देश में जाति व्यवस्था कैसे समाप्त की जा सकती है?...


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Manoj Aligadi

Freelance Photo Journalist

2:60

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत का और भारत मां के सपूत पैदा हुए हैं जिनका नाम आपने सुना होगा डॉ बी आर अंबेडकर अबकी बार देखो राजनीतिक लोग हो या हो आप तो जनता सब जानती है फोन इस काम को करने का प्रयास कर रहा है डीटीसी बात यह है कि जो पहले चल रहा था जातिगत भावनाओं को खत्म करने के लिए अच्छे अवसर देने चाहिए नौकरी रोजगार में और रिजर्वेशन का जवाब बन जाता है रिजर्वेशन खत्म करें खत्म करें खत्म करें कर रहे हैं उन पर यह पूछ लिया जाए और कुछ करने के लिए रिजर्वेशन किया गया था अगर यह लोग उनका अधिकार है और रहना चाहिए अगर आप बार-बार रिजर्वेशन खत्म करने की बात करेंगे खाई बढ़ती चली जाएगी आईएएस की परीक्षा में कम अंक क्वालिटी है जाने के लिए सरकार का जो प्रयास जारी बात कर सकते हैं कि रिजर्वेशन मेरे दिल बहुत सारे लोगों का होता है और हमें ध्यान रखना चाहिए या खत्म कर दिया कभी जाति के लोग एक दूसरे के घर में शादी करेंगे और जाति का धरना खत्म हो जाएगी और हम अंबेडकर आपको याद करते रहते हैं खत्म हो

bharat ka aur bharat maa ke sapoot paida hue hain jinka naam aapne suna hoga Dr. be R ambedkar abki baar dekho raajnitik log ho ya ho aap toh janta sab jaanti hai phone is kaam ko karne ka prayas kar raha hai DTC baat yah hai ki jo pehle chal raha tha jaatigat bhavnao ko khatam karne ke liye acche avsar dene chahiye naukri rojgar mein aur reservation ka jawab ban jata hai reservation khatam kare khatam kare khatam kare kar rahe hain un par yah puch liya jaaye aur kuch karne ke liye reservation kiya gaya tha agar yah log unka adhikaar hai aur rehna chahiye agar aap baar baar reservation khatam karne ki baat karenge khai badhti chali jayegi IAS ki pariksha mein kam ank quality hai jaane ke liye sarkar ka jo prayas jaari baat kar sakte hain ki reservation mere dil bahut saare logo ka hota hai aur hamein dhyan rakhna chahiye ya khatam kar diya kabhi jati ke log ek dusre ke ghar mein shadi karenge aur jati ka dharna khatam ho jayegi aur hum ambedkar aapko yaad karte rehte hain khatam ho

भारत का और भारत मां के सपूत पैदा हुए हैं जिनका नाम आपने सुना होगा डॉ बी आर अंबेडकर अबकी बा

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M. G. Ali

Journalist

1:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इश्क ने हमें सिर्फ एक ही चीज का ध्यान देना चाहिए हमें ध्यान देना चाहिए हमारा जो रोजगार है हमारी जो शिक्षा है हमारा जो मतलब काम है हमें उस चीज पर ध्यान देना चाहिए खत्म होना चाहिए एक व्यक्तिगत होना चाहिए कि हमें यह चीज हम देख चुके हैं या हमारे पास यह टैलेंट है तो उसमें काम हमारा रूचि और हमारा ध्यान रखना हमारा टैलेंट है या मुझे कि मुझे एक गाड़ी सुधार नहीं आती है तो किसी और बात पर कि मुझे कोई अच्छी लाइन मुझे पसंद है तुम मेरा जो फोटो ना चाहिए उसका इलाज और दूसरी बात सबसे पहली बार अपना यह जो रूल्स रेगुलेशन होते हैं यह सब y71 मंत्री जी तो बात बन जाए अन्यथा तो काफी टाइम पर चलता रहा है और

ishq ne hamein sirf ek hi cheez ka dhyan dena chahiye hamein dhyan dena chahiye hamara jo rojgar hai hamari jo shiksha hai hamara jo matlab kaam hai hamein us cheez par dhyan dena chahiye khatam hona chahiye ek vyaktigat hona chahiye ki hamein yah cheez hum dekh chuke hain ya hamare paas yah talent hai toh usme kaam hamara ruchi aur hamara dhyan rakhna hamara talent hai ya mujhe ki mujhe ek gaadi sudhaar nahi aati hai toh kisi aur baat par ki mujhe koi achi line mujhe pasand hai tum mera jo photo na chahiye uska ilaj aur dusri baat sabse pehli baar apna yah jo rules regulation hote hain yah sab y71 mantri ji toh baat ban jaaye anyatha toh kaafi time par chalta raha hai aur

इश्क ने हमें सिर्फ एक ही चीज का ध्यान देना चाहिए हमें ध्यान देना चाहिए हमारा जो रोजगार है

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Markandey Pandey

Senior Journalist

1:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जाति व्यवस्था समाप्त करने के लिए एजुकेशन की जरूरत है लोगों के अंदर एजुकेशन आना चाहिए और जो क्या बोलते हैं आर्थिक समानता दिक्कत है उसको खत्म करने की जरूरत है और अलग से एजुकेशन को बढ़ाने के लिए होते और इतनी प्रॉब्लम नहीं है जितनी जातिवाद से प्रॉब्लम है यह जातिवाद की भावना को खत्म करना चाहिए जाति व्यवस्था की चीजें बदल रही है छुआछूत की भावना एकदम से खत्म हो चुकी है आदमी जाता है कोई रेस्टोरेंट होटल में जाता है तुझे पूछता है किसने बनाया कौन किस जाति का था तो अपना रही है अब चीजें बदल रही है आर्थिक संपन्नता के साथ भी लोग बदल रहे हैं और वह काम करना चाहिए सरकार को भी जनता को भी लोगों की गरीबी है वह गरीबी दूर हो और अगर ऐसा होता है तो अपने आप धीरे-धीरे जाती है उसका पता मैं किसी भी जाति के आधार पर जो राजनीति है उस राजेश को भी खत्म करनी चाहिए कि वोट बैंक का रिजर्वेशन आरक्षण वगैरह तमाम चीजें इसको पर इसी तरीके के लिए वोट की राजनीति बंद होनी चाहिए देश में और लोगों के अंदर एजुकेशन बाहर जाना चाहिए जाति कुमकुम

jati vyavastha samapt karne ke liye education ki zarurat hai logo ke andar education aana chahiye aur jo kya bolte hai aarthik samanata dikkat hai usko khatam karne ki zarurat hai aur alag se education ko badhane ke liye hote aur itni problem nahi hai jitni jaatiwad se problem hai yah jaatiwad ki bhavna ko khatam karna chahiye jati vyavastha ki cheezen badal rahi hai chuachut ki bhavna ekdam se khatam ho chuki hai aadmi jata hai koi restaurant hotel mein jata hai tujhe poochta hai kisne banaya kaun kis jati ka tha toh apna rahi hai ab cheezen badal rahi hai aarthik sampannata ke saath bhi log badal rahe hai aur vaah kaam karna chahiye sarkar ko bhi janta ko bhi logo ki garibi hai vaah garibi dur ho aur agar aisa hota hai toh apne aap dhire dhire jaati hai uska pata main kisi bhi jati ke aadhaar par jo raajneeti hai us rajesh ko bhi khatam karni chahiye ki vote bank ka reservation aarakshan vagera tamaam cheezen isko par isi tarike ke liye vote ki raajneeti band honi chahiye desh mein aur logo ke andar education bahar jana chahiye jati kumkum

जाति व्यवस्था समाप्त करने के लिए एजुकेशन की जरूरत है लोगों के अंदर एजुकेशन आना चाहिए और जो

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Rampal Meghwal

Indian Politician

1:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने ही देश में जातिवाद कुछ ज्यादा कर पाती जाती वह देश के प्रति कितना गंभीर नहीं हो पाता उसके परिणाम की पूरी उत्तर छोटे छोटे वर्गों में लोग मर जाते हैं और उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है तो मेरे व्यक्तिगत विचारों से मैं कहना चाहूंगा जातिवाद नहीं होने की कोई गाना

apne hi desh mein jaatiwad kuch zyada kar pati jaati vaah desh ke prati kitna gambhir nahi ho pata uske parinam ki puri uttar chote chhote vargon mein log mar jaate hain aur uska khamiyaja bhugatna padta hai toh mere vyaktigat vicharon se main kehna chahunga jaatiwad nahi hone ki koi gaana

अपने ही देश में जातिवाद कुछ ज्यादा कर पाती जाती वह देश के प्रति कितना गंभीर नहीं हो पाता उ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपको सवाल है देश में जाति व्यवस्था कैसे समाप्त की जा सकती है देखिए हमारा जितेश है यह सामाजिकता अनुभवों से ओतप्रोत देश है और हमारी जाति संस्कृति जो है यह व्यवस्था आदि काल से चली आ रही है इसे समाप्त नहीं किया जाए ज्यादा उचित है हर जो जाति संप्रदाय जो है उनका एक अलग ताना-बाना है और हर जाति संप्रदाय का जूता ना बना है वह हमारे भारत की पहचान दी है लेकिन जाति व्यवस्था समाप्त की जाना यह नहीं सबसे बड़ा प्रश्न है कि देश में सभी जाति संप्रदाय के लोग एक कानून में रहे सबके लिए एक जैसा व्यवहार हो सरकार की ओर से और हर जाति संप्रदाय के लोग दूसरी जाति संप्रदाय की सम्मान करें इज्जत करें और जातियों को लेकर जो भेदभाव तनाव जो खेल रहे हो जैसे लोग खेल आ रहे हैं उन से बचें और हर किसी का सम्मान करें क्योंकि कहते हैं कि मेरा व्यवहार वैसा होना चाहिए कि जैसा मैं दूसरों से अपने प्रति चाहता हूं तू सीधा सा मतलब यह है कि हम दूसरे धर्म संप्रदाय के का सम्मान करेंगे तो वह भी आपके धर्म संप्रदाय और आपका सम्मान करेंगे कहते हैं ताली दोनों हाथ से बजती रही बात जाति व्यवस्था को समाप्त करने की तो संभव ही नहीं है और जो चीज संभव नहीं हो उसके लिए प्रयास करना गलत है

aapko sawaal hai desh mein jati vyavastha kaise samapt ki ja sakti hai dekhiye hamara Jitesh hai yah samajikta anubhavon se otaprot desh hai aur hamari jati sanskriti jo hai yah vyavastha aadi kaal se chali aa rahi hai ise samapt nahi kiya jaaye zyada uchit hai har jo jati sampraday jo hai unka ek alag tana bana hai aur har jati sampraday ka juta na bana hai vaah hamare bharat ki pehchaan di hai lekin jati vyavastha samapt ki jana yah nahi sabse bada prashna hai ki desh mein sabhi jati sampraday ke log ek kanoon mein rahe sabke liye ek jaisa vyavhar ho sarkar ki aur se aur har jati sampraday ke log dusri jati sampraday ki sammaan kare izzat kare aur jaatiyo ko lekar jo bhedbhav tanaav jo khel rahe ho jaise log khel aa rahe hain un se bache aur har kisi ka sammaan kare kyonki kehte hain ki mera vyavhar waisa hona chahiye ki jaisa main dusro se apne prati chahta hoon tu seedha sa matlab yah hai ki hum dusre dharm sampraday ke ka sammaan karenge toh vaah bhi aapke dharm sampraday aur aapka sammaan karenge kehte hain tali dono hath se bajati rahi baat jati vyavastha ko samapt karne ki toh sambhav hi nahi hai aur jo cheez sambhav nahi ho uske liye prayas karna galat hai

आपको सवाल है देश में जाति व्यवस्था कैसे समाप्त की जा सकती है देखिए हमारा जितेश है यह सामाज

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जाति जाति जाति व्यवस्था को समाप्त करने का कोई एक तरीका नहीं है लेकिन एक समाजशास्त्री के रूप में मेरी अपनी निजी राय है कि अंतर जाति विवाह को प्रोत्साहित करके शिक्षा को बहुत ही वैज्ञानिक तार्किक और गुणात्मक बनाकर धीरे-धीरे जाति व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है जब हमारे देश में मंत्री और मुख्यमंत्री जैसे लोग जिन्हें लोग अपना आदर्श मानते हैं यह जातिवादी व्यवस्था के तहत कि इन्हीं के सहारे इन्हीं के ताकत के बल पर राजनीति में मंत्री बनते हैं विधायक बनते हैं तो समझा जा सकता है कि जब यह नेता ही इन्हें प्रोत्साहित करते हैं जिनको हम अपना आदर्श मानते हैं तो कैसे उम्मीद की जा सकती है कि जाति व्यवस्था जल्दी समाप्त हो विकास के साथ-साथ समय के साथ-साथ सभ्यता के विकास के साथ-साथ धीरे-धीरे जाति व्यवस्था पहले से कमजोर हुई है और निश्चित रूप से समाप्त होगी लेकिन इसमें काफी समय लगेगा

jati jati jati vyavastha ko samapt karne ka koi ek tarika nahi hai lekin ek samajshastri ke roop me meri apni niji rai hai ki antar jati vivah ko protsahit karke shiksha ko bahut hi vaigyanik tarkik aur gunatmak banakar dhire dhire jati vyavastha ko samapt kiya ja sakta hai jab hamare desh me mantri aur mukhyamantri jaise log jinhen log apna adarsh maante hain yah jativadi vyavastha ke tahat ki inhin ke sahare inhin ke takat ke bal par raajneeti me mantri bante hain vidhayak bante hain toh samjha ja sakta hai ki jab yah neta hi inhen protsahit karte hain jinako hum apna adarsh maante hain toh kaise ummid ki ja sakti hai ki jati vyavastha jaldi samapt ho vikas ke saath saath samay ke saath saath sabhyata ke vikas ke saath saath dhire dhire jati vyavastha pehle se kamjor hui hai aur nishchit roop se samapt hogi lekin isme kaafi samay lagega

जाति जाति जाति व्यवस्था को समाप्त करने का कोई एक तरीका नहीं है लेकिन एक समाजशास्त्री के र

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Ashok Kumar

Journalist

0:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जाति व्यवस्था वितरित हथियार के जो भी आरक्षण दिया गया है दिल जो मिला जो भी जो सरकारें आती है संविधान के तहत सारे जात पात छोड़कर तनी के लिए एक ही आरक्षण होना चाहिए एक कानून होना चाहिए एक इंसान सब कुछ बिल्कुल एक बात का जो आरक्षण देकर राजनैतिक पार्टियां लालच में बदल देती है

jati vyavastha vitrit hathiyar ke jo bhi aarakshan diya gaya hai dil jo mila jo bhi jo sarkaren aati hai samvidhan ke tahat saare jaat pat chhodkar tani ke liye ek hi aarakshan hona chahiye ek kanoon hona chahiye ek insaan sab kuch bilkul ek baat ka jo aarakshan dekar rajnaitik partyian lalach mein badal deti hai

जाति व्यवस्था वितरित हथियार के जो भी आरक्षण दिया गया है दिल जो मिला जो भी जो सरकारें आती ह

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Balwant Yadav

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत की व्यवस्था इस कदर जड़ बना चुका है कि इसको समाप्त करना बहुत मुश्किल काम लगता है मगर इसको समाप्त होना ही चाहिए जाति व्यवस्था को समाप्त करने का एकमात्र उपाय है विकास जब जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास का कार्य होगा तो या जाति व्यवस्था धीरे-धीरे सोता ही समाप्त हो जाएगी जब तक राजनीति में जाति धर्म इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता रहेगा तब तक यह जाति व्यवस्था किसी भी प्रकार से समाप्त नहीं किया जा सकता है दरअसल यह जाति शब्द एक ऐसा शब्द है जिससे राजनेता अपने अपने स्वार्थ की रोटियां सेकते हैं और यही कारण है कि समाज कई भागों में बढ़ता जा रहा है मेरे अनुसार जाति व्यवस्था नेताओं द्वारा फैलाई गई एक जाल है जो अपने स्वार्थ की रोटी सेकने के लिए इनका प्रयोग कर समाज को अलग-अलग ग्रुप में या अलग-अलग हिस्सों में बांटने का कार्य कर रहा है जब समाज को सही दिशा निर्देश सही विकास सही शिक्षा यह सारी चीजें मिलनी शुरू हो जाएगी तू जाति व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी या व्यवस्था सिर्फ जाहिल लोगों में ज्यादातर जा ही लोगों में ही यह देखने को मिल रही है जो विकसित है या जो सरकारी सेवाओं में हैं जो सरकारी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं इस दकियानूसी चीज से बहुत दूर है वे जाति व्यवस्था यह सारी चीजों को नहीं मानते हैं जाति और धर्म में वही लोगों लिखे हुए हैं जो बेरोजगार हैं या जो राजनेताओं द्वारा मोहरा बना दिए थे क्योंकि यही वह व्यवस्था है जिससे राजनेताओं को अपने स्वार्थ की रोटी से करने में मदद मिल रही है अगर वह ऐसा ना करें या समाज का हर वर्ग जागरूक हो जाए विकास के विषय में सोचना शुरू कर दे तो या जाति व्यवस्था सोता ही समाप्त होगी मगर राजनेताओं की यह झूठी चाटुकारिता और भ्रम फैलाने यह सब समाप्त हो जाएगा और सही मायने में विकास होगा हमारे अनुसार एक जाति और धर्म ही एक ऐसा विषय है जो भारतीय समाज को विकास से कोसों दूर पीछे की तरफ लेकर जा रहा है जब व्यक्ति या समाज जाति और धर्म के विषय में सोचना छोड़ कर अपने विकास और दे के विकास में सोचना शुरु कर देगा यह राजनेताओं की मंशा धरी की धरी रह जाएगी और तब सही माय नेम इज परिधि का सूखा मगर जब तक यह व्यवस्था जब तक यह दुर्भावना समाज में व्याप्त है तब तक मुझे नहीं लगता है कि सही मायने में इस देश का यह समाज का विकास हो पाएगा

bharat ki vyavastha is kadar jad bana chuka hai ki isko samapt karna bahut mushkil kaam lagta hai magar isko samapt hona hi chahiye jati vyavastha ko samapt karne ka ekmatra upay hai vikas jab jati aur dharm se upar uthakar vikas ka karya hoga toh ya jati vyavastha dhire dhire sota hi samapt ho jayegi jab tak raajneeti mein jati dharm ityadi shabdon ka prayog hota rahega tab tak yah jati vyavastha kisi bhi prakar se samapt nahi kiya ja sakta hai darasal yah jati shabd ek aisa shabd hai jisse raajneta apne apne swarth ki rotiyan sekte hai aur yahi karan hai ki samaj kai bhaagon mein badhta ja raha hai mere anusaar jati vyavastha netaon dwara failai gayi ek jaal hai jo apne swarth ki roti sekne ke liye inka prayog kar samaj ko alag alag group mein ya alag alag hisson mein baantne ka karya kar raha hai jab samaj ko sahi disha nirdesh sahi vikas sahi shiksha yah saree cheezen milani shuru ho jayegi tu jati vyavastha dhire dhire samapt ho jayegi ya vyavastha sirf jaahil logo mein jyadatar ja hi logo mein hi yah dekhne ko mil rahi hai jo viksit hai ya jo sarkari sewaon mein hai jo sarkari sewaon ka labh le rahe hai is dakiyanusi cheez se bahut dur hai ve jati vyavastha yah saree chijon ko nahi maante hai jati aur dharm mein wahi logo likhe hue hai jo berozgaar hai ya jo rajnetao dwara mohra bana diye the kyonki yahi vaah vyavastha hai jisse rajnetao ko apne swarth ki roti se karne mein madad mil rahi hai agar vaah aisa na kare ya samaj ka har varg jagruk ho jaaye vikas ke vishay mein sochna shuru kar de toh ya jati vyavastha sota hi samapt hogi magar rajnetao ki yah jhuthi chatukarita aur bharam felane yah sab samapt ho jaega aur sahi maayne mein vikas hoga hamare anusaar ek jati aur dharm hi ek aisa vishay hai jo bharatiya samaj ko vikas se koson dur peeche ki taraf lekar ja raha hai jab vyakti ya samaj jati aur dharm ke vishay mein sochna chod kar apne vikas aur de ke vikas mein sochna shuru kar dega yah rajnetao ki mansha dharee ki dharee reh jayegi aur tab sahi my name is paridhi ka sukha magar jab tak yah vyavastha jab tak yah durbhavana samaj mein vyapt hai tab tak mujhe nahi lagta hai ki sahi maayne mein is desh ka yah samaj ka vikas ho payega

भारत की व्यवस्था इस कदर जड़ बना चुका है कि इसको समाप्त करना बहुत मुश्किल काम लगता है मगर इ

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Sa Sha

Journalist since 1986

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे देश में जाति व्यवस्था एक ऐसी समस्या है जिसकी जड़ें बहुत गहरी है मौजूदा समय में जाति व्यवस्था को खत्म करने की सोच अपने आप में बेईमानी है क्योंकि इस समय जातिगत विभेद चरम पर है आम तौर पर जब हम जातिवाद की बात करती हैं तो केवल हिंदू धर्म में व्याप्त जातिगत व्यवस्था की ही चर्चा होती है लेकिन सच्चाई यह है कि सभी धर्मों में जातिगत व्यवस्था है फिर चाहे वह हिंदू हो मुस्लिम या शीट इसलिए हमारे भारतीय समाज में सवर्ण दलित अगली पिछली जाति का विभेद है इस विवेक का लाभ राजनीतिक पार्टियां जमकर उठाती है अपनी अपनी रोटी सेकने के लिए जातिगत राजनितिक पार्टिया तक बना ली गई है भाजपा से लेकर बसपा का रिजल्ट गोरखा मोर्चा मुक्ति भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग तक पार्टियों का नाम भले ही कुछ हो लेकिन राजनीति पर अपने क्षेत्र की जाति समीकरण के आधार पर ही करती है फिर पर लालू की पार्टी हो या मुलायम अजीत सिंह की जाति के आधार पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए भी कभी नहीं चाहेंगे कि जात पात की व्यवस्था का लोहिया के जमाने में पथरी हटाने का चलन शुरू हुआ था पर इससे कोई खास बात बनी नहीं उनका मानना था कि समुदायों के बीच रोटी बेटी का संबंध नहीं बनता तब तक जाति व्यवस्था समाप्त नहीं होगी अंतरजातीय विवाह एक तरीका हो सकता है लेकिन सोने नहीं दिया जाएगा अंतरजातीय विवाह के खिलाफ खाप पंचायत लव जिहाद जैसी व्यवस्था शुरू हुई और उसके लिंग का संक्रमण आज पूरे देश में फैल गया है

hamare desh mein jati vyavastha ek aisi samasya hai jiski jaden bahut gehri hai maujuda samay mein jati vyavastha ko khatam karne ki soch apne aap mein baimani hai kyonki is samay jaatigat vibhed charam par hai aam taur par jab hum jaatiwad ki baat karti hain toh keval hindu dharm mein vyapt jaatigat vyavastha ki hi charcha hoti hai lekin sacchai yah hai ki sabhi dharmon mein jaatigat vyavastha hai phir chahen vaah hindu ho muslim ya sheet isliye hamare bharatiya samaj mein savarn dalit agli pichali jati ka vibhed hai is vivek ka labh raajnitik partyian jamakar uthaati hai apni apni roti sekne ke liye jaatigat rajnitik partiya tak bana li gayi hai bhajpa se lekar BSP ka result gorkha morcha mukti bharatiya union muslim league tak partiyon ka naam bhale hi kuch ho lekin raajneeti par apne kshetra ki jati samikaran ke aadhaar par hi karti hai phir par lalu ki party ho ya mulayam ajit Singh ki jati ke aadhaar par apni raajnitik rotiyan sekne ke liye bhi kabhi nahi chahenge ki jaat pat ki vyavastha ka lohiya ke jamane mein pathari hatane ka chalan shuru hua tha par isse koi khaas baat bani nahi unka manana tha ki samudayo ke beech roti beti ka sambandh nahi banta tab tak jati vyavastha samapt nahi hogi antarjaatiye vivah ek tarika ho sakta hai lekin sone nahi diya jaega antarjaatiye vivah ke khilaf khaap panchayat love jihad jaisi vyavastha shuru hui aur uske ling ka sankraman aaj poore desh mein fail gaya hai

हमारे देश में जाति व्यवस्था एक ऐसी समस्या है जिसकी जड़ें बहुत गहरी है मौजूदा समय में जाति

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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है यहां डिस्कस करने से ज्यादा व्यवस्था समाप्त होने वाली तो नहीं है मेरा पर्सनल...

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है पर साथ ही साथ में बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव है इसके ऊपर एक ही...

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