सुप्रीम कोर्ट क्या है? यह कैसे बना? क्या सुप्रीम कोर्ट का हर फ़ैसला सही होता है?...


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Govind Saraf

Entrepreneur

1:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट को हम लोगों ने उच्च न्यायालय के आधार पर हम देखते हैं सुप्रीम कोर्ट से ट्यूशन में एक बहुत ही ऊंचा दर्जा दिया गया है न्यायालय के तौर पर जहां पर न्याय सबको परोसा जाता है जिन्हें भी दिक्कत होती है जलन सूजन होती है सुप्रीम कोर्ट के पास जाकर ने न्याय की मांग मानते हैं सबसे बड़ी बात है सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही होता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट सब उतर जाता है इमोशंस पर नहीं तो सुप्रीम कोर्ट सबूतों के आधार पर जो फैसला देता है तो वह फैसला देखने के लिए टाइम सही होता है लेकिन बहुत बार जो है सबूत कम होते हैं सबूत पहुंचा रिपीट नहीं किए जाते हैं या फिर सपूतों की कमी के वजह से सुप्रीम कोर्ट का फैसला कभी-कभी में गिनी में सुप्रीम कोर्ट का अपमान नहीं करना चाहता हूं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कभी-कभी थोड़ा सा डिफरेंस नजर आ सकता है क्योंकि इसमें गलती सुप्रीम कोर्ट कि नहीं इसमें गलती जो है सबूतों पर जो पेश की गई है वह गलती है तो पूरे सबूत नहीं पेश किए गए इसलिए सुप्रीम कोर्ट को सिर डाइव कभी-कभी थोड़ा डिफरेंट डिफरेंट देना पड़ता है तो इसमें गलती पूरी सुप्रीम कोर्ट के एक दम नहीं है और उच्च न्यायालय पर आज भी हमें भरोसा है कि पूरे देश को न्यायालय उच्च न्यायालय न्याय है न्याय देता है

supreme court ko hum logo ne ucch nyayalaya ke aadhaar par hum dekhte hain supreme court se tuition mein ek bahut hi uncha darja diya gaya hai nyayalaya ke taur par jaha par nyay sabko parosa jata hai jinhen bhi dikkat hoti hai jalan sujan hoti hai supreme court ke paas jaakar ne nyay ki maang maante hain sabse badi baat hai supreme court ka faisla sahi hota hai supreme court ka faisla ki baat yah hai ki supreme court sab utar jata hai emotional par nahi toh supreme court sabuton ke aadhaar par jo faisla deta hai toh vaah faisla dekhne ke liye time sahi hota hai lekin bahut baar jo hai sabut kam hote hain sabut pohcha repeat nahi kiye jaate hain ya phir saputon ki kami ke wajah se supreme court ka faisla kabhi kabhi mein gini mein supreme court ka apman nahi karna chahta hoon lekin supreme court ke faisle mein kabhi kabhi thoda sa difference nazar aa sakta hai kyonki isme galti supreme court ki nahi isme galti jo hai sabuton par jo pesh ki gayi hai vaah galti hai toh poore sabut nahi pesh kiye gaye isliye supreme court ko sir dive kabhi kabhi thoda different different dena padta hai toh isme galti puri supreme court ke ek dum nahi hai aur ucch nyayalaya par aaj bhi hamein bharosa hai ki poore desh ko nyayalaya ucch nyayalaya nyay hai nyay deta hai

सुप्रीम कोर्ट को हम लोगों ने उच्च न्यायालय के आधार पर हम देखते हैं सुप्रीम कोर्ट से ट्यूशन

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Markandey Pandey

Senior Journalist

2:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वास्तव में अंग्रेजों के जमाने में बना था यह पहले कोलकाता में काम करता था बाद में दिल्ली आ गया था अब तो मंदिर की वह है डेट मुझे भी ध्यान में नहीं आ रहा है और सुप्रीम कोर्ट का निर्माण हुआ धीरे धीरे का विकास नहीं हुआ चित्र को क्यों देख रहे हैं वह आजादी के बाद स्वरूप में आया था उसकी पहले अंग्रेजों के समय में धीरे धीरे हो जजों की संख्या बढ़ी हो क्या चेहरा इस करके डेवलपमेंट हुआ सुप्रीम कोर्ट निश्चित रूप से संविधान की रक्षा करने का सरकार कोई भी ऐसा कदम ना उठाए जो सब कुछ करता हूं तो बात करता हूं तो सुप्रीम कोर्ट का काम किया है अनुच्छेद आर्टिकल उसकी उम्र क्या है उसका उसकी व्याख्या क्या है उसका मतलब क्या हुआ आर्टिकल जो हमारे कंपटीशन में बनाने वाले लोगों ने बनाया और क्यों बनाया उसका मतलब क्या है उसकी उसकी व्याख्या करना भी सुप्रीम कोर्ट का कार्य है और सुप्रीम कोर्ट कार्य कर रहा है जहां पर यह सवाल है कि उसकी एक निर्णय सही होते हैं या नहीं होते हैं तो इसके कई ऐसे एग्जांपल हो सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है और फिर बाद में हुआ अपनी ही आदतों में संतुलन भी किया है जैसे कि मूल ढांचे की बातें कई बार अपने ही डिवीजन को संशोधित किया है ऊपर किया है सही होगा और अब तक तो यही देखा जाता है

vaastav mein angrejo ke jamane mein bana tha yah pehle kolkata mein kaam karta tha baad mein delhi aa gaya tha ab toh mandir ki vaah hai date mujhe bhi dhyan mein nahi aa raha hai aur supreme court ka nirmaan hua dhire dhire ka vikas nahi hua chitra ko kyon dekh rahe hain vaah azadi ke baad swaroop mein aaya tha uski pehle angrejo ke samay mein dhire dhire ho judgon ki sankhya badhi ho kya chehra is karke development hua supreme court nishchit roop se samvidhan ki raksha karne ka sarkar koi bhi aisa kadam na uthye jo sab kuch karta hoon toh baat karta hoon toh supreme court ka kaam kiya hai anuched article uski umr kya hai uska uski vyakhya kya hai uska matlab kya hua article jo hamare competition mein banane waale logo ne banaya aur kyon banaya uska matlab kya hai uski uski vyakhya karna bhi supreme court ka karya hai aur supreme court karya kar raha hai jaha par yah sawaal hai ki uski ek nirnay sahi hote hain ya nahi hote hain toh iske kai aise example ho supreme court ne aadesh diya hai aur phir baad mein hua apni hi aadaton mein santulan bhi kiya hai jaise ki mul dhanche ki batein kai baar apne hi division ko sanshodhit kiya hai upar kiya hai sahi hoga aur ab tak toh yahi dekha jata hai

वास्तव में अंग्रेजों के जमाने में बना था यह पहले कोलकाता में काम करता था बाद में दिल्ली आ

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Charan kumar bro

Data analyst at start up

0:46
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नमस्कार

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Jairam Jatav

Indian Politician

2:34

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विधायक पालिका न्यायपालिका कार्यपालिका तीन अलग-अलग देश को देश आजाद हुआ तो कौन स्टेशन है तो आपका जो है उसमें जो कानून बनेगा उसको कोई भी फोटो नीचे उसको मानेंगे संविधान के क्वेश्चन को सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट है उन्होंने कहा कि देश आजाद हुआ था अभी नहीं तो खतरा यह था कि जो पॉलिटिशन लोग नाराज में होंगे यह उनके उनके फोन को स्वतंत्र रखा गया डॉक्टर अंबेडकर को पता होता है भैया 70 साल की आजादी के बारे में हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में गिरी करेंगे इनका जो जो हाईकोर्ट के अधीन पड़ते हैं बर्फी नहीं करेंगे डीजे उनको पहले का जो नियम था जो एडवोकेट के साथ होते हैं

vidhayak palika nyaypalika karyapalika teen alag alag desh ko desh azad hua toh kaun station hai toh aapka jo hai usme jo kanoon banega usko koi bhi photo niche usko manenge samvidhan ke question ko supreme court mein highcourt hai unhone kaha ki desh azad hua tha abhi nahi toh khatra yeh tha ki jo politician log naraz mein honge yeh unke unke phone ko swatantra rakha gaya doctor ambedkar ko pata hota hai bhaiya 70 saal ki azadi ke bare mein high court supreme court mein giri karenge inka jo jo highcourt ke c padte hain barfi nahi karenge DJ unko pehle ka jo niyam tha jo advocate ke saath hote hain

विधायक पालिका न्यायपालिका कार्यपालिका तीन अलग-अलग देश को देश आजाद हुआ तो कौन स्टेशन है तो

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