जब कोई प्रश्न पूछ रहा है तो उसका बिना सोचे कोई युवा बताया उसको सोच समझ के जवाब देती है ऐसा क्यों होता है कि हर वक्त लोग बिना सोचे ही जवाब दे देते?...


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Girish Billore Mukul

Government Officer

0:30

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो अपने आप को ज्यादा ज्ञानी समझते हैं वही ऐसे जवाब देते हैं और सवाल को समझना बहुत जरूरी कोई शक मीना समाज को समझे उत्तर देना ठीक भी नहीं है और उत्तर उसी से प्राप्त करना चाहिए उसके लिए अधिकृत और जिसकी अधिकारिता हो

jo apne aap ko zyada gyani samajhte hain wahi aise jawab dete hain aur sawaal ko samajhna bahut zaroori koi shak meena samaj ko samjhe uttar dena theek bhi nahi hai aur uttar usi se prapt karna chahiye uske liye adhikrit aur jiski adhikarita ho

जो अपने आप को ज्यादा ज्ञानी समझते हैं वही ऐसे जवाब देते हैं और सवाल को समझना बहुत जरूरी को

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Manish Singh

VOLUNTEER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जरा पूछ लाइफ ज्ञान से जनरल चीज है पूछते हैं तो हर किसी के मेंटल की अलग-अलग होती है भली हो जवाब क्यों नहीं दे रहा हो लेकिन अगर वह आपके पैरामीटर में सही नहीं बैठता फिट नहीं बैठता तो आपको लगता है कि हां यह चीज जो है वह बकवास है वह कुछ और ही बोल रहा है तो उस अलग-अलग लोग है प्लेटफार्म के ऊपर अभी कभी किसी का आंसर देंगे और उसके लिए वहां से ठीक नहीं होगा उसे वह समझ में नहीं आ रहा हो तो उसे भी लगेगा कि नहीं जो आंसर दिया गया वह गलत हो तो ऐसा नहीं होता की सोच समझकर या फिर कोई आंसर नहीं देता बिल्कुल सब सोच समझ कर देते लेकिन थिंकिंग सबकी अलग-अलग होती इस कारण से कई बार दूसरे कैंसर आपको अजीब लग सकते हैं

dekhiye zara puch life gyaan se general cheez hai poochhte hain toh har kisi ke mental ki alag alag hoti hai bhali ho jawab kyon nahi de raha ho lekin agar vaah aapke parameter mein sahi nahi baithta fit nahi baithta toh aapko lagta hai ki haan yah cheez jo hai vaah bakwas hai vaah kuch aur hi bol raha hai toh us alag alag log hai platform ke upar abhi kabhi kisi ka answer denge aur uske liye wahan se theek nahi hoga use vaah samajh mein nahi aa raha ho toh use bhi lagega ki nahi jo answer diya gaya vaah galat ho toh aisa nahi hota ki soch samajhkar ya phir koi answer nahi deta bilkul sab soch samajh kar dete lekin thinking sabki alag alag hoti is karan se kai baar dusre cancer aapko ajib lag sakte hain

देखिए जरा पूछ लाइफ ज्ञान से जनरल चीज है पूछते हैं तो हर किसी के मेंटल की अलग-अलग होती है भ

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