IPC 497 ख़तम होने से क्या इंसान खुदको ही दुखी नहीं कर रहा है पश्मि सस्कृती के लोग हमारी संस्कृति की तरफ अपना र है है और हम विनाश की तरफ बढ़ र है है?...


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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate,RTI Activist , Motivational Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां कहीं ना कहीं अगर हम इंडियन सोसायटी की बात करें तो हमें भी करते हैं आपकी बात से क्योंकि यह चीजें वेस्टर्न की तरफ खींच कर ले कर जाती हैं ठीक है लेकिन दूसरी बात यह भी तो कल्चर वेस्टर्न आ गया है और इन चीजों में इमोशनल सिस्टम से हमारी सोसाइटी की बहुत एनर्जी खराब होती है चीजें खराब होते हैं तो आज इस प्रोग्रेसिव सोसाइटी में काम करने के लिए डेवलपमेंट के लिए तो काम करना जरूरी है ना तो इन चीजों से बचाने के लिए तो कहीं ना कहीं एक प्रोग्रेसिव स्टेप भी हो गया है यह

haan kahin na kahin agar hum indian sociaty ki baat kare toh hamein bhi karte hain aapki baat se kyonki yah cheezen western ki taraf khinch kar le kar jaati hain theek hai lekin dusri baat yah bhi toh culture western aa gaya hai aur in chijon me emotional system se hamari society ki bahut energy kharab hoti hai cheezen kharab hote hain toh aaj is progressive society me kaam karne ke liye development ke liye toh kaam karna zaroori hai na toh in chijon se bachane ke liye toh kahin na kahin ek progressive step bhi ho gaya hai yah

हां कहीं ना कहीं अगर हम इंडियन सोसायटी की बात करें तो हमें भी करते हैं आपकी बात से क्योंकि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

497 आईपीसी एडल्ट्री जिसे कहते थे उसे कोर्ट ने खत्म किया है आपकी बात से मैं सहमत भी हूं कि हम पश्चिमी संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं पर मैं आपको थोड़ा सा यह स्पष्ट कर दूं या दो बातें हैं एक वयस्क आदमी किसके साथ रह रहा है इसको छूट दी है हालांकि इस 497 के ग्राउंड एडल्ट्री के ऊपर एडल्ट्री एक दिवस का ग्राउंड था उसको खत्म किया है अभी भी आप इस ग्राउंड पर डिवोर्स दे सकते हैं पर कोर्ट ने एक विवाहित बंधन जो था उसको खत्म किया है और अगर इस तरह के कुछ और जजमेंट आ गए तो बिल्कुल यह हमारी जो संस्कृति है हमारे जो संस्कार हैं भारतीय उनके खिलाफ है यह एक पर्टिकुलर व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सेवा में है हमारी संस्कृति नहीं है और यह जजमेंट बिल्कुल हमारी संस्कृति से थोड़ा उलट है हालांकि एक आदमी को यह चलने का राइट देता है कि आप किसके साथ रह रहे हैं और इसमें किसी कानून को कोई वादा नहीं डालनी चाहिए प्रेम कोर्ट का उद्देश्य जो भी रहा हो पर अभी खत्म हो चुका है इसलिए हमें उस फैसले को मानना पड़ेगा

497 ipc adultree jise kehte the use court ne khatam kiya hai aapki baat se main sahmat bhi hoon ki hum pashchimi sanskriti ki aur badh rahe hain par main aapko thoda sa yah spasht kar doon ya do batein hain ek vayask aadmi kiske saath reh raha hai isko chhut di hai halaki is 497 ke ground adultree ke upar adultree ek divas ka ground tha usko khatam kiya hai abhi bhi aap is ground par divorce de sakte hain par court ne ek vivaahit bandhan jo tha usko khatam kiya hai aur agar is tarah ke kuch aur judgement aa gaye toh bilkul yah hamari jo sanskriti hai hamare jo sanskar hain bharatiya unke khilaf hai yah ek particular vyakti ki vyaktigat swatantrata ki seva me hai hamari sanskriti nahi hai aur yah judgement bilkul hamari sanskriti se thoda ulat hai halaki ek aadmi ko yah chalne ka right deta hai ki aap kiske saath reh rahe hain aur isme kisi kanoon ko koi vada nahi daalni chahiye prem court ka uddeshya jo bhi raha ho par abhi khatam ho chuka hai isliye hamein us faisle ko manana padega

497 आईपीसी एडल्ट्री जिसे कहते थे उसे कोर्ट ने खत्म किया है आपकी बात से मैं सहमत भी हूं कि

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बीआईपीसी पूनम के दिन खत्म होने का इंसान खुद को दुखी नहीं कर रहा देख यहां पर ऐसा बिल्कुल नहीं कि हम वेस्टर्न कल्चर को अपना रहे हैं कि हमारी कचूको पापुलेशन में जो चीज अच्छी होती कुछ भी नहीं लिखा उसे ढूंढो फॉलो करते आ रहे हैं जरूरत है कि

BIPC poonam ke din khatam hone ka insaan khud ko dukhi nahi kar raha dekh yahan par aisa bilkul nahi ki hum western culture ko apna rahe hain ki hamari kachuko population mein jo cheez achi hoti kuch bhi nahi likha use dhundho follow karte aa rahe hain zarurat hai ki

बीआईपीसी पूनम के दिन खत्म होने का इंसान खुद को दुखी नहीं कर रहा देख यहां पर ऐसा बिल्कुल नह

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