अगर 2019 में भाजपा दोबारा आई तो जैसे हालात अब है क्या ऐसे ही रहेगें क्योंकि इन चार सालों में रेल हादसे बहुत ज़्यादा हुए ब्रिज एक्सीडेंट भी हुए हैं और मोब लिंचिंग भी हुई? तो क्या यह सही है?...


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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

1:57
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका कहना सही है कि काफी सारी रेल हादसे में है और एक्सीडेंट भी बहुत वह ब्रिज वाले और मोबलीचिंग भी हुई है लेकिन फिर भी समय परिवर्तनशील है और हमेशा बदलते रहते हैं पिछले 5 सालों में काफी सारी चीजें बदली भी है वह भी आपने नोटिस की होगी और जो भी हादसे हुए हैं उन पर जरूर सरकार को अपना ध्यान देना चाहिए और उनके कारणों को खोज कर उनका निदान करना चाहिए यह किसी भी सरकार का कर्तव्य है और साथ ही साथ जिन हाथों में स्थानीय लोगों की गलती कि उन्हें भी समझना चाहिए कि इस तरह की गलतियां वह दोबारा नहीं करें और कोई भी सरकार हमेशा हादसों से सबक लेती है और उन हादसों की भरपाई के लिए काफी प्रकट ताकि दोबारा से इस तरह के हादसे नहीं हूं और कुछ ना कुछ कमियां जरूर रहती है जिनकी वजह से हादसे होते हैं और उन्हीं कमियों को खत्म किया जाना चाहिए मुझे लगता है इस सरकार ने जो बाकी कार्य किए हैं अगर उन्हें देखा जाए तो अगली बार अगर यह सरकार आती है तो जरूर हालात में परिवर्तन होंगे क्योंकि जिस तरह के निर्णय सरकार ने किए हैं वह देश के विकास के लिए है और आगे जाकर इस के प्रतिफल देश को जरूर मिलेंगे इसलिए हालात बदलते रहते हैं और परिवर्तन होते रहते हैं और हमेशा दुर्घटनाएं सीखने का माध्यम बनती है और आगे ऐसी दुर्घटनाएं नहीं हूं आगे ऐसे गलत हालात पैदा नहीं हूं उसके लिए जरूर सरकार कुछ कदम उठाएगी कुछ कठोर नियम बनाएगी ताकि इस तरह पिक्चरें इस तरह के हादसों को रोका जा सके और इस तरह की चीजों को खत्म किया जा सके

aapka kehna sahi hai ki kaafi saree rail haadse mein hai aur accident bhi bahut vaah bridge waale aur mobliching bhi hui hai lekin phir bhi samay parivartanshil hai aur hamesha badalte rehte hain pichle 5 salon mein kaafi saree cheezen badli bhi hai vaah bhi aapne notice ki hogi aur jo bhi haadse hue hain un par zaroor sarkar ko apna dhyan dena chahiye aur unke karanon ko khoj kar unka nidan karna chahiye yah kisi bhi sarkar ka kartavya hai aur saath hi saath jin hathon mein sthaniye logo ki galti ki unhe bhi samajhna chahiye ki is tarah ki galtiya vaah dobara nahi kare aur koi bhi sarkar hamesha hadason se sabak leti hai aur un hadason ki bharpai ke liye kaafi prakat taki dobara se is tarah ke haadse nahi hoon aur kuch na kuch kamiyan zaroor rehti hai jinki wajah se haadse hote hain aur unhi kamiyon ko khatam kiya jana chahiye mujhe lagta hai is sarkar ne jo baki karya kiye hain agar unhe dekha jaaye toh agli baar agar yah sarkar aati hai toh zaroor haalaat mein parivartan honge kyonki jis tarah ke nirnay sarkar ne kiye hain vaah desh ke vikas ke liye hai aur aage jaakar is ke pratiphal desh ko zaroor milenge isliye haalaat badalte rehte hain aur parivartan hote rehte hain aur hamesha durghatanaen sikhne ka madhyam banti hai aur aage aisi durghatanaen nahi hoon aage aise galat haalaat paida nahi hoon uske liye zaroor sarkar kuch kadam uthayegee kuch kathor niyam banayegi taki is tarah pikcharen is tarah ke hadason ko roka ja sake aur is tarah ki chijon ko khatam kiya ja sake

आपका कहना सही है कि काफी सारी रेल हादसे में है और एक्सीडेंट भी बहुत वह ब्रिज वाले और मोबली

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Rahul kumar

Junior Volunteer

0:53

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा बिलकुल जरूरी नहीं है कि जितना भी हादसा हो रहा दीक्षित के लिए बीच-बीच में बताइए आज गवर्नमेंट छुट्टी का ध्यान रखना चाहिए जो अभी की खबर रहेगी तो हादसा हादसा तो होगा तो भी सही नहीं पड़ेगा पहले भी सुरक्षा के तौर पर सही तरीके से देखा जाए तो क्या करना

aisa bilkul zaroori nahi hai ki jitna bhi hadsa ho raha dixit ke liye beech beech mein bataiye aaj government chhutti ka dhyan rakhna chahiye jo abhi ki khabar rahegi toh hadsa hadasaa toh hoga toh bhi sahi nahi padega pehle bhi suraksha ke taur par sahi tarike se dekha jaaye toh kya karna

ऐसा बिलकुल जरूरी नहीं है कि जितना भी हादसा हो रहा दीक्षित के लिए बीच-बीच में बताइए आज गवर्

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