भारत में हिन्दू मुस्लिम की जगह विकास की बात क्यों नहीं होती?...


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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए वोटों की राजनीति है और नेता भी ऐसा देखे हैं कि किस तरह वोट बिक जाए इसलिए हिंदू मुस्लिम की अधिक राजनीतिक विकास का कोई नाम नहीं लेता ना विकास कर पाए हैं

dekhiye voton ki raajneeti hai aur neta bhi aisa dekhe hain ki kis tarah vote bik jaaye isliye hindu muslim ki adhik raajnitik vikas ka koi naam nahi leta na vikas kar paye hain

देखिए वोटों की राजनीति है और नेता भी ऐसा देखे हैं कि किस तरह वोट बिक जाए इसलिए हिंदू मुस्ल

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो गाइस आपका जो क्वेश्चन है बहुत इंपॉर्टेंट है आज के समय को देख कर और मुझे लग रहा है कि आज के माहौल को देखकर ऑफिस क्वेश्चन पूछा है बहुत अच्छा कुशन पूछा मुझे अभी क्वेश्चन बहुत पसंद आया भारत में हिंदू मुस्लिम की जगह बेकार की बात क्यों नहीं होती है भारत में हिंदू मुस्लिम देश का विकास की बात क्यों नहीं होती यह तो आपको भी पता है हमें भी पता है जब अपने बुनियादी है जमीन से जुड़े मुद्दे भूल जाएंगे तो मंदिर मस्जिद शाम की ही बात होगी हिंदू मुस्लिम की बात तो होती ही रहेगी विकास की तो बात छोड़ दीजिए विकास से हमें कुछ नहीं मिलने वाला यह अभी तू कौन सी सोच बनती जा रही है कि व्यक्ति जो है क्या देखना पसंद करता है या फिर पता नहीं चलता है हमें जमीन से जुड़ी सुविधाएं मूलभूत सुविधाएं जो हमारी हैं हम तो आज बात ही नहीं करते हैं आज बात अगर वीडियो के चैनल उठा कर देखेंगे तो एक चीज पाएंगे कि वहां पर दो धर्म के लोग बैठे होते हैं और दोनों बहस चल रही होती हो बहस ऐसी होती है कि वह दोनों रुको हम पर टाइप की लगते हैं और उससे ज्यादा अनपढ़ टाइप पर वह व्यक्ति लगता है जो उन्हें उस पर बुलाता है बहस में इत्तेफाक से प्रेस की सफलता जो संविधान में दी है अनुच्छेद 19 उसकी धज्जियां उड़ाते हैं अगर सौतन अभी है तो इसका मतलब यह नहीं आप उसका मिस यूज करें किसी कानून का मिस यू जानू नहीं लेकर एक सिंपल सी बात है अगर वह चैनल मोटिवेट जो दिखाता है रोजगार के बारे में दिखाता है बेरोजगारी की बात करता है किसानों की बात करता है महिलाओं की बात करता है नौजवानों की बात करता है हमारे देश की आर्मी की बात करता उनके जवानों जो वहां अकबर करते हैं हमारे जो इंडिया इंडियन आर्मी में जो हमारे जवान है ऊपर क्यों करते हैं इतना हार्ड वर्क करते हैं उनके लिए सभी सुविधाएं जो है उनके बारे में बात होती है तो बहुत अच्छा लगता है लेकिन आज वह बातें नहीं होती है आज मीडिया पर भारत-पाकिस्तान दोनों को बैठाने के बाद हिंदू मुसलमान धर्म और गाली-गलौच सोशल साइटों पर गाली-गलौज टि्वटर पर गाली गलौज और फेसबुक पर गाली गलौज किसी एक धर्म का व्यक्ति दूसरे रंग वाली तेरा पता नहीं उसकी तस्वीर कौन सी लगी है वह व्यक्ति है भैया नहीं है लेकिन नाम उसने रख लिया है यह धर्म और सामने वाले नाम पूछा और मतलब उनका यह पता नहीं चल पाता कि व्यक्ति है कौन लेकिन प्रभाव क्या पड़ता है कि हिंदू या मुस्लिम को गाली दे रहा मुस्लिम जो हिंदू का लिब्रा लेकिन हम समझ ही नहीं पाते हैं यह है कौन है कौन वैसा करवा कौन रहा है पैसे मिलते हैं क्या तुम्हें कोई तैयार कर रहा है क्या यह हमें खुद सम सभी लोग तो गलत नहीं हो सकते देश के अंदर संतोषी बातें यह कुछ ही है यह बोलते हैं शरारे जो श्राद्ध शरारती तत्व होता है जो दंगे जैसी लड़ाई फसाद इस में भाग लेते हैं भीड़ को भड़का देते हैं जो एक भीड़ जो एक मोबलीचिंग जैसी घटना करती है कि व्यक्ति को मार देती है उस पर भीड़ होती है बीड का नाम होता है और हमने एक शब्द को देखा मॉब लिंचिंग एक व्यक्ति को मारते मारते जान से मार देती है फिर राजनीति होती है कोई सटीक पार्टी है जो इन चीजों को ध्यान देते लेकिन लोगों ने पूछते ही नहीं है हमारी सबसे बड़ी कलेक्शन का सख्त प्रशासन होता है जिसमें हिंदू मुस्लिम घटनाएं नहीं होती है और होती भी है तो तुरंत खत्म हो जाती हैं तो हम कहते हैं हमारे किसी काम की है ही नहीं जो मैं हॉस्पिटल देता है जो हमें बेरोजगारी कम करने के लिए हमें रोजगार उपलब्ध कराते हैं भर्तियां अच्छी कराई है फिर भर्तियां कराइए तो सब प्रशासन दिया है तो हम उनकी बात नहीं करते हैं क्योंकि उन्होंने धर्म की बात नहीं की है जो पार्टी धर्म की बात नहीं करती हैं हम उन्हें पूछी नहीं रहे मीडिया वालों ने देखा ही नहीं रहे कुछ अच्छे चैनल है मीडिया में जिनका जो बोल देना कि ईमान जो है बचा हुआ है और पत्रकार तो उनके खून में है विदेश की खबरें दिखाते हैं तो मैं मैं खुद एक चैनल में देखता हूं हालांकि मैं उसका नाम भी लेना चाहूंगा एनडीटीवी दूसरी रवि जी जो न्यूज़ दिखाते हैं मैंने उनकी जो न्यूज़ देखी हैं बड़ी अच्छी लगती है और बताओ के ऊपर होती है किसानों के ऊपर होते हैं अभी उन्होंने एक न्यूज़ दिखाई थी बेरोजगार बेरोजगार युवकों के ऊपर भर्तियों को पड़ा दिल को छू गई ऐसे में अपनी लाइफ में मैं भी देखता हूं कि बहुत कम लोग होते हैं बहुत कम लोग लेकिन यह लोग बहुत लोग मोटिवेट करते हैं अब लो उनकी जो चीज है उन्होंने मुझे बहुत मोटिवेट किया वह ऐसे किया जो कि एक व्यक्ति उत्तरा पड़ा है बेरोजगारों की बात करने की लेकिन कर रहे हैं जो मूर्तियां पेंडिंग पड़ी है उनके बारे में बात करने के लिए किन की अच्छे चैनल है तुझको करते हैं और लेकिन हम वह चैनलों को नहीं देखते हैं पहले दूरदर्शन हम देते तो हमें सबसे अच्छा लगता है वो एनडीटीवी से बेच लगता है कभी दूरदर्शन पर सभी चीजें अच्छी दिखाते थे और सरकार की योजनाएं सभी चीजें बाकी यह सब चीजें बहस बाजी यह सब फालतू चीजें नहीं दिखाते थे यहां दो धर्म किलोमीटर दिए बहस बाजी हो रही है उसे पूरा हमारा देश देख रहा है क्या प्रभाव पड़ रहा है युवाओं को तो क्या प्रभाव पड़ रहा है कि वह धर्म का व्यक्ति उसे गलत बोला वह धर्म का व्यक्ति उसे गलत बोला उसके अंदर क्या भावना पैदा हो रही है तू क्या बात करेगा विकास की बात करेगा मोटिवेट कहां होगा एक युवा व्यक्ति जो छात्र है हाई स्कूल इंटर पास किए ग्रेशम पास क्या जब उसे सामने सब चीजें बाद आएंगे तो वह मोटिवेट उसका कहां पर होगा आप किसी के पद अनुमान लगाइए हमें बात खुद करनी चाहिए जब न्यूज़ चैनल में ही खबरें आप ही हैं तो उन खबरों को देखने से बचें आप खुद सच देखिए कहीं ना कहीं मिल ही जाएगा क्योंकि ऐसा नहीं है कि ना मिले दूसरा जंप अखबार पढ़ते हैं तो खबर तो एक बड़ी सी खबर आती है और उस बड़ी सी खबर को हम भूल जाता है इसमें लिखा होता है अर्थव्यवस्था जो है भारत देश की डाउन चल रही है महंगाई जो है आसमान पर $1 ऊपर हो चुका है कृपया नीचे कर रहा है पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं कि पेट पर बढ़ोतरी हो चुकी है महंगाई आसमान पर जा रही है तो हम उन बातों पर ध्यान देते हैं क्यों नहीं देते हैं क्योंकि बराबर में एक उसी के बराबर है थोड़ी सी कटिंग में लिखा होता है कि इस धर्म के नेता ने उस धर्म को यादराम के नेता ने उस धर्म को बढ़ाने की बात कही या उसको अच्छा बोला फिर से खराब गुलाम उसको देखें उन संबंधों को भूल जाते हैं हम मोदी को भूल जाते हैं मुद्दे किसानों को भूल जाते हैं हम मुद्दे महिलाओं को भूल जाते हम मुद्दे बेरोजगार युवकों को भूल जाते हैं हम बुद्ध उस जातिवाद को भूल जाते हैं जो लोगों के साथ सो रहा है मुद्दे अल्पसंख्यक को भूल जाते हैं जिनको रहा मुद्दे उन गरीब लोगों के भूल जाते हैं मजदूरों के भूल जाते हैं लेकिन क्यों भूल जाते हैं क्योंकि हमारे दिमाग में क्या चल रहा है हमारे दिमाग में वही चल रहा है जो हम देख रहे हैं हम तर्क नहीं कर रहे हैं हमें पर करना चाहिए हमें क्वेश्चन करना चाहिए तब तो हम प्लस नहीं करेंगे तब तक और प्रश्न करें का तरीका अच्छा होना चाहिए हमें उस भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहिए जो भीड़ कुछ पता ही नहीं उसे क्या पता है कि इस उदयवीर खड़ी हुई है हमें प्रश्न शांति में तरीके से करना चाहिए वही बेस्ट दिखा संडे को

hello guys aapka jo question hai bahut important hai aaj ke samay ko dekh kar aur mujhe lag raha hai ki aaj ke maahaul ko dekhkar office question poocha hai bahut accha cushion poocha mujhe abhi question bahut pasand aaya bharat me hindu muslim ki jagah bekar ki baat kyon nahi hoti hai bharat me hindu muslim desh ka vikas ki baat kyon nahi hoti yah toh aapko bhi pata hai hamein bhi pata hai jab apne buniyadi hai jameen se jude mudde bhool jaenge toh mandir masjid shaam ki hi baat hogi hindu muslim ki baat toh hoti hi rahegi vikas ki toh baat chhod dijiye vikas se hamein kuch nahi milne vala yah abhi tu kaun si soch banti ja rahi hai ki vyakti jo hai kya dekhna pasand karta hai ya phir pata nahi chalta hai hamein jameen se judi suvidhaen mulbhut suvidhaen jo hamari hain hum toh aaj baat hi nahi karte hain aaj baat agar video ke channel utha kar dekhenge toh ek cheez payenge ki wahan par do dharm ke log baithe hote hain aur dono bahas chal rahi hoti ho bahas aisi hoti hai ki vaah dono ruko hum par type ki lagte hain aur usse zyada anpad type par vaah vyakti lagta hai jo unhe us par bulata hai bahas me iktefaak se press ki safalta jo samvidhan me di hai anuched 19 uski dhajjiya udate hain agar sautan abhi hai toh iska matlab yah nahi aap uska miss use kare kisi kanoon ka miss you janu nahi lekar ek simple si baat hai agar vaah channel motivate jo dikhaata hai rojgar ke bare me dikhaata hai berojgari ki baat karta hai kisano ki baat karta hai mahilaon ki baat karta hai naujavanon ki baat karta hai hamare desh ki army ki baat karta unke jawano jo wahan akbar karte hain hamare jo india indian army me jo hamare jawaan hai upar kyon karte hain itna hard work karte hain unke liye sabhi suvidhaen jo hai unke bare me baat hoti hai toh bahut accha lagta hai lekin aaj vaah batein nahi hoti hai aaj media par bharat pakistan dono ko baithne ke baad hindu musalman dharm aur gaali galauch social saiton par gaali galoj twitter par gaali galoj aur facebook par gaali galoj kisi ek 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हेलो गाइस आपका जो क्वेश्चन है बहुत इंपॉर्टेंट है आज के समय को देख कर और मुझे लग रहा है कि

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Faiz

Software Tester at Cognizant Technology Solutions.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन आपने पूछा भारत में हिंदू मुस्लिम की जगह विकास की बात क्यों नहीं होती तो लेके भारत का सबसे बड़ा कारण यही है कि हमारे भारत के जो भी लेता है वह हिंदू मुस्लिम में लड़ाई करवाने के लिए यह हिंदू मुस्लिम की बात करते हैं हमारे भारत में कभी विकास ही हो पाता अगर वह लोग इन सब चीजों को छोड़कर विकास की तरफ ध्यान दें तो हमारा जो देश है वह एक डेवलपिंग कंट्री से हटके डेवलप कंट्री बन जाएगा लेकिन ऐसा हो ही नहीं पाता जो भी नेता आता है वह अपनी अच्छाई के लिए यह शादी लड़ाई है करवाता है

lekin aapne poocha bharat mein hindu muslim ki jagah vikas ki baat kyon nahi hoti toh leke bharat ka sabse bada karan yahi hai ki hamare bharat ke jo bhi leta hai vaah hindu muslim mein ladai karwane ke liye yah hindu muslim ki baat karte hain hamare bharat mein kabhi vikas hi ho pata agar vaah log in sab chijon ko chhodkar vikas ki taraf dhyan dein toh hamara jo desh hai vaah ek developing country se hatake develop country ban jaega lekin aisa ho hi nahi pata jo bhi neta aata hai vaah apni acchai ke liye yah shadi ladai hai karwata hai

लेकिन आपने पूछा भारत में हिंदू मुस्लिम की जगह विकास की बात क्यों नहीं होती तो लेके भारत का

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