संघ अगर मुस्लिमो से नफरत करता तो वह पर सहायता के लिए नहीं जाते किसी ओर पार्टी और मुस्लिम ट्रस्ट ने वह पर जाकर सहायता क्यों नहीं की क्या मुस्लिम सिर्फ कट्टर वादता के लिए ही काम करें?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं मेरे मित्र मुस्लिम सभी मुसलमान मुस्लिमों से संग्रहालय नफरत नहीं करते हैं क्योंकि संभाली जानते हैं इस बात को मुसलमानों ने भी देश को स्वतंत्र कराने में उतने ही वरदान दिए हैं जितने हिंदुओं ने दिए हैं चाहे वह गद्दार देश का जय हो हिंदू मुसलमान उस सभी नफरत के काबिल हैं क्योंकि हम सबका एक परम कर्तव्य है इस देश की मातृभूमि के प्रति भारत की भूमि के प्रति भारत देश के प्रति कि हम इस देश की भूमि पर रहते हैं पलते हैं पहुंचते हैं यही मातृभूमि हमारा पालन-पोषण करती है और फिर भी हम इसके प्रति वफादार नहीं है हिंदू हो चाहे मुसलमान हो उस गद्दार से तो सभी नफरत करते हैं बाकी जहां तक सभी मुसलमानों का सवाल है मुसलमान लोगों ने विचारों ने बहुत त्याग किया है इस देश को स्वतंत्र कराने में कितने बलिदान दिए हैं उन सबका हम आदर करते हैं उनको आज भी सम्मान देते हैं और संघ वाले उनको आज भी आदरणीय स्थान दिए हुए हैं क्योंकि आप यह कहेंगे कि संक्षेप में भी कनेक्टेड रहा हूं मैंने संक्षेप में पहले कार्य किया है इसलिए मैं संघ के आंतरिक विचारों से परिचित हूं और आज भी बहुत से मुसलमान भाई जो देश के लिए निष्ठावान हैं जिनका देश के प्रति विकास में सहयोग है जो देश को जान से ज्यादा चाहते हैं वे सभी समस्त सब मुसलमान भाई हमारे शिरोधार्य हमारे सर के मुकुट हैं हम उनका हृदय से आदर करते हैं और सिर्फ नफरत देशद्रोहियों से की जाती है जो इस देश में रहते हैं जब हिंदू पहुंचा वह मुसलमान हूं और वफादारी में पाकिस्तान के साथ निभाते हैं तो वह गद्दारों से तो सभी से गणना की जाती है

nahi mere mitra muslim sabhi musalman muslimo se sangrahaalay nafrat nahi karte hain kyonki sambhali jante hain is baat ko musalmanon ne bhi desh ko swatantra karane mein utne hi vardaan diye hain jitne hinduon ne diye hain chahen vaah gaddar desh ka jai ho hindu musalman us sabhi nafrat ke kaabil hain kyonki hum sabka ek param kartavya hai is desh ki matribhoomi ke prati bharat ki bhoomi ke prati bharat desh ke prati ki hum is desh ki bhoomi par rehte hain palate hain pahunchate hain yahi matribhoomi hamara palan poshan karti hai aur phir bhi hum iske prati vafaadar nahi hai hindu ho chahen musalman ho us gaddar se toh sabhi nafrat karte hain baki jaha tak sabhi musalmanon ka sawaal hai musalman logo ne vicharon ne bahut tyag kiya hai is desh ko swatantra karane mein kitne balidaan diye hain un sabka hum aadar karte hain unko aaj bhi sammaan dete hain aur sangh waale unko aaj bhi adaraniya sthan diye hue hain kyonki aap yah kahenge ki sankshep mein bhi connected raha hoon maine sankshep mein pehle karya kiya hai isliye main sangh ke aantarik vicharon se parichit hoon aur aaj bhi bahut se musalman bhai jo desh ke liye nisthawan hain jinka desh ke prati vikas mein sahyog hai jo desh ko jaan se zyada chahte hain ve sabhi samast sab musalman bhai hamare shirodharya hamare sir ke mukut hain hum unka hriday se aadar karte hain aur sirf nafrat deshadrohiyon se ki jaati hai jo is desh mein rehte hain jab hindu pohcha vaah musalman hoon aur wafadaaree mein pakistan ke saath nibhate hain toh vaah gaddaaron se toh sabhi se ganana ki jaati hai

नहीं मेरे मित्र मुस्लिम सभी मुसलमान मुस्लिमों से संग्रहालय नफरत नहीं करते हैं क्योंकि संभा

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Manish Singh

VOLUNTEER

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ऐसा बिलकुल समझो है वह नफरत नहीं करता है लेकिन उसकी भी तो यही है कि वह पूरे देश को भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएं तो नहीं कहता कि नफरत करता है वह भी बहुत लोगों की मदद करता है लेकिन उनके मोटी भी यही है

aisa bilkul samjho hai vaah nafrat nahi karta hai lekin uski bhi toh yahi hai ki vaah poore desh ko bharat ko hindu rashtra banaye toh nahi kahata ki nafrat karta hai vaah bhi bahut logo ki madad karta hai lekin unke moti bhi yahi hai

ऐसा बिलकुल समझो है वह नफरत नहीं करता है लेकिन उसकी भी तो यही है कि वह पूरे देश को भारत को

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