अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते है? क्या आप मुझे यह समझा सकते है?...


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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी तो लोग फिर पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे यह समझा सकते हैं देखिए मृत्यु तो जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई है तो सभी को आनी है लेकिन लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं इसके कई कारण हैं अगर लोग इस फिलॉसफी के साथिया ने इस सोच के साथ अपना जीवन व्यतीत करें जहां होने लगे के एंड में पैसा ही सब कुछ नहीं है और एक दिन सब कुछ छोड़ के आगे बढ़ जाना है तो फिर लोग पैसे के पीछे ना भागे लेकिन आमतौर पर इंसान अपनी दिल्ली जिंदगी में यह सोच उसको ना याद रहती है और यह हर एक के जीवन का सफाया नेकलेस हंसी भी नहीं है लोग यह मानकर चलते हैं कि यंग है फिर बूढ़े होंगे फिर मरेंगे तो तब तक उनको पैसे की जरूरत हो जिससे वह अपने लिए हर तरह का आराम हर तरह की खुशियां हर तरह की अपनी जो जरूरत है उसे पूरा कर ले तो क्योंकि इस सोच में और इस सोच में के एंड में हर चीज खत्म होने व्हाट्सएप यही छोड़कर जाना है इसमें लोग कनेक्शन नहीं तलाश करते इस चीज को याद नहीं रखते इस फिलॉसफी के साथ जीवन नहीं बताते यह कारण है कि लोग पैसे के पीछे भागते हैं क्योंकि जो लोग हर मजहब में यह बताया गया है कि हर चीज का एक एंड है तो जो लोग यह सोच और ये भावनाएं रखते हैं और इस तरह के अप्रोच के साथ जीवन गुजारते हैं कोई चीज लेने से पहले भी तो उनका उनकी लाइफ ज्यादा सुकून की और ज्यादा उनकी लाइफ में लालच नहीं होता क्योंकि उन्हें पता होता है कि हर चीज एक दिन खत्म होनी है तो यह सोच सोच की बात है और जैसा सोचता है वह ज्यादा समझदार है तो वह अपने जीवन में खुद भी कोई टेंशन और कुछ ज्यादा चीज है इकट्ठा नहीं करता उसकी इच्छाएं भी सिंपल रहती हैं लेकिन ऐसा नहीं सोचते वह इसी कारण पैसे के पीछे भागते हैं क्योंकि उन्हें यह लगता है कि वो एक समय आएगा बुढ़ापे के समय जब उनके जीवन में उन्हें शायद पैसे को पीछे छोड़ना होगा तो जब तक के लिए वह उस प्रोग्राम को पोस्टपोन करके रखते हैं तो यह सोच की बात यही कारण है कि ज्यादातर लोग पैसे के पीछे भागते हैं धन्यवाद

aapka sawaal hai ki agar kisi na kisi din mrityu aayegi toh log phir paise ke peeche kyon bhagte hain kya aap mujhe yah samjha sakte hain dekhiye mrityu toh jeevan ki sabse badi sacchai hai toh sabhi ko aani hai lekin log paise ke peeche kyon bhagte hain iske kai karan hain agar log is philosophy ke sathiya ne is soch ke saath apna jeevan vyatit kare jaha hone lage ke and me paisa hi sab kuch nahi hai aur ek din sab kuch chhod ke aage badh jana hai toh phir log paise ke peeche na bhaage lekin aamtaur par insaan apni delhi zindagi me yah soch usko na yaad rehti hai aur yah har ek ke jeevan ka safaya necklace hansi bhi nahi hai log yah maankar chalte hain ki young hai phir budhe honge phir marenge toh tab tak unko paise ki zarurat ho jisse vaah apne liye har tarah ka aaram har tarah ki khushiya har tarah ki apni jo zarurat hai use pura kar le toh kyonki is soch me aur is soch me ke and me har cheez khatam hone whatsapp yahi chhodkar jana hai isme log connection nahi talash karte is cheez ko yaad nahi rakhte is philosophy ke saath jeevan nahi batatey yah karan hai ki log paise ke peeche bhagte hain kyonki jo log har majhab me yah bataya gaya hai ki har cheez ka ek and hai toh jo log yah soch aur ye bhaavnaye rakhte hain aur is tarah ke approach ke saath jeevan gujarate hain koi cheez lene se pehle bhi toh unka unki life zyada sukoon ki aur zyada unki life me lalach nahi hota kyonki unhe pata hota hai ki har cheez ek din khatam honi hai toh yah soch soch ki baat hai aur jaisa sochta hai vaah zyada samajhdar hai toh vaah apne jeevan me khud bhi koi tension aur kuch zyada cheez hai ikattha nahi karta uski ichhaen bhi simple rehti hain lekin aisa nahi sochte vaah isi karan paise ke peeche bhagte hain kyonki unhe yah lagta hai ki vo ek samay aayega budhape ke samay jab unke jeevan me unhe shayad paise ko peeche chhodna hoga toh jab tak ke liye vaah us program ko postpone karke rakhte hain toh yah soch ki baat yahi karan hai ki jyadatar log paise ke peeche bhagte hain dhanyavad

आपका सवाल है कि अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी तो लोग फिर पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क

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काम क्रोध मद लोभ सब नाथ नरक के पंथ सदस्य श्री रघुवीर की भजो बजाएंगे नष्ट हो जाता है तू भूल जाता है क्यों झूठे झूठी भाई झूठा नाम करने के लिए अपनी सोच को नकारात्मक बना कर दे संसार में जो जीता है हमेशा कष्ट पाता है सोच को सकारात्मक बढ़ने के लक्षण

kaam krodh mad lobh sab nath narak ke panth sadasya shri raghuveer ki bhajo bajaenge nasht ho jata hai tu bhool jata hai kyon jhuthe jhuthi bhai jhutha naam karne ke liye apni soch ko nakaratmak bana kar de sansar me jo jita hai hamesha kasht pata hai soch ko sakaratmak badhne ke lakshan

काम क्रोध मद लोभ सब नाथ नरक के पंथ सदस्य श्री रघुवीर की भजो बजाएंगे नष्ट हो जाता है तू भूल

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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Vaibhav Sharma

Spiritual and Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप सभी को जय माता की आपने पूछा है कि अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं दिखी जीवन में दो चीजें होती है लेकिन जानना और एक मानना कई बार ऐसा होता है हम किसी चीज को जानते तो हैं किंतु मानते नहीं है उसको अनदेखा करते हैं उसको निकले करते हैं ठीक यही स्थिति मृत्यु के संबंध में भी हर व्यक्ति आपको यह कहता हुआ मिल जाएगा की मृत्यु तो सब बहुत बड़ा सत्य है वह तो इतना दिन होनी ही है उसे कोई नहीं रोक सकता कोई नहीं टाल सकता है उसका तो समय निश्चित है हर व्यक्ति कह तो मिल जाएगा किंतु उसके कर्म उसके कार्य उसके विपरीत होंगे मतलब हम कह सकते हैं इस जगह की हर व्यक्ति की जानता तो है कि उसकी मृत्यु होनी है लेकिन वह इसको स्वीकार नहीं करता है वैसे मानना नहीं चाहता अगर व्यक्ति इस चीज को मानता होता स्वीकार करता होता तो मैं जीवन में कभी कोई गलत कार्य करता ही नहीं मृत्यु को जो प्रत्येक क्षण अपने सामने रखते अपनी याद में रखते हैं वह व्यक्ति जीवन में कभी अनीति के चल नहीं सकते अनैतिक कार्य कर ही नहीं सकते सबसे बड़ी विडंबना तो यही है कि व्यक्ति कृत्य को खुला हुआ जानते हुए भी मानने को तैयार नहीं है बहुत सारी नीतियों की जड़ यही सारे झगड़े का सातों की जड़ मुख्य रूप से यही है कि व्यक्ति 19 व चीजों की प्राप्ति हेतु पता नहीं कितनी अनैतिक कार्य करता है जो नफरत चीजें उसके साथ हमेशा रहेंगे कि नहीं किंतु उनकी प्राप्ति के लिए लिए किए गए अनैतिक कार्यों का जो कर्म फल है वह जन्म जन्मांतर तक व्यक्ति का पीछा छोड़ता नहीं इसीलिए जब हम इस बात को जानते हुए भी मानने लगेंगे तो प्रत्येक क्षण हमें ही खयाल रहेगा कि हमें हमारे पास कुछ ही समय है उसके बाद हमें जाना है इसलिए गलत कार्य करने से अनैतिक कार्य करने से कोई लाभ नहीं है धन्यवाद

aap sabhi ko jai mata ki aapne poocha hai ki agar kisi na kisi din mrityu aayegi hi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain dikhi jeevan me do cheezen hoti hai lekin janana aur ek manana kai baar aisa hota hai hum kisi cheez ko jante toh hain kintu maante nahi hai usko andekha karte hain usko nikle karte hain theek yahi sthiti mrityu ke sambandh me bhi har vyakti aapko yah kahata hua mil jaega ki mrityu toh sab bahut bada satya hai vaah toh itna din honi hi hai use koi nahi rok sakta koi nahi tal sakta hai uska toh samay nishchit hai har vyakti keh toh mil jaega kintu uske karm uske karya uske viprit honge matlab hum keh sakte hain is jagah ki har vyakti ki jaanta toh hai ki uski mrityu honi hai lekin vaah isko sweekar nahi karta hai waise manana nahi chahta agar vyakti is cheez ko maanta hota sweekar karta hota toh main jeevan me kabhi koi galat karya karta hi nahi mrityu ko jo pratyek kshan apne saamne rakhte apni yaad me rakhte hain vaah vyakti jeevan me kabhi aniti ke chal nahi sakte anaitik karya kar hi nahi sakte sabse badi widambana toh yahi hai ki vyakti kritya ko khula hua jante hue bhi manne ko taiyar nahi hai bahut saari nitiyon ki jad yahi saare jhagde ka saton ki jad mukhya roop se yahi hai ki vyakti 19 va chijon ki prapti hetu pata nahi kitni anaitik karya karta hai jo nafrat cheezen uske saath hamesha rahenge ki nahi kintu unki prapti ke liye liye kiye gaye anaitik karyo ka jo karm fal hai vaah janam janmantar tak vyakti ka picha chodta nahi isliye jab hum is baat ko jante hue bhi manne lagenge toh pratyek kshan hamein hi khayal rahega ki hamein hamare paas kuch hi samay hai uske baad hamein jana hai isliye galat karya karne se anaitik karya karne se koi labh nahi hai dhanyavad

आप सभी को जय माता की आपने पूछा है कि अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पी

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b.a. का सेकंड बच्चों को कोटा नहीं सकता लेकिन विक्की आने से पहले एक बेहतर जिंदगी जीने के लिए पैसे की बहुत जरूरत पड़ती है क्योंकि पैसों के बिना इंसान सुख सुविधाओं का लाभ तो नहीं उठा सकता यही वजह है कि लोग पैसे के पीछे भागते हैं और आज के टाइम में जिसके पास सबसे ज्यादा पैसा होता है लोग उसी को सलाम करते हैं तो कहते हैं कि तुझसे सूरज को तो हर कोई सलाम करता है यही वजह है कि आज के टाइम में पैसा कमाना चाहते हैं और लोग उनकी इज्जत करते हैं मरने के बाद लोगों में याद ना करें लेकिन उनके पास इसलिए लोग पैसे के पीछे यादव

b a ka second baccho ko quota nahi sakta lekin vicky aane se pehle ek behtar zindagi jeene ke liye paise ki bahut zarurat padti hai kyonki paison ke bina insaan sukh suvidhaon ka labh toh nahi utha sakta yahi wajah hai ki log paise ke peeche bhagte hain aur aaj ke time me jiske paas sabse zyada paisa hota hai log usi ko salaam karte hain toh kehte hain ki tujhse suraj ko toh har koi salaam karta hai yahi wajah hai ki aaj ke time me paisa kamana chahte hain aur log unki izzat karte hain marne ke baad logo me yaad na kare lekin unke paas isliye log paise ke peeche yadav

b.a. का सेकंड बच्चों को कोटा नहीं सकता लेकिन विक्की आने से पहले एक बेहतर जिंदगी जीने के लि

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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मामा को पैसे की भूख बहुत अधिक होती है संतुष्टि नहीं होती जिस इंसान को संतुष्टि हो जाते हुए पैसे के पीछे नहीं भागते हैं लेकिन अधिकांश लोग लोभी प्रवृत्ति के होते हैं लोग शब्दों के साथ होते हैं या उनमें होता है हमेशा अधिक सही धन कमाने का मौका होता है इसलिए इंसान पैसे के पीछे भागते हैं

mama ko paise ki bhukh bahut adhik hoti hai santushti nahi hoti jis insaan ko santushti ho jaate hue paise ke peeche nahi bhagte hain lekin adhikaansh log lobhi pravritti ke hote hain log shabdon ke saath hote hain ya unmen hota hai hamesha adhik sahi dhan kamane ka mauka hota hai isliye insaan paise ke peeche bhagte hain

मामा को पैसे की भूख बहुत अधिक होती है संतुष्टि नहीं होती जिस इंसान को संतुष्टि हो जाते हुए

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Bhavin J. Shah

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो व्यक्ति केवल पैसे के पीछे भागता है उससे बड़ा गरीब आदमी इस दुनिया में और कोई नहीं है किसी ना किसी दिन मृत्यु आने वाली है फिर भी लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं इसका जवाब इतना ही है पैसा एक ऐसी चीज है जिससे आज सफलता नापी जाती है जो हकीकत में शक्ति नहीं है हम कई ऐसे लोगों को जानते हैं जिसके पास पैसे शायद बहुत कम है लेकिन लोग उनको बहुत रिस्पेक्ट देते हैं जीवन में जो यूनिवर्सल प्रिंसिपल से सत्य बोलना दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना खुद के और दूसरों के विकास में सहयोग सहयोगी बन्ना ऐसी बहुत सारी चीजें है जो व्यक्ति को हमेशा ऊपर ले जा सकती है तू पैसे के पीछे लोग इसलिए भागते हैं क्योंकि यह कैसी बांधी है जिसमें बड़ा सा छेद है आप जितना भी डालोगे नीचे छेद में से निकलता ही जाएगा एक लालच है जिसका कोई एंड नहीं है मरते दम तक व्यक्ति पैसे के पीछे भागता है और उसके पास केवल अपने शरीर जितनी कफन की एरिया रह जाती है सोने का मतलब इतना ही है कि अगर हम पैसे के पीछे भाग लेंगे तो वह ऐसी रेस होगी जिसमें कोई ना कोई गाड़ी हमसे आगे होगी मारुति हो तो एचडी मूवी एचडी में तो वैगनआर होगी रे किनारे तो अर्टिगा ओगी अर्टिका है तो बीएमडब्ल्यू ऑडी बीएमडब्ल्यू की तो जैगुआर होगी जैगुआर होगी तो मर्सिडीज ऑडी मर्सिडीज़ होगी तो रो सर्विस होगी और हम सब एक जगह पर रुकने वाले हैं वह टोल नाका यानी कि आईपैड तू क्यों भागे अगर बात नहीं है तो हम खुद अपना बैरोमीटर चेक करें हम अपना मीटर चेक करें कि मैं कल कहा था आज कहां हूं और कल कहां जाऊंगा थैंक यू

jo vyakti keval paise ke peeche bhagta hai usse bada garib aadmi is duniya mein aur koi nahi hai kisi na kisi din mrityu aane wali hai phir bhi log paise ke peeche kyon bhagte hai iska jawab itna hi hai paisa ek aisi cheez hai jisse aaj safalta naapi jaati hai jo haqiqat mein shakti nahi hai hum kai aise logo ko jante hai jiske paas paise shayad bahut kam hai lekin log unko bahut respect dete hai jeevan mein jo universal principal se satya bolna dusro ke saath accha vyavhar karna khud ke aur dusro ke vikas mein sahyog sahyogi banna aisi bahut saree cheezen hai jo vyakti ko hamesha upar le ja sakti hai tu paise ke peeche log isliye bhagte hai kyonki yah kaisi bandhi hai jisme bada sa ched hai aap jitna bhi daloge niche ched mein se nikalta hi jaega ek lalach hai jiska koi and nahi hai marte dum tak vyakti paise ke peeche bhagta hai aur uske paas keval apne sharir jitni kafan ki area reh jaati hai sone ka matlab itna hi hai ki agar hum paise ke peeche bhag lenge toh vaah aisi race hogi jisme koi na koi gaadi humse aage hogi maaruti ho toh hd movie hd mein toh vaiganaar hogi ray kinare toh artiga ogi artika hai toh BMW audi BMW ki toh jaiguaar hogi jaiguaar hogi toh mercedes audi marsidiz hogi toh ro service hogi aur hum sab ek jagah par rukne waale hai vaah toll naka yani ki aipaid tu kyon bhaage agar baat nahi hai toh hum khud apna barometer check kare hum apna meter check kare ki main kal kaha tha aaj kahaan hoon aur kal kahaan jaunga thank you

जो व्यक्ति केवल पैसे के पीछे भागता है उससे बड़ा गरीब आदमी इस दुनिया में और कोई नहीं है कि

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने जो प्रश्न किया है उसको उत्तर में मैं यही कहना चाहूंगा कि ऐसा इसलिए होता है कि लोगों के अंदर कहीं ना कहीं भ्रम होता है उनके अंदर गलतफहमी होती है वो ऐसा मानते हैं कि जिस दिन उनके पास बहुत सारा धन बहुत सारा पैसा आ जाएगा तो उनके जीवन की सारी समस्याएं सारी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी उनके जीवन में केवल और केवल खुशी रह जाएगी इसीलिए इसी भ्रम में कहीं ना कहीं लोग केवल और केवल पैसे के पीछे भागते रहते हैं और शायद वह इस चीज को भूल जाते हैं कि उनका इस धरती पर जन्म एक सीमित समय के लिए ही हुआ है इस चीज को महसूस नहीं करते उनको ऐसा लगता है कि शायद वह इस धरती पर हमेशा हमेशा के लिए आए हैं इसलिए हर एक व्यवस्था उसी प्रकार की करना चाहते हैं कैसे लगता है कि उनको यहां इस दुनिया में हमेशा हमेशा के लिए ही रहना है यही कारण है कि वह हर एक चीज यहां इसी प्रकार से व्यवस्थित करने की कोशिश करते हैं कि जिस से हो यहां पर हमेशा हमेशा के लिए रह सके लेकिन अफसोस हर एक मनुष्य का जीवन एक सीमित समय के लिए ही होता है और जिस दिन व्यक्ति इस चीज को समझ जाएगा और यह मान ले कि वहां इस धरती से कुछ भी कोई लेकर जा नहीं सकता है इसीलिए आप केवल उतना ही पैसे के पीछे भागे जिससे आपकी बेसिक जरूरतें पूरी हो जाए जितनी चीज की आवश्यकता है उसकी पूर्ति हो जाए तो जीवन में आपके लिए जरूरी चीजें हैं उनकी पूर्ति हो जाए इसके अलावा आप पैसे को बहुत अधिक महत्व ना दें क्योंकि ध्यान रहे अगर आप पैसे के पीछे क्यों भागते रहेंगे तो आपके जीवन में हो सकता बहुत सारा पैसा आ जाए लेकिन आपके जीवन में बहुत सारा तनाव बहुत सारी हताशा निराशा जाएगी और आज जो समाज में बहुत सारी दिक्कत है बहुत परेशानी है उस सिर्फ इसी कारण है कि जितना भी करप्शन भ्रष्टाचार या अपराधीकरण हो रहा है उस सब कुछ कहीं ना कहीं पैसे के कारण ही हो रहा है क्योंकि लोगों की की मानसिकता है कि उनके जीवन में पैसे आना चाहिए चाहे जैसे आए और यही कारण है कि लोगों के जीवन में पैसा तो आ रहा है लेकिन वह पैसा अपने साथ बहुत ज्यादा तनाव परेशानी और मुसीबत लेकर के आ रहा है इसीलिए लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी होने के बावजूद लोग जीवन को इंजॉय नहीं कर पा रहे हैं उनके जीवन में शांति नहीं है इसीलिए मेरा यही कहना है कि उसके पीछे क्यों इतना भागी है कि जिससे आपके जीवन की जरूरतें पूरी हो बाकी बहुत अनावश्यक रूप से अगर आप पैसे को अपने जीवन में महत्व देंगे तो कभी भी खुश नहीं रह सकते हमेशा ही किसी ने किसी तरीके से परेशान रहेंगे तनाव बना रहेगा आशा करता हूं कि आपको उत्तर मिल गया होगा धन्यवाद

aapne jo prashna kiya hai usko uttar mein main yahi kehna chahunga ki aisa isliye hota hai ki logo ke andar kahin na kahin bharam hota hai unke andar galatfahamee hoti hai vo aisa maante hain ki jis din unke paas bahut saara dhan bahut saara paisa aa jaega toh unke jeevan ki saari samasyaen saari dikkaten khatam ho jayegi unke jeevan mein keval aur keval khushi reh jayegi isliye isi bharam mein kahin na kahin log keval aur keval paise ke peeche bhagte rehte hain aur shayad vaah is cheez ko bhool jaate hain ki unka is dharti par janam ek simit samay ke liye hi hua hai is cheez ko mehsus nahi karte unko aisa lagta hai ki shayad vaah is dharti par hamesha hamesha ke liye aaye hain isliye har ek vyavastha usi prakar ki karna chahte hain kaise lagta hai ki unko yahan is duniya mein hamesha hamesha ke liye hi rehna hai yahi karan hai ki vaah har ek cheez yahan isi prakar se vyavasthit karne ki koshish karte hain ki jis se ho yahan par hamesha hamesha ke liye reh sake lekin afasos har ek manushya ka jeevan ek simit samay ke liye hi hota hai aur jis din vyakti is cheez ko samajh jaega aur yah maan le ki wahan is dharti se kuch bhi koi lekar ja nahi sakta hai isliye aap keval utana hi paise ke peeche bhaage jisse aapki basic jaruratein puri ho jaaye jitni cheez ki avashyakta hai uski purti ho jaaye toh jeevan mein aapke liye zaroori cheezen hain unki purti ho jaaye iske alava aap paise ko bahut adhik mahatva na de kyonki dhyan rahe agar aap paise ke peeche kyon bhagte rahenge toh aapke jeevan mein ho sakta bahut saara paisa aa jaaye lekin aapke jeevan mein bahut saara tanaav bahut saari hatasha nirasha jayegi aur aaj jo samaj mein bahut saari dikkat hai bahut pareshani hai us sirf isi karan hai ki jitna bhi corruption bhrashtachar ya apradhikaran ho raha hai us sab kuch kahin na kahin paise ke karan hi ho raha hai kyonki logo ki ki mansikta hai ki unke jeevan mein paise aana chahiye chahen jaise aaye aur yahi karan hai ki logo ke jeevan mein paisa toh aa raha hai lekin vaah paisa apne saath bahut zyada tanaav pareshani aur musibat lekar ke aa raha hai isliye logo ki aarthik sthiti bahut achi hone ke bawajud log jeevan ko enjoy nahi kar paa rahe hain unke jeevan mein shanti nahi hai isliye mera yahi kehna hai ki uske peeche kyon itna bhaagi hai ki jisse aapke jeevan ki jaruratein puri ho baki bahut anavashyak roop se agar aap paise ko apne jeevan mein mahatva denge toh kabhi bhi khush nahi reh sakte hamesha hi kisi ne kisi tarike se pareshan rahenge tanaav bana rahega asha karta hoon ki aapko uttar mil gaya hoga dhanyavad

आपने जो प्रश्न किया है उसको उत्तर में मैं यही कहना चाहूंगा कि ऐसा इसलिए होता है कि लोगों क

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Dinesh Yadav

Agriculturist

2:50
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अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे समझा सकते हैं जहां मैं इसके बारे में तो आपको बता सकता हूं कि प्रत्येक मनुष्य जानता है कि 1 दिन 1 दिन उसे मर जाना है और इस संसार की जितनी भी भौतिक वस्तुएं हैं जिसको उन्होंने जमा किया वह तमाम चीजों को छोड़ कर दें उनको इस लोक को ही छोड़ देना होगा पर लोग चले जाना होगा यह करीब-करीब मानव तो सभी जानते हैं लेकिन उन्हें उम्मीद है उन्हें यह माया उनके ऊपर पर दे रखा है लोग मुंह क्रोध अहंकार यह जो पांच विकारे हैं उन पर हावी बना हुआ है उनको यह लगता है कि सारे मर जाएंगे एक हम बच जाएंगे मगर ऐसा होता नहीं है होता तो यही है कि जो जन्म लिया है उसे मर जाना है जिसका सृजन हुआ है उसका विनाश होना है जिसका उदय हुआ है उसका अर्थ होना है उनके ऊपर उनके बुद्धि पर पर्दा पड़ा हुआ है माया का परदा है जिस कारण वह सास्वत चीजों को ना देख कर बहुत चीजों में विश्वास करते हो उस बहुत ही वस्तुओं के पीछे भागते जा रहे और भागते भागते भाग्य आते ही उनकी जिंदगी समाप्त हो जाती है उन्हें शांति नहीं मिलती शांति अगर चाहिए तो भागने की जरूरत नहीं है पैसे के पीछे भागने की जरूरत नहीं है आपको अपनी आवश्यक आवश्यकता की पूर्ति चाहिए जो आपको होगा पैसे के पीछे भाग लेंगे आप अशांत होंगे आप परेशान होंगे अगर खुशी और शांति नहीं मिलेगी धन्यवाद

agar kisi na kisi din mrityu aayegi hi log paise ke peeche kyon bhagte kya aap mujhe samjha sakte hain jaha main iske bare mein toh aapko bata sakta hoon ki pratyek manushya jaanta hai ki 1 din 1 din use mar jana hai aur is sansar ki jitni bhi bhautik vastuyen hain jisko unhone jama kiya vaah tamaam chijon ko chod kar de unko is lok ko hi chod dena hoga par log chale jana hoga yah kareeb kareeb manav toh sabhi jante hain lekin unhe ummid hai unhe yah maya unke upar par de rakha hai log mooh krodh ahankar yah jo paanch vikare hain un par haavi bana hua hai unko yah lagta hai ki saare mar jaenge ek hum bach jaenge magar aisa hota nahi hai hota toh yahi hai ki jo janam liya hai use mar jana hai jiska srijan hua hai uska vinash hona hai jiska uday hua hai uska arth hona hai unke upar unke buddhi par parda pada hua hai maya ka parda hai jis karan vaah saswat chijon ko na dekh kar bahut chijon mein vishwas karte ho us bahut hi vastuon ke peeche bhagte ja rahe aur bhagte bhagte bhagya aate hi unki zindagi samapt ho jaati hai unhe shanti nahi milti shanti agar chahiye toh bhagne ki zarurat nahi hai paise ke peeche bhagne ki zarurat nahi hai aapko apni aavashyak avashyakta ki purti chahiye jo aapko hoga paise ke peeche bhag lenge aap ashant honge aap pareshan honge agar khushi aur shanti nahi milegi dhanyavad

अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे समझा सकत

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Amit Arya

Youtuber - Motivation Speaker

2:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे समझा सकते हैं बिल्कुल सारे लोग पैसों के पीछे ही भाग रहे हैं क्योंकि भाजपा संसार की कुछ अलग है हम इस संसार में रह रहे हैं हमारा समाज इस प्रकार का है हमारा वातावरण किस प्रकार का है हमें जो दिखाया गया है हमें वही सकते लगता है कि संसार की एकता हमें जो दिखता है वह नहीं होता और जो होता है वह में दिखता ही नहीं है अर्थात हमको जितना भी कुछ दिखाया जाता है वह कहीं ना कहीं पर स्थाई नहीं है तो लेकिन स्थाई नहीं है कुछ समय बाद नष्ट हो जाएगा इस संसार के लोग हमारे माता-पिता हमारे आसपास के लोग हमें यह दर्शाते हैं कि जो हमें दिख रहा है स्थाई है मैं कभी भी समाप्त होने वाला नहीं है यही कारण है कि लोग धन इकट्ठा करते रहते हैं उन्हें लगता है कि हमारी कभी मृत्यु ही नहीं आएगी और इस तत्वों ने ज्ञात होता है कि मृत्यु आएगी लेकिन जो उनका मन होता है मैं इस सत्य को स्वीकार नहीं करता धन एकत्रित करना गलत बात नहीं है यदि आपको पता होना चाहिए कि आपकी मृत्यु आएगी कीजिएगा के द्वारा धर्म के द्वारा प्रभु की भक्ति के द्वारा आप बहुत सारा घनघटा कर सकते हैं और अपने कर्तव्यों का बहन कर सकते हैं अपने देश की अपनी समाज की सेवा कर सकते हैं उससे आपके मन को शांति भी प्राप्त होगी और आपके पास बहुत सारा धन भी होगा लेकिन 99% लोग ऐसा नहीं करते वह अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए जीवन भर धन एकत्रित करते रहते हैं और अंत समय में मृत्यु को प्राप्त होकर अधोगति में चले जाते हैं अगर आपको आंसर अच्छा लगा हो तो इसको लाइक करें और अगर आप इससे संबंधित वीडियो देखना चाहते हैं तो हमारी यूट्यूब चैनल रियल इंटेंशन पर आप आ सकते हैं उस पर आध्यात्मिक की वीडियो आपको मिलेंगे आप वहां पर आकर उन वीडियो को देखकर अपने प्रश्नों का हल जान सकते हैं और उस चैनल का लिंक आपको गोकुल प्रोफाइल के डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा धन्यवाद राधे-राधे

aapka prashna hai agar kisi na kisi din mrityu aayegi hi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain kya aap mujhe samjha sakte hain bilkul saare log paison ke peeche hi bhag rahe hain kyonki bhajpa sansar ki kuch alag hai hum is sansar me reh rahe hain hamara samaj is prakar ka hai hamara vatavaran kis prakar ka hai hamein jo dikhaya gaya hai hamein wahi sakte lagta hai ki sansar ki ekta hamein jo dikhta hai vaah nahi hota aur jo hota hai vaah me dikhta hi nahi hai arthat hamko jitna bhi kuch dikhaya jata hai vaah kahin na kahin par sthai nahi hai toh lekin sthai nahi hai kuch samay baad nasht ho jaega is sansar ke log hamare mata pita hamare aaspass ke log hamein yah darshate hain ki jo hamein dikh raha hai sthai hai main kabhi bhi samapt hone vala nahi hai yahi karan hai ki log dhan ikattha karte rehte hain unhe lagta hai ki hamari kabhi mrityu hi nahi aayegi aur is tatvon ne gyaat hota hai ki mrityu aayegi lekin jo unka man hota hai main is satya ko sweekar nahi karta dhan ekatrit karna galat baat nahi hai yadi aapko pata hona chahiye ki aapki mrityu aayegi kijiega ke dwara dharm ke dwara prabhu ki bhakti ke dwara aap bahut saara ghunghta kar sakte hain aur apne kartavyon ka behen kar sakte hain apne desh ki apni samaj ki seva kar sakte hain usse aapke man ko shanti bhi prapt hogi aur aapke paas bahut saara dhan bhi hoga lekin 99 log aisa nahi karte vaah apne swarth ki purti ke liye jeevan bhar dhan ekatrit karte rehte hain aur ant samay me mrityu ko prapt hokar adhogati me chale jaate hain agar aapko answer accha laga ho toh isko like kare aur agar aap isse sambandhit video dekhna chahte hain toh hamari youtube channel real intention par aap aa sakte hain us par aadhyatmik ki video aapko milenge aap wahan par aakar un video ko dekhkar apne prashnon ka hal jaan sakte hain aur us channel ka link aapko gokul profile ke description me mil jaega dhanyavad radhe radhe

आपका प्रश्न है अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्य

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Raj Bansal Bansal

@Biotecnologycompany

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AtoZ Story (Youtube)

Youtuber( Atoz Story ) Motivational Story, Motivational Quotes, Positive Quotes

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गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स हमने बहुत सारे जवाब सुने इस प्रश्न को लेकर लेकिन कोई जवाब संतुष्ट करने लायक मुझे नहीं लगा और मैं यह नहीं बोला कि मैं जो बोलूंगा वही आ सबको संतुष्ट करें लेकिन अपना एक ओपिनियन मैं आपको देता हूं दुनिया में कई तरह के लोग होते हैं मैं आपको यह समझाने नहीं जा रहा हूं कृपया अटल सत्य मृत्यु हुई है वह मैं क्यों पैसे के बारे में आपको समझाने जा रहा हूं पैसा हम सबों की जरूरत है मजबूरी है क्यों अगर आज लोग पैसे के पीछे नहीं भागे दो रूप में ₹10 नहीं कमाए तो कल भोजन नहीं मिल पाएगा मेरे भाई कोई भी हो गरीब हो कुछ भी हो हर आदमी भीख मांगा तो नहीं हो सकता ना अगर भीख ही सब कोई मांगेगा तो उसको देखा कौन यह तो बताइए कोई पैसे वाले लोग ही तो उसको ₹10 दो रुपए ₹1 दे देना नहीं होगा तो नहीं देंगे तो फिर लीजिएगा कैसे खाएगा कैसे इस दुनिया में कैसे हो प्रगति करेगा माना यह बताइए नहीं हो सकता ना खेती ठीक है हर किसी के पास जमीन नहीं है कि वह खेती करें लेकिन खेती करने के लिए भी पैसे की जरूरत है भाई है ना इसलिए पैसा के पीछे भागना आदमी का मजबूरी है लेकिन जरूरत जितने की है उससे ज्यादा कि लोग चाह रखते हैं क्योंकि वह लालच है वह अपने बाल बच्चों को अच्छे से रहने के लिए इंसान थोड़ा लालची हो जाता है अपने लिए कम अपने परिवार के लिए चला जाता है ज्यादा का मतलब यह कि आज थोड़ा जमीन है थोड़ा और खरीद देंगे तो कहीं मेरा बेटा उस लायक नहीं हो पाया नौकरी नहीं मिल पाया तो वह भी चेहरा हो उस घर में गुजर कर लेगा उस जमीन को बेचकर खा सकता है रह सकता है कुछ नहीं होगा तो मैं बेटी का शादी करने वाला हूं तो उसको बेचकर कर सकता हूं उम्मीद उम्मीद के लिए सब कोई काम करता है उम्मीद के लिए सब कुछ पैसा के पीछे भागता है वह मेड का मतलब यह हुआ कि बुढ़ापा में कोई नहीं देखेगा तो हमारा सेवा कौन करेगा भाई ₹2 मेरे पास रहेंगे तुम्हें किसी को मंथली पर रख सकता हूं थोड़ा बहुत जमीन रहेगा तो उस लालच से भी कोई करेगा कि मर जाएंगे तो जमीन वह मेरे नाम पर हो जाएगा है ना सारे बेटा बेटी अपने मम्मी पापा को केयरिंग नहीं रुकते मतलब केयर नहीं करते कुछ लोग पैसों के लिए केयर करते हैं कि मम्मी पापा मर जाएंगे तो धन-संपत्ति मेरा ही तो होगा ना नहीं होगा तो भैया कितने जितने बुजुर्गों में ना सब कोई अनाथालय में मिलेंगे अनाथालय में मिलेंगे फिर सरकार उनकी खर्चा देगी भाई साहब बहुत कारन है पैसे के पीछे भागने की कोई एक रीजन को प्रॉपर नहीं दिया जा सकता है लेकिन पैसा मजबूरी है हमारी जरूरत है हमारी क्या कीजिएगा मुझे तो यही लगा थैंक यू

good morning friends humne bahut saare jawab sune is prashna ko lekar lekin koi jawab santusht karne layak mujhe nahi laga aur main yah nahi bola ki main jo boloonga wahi aa sabko santusht kare lekin apna ek opinion main aapko deta hoon duniya me kai tarah ke log hote hain main aapko yah samjhane nahi ja raha hoon kripya atal satya mrityu hui hai vaah main kyon paise ke bare me aapko samjhane ja raha hoon paisa hum sabon ki zarurat hai majburi hai kyon agar aaj log paise ke peeche nahi bhaage do roop me Rs nahi kamaye toh kal bhojan nahi mil payega mere bhai koi bhi ho garib ho kuch bhi ho har aadmi bhik manga toh nahi ho sakta na agar bhik hi sab koi mangega toh usko dekha kaun yah toh bataiye koi paise waale log hi toh usko Rs do rupaye Rs de dena nahi hoga toh nahi denge toh phir lijiega kaise khaega kaise is duniya me kaise ho pragati karega mana yah bataiye nahi ho sakta na kheti theek hai har kisi ke paas jameen nahi hai ki vaah kheti kare lekin kheti karne ke liye bhi paise ki zarurat hai bhai hai na isliye paisa ke peeche bhaagna aadmi ka majburi hai lekin zarurat jitne ki hai usse zyada ki log chah rakhte hain kyonki vaah lalach hai vaah apne baal baccho ko acche se rehne ke liye insaan thoda lalchi ho jata hai apne liye kam apne parivar ke liye chala jata hai zyada ka matlab yah ki aaj thoda jameen hai thoda aur kharid denge toh kahin mera beta us layak nahi ho paya naukri nahi mil paya toh vaah bhi chehra ho us ghar me gujar kar lega us jameen ko bechkar kha sakta hai reh sakta hai kuch nahi hoga toh main beti ka shaadi karne vala hoon toh usko bechkar kar sakta hoon ummid ummid ke liye sab koi kaam karta hai ummid ke liye sab kuch paisa ke peeche bhagta hai vaah made ka matlab yah hua ki budhapa me koi nahi dekhega toh hamara seva kaun karega bhai Rs mere paas rahenge tumhe kisi ko monthly par rakh sakta hoon thoda bahut jameen rahega toh us lalach se bhi koi karega ki mar jaenge toh jameen vaah mere naam par ho jaega hai na saare beta beti apne mummy papa ko keyring nahi rukte matlab care nahi karte kuch log paison ke liye care karte hain ki mummy papa mar jaenge toh dhan sampatti mera hi toh hoga na nahi hoga toh bhaiya kitne jitne bujurgon me na sab koi anathalay me milenge anathalay me milenge phir sarkar unki kharcha degi bhai saheb bahut kaaran hai paise ke peeche bhagne ki koi ek reason ko proper nahi diya ja sakta hai lekin paisa majburi hai hamari zarurat hai hamari kya kijiega mujhe toh yahi laga thank you

गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स हमने बहुत सारे जवाब सुने इस प्रश्न को लेकर लेकिन कोई जवाब संतुष्ट कर

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Shakib

future Doctor

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अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे यह समझा सकते हैं तो भाइयों लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं का मैं जवाब देता हूं आपको क्योंकि देखिए आप आसमान में पतंग उड़ाते हैं ठीक पतंग उड़ाते हैं तो क्या होता है कि आप पतंग उड़ाते हो फिर आप पर लगाते हैं और वह पतंग कट जाती है तो क्या हम पतंग उड़ाना छोड़ दे पतंग कट जाती है और कट के कहीं गिरती है तो क्या पता बनाना छोड़ दें यानी जब तेलुगू पतंग उड़ रही है तब तक तो से आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचाना है ना मैं पैसों का क्या होता है कि आदमी ज्यादा से ज्यादा पैसे क्यों कमाना चाहता है अगर आदमी के पास ₹100000 तो उसकी जो इज्जत समाज में होती है वह ₹100000 जैसी होती है अगर उसके पास 10000000 रुपए तो उसकी समाज में इज्जत जो होती है वह एक करोड़ जैसी होती है और आदमी के पास जितना पैसा होता है उस हिसाब उसकी समाज में इज्जत होती है तो सिर्फ यही नहीं और भी कोई वजह हो सकती है लेकिन मैं यह मानता हूं कि आदमी अपनी पोजीशन बढ़ाने के लिए या अपने आप की ताकत बढ़ाने के लिए पैसा तुम्हारा चाहता है

agar kisi na kisi din mrityu aayegi hi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain kya aap mujhe yah samjha sakte hain toh bhaiyo log paise ke peeche kyon bhagte hain ka main jawab deta hoon aapko kyonki dekhiye aap aasman me patang udate hain theek patang udate hain toh kya hota hai ki aap patang udate ho phir aap par lagate hain aur vaah patang cut jaati hai toh kya hum patang udana chhod de patang cut jaati hai aur cut ke kahin girti hai toh kya pata banana chhod de yani jab telugu patang ud rahi hai tab tak toh se aasman ki unchaiyon tak pahunchana hai na main paison ka kya hota hai ki aadmi zyada se zyada paise kyon kamana chahta hai agar aadmi ke paas Rs toh uski jo izzat samaj me hoti hai vaah Rs jaisi hoti hai agar uske paas 10000000 rupaye toh uski samaj me izzat jo hoti hai vaah ek crore jaisi hoti hai aur aadmi ke paas jitna paisa hota hai us hisab uski samaj me izzat hoti hai toh sirf yahi nahi aur bhi koi wajah ho sakti hai lekin main yah maanta hoon ki aadmi apni position badhane ke liye ya apne aap ki takat badhane ke liye paisa tumhara chahta hai

अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे यह सम

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

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बंडू इसी को माया कांटे हैं हम आप और दुनिया सभी जानते हैं कि मेन फोर्स एनिमल मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और मैन और मॉडर्न सभी मनुष्य मननशील है फिर भी पैसे के पीछे भागते हैं इसको माया माया क्योंकि यहां पर पैसे नहीं भागेंगे तो खाएंगे क्या परिवार को क्या डे विकृत करने की शक्ति तो आपके अंदर हमारे अंदर हाय नहीं जो मैं भगवान से डरो और हजारों हजार साल तक बैठे रह जाओ ना भूख लगे ना प्यास लगे कुछ नहीं वह जमाना तो है नहीं यहां तो आओ गगन रहो मगर समय मिलता है तो जपु भजन धन्यवाद जय श्री राम

bandu isi ko maya kante hain hum aap aur duniya sabhi jante hain ki main force animal manushya ek samajik prani hai aur man aur modern sabhi manushya mananashil hai phir bhi paise ke peeche bhagte hain isko maya maya kyonki yahan par paise nahi bhagenge toh khayenge kya parivar ko kya day vikrit karne ki shakti toh aapke andar hamare andar hi nahi jo main bhagwan se daro aur hazaro hazaar saal tak baithe reh jao na bhukh lage na pyaas lage kuch nahi vaah jamana toh hai nahi yahan toh aao gagan raho magar samay milta hai toh japu bhajan dhanyavad jai shri ram

बंडू इसी को माया कांटे हैं हम आप और दुनिया सभी जानते हैं कि मेन फोर्स एनिमल मनुष्य एक सामा

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supervision

Career Counsellor.youtuber. my channel link https://youtu.be/7N2ZIYxyjM0

2:31
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नमस्कार मेरे प्यारे दोस्त आप का सवाल है कि अगर किसी ना किसी की एक न दिन में क्यों आएगी तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे यह समझा सकते जी बिल्कुल मैं आपकी बात समझा सकता हूं देखिए क्या होता है जब होती है एचडी चाहिए होती है आपने सुना ही होगा एक गरीब की कोई इज्जत नहीं होती जो गरीब होता है उसकी कोई पूछ नहीं होती अब करीब बनना नहीं चाहते अब क्या करें पैसे कमाए जाए क्योंकि पैसे से इज्जत मिलती है पैसा कैसे कमाया जाए क्योंकि पैसे से इज्जत मिलती लेकिन ठीक नहीं है पैसे बाई चांस ऐसा आपने देखा होगा कि जो अमीरों की शादी होगी उन्हें बड़े लोगों को तो बुलाते हैं लेकिन गरीब लोगों को कोई पूछता तक नहीं है नहीं होता है कि लोग अपना स्टेटस पढ़ाने के लिए पैसा कमाते हैं और पैसा कमाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते हैं और रही बात की मृत्यु एक ना एक दिन तो निश्चित यूथ वॉटर उल्लू का क्यों नहीं करना चाहती यदि आप अपने आप से सवाल पूछेगा कि यदि मैं मेरा परिवार को छोड़कर मेरी मृत्यु आने निश्चित है तो क्यों मैं श्लोक कि सुधारों मैं तो अपने परलोक सुधार हूं क्योंकि हमें यह मानव तन बड़ी मुश्किलों से मिलता है तुम मैं क्यों मिस यू जानेमन क्यों नौकरी करूं क्यों पैसे कमाओ फालतू शादी करो और अपनी बीवी छुपा लूंगी तब क्या छोड़कर बनो में सबके तपस्या करने की नहीं आपको मुंह है ना उसी को पैसे से मुंह है किसी को घर वालों से मुंह है किसी को दूसरे समूह में झगड़ा हुआ निकलना भी नहीं चाहता और आजकल हमारे समाज की एक खास बात यह है कि आप साधु संतों ने वाले होंगे ना तो आपको गलत निगाहों से देखते हैं समझे आप तो आप खुद तुझे कुछ समझ गए कि आपको क्या करना है यह समझाने की बात ही नहीं है अब खुद सोचिए कुछ समझ ही कि लोग पैसे के पीछे ही भागते क्यों क्योंकि इससे उन्हें मिलती है मिलती फोकट की चित्र सामने आप पैसे वाले हो गए आपको किसी बड़े समारोह में तो बुला लिया जाएगा कि आपको आपकी कहीं भी तो मिल जाएगी सामने जो पीछे सब बताते हैं कि पैसा कैसे कमाए मुझे उम्मीद है आपको आपके सवाल का जवाब मिला होगा रिजर्व आफ मेला हो तो मेरे इस पेज को फॉलो करें

namaskar mere pyare dost aap ka sawaal hai ki agar kisi na kisi ki ek na din me kyon aayegi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain kya aap mujhe yah samjha sakte ji bilkul main aapki baat samjha sakta hoon dekhiye kya hota hai jab hoti hai hd chahiye hoti hai aapne suna hi hoga ek garib ki koi izzat nahi hoti jo garib hota hai uski koi puch nahi hoti ab kareeb banna nahi chahte ab kya kare paise kamaye jaaye kyonki paise se izzat milti hai paisa kaise kamaya jaaye kyonki paise se izzat milti lekin theek nahi hai paise bai chance aisa aapne dekha hoga ki jo amiron ki shaadi hogi unhe bade logo ko toh bulate hain lekin garib logo ko koi poochta tak nahi hai nahi hota hai ki log apna status padhane ke liye paisa kamate hain aur paisa kamane ke liye vaah kisi bhi had tak ja sakte hain aur rahi baat ki mrityu ek na ek din toh nishchit youth water ullu ka kyon nahi karna chahti yadi aap apne aap se sawaal puchhega ki yadi main mera parivar ko chhodkar meri mrityu aane nishchit hai toh kyon main shlok ki sudharo main toh apne parlok sudhaar hoon kyonki hamein yah manav tan badi mushkilon se milta hai tum main kyon miss you jaaneman kyon naukri karu kyon paise kamao faltu shaadi karo aur apni biwi chupa lungi tab kya chhodkar bano me sabke tapasya karne ki nahi aapko mooh hai na usi ko paise se mooh hai kisi ko ghar walon se mooh hai kisi ko dusre samuh me jhagda hua nikalna bhi nahi chahta aur aajkal hamare samaj ki ek khas baat yah hai ki aap sadhu santo ne waale honge na toh aapko galat nigaahon se dekhte hain samjhe aap toh aap khud tujhe kuch samajh gaye ki aapko kya karna hai yah samjhane ki baat hi nahi hai ab khud sochiye kuch samajh hi ki log paise ke peeche hi bhagte kyon kyonki isse unhe milti hai milti fokat ki chitra saamne aap paise waale ho gaye aapko kisi bade samaroh me toh bula liya jaega ki aapko aapki kahin bhi toh mil jayegi saamne jo peeche sab batatey hain ki paisa kaise kamaye mujhe ummid hai aapko aapke sawaal ka jawab mila hoga reserve of mela ho toh mere is page ko follow kare

नमस्कार मेरे प्यारे दोस्त आप का सवाल है कि अगर किसी ना किसी की एक न दिन में क्यों आएगी तो

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जीवन में सबकुछ सत्य है लेकिन उस सत्य के पीछे यह नहीं है कि आप अपने कार्य करना छोड़ दें आपको यह दुनिया पानी है यह खत्म हो जाएगी आज से 100 साल बाद हम आप या तो यह दुनिया नहीं रहेगी तो क्या इसके लिए हम जितने दिन दुनिया चल रही है जिससे हम दुनिया में जीवित है तो क्या हम क्या मतलब पैसा कमाए कमाए और जीविका क्या आप अपने लक्ष्य को पूरा करें अपने अधिक से अधिक लक्ष्मण बने और अब बड़े से बड़े अचीवमेंट को हासिल करें अपने जीवन में ताकि आपकी आने वाली आने वाली पीढ़ी आपका नाम ले और आपका समाज में स्टाफ का नाम है इसलिए लोग पैसा कमाते हैं धन कमाते हैं यह निराशा वाली बातें छोड़िए और हमेशा धन कमाने के लिए अग्रसर होगी और वह आदमी जो धन को कुछ नहीं समझता है धन बहुत कुछ है धन से बहुत कुछ किया जा सकता है और पूरे समाज की व्यवस्था आज आर्थिक मुद्दों पर ही टिकी हुई है और धन पर किसी भी आपको ऐसी बातें सोचना बंद कर दे और आप निराश ना हो और ज्यादा ज्यादा धन कमाया और आगे बढ़िए धन्यवाद

jeevan me sabkuch satya hai lekin us satya ke peeche yah nahi hai ki aap apne karya karna chhod de aapko yah duniya paani hai yah khatam ho jayegi aaj se 100 saal baad hum aap ya toh yah duniya nahi rahegi toh kya iske liye hum jitne din duniya chal rahi hai jisse hum duniya me jeevit hai toh kya hum kya matlab paisa kamaye kamaye aur jeevika kya aap apne lakshya ko pura kare apne adhik se adhik lakshman bane aur ab bade se bade achievement ko hasil kare apne jeevan me taki aapki aane wali aane wali peedhi aapka naam le aur aapka samaj me staff ka naam hai isliye log paisa kamate hain dhan kamate hain yah nirasha wali batein chodiye aur hamesha dhan kamane ke liye agrasar hogi aur vaah aadmi jo dhan ko kuch nahi samajhata hai dhan bahut kuch hai dhan se bahut kuch kiya ja sakta hai aur poore samaj ki vyavastha aaj aarthik muddon par hi tiki hui hai aur dhan par kisi bhi aapko aisi batein sochna band kar de aur aap nirash na ho aur zyada zyada dhan kamaya aur aage badhiye dhanyavad

जीवन में सबकुछ सत्य है लेकिन उस सत्य के पीछे यह नहीं है कि आप अपने कार्य करना छोड़ दें आपक

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इस सवाल का जवाब तो यार मुझे भी नहीं मिला है कि लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं मुझे लगता और सत्ता के पीछे भागते हैं पैसे के पीछे नहीं भागते हैं लोग अपनी और सत्ता के पीछे भागते जानते हैं कि जिन्होंने मर जाना है लेकिन जितना टाइम मिला है वह टाइम तो नहीं जीना है ना और उसने में जो आ सकता जरूरी है इस लाइफ में साधु सन्यासी तो हम है नहीं कि हम लिमिट में रहेंगे एक टाइम में खाना खाना है पूजा करना और सो जा भाई अपने जीवन का जीवन चक्र चलाने के लिए औपचारिकता पूरी करने के लिए हर चीज का तो कर देना पड़ता है ना तो उसको पूरा करने के लोग पैसे कमाते हैं और इसी पैसे की होड़ में लोग किसी को ज्यादा लालसा हो जाती है किसी को कम कोई अपनी जरूरत भर का पैसा पाकर संतुष्ट हो जाता है कोई कहता है कि मुझे और चीजें चाहिए और बड़ा बनना है और बहुत कुछ करना उस बहुत कुछ करने के चक्कर में इंसान पैसे की कीजिए भागता है अभी तक का तो मुझे ही पता है और इसका कोई आध्यात्मिक और सांसारिक पर होगा जो बड़े-बड़े विज्ञानी विद्वान बताइए मुझे तो बस इतना ही पता है कि इंसान अपनी आवश्यकताओं को बढ़ाता जाता है उसी के पीछे भागता जाता है जिसको पूरा करने के लिए फेसबुक दीजिए भागता रहता है पैसे की जो नहीं बोलता वह आपकी और सकता हूं कि पीछे भागता अपनी इच्छाओं के पीछे भागता है उन सब के पीछे बहुत मूल चीज तो भूल ही जाता है जो जिंदगी जीने आया है वह जिंदगी जी नहीं पाती भागता रहता भागता रहता है शायद लोग डाउन में सब कोई चीज पता चली गई होगी कि हम बहुत कम चीज में भी गया क्या अच्छे से जिंदगी काट सकते हैं हमें अपनी भागा दौड़ी की जरूरत नहीं है जब इस टाइम सब कुछ बंद है लिमिट का खाना लिमिट का पहनना लिमिट का सोना कहीं नहीं जाना कहीं नहीं आना फिर भी हम हैं लाइफ में हैं खुश है इंजॉय कर रहे हैं कुछ लोग होंगे परेशान हो गए उनको लग रहा होगा क्या चमारा इतना नुकसान हो रहा है आज वह हो रहा है लेकिन क्या लाइफ से बढ़कर वह नुकसान है अगर हमारी लाइफ ही नहीं रही तो हम क्या करेंगे सब चीज का पहले लाइट बनाना ज्यादा जरूरी है इस्लाम टाउन ने यह चीज तो सच सबको समझाई दिए सिंपल

is sawaal ka jawab toh yaar mujhe bhi nahi mila hai ki log paise ke peeche kyon bhagte hain mujhe lagta aur satta ke peeche bhagte hain paise ke peeche nahi bhagte hain log apni aur satta ke peeche bhagte jante hain ki jinhone mar jana hai lekin jitna time mila hai vaah time toh nahi jeena hai na aur usne me jo aa sakta zaroori hai is life me sadhu sanyaasi toh hum hai nahi ki hum limit me rahenge ek time me khana khana hai puja karna aur so ja bhai apne jeevan ka jeevan chakra chalane ke liye aupacharikta puri karne ke liye har cheez ka toh kar dena padta hai na toh usko pura karne ke log paise kamate hain aur isi paise ki hod me log kisi ko zyada lalasa ho jaati hai kisi ko kam koi apni zarurat bhar ka paisa pakar santusht ho jata hai koi kahata hai ki mujhe aur cheezen chahiye aur bada banna hai aur bahut kuch karna us bahut kuch karne ke chakkar me insaan paise ki kijiye bhagta hai abhi tak ka toh mujhe hi pata hai aur iska koi aadhyatmik aur sansarik par hoga jo bade bade vigyani vidhwaan bataiye mujhe toh bus itna hi pata hai ki insaan apni avashayaktaon ko badhata jata hai usi ke peeche bhagta jata hai jisko pura karne ke liye facebook dijiye bhagta rehta hai paise ki jo nahi bolta vaah aapki aur sakta hoon ki peeche bhagta apni ikchao ke peeche bhagta hai un sab ke peeche bahut mul cheez toh bhool hi jata hai jo zindagi jeene aaya hai vaah zindagi ji nahi pati bhagta rehta bhagta rehta hai shayad log down me sab koi cheez pata chali gayi hogi ki hum bahut kam cheez me bhi gaya kya acche se zindagi kaat sakte hain hamein apni bhaagaa daudi ki zarurat nahi hai jab is time sab kuch band hai limit ka khana limit ka pahanna limit ka sona kahin nahi jana kahin nahi aana phir bhi hum hain life me hain khush hai enjoy kar rahe hain kuch log honge pareshan ho gaye unko lag raha hoga kya chamara itna nuksan ho raha hai aaj vaah ho raha hai lekin kya life se badhkar vaah nuksan hai agar hamari life hi nahi rahi toh hum kya karenge sab cheez ka pehle light banana zyada zaroori hai islam town ne yah cheez toh sach sabko samjhai diye simple

इस सवाल का जवाब तो यार मुझे भी नहीं मिला है कि लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं मुझे लगता

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अगर किसी ना किसी दिन मिटते आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं लिखिए इसका मुख्य कारण तो यह है कि हमको पैसा क्यों कमाने अपने आप से सवाल पूछा कि पैसा क्यों तुम्हारे हैं क्योंकि वह एक कुंजी है एक उससे हम किसी अन्य चीज को खरीद सकते हैं उस चीज उस पैसे से वहां अपनी नीड्स पूरी करते अपनी जरूरत पूरी करते हैं उस पैसे से हम अपने लिए कपड़े खाना मकान बनाते हैं श्याम अपने बीवी बच्चे माता-पिता का पालन करते हैं उनके लिए खाना लाते हैं कपड़े लाते हैं तो देखे पैसे के पीछे कभी नहीं भागने हैं पैसा खुद चलकर आए अपने आप को ऐसा बना देना है पैसे क्यों इलास्टिक तेज मृत्यु है क्योंकि हम अपने बीवी बच्चों का पालन क्यों कर रहे हैं हमें किसी की जरूरत क्यों है हमें फोन की जरूरत क्यों हमें लैपटॉप की जरूरत क्यों है हमें कपड़े की जरूरत क्यों है क्यों आखिर इसका आंसर यह है कि पैसे के पीछे इंसान भरते हैं क्योंकि वह अपनी जरूरत पूरी करने के लिए नीड्स को पूरी करने के लिए पैसे के पीछे भागता है धन्यवाद

agar kisi na kisi din mitte aayegi hi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain likhiye iska mukhya karan toh yah hai ki hamko paisa kyon kamane apne aap se sawaal poocha ki paisa kyon tumhare hain kyonki vaah ek kunji hai ek usse hum kisi anya cheez ko kharid sakte hain us cheez us paise se wahan apni needs puri karte apni zarurat puri karte hain us paise se hum apne liye kapde khana makan banate hain shyam apne biwi bacche mata pita ka palan karte hain unke liye khana laate hain kapde laate hain toh dekhe paise ke peeche kabhi nahi bhagne hain paisa khud chalkar aaye apne aap ko aisa bana dena hai paise kyon elastic tez mrityu hai kyonki hum apne biwi baccho ka palan kyon kar rahe hain hamein kisi ki zarurat kyon hai hamein phone ki zarurat kyon hamein laptop ki zarurat kyon hai hamein kapde ki zarurat kyon hai kyon aakhir iska answer yah hai ki paise ke peeche insaan bharte hain kyonki vaah apni zarurat puri karne ke liye needs ko puri karne ke liye paise ke peeche bhagta hai dhanyavad

अगर किसी ना किसी दिन मिटते आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं लिखिए इसका मुख्य का

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गुड मॉर्निंग आपके द्वारा काफी बढ़िया कुर्सी किया गया है पर मैं आपको यह बता देना चाहता हूं कि यह परम सत्य है कि हर एक व्यक्ति की मौत तो एक निश्चित लोग पैसे के पीछे भागते हैं अपनी जिंदगी को सुखी और समृद्ध बना सके और अपने समाज के लिए या अपने परिवार के लिए कुछ अच्छा कर जाएं अगर आपको ऐसा लगता है कि पैसे के पीछे नहीं भागना चाहिए तू ही आप थोड़ी गलत हो सकते हैं ज्यादा तो नहीं पर मैं आपको एक बात बता देना चाहता हूं कि पैसा के पीछे आप भाग्य जरूर पर उस पैसे को आयोजित अपनी आवश्यकता के अनुसार करें अगर आपके पास ज्यादा पैसे हो तो आप गरीब लोगों को या जरूरतमंद लोगों की आप मदद करें इससे आपको यह फायदा होगा कि एक तो अगर आपकी आंखें जिंदगी का अंत भी होता है तो आपको कोई भरा बुला कहने वाला कोई नहीं होगा ऐसे में कुछ लोग या कुछ भगवान को मानने वाले लोगों ने यह भी कहा है कि जो व्यक्ति अच्छे कर्म करते हैं उनको स्वर्गीय प्राप्ति होती है और जो बुरे कर्म करते उनको न के बराबर भी तुरंत ऐसा है क्योंकि कोई मरने वाला व्यक्ति धरती पर आकर यह तो नहीं कहा कि मैं स्वर्ग में था किन्नर की थैंक यू

good morning aapke dwara kaafi badhiya kursi kiya gaya hai par main aapko yah bata dena chahta hoon ki yah param satya hai ki har ek vyakti ki maut toh ek nishchit log paise ke peeche bhagte hain apni zindagi ko sukhi aur samriddh bana sake aur apne samaj ke liye ya apne parivar ke liye kuch accha kar jayen agar aapko aisa lagta hai ki paise ke peeche nahi bhaagna chahiye tu hi aap thodi galat ho sakte hain zyada toh nahi par main aapko ek baat bata dena chahta hoon ki paisa ke peeche aap bhagya zaroor par us paise ko ayojit apni avashyakta ke anusaar kare agar aapke paas zyada paise ho toh aap garib logo ko ya jaruratmand logo ki aap madad kare isse aapko yah fayda hoga ki ek toh agar aapki aankhen zindagi ka ant bhi hota hai toh aapko koi bhara bula kehne vala koi nahi hoga aise me kuch log ya kuch bhagwan ko manne waale logo ne yah bhi kaha hai ki jo vyakti acche karm karte hain unko swargiya prapti hoti hai aur jo bure karm karte unko na ke barabar bhi turant aisa hai kyonki koi marne vala vyakti dharti par aakar yah toh nahi kaha ki main swarg me tha kinnar ki thank you

गुड मॉर्निंग आपके द्वारा काफी बढ़िया कुर्सी किया गया है पर मैं आपको यह बता देना चाहता हूं

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official Shrawan Rajput

Life Coach & Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो भाई कैसे हो आप तो पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे यह समझा सकते हो या मैसेंजर सकता हूं क्या खूब किसी ने किसी को आज नहीं आने वाली आज नहीं आने वाली लाइफ में कभी न कभी आएगी और लाइफ में के मृत्यु आएगी उस दिन को लेकर अभी तक आप क्या करोगे उस चीज को आप क्या करोगे अपनी उस टाइम तक आपको कैसे चलाओगे उसके लिए आपको पैसे कमाने ही पड़ेंगे आपको कुछ खाने के लिए उस टाइम पर जीवित रहने के लिए आपको कुछ न कुछ करना ही पड़ेगा उसे कुछ करने के पीछे मैं नहीं है क्योंकि लाइफ में पैसे नहीं कमा लूंगा कुछ भी नहीं कर सकते आप कुछ भी नहीं मैं छोटी से छोटी छोटी छोटी वीडियो गीत उसके लिए भी आज के टाइम में पैसे लगते हैं ना वह चीज भी अगर आप याद करके उस चीज को भी हासिल ना कर अपना जीवन यापन करती हूं तू एक प्रकार से पैसे कमाना हो गए हैं कि हम खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाओगे आई थिंक जब जन्म हुआ था खाली हाथ जाओगे तो भी खाली हाथ जाओगे जब जन्म से लेकर जा टाइम पीरियड इस दौरान आपकी लाइफ में बैटरी भी कर सकते हो कुछ इस चीज में जब आपका जन्म होता है कबाबी कैसे रहते हो जब आपकी मर्जी होती तो बात आपको एक्सपी ने चोदा बहुत ज्यादा कि आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप जन्म हुआ था वैसे ही रहना चाहते हो आप सब अच्छी होगी आप बहुत मिस करती हूं फिर लोगों के दिल में कुछ सही बना कर के मरना चाहती आप इतनी कम आना तो है लेकिन अब जब आप कुछ तो लाइफ में अच्छी कर लेते हो ना कुछ लाइफ में बहुत कुछ एक्सप्रेस दे दे देते हो तुमसे तो उस पैसों से लाइव चलती है उस पैसे से अपने जीवन यापन चलता हुआ पैसे कमा कर फिर अपनी लाइफ को फील करोगे तो बहुत बढ़िया है यह चीज की खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाओगे ऑफिस में किसी दिन मृत्यु आएगी लोग पैसे के पीछे क्यों भागते तू खाएगा काशी खाने के लिए पैसे तो कमा नहीं पड़ेगा कुछ पूछना है तो मेरे को कमिंग पूछ सकते हो तो लाइक जरूर दूंगा

hello bhai kaise ho aap toh peeche kyon bhagte hain kya aap mujhe yah samjha sakte ho ya messenger sakta hoon kya khoob kisi ne kisi ko aaj nahi aane wali aaj nahi aane wali life me kabhi na kabhi aayegi aur life me ke mrityu aayegi us din ko lekar abhi tak aap kya karoge us cheez ko aap kya karoge apni us time tak aapko kaise chalaoge uske liye aapko paise kamane hi padenge aapko kuch khane ke liye us time par jeevit rehne ke liye aapko kuch na kuch karna hi padega use kuch karne ke peeche main nahi hai kyonki life me paise nahi kama lunga kuch bhi nahi kar sakte aap kuch bhi nahi main choti se choti choti choti video geet uske liye bhi aaj ke time me paise lagte hain na vaah cheez bhi agar aap yaad karke us cheez ko bhi hasil na kar apna jeevan yaapan karti hoon tu ek prakar se paise kamana ho gaye hain ki hum khaali hath aaye the khaali hath jaoge I think jab janam hua tha khaali hath jaoge toh bhi khaali hath jaoge jab janam se lekar ja time period is dauran aapki life me battery bhi kar sakte ho kuch is cheez me jab aapka janam hota hai kababi kaise rehte ho jab aapki marji hoti toh baat aapko XP ne choda bahut zyada ki aapke upar depend karta hai ki aap janam hua tha waise hi rehna chahte ho aap sab achi hogi aap bahut miss karti hoon phir logo ke dil me kuch sahi bana kar ke marna chahti aap itni kam aana toh hai lekin ab jab aap kuch toh life me achi kar lete ho na kuch life me bahut kuch express de de dete ho tumse toh us paison se live chalti hai us paise se apne jeevan yaapan chalta hua paise kama kar phir apni life ko feel karoge toh bahut badhiya hai yah cheez ki khaali hath aaye the khaali hath jaoge office me kisi din mrityu aayegi log paise ke peeche kyon bhagte tu khaega kashi khane ke liye paise toh kama nahi padega kuch poochna hai toh mere ko coming puch sakte ho toh like zaroor dunga

हेलो भाई कैसे हो आप तो पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे यह समझा सकते हो या मैसेंजर सकता ह

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जब तक मृत्यु नहीं आती तब तक हम जिंदा होते हैं तुम मृत्यु के बाद हम को पैसे की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन जब तक हम जिंदा है तब तक तो हमें पैसे चाहिए पैसे के बिना इस दुनिया में कुछ भी नहीं मिलता मतलब लोग मृत्यु के बाद के लिए पैसे इकट्ठे नहीं करते इसके पीछे नहीं भागते हैं लोग जिंदा रहने के लिए पैसे के पीछे भागते हैं हां यह गलत बात है कि अपने हिसाब से जितना खा सकते हो पी सकते हो इतना मिल जाता है तो बराबर है कितना पैसा कमाने का ब्याज भी है लाजमी है लेकिन हमको पता है कि हमारी ख्वाहिश है कभी खत्म नहीं होती जितना भी मिलता है उससे ज्यादा पाने की ख्वाहिश रहती है इसीलिए लोग जितनी भी महत्वाकांक्षा बढ़ाना चाहते हैं बढ़ाते रहते हैं और जितना भी उनको पैसा मिलता है उसने से खुश नहीं होते हैं और ज्यादा पैसे के पीछे भागते हैं

jab tak mrityu nahi aati tab tak hum zinda hote hain tum mrityu ke baad hum ko paise ki zarurat nahi padegi lekin jab tak hum zinda hai tab tak toh hamein paise chahiye paise ke bina is duniya me kuch bhi nahi milta matlab log mrityu ke baad ke liye paise ikatthe nahi karte iske peeche nahi bhagte hain log zinda rehne ke liye paise ke peeche bhagte hain haan yah galat baat hai ki apne hisab se jitna kha sakte ho p sakte ho itna mil jata hai toh barabar hai kitna paisa kamane ka byaj bhi hai lajmi hai lekin hamko pata hai ki hamari khwaahish hai kabhi khatam nahi hoti jitna bhi milta hai usse zyada paane ki khwaahish rehti hai isliye log jitni bhi mahatwakanksha badhana chahte hain badhate rehte hain aur jitna bhi unko paisa milta hai usne se khush nahi hote hain aur zyada paise ke peeche bhagte hain

जब तक मृत्यु नहीं आती तब तक हम जिंदा होते हैं तुम मृत्यु के बाद हम को पैसे की जरूरत नहीं प

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पहले तो कहना चाहूंगी सवाल बहुत ही अच्छा है मतलब काफी सोचने वाली बात है यह क्यों ऐसा होता है कि मेरे मुताबिक बात यह है कि हमारा जो शरीर है वह हम जो खुद हैं मनुष्य में तो हम पूरे एक व्यक्ति हैं वह आत्मा है आत्मा को यह घर मिला है शरीर के रूप में ठेके जैसे हम घर बदलते आत्मा फिशरी बदलती है सुखी रखने के लिए हम काम करते हैं समझने वाली बात यह है कि जब हमारा जन्म होता है तब हमारे पास माता पिता होता है और यदि माता-पिता के पास में धनराशि ना हो तो वह हमारा पालन-पोषण अच्छे से नहीं कर पाएंगे तो हमारे जन्म कहां माना हमारे जन्म पर हमें पैसों की कोई आवश्यकता नहीं होती नहीं हमारी मृत्यु के समय होती है किंतु जब बात परवरिश आती है तो वहां पर पैसा बड़ी अहम भूमिका निभाता है और जो मैंने पहले कहा कि हमारी आत्मा है उसका जो शरीर हमें जो यह वाला शरीर इस जन्म में मिला है उस शरीर को सुखी रखने के लिए शरीर की सेवा करने के लिए हमें पैसे चाहिए होता है और वह हम उसके लिए हम सकते हैं कहते हैं कि नहीं हम अकेले रह सकते हैं हम अपना जीवन यापन ज्यादा पैसों के बिना वो कहीं ना कहीं बस हम उन्हें खाएंगे स्वार्थ कह देते हैं ताकि हम सभी को इस शरीर की इसके लिए इस शरीर को अच्छा रखने के लिए भरपूर खाना मिले जीवन में कपड़े मिले सब घर मिले इसे सुखी रखने के लिए हम यह सब करते हैं बाकी जो मैं रिश्ते होते हैं मोहित पैसों की अहमियत है कम हो जाएगी लेकिन हम लोग हमेशा पारिवारिक हैं हम लोग साथ में रहते हैं तो हमें अपने साथ साथ अपने और परिवार वालों की जरूरतों का भी ध्यान रखना होते हो इसीलिए हम पैसों के पीछे भागते हैं तो आप ऐसा के लिए हमारे जीवन में महत्व तो है बिल्कुल है क्योंकि हमें ऐसे शरीर कोयल की जो घर रुपए हमें शरीर मिला है इसकी सेवा के लिए उसकी बहुत

pehle toh kehna chahungi sawaal bahut hi accha hai matlab kaafi sochne wali baat hai yah kyon aisa hota hai ki mere mutabik baat yah hai ki hamara jo sharir hai vaah hum jo khud hain manushya me toh hum poore ek vyakti hain vaah aatma hai aatma ko yah ghar mila hai sharir ke roop me theke jaise hum ghar badalte aatma fishery badalti hai sukhi rakhne ke liye hum kaam karte hain samjhne wali baat yah hai ki jab hamara janam hota hai tab hamare paas mata pita hota hai aur yadi mata pita ke paas me dhanrashi na ho toh vaah hamara palan poshan acche se nahi kar payenge toh hamare janam kaha mana hamare janam par hamein paison ki koi avashyakta nahi hoti nahi hamari mrityu ke samay hoti hai kintu jab baat parvarish aati hai toh wahan par paisa badi aham bhumika nibhata hai aur jo maine pehle kaha ki hamari aatma hai uska jo sharir hamein jo yah vala sharir is janam me mila hai us sharir ko sukhi rakhne ke liye sharir ki seva karne ke liye hamein paise chahiye hota hai aur vaah hum uske liye hum sakte hain kehte hain ki nahi hum akele reh sakte hain hum apna jeevan yaapan zyada paison ke bina vo kahin na kahin bus hum unhe khayenge swarth keh dete hain taki hum sabhi ko is sharir ki iske liye is sharir ko accha rakhne ke liye bharpur khana mile jeevan me kapde mile sab ghar mile ise sukhi rakhne ke liye hum yah sab karte hain baki jo main rishte hote hain mohit paison ki ahamiyat hai kam ho jayegi lekin hum log hamesha parivarik hain hum log saath me rehte hain toh hamein apne saath saath apne aur parivar walon ki jaruraton ka bhi dhyan rakhna hote ho isliye hum paison ke peeche bhagte hain toh aap aisa ke liye hamare jeevan me mahatva toh hai bilkul hai kyonki hamein aise sharir koyal ki jo ghar rupaye hamein sharir mila hai iski seva ke liye uski bahut

पहले तो कहना चाहूंगी सवाल बहुत ही अच्छा है मतलब काफी सोचने वाली बात है यह क्यों ऐसा होता ह

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अकबर ने कि अगर किसी न किसी दिन मृत्यु ही जाएगी तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं इसका उत्तर हुआ कि लोग चाहते हैं कि हमारे पास जितने भी जितने भी बंद है हम बहुत अच्छे तरीके से पैसे कमा ले और उसमें जो भी जीवन है 1 दिन हो 2 दिन हो उसको एक अच्छे तरीके से जी और यह सब सिर्फ पैसे के कारण ही मुमकिन हो सकता है इसलिए लोग अपनी जिंदगी के बारे में छोड़कर पैसों के बारे में सोचते हैं कि इसे कैसे कमाया जाए

akbar ne ki agar kisi na kisi din mrityu hi jayegi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain iska uttar hua ki log chahte hain ki hamare paas jitne bhi jitne bhi band hai hum bahut acche tarike se paise kama le aur usme jo bhi jeevan hai 1 din ho 2 din ho usko ek acche tarike se ji aur yah sab sirf paise ke karan hi mumkin ho sakta hai isliye log apni zindagi ke bare me chhodkar paison ke bare me sochte hain ki ise kaise kamaya jaaye

अकबर ने कि अगर किसी न किसी दिन मृत्यु ही जाएगी तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं इसका उत

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Sumit Thapa

motivation speech

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हेलो डियर फ्रेंड्स आज का टॉपिक है अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं क्या आप मुझे और समझा सकते हैं मान लीजिए कि जो हमारी जिंदगी है उसने हम किसी एक चीज को पकड़े रखे हैं मान लीजिए आप खुशी को पकड़ रखे हैं खुशी अर्थात मन में यह विचार रखने की अब मेरे जिगर में कोई दुख नहीं आएगा आई एम हैप्पी ऑलवेज हैप्पी बट यह पॉसिबल नहीं है क्यों क्योंकि अगर हैप्पी रहेगा तो आपसे तो बोर हो जाएंगे या फिर हैप्पी नहीं रहेंगे तो जो यह मनी होती है इसकी जरूरत होती है ऐसा नहीं है कि हमें ऐसा नहीं है कि मतलब इसकी जरूरत नहीं होगी जरूरत होगी इसी जीवन में अपन करने के लिए मन की बहुत जरूरत होती है अगर आप छोटी से छोटी चीज की आवश्यकता है आपको कुछ भी चीज चाहिए मान लीजिए अगर आप स्टूडेंट हैं तो आपको कोई बुक चाहिए या फिर नोटबुक की या पेंसिल पेन या फिर कुछ भी प्रोग्राम तो आपको मैंने की जरूरत पड़ेगी अगर आप एक हाउसवाइफ है या फिर कुछ और है तो आपको जो इस पैसे सोते मसाले होते हैं वगैरा-वगैरा बर्तन फिर कुछ नहीं तो ज्वेलरी के लिए भी मनी चाहिए या फिर अगर आप यात्रा कर रही है ट्रेवल कर रहे हैं तो ट्रैवल करने के लिए भी मनी की जरूरत होती है या फिर कुछ भी है अगर आप बिजनेस मैन आफ बिजनेस करने के लिए मनकीरत होती कुछ भी ना तो छोटी से छोटी जरूरत के लिए भी मन की जरूरत होती है तो मनी की जरूरत होती है तो मनी की जरूरत है कहा जाता है कि अगर हम जिसके पीछे ज्यादा भाषण के वह चीज हमें नुकसान भी पहुंचा सकती है क्योंकि अगर हम इसको बहुत ज्यादा अपना लाभ सोच होगी तो हम लाश की जगह लोग भी हो जाएंगे मान लीजिए आप किसी चीज पर कटा कर रहे हैं तो इकट्ठा कर रहे हैं कर रहे हैं कर रहे हैं बस करते जा रहे हैं तो उसे कहीं खर्च नहीं कर रहा है फिर से इकट्ठा करके रखें तो उसमें ऐसा होगा या तो जंग लग जाएगा या दीमक लग जाएगा या फिर कुछ ऐसा हो जाएगा मान लीजिए आपने कोई ज्ञान एकत्र कर रखा है अब तक का किसी ने मतलब या फिर मैं यहां फिर आप कुछ किसी का भी ज्ञान पर ले लेते हैं तो वह ज्ञान एकत्र कर रखें अगर हम उसको लोगों में बाटेंगे नहीं तो उस ज्ञान का कोई भी फायदा नहीं होगा इसीलिए जो आपने बात कही आएगी एक दिन मृत्यु पर मृत्यु जो जीवन और मृत्यु है उसके बीच की वीडियो यात्रा होती है उसे कंपनी करने के लिए भी हमें आमदनी की जरूरत होती है जिसे मनी पिया पैसा का है पैसा कहते हैं अगर मन ही नहीं होगी तो फिर हम कोई भी चीज की आवश्यकता पूरी नहीं कर पाएंगे इसलिए सब चीज की आवश्यकता ही सीमित हैं बट हम उसी में से अपनी इच्छाओं को बहुत विस्तार कर देते बड़ा कर देते हैं जो कि हमारी दुख का कारण बनती है इसलिए अपनी इच्छाओं को कम कीजिए और अधिक खुशी मिलेगी यही खुश रहने का सबसे अच्छा एक व्यक्ति किसी ठीक है जिसकी अपनी इच्छाएं कम कर दो उतने ही खुश रहोगे

hello dear friends aaj ka topic hai agar kisi na kisi din mrityu aayegi hi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain kya aap mujhe aur samjha sakte hain maan lijiye ki jo hamari zindagi hai usne hum kisi ek cheez ko pakde rakhe hain maan lijiye aap khushi ko pakad rakhe hain khushi arthat man me yah vichar rakhne ki ab mere jigar me koi dukh nahi aayega I M happy always happy but yah possible nahi hai kyon kyonki agar happy rahega toh aapse toh bore ho jaenge ya phir happy nahi rahenge toh jo yah money hoti hai iski zarurat hoti hai aisa nahi hai ki hamein aisa nahi hai ki matlab iski zarurat nahi hogi zarurat hogi isi jeevan me apan karne ke liye man ki bahut zarurat hoti hai agar aap choti se choti cheez ki avashyakta hai aapko kuch bhi cheez chahiye maan lijiye agar aap student hain toh aapko koi book chahiye ya phir notebook ki ya pencil pen ya phir kuch bhi program toh aapko maine ki zarurat padegi agar aap ek housewife hai ya phir kuch aur hai toh aapko jo is paise sote masale hote hain vagera vagera bartan phir kuch nahi toh jewellery ke liye bhi money chahiye ya phir agar aap yatra kar rahi hai travel kar rahe hain toh travel karne ke liye bhi money ki zarurat hoti hai ya phir kuch bhi hai agar aap business man of business karne ke liye manakirat hoti kuch bhi na toh choti se choti zarurat ke liye bhi man ki zarurat hoti hai toh money ki zarurat hoti hai toh money ki zarurat hai kaha jata hai ki agar hum jiske peeche zyada bhashan ke vaah cheez hamein nuksan bhi pohcha sakti hai kyonki agar hum isko bahut zyada apna labh soch hogi toh hum laash ki jagah log bhi ho jaenge maan lijiye aap kisi cheez par kata kar rahe hain toh ikattha kar rahe hain kar rahe hain kar rahe hain bus karte ja rahe hain toh use kahin kharch nahi kar raha hai phir se ikattha karke rakhen toh usme aisa hoga ya toh jung lag jaega ya dimak lag jaega ya phir kuch aisa ho jaega maan lijiye aapne koi gyaan ekatarr kar rakha hai ab tak ka kisi ne matlab ya phir main yahan phir aap kuch kisi ka bhi gyaan par le lete hain toh vaah gyaan ekatarr kar rakhen agar hum usko logo me batenge nahi toh us gyaan ka koi bhi fayda nahi hoga isliye jo aapne baat kahi aayegi ek din mrityu par mrityu jo jeevan aur mrityu hai uske beech ki video yatra hoti hai use company karne ke liye bhi hamein aamdani ki zarurat hoti hai jise money piya paisa ka hai paisa kehte hain agar man hi nahi hogi toh phir hum koi bhi cheez ki avashyakta puri nahi kar payenge isliye sab cheez ki avashyakta hi simit hain but hum usi me se apni ikchao ko bahut vistaar kar dete bada kar dete hain jo ki hamari dukh ka karan banti hai isliye apni ikchao ko kam kijiye aur adhik khushi milegi yahi khush rehne ka sabse accha ek vyakti kisi theek hai jiski apni ichhaen kam kar do utne hi khush rahoge

हेलो डियर फ्रेंड्स आज का टॉपिक है अगर किसी ना किसी दिन मृत्यु आएगी ही तो लोग पैसे के पीछे

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यह बात तो सच है कि हमें किसी ना किसी दिन मिल तुम ऋतु के गाल में समा ही जाना है हमें हम जिन जो व्यक्ति जो नर जो मनुष्य जो खुशी संसार में अर्थात इस पृथ्वी पर जन्म लिया है उसे एक न एक दिन 1 दिन चला है जाना है इस दुनिया से इसलिए बात रही कि पैसे के पीछे भागने की तो पैसे के पीछे कोई व्यक्ति इसलिए बात का है क्योंकि वह अपनी दैनिक दैनिक आगे आने वाली समस्या भाविश में अनेक प्रकार की समस्या से निपटने गरीबी आदि प्रकार कठिनाइयां बीमारियां घर घर घर आदि का आदि आदि की देखरेख करने के लिए उन्हें पैसों की जरूरत होती है और अपने इन्हीं के साथ इसी के साथ-साथ अपने परिवार को अपने परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी अपने परिवार को सुखी रखना पैसा बहुत जरूरी होता है इसलिए इसलिए मृत्यु मृत्यु तो मीट तू है लेकिन पैसा पैसा होना आवश्यक है पैसा रहेगा तभी हम अपने हम अपने धोखा देते हैं खुश रह सकते हैं और अनेक और खुशियां बांटते हैं क्योंकि इसी के माध्यम से किसी के माध्यम से हम मांदल आदिवासी को खरीद पाते और खा पीते हैं खाते पीते हैं

yah baat toh sach hai ki hamein kisi na kisi din mil tum ritu ke gaal me sama hi jana hai hamein hum jin jo vyakti jo nar jo manushya jo khushi sansar me arthat is prithvi par janam liya hai use ek na ek din 1 din chala hai jana hai is duniya se isliye baat rahi ki paise ke peeche bhagne ki toh paise ke peeche koi vyakti isliye baat ka hai kyonki vaah apni dainik dainik aage aane wali samasya bhavish me anek prakar ki samasya se nipatane garibi aadi prakar kathinaiyaan bimariyan ghar ghar ghar aadi ka aadi aadi ki dekhrekh karne ke liye unhe paison ki zarurat hoti hai aur apne inhin ke saath isi ke saath saath apne parivar ko apne parivar peedhi dar peedhi apne parivar ko sukhi rakhna paisa bahut zaroori hota hai isliye isliye mrityu mrityu toh meat tu hai lekin paisa paisa hona aavashyak hai paisa rahega tabhi hum apne hum apne dhokha dete hain khush reh sakte hain aur anek aur khushiya bantate hain kyonki isi ke madhyam se kisi ke madhyam se hum mandal adiwasi ko kharid paate aur kha peete hain khate peete hain

यह बात तो सच है कि हमें किसी ना किसी दिन मिल तुम ऋतु के गाल में समा ही जाना है हमें हम जिन

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अगर किसी ने किसी दिन भी तू आएगी कि तुम लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं हमें हमारी जीवन यात्रा थोड़ी लंबी होती है और उसका जीवन यापन करने के लिए हमें अपना जीवन सुख में बनाने के लिए पैसे के पीछे भागते हैं अकरम आशिकी तेरा बैठे रहेंगे तो हमारा खाना पीना मर कामकाज कैसे चलेगा और इंतजार करेंगे तो जन्म लेने का सिरसा आता है क्या होगा और हमें अपने अपने घर वालों को अपने बच्चों को सुखमय बनाने के लिए उन्हें पढ़ाने के लिए उन्हें अच्छा ज्ञान देने के लिए देश के लिए कुछ करने के लिए मैं पैसों की जरूरत होती है

agar kisi ne kisi din bhi tu aayegi ki tum log paise ke peeche kyon bhagte hain hamein hamari jeevan yatra thodi lambi hoti hai aur uska jeevan yaapan karne ke liye hamein apna jeevan sukh me banane ke liye paise ke peeche bhagte hain akram aashiqui tera baithe rahenge toh hamara khana peena mar kaamkaaj kaise chalega aur intejar karenge toh janam lene ka sirsa aata hai kya hoga aur hamein apne apne ghar walon ko apne baccho ko sukhmay banane ke liye unhe padhane ke liye unhe accha gyaan dene ke liye desh ke liye kuch karne ke liye main paison ki zarurat hoti hai

अगर किसी ने किसी दिन भी तू आएगी कि तुम लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं हमें हमारी जीवन या

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आपका सवाल है आगे किसी ना किसी दिन भी तू आज आ ही जाएगी तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं कि आप मुझे समझा सकते हैं जी बिल्कुल लोग अपनी मूलभूत आवश्यकताओं रोटी कपड़ा मकान और उनकी पीढ़ी उनकी आने वाली पीढ़ी निरंतर चलती चलती रहे और विकास करें इसलिए पैसे के पीछे भागती अपने वर्तमान और भविष्य देखते हैं मिल तो सही दिन आना है फिर भी पैसा कमाना चाहते हैं प्रगति पूछना चाहती हूं

aapka sawaal hai aage kisi na kisi din bhi tu aaj aa hi jayegi toh log paise ke peeche kyon bhagte hain ki aap mujhe samjha sakte hain ji bilkul log apni mulbhut avashayaktaon roti kapda makan aur unki peedhi unki aane wali peedhi nirantar chalti chalti rahe aur vikas kare isliye paise ke peeche bhaagti apne vartaman aur bhavishya dekhte hain mil toh sahi din aana hai phir bhi paisa kamana chahte hain pragati poochna chahti hoon

आपका सवाल है आगे किसी ना किसी दिन भी तू आज आ ही जाएगी तो लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अलार्म को सेट किया है अगर किसी ने किसी दिन में तू है यह तो लोग पैसे के पीछे भागते हैं क्या आप मेरे फ्रेंड अगर आपकी फैमिली आपके परिवार हेलो फ्रेंड्स आपको पैसे की आवश्यकता आपको पड़ेगी जिससे कि आप पैसों से यह रोजमर्रा की चीजें हैं साग सब्जी हैं या फिर कार है जैसे कि घर बनाना हमें पैसे की आवश्यकता पड़ती है सब सुविधा देने के लिए लोग पैसे के लिए पीछे भागते हैं को कोई प्रकार से दिक्कत ना हो और जो पैसे को बचाकर चलता है ताकि किसी अनहोनी होने पर या कोई दुर्घटना होने पर उससे हम उस पैसे का यूज करके उसका इलाज करवा सके लीडो पैसे के पीछे भागते हैं ऐसा सभी लोग करते हैं छोटे हो या बड़े पैसे के आज के संसार में जीना मुश्किल है कि आप कोई जरूरत मिल पाए थे कि कैसे कर सकते हैं ऐसा इंसान की बहुत बड़ी जरूरत

alarm ko set kiya hai agar kisi ne kisi din mein tu hai yah toh log paise ke peeche bhagte kya aap mere friend agar aapki family aapke parivar hello friends aapko paise ki avashyakta aapko padegi jisse ki aap paison se yah rozmarra ki cheezen hain saag sabzi hain ya phir car hai jaise ki ghar banana hamein paise ki avashyakta padti hai sab suvidha dene ke liye log paise ke liye peeche bhagte hain ko koi prakar se dikkat na ho aur jo paise ko bachakar chalta hai taki kisi anahoni hone par ya koi durghatna hone par usse hum us paise ka use karke uska ilaj karva sake lido paise ke peeche bhagte hain aisa sabhi log karte hain chote ho ya bade paise ke aaj ke sansar mein jeena mushkil hai ki aap koi zarurat mil paye the ki kaise kar sakte hain aisa insaan ki bahut badi zaroorat

अलार्म को सेट किया है अगर किसी ने किसी दिन में तू है यह तो लोग पैसे के पीछे भागते हैं क्या

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आज के लोग सभी लोग सुविधा प्राप्त आज के दिन हर सुविधा के पैसों से ही मिलती है इसलिए लोग पैसे के पीछे भागते हैं

aaj ke log sabhi log suvidha prapt aaj ke din har suvidha ke paison se hi milti hai isliye log paise ke peeche bhagte hain

आज के लोग सभी लोग सुविधा प्राप्त आज के दिन हर सुविधा के पैसों से ही मिलती है इसलिए लोग पैस

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