खुद को बुरी चीज़ से कैसे दूर रखें?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी देखिए सब कुछ शुरू होता है सोच से कि आप क्या सोचते हैं आपके अंदर क्या ख्याल आता है उसके बाद उस ख्याल का आप क्या करते हैं क्या उसको पकड़कर आप आगे ले जाते हैं उसको फील करते हैं या उसको छोड़ देते हैं उसको इग्नोर करते हैं उसको जाने देते हैं अभी सोच कहां से आती है लेकिन कई बार क्या होता है हमारे जो भी एक्सपीरियंस है जो भी हमारे अंदर कया हुआ है जो भी कुछ हमें दिखता है जो भी हमारे एंड ब्लॉन्ड में हो रहा है जो भी हमारे आस पास हो रहा है जिस किसी के भी संपर्क में हमारे हैं यहां पर खाली इंसान की बात नहीं कर रहा यह टीवी मैक्सी न्यूज़ मीडिया यह वह कुछ भी हो सकता है जहां से भी आ रहे हैं हमारे बॉडी हमारे सिस्टम हमारे इंटर फिजिकल बॉडी अरे यह क्या करते रहता है हम कहां से क्या चीज उठा लेते हमें खुद भी कई बार नहीं पता चलता बहुत ध्यान से सोचेंगे तो पता चलता है तो हम क्या करते हैं हम एक बड़े मैगनेट की तरह चीजें एक लाख करते रहते हैं अगर नहीं भी करते तो हमारे तू चीजें पास होती हैं और बहुत सारी चीजें हमारे अंदर जाती है कहां रहती है हमारे इंटरनेट डाटा बेस में हमारी मेमोरी में अब होता क्या है कि सवाल है कि खुद को बुरी चीजों से कैसे दूर रखें अद्भुत हॉट हमारे अंदर है तो कहीं ना कहीं या हो सकता है उसी टाइम हॉटस्पॉट का यूज करें तो हम जब उस थॉट का यूज करते हैं जो मैंने बाहर से पिक किया जो कहीं और से आई किसी दोस्त से मिल गया किसी मीडिया से मिल गया न्यू से मिल गया मैगजीन से मिल गया कहीं से भी मिल गया उस पर अगर मैंने काम किया तो क्या हो गया तो मैं हो सकते हैं सही काम कर हो सकता है गलत काम करूं जोक ख्याल मेरे अंदर आया जहां से भी आया अगर वह सुर सही नहीं है तो हो सकता है मैं वह चीज गलत करूं तो मेरे को यह देखना है कि सोर्स मिला जो है वह सही होना चाहिए मेरी कंपनी सही होना चाहिए लोग मित्र जो भी कुछ में टच करता हूं जहां पर भी जाता हूं जैसा भी अभी है करता बधाई करता हूं जो भी कुछ हूं मैं वह कैसा हूं कहां पर अपने आप को रखता हूं ताकि उससे जो थॉट आते हैं मेरे अंदर वह सही आएंगे और मेरे एक्शन सही होंगे

ji dekhiye sab kuch shuru hota hai soch se ki aap kya sochte hain aapke andar kya khayal aata hai uske baad us khayal ka aap kya karte kya usko pakadakar aap aage le jaate hain usko feel karte hain ya usko chod dete hain usko ignore karte hain usko jaane dete hain abhi soch kahaan se aati hai lekin kai baar kya hota hai hamare jo bhi experience hai jo bhi hamare andar kya hua hai jo bhi kuch hamein dikhta hai jo bhi hamare and blonde mein ho raha hai jo bhi hamare aas paas ho raha hai jis kisi ke bhi sampark mein hamare hain yahan par khaali insaan ki baat nahi kar raha yah TV maxi news media yah vaah kuch bhi ho sakta hai jaha se bhi aa rahe hain hamare body hamare system hamare inter physical body are yah kya karte rehta hai hum kahaan se kya cheez utha lete hamein khud bhi kai baar nahi pata chalta bahut dhyan se sochenge toh pata chalta hai toh hum kya karte hain hum ek bade magnet ki tarah cheezen ek lakh karte rehte hain agar nahi bhi karte toh hamare tu cheezen paas hoti hain aur bahut saree cheezen hamare andar jaati hai kahaan rehti hai hamare internet data base mein hamari memory mein ab hota kya hai ki sawaal hai ki khud ko buri chijon se kaise dur rakhen adbhut hot hamare andar hai toh kahin na kahin ya ho sakta hai usi time hotspot ka use kare toh hum jab us thought ka use karte hain jo maine bahar se pic kiya jo kahin aur se I kisi dost se mil gaya kisi media se mil gaya new se mil gaya magazine se mil gaya kahin se bhi mil gaya us par agar maine kaam kiya toh kya ho gaya toh main ho sakte hain sahi kaam kar ho sakta hai galat kaam karu joke khayal mere andar aaya jaha se bhi aaya agar vaah sur sahi nahi hai toh ho sakta hai vaah cheez galat karu toh mere ko yah dekhna hai ki source mila jo hai vaah sahi hona chahiye meri company sahi hona chahiye log mitra jo bhi kuch mein touch karta hoon jaha par bhi jata hoon jaisa bhi abhi hai karta badhai karta hoon jo bhi kuch hoon main vaah kaisa hoon kahaan par apne aap ko rakhta hoon taki usse jo thought aate hain mere andar vaah sahi aayenge aur mere action sahi honge

जी देखिए सब कुछ शुरू होता है सोच से कि आप क्या सोचते हैं आपके अंदर क्या ख्याल आता है उसके

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