मैं हर दिन किसी ना किसी को लड़ते-झगड़ते देखता हूँ।अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफ़रत करते है तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है?...


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मित्रों नमस्कार मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों को का दुनिया में होने का क्या मतलब है निश्चित रूप से आप के भाव बड़े अच्छे हैं आप ने प्रश्न किया है क्या हम लड़ने झगड़ने के लिए दिनभर दुनिया में पैदा हुई है लेकिन मनुष्य के अंदर कुछ ऐसे दुर्गुण हैं लोग मोहन कार अज्ञान और आसक्ति अभावग्रस्त था इस दुर्गुण जो जो मनुष्य के अंदर आते हैं यही सब झगड़े के काम होते हैं जो हमारे अहंकार पर चोट पहुंचती है कोई कुछ बात कह देता है और हम बर्दाश्त नहीं कर पाते को भा जाता है क्रोध जो है कहते क्रोधी का कोई मित्र नहीं होता ही सोई सवाल का कोई पड़ोसी नहीं होता है और घमंडी का जो है इसके अहंकार भरा होता है घमंड होता है उसका कोई ईश्वर नहीं होता है जो इन बातों से घिरा होता है तो उसे जरा सी बात भी अगर उसके लग जाती है और उत्तर भी फर्क पड़ता है और लड़ने पर उतारू हो जाता है निश्चित रूप से यह हमारी कमी है हमारे जीवन में जब तक कि हम समझदारी ईमानदारी जिम्मेदारी पूरी पूरी समझेंगे उसको खिलाएंगे और जीवन में संतोष विस्थापित नहीं करेंगे शांति की स्थापना करेंगे अध्यात्मा की आध्यात्मिकता की ओर नहीं बनेंगे तब तक के संस्कार हमारे अंदर के नहीं आएंगे जिनसे हम इन सब चीजों से लड़ सके लोभ मोह अहंकार को दूर कर सके और अपने कर्तव्य परायणता को पूर्ण करते ही अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते जाएं अकर्मण्यता को दूर करें आलस्य प्रमाद को दूर करें जब इस बातें हम अपने जीवन में समझेंगे दूसरे ने हमको अगर हमारी आलोचना कि हमारे बारे में कुछ उल्टा सीधा ता है तो निश्चित रूप से अपनी प्रॉब्लम ढूंढे उसको दूर करने का प्रयास करें जो लोग सोचते बाद में ही करते पहले हैं वही लोग लड़ते झगड़ते हैं जरा सी बात बुरी लगी तुरंत कपड़े मरने मारने पर उतारू हो गए अहंकार इतना ज्यादा ज्ञान को चोट पहुंची उत्तरण की जय निश्चित रूप से इस दुनिया में जब तक कि व्यक्ति अपने अंदर मनुष्य को कि के गुणों का बहाव नहीं देगा और जो हमारी भी गुण हैं कि मनुष्य मनुष्यता के विपरीत के गुण हैं उनको दूर नहीं करेगा तब तक वो जानवरों के लिए लड़ते झगड़ते रहेगा और अपने को विनाश के कंकाल पहुंचा देगा आर्थिक रूप से युटुब टूटेगा और सारे ग्रुप से भी कमजोर होगा धीरे-धीरे जो वह कम आएगा वह सब लड़ाई झगड़े मुकदमें बाजी और रोगों के उपचार करने में ही लग जाएगा क्योंकि जब अशांत मन होता है तभी लोग भी पनपते प्रोगैंत्र तनाव टेंशन होता है तभी रोक सकते इसलिए हमारा सभी परिजनों से यही अनुरोध है सभी लोगों से अनुरोध है अपने जीवन में सुख शांति और सद्बुद्धि के स्थापना करें इसलिए उसके लिए नित्य प्रति अपनी दिनचर्या सही करें और थोड़ी देर ही सर से संवाद जरूर करें ईश्वर से अपनी बात करें इस वर्ष के लिए अपने वतन के लिए प्रार्थना करें अपने अंदर तो उस ग्रुप में दूर करने के लिए प्रार्थना करें निश्चित रूप से आपका जीवन हो जाएगा और आपका भविष्य उज्जवल होगा और एक अच्छे इंसान बन सकेंगे परमात्मा के सच्चे राजकुमार सब सच्चे पुत्र बन सकेंगे धन्यवाद

mitron namaskar main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ko ka duniya me hone ka kya matlab hai nishchit roop se aap ke bhav bade acche hain aap ne prashna kiya hai kya hum ladane jhagdane ke liye dinbhar duniya me paida hui hai lekin manushya ke andar kuch aise durgun hain log mohan car agyan aur aasakti abhaavgrast tha is durgun jo jo manushya ke andar aate hain yahi sab jhagde ke kaam hote hain jo hamare ahankar par chot pohchti hai koi kuch baat keh deta hai aur hum bardaasht nahi kar paate ko bha jata hai krodh jo hai kehte krodhi ka koi mitra nahi hota hi soi sawaal ka koi padosi nahi hota hai aur ghamandi ka jo hai iske ahankar bhara hota hai ghamand hota hai uska koi ishwar nahi hota hai jo in baaton se ghira hota hai toh use zara si baat bhi agar uske lag jaati hai aur uttar bhi fark padta hai aur ladane par utaru ho jata hai nishchit roop se yah hamari kami hai hamare jeevan me jab tak ki hum samajhdari imaandaari jimmedari puri puri samjhenge usko khilaenge aur jeevan me santosh visthaapit nahi karenge shanti ki sthapna karenge adhyatma ki aadhyatmikta ki aur nahi banenge tab tak ke sanskar hamare andar ke nahi aayenge jinse hum in sab chijon se lad sake lobh moh ahankar ko dur kar sake aur apne kartavya parayanata ko purn karte hi apne kartavya path par aage badhte jayen akarmanyata ko dur kare aalasya pramad ko dur kare jab is batein hum apne jeevan me samjhenge dusre ne hamko agar hamari aalochana ki hamare bare me kuch ulta seedha ta hai toh nishchit roop se apni problem dhundhe usko dur karne ka prayas kare jo log sochte baad me hi karte pehle hain wahi log ladte jhagadate hain zara si baat buri lagi turant kapde marne maarne par utaru ho gaye ahankar itna zyada gyaan ko chot pahuchi uttaran ki jai nishchit roop se is duniya me jab tak ki vyakti apne andar manushya ko ki ke gunon ka bahav nahi dega aur jo hamari bhi gun hain ki manushya manushyata ke viprit ke gun hain unko dur nahi karega tab tak vo jaanvaro ke liye ladte jhagadate rahega aur apne ko vinash ke kankal pohcha dega aarthik roop se yutub tootega aur saare group se bhi kamjor hoga dhire dhire jo vaah kam aayega vaah sab ladai jhagde mukadamen baazi aur rogo ke upchaar karne me hi lag jaega kyonki jab ashant man hota hai tabhi log bhi panpate progaintra tanaav tension hota hai tabhi rok sakte isliye hamara sabhi parijanon se yahi anurodh hai sabhi logo se anurodh hai apne jeevan me sukh shanti aur sadbuddhi ke sthapna kare isliye uske liye nitya prati apni dincharya sahi kare aur thodi der hi sir se samvaad zaroor kare ishwar se apni baat kare is varsh ke liye apne vatan ke liye prarthna kare apne andar toh us group me dur karne ke liye prarthna kare nishchit roop se aapka jeevan ho jaega aur aapka bhavishya ujjawal hoga aur ek acche insaan ban sakenge paramatma ke sacche rajkumar sab sacche putra ban sakenge dhanyavad

मित्रों नमस्कार मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:44
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आपने कहा मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से क्यों नफरत करते हैं जो लोगों का दुनिया में सोने का क्या मतलब है कोई संदेह नहीं आज के लोग जो हैं मन के अंदर इंसानियत नहीं है आजकल लोग सिर्फ अपने अपने स्वार्थ के लिए जी नहीं अपने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगर किसी के साथ में कुछ भी करना पड़े तो कटरा के में पीछे नहीं आते हैं और उनको नुकसान पहुंचाने में क्यों पानी पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते ऐसे हालात में अपने आप इंसान के मन में एक दूसरे की मात्रा से जाती है ना हो जाती है हो जाती है और इंसान का इंसान से विश्वास उठ जाता है सच यही है लोग जीते हैं लेकिन इस दुनिया का कोई मतलब नहीं है किसके लिए जी रहे हैं और क्योंकि रहे जब एक दूसरे से नफरत करने हैं एक दूसरे के काम ही नहीं आना एक दूसरे को समझने नहीं समझोगे तो वास्तव में इस दुनिया का कोई अच्छा नहीं रहता लेकिन देख लीजिए इसको नैना वायरस में सारी दुनिया को दुनिया का मतलब समझा दिया अब भी कोई न समझे तो भगवान ही मालिक है

aapne kaha main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se kyon nafrat karte hain jo logo ka duniya me sone ka kya matlab hai koi sandeh nahi aaj ke log jo hain man ke andar insaniyat nahi hai aajkal log sirf apne apne swarth ke liye ji nahi apne apne lakshya ko hasil karne ke liye agar kisi ke saath me kuch bhi karna pade toh katra ke me peeche nahi aate hain aur unko nuksan pahunchane me kyon paani pahunchane me koi kesar nahi chodte aise haalaat me apne aap insaan ke man me ek dusre ki matra se jaati hai na ho jaati hai ho jaati hai aur insaan ka insaan se vishwas uth jata hai sach yahi hai log jeete hain lekin is duniya ka koi matlab nahi hai kiske liye ji rahe hain aur kyonki rahe jab ek dusre se nafrat karne hain ek dusre ke kaam hi nahi aana ek dusre ko samjhne nahi samjhoge toh vaastav me is duniya ka koi accha nahi rehta lekin dekh lijiye isko naina virus me saari duniya ko duniya ka matlab samjha diya ab bhi koi na samjhe toh bhagwan hi malik hai

आपने कहा मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से क्यों नफरत क

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Faridul Haque

Industrial Consultant

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मैं हर दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है पहले तो मैं एक चीज यह बता दूं इंसान का इंसान से लड़ना झगड़ना एक बहुत सी नेचुरल स्वभाविक की चीजों से कोई बहुत सरल चीज है जिसे देखकर घबरा जाए यह एक प्राकृतिक चीज है अब हमें यह समझ में लोग आपस में लड़ते झगड़ते क्यों हैं तो उसके अंदर सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण होता है स्वार्थ अपना निजी स्वार्थ जब दो लोगों के निजी स्वार्थ एक दूसरे से टकराते हैं तब वह आपस में झगड़ते हैं यदि कोई व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ को त्याग दें और अपने आप को महात्मा या एवं कहते हैं एक पंडित या फिर उससे भी बढ़ावा याद नहीं आ रहा क्या कहेंगे उसे अध्यात्म को हासिल कर ले अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर वह बंदा किसी से झगड़ा नहीं करता का मैटर है विश्वास को प्यार दीजिए लड़ाई झगड़ा अपने आप खत्म हो जाता है धन्यवाद

main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai pehle toh main ek cheez yah bata doon insaan ka insaan se ladana jhagdana ek bahut si natural swabhavik ki chijon se koi bahut saral cheez hai jise dekhkar ghabara jaaye yah ek prakirtik cheez hai ab hamein yah samajh me log aapas me ladte jhagadate kyon hain toh uske andar sirf aur sirf ek hi karan hota hai swarth apna niji swarth jab do logo ke niji swarth ek dusre se takaraate hain tab vaah aapas me jhagadate hain yadi koi vyakti apne niji swarth ko tyag de aur apne aap ko mahatma ya evam kehte hain ek pandit ya phir usse bhi badhawa yaad nahi aa raha kya kahenge use adhyaatm ko hasil kar le apne niji swarth ko tyag kar vaah banda kisi se jhagda nahi karta ka matter hai vishwas ko pyar dijiye ladai jhagda apne aap khatam ho jata hai dhanyavad

मैं हर दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं त

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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मैं और दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है कि लोग तो दुनिया में रहेंगे वह लड़ते झगड़ते रहे हैं या प्रेम करते रहे हैं या ऐसे ही रहे लेकिन लोग तो रहेंगे और अपनी अपनी फितरत और अपनी अपनी दिमागी हालत के अनुसार वह ऐसे बर्तन करते रहेंगे वैसे यह बात जरूर है कि जो भी दो इंसानों के बीच में झगड़ा होता है वह तो पैसे के लिए होता है क्या तो स्त्री के लिए होता है और क्या तो जमीन के लिए होता है यही तीन वजह से कोई भी झगड़ा की जड़ होती है इसलिए आपको जो भी झगड़े रखेंगे उसमे यही तीन में से एक कारण होगा और यह इंसान का यही फितरत है कि लोग इस वजह से झगड़ा कर बैठते हैं और क्रोधित अवस्था में एक दूसरे के ऊपर हिंसक भी हो जाते हैं गाली-गलौज भी करते हैं और जो एक दूसरे की चीज हथियाने का प्रयास करें इसलिए आपको ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि यह दुनिया कहने लायक नहीं है या इस दुनिया में लोग क्यों है तो दुनिया में तो सभी तरह के लोग होते हैं और उनमें से चुनाव करें कि अच्छे लोग ज्यादा है या बुरे लोग ज्यादा है जो झगड़ा करने वाले अधिक लोग हैं या भाईचारा परस्पर एक दूसरे का सरकार लेकर काम करने वाले लोग ज्यादा है तो उसमें ज्यादा प्रतिशत लोगों का अच्छे और अच्छा भाईचारा निभाने वाले लोगों का जरूर होगा जिनकी सोच अच्छी होगी जिनका एटीट्यूड अच्छा होगा व्यवहार दूसरों का एक दूसरे के प्रति अच्छा होगा तो ऐसे लोगों के बीच रहना आप पसंद करेंगे और ऐसे लोगों से जो जग रही होते हैं जो गलत लोग होते हैं जो हमेशा कटु वचन बोलते हैं ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें तो आपको आगे बढ़ने में मदद करें बहुत-बहुत शुभकामनाएं धन्यवाद

main aur din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai ki log toh duniya me rahenge vaah ladte jhagadate rahe hain ya prem karte rahe hain ya aise hi rahe lekin log toh rahenge aur apni apni phitarat aur apni apni dimagi halat ke anusaar vaah aise bartan karte rahenge waise yah baat zaroor hai ki jo bhi do insano ke beech me jhagda hota hai vaah toh paise ke liye hota hai kya toh stree ke liye hota hai aur kya toh jameen ke liye hota hai yahi teen wajah se koi bhi jhagda ki jad hoti hai isliye aapko jo bhi jhagde rakhenge usme yahi teen me se ek karan hoga aur yah insaan ka yahi phitarat hai ki log is wajah se jhagda kar baithate hain aur krodhit avastha me ek dusre ke upar hinsak bhi ho jaate hain gaali galoj bhi karte hain aur jo ek dusre ki cheez hathiyane ka prayas kare isliye aapko aisa nahi sochna chahiye ki yah duniya kehne layak nahi hai ya is duniya me log kyon hai toh duniya me toh sabhi tarah ke log hote hain aur unmen se chunav kare ki acche log zyada hai ya bure log zyada hai jo jhagda karne waale adhik log hain ya bhaichara paraspar ek dusre ka sarkar lekar kaam karne waale log zyada hai toh usme zyada pratishat logo ka acche aur accha bhaichara nibhane waale logo ka zaroor hoga jinki soch achi hogi jinka attitude accha hoga vyavhar dusro ka ek dusre ke prati accha hoga toh aise logo ke beech rehna aap pasand karenge aur aise logo se jo jag rahi hote hain jo galat log hote hain jo hamesha katu vachan bolte hain aise logo se doori banakar rakhen toh aapko aage badhne me madad kare bahut bahut subhkamnaayain dhanyavad

मैं और दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं त

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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अशोक गुप्ता

Founder of Vision Commercial Services.

1:22
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Phool Kanwar

Business Owner

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आपने एक बहुत ही शानदार सवाल किया मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है देखें मैं आपको बताना चाहता हूं लड़ना झगड़ना यह एक अपने मन की बात होती है जिसका मतलब यह नहीं करो बार-बार किसी चीज पर लड़ रहे हैं तो उनके अंदर नफरत है हो सकता हूं प्यार से लड़ना चाहते हैं जगदीश शरीर और शरीर में क्रोध का होना पहले से ही विधि के द्वारा स्थापित किया गया अवश्य क्रोध को इंसान कहीं ना कहीं गलती से दिखा देता है दुनिया इन चीजों से बनी है लालच माया इमानदारी बेईमानी अरे यह सब चीज इंसान के अंदर ना डाला जाए तो और भगवान के बराबर हो जाएगा लेकिन इंसान को भेजा जाता धरती पर कुछ काम करने के लिए कुछ अचीवमेंट प्राप्त करने के लिए लेकिन इस दुनिया में आने का मतलब

aapne ek bahut hi shandar sawaal kiya main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai dekhen main aapko batana chahta hoon ladana jhagdana yah ek apne man ki baat hoti hai jiska matlab yah nahi karo baar baar kisi cheez par lad rahe hain toh unke andar nafrat hai ho sakta hoon pyar se ladana chahte hain jagdish sharir aur sharir me krodh ka hona pehle se hi vidhi ke dwara sthapit kiya gaya avashya krodh ko insaan kahin na kahin galti se dikha deta hai duniya in chijon se bani hai lalach maya imaandari baimani are yah sab cheez insaan ke andar na dala jaaye toh aur bhagwan ke barabar ho jaega lekin insaan ko bheja jata dharti par kuch kaam karne ke liye kuch achievement prapt karne ke liye lekin is duniya me aane ka matlab

आपने एक बहुत ही शानदार सवाल किया मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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आपका प्रश्न है कि मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है हां देखे लड़ते झगड़ते हैं हम भी देखते हैं और यह भी देखते हैं कि लोग एक दूसरे से बहुत नफरत करते हैं जो नहीं करनी चाहिए लेकिन आपका जो अकेला पाठ है कृष्ण का तुम लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है लोगों का होना या नहीं होना हमसे नहीं कर सकते हैं कर सकते हम लोगों को दुनिया में मिला सकते हैं और लाइट है क्या हमसे मिलने मिलाने की अपनी प्रकृति के नियम के अनुसार आए दुनिया में लाने के लिए जिम्मेवार है ना उनको भेजने के लिए उत्तरदाई है कि आप नहीं झगड़े किसी से और अपने परिवार में झगड़ा मत होने दें पत्नी काफी है अपने अपने परिवार को समेटे अपने अपने परिवार से मैं परिवार के हर सदस्य से मीठा रिश्ता मधुर रिश्ता रखें फिर अपने परिवार में मदर रिश्ते हैं तो और समाज को आपने अपने दोस्तों से ना जगड़िया दोस्तों के साथ में तो रिश्ता रखें जहां आप काम करते हैं वहां मैं 23 तारीख के ठीक है अपने स्तर पर आप कड़वाहट ना लाए लाए हैं तो आप बेबस हैं आप कुछ नहीं कर सकते लेकिन अपने स्तर पर तो कम से कम आपकी कंट्रीब्यूशन तो नहीं होगी ना नफरत को पिलाने में कड़वाहट पिलाने में शो ऑल द टेक्स्ट

aapka prashna hai ki main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai haan dekhe ladte jhagadate hain hum bhi dekhte hain aur yah bhi dekhte hain ki log ek dusre se bahut nafrat karte hain jo nahi karni chahiye lekin aapka jo akela path hai krishna ka tum logo ka duniya me hone ka kya matlab hai logo ka hona ya nahi hona humse nahi kar sakte hain kar sakte hum logo ko duniya me mila sakte hain aur light hai kya humse milne milaane ki apni prakriti ke niyam ke anusaar aaye duniya me lane ke liye jimmewar hai na unko bhejne ke liye uttardai hai ki aap nahi jhagde kisi se aur apne parivar me jhagda mat hone de patni kaafi hai apne apne parivar ko samete apne apne parivar se main parivar ke har sadasya se meetha rishta madhur rishta rakhen phir apne parivar me mother rishte hain toh aur samaj ko aapne apne doston se na jagdiya doston ke saath me toh rishta rakhen jaha aap kaam karte hain wahan main 23 tarikh ke theek hai apne sthar par aap kadawahat na laye laye hain toh aap bebas hain aap kuch nahi kar sakte lekin apne sthar par toh kam se kam aapki kantribyushan toh nahi hogi na nafrat ko pilane me kadawahat pilane me show all the text

आपका प्रश्न है कि मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतन

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Pawan

Financial Planer

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आप इतना ज्यादा मत सोचिए जो हो रहा है उसे खोल दीजिए आपसे कुछ भी सोचने लगे कि आप बस अपने ऊपर काम कैसे देखे पब्लिक है इसका मेन सेट कैसा है आपने उस कर सकते हो आप अगर अच्छे हो और आप किसी स्पेस पर होंगे तो आप से सो जाओगे तो वह भी आज बनेगा लेकिन आप पैसे के लिए इसी के लायक नहीं उठाओगे तो आपको दिक्कत होगी तो हमसे दूर रहे तो बेहतर रहेगा और अप्रैल काम पर ध्यान दीजिए वीडियो चले फॉलो कीजिए लाइक कीजिए धन्यवाद

aap itna zyada mat sochiye jo ho raha hai use khol dijiye aapse kuch bhi sochne lage ki aap bus apne upar kaam kaise dekhe public hai iska main set kaisa hai aapne us kar sakte ho aap agar acche ho aur aap kisi space par honge toh aap se so jaoge toh vaah bhi aaj banega lekin aap paise ke liye isi ke layak nahi uthaoge toh aapko dikkat hogi toh humse dur rahe toh behtar rahega aur april kaam par dhyan dijiye video chale follow kijiye like kijiye dhanyavad

आप इतना ज्यादा मत सोचिए जो हो रहा है उसे खोल दीजिए आपसे कुछ भी सोचने लगे कि आप बस अपने ऊपर

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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हर दिन लोग किसी ने किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे की इतनी नफरत करते हैं लोगों दुनिया में होने का क्या मतलब होता है कि आज की दुनिया में लोग कहने से ही स्वार्थी हो गए हैं लालची हो गए हैं और एक दूसरे की जो लालसा है जो जिज्ञासा है वह बढ़ती जा रही है दूसरी कपड़े असंतोष बढ़ता जा रहा है और अपने जीवन को चलाने के लिए अपनी दौड़ और जिंदगी में कई मानसिक दबाव से गुजरात ऑफिस की गाड़ी खुलेगी घरेलू स्थितियों को रास्ते में चलने के कारण दूसरे लड़के देखते रास्ते में चलते लोगों में छोटी-छोटी बातों के लिए लड़ जाते हैं जरा समझा है तो उसको है रास्ते में चल रहे हैं ट्रैफिक में गाड़ी टच मालिनी कर लेते हैं इसी पार्क में घूम रहे हो वहां लड़ाई हो जाती तो कहीं न कहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण होती जा रही है लोगों की बढ़ती गई और इस तरह का असंतोष बढ़ता दिख वाले समय में निश्चित तौर पर कहीं देश के भविष्य के लिए अच्छा नहीं लगा

har din log kisi ne kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre ki itni nafrat karte hain logo duniya me hone ka kya matlab hota hai ki aaj ki duniya me log kehne se hi swaarthi ho gaye hain lalchi ho gaye hain aur ek dusre ki jo lalasa hai jo jigyasa hai vaah badhti ja rahi hai dusri kapde asantosh badhta ja raha hai aur apne jeevan ko chalane ke liye apni daudh aur zindagi me kai mansik dabaav se gujarat office ki gaadi khulegi gharelu sthitiyo ko raste me chalne ke karan dusre ladke dekhte raste me chalte logo me choti choti baaton ke liye lad jaate hain zara samjha hai toh usko hai raste me chal rahe hain traffic me gaadi touch malini kar lete hain isi park me ghum rahe ho wahan ladai ho jaati toh kahin na kahin yah durbhagyapurn hoti ja rahi hai logo ki badhti gayi aur is tarah ka asantosh badhta dikh waale samay me nishchit taur par kahin desh ke bhavishya ke liye accha nahi laga

हर दिन लोग किसी ने किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे की इतनी नफरत करते हैं ल

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Trainer Yogi Yogendra

Motivational Speaker || Career Coach || Business Coach || Marketing & Management Expert's

0:59
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हेलो फ्रेंड्स मैं योगेंद्र शर्मा मोटिवेशनल स्पीकर के रिपोर्ट और कॉरपोरेट ट्रेनर आज हम के बारे में बात करने वाले हैं हर दिन किसी न किसी को अगर लोग एक दूसरे से ही नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है जब गिरते हैं तो आवाज बहुत करते हैं एक दूसरे से टकराते हैं तो आवाज बहुत करते हैं तो क्या आप बर्तनों को बाहर फेंक देते नहीं फेंकते हैं इसलिए मैं आपको बोलना चाहूंगा की बजाय अपने आपको क्या करना है किस जगह आपको सच्चे जोना उस बारे पर ध्यान दें तो ज्यादा बेहतर होगा और अपने आप को एक सफल इंसान बनाने पर ध्यान दें तो ज्यादा बैटर

hello friends main yogendra sharma Motivational speaker ke report aur corporate trainer aaj hum ke bare me baat karne waale hain har din kisi na kisi ko agar log ek dusre se hi nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai jab girte hain toh awaaz bahut karte hain ek dusre se takaraate hain toh awaaz bahut karte hain toh kya aap bartano ko bahar fenk dete nahi phenkate hain isliye main aapko bolna chahunga ki bajay apne aapko kya karna hai kis jagah aapko sacche joanna us bare par dhyan de toh zyada behtar hoga aur apne aap ko ek safal insaan banane par dhyan de toh zyada better

हेलो फ्रेंड्स मैं योगेंद्र शर्मा मोटिवेशनल स्पीकर के रिपोर्ट और कॉरपोरेट ट्रेनर आज हम के ब

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Samreen Fatma

Principal

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आज का सवाल है मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है लेकिन लोग एक दूसरे से नफरत नहीं करते हैं अगर वह एक दूसरे से लड़ते झगड़ते हैं तो उसके पीछे होती है उनकी बाद उनकी उन्हें क्या होता है कि उन्हें उन लोगों से आज का सवाल है मैं हर दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं उन लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है देखे लोग एक दूसरे से नफरत नहीं करते हैं उसके पीछे उनकी होती है मानसून वह क्या करते हैं कि एक दूसरे से उम्मीद लगा बैठते हैं सब कोई दो बंद है एक बंदा यह सोचता है कि यह जो सामने वाला बंदा है यह मेरी बुराई नहीं करेगा उसने वह मीन लगा ली है उसकी बुराई करता है तो उसकी उम्मीद टूट जाती है जिस कारण लोगों में झगड़े होते हैं तो जो यह झगड़े हो रहे हैं नफरत जो पहल रही है यह बारिश की वजह से अगर हम मान उम्मीद लगाना लोगों से बंद कर देंगे तो झगड़े भी शायद कम हो जाएंगे

aaj ka sawaal hai main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai lekin log ek dusre se nafrat nahi karte hain agar vaah ek dusre se ladte jhagadate hain toh uske peeche hoti hai unki baad unki unhe kya hota hai ki unhe un logo se aaj ka sawaal hai main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek ek dusre se itni nafrat karte hain un logo ka duniya me hone ka kya matlab hai dekhe log ek dusre se nafrat nahi karte hain uske peeche unki hoti hai monsoon vaah kya karte hain ki ek dusre se ummid laga baithate hain sab koi do band hai ek banda yah sochta hai ki yah jo saamne vala banda hai yah meri burayi nahi karega usne vaah meen laga li hai uski burayi karta hai toh uski ummid toot jaati hai jis karan logo me jhagde hote hain toh jo yah jhagde ho rahe hain nafrat jo pahal rahi hai yah barish ki wajah se agar hum maan ummid lagana logo se band kar denge toh jhagde bhi shayad kam ho jaenge

आज का सवाल है मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफ

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Anshu Saxena

Business Manager

3:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने अपने सवाल में लिखा मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी नफरत करते हैं तो लोगों का दुनिया में होने का क्या मतलब है देखिए मेरे दोस्त यह दुनिया इसी तरह की है हम इसे रोक नहीं सकते क्योंकि फितरत जो है इंसान की वह झुकना नहीं जानती इसलिए लड़ाई झगड़े नफरत जो है वह हमारी गो के कारण होता है हम अपने से बड़े को सहन नहीं कर सकते अपने से अच्छे को सहन नहीं कर सकते दूसरे की थाली में हमें की ज्यादा नजर आता है हमारे नफरत के कारण है तो यह हमारी दिनचर्या बन गई है कि उसके पास क्या है उस ने आज क्या कहा उसने उसको क्या कहा वाला पड़ोसी ने नहीं चला कि क्या बुराई करी और आज हमारा निकल जाता है रही बात हम इतनी नफरत अगर लोग करते हैं तो दुनिया में दुनिया में होने का क्या मतलब है नहीं दुनिया तो जिसने बनाई है उसने आपको ऐसा बनाकर नहीं भेजा था जवाब बच्चे थे आपके जीवन में ऐसा कुछ नहीं था बहुत सरल स्वभाव था आपका हर किसी की गोद में आ जाते थे चल देते थे आप यानी इतने सरल थे क्या आप में यह भी नहीं था कि तुम कौन हो अब नहीं पहचानते थे जो प्यार दे जो आपको टॉफी दे अब हंस के मुस्कुराते थे उसके साथ में तो क्या हुआ पैसे हैं नहीं अपने बदलाव आया तो इस समाज के जो परिवेश में झाग जी रहे हैं आसपास के माहौल ने आपको परिवर्तित किया भगवान की गलती का है उसने तो दुनिया बनाई थी वह ऐसी नहीं थी यह हम लोग यहीं पर तो सीखते हैं और यही लड़ते हैं इसलिए दुनिया में हो ना तो उनका जरूरी है पर ऐसा होना जरूरी नहीं है इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है इस दुनिया में उनका आना जरूरी है पर यह करना जरूरी नहीं है पर वह करते हैं और हमारे यहां जो कर्म क्षेत्र है अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो उन लोगों की पहचान कैसे होगी जो साधुवाद है जो सबवे है शांत है यह लड़ेंगे तभी तो उनकी पहचान होगी नहीं तो समझ में नहीं आएगा कौन अच्छा है कौन बुरा है इसलिए हमेशा बुराई जो है वह निखर कर के सामने आती है और अच्छाइयां जो है वह दबके रहती है परंतु उनका निखार जो है वह पूरी दुनिया को प्रकाश देता है उनको छोटा मत समझिए और यह जिनकी चर्चा आपने अपने सवाल में करिए इनका दुनिया में होना लाजमी है परंतु यह ऐसा करते हैं यह अगर ना करें जिनके हाथ में है इसलिए दुनिया जैसी बनी है जैसी चल रही है चलने दीजिए बस उस दुनिया के साथ में आप मत बताइएगा आपकी अगर यह सोच है कि वह लोग ऐसा करते हैं आपको बुरा लगता है कि वह ऐसा करते तो आप कभी मत करिएगा जब एक व्यक्ति यह सोच लेता है और धीरे-धीरे सब व्यक्ति जब यह सोचने लग जाते हैं कि कोई दूसरा लड़ रहा होगा मैं नहीं लूंगा अगर इसी तरह सब सोचने लग जाएंगे एक दिन यह दुनिया स्वयं बदल जाएगी

aapne apne sawaal me likha main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni nafrat karte hain toh logo ka duniya me hone ka kya matlab hai dekhiye mere dost yah duniya isi tarah ki hai hum ise rok nahi sakte kyonki phitarat jo hai insaan ki vaah jhukna nahi jaanti isliye ladai jhagde nafrat jo hai vaah hamari go ke karan hota hai hum apne se bade ko sahan nahi kar sakte apne se acche ko sahan nahi kar sakte dusre ki thali me hamein ki zyada nazar aata hai hamare nafrat ke karan hai toh yah hamari dincharya ban gayi hai ki uske paas kya hai us ne aaj kya kaha usne usko kya kaha vala padosi ne nahi chala ki kya burayi kari aur aaj hamara nikal jata hai rahi baat hum itni nafrat agar log karte hain toh duniya me duniya me hone ka kya matlab hai nahi duniya toh jisne banai hai usne aapko aisa banakar nahi bheja tha jawab bacche the aapke jeevan me aisa kuch nahi tha bahut saral swabhav tha aapka har kisi ki god me aa jaate the chal dete the aap yani itne saral the kya aap me yah bhi nahi tha ki tum kaun ho ab nahi pehchante the jo pyar de jo aapko toffee de ab hans ke muskurate the uske saath me toh kya hua paise hain nahi apne badlav aaya toh is samaj ke jo parivesh me jhaag ji rahe hain aaspass ke maahaul ne aapko parivartit kiya bhagwan ki galti ka hai usne toh duniya banai thi vaah aisi nahi thi yah hum log yahin par toh sikhate hain aur yahi ladte hain isliye duniya me ho na toh unka zaroori hai par aisa hona zaroori nahi hai iske liye vaah swayam zimmedar hai is duniya me unka aana zaroori hai par yah karna zaroori nahi hai par vaah karte hain aur hamare yahan jo karm kshetra hai agar vaah aisa nahi karenge toh un logo ki pehchaan kaise hogi jo sadhuwaad hai jo subway hai shaant hai yah ladenge tabhi toh unki pehchaan hogi nahi toh samajh me nahi aayega kaun accha hai kaun bura hai isliye hamesha burayi jo hai vaah nikhar kar ke saamne aati hai aur achaiya jo hai vaah dabake rehti hai parantu unka nikhaar jo hai vaah puri duniya ko prakash deta hai unko chota mat samjhiye aur yah jinki charcha aapne apne sawaal me kariye inka duniya me hona lajmi hai parantu yah aisa karte hain yah agar na kare jinke hath me hai isliye duniya jaisi bani hai jaisi chal rahi hai chalne dijiye bus us duniya ke saath me aap mat bataiega aapki agar yah soch hai ki vaah log aisa karte hain aapko bura lagta hai ki vaah aisa karte toh aap kabhi mat kariega jab ek vyakti yah soch leta hai aur dhire dhire sab vyakti jab yah sochne lag jaate hain ki koi doosra lad raha hoga main nahi lunga agar isi tarah sab sochne lag jaenge ek din yah duniya swayam badal jayegi

आपने अपने सवाल में लिखा मैं हर दिन किसी न किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे

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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

2:33
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देखिए लड़ते झगड़ते हुए देखना इसका अर्थ है कि लोगों में वैचारिक मतभेद जो आपके विचार से सही है किसी और के विचार से गलत है और किसी और के विचार से गलत है वह आपके हिसाब से सही लोगों का झगड़ा ही नहीं बातों पर होता है यह तर्क वितर्क कुतर की सारी चीजें चलती रहेगी क्योंकि यह मनुष्य नहीं जानवरों में भी होता है और यह लड़ना झगड़ना सिर्फ मनुष्यों में नहीं पशु पक्षी और जानवर सच में होता है तो प्रगति है वैचारिक मतभेद है और यह चलता रहेगा जिसे और चीजों का दुनिया में होने का मतलब है जहां भी यही मतलब रहेगा इसे बदल नहीं सकते इसे है हम अगर मनुष्य होने के नाते बदल सकते हैं तो सिर्फ एक ही तरीका है कि जो व्यक्ति जैसा है उसे उसी प्रकार से स्वीकार कर लिया जाए और आशा करो कि लोग आपको भी उसी प्रकार स्वीकार करें जैसे आप हैं जो आपकी आदतें हैं जो चाहे वह बुरी हो चाहे अच्छी हो उसके साथ आप को स्वीकार किया जाए या आप किसी को उन्हें आदतों के साथ स्वीकार करें तब कहीं भी कोई झगड़ा नहीं रहेगा क्योंकि आप यह समझ जाते हो कि यह व्यक्ति ऐसा है तो है इसको सुधारने की जरूरत नहीं है क्योंकि मैं भी अपने अंदर सुधार नहीं चाहता हूं अगर आप सुधार करना चाहते तो मिसाल बनी है लोग आपको एक मिसाल के तौर पर एक्सेप्ट करना शुरू करेंगे आप भी उन्हीं लोगों को एक्सेप्ट करना शुरू कीजिए जो एक मिसाल है धीरे-धीरे जा कर यह प्रवृत्ति खत्म हो जाएगी क्योंकि जब सब एक दूसरे को समझेंगे जैसे हैं वैसे ही रहना चाहेंगे तो लड़ाई झगड़ा कुछ नहीं होगा धन्यवाद

dekhiye ladte jhagadate hue dekhna iska arth hai ki logo me vaicharik matbhed jo aapke vichar se sahi hai kisi aur ke vichar se galat hai aur kisi aur ke vichar se galat hai vaah aapke hisab se sahi logo ka jhagda hi nahi baaton par hota hai yah tark vitark kutar ki saari cheezen chalti rahegi kyonki yah manushya nahi jaanvaro me bhi hota hai aur yah ladana jhagdana sirf manushyo me nahi pashu pakshi aur janwar sach me hota hai toh pragati hai vaicharik matbhed hai aur yah chalta rahega jise aur chijon ka duniya me hone ka matlab hai jaha bhi yahi matlab rahega ise badal nahi sakte ise hai hum agar manushya hone ke naate badal sakte hain toh sirf ek hi tarika hai ki jo vyakti jaisa hai use usi prakar se sweekar kar liya jaaye aur asha karo ki log aapko bhi usi prakar sweekar kare jaise aap hain jo aapki aadatein hain jo chahen vaah buri ho chahen achi ho uske saath aap ko sweekar kiya jaaye ya aap kisi ko unhe aadaton ke saath sweekar kare tab kahin bhi koi jhagda nahi rahega kyonki aap yah samajh jaate ho ki yah vyakti aisa hai toh hai isko sudhaarne ki zarurat nahi hai kyonki main bhi apne andar sudhaar nahi chahta hoon agar aap sudhaar karna chahte toh misal bani hai log aapko ek misal ke taur par except karna shuru karenge aap bhi unhi logo ko except karna shuru kijiye jo ek misal hai dhire dhire ja kar yah pravritti khatam ho jayegi kyonki jab sab ek dusre ko samjhenge jaise hain waise hi rehna chahenge toh ladai jhagda kuch nahi hoga dhanyavad

देखिए लड़ते झगड़ते हुए देखना इसका अर्थ है कि लोगों में वैचारिक मतभेद जो आपके विचार से सही

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Meenaxi Yadav

Wellness Coach

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कोई किसी से नफरत नहीं असल में अगर कोई किसी से नफरत करता तो एक साथ काम नहीं करता अगर कोई किसी से नफरत करता तो इंसान एक साथ ना तो काम करते ना समाज में रह पाते नहीं और कोई किसी से ना तो लड़ता है ना ही शक करता है यह कुछ स्वार्थी तत्व है जो बीच में लोगों को लोगों के बीच में नफरत फैलाते हैं और बातें हैं जिससे उनका स्वास्थ्य की लड़ाई लड़ाई हमेशा अमीर और गरीब के बीच की लड़ाई हमेशा अमीर और गरीब के बीच में रही है क्योंकि अमीर लोगों का गरीब उनसे अपना अधिकार छीनने की कोशिश करते हैं तो अंतर दोनों में रहा है उन्हीं में मतभेद रहा है लेकिन नफरत नहीं कि एक दूसरे से कोई नफरत नहीं करते अगर नफरत करते तो वह एक जगह पर ना तो काम कर सकते थे ना ही रह सकते थे समाज में आपस में वह लोग नफरत नहीं करते क्योंकि नफरत यह लड़ाई झगड़े कब होते हैं लड़ाई झगड़े तब होते हैं जब कोई घटना होती है जब तक कोई घटना नहीं होती है वह सब साथ में रह रहे होते हैं साथ में बैठते हैं साथ में साथ में खाते हैं साथ में पीते हैं साथ में रहते हैं साथ में काम पर जाते हैं एक बस में सफर करते हैं ट्रेन में सफर करते हैं एक साथ में रहते हैं एक देश में रहते हैं एक मोहल्ले में रहते हैं लेकिन तो वह क्या आपस में नफरत थोड़ी करते हैं वह आपस में नफरत नहीं करते कभी कभी कुछ घटनाएं हो जाती हैं तो वह तो आपस में कोई नफरत नहीं है आपस में घटना हो जाती है उसको कुछ और थी तब तो उसको अलग दिशा में ले जाकर उसका लाभ उठाते

koi kisi se nafrat nahi asal me agar koi kisi se nafrat karta toh ek saath kaam nahi karta agar koi kisi se nafrat karta toh insaan ek saath na toh kaam karte na samaj me reh paate nahi aur koi kisi se na toh ladata hai na hi shak karta hai yah kuch swaarthi tatva hai jo beech me logo ko logo ke beech me nafrat failate hain aur batein hain jisse unka swasthya ki ladai ladai hamesha amir aur garib ke beech ki ladai hamesha amir aur garib ke beech me rahi hai kyonki amir logo ka garib unse apna adhikaar chhinne ki koshish karte hain toh antar dono me raha hai unhi me matbhed raha hai lekin nafrat nahi ki ek dusre se koi nafrat nahi karte agar nafrat karte toh vaah ek jagah par na toh kaam kar sakte the na hi reh sakte the samaj me aapas me vaah log nafrat nahi karte kyonki nafrat yah ladai jhagde kab hote hain ladai jhagde tab hote hain jab koi ghatna hoti hai jab tak koi ghatna nahi hoti hai vaah sab saath me reh rahe hote hain saath me baithate hain saath me saath me khate hain saath me peete hain saath me rehte hain saath me kaam par jaate hain ek bus me safar karte hain train me safar karte hain ek saath me rehte hain ek desh me rehte hain ek mohalle me rehte hain lekin toh vaah kya aapas me nafrat thodi karte hain vaah aapas me nafrat nahi karte kabhi kabhi kuch ghatnaye ho jaati hain toh vaah toh aapas me koi nafrat nahi hai aapas me ghatna ho jaati hai usko kuch aur thi tab toh usko alag disha me le jaakar uska labh uthate

कोई किसी से नफरत नहीं असल में अगर कोई किसी से नफरत करता तो एक साथ काम नहीं करता अगर कोई कि

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Rahul Kushwaha

अधिवक्ता/कानून विशेष विशेषज्ञ भारत सरकार।

0:31
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आजकल लोग अपने मनोविकार से ग्रसित हो गए हैं आजकल वह अपने दिमाग कपड़े गुणा करके दूसरे के दिमाग का प्रयोग करते हैं जिसके कारण आए दिन हमेशा लड़ाई झगड़े हो रहे हैं और लोगों में दूरियां बनती जा रही है इसी कारण आजकल हुए धमाके आजाद पाटीदार में ऊंच-नीच वेशभूषा रहन-सहन खान-पान को लेकर हमेशा तकरार हो रही हैं लोगों के अंदर माया को कनेक्शन के प्रति बढ़ती जा रही है इसी कारण लड़ाई झगड़ा आए दिन हो रहे हैं

aajkal log apne manovikar se grasit ho gaye hain aajkal vaah apne dimag kapde guna karke dusre ke dimag ka prayog karte hain jiske karan aaye din hamesha ladai jhagde ho rahe hain aur logo me duriyan banti ja rahi hai isi karan aajkal hue dhamake azad patidaar me unch neech veshbhusha rahan sahan khan pan ko lekar hamesha takrar ho rahi hain logo ke andar maya ko connection ke prati badhti ja rahi hai isi karan ladai jhagda aaye din ho rahe hain

आजकल लोग अपने मनोविकार से ग्रसित हो गए हैं आजकल वह अपने दिमाग कपड़े गुणा करके दूसरे के दिम

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:48
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राम जी की आपका तो आपको यह बता दूं दुनिया में लोग आए हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हुए संतुष्ट नहीं होगी दूसरे से जलते हैं क्या मेरी एक आंख फूट इनमें दूसरी की दोनों फोड़ दूं बस यही एक जो है लालच या यूसा इंसान को जिंदगी अगर इंसान अपने से नीचे इंसान को देखने लगे और जिनके पास धन जाना है जिनके पास ज्यादा है अगर वह दूसरे लोगों को जो गरीब है जो दे सकते दिन को बिल्कुल की बहुत ज्यादा जरूरत है लड़ने झगड़ने से कुछ नहीं होता एक दूसरे की भर्ती है उनका पेट नहीं भरता कभी पेट नहीं भरता है कितना भी हो कितना भी हो लेकिन तब भी उनका पेट नहीं भरता बे केवल दूसरों की चीजों को देखते हैं अपने घर में चीजों को नहीं देखते कि हमारे पास यह है मैं खा रहा हूं पी रहा हूं अच्छे कपड़े पहनना घूम रहा हूं तेरे घर में सभी लोग हैं खुश स्वस्थ हैं उनको इसी में मजा आता है अब दुनिया में सब तरह के लोग हैं आप उनको बुरा तो नहीं सकते हैं क्या कर सकते अगर है तो हैं अपने भगवान करे उनको समझ आ जाए वह अच्छी तरह रहने नहीं आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

ram ji ki aapka toh aapko yah bata doon duniya me log aaye hain lekin kuch log aise hote hue santusht nahi hogi dusre se jalte hain kya meri ek aankh foot inmein dusri ki dono fod doon bus yahi ek jo hai lalach ya yusa insaan ko zindagi agar insaan apne se niche insaan ko dekhne lage aur jinke paas dhan jana hai jinke paas zyada hai agar vaah dusre logo ko jo garib hai jo de sakte din ko bilkul ki bahut zyada zarurat hai ladane jhagdane se kuch nahi hota ek dusre ki bharti hai unka pet nahi bharta kabhi pet nahi bharta hai kitna bhi ho kitna bhi ho lekin tab bhi unka pet nahi bharta be keval dusro ki chijon ko dekhte hain apne ghar me chijon ko nahi dekhte ki hamare paas yah hai main kha raha hoon p raha hoon acche kapde pahanna ghum raha hoon tere ghar me sabhi log hain khush swasth hain unko isi me maza aata hai ab duniya me sab tarah ke log hain aap unko bura toh nahi sakte hain kya kar sakte agar hai toh hain apne bhagwan kare unko samajh aa jaaye vaah achi tarah rehne nahi aapka din shubha ho dhanyavad

राम जी की आपका तो आपको यह बता दूं दुनिया में लोग आए हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हुए संतुष्ट

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Krishna Kumar Gupta

Astrologer And Tantrokt Vastu Consultant

0:40
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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

2:00
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देखे यहां पर बात नफरत की नहीं है यहां पर बात एक दूसरे को नापसंद करने की भी नहीं है यहां बस अपनी बात को रखने का है यानी कि मन कांड फुल लीडरशिप कि मैं लीडर हूं और तुम फॉलो वर हो मेरी बात सच्ची है मैं सच कह रहा हूं आई नो मोर देन यू मैं तुमसे ज्यादा एक्सपीरियंस टू और आई नो मोर दें यहां पर सेल्समैनशिप यानी कि मैं सब कुछ जानता हूं प्लीज फॉलो मी वह वाली बात हो रही है तो यहां पर आपको लोग को देखते हैं किधर फाइटिंग एंड की लड़ाई लड़ते हैं तो इसका मतलब यह है कि वह एक दूसरे से अपनी बात को मनवाना चाहते हैं और जहां पर उनको जी हुजूरी नहीं मिल रही है हां में हां नहीं मिल रही है वहां पर मामला बिगड़ जाता है और डिस्कशन से बहुत झगड़े में बदल जाता है कि लोगों को चाहिए कि वह यह बात समझे कि कोर्ट दो इंसान जो होते हैं वह कभी एक नजर क्यों अपनाते नहीं सबका थॉट होता है सबकी थिंकिंग सबका पर्सनालिटी नजर से अलग होता है आपकी सोच अलग है मेरी सोच अलग है अगर हम चाहते हैं कि एक दुनिया में पीसफुली रहे तो हमें जो है सबकी सोच को लेकर चल रहा होगा जरूरी नहीं कि आप दूसरों की सोच को अपनाएं लेकिन उसको उसका विरोध करके आपको दुश्मन बनाने की जरूरत नहीं है अगर आपको इंसान पसंद है आपकी सोच मिलती है तो आप दोस्ती कीजिए अगर सोच नहीं मिलती है उनके विचारों का दिनचर्या उनके संस्कार अब से अलग है तो किसी ने भी आपको फोर्स नहीं किया है कि आप उठ जाती है दोस्ती की दोस्ती करें उनके साथ तो हमेशा आपकी होती है कि आपको क्या करना चाहिए अगर आप अच्छे हैं अच्छे हैं और काबिल है और कामयाब है तो लोग ऑटोमेटिक लिए आपके पास आएंगे और आपकी बात को सुनेंगे और शायद मानेंगे भी और उसके लिए आपको झगड़ा करने की जरूरत नहीं हो गया टेंशन के लिए उसके लिए आपको सिर्फ अपने आप पर भरोसा करने की जरूरत होगी

dekhe yahan par baat nafrat ki nahi hai yahan par baat ek dusre ko napasand karne ki bhi nahi hai yahan bus apni baat ko rakhne ka hai yani ki man kaand full leadership ki main leader hoon aur tum follow var ho meri baat sachi hai sach keh raha hoon I no mor then you main tumse zyada experience to aur I no mor de yahan par selsamainship yani ki main sab kuch jaanta hoon please follow me vaah wali baat ho rahi hai toh yahan par aapko log ko dekhte hai kidhar fighting and ki ladai ladte hai toh iska matlab yah hai ki vaah ek dusre se apni baat ko manvana chahte hai aur jaha par unko ji hujuri nahi mil rahi hai haan mein haan nahi mil rahi hai wahan par maamla bigad jata hai aur discussion se bahut jhagde mein badal jata hai ki logo ko chahiye ki vaah yah baat samjhe ki court do insaan jo hote hai vaah kabhi ek nazar kyon apanate nahi sabka thought hota hai sabki thinking sabka personality nazar se alag hota hai aapki soch alag hai meri soch alag hai agar hum chahte hai ki ek duniya mein peacefully rahe toh hamein jo hai sabki soch ko lekar chal raha hoga zaroori nahi ki aap dusro ki soch ko apanaen lekin usko uska virodh karke aapko dushman banane ki zarurat nahi hai agar aapko insaan pasand hai aapki soch milti hai toh aap dosti kijiye agar soch nahi milti hai unke vicharon ka dincharya unke sanskar ab se alag hai toh kisi ne bhi aapko force nahi kiya hai ki aap uth jaati hai dosti ki dosti kare unke saath toh hamesha aapki hoti hai ki aapko kya karna chahiye agar aap acche hai acche hai aur kaabil hai aur kamyab hai toh log Automatic liye aapke paas aayenge aur aapki baat ko sunenge aur shayad manenge bhi aur uske liye aapko jhadna karne ki zarurat nahi ho gaya tension ke liye uske liye aapko sirf apne aap par bharosa karne ki zarurat hogi

देखे यहां पर बात नफरत की नहीं है यहां पर बात एक दूसरे को नापसंद करने की भी नहीं है यहां बस

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:54
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आप जरा अपने सवाल पर कॉल करें आप ने कहा है कि आप किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते हुए देखते हो आप ने यह नहीं कहा है कि आप हर किसी को हर किसी से लड़ते हो जो करते हुए देखते हो आजा जहां से वाले नफरत का तो यहां हर तरह के इंसान इस धरती पर आपके जैसे अच्छे लोग भी हैं जो दूसरों से लड़ते झगड़ते नहीं है और लड़ने वाले लोग भी हैं जैसे एक दिन कंपलीट होने के लिए रात और दिन दोनों का होना जरूरी है और वैसे ही इस दुनिया में हर चीज प्लस और माइनस में है तो अच्छे लोग भी हैं और बुरे लोग भी हैं तो मेरे ख्याल से आपको अपना नजरिया बदलना चाहिए आप अच्छे को देखना चाहते हो तो अच्छे को देखो अच्छे बनो लेकिन बुराई तो यहां रहेगी हम यह नहीं कह सकते कि पूरी दुनिया बुरे लोगों से बिल्कुल साफ हो जाएगी और सिर्फ अच्छे लोग बचेंगे का मतलब ही नहीं रह जाएगा

aap zara apne sawaal par call kare aap ne kaha hai ki aap kisi na kisi ko ladte jhagadate hue dekhte ho aap ne yah nahi kaha hai ki aap har kisi ko har kisi se ladte ho jo karte hue dekhte ho aajad jaha se waale nafrat ka toh yahan har tarah ke insaan is dharti par aapke jaise acche log bhi hai jo dusro se ladte jhagadate nahi hai aur ladane waale log bhi hai jaise ek din complete hone ke liye raat aur din dono ka hona zaroori hai aur waise hi is duniya mein har cheez plus aur minus mein hai toh acche log bhi hai aur bure log bhi hai toh mere khayal se aapko apna najariya badalna chahiye aap acche ko dekhna chahte ho toh acche ko dekho acche bano lekin burayi toh yahan rahegi hum yah nahi keh sakte ki puri duniya bure logo se bilkul saaf ho jayegi aur sirf acche log bachenge ka matlab hi nahi reh jaega

आप जरा अपने सवाल पर कॉल करें आप ने कहा है कि आप किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते हुए देखते हो

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा सवाल है आपका कि अगर दुनिया में इतनी ज्यादा आप लड़ाई देख रहे हैं तो इतनी नफरत है तो इस दुनिया में होने का क्या मतलब है हमेशा याद रखे की जगह दुनिया में लड़ाई देखते हैं तो आप सिर्फ एक एस्पेक्ट देख रहे हैं पहलू देख रहे हैं जिंदगी का बहुत सारे लोग जो है वह एक दूसरे की मदद भी करते हैं संसार में आप अगर आपके पास समय है तो अपने भी देख सकते हैं या फिर अपने दैनिक जीवन में भी देख सकते हैं लोग मंदिरों में दान करते हैं अनाथालय में दान करते हैं तो वह एक पॉजिटिव साइट है दुनिया की की लोग जो है वह दूसरे के लिए बिना कुछ एक फैक्टरी के बिना कुछ मुझे मिले उसके लिए भी लोगों के लिए कुछ ना कुछ बहुत कुछ कर रहे हैं और दूसरी बात हमेशा याद रखिए कि दुख देखने से कुछ नहीं होगा दूसरों की मदद करें उसे भी आपको बहुत खुशी मिलेगी इसके अलावा आप यह भी कह सकते हैं कि आप अपने अपने सब टीवी देख रहे हैं तो ऐसे न्यूज़ चैनल कीमत देखिए जहां ज्यादा लड़ाई है हंसी मजाक वाले देखे या पॉजिटिव जो आप रिसीव करेंगे वही आपकी लाइफ में घटेगा तो बहुत जरूरत है क्या पॉजिटिव थिंकिंग की पड़ी है ना कि जो है नॉर्मल नॉर्मल आप मडर्स वगैरह दिखाई जाते हैं जो कि स्पीकिंग कि मैं अगर आप पढ़ कर देखेंगे तो या तो आप पाएंगे कि वहां पर एक इंसान ने दूसरे इंसान की कैसे मदद करें वह उसमें लिखा होता है

bahut hi accha sawaal hai aapka ki agar duniya mein itni zyada aap ladai dekh rahe hai toh itni nafrat hai toh is duniya mein hone ka kya matlab hai hamesha yaad rakhe ki jagah duniya mein ladai dekhte hai toh aap sirf ek espekt dekh rahe hai pahaloo dekh rahe hai zindagi ka bahut saare log jo hai vaah ek dusre ki madad bhi karte hai sansar mein aap agar aapke paas samay hai toh apne bhi dekh sakte hai ya phir apne dainik jeevan mein bhi dekh sakte hai log mandiro mein daan karte hai anathalay mein daan karte hai toh vaah ek positive site hai duniya ki ki log jo hai vaah dusre ke liye bina kuch ek factory ke bina kuch mujhe mile uske liye bhi logo ke liye kuch na kuch bahut kuch kar rahe hai aur dusri baat hamesha yaad rakhiye ki dukh dekhne se kuch nahi hoga dusro ki madad kare use bhi aapko bahut khushi milegi iske alava aap yah bhi keh sakte hai ki aap apne apne sab TV dekh rahe hai toh aise news channel kimat dekhiye jaha zyada ladai hai hansi mazak waale dekhe ya positive jo aap receive karenge wahi aapki life mein ghatega toh bahut zarurat hai kya positive thinking ki padi hai na ki jo hai normal normal aap madars vagera dikhai jaate hai jo ki speaking ki main agar aap padh kar dekhenge toh ya toh aap payenge ki wahan par ek insaan ne dusre insaan ki kaise madad kare vaah usme likha hota hai

बहुत ही अच्छा सवाल है आपका कि अगर दुनिया में इतनी ज्यादा आप लड़ाई देख रहे हैं तो इतनी नफरत

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

1:59

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Subarna Chatterjee Adhikary

Head of drpaul's Institute

1:12
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वह इसलिए क्योंकि इंसान भी असल में एक जानवर की प्रजाति है और एनिमल इंस्टिंक्ट्स जो है वह शिव मन में भी थोड़ा बहुत अभी तक बसा हुआ है उसमें एक दूसरे से लड़ना ही जीवन था एक दूसरे से लड़के ही हम लोग आज तक यहां तक पहुंचे हैं अपनी जाति से दूसरी जातियों के जानवर से लड़ाई इंसानी अंदरूनी क्षेत्र है लेकिन जो संस्कृति है वह हमें सिखाती है कि एक दूसरे से लड़ना नहीं चाहिए और संस्कृति के तहत उस वह अगर कोई इंसान सुसंस्कृत है तो वह लड़ाई कम करता है या नहीं करता है वरना लड़ाई कोई अजीब बात नहीं आप ने सरवा ईमेल ऑफ द फिटेस्ट तो सुना होगा लड़ाई उसी के तहत चलती रहती है और यह चलती रहेगी और संस्कृति जो है वह हमें सिखाती आई है कि लर्न नहीं चाहिए एक दूसरे से बातचीत करके जो भी मसला हो उसे सुलझाना चाहिए उसकी कोशिश तो हम करते हैं लेकिन हमेशा हमेशा सक्सेसफुल नहीं हो पाते धन्यवाद

vaah isliye kyonki insaan bhi asal mein ek janwar ki prajati hai aur animal instinkts jo hai vaah shiv man mein bhi thoda bahut abhi tak basa hua hai usme ek dusre se ladna hi jeevan tha ek dusre se ladke hi hum log aaj tak yahan tak pahuche hai apni jati se dusri jaatiyo ke janwar se ladai insani andaruni kshetra hai lekin jo sanskriti hai vaah hamein sikhati hai ki ek dusre se ladna nahi chahiye aur sanskriti ke tahat us vaah agar koi insaan susanskrit hai toh vaah ladai kam karta hai ya nahi karta hai varna ladai koi ajib baat nahi aap ne sarava email of the fittest toh suna hoga ladai usi ke tahat chalti rehti hai aur yah chalti rahegi aur sanskriti jo hai vaah hamein sikhati I hai ki learn nahi chahiye ek dusre se batchit karke jo bhi masala ho use suljhana chahiye uski koshish toh hum karte hai lekin hamesha hamesha successful nahi ho paate dhanyavad

वह इसलिए क्योंकि इंसान भी असल में एक जानवर की प्रजाति है और एनिमल इंस्टिंक्ट्स जो है वह शि

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

2:00
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नमस्ते दोस्तों मेरी रानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं देखिए दुनिया में बहुत टाइप के लोग होते हैं बेसिकली अगर आप यहां पर एक खराब दिख रहे हो कि लोग झगड़ रहे हैं तो आपको वह पहलू भी देखना चाहिए जहां पर लोग प्यार मोहब्बत से रह रहे हैं और मेरे हिसाब से हमारी जिंदगी में बाकी लोग और बाकियों के जिंदगी में हम हम सब एक दूसरे को एक पहलू और बहुत सारी पहलू है दिखाने के लिए आते हैं तो हम सब एक दूसरे को एक्सपीरियंस दे रहे हैं और सीख रहे हैं सिखा रहे हैं जिंदगी में आके जिंदगी में जो लोग भी हैं और आएंगे वह आपको कुछ ना कुछ सीख लेकर जाएंगे और मतलब आपको विजिबल देंगे जिससे आप जिंदगी को और बेहतर नजर से देख पाओगे तो मैं यह कहना चाहूंगी कि जिंदगी को ब्रॉडर पर्सपेक्टिव से देखना चाहिए ऐसा है कि अगर आप के आजू-बाजू लोग रहे हैं तो बहुत सारे लोग हैं जो प्यार मोहब्बत से भी रह रहे हैं हंसी-मजाक से भी रह रहे हैं सुकून में रह रहे हैं अपने में खुश हैं तो इन लोगों को भी ढूंढिए और उनको भी देखिए और जिंदगी जैसी है उसको आप अप्रिशिएट कीजिए और खुशी मनाइए दूसरों को खुशी बाटने के उतार-चढ़ाव जिंदगी का पार्ट एंड पार्सल है वह आता ही रहेगा अगर आज अच्छा टाइम है तो कल बुरा टाइम आएगा और फिर बाद में अच्छा टाइम आ जाएगा कोई भी चीज कांस्टेंट नहीं रहता है लेकिन इस चीज से निराश होना अच्छी बात नहीं है अगर आप जिंदगी में जो खराब या है जो लोगों में कुछ खराब रेट देखते हो उस चीज को देखकर अगर आप निराश हो गए और यह सोचने लगे कि हम जिंदगी में क्यों आए हैं तो यह एक नेगेटिव पर्सपेक्टिव है इससे मत देख हॉस्पिटल से दुनिया को देखिए और ज्यादातर के अच्छी चीजें देखी किसी अच्छी चीज को देखकर लोगों में अच्छी चीजें देखी खुशियां मिलती है शुक्रिया

namaste doston meri rani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain dekhiye duniya mein bahut type ke log hote hain basically agar aap yahan par ek kharab dikh rahe ho ki log jhagad rahe hain toh aapko vaah pahaloo bhi dekhna chahiye jaha par log pyar mohabbat se reh rahe hain aur mere hisab se hamari zindagi mein baki log aur baakiyon ke zindagi mein hum hum sab ek dusre ko ek pahaloo aur bahut saree pahaloo hai dikhane ke liye aate hain toh hum sab ek dusre ko experience de rahe hain aur seekh rahe hain sikha rahe hain zindagi mein aake zindagi mein jo log bhi hain aur aayenge vaah aapko kuch na kuch seekh lekar jaenge aur matlab aapko vijibal denge jisse aap zindagi ko aur behtar nazar se dekh paoge toh main yah kehna chahungi ki zindagi ko broader parsapektiv se dekhna chahiye aisa hai ki agar aap ke aju baju log rahe hain toh bahut saare log hain jo pyar mohabbat se bhi reh rahe hain hansi mazak se bhi reh rahe hain sukoon mein reh rahe hain apne mein khush hain toh in logo ko bhi dhundhiye aur unko bhi dekhiye aur zindagi jaisi hai usko aap aprishiet kijiye aur khushi manaiye dusro ko khushi baatane ke utar chadhav zindagi ka part and parcel hai vaah aata hi rahega agar aaj accha time hai toh kal bura time aayega aur phir baad mein accha time aa jaega koi bhi cheez constant nahi rehta hai lekin is cheez se nirash hona achi baat nahi hai agar aap zindagi mein jo kharab ya hai jo logo mein kuch kharab rate dekhte ho us cheez ko dekhkar agar aap nirash ho gaye aur yah sochne lage ki hum zindagi mein kyon aaye hain toh yah ek Negative parsapektiv hai isse mat dekh hospital se duniya ko dekhiye aur jyadatar ke achi cheezen dekhi kisi achi cheez ko dekhkar logo mein achi cheezen dekhi khushiya milti hai shukriya

नमस्ते दोस्तों मेरी रानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं द

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Bhavin J. Shah

Life Coach

1:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुदरत में सब कुछ बैलेंस है रात के बाद दिन आता है सूरज के बाद चंद्रमा होता है धूप के बाद शाम होती है समंदर में भर्ती के बाद वोट होती है बसंत के बाद पतझड़ होता है वैसे ही इस दुनिया में दो प्रकार के लोग हैं कुछ लोग बुरी में बुरी चीज में भी अच्छा ही ढूंढते हैं और कुछ लोग अच्छी चीजों में भी बुराई ढूंढते हैं जो लोग नफरत करते हैं वह ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहां उनको हर जगह पर ऐसा ही लगता है कि सब कुछ गलत हो रहा है उनके साथ भी गलत हो रहा है और दुनिया में डिस्ट्रस्टेड इस ट्रस्ट है कुदरत का कानून देखें तो सब कुछ बैलेंस तो होना जरूरी है तो नफरत वाले लोग इस दुनिया में रहने वाले हम हम हम अपना फोकस उनकी जरूरत है कि नहीं उनकी जगह से हटाकर हमें कैसे जीवन जीना है यह में कितने लोगों के बीच रहना है वह पसंद करना है हम अपना फोकस अपनी संगत और अपना समय ऐसे लोगों के बीच पीता है जो लोग सही में नफरत से विपरीत यानी कि खुशहाल माहौल में जीते हैं और हर परिस्थिति में अच्छा ही देखते हैं तो हमारा जीवन अद्भुत बन जाएगा थैंक यू

kudrat mein sab kuch balance hai raat ke baad din aata hai suraj ke baad chandrama hota hai dhoop ke baad shaam hoti hai samundar mein bharti ke baad vote hoti hai basant ke baad patjhad hota hai waise hi is duniya mein do prakar ke log hain kuch log buri mein buri cheez mein bhi accha hi dhoondhate hain aur kuch log achi chijon mein bhi burayi dhoondhate hain jo log nafrat karte hain vaah aisi duniya mein ji rahe hain jaha unko har jagah par aisa hi lagta hai ki sab kuch galat ho raha hai unke saath bhi galat ho raha hai aur duniya mein distrasted is trust hai kudrat ka kanoon dekhen toh sab kuch balance toh hona zaroori hai toh nafrat waale log is duniya mein rehne waale hum hum hum apna focus unki zarurat hai ki nahi unki jagah se hatakar hamein kaise jeevan jeena hai yah mein kitne logo ke beech rehna hai vaah pasand karna hai hum apna focus apni sangat aur apna samay aise logo ke beech pita hai jo log sahi mein nafrat se viprit yani ki khushahal maahaul mein jeete hain aur har paristithi mein accha hi dekhte hain toh hamara jeevan adbhut ban jaega thank you

कुदरत में सब कुछ बैलेंस है रात के बाद दिन आता है सूरज के बाद चंद्रमा होता है धूप के बाद शा

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हेलो फ्रेंड्स मैं हर दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी ही नफरत करते हैं तो लोग को दुनिया में होने से क्या अर्थ है इसका मतलब यह है मेरा इस टॉपिक पर कहने का एक ही मां बाप द्वारा याद उसके चार बच्चे पैदा होते हैं तो चारों के दिन तो एक होती है लेकिन उनके जी ने टिक्के कोर्स होते हैं अलग-अलग होते हैं और जब बेटा जी नेट कोड अलग होंगे जी ने एक होंगे तो रूप रंग से हो सकते थोड़ा सा एक जैसे दिखे लेकिन उनकी सोच विचार अलग कंपनी है वोडाफोन कंपनी दूसरे नंबर है क्या एक नंबर दूसरे नंबर हो सकता है नहीं क्या वोडाफोन में एक नंबर दूसरे नंबर का हो सकता है नहीं एयरटेल में हो सकता है नहीं तो बेटा होता क्या है कि एक ही मां बाप द्वारा उत्पन्न बच्चे में जीने को तेल रेट अलग होते हैं अलग से मिलता है तो उसके हाव-भाव विचार अपने विचारों से अपने अपने विचार से अपने थाट से लोग एक दूसरे को प्रभावित करते हैं और जब एक दूसरे एक दूसरे से प्रभावित नहीं होते हैं या उनको विचारों को नहीं मानते तो आपस में विवाद होता है ऐसा नहीं है कि जब मैं यहां पर विभिन्न संप्रदाय विभिन्न क्षेत्र के लोग हैं उनकी सोच होती कुछ मेरे लिए अच्छी हो सकती है पिछले मेरे लिए मेरे लिए खराब है मैदान की टेंपरेचर

hello friends main har din kisi na kisi ko ladte jhagadate dekhta hoon agar log ek dusre se itni hi nafrat karte hai toh log ko duniya mein hone se kya arth hai iska matlab yah hai mera is topic par kehne ka ek hi maa baap dwara yaad uske char bacche paida hote hai toh charo ke din toh ek hoti hai lekin unke ji ne tikke course hote hai alag alag hote hai aur jab beta ji net code alag honge ji ne ek honge toh roop rang se ho sakte thoda sa ek jaise dikhe lekin unki soch vichar alag company hai vodafone company dusre number hai kya ek number dusre number ho sakta hai nahi kya vodafone mein ek number dusre number ka ho sakta hai nahi airtel mein ho sakta hai nahi toh beta hota kya hai ki ek hi maa baap dwara utpann bacche mein jeene ko tel rate alag hote hai alag se milta hai toh uske hav bhav vichar apne vicharon se apne apne vichar se apne thought se log ek dusre ko prabhavit karte hai aur jab ek dusre ek dusre se prabhavit nahi hote hai ya unko vicharon ko nahi maante toh aapas mein vivaad hota hai aisa nahi hai ki jab main yahan par vibhinn sampraday vibhinn kshetra ke log hai unki soch hoti kuch mere liye achi ho sakti hai pichle mere liye mere liye kharab hai maidan ki temperature

हेलो फ्रेंड्स मैं हर दिन किसी ना किसी को लड़ते झगड़ते देखता हूं अगर लोग एक दूसरे से इतनी ह

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

3:10
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देखेंगे जब इंसान को बनाया गया तो इंसान को यह सोचकर नहीं बनाएंगे कि वह आपस में लड़ेगा झगड़े का यह करेगा वह करेगा लेकिन इंसान ने क्या किया प्यार मोहब्बत से रहने की बजाय दूसरा चीज अपना लिया यह क्यों अपना लिया भाई आबादी ज्यादा है रिसोर्सेज काम है मेरे को बड़ा देखना है मेरे अंदर अपना ईगो आ जाता है मैं आ जाता हूं आपसे पहले यह सारी और बहुत सी बातें हो जाती है जिस कारण से इंसान अपने आप को महान समय लगता है इंसान हमेशा ही देता है कि मैं तुमसे ऊपर मैं तुमसे ज्यादा ही बोल मैं तुमसे ज्यादा बेहतर मैं हर तरीके से तुम से बेहतर हमेशा को किसी से बात करता है कुछ भी करता है तो उसके अंदर यह चीज झलकती है किसी में कम दिखती है किसी में ज्यादा सकती है कहीं पर हमेशा दिखती है कहीं पर कभी-कभी दिखती है वगैरह वगैरह अब यह चीज तो नहीं होनी चाहिए थी इस तरीके से जीवन को तो नहीं समझा गया लेकिन क्योंकि इंसान के अंदर सोच है भावनाएं अदृश्य को और वो खुद अपनी सोच भावनाएं दृष्टिकोण यह सब खुद बनाते हैं कर्म खुद ही करता है समाज में रहते हुए भी उसका आचरण ऐसा वैसा हो जाता है यह उसका अपना निर्माण किया हुआ है भले ही परिस्थिति जो भी हो आप एनरोलमेंट जैसा भी हो वह अपने आप को बनाने में खुद ही जिम्मेदार होता है तो हम क्या करते हैं हम सही मार्ग पर रहने की बजाय हम दूसरे मार्ग पर चले जाते हैं क्यों क्योंकि हमारे गोवा हमारा आए हमारे अम्मी हमारा माइसेल्फ यह हम से पहले आ जाते हैं और यह टकराते हैं किसी और के हीरो और ऐसे तो वहां पर दिक्कत परेशानी हो जाती है इसका मतलब यह नहीं है कि भाई जब इंसान इतनी नफरत करता है तो लोग को दुनिया में होने का क्या फायदा जी देखिए दुनिया में लोग हैं तो लोग को रहना आना चाहिए यह नहीं कि वह तो सोचिए अगर वह दुनिया कैसी होगी जिसमें एक ही आदमी होगा यह 10 ही लोगों दुनिया कैसी दुनिया होगी तो दुनिया है जिस तरीके से है वह बहुत सही तरीके से हैं हम सब सोचते हैं कि हम सब इंडिपेंडेंट है बट एक्चुअली में देखा जाए तो हम सब इंटरडिपेंडेंट है एक दूसरे पर आश्रित है लेकिन हम क्या करते हैं हम अपने आप को दूसरे से बड़ा देखने की होड़ में हम दूसरों से अच्छा बनने की होड़ में ऊपर उठने की होड़ में उससे ज्यादा सुखी होने की होड़ में किसी की कोई कदर नहीं कर रहे हैं जंगली ऐसा देखने को मिलता है कहीं पर कम कहीं पर ज्यादा और यही इंसान की तकलीफ का कारण है हमें तो संतोष पूर्वक सबको साथ लेकर आगे जाना चाहिए था भले ही मैं उसको जानता हूं नहीं जानता मेरे साथ काम करता है मेरे साथ पढ़ता है या जो भी कुछ कहानी है हमें अपने हुनर से अपने अनुभव से अपने यहां पर काम करके अपने आप को इस तरीके से बनाना चाहिए रखना चाहिए ताकि जीवन तो सुखद रहे ही रहे साथ में बाकी लोगों का जीवन भी अच्छा बीते लेकिन हां इसका विपरीत करते हैं जो कि सही बात नहीं है

dekhenge jab insaan ko banaya gaya toh insaan ko yah sochkar nahi banayenge ki vaah aapas mein ladega jhagde ka yah karega vaah karega lekin insaan ne kya kiya pyar mohabbat se rehne ki bajay doosra cheez apna liya yah kyon apna liya bhai aabadi zyada hai resources kaam hai mere ko bada dekhna hai mere andar apna ego aa jata hai aa jata hoon aapse pehle yah saree aur bahut si batein ho jaati hai jis karan se insaan apne aap ko mahaan samay lagta hai insaan hamesha hi deta hai ki main tumse upar main tumse zyada hi bol main tumse zyada behtar main har tarike se tum se behtar hamesha ko kisi se baat karta hai kuch bhi karta hai toh uske andar yah cheez jhalkati hai kisi mein kam dikhti hai kisi mein zyada sakti hai kahin par hamesha dikhti hai kahin par kabhi kabhi dikhti hai vagera vagairah ab yah cheez toh nahi honi chahiye thi is tarike se jeevan ko toh nahi samjha gaya lekin kyonki insaan ke andar soch hai bhaavnaye adrishya ko aur vo khud apni soch bhaavnaye drishtikon yah sab khud banate hai karm khud hi karta hai samaj mein rehte hue bhi uska aacharan aisa waisa ho jata hai yah uska apna nirmaan kiya hua hai bhale hi paristithi jo bhi ho aap enrollment jaisa bhi ho vaah apne aap ko banane mein khud hi zimmedar hota hai toh hum kya karte hai hum sahi marg par rehne ki bajay hum dusre marg par chale jaate hai kyon kyonki hamare goa hamara aaye hamare ammi hamara myself yah hum se pehle aa jaate hai aur yah takaraate hai kisi aur ke hero aur aise toh wahan par dikkat pareshani ho jaati hai iska matlab yah nahi hai ki bhai jab insaan itni nafrat karta hai toh log ko duniya mein hone ka kya fayda ji dekhiye duniya mein log hai toh log ko rehna aana chahiye yah nahi ki vaah toh sochiye agar vaah duniya kaisi hogi jisme ek hi aadmi hoga yah 10 hi logo duniya kaisi duniya hogi toh duniya hai jis tarike se hai vaah bahut sahi tarike se hai hum sab sochte hai ki hum sab independent hai but actually mein dekha jaaye toh hum sab interdependent hai ek dusre par aashrit hai lekin hum kya karte hai hum apne aap ko dusre se bada dekhne ki hod mein hum dusro se accha banne ki hod mein upar uthane ki hod mein usse zyada sukhi hone ki hod mein kisi ki koi kadar nahi kar rahe hai jungli aisa dekhne ko milta hai kahin par kam kahin par zyada aur yahi insaan ki takleef ka karan hai hamein toh santosh purvak sabko saath lekar aage jana chahiye tha bhale hi main usko jaanta hoon nahi jaanta mere saath kaam karta hai mere saath padhata hai ya jo bhi kuch kahani hai hamein apne hunar se apne anubhav se apne yahan par kaam karke apne aap ko is tarike se banana chahiye rakhna chahiye taki jeevan toh sukhad rahe hi rahe saath mein baki logo ka jeevan bhi accha bite lekin haan iska viprit karte hai jo ki sahi baat nahi hai

देखेंगे जब इंसान को बनाया गया तो इंसान को यह सोचकर नहीं बनाएंगे कि वह आपस में लड़ेगा झगड़े

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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

2:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं बिल्कुल बढ़िया आप सोच रहे हैं कि लोग ऐसे ही झगड़ा करते रहेंगे फिर तो दुनिया में होने का क्या मतलब है देखिए लोग जो झगड़ा करते हैं वह लोग हमको क्या बताएं वह लोग कम बुद्धि कम दिमाग गया कम समाचार कहेंगे या तुझे कहेंगे कि उनकी उनका शिक्षा बड़े नहीं है या तो उनको अच्छा ज्ञान नहीं है भौतिकवादी गाने पढ़े लिखे हैं बस किताबी कीड़ा है लेकिन यह झगड़ा करने वाले जो होते हैं यह बात आप मान कर चलिए कि धर्म जाति रहा है ठीक है वह सिर्फ सेलफिशनेस उसके अंदर आ गए अपने बारे में सोचते हैं और दूसरों के बारे में नहीं सोचते हैं वैसे लोग याद करते हैं ठीक है गणेश के करते हैं ताकि दूसरे कोई उनसे पैसे मांगे और उनके पास पहले जाता है तो यही सोचेंगे कि दूसरे को एकदम ना मांगे चाय भाई कुछ है कोई मुस्लिम कैसे बताएं कि हम कमाने लग रहे हैं हमारे पास पैसा है छोटे भाई साहब और लोग पैसा नहीं मांगा तो बोला करो ठीक है दिमाग में भी ऐसे चलता रहता है बस जो लोग ज्यादा झड़ते हैं जो लड़ते हैं वह अपने सेलफिशनेस के बारे में सोचते हैं फिर भी सोते हैं कि है लेकिन भगवान ने तो कैसा बनाया कि हर इंसान को एक दूसरे इंसान की आवश्यकताएं मुकेश आए थे बात करते हैं ठीक है तो आपको अच्छी तरह से ना धर्म बुरा ना कर्म तो बढ़िया सा गाना है जो झगड़ा कर रहे हैं उन को समझाइए समझाने से बातें माननी बढ़िया है नहीं मारेंगे तो फिर बढ़िया है जो जैसा कर्म करता है इस पृथ्वी पर वैसे ही पता है ठीक है आप निश्चिंत रहिए सब कुछ सब का लेखा-जोखा होता है सब का हिसाब भी तो होता है ऊपर ठीक है फिर आना है बढ़िया सरना धर्म छात्रा ना ठीक है और हम बढ़िया करेंगे तो आप ही ने का चित्र से कटेगी ठीक है सिंपल रहेगी बढ़िया चलेगा किंग बाद में देखा था आप के आप कमा रहे हैं दोनों को संभाल लिया ठीक है चलो का अस्तित्व नहीं है ऐसा नहीं कि आप छोड़ेंगे हम को बिल्कुल नहीं आपके छोटे भाई हैं माता-पिता कमाई ऑन कर कर चल रही है क्योंकि आप को भगवान ने अपना सचिन क्या है कि आप दोनों का कर्ज़ भैया कुछ सोच करें क्या और आप ऐसा नहीं करेंगे तो फिर उसका परिणाम आप ही बताएंगे मैं तो मरता रहूं या सही है यह सही है इतिहास में देख लीजिए जो लोग ऐसा किया उनका उनका पूरा परिणाम हुआ है

nahi bilkul badhiya aap soch rahe hai ki log aise hi jhadna karte rahenge phir toh duniya mein hone ka kya matlab hai dekhiye log jo jhadna karte hai vaah log hamko kya bataye vaah log kam buddhi kam dimag gaya kam samachar kahenge ya tujhe kahenge ki unki unka shiksha bade nahi hai ya toh unko accha gyaan nahi hai bhautikvadi gaane padhe likhe hai bus kitabi kida hai lekin yah jhadna karne waale jo hote hai yah baat aap maan kar chaliye ki dharm jati raha hai theek hai vaah sirf selfishnes uske andar aa gaye apne bare mein sochte hai aur dusro ke bare mein nahi sochte hai waise log yaad karte hai theek hai ganesh ke karte hai taki dusre koi unse paise mange aur unke paas pehle jata hai toh yahi sochenge ki dusre ko ekdam na mange chai bhai kuch hai koi muslim kaise bataye ki hum kamane lag rahe hai hamare paas paisa hai chote bhai saheb aur log paisa nahi maanga toh bola karo theek hai dimag mein bhi aise chalta rehta hai bus jo log zyada jhadte hai jo ladte hai vaah apne selfishnes ke bare mein sochte hai phir bhi sote hai ki hai lekin bhagwan ne toh kaisa banaya ki har insaan ko ek dusre insaan ki aavashyakataen mukesh aaye the baat karte hai theek hai toh aapko achi tarah se na dharm bura na karm toh badhiya sa gaana hai jo jhadna kar rahe hai un ko samjhaiye samjhane se batein maanani badhiya hai nahi marenge toh phir badhiya hai jo jaisa karm karta hai is prithvi par waise hi pata hai theek hai aap nishchint rahiye sab kuch sab ka lekha jokha hota hai sab ka hisab bhi toh hota hai upar theek hai phir aana hai badhiya sarna dharm chatra na theek hai aur hum badhiya karenge toh aap hi ne ka chitra se kategi theek hai simple rahegi badhiya chalega king baad mein dekha tha aap ke aap kama rahe hai dono ko sambhaal liya theek hai chalo ka astitva nahi hai aisa nahi ki aap chodenge hum ko bilkul nahi aapke chote bhai hai mata pita kamai on kar kar chal rahi hai kyonki aap ko bhagwan ne apna sachin kya hai ki aap dono ka karz bhaiya kuch soch kare kya aur aap aisa nahi karenge toh phir uska parinam aap hi batayenge main toh marta rahun ya sahi hai yah sahi hai itihas mein dekh lijiye jo log aisa kiya unka unka pura parinam hua hai

नहीं बिल्कुल बढ़िया आप सोच रहे हैं कि लोग ऐसे ही झगड़ा करते रहेंगे फिर तो दुनिया में होने

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिस लोगों में भाईचारा नहीं आता नहीं है वैसे पुराने पैसे चीजें में लोगों के दूसरे करते एक दूसरे के प्रति प्रेम सिंह नहीं होता है उसके सबसे अधिक जरूरत होता है भाईचारा अपनाने की परीक्षण करने से इंसान सब कुछ कर सकता है दुनिया में नस्ल और एक दूसरे से झगड़ा इसका कारण है कि मैं बुद्धिमानी की कहानी वीडियो चाहिए ऐसे लोगों को आप धार्मिक पोस्ट करें जिसको रत्नेश है जीवन सुख में हो सकता है परिश्रम करना जो लोग नफरत करते हैं उन्हें ज्ञान की बात समझाई नफरत तो ऐसी आती है याद आती है और सेंस प्रेमशंकर ना इसलिए सब प्रेम से रहें भाईचारा को बढ़ावा समय कुछ चीजें लड़ाई झगड़ा नहीं करें और हर आदमी सोचा न था एक दूसरे की मदद नहीं करनी जो लोग दूसरे की मदद करते हैं वे आगे जीवन में सफल होते हैं हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए कपड़े की भावना होनी चाहिए तभी हमारा जीवन दशरथ को प्रेम से जीत सकते हैं हर समस्या का स्वरूप तय किया जा सकता है समझदारी परिवर्तन की समस्या को दूर कर सकते हैं पेशियों में करें मेहनत करें नफरत को मिटाने के लिए सदा प्रयत्नशील रहे हैं प्रेम के प्रेम के उपयोग से आप नफरत को बना सकते हैं आपका जीवन के लिए आपके परिवार के लिए और कुछ समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है जीवन को व्यर्थ विवाद नहीं करें समय का पालन करें और आपका जीवन सुख में हो सकता है आप हमेशा स्वस्थ प्रसन्न चित्त मुद्रा में हैं

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