क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कोई कठोर कदम उठा रही है?...


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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

2:21

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कोई कदम उठा रही है सरकार भारतीय शिक्षा को फिर करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना है आयोग ने जिन बातों को उल्लेख किया है उन पर अमल करना होगा तभी भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है प्राथमिक शिक्षा में अंग्रेजी विषय को अनिवार्य करना चाहिए तथा साथ ही साथ अन्य भारतीय भाषाओं को भी पहनना चाहिए हिंदी भाषा में शिक्षा से लागू किया जाए प्रत्येक राज्य में हिंदी को तो अवश्य तथा साथ ही साथ एक स्थानीय भाषा को भी करानी है आज विज्ञान का युग है विज्ञान को भी छात्रों को प्राथमिक स्तर से शिक्षा देनी चाहिए साथ ही साथ गणित पर ही जोर देना चाहिए क्योंकि इससे मानसिक विकास होता है आज संस्कृत ज्योतिष का ज्ञान इतना जरूरी नहीं है जितना कि विज्ञान का ज्ञान क्योंकि आज विज्ञान एवं तकनीक का योग है यदि हम विज्ञान बड़ा शिक्षा प्रदान करेंगे और सबसे बड़ी बात है कि हमें शिक्षा व्यवस्था में इस तरह के पाठ का नाम है जो कि व्यवसायिक स्तर पर हमारे लिए उपयोगी शिक्षा में व्यवसायिक पाठ्यक्रम और सोनी चाहिए इतिहास भूगोल बच्चों का विकास नहीं होगा या उन्हें व्यावसायिक पाठ्यक्रम द्वारा व्यवसाय था जिसके बाद में सरकारी नौकरियां प्राइवेट में कर सकें और अपने फल के अनुसार अपना कैटरीना छोटे का अखाड़ा नहीं लगा सकते हैं शिक्षा वही उपयोगी है जो व्यक्ति के काम आए ऐसी शिक्षा से क्या फायदा जो शिर्डी ले लिया जाए और जिसका दैनिक जीवन में कोई उपयोग ना हो आप मेरी बात को समझ गए होंगे आशा है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai kya sarkar apne desh ki shiksha sthar ko majboot banane ke liye koi kadam utha rahi hai sarkar bharatiya shiksha ko phir karne ke liye aavashyak kadam utha rahi hai shiksha vyavastha me sudhaar karna hai aayog ne jin baaton ko ullekh kiya hai un par amal karna hoga tabhi bharatiya shiksha vyavastha me sudhaar laya ja sakta hai prathmik shiksha me angrezi vishay ko anivarya karna chahiye tatha saath hi saath anya bharatiya bhashaon ko bhi pahanna chahiye hindi bhasha me shiksha se laagu kiya jaaye pratyek rajya me hindi ko toh avashya tatha saath hi saath ek sthaniye bhasha ko bhi karani hai aaj vigyan ka yug hai vigyan ko bhi chhatro ko prathmik sthar se shiksha deni chahiye saath hi saath ganit par hi jor dena chahiye kyonki isse mansik vikas hota hai aaj sanskrit jyotish ka gyaan itna zaroori nahi hai jitna ki vigyan ka gyaan kyonki aaj vigyan evam taknik ka yog hai yadi hum vigyan bada shiksha pradan karenge aur sabse badi baat hai ki hamein shiksha vyavastha me is tarah ke path ka naam hai jo ki vyavasayik sthar par hamare liye upyogi shiksha me vyavasayik pathyakram aur sony chahiye itihas bhugol baccho ka vikas nahi hoga ya unhe vyavasayik pathyakram dwara vyavasaya tha jiske baad me sarkari naukriyan private me kar sake aur apne fal ke anusaar apna katrina chote ka akhada nahi laga sakte hain shiksha wahi upyogi hai jo vyakti ke kaam aaye aisi shiksha se kya fayda jo shirdi le liya jaaye aur jiska dainik jeevan me koi upyog na ho aap meri baat ko samajh gaye honge asha hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कोई कदम उठ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आपका जो सवाल है क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कोई कठोर कदम उठा रही है बिल्कुल नहीं मैं तो फिर से दोहराना चाहूंगा बिल्कुल नहीं हमारी सरकार या किसी भी राज्य की सरकारें जो है वह शिक्षा के लिए कोई भी कठोर कदम नहीं उठा रही है क्योंकि भारत के लोकतंत्र में अगर शिक्षा व्यवस्था सुधर जाए तो लूटपाट जो राजनीतिक गलियारों में होता है वह बिल्कुल बंद हो जाएगा और इसके लिए कोई भी नेता निकट भविष्य में भी मुझे तैयार नहीं दिख रहा है जिस वजह से आप यह मानकर चलें कि आने वाले तकरीबन 100 सालों तक अगर हम जागरूक नहीं हुए तो हम यानी आम जनता इस चीज को अगर नहीं समझी तो शिक्षा व्यवस्था कंपेरटिवली जो वर्ल्ड में जिस तरीके के जो डेवलप्ड नेशंस है जहां पर शिक्षा व्यवस्था काफी उत्तम क्वालिटी की है उसके कॉम हमारी शिक्षा व्यवस्था काफी दादागिरी हुई मिलेगी

ji aapka jo sawaal hai kya sarkar apne desh ki shiksha sthar ko majboot banane ke liye koi kathor kadam utha rahi hai bilkul nahi main toh phir se doharana chahunga bilkul nahi hamari sarkar ya kisi bhi rajya ki sarkaren jo hai vaah shiksha ke liye koi bhi kathor kadam nahi utha rahi hai kyonki bharat ke loktantra me agar shiksha vyavastha sudhar jaaye toh lutpat jo raajnitik galiyaro me hota hai vaah bilkul band ho jaega aur iske liye koi bhi neta nikat bhavishya me bhi mujhe taiyar nahi dikh raha hai jis wajah se aap yah maankar chalen ki aane waale takareeban 100 salon tak agar hum jagruk nahi hue toh hum yani aam janta is cheez ko agar nahi samjhi toh shiksha vyavastha kamperativali jo world me jis tarike ke jo developed nations hai jaha par shiksha vyavastha kaafi uttam quality ki hai uske com hamari shiksha vyavastha kaafi dadagiri hui milegi

जी आपका जो सवाल है क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कोई कठोर कदम उ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अक्षय क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कठोर कदम उठा रही है बता रहा है हमारे हिसाब से तो गवर्नमेंट को इतना कठोर कदम नहीं उठा रही है जिससे कैसे चेक करें गवर्नमेंट ने क्या कर दिया है 1 साल तक के बच्चे आ जाएंगे चेमप्लांट चाहे या ना चाहे पास हो जाएंगे बोर्ड एग्जाम आता है बाद में उसने बच्चे थोड़ी ना पागल आ गए क्या तेरे पास हो जाता है उसके बाद में क्या मेमोरी में चंदा कहां से आएगी ज्यादा पढ़ने की 14 तक तुम पास हो जाओ पास हो जाओ करते रहे अजय देखने से चिकित्सा थोड़ी ना पड़ेगा ऐसे तो हाईस्कूल और इंटर कर लेंगे बाद में क्या होता है कि स्कूल आ गया है बोर्ड एग्जाम है पढ़ो पढ़ो जब अभी तक उन्होंने कभी लड़ नहीं नहीं किया तो क्या विचार करेंगे बच्चों की गलती थोड़ी ना खुद गलती है

akshay kya sarkar apne desh ki shiksha sthar ko majboot banane ke liye kathor kadam utha rahi hai bata raha hai hamare hisab se toh government ko itna kathor kadam nahi utha rahi hai jisse kaise check kare government ne kya kar diya hai 1 saal tak ke bacche aa jaenge chemaplant chahen ya na chahen paas ho jaenge board exam aata hai baad me usne bacche thodi na Pagal aa gaye kya tere paas ho jata hai uske baad me kya memory me chanda kaha se aayegi zyada padhne ki 14 tak tum paas ho jao paas ho jao karte rahe ajay dekhne se chikitsa thodi na padega aise toh highschool aur inter kar lenge baad me kya hota hai ki school aa gaya hai board exam hai padho padho jab abhi tak unhone kabhi lad nahi nahi kiya toh kya vichar karenge baccho ki galti thodi na khud galti hai

अक्षय क्या सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए कठोर कदम उठा रही है बता रहा

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मनोज राम

सामाजिक कार्यकर्ता

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते मानने वाले को सारी सरकारी आई और वह सारे सरकारी गए किंतु हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था में कुछ खास फर्क नहीं पड़ा है कुछ ही नाममात्र की सुविधाएं और उसमें सुधार हुए हैं सरकार अपने देश की शिक्षा स्तर को मजबूत बनाने के लिए क्या कठोर कदम उठा रही है या नहीं उठा रही है क्या मायने नहीं रखती है मायने रखती है कि देश की जनता अपने अपने कर्तव्यों का कितना पालन कर रही है अगर देश की जनता अपने अपने कर्तव्यों का पालन करें एक आदर्श नागरिक बनकर देश की विभिन्न समस्याओं के खिलाफ बोले लिखें तो मुझे लगता है कि देश की समस्या है चाहे वह शिक्षा हो या कोई अन्य विभाग उसमें अवश्य सुधार आएगा वह अवश्य बेहतर होगी इसके लिए हम लोगों को ही प्रयास करना होगा तभी विभिन्न राजनीतिक दलों का दबाव बनेगा यह सिर्फ भाषण बाजी करने से डरेंगे वाकई में हुए काम की तरह तत्पर होंगे जब तक हम जवाब नहीं देंगे जब तक हम विरोध नहीं करेंगे जब तक हम एक आदर्श नागरिक होने के कर्तव्यों का पालन नहीं करेंगे तब तक हमारे देश में व्यवस्थाएं आना असंभव है इसलिए कृपया करके एक आदर्श नागरिक बनी है और अपने अपने कर्तव्यों का पालन कीजिए धन्यवाद जय भारत

namaste manne waale ko saari sarkari I aur vaah saare sarkari gaye kintu hamare desh ki shiksha vyavastha me kuch khas fark nahi pada hai kuch hi naammatra ki suvidhaen aur usme sudhaar hue hain sarkar apne desh ki shiksha sthar ko majboot banane ke liye kya kathor kadam utha rahi hai ya nahi utha rahi hai kya maayne nahi rakhti hai maayne rakhti hai ki desh ki janta apne apne kartavyon ka kitna palan kar rahi hai agar desh ki janta apne apne kartavyon ka palan kare ek adarsh nagarik bankar desh ki vibhinn samasyaon ke khilaf bole likhen toh mujhe lagta hai ki desh ki samasya hai chahen vaah shiksha ho ya koi anya vibhag usme avashya sudhaar aayega vaah avashya behtar hogi iske liye hum logo ko hi prayas karna hoga tabhi vibhinn raajnitik dalon ka dabaav banega yah sirf bhashan baazi karne se darenge vaakai me hue kaam ki tarah tatpar honge jab tak hum jawab nahi denge jab tak hum virodh nahi karenge jab tak hum ek adarsh nagarik hone ke kartavyon ka palan nahi karenge tab tak hamare desh me vyavasthaen aana asambhav hai isliye kripya karke ek adarsh nagarik bani hai aur apne apne kartavyon ka palan kijiye dhanyavad jai bharat

नमस्ते मानने वाले को सारी सरकारी आई और वह सारे सरकारी गए किंतु हमारे देश की शिक्षा व्यवस्थ

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