वर्तमान समय का जो शिक्षा पद्धति है वी किस हद तक सही है?...


play
user

Manish Singh

VOLUNTEER

1:11

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वर्तमान समय का जो शिक्षा पद्धति है वह किस हद तक सही है तो मेरे हिसाब से किसको बदलना बहुत जरूरी है मेरी साथी सही नहीं है क्योंकि देखिए हम अभी कर क्या रहे हमारे जो एजुकेशन सिस्टम है वह सालभर एक ही चीज को रेट मारता है मुझे एक ही चीज हम रखते हैं और वही चीज हमें एग्जाम एडमिट कर के चल जाते हैं उस एक्जाम के एक ही नाम से मार्क्स ए हमारा पूरा फ्यूचर पर खड़ी है वह डिसाइड होता है लेकिन एजुकेशन सिस्टम लागू अंग्रेजों का बनाया गया है क्योंकि खुदा का क्रेज फॉलो नहीं करते हैं उनकी स्कूल में प्रैक्टिकल्स पर और जो होगा एक्टिविटीज उस पर ध्यान दिया जाता है ज्यादातर क्रिटिकल पढ़ाई से ज्यादा तू बिल्कुल हमें जो है जिसने हमारे सिस्टम बनाया वह खुद अपने खुद उन्होंने अपडेट कर लिया तो हम इतने पुराने सिस्टम से क्यों पड़ रहे हैं अगर जैसे कभी बयान आया है थोड़े दिन पहले महिंद्रा टेक महिंद्रा के सीईओ का की 90% इंजीनियर जो है हमारे यहां तो कंपनी में पूजा करने के लायक नहीं है ऐसा क्यों हो रहा है क्योंकि हम इस इंजीनियरिंग में अंजनी का नाता से पढ़ाई जाती है सिर्फ लाया जाता है प्रैक्टिकल की सिद्धू क्लास होती अगर चार धाम प्रैक्टिकल सीखे तो कोई भी इंसान है वह करके ज्यादा सीखता है ना कि पढ़कर तू बिल्कुल शिक्षा पद्धति को बदलना चाहिए जितना हम करेंगे उतना ज्यादा सीखेंगे

vartmaan samay ka jo shiksha paddhatee hai vaah kis had tak sahi hai toh mere hisab se kisko badalna bahut zaroori hai meri sathi sahi nahi hai kyonki dekhiye hum abhi kar kya rahe hamare jo education system hai vaah salabhar ek hi cheez ko rate maarta hai mujhe ek hi cheez hum rakhte hain aur wahi cheez hamein exam admit kar ke chal jaate hain us exam ke ek hi naam se marks a hamara pura future par khadi hai vaah decide hota hai lekin education system laagu angrejo ka banaya gaya hai kyonki khuda ka craze follow nahi karte hain unki school mein praiktikals par aur jo hoga activities us par dhyan diya jata hai jyadatar critical padhai se zyada tu bilkul hamein jo hai jisne hamare system banaya vaah khud apne khud unhone update kar liya toh hum itne purane system se kyon pad rahe hain agar jaise kabhi bayan aaya hai thode din pehle mahindra take mahindra ke ceo ka ki 90 engineer jo hai hamare yahan toh company mein puja karne ke layak nahi hai aisa kyon ho raha hai kyonki hum is Engineering mein anjani ka nataa se padhai jaati hai sirf laya jata hai practical ki sidhu class hoti agar char dhaam practical sikhe toh koi bhi insaan hai vaah karke zyada sikhata hai na ki padhakar tu bilkul shiksha paddhatee ko badalna chahiye jitna hum karenge utana zyada sikhenge

वर्तमान समय का जो शिक्षा पद्धति है वह किस हद तक सही है तो मेरे हिसाब से किसको बदलना बहुत ज

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  269
KooApp_icon
WhatsApp_icon
1 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!