भारतीय मीडिया कब खुदको बेचना बंद कर देश की गिरती हालत को संभालेगी?...


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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छा सवाल आपने पूछा क्योंकि मौजूदा जो हकीकत है उसमें यही है कि हर चैनल बताऊंगा यह बात नहीं करूंगा कौन बिका है किसने खरीदा लेकिन आप वास्तव में हकीकत देखोगे तो हर न्यूज़ के पीछे एक इंटेंशन चुकी है हर चीज के पीछे गन टेंशन यानी कि कौन सी न्यूज़ दिखानी है कौन सी नहीं यह सब पैसा डिपेंड करता है मैं तो ठीक नहीं मिला तो दिखाएंगे आप देखिए जानिए ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल हुई थी पिछले 1 महीने पहले और 10 दिन तक चली थी वह हड़ताल और वह कोई मामूली हड़ताल नहीं थी ऐसी हड़ताल नहीं तो कुछ दिन बाद होती रहती हड़ताल पूरे देश की बड़ी से बड़ी फैक्ट्री बंद हो गई लेकिन 1 सेकंड को भी 10 दिनों में उस टॉपिक पर खबर नहीं चली है तो आप यकीन मानिए इस तरीके की व्यवस्था कैसे पैसे के दम पर लगातार वैसे भी मैं आपको उसका उदाहरण दें हर चैनल से बड़े से लेकर छोटे पतंजलि साइड में आ जाओ पैसा कमा रहा है रामदेव किस के पक्षकार हैं इस तरीके से और भी माध्यमों से कोई मीडिया चैनल ने बीजेपी प्रवक्ता से सवाल पूछा कि आप विपक्ष में किस बैंक की बात करते थे किस का काला धन जमा उसकी बात करते थे क्या कितना आया किसी ने पूछा कि दो सर मार दो मारेंगे तो हम जिसके सर लाएंगे 4 साल तक पता नहीं चला आप को महबूबा मुफ्ती कैसी है जो अब आप को इस्तीफा देना पड़ा समर्थन वापस लेना पड़ा जिसकी जमीनी हकीकत आपकी क्या है बुलेट ट्रेन क्या नार्मल ट्रेन पहुंचा नहीं पा रहे हैं समय से उनके एक्सीडेंट हो रहा है

bahut accha sawaal aapne poocha kyonki maujuda jo haqiqat hai usme yahi hai ki har channel bataunga yah baat nahi karunga kaun bika hai kisne kharida lekin aap vaastav mein haqiqat dekhoge toh har news ke peeche ek intention chuki hai har cheez ke peeche gun tension yani ki kaun si news dikhaani hai kaun si nahi yah sab paisa depend karta hai toh theek nahi mila toh dikhayenge aap dekhiye janiye transaportaron ki hartal hui thi pichle 1 mahine pehle aur 10 din tak chali thi vaah hartal aur vaah koi mamuli hartal nahi thi aisi hartal nahi toh kuch din baad hoti rehti hartal poore desh ki badi se badi factory band ho gayi lekin 1 second ko bhi 10 dino mein us topic par khabar nahi chali hai toh aap yakin maniye is tarike ki vyavastha kaise paise ke dum par lagatar waise bhi main aapko uska udaharan de har channel se bade se lekar chote patanjali side mein aa jao paisa kama raha hai ramdev kis ke pakshakar hain is tarike se aur bhi maadhyamon se koi media channel ne bjp pravakta se sawaal poocha ki aap vipaksh mein kis bank ki baat karte the kis ka kaala dhan jama uski baat karte the kya kitna aaya kisi ne poocha ki do sir maar do marenge toh hum jiske sir layenge 4 saal tak pata nahi chala aap ko mahbuba mufti kaisi hai jo ab aap ko istifa dena pada samarthan wapas lena pada jiski zameeni haqiqat aapki kya hai bullet train kya normal train pohcha nahi paa rahe hain samay se unke accident ho raha hai

बहुत अच्छा सवाल आपने पूछा क्योंकि मौजूदा जो हकीकत है उसमें यही है कि हर चैनल बताऊंगा यह बा

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

0:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह कह पाना तो काफी मुश्किल है कि कब हमारे देश की मीडिया सही तरीके से लोगों तक सही समाचार पहुंचाएगी क्योंकि आज हम देखते हैं कि अलग-अलग जो मीडिया हाउस हैं या तो सत्ताधारी पार्टी का सपोर्ट करती है या फिर विपक्षी पार्टी का यानी कि अलग-अलग गुड बट चुके हैं जहां पर कुछ मीडिया हाउस भारतीय जनता पार्टी की सरकार को सपोर्ट करते हुए नजर आते हैं तो कुछ मीडिया हाउस कांग्रेस के सपोर्टर दिखाई देते हैं तो मुझे लगता है कि जो कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है तो इसीलिए मीडिया को सही तरीके से काम करना चाहिए इसे कभी भी पक्षपात नहीं करना चाहिए तो आने वाले वक्त में ऐसा बिल्कुल हमें देखने को मिल सकता है कि मीडिया हाउस सही तरीके से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं लेकिन ऐसा कब हो पाएगा यह कह पाना मुश्किल है

yah keh paana toh kaafi mushkil hai ki kab hamare desh ki media sahi tarike se logo tak sahi samachar pahunchayegi kyonki aaj hum dekhte hain ki alag alag jo media house hain ya toh sattadhari party ka support karti hai ya phir vipakshi party ka yani ki alag alag good but chuke hain jaha par kuch media house bharatiya janta party ki sarkar ko support karte hue nazar aate hain toh kuch media house congress ke supporter dikhai dete hain toh mujhe lagta hai ki jo ki media ko loktantra ka chautha stambh mana jata hai toh isliye media ko sahi tarike se kaam karna chahiye ise kabhi bhi pakshapat nahi karna chahiye toh aane waale waqt mein aisa bilkul hamein dekhne ko mil sakta hai ki media house sahi tarike se logo tak sahi jaankari paunchaye lekin aisa kab ho payega yah keh paana mushkil hai

यह कह पाना तो काफी मुश्किल है कि कब हमारे देश की मीडिया सही तरीके से लोगों तक सही समाचार प

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:11
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल बिल्कुल सही है कि भारतीय मीडिया और खुद को बेच कर और देश को कितनी जो देश की हालत है उसको कब संभालने का काम शुरु करेगी क्योंकि देखिए मीडिया को हमारे देश का चौथा स्तंभ माना जाता है राज्य राजनीति में भी मीडिया का हस्तक्षेप होता है जुडिशरी मैं भी वहीं एडमिनिस्ट्रेशन में भी कहना कि मीडिया का अभिषेक होता है और मीडिया का काम ही यही होता है कि और जो भी चीजें हो रही है देश की समीक्षा करके बताएं कि कौन सी चीज गलत हो रही है और रावण कैसे उस गलत चीज को सुधारा जा सकता है और लोगों को कहीं ना कहीं आप मीडिया यह खबर पहुंचा सकती है कि कौन सी चीज गलत है कौन सी चीज सही है और लोग उसे अभी से सीकर और यात्रा का विरोध कर सकते हैं या फिर उसका साथ दे सकते सकते तो कहीं ना कहीं मीडिया को बिल्कुल बायस नहीं होना चाहिए और किसी की तरफ कौशल नहीं होना चाहिए उसको वह निष्पक्ष होकर निर्भया न्याय करना चाहिए और बताना चाहिए देशवासियों को कि कौन सही है कौन गलत है लेकिन हमारे देश की मीडिया अपने आप को बेचना शुरू कर दिया है और बड़े भाई पॉलिटिकल लीडर सुपरहिट कल पार्टी जैसे बिजनेसमैन मीडिया उसको फंड करते हैं उनका प्रचार करने के लिए और यही चीज बहुत गलत है

aapka sawaal bilkul sahi hai ki bharatiya media aur khud ko bech kar aur desh ko kitni jo desh ki halat hai usko kab sambhalne ka kaam shuru karegi kyonki dekhiye media ko hamare desh ka chautha stambh mana jata hai rajya raajneeti mein bhi media ka hastakshep hota hai judiciary main bhi wahi administration mein bhi kehna ki media ka abhishek hota hai aur media ka kaam hi yahi hota hai ki aur jo bhi cheezen ho rahi hai desh ki samiksha karke bataye ki kaun si cheez galat ho rahi hai aur ravan kaise us galat cheez ko sudhara ja sakta hai aur logo ko kahin na kahin aap media yah khabar pohcha sakti hai ki kaun si cheez galat hai kaun si cheez sahi hai aur log use abhi se sikar aur yatra ka virodh kar sakte hai ya phir uska saath de sakte sakte toh kahin na kahin media ko bilkul bias nahi hona chahiye aur kisi ki taraf kaushal nahi hona chahiye usko vaah nishpaksh hokar Nirbhaya nyay karna chahiye aur bataana chahiye deshvasiyon ko ki kaun sahi hai kaun galat hai lekin hamare desh ki media apne aap ko bechna shuru kar diya hai aur bade bhai political leader superhit kal party jaise bussinessmen media usko fund karte hai unka prachar karne ke liye aur yahi cheez bahut galat hai

आपका सवाल बिल्कुल सही है कि भारतीय मीडिया और खुद को बेच कर और देश को कितनी जो देश की हालत

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Gunjan

Junior Volunteer

0:54

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विद्या क्वेश्चन है कि जो भारतीय मीडिया है वह कब खुद को बेचना बंद करेगा और जो है और भारत के गिरते हुए हालात को संभाल लेगा तो देखिए यह कहना बहुत ही ज्यादा मुश्किल है क्योंकि मीडिया देरासर वही समाचार दिखाते हैं जिसमें कि लोगों को इंटरेस्ट होता है या फिर जो लोग सुनना चाहते हैं इसलिए वह ज्यादातर जो है बॉलीवुड पर्सनालिटीज को ही आप लोग कॉल करते हैं और उनसे उनसे ही जो है सवाल जवाब करते हैं या फिर उन्हीं की न्यूज़ दिखाते हैं क्योंकि उनको ऐसा लगता है कि जो दर्शक हैं शायद वही देखना पसंद करते हैं तो इस कारण से जो है वह मीडिया यह सब चीजें ज्यादा दिखाती है और हां जो देश का जो हालात होते हैं वह भी वह बहुत ज्यादा दिखाते हैं पर से पॉलिटिक्स के टाइम पर तो यह बहुत जरूरी है कि मीडिया जो है वह समय समय पर जो है अपने विचार रखते हैं और हमारे जो भारत देश के हालात है उसको सुधारने में सहयोग करें

vidya question hai ki jo bharatiya media hai vaah kab khud ko bechna band karega aur jo hai aur bharat ke girte hue haalaat ko sambhaal lega toh dekhiye yah kehna bahut hi zyada mushkil hai kyonki media derasar wahi samachar dikhate hain jisme ki logo ko interest hota hai ya phir jo log sunana chahte hain isliye vaah jyadatar jo hai bollywood personalities ko hi aap log call karte hain aur unse unse hi jo hai sawaal jawab karte hain ya phir unhi ki news dikhate hain kyonki unko aisa lagta hai ki jo darshak hain shayad wahi dekhna pasand karte hain toh is karan se jo hai vaah media yah sab cheezen zyada dikhati hai aur haan jo desh ka jo haalaat hote hain vaah bhi vaah bahut zyada dikhate hain par se politics ke time par toh yah bahut zaroori hai ki media jo hai vaah samay samay par jo hai apne vichar rakhte hain aur hamare jo bharat desh ke haalaat hai usko sudhaarne mein sahyog karen

विद्या क्वेश्चन है कि जो भारतीय मीडिया है वह कब खुद को बेचना बंद करेगा और जो है और भारत के

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