योगी ने उत्तर प्रदेश के मदरसों(इस्लामिक स्कूल) में आधुनिक शिक्षा शुरू करने की योजना की है, क्या लगता है की राजनीति मदरसों पर टारगेट क्यों कर रहें हैं?...


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Sa Sha

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मदरसों में आधुनिक शिक्षा किसी भी सरकार नहीं है फैसला लिया है इसका हर हाल में स्वागत होना चाहिए हाल में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ये फैसला भले ही लिया हो लेकिन पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पहले ही एहसास दिखला चुकी है उन्होंने यह फैसला सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया था जिसमें कहा गया था कि भारत का मुस्लिम समुदाय आधुनिक शिक्षा से वंचित इससे पहले पश्चिम बंगाल के मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के नाम पर धर्म की गति पिलाई जाती थी लेकिन अब वहां अंग्रेजी कंप्यूटर और विज्ञान की पढ़ाई होती है आज पूरा विश्व एक ग्लोबल विलेज में तब्दील हो गया है तब अंग्रेजी के बिना चारा नहीं राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता परीक्षाओं में अंग्रेजी जरूरी है वैसे भी आधुनिक शिक्षा का अर्थ केवल अंग्रेजी नहीं है दरअसल विज्ञान भी था और कंप्यूटर से भी है

madarson mein aadhunik shiksha kisi bhi sarkar nahi hai faisla liya hai iska har haal mein swaagat hona chahiye haal mein uttar pradesh mein yogi adityanath ki sarkar ne ye faisla bhale hi liya ho lekin paschim bengal mein mamata banerjee pehle hi ehsaas dikhla chuki hai unhone yah faisla sachchar committee ki report ke aadhaar par liya tha jisme kaha gaya tha ki bharat ka muslim samuday aadhunik shiksha se vanchit isse pehle paschim bengal ke madarson mein paramparik shiksha ke naam par dharm ki gati pilai jaati thi lekin ab wahan angrezi computer aur vigyan ki padhai hoti hai aaj pura vishwa ek global village mein tabdil ho gaya hai tab angrezi ke bina chara nahi rashtriya antarrashtriya pratiyogita parikshao mein angrezi zaroori hai waise bhi aadhunik shiksha ka arth keval angrezi nahi hai darasal vigyan bhi tha aur computer se bhi hai

मदरसों में आधुनिक शिक्षा किसी भी सरकार नहीं है फैसला लिया है इसका हर हाल में स्वागत होना

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