NITI के CEO अमिताभ कांत कहते हैं की 2020 तक फिजिकल बैंक समाप्त हो जाए गा हैं, आप इसके बारे में क्या कहना चाहते हैं?...


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Abhishek Kumar Yadav

Expert In Account & Finance, Motivational Speaker& Life Coach

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नमस्कार मैं विश्व कुमार यादव मोटिवेशनल स्पीकर आने से निपटने की नीति के सीओओ यानिक नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि मैं आपको लिखकर गारंटी देता हूं आपको स्टांप पैड पर यह कभी नहीं होगा 20 साल लग जाएंगे फिर कल बैंक इन को खत्म करने पर उसके एक-दो नहीं कई वजह हैं उसके एक-दो नहीं कई वजह हैं क्योंकि हमारे देश में पिछड़े वर्ग बहुत ज्यादा है जो एनरॉयड यूज़ नहीं करना जानते हैं जो नेट बैंकिंग यूज़ करना नहीं जानते हैं मोबाइल बैंकिंग यूज नहीं करना चाहते हैं उनको फुली डिजिटल ही कैसे कन्वर्ट कर देंगे सभी लोगों को लेकर नहीं बनाया जा सकता है हमारे देश में 45 पर्सेंट आबादी जो है वह बुजुर्ग हैं जिनको नेट बैंकिंग इंटरनेट बैंकिंग रिटेल बैंकिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है आज सारी युवा ही खाली वेबसाइट नहीं जुड़े बुजुर्ग भी जुड़े हुए हैं आधी आबादी को डिजिटल बैंक में शिफ्ट करने के बाद जो है बहुत टेढ़ी खीर है तो अमिका अमिताभ कांत जी के बोल हैं कृपया कल उसे सीरियसली ना लें क्योंकि म्यूजिक यह हवा हवाई बातें हैं ऐसा संभव ही नहीं है अगले 20 सालों तक ऐसा कुछ नहीं होने वाला मैं आपको लिखित रूप में दे सकता हूं हां डिलीट अल्टरनेशन बढ़ जाएंगे लेकिन फिजिकल ट्रांजैक्शन एकदम से बंद नहीं हो जाएंगे मैं एक उदाहरण देता हूं आपको मैं पैसे से अकाउंटेंट हूं हमारे बिजनेस में जो भी माल खरीदे जाते हैं उनका पेमेंट बैंक द्वारा होता है तुम्हें जितने पार्टियों से माल खरीद ता हूं उनका हर फोटो पर मतलब कहने वाले हर 15 दिन पर मैं जो है उनका पेमेंट एक साथ बनाता हूं 15 दिन पर एक साथ में उनका बल अपने पर बनाता हूं और बना करके टाइप करने के लिए मैं बैंक में एक समय में माउंट का चेक बना कर में बैंक में लिप्त करने की वजह क्या होगी ठीक है तो हो रहा है लेकिन नेट कहां हो रहा है बैंक के माध्यम से हो रहा है बैंक के फिजिकल बैंक दैनिक मुझे फिजिकल में जाना पड़ गया वह काम ऑनलाइन नहीं हो पाया मैं चाहूं तो ऑनलाइन कर सकता हूं लेकिन वह हमारे आने का था उसकी कई वजह हैं पहली वजह तो यह है कि कोई भी मालिक अपने कर्मचारी पर पूर्ण रुप से विश्वास नहीं करता इसीलिए उसे नेट बैंकिंग यूज करने का ऑप्शन नहीं देगा ज्यादा कर उसे फिजिकल बैंक यूज करने का ही चेक से पेमेंट करने का ऑप्शन ही उसको बताएगा दूसरी बात है मालिक के पास इतना समय नहीं है और उनके पास एंप्लॉई को इतना समय नहीं है वो खुद नेट बैंकिंग करें खुद सेकने लोगों का पेमेंट प्राप्त करें जहां सैकड़ों पार्टियां हैं उसको सौर भी करने के बहुत सारे काम है तू अभी क्या है मुझे नेट की जानकारी है इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी है मोबाइल बैंकिंग की जानकारी है मेरे मालिक को जानकारी है लेकिन मेरे मालिक के पास समय नहीं मेरे को उसके पास समय नहीं है कोई काम करेंगे समय नहीं है मुझे फिजिकल बैंक जाना पड़ रहा है अभी भी बैंक से बहुत सारे पेमेंट जो होते हैं बहुत सारी टैक्स होते हैं आजकल ऑनलाइन जमा होते हैं ऑनलाइन जमा होते हैं तो उसमें भी क्या होते हैं ऑनलाइन पेमेंट चालान जमा हो जाता फिर उनका पेमेंट मुझे किसी दूसरे के अकाउंट में जा ही करना ही पड़ता है तो फिर कल बैंक बहुत महत्व है ग्राम में देख लीजिए ग्रामों में देख लीजिए उनको अच्छे से चेक भरना तक नहीं आता बहुत से लोग हैं आप नेट बैंकिंग यूज करने के मोबाइल बैंकिंग के ऑफिस कल बैंक खत्म करने की बात करते हैं कहां से संभव संभव नहीं है अभी 20 सालों तक तो बिल्कुल संभव नहीं है जब तक पूरी जनरेशन रिप्लेस नहीं हो जाती है तब तक यह पॉसिबल तू उसके बाद भी कहीं ना कहीं फिर कल पेमेंट होता रहेगा तुमसे खत्म नहीं हो जाएगा फिजिकल बैंक तो अभी बिजली समाप्त नहीं होने वाले अब यह है कि गवर्नमेंट पॉसिबली करेगी खत्म करने के लिए गवर्नमेंट को बहुत ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ेगी बहुत ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी अंतर तो हमको फिजिकल बैंक के स्टार्ट करना ही पड़ेगा तो बताने पर देख लिया जाएगा फिलहाल अभी लगभग का सामना करें गवर्नमेंट छ महीने तो मंदी से उबरने वाले नहीं है जैसे एडमिन है साल भर का समय लग सकता है इस मंदी से बाहर आने के लिए मंदिर की मंदिर नहीं है अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नहीं क्योंकि डीडीपी को तो कोई पांडवान पर पहुंचा चुके हैं लोग पिछले नीति आयोग कुछ छोड़ दिया उनके सीओ को छोड़ दिया उनको हवा हवाई बातें करने दीजिए और हम लोगों को धरातल पर आना चाहिए नमस्कार मेरे लाइक करें

namaskar main vishwa kumar yadav Motivational speaker aane se nipatane ki niti ke COO yanik niti aayog ke ceo amitabh kaant ne kaha ki main aapko likhkar guarantee deta hoon aapko STAMP pad par yah kabhi nahi hoga 20 saal lag jaenge phir kal bank in ko khatam karne par uske ek do nahi kai wajah hain uske ek do nahi kai wajah hain kyonki hamare desh me pichade varg bahut zyada hai jo enarayad use nahi karna jante hain jo net banking use karna nahi jante hain mobile banking use nahi karna chahte hain unko fully digital hi kaise convert kar denge sabhi logo ko lekar nahi banaya ja sakta hai hamare desh me 45 percent aabadi jo hai vaah bujurg hain jinako net banking internet banking retail banking ke bare me koi jaankari nahi hai aaj saari yuva hi khaali website nahi jude bujurg bhi jude hue hain aadhi aabadi ko digital bank me shift karne ke baad jo hai bahut tedhi kheer hai toh amika amitabh kaant ji ke bol hain kripya kal use seriously na le kyonki music yah hawa hawai batein hain aisa sambhav hi nahi hai agle 20 salon tak aisa kuch nahi hone vala main aapko likhit roop me de sakta hoon haan delete alternation badh jaenge lekin physical transaction ekdam se band nahi ho jaenge main ek udaharan deta hoon aapko main paise se accountant hoon hamare business me jo bhi maal kharide jaate hain unka payment bank dwara hota hai tumhe jitne partiyon se maal kharid ta hoon unka har photo par matlab kehne waale har 15 din par main jo hai unka payment ek saath banata hoon 15 din par ek saath me unka bal apne par banata hoon aur bana karke type karne ke liye main bank me ek samay me mount ka check bana kar me bank me lipt karne ki wajah kya hogi theek hai toh ho raha hai lekin net kaha ho raha hai bank ke madhyam se ho raha hai bank ke physical bank dainik mujhe physical me jana pad gaya vaah kaam online nahi ho paya main chahu toh online kar sakta hoon lekin vaah hamare aane ka tha uski kai wajah hain pehli wajah toh yah hai ki koi bhi malik apne karmchari par purn roop se vishwas nahi karta isliye use net banking use karne ka option nahi dega zyada kar use physical bank use karne ka hi check se payment karne ka option hi usko batayega dusri baat hai malik ke paas itna samay nahi hai aur unke paas emplai ko itna samay nahi hai vo khud net banking kare khud sekne logo ka payment prapt kare jaha saikadon partyian hain usko sour bhi karne ke bahut saare kaam hai tu abhi kya hai mujhe net ki jaankari hai internet banking ki jaankari hai mobile banking ki jaankari hai mere malik ko jaankari hai lekin mere malik ke paas samay nahi mere ko uske paas samay nahi hai koi kaam karenge samay nahi hai mujhe physical bank jana pad raha hai abhi bhi bank se bahut saare payment jo hote hain bahut saari tax hote hain aajkal online jama hote hain online jama hote hain toh usme bhi kya hote hain online payment chalan jama ho jata phir unka payment mujhe kisi dusre ke account me ja hi karna hi padta hai toh phir kal bank bahut mahatva hai gram me dekh lijiye gramo me dekh lijiye unko acche se check bharna tak nahi aata bahut se log hain aap net banking use karne ke mobile banking ke office kal bank khatam karne ki baat karte hain kaha se sambhav sambhav nahi hai abhi 20 salon tak toh bilkul sambhav nahi hai jab tak puri generation replace nahi ho jaati hai tab tak yah possible tu uske baad bhi kahin na kahin phir kal payment hota rahega tumse khatam nahi ho jaega physical bank toh abhi bijli samapt nahi hone waale ab yah hai ki government possibly karegi khatam karne ke liye government ko bahut zyada dikkat jhelani padegi bahut zyada pareshani jhelani padegi antar toh hamko physical bank ke start karna hi padega toh batane par dekh liya jaega filhal abhi lagbhag ka samana kare government chh mahine toh mandi se ubarane waale nahi hai jaise admin hai saal bhar ka samay lag sakta hai is mandi se bahar aane ke liye mandir ki mandir nahi hai arthavyavastha ko patri par lane ke liye nahi kyonki DDP ko toh koi pandavan par pohcha chuke hain log pichle niti aayog kuch chhod diya unke CO ko chhod diya unko hawa hawai batein karne dijiye aur hum logo ko dharatal par aana chahiye namaskar mere like kare

नमस्कार मैं विश्व कुमार यादव मोटिवेशनल स्पीकर आने से निपटने की नीति के सीओओ यानिक नीति आयो

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