कर्म के लिए क्या पूजा पाठ करना भी ज़रूरी होता है?...


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पूजा पाठ करना मन की शांति के लिए पूजा शायरी हमारे अच्छे बुरे थे पूजा-पाठ किया जाए यह करना मनुष्य की इच्छा हो उसके मन को एक करने से शांति मिलती हो उसे अवश्य करना चाहिए

puja path karna man ki shanti ke liye puja shaayari hamare acche bure the puja path kiya jaaye yah karna manushya ki iccha ho uske man ko ek karne se shanti milti ho use avashya karna chahiye

पूजा पाठ करना मन की शांति के लिए पूजा शायरी हमारे अच्छे बुरे थे पूजा-पाठ किया जाए यह करना

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कर्म के लिए पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है जी हां कर्म के लिए पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है कर्म और पूजा कर्म और धर्म दोनों एक पहलू के 2 सिक्के हैं अगर आप कर्म को तवज्जो देते हैं तो आपको धर्म को तवज्जो देनी पड़ेगी अगर धर्म को तवज्जो देते हैं तो कर्म को तवज्जो देनी पड़ेगी अगर आप दो में से एक को भी छोड़ते हैं तो आपके जीवन आपका जीवन चलने वाला नहीं है वह सुन में बदलने वाला है एक उदाहरण का मदद तो मैं आपको समझा देना चाहता हूं एक बिल्कुल को मिटा दीजिए बिल्कुल से एक का सिक्के को मिटा दीजिए उज्जैन आना पड़ेगा कि हां कुछ बना हुआ था सामने वाला जान रहा है जहां पर चलाने जाएंगे दिन के उजाले में चलाइए गा सामने वाले जान रहा है कि हां एक का दो का सिक्का पांच का सिक्का है 10 का सिक्का है पूजा

karm ke liye puja path karna bhi zaroori hota hai ji haan karm ke liye puja path karna bhi zaroori hota hai karm aur puja karm aur dharm dono ek pahaloo ke 2 sikke hain agar aap karm ko tavajjo dete hain toh aapko dharm ko tavajjo deni padegi agar dharm ko tavajjo dete hain toh karm ko tavajjo deni padegi agar aap do me se ek ko bhi chodte hain toh aapke jeevan aapka jeevan chalne vala nahi hai vaah sun me badalne vala hai ek udaharan ka madad toh main aapko samjha dena chahta hoon ek bilkul ko mita dijiye bilkul se ek ka sikke ko mita dijiye ujjain aana padega ki haan kuch bana hua tha saamne vala jaan raha hai jaha par chalane jaenge din ke ujale me chalaiye jaayega saamne waale jaan raha hai ki haan ek ka do ka sikka paanch ka sikka hai 10 ka sikka hai puja

कर्म के लिए पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है जी हां कर्म के लिए पूजा पाठ करना भी जरूरी होता

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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

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मैं आपको बता दूं कर्म के लिए पूजा पाठ करना जरूरी है पूजा पाठ ईश्वर को याद करने का एक माध्यम अब प्रश्न उठता है आप इस पर कोई याद तो करें क्या यह कर्म में जरूरी है इस पर कोई याद करता हूं मैं आपको बता दूं कि इस माता-पिता ने आप को जन्म दिया उस माता-पिता को याद करना लालन पालन करना उस माता-पिता से प्यार करना क्या आपका कर्म नहीं है अगर आपका वह कर्म है ईश्वर तो सारे मानव के इस जगत के पिता माता पिता आपका कर्म नहीं बनता है उस ईश्वर को याद करें इसलिए पूजा-पाठ एक ईश्वर को याद करने की माध्यम है आप पूजा पाठ के माध्यम से ईश्वर को थोड़ा समय निकालकर जाता है निश्चित रूप से अपने दैनिक नित्यक्रम में उसको जुड़े इस तरह भोजन करते हैं आप बाथरूम मिट जाते हैं अपना नृत्य करते हैं उसी तरह ईश्वर को विनीत जरूर याद करें धन्यवाद

main aapko bata doon karm ke liye puja path karna zaroori hai puja path ishwar ko yaad karne ka ek madhyam ab prashna uthata hai aap is par koi yaad toh kare kya yah karm me zaroori hai is par koi yaad karta hoon main aapko bata doon ki is mata pita ne aap ko janam diya us mata pita ko yaad karna lalan palan karna us mata pita se pyar karna kya aapka karm nahi hai agar aapka vaah karm hai ishwar toh saare manav ke is jagat ke pita mata pita aapka karm nahi banta hai us ishwar ko yaad kare isliye puja path ek ishwar ko yaad karne ki madhyam hai aap puja path ke madhyam se ishwar ko thoda samay nikalakar jata hai nishchit roop se apne dainik nityakram me usko jude is tarah bhojan karte hain aap bathroom mit jaate hain apna nritya karte hain usi tarah ishwar ko vineet zaroor yaad kare dhanyavad

मैं आपको बता दूं कर्म के लिए पूजा पाठ करना जरूरी है पूजा पाठ ईश्वर को याद करने का एक माध्

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कर्म के लिए क्या पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है देखिए जो इंसान पूजा पाठ करना हमारा कर्तव्य है ऐसा सोचकर जो पूजा करते हैं और शास्त्र विधि अनुसार पूजा करते हैं और अपना दृष्टि अंदर फल को ना चाह कर पूजा करते हैं वह जरूरी होता है वह पूजा असली होता है और जो इंसान अपने अंदर अपनी दृष्टि अंदर फल को चाह कर फल को रखकर अपने मन अंदर जो पूजा पाठ करता है और अपने काम के बदले में पैसा मांगता है मतलब पूजा के बदले में कोई कार्य मंगता है कोई भी सुख-दुख मांगता है वह असली पूजा नहीं होता क्योंकि वह बदले में पूजा कर रहे हैं इंसान को सच्चा कर्म करना चाहिए सच्चा रास्ते में चलना चाहिए वह सच्चा कर्म करने से ही सबसे बड़ा पूजा कहलाता है कर्म ही पूजा है इंसान को एक दूसरे का मदद करना एक दूसरे का हेल्पर करना एक-दूसरे का आदर संस्कार करना माता व पिता गुरुजनों का सेवा करना और सभी जीव जंतु को अपना एक समान देखना जो हमारे लिए भोजन बनाए हैं शाकाहारी उसको खाना और नशा पदार्थ नहीं करना एक दूसरे से लड़ाई झगड़ा नहीं करना सबके सम्मान करना और सभी के साथ शांत स्वभाव से बातें करना और तत्वज्ञान को अपने हृदय में प्रवेश करना सूक्ष्म अज्ञान को अपने हृदय में प्रवेश करना सत्य ज्ञान को एक दूसरे को बताना झूठ कभी नहीं बोलना अपने मन अंदर लालची नहीं करना कठोरता अहंकार घमंड नहीं करना अपने अंदर कपट नहीं रखना एक दूसरे के खिलाफ जारी चुगली नहीं करना दुखों और आसमान में अपने मन को समाधान करके रखना एक दूसरे का निंदा नहीं करना इसी प्रकार से सत्य कर्म करने से सबसे बड़ा पूजा कहलाता है और इंसान के अंतिम दिनों में यह अमृत के समान फल मिलता है फल देता है परमात्मा ने ठीक है धन्यवाद भाई

karm ke liye kya puja path karna bhi zaroori hota hai dekhiye jo insaan puja path karna hamara kartavya hai aisa sochkar jo puja karte hain aur shastra vidhi anusaar puja karte hain aur apna drishti andar fal ko na chah kar puja karte hain vaah zaroori hota hai vaah puja asli hota hai aur jo insaan apne andar apni drishti andar fal ko chah kar fal ko rakhakar apne man andar jo puja path karta hai aur apne kaam ke badle me paisa mangta hai matlab puja ke badle me koi karya mangata hai koi bhi sukh dukh mangta hai vaah asli puja nahi hota kyonki vaah badle me puja kar rahe hain insaan ko saccha karm karna chahiye saccha raste me chalna chahiye vaah saccha karm karne se hi sabse bada puja kehlata hai karm hi puja hai insaan ko ek dusre ka madad karna ek dusre ka helper karna ek dusre ka aadar sanskar karna mata va pita gurujanon ka seva karna aur sabhi jeev jantu ko apna ek saman dekhna jo hamare liye bhojan banaye hain shakahari usko khana aur nasha padarth nahi karna ek dusre se ladai jhagda nahi karna sabke sammaan karna aur sabhi ke saath shaant swabhav se batein karna aur tatwagyan ko apne hriday me pravesh karna sukshm agyan ko apne hriday me pravesh karna satya gyaan ko ek dusre ko batana jhuth kabhi nahi bolna apne man andar lalchi nahi karna kathorata ahankar ghamand nahi karna apne andar kapat nahi rakhna ek dusre ke khilaf jaari chugli nahi karna dukhon aur aasman me apne man ko samadhan karke rakhna ek dusre ka ninda nahi karna isi prakar se satya karm karne se sabse bada puja kehlata hai aur insaan ke antim dino me yah amrit ke saman fal milta hai fal deta hai paramatma ne theek hai dhanyavad bhai

कर्म के लिए क्या पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है देखिए जो इंसान पूजा पाठ करना हमारा कर्तव्य

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प्रश्न है कर्मी के लिए क्या पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है दीदी रंगकर्म के लिए पूजा पाठ करना बनाया जाता है परिश्रम से बनाया जाता है बिना हाथ से बनाया जाता है करवा दी मां फलेषु कदाचन आसक्त कर्म करिए करण प्रति कोई विराज भट्ट

prashna hai karmi ke liye kya puja path karna bhi zaroori hota hai didi rangakarm ke liye puja path karna banaya jata hai parishram se banaya jata hai bina hath se banaya jata hai karva di maa faleshu kadachan asakt karm kariye karan prati koi viraaj bhatt

प्रश्न है कर्मी के लिए क्या पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है दीदी रंगकर्म के लिए पूजा पाठ कर

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आपका प्रश्न है कर्म के लिए क्या पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है तो मेरी दृष्टि में सर मैं के लिए पूजा पाठ बिल्कुल भी जरूरी नहीं है आज का युग कलयुग का योग है अब कलयुग में जी रहे हैं और आज के कलयुग में हमारा कर्म ही सबसे बड़ा आधार होता है जो हम स्वयं बनाते हैं अच्छे कर्म या बुरे करना आज के कलयुग के वातावरण में क्या हुआ और अनाचार फैल रहा है पाप बढ़ रहा है खून खराबा पड़ रहा है क्या यह पूजा पाठ करने से समाप्त हो जाएगा नहीं यह समाप्त नहीं हो सकता बल्कि और नेत्र दिन बढ़ते जा रहा है हमें मनुष्य को अपने कर्म को सबसे श्रेष्ठ बनाना चाहिए पूजा-पाठ अगर पूजा पाठ से कुछ हासिल हो जाता तो आज हमारे भारतवर्ष में कभी भी किसी के साथ अनाचार नहीं होता खून खराबा नहीं होता सब शांति से रहते पर ऐसा संभव नहीं है पूजा-पाठ हम अपने मन को बहलाने के लिए या मन को धड़क बनाने के लिए यह डर में करते हैं कि अगर हम आज पूजा पाठ नहीं करेंगे तो हो सकता है कि कल कुछ हो जाए हमारे साथ रहता नहीं है हमारा कर्म ही सबसे बड़ा पूजा-पाठ है और हमें कर्म का ही पूजा करना चाहिए धन्यवाद

aapka prashna hai karm ke liye kya puja path karna bhi zaroori hota hai toh meri drishti me sir main ke liye puja path bilkul bhi zaroori nahi hai aaj ka yug kalyug ka yog hai ab kalyug me ji rahe hain aur aaj ke kalyug me hamara karm hi sabse bada aadhar hota hai jo hum swayam banate hain acche karm ya bure karna aaj ke kalyug ke vatavaran me kya hua aur anachar fail raha hai paap badh raha hai khoon kharaaba pad raha hai kya yah puja path karne se samapt ho jaega nahi yah samapt nahi ho sakta balki aur netra din badhte ja raha hai hamein manushya ko apne karm ko sabse shreshtha banana chahiye puja path agar puja path se kuch hasil ho jata toh aaj hamare bharatvarsh me kabhi bhi kisi ke saath anachar nahi hota khoon kharaaba nahi hota sab shanti se rehte par aisa sambhav nahi hai puja path hum apne man ko bahlane ke liye ya man ko dhadak banane ke liye yah dar me karte hain ki agar hum aaj puja path nahi karenge toh ho sakta hai ki kal kuch ho jaaye hamare saath rehta nahi hai hamara karm hi sabse bada puja path hai aur hamein karm ka hi puja karna chahiye dhanyavad

आपका प्रश्न है कर्म के लिए क्या पूजा पाठ करना भी जरूरी होता है तो मेरी दृष्टि में सर मैं

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Kanta Jhanwar

Self Employed

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जय किशन मौर्य

टेलर मास्टर

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Ruhi Khan

production engg

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कर्म के लिए पूजा पाठ से ज्यादा जरूरी है कि हम अच्छी प्लानिंग अच्छी तस्वीर करें क्योंकि कुरान में यही लगता है कि जब किसी काम को करने का इरादा हो तो खूब सोच समझकर अच्छी तस्वीर अच्छी पुरानी करो उसके बाद फिर ईश्वर पर भरोसा करो तो यह सारा इंपॉर्टेंट है और अपना काम ईमानदारी से करें मेहनत से करें यह इंपोर्टेंट है यह उसी यह सब करना उसकी पूजा कहलाती है यही उस वक्त जी पूजा है एवं ईमानदारी के साथ और मेहनत लगन के साथ करें लेकिन ईश्वर पर रख करें और ऐसा पर यकीन करते हुए हम अच्छी तस्वीर अच्छी पाने की

karm ke liye puja path se zyada zaroori hai ki hum achi planning achi tasveer kare kyonki quraan me yahi lagta hai ki jab kisi kaam ko karne ka irada ho toh khoob soch samajhkar achi tasveer achi purani karo uske baad phir ishwar par bharosa karo toh yah saara important hai aur apna kaam imaandaari se kare mehnat se kare yah important hai yah usi yah sab karna uski puja kahalati hai yahi us waqt ji puja hai evam imaandaari ke saath aur mehnat lagan ke saath kare lekin ishwar par rakh kare aur aisa par yakin karte hue hum achi tasveer achi paane ki

कर्म के लिए पूजा पाठ से ज्यादा जरूरी है कि हम अच्छी प्लानिंग अच्छी तस्वीर करें क्योंकि कुर

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कर्म करने के लिए पूजा-पाठ की जरूरत नहीं है अपने कर्म को सही करना ऊपर वाले की नजर में आपकी नजर में कानून की नजर में समाज की नजर बड़ी पूजा है कर्म ही पूजा है सही करना पूजा

karm karne ke liye puja path ki zarurat nahi hai apne karm ko sahi karna upar waale ki nazar me aapki nazar me kanoon ki nazar me samaj ki nazar badi puja hai karm hi puja hai sahi karna puja

कर्म करने के लिए पूजा-पाठ की जरूरत नहीं है अपने कर्म को सही करना ऊपर वाले की नजर में आपकी

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