इस देश में राष्ट्रपति शासन ही लागू कर देना चाहिये?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यस इस बात का मैं भी आप का समर्थक इस देश में व्हाट्सएप की शासन हो जाए तो ज्यादा बेहतर होगा बजाय राजनीतिक दलों में के समय में जो शासन व्यवस्था को नहीं कह सकते हैं क्योंकि आपाधापी का मकान बना हुआ है चारों पद्धति स्वार्थी लालची ओं की पीड़ा को दिखाई दे सकती है जो अपना बनाकर बनाने में लगे हुए किसी का ध्यान गरीबी क्यों नहीं है इसी को ध्यान में रख गाड़ी की ओर नहीं है किसी का ध्यान हमारी युवा पीढ़ियों को के बेरोजगार हो जाने पर भी किसी को चारों दफ्तर नहीं आता है मुझे किसान किसान पाइप लाइन कर रहा है एकदम बातों में बच्चा नहीं की है लेकिन राजनीति के भरोसे आपकी सोच है देश में फंसा दिया जाए वह शायद संभव नहीं हैं इन सारे राजनीतिक जामुन मारुति जवाब दे मथुरा देवी की मानता हूं देश के लाखों पाए जाते हैं संविधान कब आ रहे हैं जो देश का सम्मान करते हैं जिनमें खुदगर्जी और लालच नहीं है ऐसी शक्ति आदरणीय नाम है नंबर 1 हार्दिक योगी नाथ जी नंबर दो मोदी जी नंबर 3 अमित शाह जैसे गीत 23 नाम है बाकी चार और आप देख रहे हैं जो वातावरण अब आपसे छुपा हुआ नहीं है चाहे वह पार्टियां पार्टियों में देखते हैं पॉलीटिकल पार्टीज में ब्रांड नई नहीं है लेकिन शराब की पुरानी हैं वहीं स्वार्थी खुदगर्जी लालची लालच की भावना चारों ओर दिखाई देती है सबका की बुक डीपीएसपटना दिखाई देता है

Yes is baat ka main bhi aap ka samarthak is desh me whatsapp ki shasan ho jaaye toh zyada behtar hoga bajay raajnitik dalon me ke samay me jo shasan vyavastha ko nahi keh sakte hain kyonki apadhapi ka makan bana hua hai charo paddhatee swaarthi lalchi on ki peeda ko dikhai de sakti hai jo apna banakar banane me lage hue kisi ka dhyan garibi kyon nahi hai isi ko dhyan me rakh gaadi ki aur nahi hai kisi ka dhyan hamari yuva peedhiyon ko ke berozgaar ho jaane par bhi kisi ko charo daftaar nahi aata hai mujhe kisan kisan pipe line kar raha hai ekdam baaton me baccha nahi ki hai lekin raajneeti ke bharose aapki soch hai desh me fansa diya jaaye vaah shayad sambhav nahi hain in saare raajnitik jamun maaruti jawab de mathura devi ki maanta hoon desh ke laakhon paye jaate hain samvidhan kab aa rahe hain jo desh ka sammaan karte hain jinmein khudagarji aur lalach nahi hai aisi shakti adaraniya naam hai number 1 hardik yogi nath ji number do modi ji number 3 amit shah jaise geet 23 naam hai baki char aur aap dekh rahe hain jo vatavaran ab aapse chupa hua nahi hai chahen vaah partyian partiyon me dekhte hain political parties me brand nayi nahi hai lekin sharab ki purani hain wahi swaarthi khudagarji lalchi lalach ki bhavna charo aur dikhai deti hai sabka ki book dipiesapatana dikhai deta hai

यस इस बात का मैं भी आप का समर्थक इस देश में व्हाट्सएप की शासन हो जाए तो ज्यादा बेहतर होगा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप किस देश की बात कर रहे हैं कृपया कर यह बताएं उसके बाद से राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए नहीं करना चाहिए यह तो आप पर डिपेंड नहीं करता यह तो मई 9 का संविधान में सब लिखा हुआ है सब कानून कानून में सब चीज है कि आप नहीं दिखा सकते कि राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए कि नहीं

aap kis desh ki baat kar rahe hain kripya kar yah bataye uske baad se rashtrapati shasan laagu karna chahiye nahi karna chahiye yah toh aap par depend nahi karta yah toh may 9 ka samvidhan me sab likha hua hai sab kanoon kanoon me sab cheez hai ki aap nahi dikha sakte ki rashtrapati shasan laagu karna chahiye ki nahi

आप किस देश की बात कर रहे हैं कृपया कर यह बताएं उसके बाद से राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए

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PKS

Assistant Professor, Dept Of History

4:06

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्तों प्रश्न है इस देश में राष्ट्रपति राष्ट्रपति शासन ही लागू कर देना चाहिए दिखे भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्र राष्ट्रपति के अधिकार और कर्तव्य निश्चित किया गया है और राष्ट्रपति को राष्ट्रपति को दो तरह के अधिकार दे गया दिए गए हैं शांति काली अधिकार तथा संकटकालीन अधिकार तो आपका प्रश्न है कि देश में राष्ट्रपति शासन ही लागू कर देना चाहिए तो राष्ट्रपति शासन कब लागू किया जाता है या भारत के राष्ट्रपति की संकटकालीन अधिकार को आप देखेंगे तो समझ पाएंगे कि राष्ट्रपति शासन जरूरी है या नहीं तो भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रपति को संकटकालीन अधिकार से संबंधित राष्ट्रपति तीन स्थितियों में संकटकालीन स्थिति की घोषणा कर सकता है जिसे आप राष्ट्रपति शासन करते हैं तो उसकी घोषणा के लिए तीन स्थितियां जरूरी है पहला आंतरिक स्थिति या बाहरी आक्रमण की स्थिति में दूसरा है संवैधानिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में और तीसरा है आर्थिक संकट की स्थिति में तो इस तरह से राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए तीन तरह की परिस्थितियां जरूरी है आंतरिक और बाहरी आक्रमण की स्थिति में संवैधानिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में तथा आर्थिक संकट की स्थिति में अब बताइए कि क्या भारत में राष्ट्रपति शासन लगाने की योग्य स्थिति है क्या भारत में अभी आंतरिक स्थिति अत्यंत गर्दर हो गई है गिरी युद्ध हो रहा है नहीं और क्या भारत पर कोई बाहरी आक्रमण की स्थिति है नहीं है अगर आप पाकिस्तान से विवाह दिया चीन से विवाद को देख रहे हैं तो वह अभी ऐसी स्थिति नहीं है दूसरा है कि क्या भारत में कोई संवैधानिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति है तो यह भी नहीं है भारत में भी और तीसरा है कि क्या भारत में आर्थिक संकट की स्थिति है तो आर्थिक संकट की भी वैसी स्थिति नहीं है जिस परिस्थिति में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया स्थितिज गड़बड़ जरूर है जब से कोरोला हुआ है तब से भारत की स्थिति में कई तरह की परेशानियां उठ खड़ी हुई है लेकिन के सभी राष्ट्रपति शासन के लाइट नहीं है इसलिए मेरी समझ से और अब खुद विचार करेंगे तो समझ जाइए कि अभी भारत देश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की जरूरत ही नहीं है राष्ट्रपति शासन लागू करने की घोषणा की जरूरत ही नहीं है धन्यवाद

doston prashna hai is desh me rashtrapati rashtrapati shasan hi laagu kar dena chahiye dikhe bharatiya samvidhan ke anusaar rashtra rashtrapati ke adhikaar aur kartavya nishchit kiya gaya hai aur rashtrapati ko rashtrapati ko do tarah ke adhikaar de gaya diye gaye hain shanti kali adhikaar tatha sankatakalin adhikaar toh aapka prashna hai ki desh me rashtrapati shasan hi laagu kar dena chahiye toh rashtrapati shasan kab laagu kiya jata hai ya bharat ke rashtrapati ki sankatakalin adhikaar ko aap dekhenge toh samajh payenge ki rashtrapati shasan zaroori hai ya nahi toh bharatiya samvidhan ke anusaar rashtrapati ko sankatakalin adhikaar se sambandhit rashtrapati teen sthitiyo me sankatakalin sthiti ki ghoshana kar sakta hai jise aap rashtrapati shasan karte hain toh uski ghoshana ke liye teen sthitiyan zaroori hai pehla aantarik sthiti ya bahri aakraman ki sthiti me doosra hai samvaidhanik sankat utpann hone ki sthiti me aur teesra hai aarthik sankat ki sthiti me toh is tarah se rashtrapati shasan lagane ke liye teen tarah ki paristhiyaann zaroori hai aantarik aur bahri aakraman ki sthiti me samvaidhanik sankat utpann hone ki sthiti me tatha aarthik sankat ki sthiti me ab bataiye ki kya bharat me rashtrapati shasan lagane ki yogya sthiti hai kya bharat me abhi aantarik sthiti atyant gardar ho gayi hai giri yudh ho raha hai nahi aur kya bharat par koi bahri aakraman ki sthiti hai nahi hai agar aap pakistan se vivah diya china se vivaad ko dekh rahe hain toh vaah abhi aisi sthiti nahi hai doosra hai ki kya bharat me koi samvaidhanik sankat utpann hone ki sthiti hai toh yah bhi nahi hai bharat me bhi aur teesra hai ki kya bharat me aarthik sankat ki sthiti hai toh aarthik sankat ki bhi vaisi sthiti nahi hai jis paristhiti me rashtrapati shasan laagu kiya gaya stithij gadbad zaroor hai jab se corolla hua hai tab se bharat ki sthiti me kai tarah ki pareshaniya uth khadi hui hai lekin ke sabhi rashtrapati shasan ke light nahi hai isliye meri samajh se aur ab khud vichar karenge toh samajh jaiye ki abhi bharat desh me rashtrapati shasan laagu karne ki zarurat hi nahi hai rashtrapati shasan laagu karne ki ghoshana ki zarurat hi nahi hai dhanyavad

दोस्तों प्रश्न है इस देश में राष्ट्रपति राष्ट्रपति शासन ही लागू कर देना चाहिए दिखे भारतीय

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