मैंने किसी के साथ कभी गलत करने की नहीं सोचा फिर भी न जाने को लोग मुझे गलत ही बना देते है,ऐसा क्यों होता है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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पहले किसी के साथ कभी गलत करने चली सोचा फिर भी ना जाने लोग मुझे गलत ही बना लेते हैं जैसा आप सोचते हैं वैसा आपको करना है दुआ करते हैं जो सोचते हैं वह दुनिया वालों को दिखाना भी पड़ता है आपकी सोच का परिणाम आपके कर्म होते हैं और कर्म हो तो आदत बन जाते हैं और जो आदते होती हैं वही इंसान का चरित्र बनाते हैं और चरित्र जो होता है वही लोग देख और मूल्य उसी आधार पर करते हैं अगर आप गलत लोगों की संगत में घूमेंगे फिरेंगे तो आप चाहे कितने ही अच्छे चरित्र के हैं लेकिन लोग आपको बुरे लोगों की संगत करने की वजह से बुरा ही कहेगी इसलिए हम किस सर कल मिलते बैठते हैं कहां हमारा उठना बैठना है कहां हमारा मित्र सर्कल है वह हमें देखना चाहिए हमेशा हमें प्रयास करते रहना चाहिए कि हमारे चरित्र पर कोई दाग न लगे हमारे कोई कर्म पूरे ना हो और आप तो कह रहे हैं कि मेरा तो सोच ही बहुत सुंदर है अच्छी है आपके कदमों की सुंदर ही होंगे इसलिए आप दुनिया को अपने कर्मों से दिखाइए कि आप अच्छे हैं अच्छे इंसान हैं और दुनिया आज नहीं तो कल अवश्य मान लेगी और तभी आपके ऊपर जो किसी तरह का आपको दिखा रहे हैं लोग नहीं चाहते वह भी आपको अच्छा इंसान बने धन्यवाद

pehle kisi ke saath kabhi galat karne chali socha phir bhi na jaane log mujhe galat hi bana lete hain jaisa aap sochte hain waisa aapko karna hai dua karte hain jo sochte hain vaah duniya walon ko dikhana bhi padta hai aapki soch ka parinam aapke karm hote hain aur karm ho toh aadat ban jaate hain aur jo adate hoti hain wahi insaan ka charitra banate hain aur charitra jo hota hai wahi log dekh aur mulya usi aadhar par karte hain agar aap galat logo ki sangat me ghumenga firenge toh aap chahen kitne hi acche charitra ke hain lekin log aapko bure logo ki sangat karne ki wajah se bura hi kahegi isliye hum kis sir kal milte baithate hain kaha hamara uthna baithana hai kaha hamara mitra circle hai vaah hamein dekhna chahiye hamesha hamein prayas karte rehna chahiye ki hamare charitra par koi daag na lage hamare koi karm poore na ho aur aap toh keh rahe hain ki mera toh soch hi bahut sundar hai achi hai aapke kadmon ki sundar hi honge isliye aap duniya ko apne karmon se dikhaiye ki aap acche hain acche insaan hain aur duniya aaj nahi toh kal avashya maan legi aur tabhi aapke upar jo kisi tarah ka aapko dikha rahe hain log nahi chahte vaah bhi aapko accha insaan bane dhanyavad

पहले किसी के साथ कभी गलत करने चली सोचा फिर भी ना जाने लोग मुझे गलत ही बना लेते हैं जैसा आप

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