मुझे छोटी छोटी बातों में बहुत डर लगता है, जब भी किसी के साथ बुरा होते हुए देखता हूँ तो लगता है ऐसा मेरे साथ न हो जाए, मैं क्या करूँ?...


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Girish Billore Mukul

Government Officer

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अति संवेदनशीलता हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर करती है थोड़ी दृढ़ता बहुत जरूरी है छोटी-छोटी बातों पर इरिटेट हो ना और कुछ भी सोचना यह ठीक नहीं है और इतना संवेदनशील होने से बेहतर है कि हम अपने आप को मजबूत बनाएं इसके लिए मैं आपसे भी वही अनुरोध करूंगा जो पूर्व में एक सवाल में किया कि आप योग साधना करें और बहुविकल्पी बने आपको मल्टीपल अपॉर्चुनिटी इसका ध्यान रखना होता है अगर किसी ने कुछ कहा है तो उसका विश्लेषण आपका मस्तिष्क तुरत कर ले ऐसी अपने बौद्धिक क्षमता होनी चाहिए इसके लिए आप योग का सहारा ले ध्यान का सहारा ले धन्यवाद

ati samvedansheelata hamare sharirik aur mansik swasthya ko kamjor karti hai thodi dridhta bahut zaroori hai choti choti baaton par irritate ho na aur kuch bhi sochna yah theek nahi hai aur itna samvedansheel hone se behtar hai ki hum apne aap ko majboot banaye iske liye main aapse bhi wahi anurodh karunga jo purv mein ek sawaal mein kiya ki aap yog sadhna kare aur bahuvikalpi bane aapko multiple opportunity iska dhyan rakhna hota hai agar kisi ne kuch kaha hai toh uska vishleshan aapka mastishk turat kar le aisi apne baudhik kshamta honi chahiye iske liye aap yog ka sahara le dhyan ka sahara le dhanyavad

अति संवेदनशीलता हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर करती है थोड़ी दृढ़ता बहुत जरूरी

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Dr. Jitubhai Shah

Friend, Philosopher and Guide

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके मन में बहुत छोटी-छोटी बातों में डर लगता है और किसी के साथ बुरा होता है तो आपको ऐसा लगता है मेरी भी अंदेशा ना हो जाए मैं समझ सकता हूं कि आपको ऐसी फिलिंग्स में कितनी तकलीफ होती होगी इसके लिए आपकी उम्र क्या है मुझे पता नहीं है लेकिन अगर 20 साल के ऊपर की गई आपकी है तो एक विपश्यना मेडिटेशन करके मेडिटेशन होता है जो देश के लिए रिफ्रेशर कोर्स होता है इंडिया में करीबन हंड्रेड सेंटर से आउट ऑफ इंडिया में हंड्रेड सेंटर से 10 दिन रहने का पूजन करने का कोई चार्ज नहीं है जाता है और किस हद तक करने से जो डर है वह रूप में से निकल जाता है और जब तक आप भी पसंद आता नहीं कर सकते तब तक अपना सास रेगुलर नॉरमल सज्जनों से हमारे साथ है आते-जाते श्वास का निरीक्षण करना बहुत ज्यादा नहीं करना है कसरत नहीं करनी है केवल सहज स्वाभाविक नेचुरल नार्मल प्रेत है उसको ऑफ सेव करना है जब भी आपको डर लगे तो सांस बढ़ जाता है उसकी इंटेंसिटी उसके फ्रिकवेंसी बढ़ जाती है तो उसको केवल जो करना है वह करने से आपका जो डोर के संस्कार उसने रूट में से फर्क पड़ेगा और आकर द्विवेदी ने कब हो जाए मुझे डर लगता है मुझे बार-बार डर लगता है उसका केवल स्वीकार करने से ही इसे आपको फायदा होगा जितना रेजिस्ट करो कि मुझे डर क्यों लगता है मैं क्या करूं इतना छेद

aapke man mein bahut choti choti baaton mein dar lagta hai aur kisi ke saath bura hota hai toh aapko aisa lagta hai meri bhi andesha na ho jaaye main samajh sakta hoon ki aapko aisi feelings mein kitni takleef hoti hogi iske liye aapki umr kya hai mujhe pata nahi hai lekin agar 20 saal ke upar ki gayi aapki hai toh ek vipashyana meditation karke meditation hota hai jo desh ke liye refresher course hota hai india mein kariban hundred center se out of india mein hundred center se 10 din rehne ka pujan karne ka koi charge nahi hai jata hai aur kis had tak karne se jo dar hai vaah roop mein se nikal jata hai aur jab tak aap bhi pasand aata nahi kar sakte tab tak apna saas regular normal sajjanon se hamare saath hai aate jaate swas ka nirikshan karna bahut zyada nahi karna hai kasrat nahi karni hai keval sehaz swabhavik natural normal pret hai usko of save karna hai jab bhi aapko dar lage toh saans badh jata hai uski intention uske frequency badh jaati hai toh usko keval jo karna hai vaah karne se aapka jo door ke sanskar usne root mein se fark padega aur aakar dwivedi ne kab ho jaaye mujhe dar lagta hai mujhe baar baar dar lagta hai uska keval sweekar karne se hi ise aapko fayda hoga jitna rejist karo ki mujhe dar kyon lagta hai kya karu itna chhed

आपके मन में बहुत छोटी-छोटी बातों में डर लगता है और किसी के साथ बुरा होता है तो आपको ऐसा लग

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Manish Singh

VOLUNTEER

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सब ऐसा सोचते जब भी कोई बुरा हुआ किसी की शादी के तो सब सोचते हैं भगवान से प्रार्थना करती कि ऐसा जो चीज है वह मेरे साथ है मेरी फैमिली के साथ ना हो यह सब के साथ होता है और छोटी-छोटी बातों से डर लगता है आपको भी कि जब तक आप अपने कंफर्ट जोन में रहेंगे तो आपको बाहर वाली हर चीज से डर लगेगा जिस चीज से डर लगता है अगर आपको वही करना चालू कर देंगे तो आप उसके आदमी हो जाएंगे और एक समय ऐसा आएगा धीरे-धीरे कि आपको उन सब चीजों से डर लगना है वह बंद हो जाएगा तो कंफर्ट जोन से बाहर निकले जो भी चीज आपको डराती है वह आप करने की याद कर कर नहीं पाए तो अलग बात है प्लीज करने की कोशिश जरूर करें

sab aisa sochte jab bhi koi bura hua kisi ki shadi ke toh sab sochte hain bhagwan se prarthna karti ki aisa jo cheez hai vaah mere saath hai meri family ke saath na ho yah sab ke saath hota hai aur choti choti baaton se dar lagta hai aapko bhi ki jab tak aap apne comfort zone mein rahenge toh aapko bahar wali har cheez se dar lagega jis cheez se dar lagta hai agar aapko wahi karna chaalu kar denge toh aap uske aadmi ho jaenge aur ek samay aisa aayega dhire dhire ki aapko un sab chijon se dar lagna hai vaah band ho jaega toh comfort zone se bahar nikle jo bhi cheez aapko darati hai vaah aap karne ki yaad kar kar nahi paye toh alag baat hai please karne ki koshish zaroor karen

सब ऐसा सोचते जब भी कोई बुरा हुआ किसी की शादी के तो सब सोचते हैं भगवान से प्रार्थना करती कि

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Umeed, Vishwas... Jadui Shabd

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आंधी के जैसा आप सोचते हैं ऐसा लगभग सभी सोचते हैं किसी की बुरी बात के बारे में सुनते हैं या देखते हैं तो डर सबको लगता है टेंशन सभी को होती है लेकिन अगर आपको हर छोटी-छोटी बात पर डर लगता है कि टेंशन होती है तो उसका एक अच्छा विकल्प यह है कि आप तुरंत उस समय अपना ध्यान किसी और चीज में लगाए हैं जैसे आप पेपर पढ़ रहे हैं और आपने किसी बुरी बात पर आपका ध्यान जाता है तो तुरंत अपने पर बंद कर दीजिए आपको डर लगता है तो तुरंत पेपर बंद कर दीजिए और कोई ऐसा काम करें जो आपको बहुत अच्छा लगता है जैसे आप पर आपके पास कोई गमले हैं उसने पानी लगे हैं अच्छे फूल लगे हैं तो तुरंत उन पर अपना ध्यान देकर जाइए फोन उठाइए अपने किसी अच्छे मित्र को अपने दोस्त को या अपने किसी अच्छे रिश्तेदार से तुरंत बात करिए और किसी दूसरे टॉपिक पर बात करिए के यूं ही खिड़की के बाहर देखी या आपका ग्राउंड फ्लोर है तो गेट के बाद एक ही कुछ पशु पक्षी और जानवर या कोई ऐसी ऐसी चीज जिसको देखकर आपको अच्छे लगने लगे और तुरंत आप देते आप ऐसा जब करेंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि आपका ध्यान अपने आप हट गया और उस टॉपिक पर अब दुबारा जाए ना उस जिसके बारे में आप सोचेंगे कि नहीं आपको तीसरी चीज के बारे में सोचेंगे तो आपको मुझे डर है आपके अंदर अपने आप चला जाएगा और आपको पता भी नहीं चलेगा इस प्रेक्टिस को आप जरूर अपने जीवन में शामिल करिए और इसे दोहराए तो एक न एक दिन आपको ही छोटी छोटी बातों से डर लगने बंद हो जाएगा थैंक यू

andhi ke jaisa aap sochte hain aisa lagbhag sabhi sochte hain kisi ki buri baat ke bare mein sunte hain ya dekhte hain toh dar sabko lagta hai tension sabhi ko hoti hai lekin agar aapko har choti choti baat par dar lagta hai ki tension hoti hai toh uska ek accha vikalp yah hai ki aap turant us samay apna dhyan kisi aur cheez mein lagaye hain jaise aap paper padh rahe hain aur aapne kisi buri baat par aapka dhyan jata hai toh turant apne par band kar dijiye aapko dar lagta hai toh turant paper band kar dijiye aur koi aisa kaam kare jo aapko bahut accha lagta hai jaise aap par aapke paas koi gamale hain usne paani lage hain acche fool lage hain toh turant un par apna dhyan dekar jaiye phone uthaiye apne kisi acche mitra ko apne dost ko ya apne kisi acche rishtedar se turant baat kariye aur kisi dusre topic par baat kariye ke yun hi khidki ke bahar dekhi ya aapka ground floor hai toh gate ke baad ek hi kuch pashu pakshi aur janwar ya koi aisi aisi cheez jisko dekhkar aapko acche lagne lage aur turant aap dete aap aisa jab karenge toh aapko aisa lagega ki aapka dhyan apne aap hut gaya aur us topic par ab dubara jaaye na us jiske bare mein aap sochenge ki nahi aapko teesri cheez ke bare mein sochenge toh aapko mujhe dar hai aapke andar apne aap chala jaega aur aapko pata bhi nahi chalega is practice ko aap zaroor apne jeevan mein shaamil kariye aur ise dohraye toh ek na ek din aapko hi choti choti baaton se dar lagne band ho jaega thank you

आंधी के जैसा आप सोचते हैं ऐसा लगभग सभी सोचते हैं किसी की बुरी बात के बारे में सुनते हैं या

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