छायावादी युग की दो प्रमुख कवि और उनकी रचना?...


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Ishwar Lal Verma

Policy Advisor

1:05

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आपका जवाब का सवाल है छायावादी युग के दो प्रमुख कवियों कवि और उनकी रचना तो छायावादी कवि बहुत से हुए हैं लेकिन वैसे प्रमुख माने जाएं तो आया वादी के चार स्तंभ है वह सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी और जो कवित्री है इसमें वह महादेवी वर्मा और सुमित्रानंदन पंत जी है और उनकी रचनाएं हैं क्योंकि जो प्रमुख रचनाएं हैं वह पंत जी की है अजमल के पत्ते और निराला जी की है सॉरी मुझे ध्यान नहीं है

aapka jawab ka sawaal hai chhayavadi yug ke do pramukh kaviyon kavi aur unki rachna toh chhayavadi kavi bahut se hue hain lekin waise pramukh maane jayen toh aaya wadi ke char stambh hai vaah suryakant tripathi niraala ji aur jo kaviyatri hai isme vaah mahadevi verma aur sumitranandan pant ji hai aur unki rachnaye hain kyonki jo pramukh rachnaye hain vaah pant ji ki hai ajamal ke patte aur niraala ji ki hai sorry mujhe dhyan nahi hai

आपका जवाब का सवाल है छायावादी युग के दो प्रमुख कवियों कवि और उनकी रचना तो छायावादी कवि बहु

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छायावादी युग के दो प्रमुख में प्रसाद और पान जयशंकर प्रसाद जयशंकर प्रसाद की रचना आंसू और पंथ के असली और महादेवी का है निराला आबादी

chhayavadi yug ke do pramukh me prasad aur pan jaishankar prasad jaishankar prasad ki rachna aasu aur panth ke asli aur mahadevi ka hai niraala aabadi

छायावादी युग के दो प्रमुख में प्रसाद और पान जयशंकर प्रसाद जयशंकर प्रसाद की रचना आंसू और प

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आपका प्रश्न है छायावादी युग की दो प्रमुख कवि और उनकी रचनाएं छायावादी युग 1918 से लेकर 1936 तक द्विवेदी युग की समाप्ति के पश्चात रहा इसके प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद सूर्यकांत त्रिपाठी निराला सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा रहे हैं आपने दो कवियों के बारे में पूछा है तो उनकी दो की रचनाएं बता देते हैं क्या शंकर प्रसाद की रचना थी झरना जो उन्होंने 1918 में और आंसू 1925 में इसके अलावा सूर्यकांत त्रिपाठी छोटी निराला की रचनाए अनामिका जो उन्होंने 1930 में आशा है आपको पसंद आएगा धन्यवाद जय भारत जय हिंद

aapka prashna hai chhayavadi yug ki do pramukh kavi aur unki rachnaye chhayavadi yug 1918 se lekar 1936 tak dwivedi yug ki samapti ke pashchat raha iske pramukh kavi jaishankar prasad suryakant tripathi niraala sumitranandan pant aur mahadevi verma rahe hain aapne do kaviyon ke bare me poocha hai toh unki do ki rachnaye bata dete hain kya shankar prasad ki rachna thi jharna jo unhone 1918 me aur aasu 1925 me iske alava suryakant tripathi choti niraala ki rachnaye anamika jo unhone 1930 me asha hai aapko pasand aayega dhanyavad jai bharat jai hind

आपका प्रश्न है छायावादी युग की दो प्रमुख कवि और उनकी रचनाएं छायावादी युग 1918 से लेकर 1936

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छायावादी युग के दो प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद और महा महादेवी वर्मा सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जयशंकर प्रसाद की कामायनी मुख्य रचना है सुमित्रानंदन पंत के पल्लव होना निराला की वह तोड़ती पत्थर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाएं और महादेवी वर्मा की रचना है या मां दीपशिखा

chhayavadi yug ke do pramukh kavi jaishankar prasad aur maha mahadevi verma suryakant tripathi niraala jaishankar prasad ki kamayani mukhya rachna hai sumitranandan pant ke pallav hona niraala ki vaah todti patthar suryakant tripathi niraala ki rachnaye aur mahadevi verma ki rachna hai ya maa deepshikha

छायावादी युग के दो प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद और महा महादेवी वर्मा सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

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Shalini

Teacher(Hindi /Sanskrit)

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आपका प्रश्न छायावादी युग की दो प्रमुख कवि और उनकी रचना लिखी छायावादी युग के कवि तो है महादेवी वर्मा डॉ रामकुमार वर्मा जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत रामकुमार वर्मा की तो है अंजलि उनकी रचनाएं बताते थे यह चार तो कभी है उनके महादेवी वर्मा रामकुमार वर्मा छायावादी कवि जो है उनके और जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा की रचनाओं का नाम है रश्मि और निहार की रचनाएं हैं और डॉ रामकुमार वर्मा की अंजली नाम की रचनाओं ने की थी और जयशंकर प्रसाद निश्चित राधा और कानन कुसुम की रचना की थी चित्र आधार है जो वह ब्रज भाषा में रचित की हुई है उन्होंने और एक है सुमित्रानंदन पंत जिनकी रचनाओं का नाम है वीणा ग्रंथि पल्लव और गुण यह उनकी रचनाएं हैं और यह छायावादी युग के कवि हैं जिनकी बहुत जिसमें जयशंकर प्रसाद महादेवी वर्मा बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है इन दोनों की रचनाएं भी बहुत प्रसिद्ध हुई थी

aapka prashna chhayavadi yug ki do pramukh kavi aur unki rachna likhi chhayavadi yug ke kavi toh hai mahadevi verma Dr. ramkumar verma jaishankar prasad sumitranandan pant ramkumar verma ki toh hai anjali unki rachnaye batatey the yah char toh kabhi hai unke mahadevi verma ramkumar verma chhayavadi kavi jo hai unke aur jaishankar prasad sumitranandan pant aur mahadevi verma ki rachnaon ka naam hai rashmi aur nihar ki rachnaye hain aur Dr. ramkumar verma ki anjali naam ki rachnaon ne ki thi aur jaishankar prasad nishchit radha aur Kanan kusum ki rachna ki thi chitra aadhar hai jo vaah braj bhasha me rachit ki hui hai unhone aur ek hai sumitranandan pant jinki rachnaon ka naam hai vina granthi pallav aur gun yah unki rachnaye hain aur yah chhayavadi yug ke kavi hain jinki bahut jisme jaishankar prasad mahadevi verma bahut zyada prasiddh hai in dono ki rachnaye bhi bahut prasiddh hui thi

आपका प्रश्न छायावादी युग की दो प्रमुख कवि और उनकी रचना लिखी छायावादी युग के कवि तो है महाद

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Suresh Kumar Verma

Teacher(Vice Principal)

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हाय वाली यह तो कभी जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचना कामायनी आंसू लहर इत्यादि सुमित्रानंदन पंत की रचना पल्लव लोकायतन ग्रामीण इतिहास

hi wali yah toh kabhi jaishankar prasad sumitranandan pant jaishankar prasad ki pramukh rachna kamayani aasu lahar ityadi sumitranandan pant ki rachna pallav lokayatan gramin itihas

हाय वाली यह तो कभी जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचना कामायनी आंस

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Umesh

Science Teacher

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नमस्कार छायावादी युग भारतीय इतिहास के प्रमुख योग्यता छायावादी युग के प्रमुख कवि हैं और उनकी रचनाएं इस प्रकार हैं प्रथम कवि जयशंकर प्रसाद इनकी रचना है उर्वशी घर ना आंसू कामायनी दूसरे का भी है सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाएं अनामिका परमार नितिका सरोज स्मृति तीसरे कवि सुमित्रानंदन पंत इनकी प्रमुख वीणा पल्लव ग्राम में युगांत महादेवी वर्मा इन के प्रमुख रचनाएं निहार रश्मि मिर्जा शांति गीत पूर्वी छायावाद के आदि कई प्रमुख कवि हैं मैंने आपको जो प्रमुख कवियों उनके नाम बताएं उनकी रचना बताइए आप अच्छा लगा हो तो लाइक करें धन्यवाद

namaskar chhayavadi yug bharatiya itihas ke pramukh yogyata chhayavadi yug ke pramukh kavi hain aur unki rachnaye is prakar hain pratham kavi jaishankar prasad inki rachna hai urvashi ghar na aasu kamayani dusre ka bhi hai suryakant tripathi niraala ki rachnaye anamika parmar nitika saroj smriti teesre kavi sumitranandan pant inki pramukh vina pallav gram me yugant mahadevi verma in ke pramukh rachnaye nihar rashmi mirza shanti geet purvi chaayavaad ke aadi kai pramukh kavi hain maine aapko jo pramukh kaviyon unke naam bataye unki rachna bataiye aap accha laga ho toh like kare dhanyavad

नमस्कार छायावादी युग भारतीय इतिहास के प्रमुख योग्यता छायावादी युग के प्रमुख कवि हैं और उनक

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छायावादी युग की प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद जिनकी रचनाएं झरना और लहर और महादेवी वर्मा जी जिनकी रचनाएं निहार रश्मि है

chhayavadi yug ki pramukh kavi jaishankar prasad jinki rachnaye jharna aur lahar aur mahadevi verma ji jinki rachnaye nihar rashmi hai

छायावादी युग की प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद जिनकी रचनाएं झरना और लहर और महादेवी वर्मा जी जिनक

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हिंदी साहित्य में छायावाद एक के बहुत से कवि है जिनमें से प्रमुख हैं जयशंकर प्रसाद थी उनकी रचनाएं कामायनी लहर ना आंसू और सुभद्रा कुमारी चौहान ही है जिनकी रचना झांसी की रानी है आधी रोका कैसा हुआ चांद आधी राशन की हैं और भी सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी भी है महादेवी वर्मा उनकी रचना रश्मि ने हार नीरजा

hindi sahitya me chaayavaad ek ke bahut se kavi hai jinmein se pramukh hain jaishankar prasad thi unki rachnaye kamayani lahar na aasu aur subhadra kumari Chauhan hi hai jinki rachna jhansi ki rani hai aadhi roka kaisa hua chand aadhi raashan ki hain aur bhi suryakant tripathi niraala ji bhi hai mahadevi verma unki rachna rashmi ne haar neerja

हिंदी साहित्य में छायावाद एक के बहुत से कवि है जिनमें से प्रमुख हैं जयशंकर प्रसाद थी उनकी

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Shalini

Teacher

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छायावाद युग हिंदी साहित्य का बहुत ही महत्वपूर्ण योग है इस युग में हिंदी साहित्य को चार अनमोल रत्न दिए हैं जो इंसान अनमोल रतन को छायावादी युग का स्तंभ भी कहा जाता है छायावादी युग के चार स्तंभ हुए सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जयशंकर प्रसाद महादेवी वर्मा सुमित्रानंदन पंत तो आइए छायावादी युग की दो प्रमुख कवि और उनकी रचना के बारे में पूछा गया है लेकिन छायावादी युग के चार प्रमुख थे जिनके नाम अभी मैंने बताएं तो आइए इन क्यों कुछ रचनाओं पर नजर डालते हैं सबसे पहले बात करते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के प्रमुख रचनाएं हैं परिमल गीतिका कुकुरमुत्ता तो शिकार तुलसीदास तुलसीदास खंडकाव्य और उनकी प्रमुख रचनाएं अर्चना राधा विहार गीत सरोज स्मृति राम की शक्ति पूजा जूही की कली हम बात करते हैं जयशंकर प्रसाद छायावाद का प्रवर्तक भी कहा जाता है इनकी रचनाएं हुए कमाएंगे यह जो मैं भी आपको बता देंगे कामायनी उर्वशी आंसू कानन कुसुम प्रेम पथिक प्रेम वालचेर धारणा लहर आगे बढ़ते हैं महादेवी वर्मा की रचनाओं के आधुनिक युग की मीरा के नाम से नाम से भी जाना जाता है उनके काव्य खंड रश्मि मिर्जा संध्या गीत दिखाओ अब बात करते हैं वीणा ग्रंथि पल्लव गुंजन दुकान युगवाणी चरण धूलि उत्तरायण कला और बूढ़ा चांद लोकायतन गीत है यह सब कविताएं हमारे छायावादी युग के प्रमुख रचनाकारों की है धन्यवाद

chaayavaad yug hindi sahitya ka bahut hi mahatvapurna yog hai is yug me hindi sahitya ko char anmol ratna diye hain jo insaan anmol ratan ko chhayavadi yug ka stambh bhi kaha jata hai chhayavadi yug ke char stambh hue suryakant tripathi niraala jaishankar prasad mahadevi verma sumitranandan pant toh aaiye chhayavadi yug ki do pramukh kavi aur unki rachna ke bare me poocha gaya hai lekin chhayavadi yug ke char pramukh the jinke naam abhi maine bataye toh aaiye in kyon kuch rachnaon par nazar daalte hain sabse pehle baat karte hain suryakant tripathi niraala ke pramukh rachnaye hain parimal geetika kukurmutta toh shikaar tulsidas tulsidas khandkavya aur unki pramukh rachnaye archna radha vihar geet saroj smriti ram ki shakti puja juhi ki kalee hum baat karte hain jaishankar prasad chaayavaad ka pravartak bhi kaha jata hai inki rachnaye hue kamayenge yah jo main bhi aapko bata denge kamayani urvashi aasu Kanan kusum prem pathik prem valcher dharana lahar aage badhte hain mahadevi verma ki rachnaon ke aadhunik yug ki meera ke naam se naam se bhi jana jata hai unke kavya khand rashmi mirza sandhya geet dikhaao ab baat karte hain vina granthi pallav gunjan dukaan yugvani charan dhuli uttarayan kala aur budha chand lokayatan geet hai yah sab kavitayen hamare chhayavadi yug ke pramukh rachanakaron ki hai dhanyavad

छायावाद युग हिंदी साहित्य का बहुत ही महत्वपूर्ण योग है इस युग में हिंदी साहित्य को चार अनम

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छायावादी युग के प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद सूर्यकांत त्रिपाठी निराला सुमित्रानंदन पंत महादेवी वर्मा 14 कभी प्रमुख स्तंभ है इसके अतिरिक्त जो इनके द्वारा रचना लिखी गई है उनमें जयशंकर प्रसाद की कामायनी एक प्रबंध कब एक महाकाव्य और और दूसरी भी ध्रुवस्वामिनी स्कंद गुप्त चंद्रगुप्त जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचनाएं हैं इसके बाद सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जूही की कली वह तोड़ती पत्थर भिक्षुक और संस्कृति प्रमुख रचनाएं हैं तो इन दोनों की प्रमुख रचनाएं यही है

chhayavadi yug ke pramukh kavi jaishankar prasad suryakant tripathi niraala sumitranandan pant mahadevi verma 14 kabhi pramukh stambh hai iske atirikt jo inke dwara rachna likhi gayi hai unmen jaishankar prasad ki kamayani ek prabandh kab ek mahakavya aur aur dusri bhi dhruvasvamini skand gupt chandragupta jaishankar prasad ki pramukh rachnaye hain iske baad suryakant tripathi niraala ki juhi ki kalee vaah todti patthar bhikshuk aur sanskriti pramukh rachnaye hain toh in dono ki pramukh rachnaye yahi hai

छायावादी युग के प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद सूर्यकांत त्रिपाठी निराला सुमित्रानंदन पंत महादेव

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छायावादी युग के चार प्रमुख कवि कह जाते हैं उनमें से जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत सूर्यकांत निराला महादेवी वर्मा जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचना है कामायनी पंत की है लोकायतन J2 प्रमुख छायावादी कवि की रचना है

chhayavadi yug ke char pramukh kavi keh jaate hain unmen se jaishankar prasad sumitranandan pant suryakant niraala mahadevi verma jaishankar prasad ki pramukh rachna hai kamayani pant ki hai lokayatan J2 pramukh chhayavadi kavi ki rachna hai

छायावादी युग के चार प्रमुख कवि कह जाते हैं उनमें से जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत सूर्य

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