बी-केटेगरी बिज़नेस स्कूल छात्रों को सिर्फ 20% नौकरियां मिली है, इसके बारे में आप क्या कहना चाहते हैं?...


play
user

Neha S

UPSC कोच

0:59

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बैटरी की बेस्ट स्कूल है उन छात्रों को 70% ही जॉब का मिल रहा है ऐसा इसलिए है ऐसा एक ऐसे काम की रिपोर्ट आई है शुभम एजुकेशन कॉउंसिल का एक रिपोर्ट आया है उन्होंने के लिए जो आया है क्वेश्चन पर जॉब ऑफिस पर बिक्री बिक्री की स्कूल जीएसटी और दिमाग से बंद पड़ा है उसकी वजह से उसको वापस ले लिया बंद कर दिया उसकी वजह से 1 पॉइंट और भी है कि जो टैटू होती है ड्यूटी अच्छी मैनेजमेंट एजुकेशन इंस्टिट्यूट हैं वह लोग नहीं कर पा रहे हैं क्वालिटी क्वालिटी एजुकेशन सिस्टम प्रोवाइड नहीं करा पा रहे हैं और बेसिक प्रॉब्लम क्या करते हैं अपना तुलसी को भरने के लिए ज्यादा दिन क्वालिटी ऑफ एजुकेशन क्वालिटी ऑफ स्टूडेंट पर जिसकी वजह से इतना बड़ा बड़ा व्यापार है तो अपुन सजेशन दिया है कृपया करके ध्यान दें इस को एजुकेशन

battery ki best school hai un chhatro ko 70 hi job ka mil raha hai aisa isliye hai aisa ek aise kaam ki report I hai subham education kaunsil ka ek report aaya hai unhone ke liye jo aaya hai question par job office par bikri bikri ki school gst aur dimag se band pada hai uski wajah se usko wapas le liya band kar diya uski wajah se 1 point aur bhi hai ki jo tattoo hoti hai duty achi management education institute hain vaah log nahi kar paa rahe hain quality quality education system provide nahi kara paa rahe hain aur basic problem kya karte hain apna tulsi ko bharne ke liye zyada din quality of education quality of student par jiski wajah se itna bada bada vyapar hai toh apun suggestion diya hai kripya karke dhyan de is ko education

बैटरी की बेस्ट स्कूल है उन छात्रों को 70% ही जॉब का मिल रहा है ऐसा इसलिए है ऐसा एक ऐसे काम

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  21
WhatsApp_icon
5 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Raj Shah

Aspiring engineer

0:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

B केटेगरी स्टूडेंट्स को बेस पसंद नौकरी मिली इसके बाद कारण हो सकते एक की जो बच्चे एडमिशन ले रहे हो किसी अमीर घराने से है और उन्हें पैसे देकर एडमिशन ले लिया और दूसरा यह कि उस कॉलेज में वह जो स्टूडेंट से उनकी नॉलेज सी कंपनी काम पर नहीं करते

B category students ko base pasand naukri mili iske baad karan ho sakte ek ki jo bacche admission le rahe ho kisi amir gharane se hai aur unhe paise dekar admission le liya aur doosra yah ki us college mein vaah jo student se unki knowledge si company kaam par nahi karte

B केटेगरी स्टूडेंट्स को बेस पसंद नौकरी मिली इसके बाद कारण हो सकते एक की जो बच्चे एडमिशन ले

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  2
WhatsApp_icon
user

Sefali

Media-Ad Sales

1:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बी केटेगरी बिजेनेस स्कूल छात्रों में सिर्फ 20 परसेंट को ही नौकरी मिली| देखा जाए तो ये 20 परसेंट भी नहीं है| उससे भी कम है| और उसका जो मूख्य कारण माना जा रहा है नोटबंदी जोकि डीमोनीटाइजेशन है| और जो दूसरा कारण है| काफी सारे प्रोजेक्ट अभी रुक गए है| और देखा जाए इंडस्ट्री अगर देखे जाए| रिटेल इंडस्ट्री, इनफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री, होटल इंडस्ट्री, फिनाशिअल सर्विस इंडस्ट्री पहले जिस तरह की जॉब ओपोर्चुनिटीज हुआ करती थी| हम पिछले से पिछले साल तक का रिकॉर्ड देखें| अब और ये साल का रिकॉर्ड तो वह बहुत कम है| जिस तरह की जॉब ओपोर्चुनिटीज ये इंडस्ट्री से आ रही है, वो बहुत कम है| और एक कारण माना जा रहा है| जो की है| पुअर क्वालिटी ऑफ एजुकेशन जिस तरह की जिस क्वालिटी की एजुकेशन मिलनी चाहिए| इन छात्रों को वो नहीं मिल पा रही है| क्योंकि देखा जाए तो एक तरह से यह सारे बी स्कूल कमर्शियलाज्ड हो गए है| एडमिशन पर एडमिशन दिए जा रहे हैं| पर बच्चों पर कोई फोकस नहीं है| कोई ध्यान नहीं है| ट्रेनिंग प्रॉपर्ली नहीं की जा रही है| जो कि मेरे हिसाब से सबसे बड़ी चीज़ है जिस पर ध्यान देना चाहिए|

be category bijenes school chhatro mein sirf 20 percent ko hi naukri mili dekha jaaye toh ye 20 percent bhi nahi hai usse bhi kam hai aur uska jo mukhya karan mana ja raha hai notebandi joki dimonitaijeshan hai aur jo doosra karan hai kaafi saare project abhi ruk gaye hai aur dekha jaaye industry agar dekhe jaaye retail industry inafrastrakchar industry hotel industry finashial service industry pehle jis tarah ki job oporchunitij hua karti thi hum pichle se pichle saal tak ka record dekhen ab aur ye saal ka record toh vaah bahut kam hai jis tarah ki job oporchunitij ye industry se aa rahi hai vo bahut kam hai aur ek karan mana ja raha hai jo ki hai poor quality of education jis tarah ki jis quality ki education milani chahiye in chhatro ko vo nahi mil paa rahi hai kyonki dekha jaaye toh ek tarah se yah saare be school kamarshiyalajd ho gaye hai admission par admission diye ja rahe hain par baccho par koi focus nahi hai koi dhyan nahi hai training properly nahi ki ja rahi hai jo ki mere hisab se sabse badi cheez hai jis par dhyan dena chahiye

बी केटेगरी बिजेनेस स्कूल छात्रों में सिर्फ 20 परसेंट को ही नौकरी मिली| देखा जाए तो ये 20 प

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  4
WhatsApp_icon
user

Shubham

Software Engineer in IBM

1:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिस्म इंडिया में जो क्वेश्चन प्रोडक्ट किया है कि B केटेगरी बिजनेस स्कूल छात्रों से 20 पर्सेंट नौकरी मिली है इस बार सिर्फ 20% छात्रों को ही नौकरियां मिली है बल्कि लास्ट ईयर 30 परसेंट बिजनेस स्कूल के छात्रों को नौकरियां मिलती यह आंकड़ा घटकर 20% पर आ गया है उसके बहुत सारे रीजन बताया जा रहे हैं अभी जो काउंसिल है जो एसोचैम एजुकेशन कॉउंसिल जो AC के नाम से भी जाना जाता है उस ने अभी बताया है और बोला है कि यह आंकड़ा जो गिरा है उसका रीज़न है मेरी रीजन है डीमोनेटाइजेशन और नए नए प्रोजेक्ट कर दो ना अभी कहां से लें तो यही बताया है और मेरा मानना यह है कि कि जो हम लोगों को कॉल क्वालिटी एजुकेशन दी जाती है वह बिल्कुल नहीं मिल रही है अभी बिजनेस स्कूल में आप चाय पी बजे स्कूल को ले लो चाय इंजीनियरिंग कॉलेज कॉलेज स्कूल लो ले लो क्वालिटी एजुकेशन वह नहीं दी जा रही जो कॉलेज है वह लोग सिर्फ अपनी सीट को भरने में लगे हुए रहते हैं ताकि पैसा कम ज्यादा बच्चे होंगे तो ज्यादा पैसा कमा लेंगे तू क्वालिटी एजुकेशन दे दी जानी चाहिए वह बिल्कुल भी नहीं है जो फैकल्टी है वह नहीं है और हम लोगों को जो इंडस्ट्रीज में काम करना चाहिए ट्रेनिंग दी जानी चाहिए वह भी नहीं हम लोगों को मिलता है सब लोग पेपर देकर पास हो जाते हैं उसके कई सारे एक्टर से जो जिसकी वजह प्लेसमेंट घटा है जिसके ऐसे लोग एंप्लॉयड कम हो रहे हैं और आप को बता देता हूं तो इस बार प्लेसमेंट हुए भी है जो लोग एंप्लॉयड हुए भी है जिनको तनख्वाह दी गई है जो सैलरी ऑफर की गई हूं पिछली बार से 50% कम दी गई है तो आप खुद ही सोच सकते हैं ऐसा क्यों हो रहा है इसलिए हमारे जो स्कूल से और कॉलेज गए उनको अपनी क्वालिटी को बढ़ाना चाहिए उसकी पढ़ाई की क्वालिटी को ताकि अच्छा पैकेज का ऑफर किया जा सके और ज्यादा चाहता बच्चे एंप्लोयेड हो

jism india mein jo question product kiya hai ki B category business school chhatro se 20 percent naukri mili hai is baar sirf 20 chhatro ko hi naukriyan mili hai balki last year 30 percent business school ke chhatro ko naukriyan milti yah akanda ghatakar 20 par aa gaya hai uske bahut saare reason bataya ja rahe hain abhi jo council hai jo esochaim education kaunsil jo AC ke naam se bhi jana jata hai us ne abhi bataya hai aur bola hai ki yah akanda jo gira hai uska region hai meri reason hai dimonetaijeshan aur naye naye project kar do na abhi kahaan se le toh yahi bataya hai aur mera manana yah hai ki ki jo hum logo ko call quality education di jaati hai vaah bilkul nahi mil rahi hai abhi business school mein aap chai p baje school ko le lo chai Engineering college college school lo le lo quality education vaah nahi di ja rahi jo college hai vaah log sirf apni seat ko bharne mein lage hue rehte hain taki paisa kam zyada bacche honge toh zyada paisa kama lenge tu quality education de di jani chahiye vaah bilkul bhi nahi hai jo faculty hai vaah nahi hai aur hum logo ko jo industries mein kaam karna chahiye training di jani chahiye vaah bhi nahi hum logo ko milta hai sab log paper dekar paas ho jaate hain uske kai saare actor se jo jiski wajah placement ghata hai jiske aise log employed kam ho rahe hain aur aap ko bata deta hoon toh is baar placement hue bhi hai jo log employed hue bhi hai jinako tankhvaah di gayi hai jo salary offer ki gayi hoon pichali baar se 50 kam di gayi hai toh aap khud hi soch sakte hain aisa kyon ho raha hai isliye hamare jo school se aur college gaye unko apni quality ko badhana chahiye uski padhai ki quality ko taki accha package ka offer kiya ja sake aur zyada chahta bacche employed ho

जिस्म इंडिया में जो क्वेश्चन प्रोडक्ट किया है कि B केटेगरी बिजनेस स्कूल छात्रों से 20 पर्स

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  4
WhatsApp_icon
user

Apurva D

Optimistic Coder

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

B केटेगरी बिजनेस स्कूल छात्रों को नौकरियां मिलने का प्रमाण दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है इस साल को सूचित उसे 20% नौकरियां उनको मिली है यह है कि ऑल ओवर नौकरियां मिलना कठिन होता जा रहा है वैसे देखा जाए तो पिछले कुछ सालों से कहीं पर हो रही आर्थिक मंदी हो या अभी का डिमोनेटाइजेशन या जीएसटी हो उसके पीछे क्या रीजन है ऐसे अहवाल में दिया गया हुआ है अभी दूसरे सीजन पर हम विचार करें तो वह यह भी हो सकता है कि इंस्टिट्यूट का फोकस सिर्फ उनकी सीटें भरने पर है ना क्या एडमिशन के टाइम स्टूडेंट की क्वालिटी चेक करते हैं वैसे स्टूडेंट को एंप्लॉय बल बनाना इंस्टिट्यूट का मीनिंग होना चाहिए इसलिए उन्होंने उनके फैकल्टी को भी ट्रेनिंग देनी चाहिए और उन्होंने इंडस्ट्रियल दिन के जिस पर भी वर्क करना चाहिए और उनके यहां पर जो स्टूडेंट से उनको ज्यादा से ज्यादा नौकरियां मिलेंगी

B category business school chhatro ko naukriyan milne ka pramaan din bsp din badhta hi ja raha hai is saal ko suchit use 20 naukriyan unko mili hai yah hai ki all over naukriyan milna kathin hota ja raha hai waise dekha jaaye toh pichle kuch salon se kahin par ho rahi aarthik mandi ho ya abhi ka dimonetaijeshan ya gst ho uske peeche kya reason hai aise ahval mein diya gaya hua hai abhi dusre season par hum vichar kare toh vaah yah bhi ho sakta hai ki institute ka focus sirf unki seaten bharne par hai na kya admission ke time student ki quality check karte hain waise student ko employee bal banana institute ka meaning hona chahiye isliye unhone unke faculty ko bhi training deni chahiye aur unhone Industrial din ke jis par bhi work karna chahiye aur unke yahan par jo student se unko zyada se zyada naukriyan milengi

B केटेगरी बिजनेस स्कूल छात्रों को नौकरियां मिलने का प्रमाण दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है इस

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  3
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!