इकॉनॉमी हैंड लाइट को ऑन प्लस पब्लिक को की और कि वह सब कंसीडर करके एक अपनी कांस्टेबल करें इसके लिए गवर्नमेंट ने का सबसे बड़ा सलूशन यह था कि कंप्लीटली सारे टैक्स इसका एक ही कॉम कंबाइन करके गांव में लोगों पर लागू किया जाए तो उस शक्स को नाम दे दिया गुड्स एंड सर्विस टैक्स तो उसमे सारे गॉड सारे मैनुफैक्चरिंग के टैक्स बिल आ जाएंगे और Plus सारे सर्विसिस के बेटा केसा जाएंगे वह टैक्सेज में विदेशी चार प्रकार के 5% 24:00 73% 1:00 28% तो जिस हिसाब से गवर्मेंट पूरी ओम लिस्ट भेजी थी कौनसी-कौनसी टेक्स्ट कौनसे-कौनसे चीजों पर कितना कितना टैक्स लगेगा ताकि नहीं पब्लिक को कन्फ्यूजन हो और ना ही और जो इकनॉमी हैंडलर है जो हमारी गवर्मेंट है उनको कन्फ्यूजन हो सारे टैक्स इसका 12 एंड में जो रिव्यू लेने के लिए प्लस अपनी मम्मी को स्टेबल करने के लिए

gst laagu laagu hone ka sabse bada reason yah tha ki hamare india mein hamari country mein kaafi saare states mein kaafi saare alag alag tax lagte the aur Plus aur all country made easy keyboard lagta tha service tax lagta tha aur kaafi alag alag tax lagte the food food ka text kahaan par lag lagta tha phir form aaj ka tax lagta tha aisi kai variation text massage bhejo ki problem kar raha tha ikanami hand light ko on plus public ko ki aur ki vaah sab Consider karke ek apni constable kare iske liye government ne ka sabse bada salution yah tha ki completely saare tax iska ek hi com combine karke gaon mein logo par laagu kiya jaaye toh us shaks ko naam de diya goods and service tax toh usme saare god saare mainufaikcharing ke tax bill aa jaenge aur Plus saare sarvisis ke beta kesa jaenge vaah taxes mein videshi char prakar ke 5 24 00 73 1 00 28 toh jis hisab se government puri om list bheji thi kaunsi kaun se text kaunsi kaun se chijon par kitna kitna tax lagega taki nahi public ko confusion ho aur na hi aur jo ikanami haindalar hai jo hamari government hai unko confusion ho saare tax iska 12 and mein jo review lene ke liye plus apni mummy ko stable karne ke liye

जीएसटी लागू लागू होने का सबसे बड़ा रीजन यह था कि हमारे इंडिया में हमारी कंट्री में काफी सा

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हालांकि जीएसटी भी एक जैसा ही टैक्स है लेकिन इसके लागू होने से कई और तरह के टैक्स नहीं लगेंगे इतना ही नहीं जीएसटी लागू होने से अभी लगने वाले बैग और संवाद दोनों खत्म हो जाएंगे इसका यही कारण है

halanki gst bhi ek jaisa hi tax hai lekin iske laagu hone se kai aur tarah ke tax nahi lagenge itna hi nahi gst laagu hone se abhi lagne waale bag aur samvaad dono khatam ho jaenge iska yahi karan hai

हालांकि जीएसटी भी एक जैसा ही टैक्स है लेकिन इसके लागू होने से कई और तरह के टैक्स नहीं लगें

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