यदि किसी को बार बार अपशकुनी बोला जाए और वो बहुत मायूस रहने लगे हमेसा हसने खेलने वाली ज़िंदगी बिलकुल खत्म सी लगेतो इंसान को क्या करना चाहिए?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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ऐसे और सवाल
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Er Pankaj Rai

International Motivational speaker · Counsellor · Writer. Trainer

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Neelima Sharma

life skills & soft skills trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय श्री राम आपका सवाल है यदि किसी को बार-बार अब तक नहीं बोला जाए और वह बहुत मायूस रहने लगे हमेशा हंसने खेलने वाली जिंदगी बिल्कुल खत्म सी लगेगी तब इंसान को क्या करना चाहिए तो देखिए ऐसे बहुत सारे कैसे सोते हैं और ज्यादातर हमने जहां पर शिक्षा नहीं है लोग ज्यादा शिक्षित सही हैं ऐसी जगह पर इस तरह के केस ज्यादा देखें कि कोई बच्ची हुई तो घर में कुछ हो गया कोई ऐसी घटना हो गई है तो उस बच्ची को ही मनहूस कहने लगे या कई बार होता है कि शादी हुई बहू आई घर में सब अचानक अगर कुछ हो गया तो बहू को मनुष्य कहने लगे तो मनहूस बोल रही है वह बच्चे मनुष्य ही है जिसका जन्म हुआ है या वह बहू मनु जो आई है कुछ हो गया लोगों इस तरह की सोच रखने वाले ही मनुष्य मनुष्य ऐसे लोगों की सोच है जो कि एक अच्छे खासे इंसान को उसकी खुद की नजर में ऐसा बोल बोल कर इतना गिरा देते हैं कि वह इंसान अपना हंसना बोलना सब भूल जाता है यहां तक कि कुछ कह तो ऐसे बढ़ जाते हैं कि लोग सुसाइड तक करने को तैयार हो जाते हो तो यह सारी चीजें खत्म होनी चाहिए लोगों को समझना चाहिए मान लीजिए कोई बच्ची हुई किसी भी बच्चे का जन्म हुआ कोई भी है और सपोर्ट कीजिए कि किसी के घर में ऐसा होता है फादर की या दादा के किसी की भी तबीयत खराब हो गई कोई ऐसी घटना हो गई तो अब लोग यह देख रहे हैं कि घटना हो गई कुछ चोट लग गया कुछ हो गया तो लोगों को यह दिखाई दे रहा है यह हो यह हुई तब यह सा हो गया बट यह नहीं क्यों नहीं सोचते कि क्या पता इससे भी कुछ बुरा हो जाता है यह हुई इसलिए इतना ही हुआ क्या पता इससे भी कुछ बुरा होने वाला था जो इसकी वजह से रह गया इसके भाग्य से इसके नसीब से लोगों की सोच सिर्फ उल्टी होती है और वह गलत ही सोचते हैं कुछ लोग सभी लोग नहीं कुछ लोग और ऐसे लोगों से बचना चाहिए ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए अगर ऐसे लोगों की बातों पर आपने ध्यान दिया तो आप हमेशा ज्ञानी में और हीन भावना में ही दब के रह जाएंगे तो कभी भी ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान ना दें और अपनी जिंदगी अच्छे से जियो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हर किसी में नुक्से निकालते हैं कहने वालों ने तो ऐसे लोगों का नाम नुकसान भी नहीं रखा हुआ है तो ऐसे नुकसान भी लिया ऐसे कमेंट करने वालों से कि मनहूसियत शकुनी ऐसे लोगों से तो दूरी बनाए रखें चाहे वह आपके करीब कहीं रिश्तेदारी आपको ही क्यों ना हो ऐसे लोगों को ज्यादा मुंह ना लगाएं वही सबसे अच्छा है और हमेशा इस बात का ध्यान रखें किक जो कुछ होता है उसका करने वाला भगवान होता है अच्छा बुरा जो कुछ होता है वह सब भगवान करता है इंसान नहीं करता इंसान के हाथ की बात नहीं है इसलिए इंसान को इसके लिए दोषी ठहराना बेवजह है बिल्कुल बेकार है तो आप खुश रहें आप जो भी कोई हैं अगर आपके आसपास कोई ऐसा है जिस पर ऐसा कुछ लोग बोलते हैं तो इन चीजों को रोकने की कोशिश करें जब कोई पहली बार बोले तभी उसको रोकने की कोशिश करें जिससे कि 4 लोग और ना बोलो क्योंकि कई बार यह चीजें घर से ही निकलती है घर से ही पूछ किसी ने बोल दिया तो वही चीजें फिर दूसरा बोलेगा तीसरा बोलेगा और वह फिर बाहर गली वाले बोलेंगे मोहल्ले वाले बोलेंगे तो फिर इस तरह से उस व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल हो जाती है तो जब पहले ही कोई बोल रहा हो तभी उसको रोकने की कोशिश करें तब यह चीजें रुक सकती हैं धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

jai shri ram aapka sawaal hai yadi kisi ko baar baar ab tak nahi bola jaaye aur vaah bahut maayus rehne lage hamesha hasne khelne wali zindagi bilkul khatam si lagegi tab insaan ko kya karna chahiye toh dekhiye aise bahut saare kaise sote hain aur jyadatar humne jaha par shiksha nahi hai log zyada shikshit sahi hain aisi jagah par is tarah ke case zyada dekhen ki koi bachi hui toh ghar me kuch ho gaya koi aisi ghatna ho gayi hai toh us bachi ko hi manhus kehne lage ya kai baar hota hai ki shaadi hui bahu I ghar me sab achanak agar kuch ho gaya toh bahu ko manushya kehne lage toh manhus bol rahi hai vaah bacche manushya hi hai jiska janam hua hai ya vaah bahu manu jo I hai kuch ho gaya logo is tarah ki soch rakhne waale hi manushya manushya aise logo ki soch hai jo ki ek acche khase insaan ko uski khud ki nazar me aisa bol bol kar itna gira dete hain ki vaah insaan apna hansana bolna sab bhool jata hai yahan tak ki kuch keh toh aise badh jaate hain ki log suicide tak karne ko taiyar ho jaate ho toh yah saari cheezen khatam honi chahiye logo ko samajhna chahiye maan lijiye koi bachi hui kisi bhi bacche ka janam hua koi bhi hai aur support kijiye ki kisi ke ghar me aisa hota hai father ki ya dada ke kisi ki bhi tabiyat kharab ho gayi koi aisi ghatna ho gayi toh ab log yah dekh rahe hain ki ghatna ho gayi kuch chot lag gaya kuch ho gaya toh logo ko yah dikhai de raha hai yah ho yah hui tab yah sa ho gaya but yah nahi kyon nahi sochte ki kya pata isse bhi kuch bura ho jata hai yah hui isliye itna hi hua kya pata isse bhi kuch bura hone vala tha jo iski wajah se reh gaya iske bhagya se iske nasib se logo ki soch sirf ulti hoti hai aur vaah galat hi sochte hain kuch log sabhi log nahi kuch log aur aise logo se bachna chahiye aise logo ki baaton par dhyan nahi dena chahiye agar aise logo ki baaton par aapne dhyan diya toh aap hamesha gyani me aur heen bhavna me hi dab ke reh jaenge toh kabhi bhi aise logo ki baaton par dhyan na de aur apni zindagi acche se jio kuch log aise bhi hote hain jo har kisi me nukshe nikalate hain kehne walon ne toh aise logo ka naam nuksan bhi nahi rakha hua hai toh aise nuksan bhi liya aise comment karne walon se ki manahusiyat shakuni aise logo se toh doori banaye rakhen chahen vaah aapke kareeb kahin rishtedaari aapko hi kyon na ho aise logo ko zyada mooh na lagaye wahi sabse accha hai aur hamesha is baat ka dhyan rakhen kick jo kuch hota hai uska karne vala bhagwan hota hai accha bura jo kuch hota hai vaah sab bhagwan karta hai insaan nahi karta insaan ke hath ki baat nahi hai isliye insaan ko iske liye doshi thahrana bewajah hai bilkul bekar hai toh aap khush rahein aap jo bhi koi hain agar aapke aaspass koi aisa hai jis par aisa kuch log bolte hain toh in chijon ko rokne ki koshish kare jab koi pehli baar bole tabhi usko rokne ki koshish kare jisse ki 4 log aur na bolo kyonki kai baar yah cheezen ghar se hi nikalti hai ghar se hi puch kisi ne bol diya toh wahi cheezen phir doosra bolega teesra bolega aur vaah phir bahar gali waale bolenge mohalle waale bolenge toh phir is tarah se us vyakti ke liye bahut mushkil ho jaati hai toh jab pehle hi koi bol raha ho tabhi usko rokne ki koshish kare tab yah cheezen ruk sakti hain dhanyavad aapka din shubha ho

जय श्री राम आपका सवाल है यदि किसी को बार-बार अब तक नहीं बोला जाए और वह बहुत मायूस रहने लगे

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Pt.BRAJESH JI.

Astrologer,Rashi Ratna & Vastu Visesagya.

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नरेन्द्र शिवाजी पटेल

Engineer, समाज सेवक, अध्यात्म जिज्ञासु

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चे लोग की बात सुन सुन के कभी अपने बारे में कोई धारणा पर स्थापित नहीं करना चाहिए लोगों की आपके बारे में गलत बोलते हैं तो उनकी बात पर ध्यान ना दें ऐसे लोगों से संपर्क करना रखें लोगों से बातचीत ना करें जब आप उनकी सूची करेंगे बातें करता है तो वह तंबौर कि आप ऐसे लोगों से दूर रहें अच्छे लोगों के पास में है तो ज्यादा बेहतर होगा धन्यवाद

bacche log ki baat sun sun ke kabhi apne bare me koi dharana par sthapit nahi karna chahiye logo ki aapke bare me galat bolte hain toh unki baat par dhyan na de aise logo se sampark karna rakhen logo se batchit na kare jab aap unki suchi karenge batein karta hai toh vaah tambaur ki aap aise logo se dur rahein acche logo ke paas me hai toh zyada behtar hoga dhanyavad

बच्चे लोग की बात सुन सुन के कभी अपने बारे में कोई धारणा पर स्थापित नहीं करना चाहिए लोगों क

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UMA NAND KUMAR

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका सवाल यदि किसी को बार-बार अपनी बोला जाता है और वह मायूस होने लगता है हंसने खेलने वाली जिंदगी बिल्कुल खत्म होने से लगती है तो इंसान को इस स्थिति में क्या करना चाहिए तो बंधु जाओ आपको जिस समाज में जिस तरह के लोगों के बीच आपको अब तक नहीं बोला जाता है तो आप कुंठित महसूस करते हैं अपने आप में तो इस तरह की समाज से संभव है कोशिश करें कि उस समाज से आप निकल जाए क्योंकि जब इस तरह की अफवाहें फैला दी जाती है तो सामाजिक मनोविज्ञान के अनुसार यह वाह वाह जो लोगों को दूर-दूर तक परेशान करती है आपके सेकंड जनरेशन तक इसकी परेशानी को झेलना पड़ सकता है तथा इस समाज से अब दूर चले जाएं किसी दूसरे समाज में अपने आप को विकसित करें और इस बार हीन भावना को सबसे पहले आप खुद अपने मन से निकाल दें क्या अपनी है मेरे ख्याल से या उचित होगा कि आप उस समाज से दूर निकल जा

namaskar aapka sawaal yadi kisi ko baar baar apni bola jata hai aur vaah maayus hone lagta hai hasne khelne wali zindagi bilkul khatam hone se lagti hai toh insaan ko is sthiti me kya karna chahiye toh bandhu jao aapko jis samaj me jis tarah ke logo ke beech aapko ab tak nahi bola jata hai toh aap kunthit mehsus karte hain apne aap me toh is tarah ki samaj se sambhav hai koshish kare ki us samaj se aap nikal jaaye kyonki jab is tarah ki afwayen faila di jaati hai toh samajik manovigyan ke anusaar yah wah wah jo logo ko dur dur tak pareshan karti hai aapke second generation tak iski pareshani ko jhelna pad sakta hai tatha is samaj se ab dur chale jayen kisi dusre samaj me apne aap ko viksit kare aur is baar heen bhavna ko sabse pehle aap khud apne man se nikaal de kya apni hai mere khayal se ya uchit hoga ki aap us samaj se dur nikal ja

नमस्कार आपका सवाल यदि किसी को बार-बार अपनी बोला जाता है और वह मायूस होने लगता है हंसने खेल

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Abhimanyu kumar Singh

B.Tech, Bhagwant University

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे जरूरी चीज होती है आत्मविश्वास आप याद कीजिए पहलाद को उसके अंदर आत्मविश्वास था बार-बार टच करने के बाद भी अपना निर्णय नहीं बदला आप अपना सीजन ना बदले और हमेशा खुश रहने की कोशिश करें धन्यवाद

sabse zaroori cheez hoti hai aatmvishvaas aap yaad kijiye pahlad ko uske andar aatmvishvaas tha baar baar touch karne ke baad bhi apna nirnay nahi badla aap apna season na badle aur hamesha khush rehne ki koshish kare dhanyavad

सबसे जरूरी चीज होती है आत्मविश्वास आप याद कीजिए पहलाद को उसके अंदर आत्मविश्वास था बार-बार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां नमस्ते जैसे आपका यह सवाल है यदि किसी को बार-बार शकुनी बोला जाए और वह बहुत मायूस रहने लगे हमेशा हंसने खेलने वाली जिंदगी बिल्कुल खत्म से लगने तो इंसान को क्या करना चाहिए तो कहना चाहूंगा कि आप ऐसे लोगों पर बिल्कुल ध्यान मत दीजिए जो आपको अब शकुनी बोलते हैं अगर कोई भी आपको अपने गलत कार्य के लिए अपने सीनियर के लिए आप को जिम्मेदार ठहराया है तो उसका सबसे बड़ा कमजोरी है क्योंकि कोई भी व्यक्ति जब होता है जब उसके लिए कार्यरत नहीं होता है या वह कमजोर होता है तो उसके लिए वह दूसरों पर आरोप प्रत्यारोप करता है चाहे वह घर का व्यक्ति हूं चाहे वह आर के व्यक्ति हो जैसे कि छोटा सा उदाहरण है कि एक पिता अपने बेटे को इंजीनियर बनाना चाहता है पर वह खुद न बन सका उसकी एक बहुत बड़ी दुकान है जिससे अपना पेट तो पाली रहा है अपने परिवार का पेट पाल रहा है पर उसका जो सपना था वह अपने बेटे में देखता है तो पर्यटन तो कर रहा है अपने बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए और उसका बेटा इंजीनियर की जगह डॉक्टर बनना चाहता है तू तो डॉक्टर की तरफ ही भाग रहा है उसका पिता कितना भी धन खर्च कर दी उस पर या कुछ भी कार्य करने के लिए कहे और वह कितनी भी कोशिश करें इंजीनियर नहीं बन पाएगा जब तक उसका मन ही नहीं है उस तरफ जाने का अब उसका पिता जो पहले से ही इंजीनियर बनना चाहता था बन्ना सका वह एक लाला की दुकान पर बैठा हुआ है तो अपने शब्दों में हूं अपने बच्चों को खेल ईयर ही बताएगा यह आप सब ने ही बताएगा तो इस महीने पर आपको भी सब छोटी-मोटी चीजों पर ध्यान नहीं देना चाहिए आप ज्यादा से ज्यादा प्रकृति के बीच रहने का प्रयत्न करें जानवरों के बीच रही है मतलब लोगों को हंसते खेलते हुए देखे तो इससे आपका मन भी परिवर्तित होगा और अगर आपके दोस्त हूं तो कोई एक पर्सनल दोस्त बनाई है जिससे आप अपने बातें जाहिर कर सके या उससे बात कर सके तो इससे आपका मन हल्का होगा और इन सब चीजों पर आपका ध्यान जाना नहीं चाहिए आगे बढ़ते रहिए धन

haan namaste jaise aapka yah sawaal hai yadi kisi ko baar baar shakuni bola jaaye aur vaah bahut maayus rehne lage hamesha hasne khelne wali zindagi bilkul khatam se lagne toh insaan ko kya karna chahiye toh kehna chahunga ki aap aise logo par bilkul dhyan mat dijiye jo aapko ab shakuni bolte hain agar koi bhi aapko apne galat karya ke liye apne senior ke liye aap ko zimmedar thehraya hai toh uska sabse bada kamzori hai kyonki koi bhi vyakti jab hota hai jab uske liye karyarat nahi hota hai ya vaah kamjor hota hai toh uske liye vaah dusro par aarop pratyarop karta hai chahen vaah ghar ka vyakti hoon chahen vaah R ke vyakti ho jaise ki chota sa udaharan hai ki ek pita apne bete ko engineer banana chahta hai par vaah khud na ban saka uski ek bahut badi dukaan hai jisse apna pet toh paali raha hai apne parivar ka pet pal raha hai par uska jo sapna tha vaah apne bete me dekhta hai toh paryatan toh kar raha hai apne bete ko engineer banane ke liye aur uska beta engineer ki jagah doctor banna chahta hai tu toh doctor ki taraf hi bhag raha hai uska pita kitna bhi dhan kharch kar di us par ya kuch bhi karya karne ke liye kahe aur vaah kitni bhi koshish kare engineer nahi ban payega jab tak uska man hi nahi hai us taraf jaane ka ab uska pita jo pehle se hi engineer banna chahta tha banna saka vaah ek lala ki dukaan par baitha hua hai toh apne shabdon me hoon apne baccho ko khel year hi batayega yah aap sab ne hi batayega toh is mahine par aapko bhi sab choti moti chijon par dhyan nahi dena chahiye aap zyada se zyada prakriti ke beech rehne ka prayatn kare jaanvaro ke beech rahi hai matlab logo ko hansate khelte hue dekhe toh isse aapka man bhi parivartit hoga aur agar aapke dost hoon toh koi ek personal dost banai hai jisse aap apne batein jaahir kar sake ya usse baat kar sake toh isse aapka man halka hoga aur in sab chijon par aapka dhyan jana nahi chahiye aage badhte rahiye dhan

हां नमस्ते जैसे आपका यह सवाल है यदि किसी को बार-बार शकुनी बोला जाए और वह बहुत मायूस रहने ल

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Shaik Mustaq, Ahamed

Professor,teacher

2:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि किसी को बार-बार अक्षय को नहीं बोला जाए और बहुत मैं बहुत मायूस रहने लगे हमेशा हंसने खेलने वाली जिंदगी बिल्कुल खत्म जैसी हो जाए पर्सनल में पूछा गया है किसी को अक्षय की नहीं बोलना यह सही काम नहीं है ऐसे ही यह सही भी नहीं है हम किसी को शक नहीं नहीं बोल सकते अब तो तू नहीं या बस तू क्यों नहीं यह सब कुछ पैदा करने वाला ऊपर वाला जानता है कोई मनुष्य पैदा इसे आप सुख में नहीं होता और कोई पैदा होने के बाद भी अब तक नहीं नहीं होता सारे सुकून तो ऊपर वाले के पास होते हैं और किसी को कोई है प्यार हो हक नहीं है किसी के दिन पूरा वाला का है और लोगों का मन चुका है और लोगों को परेशान करें और उनको निभाने से कठोर होने से लोगों को वंचित करें अगर कोई ऐसा करते हैं तो हम यह महसूस नहीं करना चाहिए कि हमारे खत्म हो चुकी है जिंदगी बहुत बड़ी है और जिंदगी में कामयाबी का सफर भी बहुत बड़ा है और नेगी में कुछ ऐसे लोग आते हैं जिनके खटवानी से और गलत अल्फाज से लोगों का दिल दुखाते हैं और न जाने क्या-क्या बोल जाते हैं मगर उनकी बातों पर हम ध्यान नहीं देना चाहिए हम हमारा मन इतना भी कमजोर हमारा भी कमजोर नहीं बनना चाहिए क्या हम बहुत ऐसे कठोर वालों का भी सामना करें उन्हें जवाब देकर कोई भी अब सुकून नहीं होता और तुम्हारी बातों से मैं थोड़ा भी और मेरा मन दुखित नहीं होता मैं अपने आपको अपने खुद एक और ताकतवर बलवान बनाता हूं और ऐसे लोगों की बातों को मैं एक कान से सुनो दूसरे कान से छोड़ देता हूं और जिंदगी में आगे बढ़े और जिंदगी को खत्म हरगिज़ नहीं समझना चाहिए जिंदगी को खाता हूं वही करता है जो जिंदगी जाने अदा करने वाला मालिक हमेशा अपने आपको कॉन्फ्रेंस के साथ है और कामयाबी की राह में चलते हुए रास्ते चलते रहिए हंसते खेलते मोड़ को हर हफ्ते से दे जिंदगी के कोई चंद्र बोस से जिंदगी को तोड़ नहीं सकता

yadi kisi ko baar baar akshay ko nahi bola jaaye aur bahut main bahut maayus rehne lage hamesha hasne khelne wali zindagi bilkul khatam jaisi ho jaaye personal me poocha gaya hai kisi ko akshay ki nahi bolna yah sahi kaam nahi hai aise hi yah sahi bhi nahi hai hum kisi ko shak nahi nahi bol sakte ab toh tu nahi ya bus tu kyon nahi yah sab kuch paida karne vala upar vala jaanta hai koi manushya paida ise aap sukh me nahi hota aur koi paida hone ke baad bhi ab tak nahi nahi hota saare sukoon toh upar waale ke paas hote hain aur kisi ko koi hai pyar ho haq nahi hai kisi ke din pura vala ka hai aur logo ka man chuka hai aur logo ko pareshan kare aur unko nibhane se kathor hone se logo ko vanchit kare agar koi aisa karte hain toh hum yah mehsus nahi karna chahiye ki hamare khatam ho chuki hai zindagi bahut badi hai aur zindagi me kamyabi ka safar bhi bahut bada hai aur negi me kuch aise log aate hain jinke khatvani se aur galat alfaz se logo ka dil dukhate hain aur na jaane kya kya bol jaate hain magar unki baaton par hum dhyan nahi dena chahiye hum hamara man itna bhi kamjor hamara bhi kamjor nahi banna chahiye kya hum bahut aise kathor walon ka bhi samana kare unhe jawab dekar koi bhi ab sukoon nahi hota aur tumhari baaton se main thoda bhi aur mera man dukhit nahi hota main apne aapko apne khud ek aur takatwar balwan banata hoon aur aise logo ki baaton ko main ek kaan se suno dusre kaan se chhod deta hoon aur zindagi me aage badhe aur zindagi ko khatam hargiz nahi samajhna chahiye zindagi ko khaata hoon wahi karta hai jo zindagi jaane ada karne vala malik hamesha apne aapko conference ke saath hai aur kamyabi ki raah me chalte hue raste chalte rahiye hansate khelte mod ko har hafte se de zindagi ke koi chandra bose se zindagi ko tod nahi sakta

यदि किसी को बार-बार अक्षय को नहीं बोला जाए और बहुत मैं बहुत मायूस रहने लगे हमेशा हंसने खे

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Dinesh Kumar Tiwari

Teacher,Storyteller,Motivational Speaker

3:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ऐसे बहुत सारे की सजा है जहां किसी एक व्यक्ति को उसके घरवाले उसके बाहर वाले रिश्तेदार सारे लोग पनौती कहते हैं अब शकुनी कहते हैं बार-बार मजाक उड़ाते हैं और वह व्यक्ति मायूस हो जाता है और कभी कभी तो जिंदगी से इतना नाराज हो जाता है कि वह शायद जिंदगी जीना ही नहीं चाहता देखिए ऐसे कैसे उन्हीं लोगों के साथ होते हैं जो या तो घर में सबसे छोटे सबसे नकारा या अपंग वगैरह होते हैं जो कोई काम नहीं करता तो इस दाग को हटाने के लिए आपको कुछ ऐसा करना होगा कि लोग आप की वैल्यू को समझें अगर आप पढ़े लिखे हैं शिक्षित इंसान है तो इन बातों पर ध्यान मत दे अपने कार्य में लगे रहे एक टारगेट फिक्स करें उस पर फोकस करें उसको अचीव करने के लिए लगातार प्रयास करते रहे लोग आप कितना हुवा रक्षक नहीं बोले पनौती बोले आप उनसे प्रेम से बातें करें आपने समझाएं कि ऐसा कुछ नहीं होता है जो भी होना होता है वह तो होगा ही इसमें किसी एक व्यक्ति या किसी समुदाय का दोष नहीं होता है सब भगवान की लीला है होने वाला तो होकर ही रहेगा अगर फिर भी ना माने तो कोई बात नहीं अगर हद से ज्यादा प्रॉब्लम हो तो आप उनको इग्नोर करना शुरु करें हां अगर आप जॉब करते हैं अगर आप सेटल है फिर भी आप लोग आपको लोग पनौती कहते हैं तो आप उनसे अलग हो सकते हैं लेकिन हां अलग होने का मतलब यह नहीं कि आपकी दायित्व दायित्व खत्म हो जाएगी आपकी जिम्मेदारी है खत्म हो जाएंगे आप उनके साथ टच में रहेंगे उनके भले बुरे में उनका साथ देंगे दुख सुख में उनके साथ रहेंगे हर समय और जब भी उनको जरूरत हो आपकी आप उनके साथ मौजूद रहेंगे देखिए जिंदगी बहुत भी होती है सारे काम इसी में करने होते हैं कुछ कामों में हमें दिक्कत होती है कुछ काम हम सफल हो जाते हैं तो इसका यह मतलब नहीं है कि कोई व्यक्ति हमारे लिए पनौती हो जाता है कोई व्यक्ति हमारे लिए आप शक नहीं हो जाता है हम भी बहुत सारे ऐसे काम करते हैं जिसमें हम तो रोज आते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि हम भी पनौती हो गए हम भी अपने हो गया अरे यार भगवान ने सारे इंसान को बनाया और भगवान ने जब हमें बनाया है तो उसके पीछे उसका कोई ना कोई मकसद जरूर होगा आज लोग हमें पनौती आज लोग हमें आपसे अपने कहते हैं लेकिन एक समय ऐसा आएगा जब उनका कार्य हमारे बिना नहीं चलेगा इस पृथ्वी पर छोटी सी छोटी चीज और बड़े से बड़ी चीज का अपना एक अलग महत्व है जहां जिस चीज का प्रयोग आता है वह उस समय मूल्यवान होता है आप अपने आप को जरा सा सीरियसली ले अपनी पहले इनक्रीस करें अपने कामों पर ज्यादा फोकस करें और कुछ ऐसा करते रहे ताकि लोग की नजर में आप रहे और लोगों का ध्यान आपकी तरफ हर समय रहे कि हां यह व्यक्ति अच्छा कार्य कर रहा है या सामाजिक कार्यकर्ता है यह लोगों के दुख सुख में हमेशा साथ देने के लिए खड़ा रहता है और फिर देखिएगा आपके ऊपर से यह आवश्यक नहीं और पनौती का टैग हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा

dekhiye aise bahut saare ki saza hai jaha kisi ek vyakti ko uske gharwale uske bahar waale rishtedar saare log panauti kehte hain ab shakuni kehte hain baar baar mazak udate hain aur vaah vyakti maayus ho jata hai aur kabhi kabhi toh zindagi se itna naaraj ho jata hai ki vaah shayad zindagi jeena hi nahi chahta dekhiye aise kaise unhi logo ke saath hote hain jo ya toh ghar me sabse chote sabse nakara ya apang vagera hote hain jo koi kaam nahi karta toh is daag ko hatane ke liye aapko kuch aisa karna hoga ki log aap ki value ko samajhe agar aap padhe likhe hain shikshit insaan hai toh in baaton par dhyan mat de apne karya me lage rahe ek target fix kare us par focus kare usko achieve karne ke liye lagatar prayas karte rahe log aap kitna huwa rakshak nahi bole panauti bole aap unse prem se batein kare aapne samjhaye ki aisa kuch nahi hota hai jo bhi hona hota hai vaah toh hoga hi isme kisi ek vyakti ya kisi samuday ka dosh nahi hota hai sab bhagwan ki leela hai hone vala toh hokar hi rahega agar phir bhi na maane toh koi baat nahi agar had se zyada problem ho toh aap unko ignore karna shuru kare haan agar aap job karte hain agar aap settle hai phir bhi aap log aapko log panauti kehte hain toh aap unse alag ho sakte hain lekin haan alag hone ka matlab yah nahi ki aapki dayitva dayitva khatam ho jayegi aapki jimmedari hai khatam ho jaenge aap unke saath touch me rahenge unke bhale bure me unka saath denge dukh sukh me unke saath rahenge har samay aur jab bhi unko zarurat ho aapki aap unke saath maujud rahenge dekhiye zindagi bahut bhi hoti hai saare kaam isi me karne hote hain kuch kaamo me hamein dikkat hoti hai kuch kaam hum safal ho jaate hain toh iska yah matlab nahi hai ki koi vyakti hamare liye panauti ho jata hai koi vyakti hamare liye aap shak nahi ho jata hai hum bhi bahut saare aise kaam karte hain jisme hum toh roj aate hain toh iska matlab yah hua ki hum bhi panauti ho gaye hum bhi apne ho gaya are yaar bhagwan ne saare insaan ko banaya aur bhagwan ne jab hamein banaya hai toh uske peeche uska koi na koi maksad zaroor hoga aaj log hamein panauti aaj log hamein aapse apne kehte hain lekin ek samay aisa aayega jab unka karya hamare bina nahi chalega is prithvi par choti si choti cheez aur bade se badi cheez ka apna ek alag mahatva hai jaha jis cheez ka prayog aata hai vaah us samay mulyavan hota hai aap apne aap ko zara sa seriously le apni pehle increase kare apne kaamo par zyada focus kare aur kuch aisa karte rahe taki log ki nazar me aap rahe aur logo ka dhyan aapki taraf har samay rahe ki haan yah vyakti accha karya kar raha hai ya samajik karyakarta hai yah logo ke dukh sukh me hamesha saath dene ke liye khada rehta hai aur phir dekhiega aapke upar se yah aavashyak nahi aur panauti ka tag hamesha ke liye khatam ho jaega

देखिए ऐसे बहुत सारे की सजा है जहां किसी एक व्यक्ति को उसके घरवाले उसके बाहर वाले रिश्तेदार

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