मुझे ये बात पता है की मौत सबको आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है। ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?...


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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है तो मुझे क्या करना चाहिए बंधुवर यह सभी प्राणी की फितरत होती है कि वह मौत से डरता है क्योंकि मौत एक अंतिम पड़ाव होता है और उस में बहुत सी उत्पीड़न और दो की उम्मीदें एहसास करते हैं तो यह स्वभाविक ता है कि मृत्यु से डर है और यह इसी से बचने का प्रकृति के रूप से हमारे अंदर भर्तियां होती है तो कई ऐसे जीव है जिनके अंदर दर्द की अनुभूति होती नहीं है लेकिन जिन प्राणी व्यवस्था की व्यवस्था में प्रकृति ने ऐसा नियोजित किया हुआ है तो यह सोचा आज सुरक्षात्मक धन की शैली में होता है कि मृत्यु से डरो ना अपने शरीर की संपदा को बचाने की इच्छा होती है सुबह खुली यह प्रकृतिक रूप से प्रतिपादित हुआ है संवेदना होंगे तो क्या करें दर्शन मूवी मेरी तो एक ही सत्य है लेकिन इसी पर ही हमें एक प्रमुखता का विचार मिलता है कि वास्तव में अगर अंत हो जाएगा तो फिर क्या रह जाएगा और कुछ ना कुछ हम आ सकती स्वामी जीवन को ज्ञापन किए रहते हैं उसमें क्या कर्तव्य में पूरे हुए हैं या नहीं हुए हैं दूसरी बात भी है कि बहुत शिक्षाएं होती है जो हमारे अंदर से फोड़ते हैं कि वह सब इच्छाएं पूर्ति हो इत्यादि बात है आते हैं लेकिन यह है कि मृत्यु हो तो हमें क्या करना चाहिए तो हमें सदैव स्मरण बनाना चाहिए कि अकाट्य सत्य है लेकिन उसको लेकर पड़े रहना और चिंतन में रहना यह गलत है लेकिन यह है कि हां आवश्यक निकलने का जो रास्ता है हम किस उसकी सोच कि उस पीड़ा से बचें इसके लिए हम कुछ ना कुछ प्रयास कर सकते हैं अपने आपको नेट करने के लिए मिट्ठू एक अनुसंधान का भी विषय बन जाता है और उसमें हमें कुछ ना कुछ अपने दायित्व और प्रकृति के संतुलन के लिए कुछ ना कुछ सोच का विकल्प उत्पन्न होता है तो मानव जाति एक बहुत ही उच्च स्तर क्या ज्ञानवान पुरुष होता है इसमें बुद्धि की बहुत ही अच्छी प्रक्रिया जागृत रहती है तो यह सब तो चीजें हैं लेकिन मरीन पॉइंट जा रहा है कि जो हमें करना क्या चाहिए अगर ऐसा होता है तो इसको निर्भय करने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान के कई रोटेशन बने हुए हैं जिसका नाम बन कर के हम निश्चित रूप से रह सकते हैं और यह जन्म मरण जीवन के हर पहलू की वृत्तियों से वह पर एक अलग अपना ज्ञान चक्षु खोले रहते हैं कि यह चीज प्रक्रिया है प्रकृति में और उसमें हमारा भी एक नंबर है तो हम कोई विशेष नहीं बन सकते हैं लेकिन आप कृति के रूप से जो चीज हमारे में विगत घटना में घटित हो रही है और जो जीवन के प्रक्रिया में जो चीज सहायक है आशा है गोरे होते प्रकृति के बर्ताव में घटित हो रही है और शिष्य के अधीन हम भी है तो लेकिन प्रकृति और पुलिस की 2 लेवल बना रखे हैं जिन्होंने अध्यात्म रेड लेबल के अंदर आत्मा को एक ज्योति और चेतन स्वरूप और साक्षी का कारण समझा हुआ है वह उस आधार पर अपने आपको निश्चित करते हैं और शरीर का संतुलन है मानसिक संतुलन है उसके हिसाब से अपने जीवन को व्यवहार को गठित करने की कोशिश करते हैं क्योंकि कोई भी इंसान किसी भी उत्पीड़न और इस चीज के बंधन में नहीं रहना चाहता वह चाहता है कि उसके अंदर की जो भी चीज पकड़ती दुख साथ बातचीत हो रही है भावना उसको परिपूर्ति करें तो यह सारी तो नेशनल रूप से चला आ रहा है हारे साड़ी में समानता होता है लेकिन फिर भी विशेष संस्कार और कुछ अवधारणा पर हम निश्चित करते हैं कि हमें जीना है तो कैसे जीना है तो उस आधार पर भी हम जानते हैं एडवांस में रहने की हमारी फितरत बनती है तो जो लोग दिल में होते हैं और दुनिया भर की सोचो मैं अपने आप की वह खुशी और वह जो उत्कर्ष होता है उसको खत्म करते हैं तो उससे बढ़िया यह होता है कि हम किसी चीज की में अभ्यास रफ्तार है जो हमारे को परिष्कृत विधि में उपयोगी बनाए हैं तो यह सारी चीज है कि अगर हम क्या चाहते हैं तो यह आत्मा तत्व का दर्शन होता है और यह उस ज्ञान की ऊंचाई में भी अनुभव में आता है क्योंकि हर इंसान अपने मुंह में जटिलता में बंधा हुआ है लेकिन अगर ऐसा कह दिया जाए कि जगत मिथ्या भ्रम सत्ता चित्र सकता है और यह मानसिक विकृतियां है और उसमें हमारा मानसिक कला है जो संसार को प्रभावित किए हुए और सर जो भी प्रभावित करने के तत्व है हमारी विचारधारा शैली में है तो यह सब चीज का घमंड क्या है एक दूसरे इन्वायरमेंट में चेष्टा करते हैं साधना को प्रयोग करते हैं और कुछ कुछ अलग से मनोविज्ञान वृद्धों की परिस्थितियों को उद्घाटित करते हैं उसमें निर्वाह करते हैं तो यह बनाना पड़ता है और गुरुओं का सहयोग होता है जो उसके अनुसार हमारे जीवन की जो इच्छा होती है उस शिक्षा पर ज्ञापन करने के लिए हम तत्पर होते हैं हर मनुष्य सिर्फ विज्ञान और ज्ञान के लिए और जिज्ञासा प्रवृत्ति है उसको परिपूर्ण करने के लिए ही उपयुक्त हुआ है तो यह सारा निचोड़ होता है कि और जो समझ लेते हैं वह स्थित हो जाते जो नहीं समझ लेते रहते हैं उलझन में रहते हैं क्योंकि उनमें हमेशा संख्यात्मक विद्याओं प्रकट होती रहता है उनका स्थाई तो निर्णय कुछ नहीं होता है तो यही चीज है कि जीवन में स्थायित्व लाने के लिए हमें गुरु तत्व की जरूरत होती है वह गुरु के द्वारा से हमें अपने अंतःकरण के अनुसार प्रकाश में उसका साक्षत करण मिलता है और उसमें ही विश्वास और दृढ़ निश्चय उत्पन्न होती है और वही हमारा शरदा होता है तो यह सारी चीजें मृत्यु है कुछ नहीं सिर्फ एक बहुत बड़ा बहन है यही तो माया तो ना होता गुरु करात बताता है क्या है सिखाता क्या यही चीज बनाता है जो सामान्यतः लोगों के व्यक्तियों में रोड़ और जटिलता से कठोर रहता है तो उसको भंजन करने की सामर्थ्य क्षमता सिर्फ गुरु में है और लेकिन हमारी चीज तभी उसने बहुत ज्यादा उपयुक्त बताया है कि हम चाहते हैं कि हम इससे निजात पाना चाहते हैं तो इच्छा रूपी की भी बहुत बड़ी इसमें अदाकारी होती अगर इच्छा नहीं है तो कुछ भी नहीं सोया शिक्षा में रिया श्रम का मापदंड होता है कि हम किसी स्टेटस के हैं किस लेवल की है और क्या चाहते हैं तो अपने आप की युक्ति प्रयुक्त श्रम अपने आप निर्धारित कर सकते हैं लोग किसी ना किसी का दिल जीता सर्वश्रेष्ठ मान करके लेकिन कुछ लोग शहर में ही अपने आप में कुशल समझते हैं लेकिन कहीं ना कहीं वह भी धोखा खाते हैं लेकिन कीजिए सही रूप से सब का चरण वंदन करते हैं और ऐसे देवें तत्काल गुणों की भावना और ध्यान करते हैं जिससे कि हमारे अंदर के जो केंद्र है वही भाव को प्रकट करें जिससे हमारी शक क्षमता और मजबूती बनी रहती है इत्यादि बातें के साथ में जेपी होगी आपको सुझाव में उपस्थित होगा आपको शुभकामना देना चाहता हूं धन्यवाद

mujhe yah baat pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi mujhe maut se dar lagta hai toh mujhe kya karna chahiye bandhuvar yah sabhi prani ki phitarat hoti hai ki vaah maut se darta hai kyonki maut ek antim padav hota hai aur us me bahut si utpidan aur do ki ummeeden ehsaas karte hain toh yah swabhavik ta hai ki mrityu se dar hai aur yah isi se bachne ka prakriti ke roop se hamare andar bhartiyan hoti hai toh kai aise jeev hai jinke andar dard ki anubhuti hoti nahi hai lekin jin prani vyavastha ki vyavastha me prakriti ne aisa niyojit kiya hua hai toh yah socha aaj surakshatmak dhan ki shaili me hota hai ki mrityu se daro na apne sharir ki sampada ko bachane ki iccha hoti hai subah khuli yah prakritik roop se pratipadit hua hai samvedana honge toh kya kare darshan movie meri toh ek hi satya hai lekin isi par hi hamein ek pramukhta ka vichar milta hai ki vaastav me agar ant ho jaega toh phir kya reh jaega aur kuch na kuch hum aa sakti swami jeevan ko gyapan kiye rehte hain usme kya 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मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है तो मुझे क्या करना चाह

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Meenaxi Yadav

Wellness Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

खराब मौके पर मौत से जितना डरेगी उतना ही धर्म जल्दी मोटाई इसीलिए बहुत से डरना नहीं चाहिए मौत का आंखों देखा सामना करना चाहिए क्योंकि मरना तो सबको है लेकिन बस यह है कि हम कैसी मौत मरना चाहते हैं हमको अच्छी मौत मारना हमको खराब मत नहीं करना हमको कुत्ते की मौत नहीं मरना हमको भूख की मौत नहीं मरना हमको बीमारी की मौत नहीं मरना चाहते हम अच्छे काम करते हुए मटा चाहते हैं अच्छे अच्छे लोगों में संदेश देते हुए मरना चाहते हैं नॉर्मल एक स्वस्थ मौत मरना चाहते हैं क्योंकि मरना तो सबको है मरने से क्या लिखें

kharab mauke par maut se jitna daregi utana hi dharm jaldi motai isliye bahut se darna nahi chahiye maut ka aakhon dekha samana karna chahiye kyonki marna toh sabko hai lekin bus yah hai ki hum kaisi maut marna chahte hain hamko achi maut marna hamko kharab mat nahi karna hamko kutte ki maut nahi marna hamko bhukh ki maut nahi marna hamko bimari ki maut nahi marna chahte hum acche kaam karte hue mata chahte hain acche acche logo me sandesh dete hue marna chahte hain normal ek swasth maut marna chahte hain kyonki marna toh sabko hai marne se kya likhen

खराब मौके पर मौत से जितना डरेगी उतना ही धर्म जल्दी मोटाई इसीलिए बहुत से डरना नहीं चाहिए मौ

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संभोग करते हैं कि हमें डर लग रहा है मरने से तो अगर आप अपने जीवन में देखेंगे मुड़ के तो आप पाएंगे कि यह डर जो है एक्सप्रेस वीकली हनी तू बाहर आ रहा है किसी और वजह से भरा रहा है या तो हो सकता है कि आप बार-बार बीमार बहुत रहते हैं इसलिए आपको जो है वह मौत से डर लग रहा है या अचानक कहीं कुछ जिंदगी में आपके कुछ बढ़ा हुआ है जिसकी वजह से आपको यह जो डर है वह दिखाई दे रहा है क्योंकि मरने का डर जो है वह बहुत बड़ी सब हम सब को होता है लेकिन बहुत बड़ी संख्या में जो है लोगों में पाया जाता है लेकिन लोग कहीं ना कहीं उसे डिलीट कर लेते हैं कि कि जो बॉर्डर है वह उससे बिल्कुल झूठ ना होना पड़े लेकिन अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो इसके पीछे कारण है वह कारण देखने की जरूरत है आपको आप एक पेपर पर ले सकते हैं और उसमें लिख सकते हैं कि क्या बाप के मरने से कि आपके अगर वाइफ यह बच्चों को कोई दिक्कत होगी आपके घर वालों को कोई दिक्कत होगी क्या होगा उसके बाद तो आप मदद मिलेगी और आप उस कारण से वह करिए

sambhog karte hain ki hamein dar lag raha hai marne se toh agar aap apne jeevan mein dekhenge mud ke toh aap payenge ki yah dar jo hai express weekly honey tu bahar aa raha hai kisi aur wajah se bhara raha hai ya toh ho sakta hai ki aap baar baar bimar bahut rehte hain isliye aapko jo hai vaah maut se dar lag raha hai ya achanak kahin kuch zindagi mein aapke kuch badha hua hai jiski wajah se aapko yah jo dar hai vaah dikhai de raha hai kyonki marne ka dar jo hai vaah bahut badi sab hum sab ko hota hai lekin bahut badi sankhya mein jo hai logo mein paya jata hai lekin log kahin na kahin use delete kar lete hain ki ki jo border hai vaah usse bilkul jhuth na hona pade lekin agar aapke saath aisa ho raha hai toh iske peeche karan hai vaah karan dekhne ki zarurat hai aapko aap ek paper par le sakte hain aur usme likh sakte hain ki kya baap ke marne se ki aapke agar wife yah baccho ko koi dikkat hogi aapke ghar walon ko koi dikkat hogi kya hoga uske baad toh aap madad milegi aur aap us karan se vaah kariye

संभोग करते हैं कि हमें डर लग रहा है मरने से तो अगर आप अपने जीवन में देखेंगे मुड़ के तो आप

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

1:60

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Bhavin J. Shah

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस दुनिया में एक ही चीज निश्चित है कि जीवन में अनिश्चित है और जो जीवन अनिश्चित है उसमें सबसे बड़ी बात है मौत हमको पता ही नहीं है कि मौत कब आने वाली है जिस चीज का पता ही नहीं है जो अनिश्चित है उसको लेकर आज क्यों हम डर है वह जब आएगी तब देखेंगे हम हमेशा या तो फ्यूचर में जीते या फास्ट में जीते हम वर्तमान में जीते ही नहीं है जितना हो सके उतना वर्तमान में जीने की प्रैक्टिस करिए जो जैसा है वह वैसा है उसका स्वीकार करना और उस स्थिति में खुश रहना वह आपको मौत के डर के विचार से दूर रखें थैंक यू

is duniya mein ek hi cheez nishchit hai ki jeevan mein anischit hai aur jo jeevan anischit hai usme sabse badi baat hai maut hamko pata hi nahi hai ki maut kab aane wali hai jis cheez ka pata hi nahi hai jo anischit hai usko lekar aaj kyon hum dar hai vaah jab aayegi tab dekhenge hum hamesha ya toh future mein jeete ya fast mein jeete hum vartaman mein jeete hi nahi hai jitna ho sake utana vartaman mein jeene ki practice kariye jo jaisa hai vaah waisa hai uska sweekar karna aur us sthiti mein khush rehna vaah aapko maut ke dar ke vichar se dur rakhen thank you

इस दुनिया में एक ही चीज निश्चित है कि जीवन में अनिश्चित है और जो जीवन अनिश्चित है उसमें सब

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चली पहली बार मैं अपने जवाब तो थोड़े मजाक के तरीके से पेश करता हूं एक मूवी में डायलॉग था उड़ा ले गया था कि लोगों ने मौत को ऐसे बदनाम कर रखा है तकलीफ या परेशानी तो जिंदगी देती है अब देखिए क्या है कि बहुत से डर लगता है आपको पता भी है लेकिन फिर भी आप कहते हैं आप को डर लगता है डर तो लगेगा आपको तभी लगेगा जब आप रिटायर हो रहे हैं स्वीकृति बीमार पड़ रहे हैं आज चिकने हो जाती है आपको हो सकता इम्यून सिस्टम का कुछ प्रॉब्लम होगा या जो भी कुछ भी कुछ भी हो सकता है ऐसा कुछ होता है तब आप पर विचार करते हैं तब आप सोचते हैं उसके साथ आपकी भावनाएं जुड़ जाती हैं और ऐड तो क्योंकि आप चिंता करे आप और ज्यादा चिंता करने लगते हैं भाई यह सब करने की जरूरत नहीं है अगर मौत आएगी तो आएगी कोई बात नहीं जब आए जब-जब आ जाए आ जाए कोई दिक्कत परेशानी नहीं अभी आए आ जाए कोई दिक्कत नहीं है 1 साल 10 साल 50 साल बाद है कोई दिक्कत नहीं है मुझे तो यह देखना है कि फिलहाल अगर मुझे कुछ माली की बीमारी हो भी गई है थोड़ा सा दिल हो भी गया हूं थोड़ा सा बीमार हूं कोई बात नहीं मुझे उस पर ध्यान देना है कि मैं उसको मुझे ठीक कैसे करें और मुझे ठीक कैसे ठीक हो जाने दे मुझे उस चीज को लेकर चलना है मुझे यह थोड़ा देखना है कि भाई मैं मरने वाला हूं मैं इस बीमारी में मार रहा हूं एनुअल यह सब कुछ नहीं अगर छोटी बीमारी है या बड़ी से बड़ी बीमारी है आपको ये तो यह देखने कि मुझे करना क्या है इससे ठीक होने के लिए आप अपने आप को मेंटली वैसा रखें इमोशनल की फीलिंग वह वाली लाई है जिससे आप पॉजिटिव की तरह बड़े आप इसको एक छोटे से इवेंट समस्या लाइफ में बहुत सारी बेटे थे एक ही वर्ड यह होगा कि हां चलो इस बार अभी आज मैं बीमार पड़ गया उसके लिए क्या करना चलो बीमार पड़ गया चलो मेरे को दवाई लेनी है डॉक्टर के पास जाना है एक्सरसाइज करनी है खान-पान पर ध्यान देना चलो ठीक है फिलहाल में वह काम करता हूं तो आप

chali pehli baar main apne jawab toh thode mazak ke tarike se pesh karta hoon ek movie mein dialogue tha uda le gaya tha ki logo ne maut ko aise badnaam kar rakha hai takleef ya pareshani toh zindagi deti hai ab dekhiye kya hai ki bahut se dar lagta hai aapko pata bhi hai lekin phir bhi aap kehte hain aap ko dar lagta hai dar toh lagega aapko tabhi lagega jab aap retire ho rahe hain swikriti bimar pad rahe hain aaj chikne ho jaati hai aapko ho sakta immune system ka kuch problem hoga ya jo bhi kuch bhi kuch bhi ho sakta hai aisa kuch hota hai tab aap par vichar karte hain tab aap sochte hain uske saath aapki bhaavnaye jud jaati hain aur aid toh kyonki aap chinta kare aap aur zyada chinta karne lagte hain bhai yah sab karne ki zarurat nahi hai agar maut aayegi toh aayegi koi baat nahi jab aaye jab jab aa jaaye aa jaaye koi dikkat pareshani nahi abhi aaye aa jaaye koi dikkat nahi hai 1 saal 10 saal 50 saal baad hai koi dikkat nahi hai mujhe toh yah dekhna hai ki filhal agar mujhe kuch maali ki bimari ho bhi gayi hai thoda sa dil ho bhi gaya hoon thoda sa bimar hoon koi baat nahi mujhe us par dhyan dena hai ki main usko mujhe theek kaise kare aur mujhe theek kaise theek ho jaane de mujhe us cheez ko lekar chalna hai mujhe yah thoda dekhna hai ki bhai main marne vala hoon main is bimari mein maar raha hoon annual yah sab kuch nahi agar choti bimari hai ya badi se badi bimari hai aapko ye toh yah dekhne ki mujhe karna kya hai isse theek hone ke liye aap apne aap ko mentally waisa rakhen emotional ki feeling vaah wali lai hai jisse aap positive ki tarah bade aap isko ek chote se event samasya life mein bahut saree bete the ek hi word yah hoga ki haan chalo is baar abhi aaj main bimar pad gaya uske liye kya karna chalo bimar pad gaya chalo mere ko dawai leni hai doctor ke paas jana hai exercise karni hai khan pan par dhyan dena chalo theek hai filhal mein vaah kaam karta hoon toh aap

चली पहली बार मैं अपने जवाब तो थोड़े मजाक के तरीके से पेश करता हूं एक मूवी में डायलॉग था उड

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कप्रस नहीं मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए यू राइट यह बात सही है कि मौत तो सबको आने वाली है ठीक है जिसका जन्म हुआ है उसकी मूर्ति तो निश्चित ही है चाहे अनचाहे यह चाहे हम ना चाहे ओके लेकिन डर लगता है तो उस डर को दूर करने के लिए हमेशा पॉजिटिव ओके और हमेशा मेडिटेशन करिए बहुत फायदा होगा आंसर और आपको जो डर लग रहा है वह डर दूर हो जाएगा ठीक है तो जरूर ट्राई 335 डिस्टिक अगर आप ट्राई करते रहोगे आपको यकीन न हंड्रेड पर्सेंट फायदा होगा यह मेरी गारंटी है ठीक है डिस्टर्ब अब पॉजिटिव सोचो मेडिटेशन करिए ठीक है हर रोज सुबह एक्सरसाइज करिए ओके ध्यान करिए योगा करें बहुत फायदा होगा

kapras nahi mujhe yah baat pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi mujhe maut se dar lagta hai aise mein mujhe kya karna chahiye you right yah baat sahi hai ki maut toh sabko aane wali hai theek hai jiska janam hua hai uski murti toh nishchit hi hai chahen anchahe yah chahen hum na chahen ok lekin dar lagta hai toh us dar ko dur karne ke liye hamesha positive ok aur hamesha meditation kariye bahut fayda hoga answer aur aapko jo dar lag raha hai vaah dar dur ho jaega theek hai toh zaroor try 335 district agar aap try karte rahoge aapko yakin na hundred percent fayda hoga yah meri guarantee hai theek hai disturb ab positive socho meditation kariye theek hai har roj subah exercise kariye ok dhyan kariye yoga kare bahut fayda hoga

कप्रस नहीं मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे में मु

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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नमस्ते दोस्तों मेरी या नहीं डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं देखिए लाइफ में हम सबको चीजें एक्सेप्ट कर लेनी चाहिए जो रियालिटी है लाइट्स की बहुत सारी रोटी से हैं जिससे जन्म जन्म और मरण यह सब तो बेसिक बेसिक घोस्ट बेसिक रियालिटी ऑफ लाइफ तो यह तो आपको एक्सेप्ट करना ही होगा और आपको अगर एक्सेप्ट करने में यह दिक्कत हो रहा है तो देखो आप यह बात जान लो कि या तो आप खुशी खुशी अपनी जिंदगी बिता सकते हो या तो आप दुख और पानी के साथ अपनी जिंदगी काट सकते हो तो आपका फोकस होना चाहिए कि आप हंसी खुशी जिंदगी बिताई अपने तो देखिए तो आपको आने वाला गेम मैं आपको बोल रही हूं आपको खुद भी पता है लेकिन आप इसी से डर रहे हो तो बेहतर तो यह हुआ कि आप अपने आप को फोन कर आइए फॉर्मेशन में बोलिए कि जो भी होगा मेरे साथ को बहुत अच्छा ही होगा जैसा भी होगा अच्छा होगा सिर्फ इसके लिए आपको अपना कर्म जो है वह अच्छा रखना है दूसरों को चोट नहीं पहुंचाना अपने मार्ग में अपने लाइफ में आगे आगे अच्छा काम करिए जो शहर है सर काम कीजिए जो आपको करना चाहिए वह कीजिए बस बाकी जो है आप भगवान पर छोड़ दीजिए या फिर आप यूनिवर्स पर छोड़ दीजिए या तो आप अपने जो आपके साथ होना है यह भरोसा करके चली गई आपके साथ सब अच्छा होगा और जो है वह इनएविटेबल है यू कैन नॉट रन अवे फ्रॉम बेड आपको और मुझे सबको मरना ही है सबको जाना ही है बस वह जितना आपका पेंसिल और सुखद और स्मूथ हो यही आपका एक्स एक्स पैक कर सकते हो तो लिखो और लाइव हैपिली एंड बट आफ्टर एक्सेप्ट यू कैन नॉट रन अवे फ्रॉम थे सिटी डेट एंड लाइफ इज व्हाट आर द एडवांटेज ऑफ एलआईसी की तरह जिंदगी आपको एक्सेप्ट करना ही होगा इसमें डरने की कोई बात नहीं है आपके ऊपर है आप हंसी खुशी से जीना चाहते हो कि डर डर के थैंक यू

namaste doston meri ya nahi doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain dekhiye life mein hum sabko cheezen except kar leni chahiye jo reality hai lights ki bahut saree roti se hain jisse janam janam aur maran yah sab toh basic basic ghost basic reality of life toh yah toh aapko except karna hi hoga aur aapko agar except karne mein yah dikkat ho raha hai toh dekho aap yah baat jaan lo ki ya toh aap khushi khushi apni zindagi bita sakte ho ya toh aap dukh aur paani ke saath apni zindagi kaat sakte ho toh aapka focus hona chahiye ki aap hansi khushi zindagi bitai apne toh dekhiye toh aapko aane vala game main aapko bol rahi hoon aapko khud bhi pata hai lekin aap isi se dar rahe ho toh behtar toh yah hua ki aap apne aap ko phone kar aaiye formation mein bolie ki jo bhi hoga mere saath ko bahut accha hi hoga jaisa bhi hoga accha hoga sirf iske liye aapko apna karm jo hai vaah accha rakhna hai dusro ko chot nahi pahunchana apne marg mein apne life mein aage aage accha kaam kariye jo shehar hai sir kaam kijiye jo aapko karna chahiye vaah kijiye bus baki jo hai aap bhagwan par chod dijiye ya phir aap Universe par chod dijiye ya toh aap apne jo aapke saath hona hai yah bharosa karke chali gayi aapke saath sab accha hoga aur jo hai vaah inaevitebal hai you can not run away from bed aapko aur mujhe sabko marna hi hai sabko jana hi hai bus vaah jitna aapka pencil aur sukhad aur smooth ho yahi aapka x x pack kar sakte ho toh likho aur live haipili and but after except you can not run away from the city date and life is what R the advantage of lic ki tarah zindagi aapko except karna hi hoga isme darane ki koi baat nahi hai aapke upar hai aap hansi khushi se jeena chahte ho ki dar dar ke thank you

नमस्ते दोस्तों मेरी या नहीं डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाए

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

3:56
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आपका सवाल है कि आप को मौत से डर लगता है हालांकि आप जानते हो क्या सभी को आएगी आपको क्या करना चाहिए देखिए यह बहुत ही कम अंडर है बहुत लोगों को mr7 में इसके यह भी है कि लोगों के मन में रहता है किस के बाद क्या होगा हम पिक हमारे साथ हमारी आत्मा कहां जाएगी यह सारा कुछ धार्मिक जो लोगों के मन में विचार चलते हैं इसके रहते भी लोगों को डर लगता है क्योंकि अगर आपको यह लगे केक एंड है और उस एंड के बाद कुछ नहीं है तो फिर डर नहीं लगता लेकिन जहां क्यूरोसिटी होती है इसके बाद क्या वहां थोड़ा सा डर लगता है यह बहुत ही कम अंडर है आपको क्या करना चाहिए पहली चीज उसको एक्सेप्ट कर लीजिए कभी-कभी या कॉलेज में हरी हरी कभी ऐसा होता है कि हम जिस चीज को किसी से भागने की कोशिश करते हैं वह चीज हमारे मैं बार-बार रिपीट यह हमारा कंपलेक्स जो माइंड सनसनी है वैसा ही बनाया गया है अगर मैं आप से बोलूं कि आप जब भी खाना खाओ अपने मन में किसी भी किसी भी जानवर का यह को एक जानवर का मैं आपको नाम दे दूं और बोलूं किसका अपने मन में ख्याल ना लाओ तो आप देखोगे कि आप जब भी खाने के लिए बैठा हूं मैं आपके मन में उसी जानवर का ख्याल आएगा या विचार आएगा तो यह क्या है कि यह हमारी साइकोलॉजि है जो ऑपोजिट आफ करती है जिसकी संभागों के वह आपके पीछे भागती है तू अगर आप उसे एक्सेप्ट कर लोगे तो आपके लिए आसानी होगी इसमें टेक्निक है मैं आपको बताऊंगी अगर आप पेपर पहन लीजिए लिखिए आप को डर लगता है और क्यों लगता है आप भी ग्रामर स्पेलिंग हैंड राइटिंग इन सब के बारे में चिंता मत करिए बस लिखी आपकी जो भी विचार है इंतजार को लेकर मौत से किया है कैसे हैं वह विचारों का पिक दे रही है अपने आपको छह-सात दिन दीजिए हर दिन जब भी यह विचार आया जब भी आए यह जरूरी नहीं है कि दिल्ली आए आप उसको जाकर उसके बाद आप उसे पढ़े और एंड में एक साथ 60 दिन के बाद बैठे और फिर यह लिखे पहले तो आप अपने विचार पढ़े और आप खुद देखोगे कि जितना आप लिखते अकड़ थोड़ा कम होगा क्योंकि आप अपने विचार में लिखोगे क्या आपको डर क्यों लगता है क्या वजह है तो आप जैसे जैसे सोचोगे वैसे वैसे आप का डर कम होने लगेगा कि 7 दिन के बाद जब आप खुद अपने थॉट्स पढ़ोगे वापस जाकर का बॉर्डर कम हो जाएगा या फिर तीसरी चीज यह लिखिए कि अगर जो भी है जो भी कारण आपको मिला कि क्यों आपको डर लगता है आप लिखे कि हां ठीक है मकसद करता हूं यह मतलब इसे एक्सेप्ट कर लीजिए मान लीजिए कि हां ठीक है जितना आप जिस को एक्सेप्ट करोगे यह आपका सबकॉन्शियस जो ऑपरेट कर रहा है यहां पर जितना आप एक्सेप्ट करोगे उतना आपको आसानी होगी इस दर को निकालने में या घर पूरी तरह नहीं भी निकलेगा तो इतना भयंकर है बुरी तरह से लगे कभी नहीं डर आपको क्योंकि आपने कहीं ना कहीं मान लिया चलो ठीक है कर ले आज तक जो होगा देखा जाएगा जब होगा तब होगा ऐसे वैसे आप लिखो और ऐसे मन में अपने * 678 * अपने आपको बोलो तो ऐसे ही एक्टिविटी करने से यह ने पहले 7 या 8 दिन तक अपने विचार लिखने से उसके बाद इसको एक्सेप्ट कर लेने से कि हां मैं मानता हूं कैसे होगा और ठीक है देखा जाएगा ऐसी ऐसी चीजें अपने आप को बार बार बोलने से व्हाट्सएप कर लेने से बहुत हद तक आपका डर बाहर आ जाएगा एक छोटी सी टेक्निक है काफी कांपलेक्स बट मैंने कोशिश किया क्या आपको थोड़ा सिंपल ढंग से समझाओ उम्मीद है कि आपके काम आएगी

aapka sawaal hai ki aap ko maut se dar lagta hai halaki aap jante ho kya sabhi ko aayegi aapko kya karna chahiye dekhiye yah bahut hi kam under hai bahut logo ko mr7 mein iske yah bhi hai ki logo ke man mein rehta hai kis ke baad kya hoga hum pic hamare saath hamari aatma kahaan jayegi yah saara kuch dharmik jo logo ke man mein vichar chalte hain iske rehte bhi logo ko dar lagta hai kyonki agar aapko yah lage cake and hai aur us and ke baad kuch nahi hai toh phir dar nahi lagta lekin jaha kyurositi hoti hai iske baad kya wahan thoda sa dar lagta hai yah bahut hi kam under hai aapko kya karna chahiye pehli cheez usko except kar lijiye kabhi kabhi ya college mein hari hari kabhi aisa hota hai ki hum jis cheez ko kisi se bhagne ki koshish karte hain vaah cheez hamare main baar baar repeat yah hamara complex jo mind sansani hai waisa hi banaya gaya hai agar main aap se bolu ki aap jab bhi khana khao apne man mein kisi bhi kisi bhi janwar ka yah ko ek janwar ka main aapko naam de doon aur bolu kiska apne man mein khayal na laao toh aap dekhoge ki aap jab bhi khane ke liye baitha hoon main aapke man mein usi janwar ka khayal aayega ya vichar aayega toh yah kya hai ki yah hamari psycology hai jo opposite of karti hai jiski sambhagon ke vaah aapke peeche bhaagti hai tu agar aap use except kar loge toh aapke liye aasani hogi isme technique hai aapko bataungi agar aap paper pahan lijiye likhiye aap ko dar lagta hai aur kyon lagta hai aap bhi grammar spelling hand writing in sab ke bare mein chinta mat kariye bus likhi aapki jo bhi vichar hai intejar ko lekar maut se kiya hai kaise hain vaah vicharon ka pic de rahi hai apne aapko cheh saat din dijiye har din jab bhi yah vichar aaya jab bhi aaye yah zaroori nahi hai ki delhi aaye aap usko jaakar uske baad aap use padhe aur and mein ek saath 60 din ke baad baithe aur phir yah likhe pehle toh aap apne vichar padhe aur aap khud dekhoge ki jitna aap likhte akad thoda kam hoga kyonki aap apne vichar mein likhoge kya aapko dar kyon lagta hai kya wajah hai toh aap jaise jaise sochoge waise waise aap ka dar kam hone lagega ki 7 din ke baad jab aap khud apne thoughts padhoge wapas jaakar ka border kam ho jaega ya phir teesri cheez yah likhiye ki agar jo bhi hai jo bhi karan aapko mila ki kyon aapko dar lagta hai aap likhe ki haan theek hai maksad karta hoon yah matlab ise except kar lijiye maan lijiye ki haan theek hai jitna aap jis ko except karoge yah aapka subconscious jo operate kar raha hai yahan par jitna aap except karoge utana aapko aasani hogi is dar ko nikalne mein ya ghar puri tarah nahi bhi niklega toh itna bhayankar hai buri tarah se lage kabhi nahi dar aapko kyonki aapne kahin na kahin maan liya chalo theek hai kar le aaj tak jo hoga dekha jaega jab hoga tab hoga aise waise aap likho aur aise man mein apne 678 apne aapko bolo toh aise hi activity karne se yah ne pehle 7 ya 8 din tak apne vichar likhne se uske baad isko except kar lene se ki haan main manata hoon kaise hoga aur theek hai dekha jaega aisi aisi cheezen apne aap ko baar baar bolne se whatsapp kar lene se bahut had tak aapka dar bahar aa jaega ek choti si technique hai kaafi complex but maine koshish kiya kya aapko thoda simple dhang se samjhao ummid hai ki aapke kaam aaegi

आपका सवाल है कि आप को मौत से डर लगता है हालांकि आप जानते हो क्या सभी को आएगी आपको क्या करन

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जय सद्गुरु आप सभी का कल्याण हो मुझे पता है की मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए लिखी बताओ जो मैं चीजे बताने जा रहा हूं उसको आप ध्यान से सुनिए मौत से डर इसलिए आ रही है क्योंकि हम अपने जीवन के उद्देश्य को भूल चुके हैं आज यहां व्यक्ति जन्म लेकर उसका उद्देश्य बहुत ही शुभ हो जाता है जबकि मानव का जन्म स्वयं की कल्याण के लिए होता है इस ब्रह्मांड में कोई जियो चाहे शोधों से हो या बहुत बड़ा हो कोई भी हो किसी प्रकार का जीव अपना कल्याण स्वयं करता है और कल्याण करने के लिए जो सबसे बेहतर जन्म माना जाता है वह मानव का होता है तो व्यक्ति यहां उसका घर नहीं है अपना कल्याण करने के उद्देश्य से व जन्म लेता है तो मुझे डर नहीं लगनी चाहिए डर लग क्यों है इसका मुख्य कारण है जब तक व्यक्ति को इस समाज के लोगों को आत्म ज्ञान और तत्वज्ञान नहीं होगा अपने चरणों के उद्देश नहीं समझ पाएगी तब तक वह उनको मौत से डर लगता रहेगा अर्थात आप ज्ञानी और तत्वज्ञान ही सब तो होता है और जो संत होता है वह अपने प्रारंभ को भूख मानता है इस जन्म को ना कि अपना घर मानता है वह इस समाज से इस लोगों के मुंह में नहीं पड़ता है और अपने जीवन के उद्देश्य पूर्व करके चला जाता है हम लोग को नहीं डरना चाहिए

jai sadguru aap sabhi ka kalyan ho mujhe pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi mujhe maut se dar lagta hai aise mein mujhe kya karna chahiye likhi batao jo main chije batane ja raha hoon usko aap dhyan se suniye maut se dar isliye aa rahi hai kyonki hum apne jeevan ke uddeshya ko bhool chuke hain aaj yahan vyakti janam lekar uska uddeshya bahut hi shubha ho jata hai jabki manav ka janam swayam ki kalyan ke liye hota hai is brahmaand mein koi jio chahen shodhon se ho ya bahut bada ho koi bhi ho kisi prakar ka jeev apna kalyan swayam karta hai aur kalyan karne ke liye jo sabse behtar janam mana jata hai vaah manav ka hota hai toh vyakti yahan uska ghar nahi hai apna kalyan karne ke uddeshya se va janam leta hai toh mujhe dar nahi lagani chahiye dar lag kyon hai iska mukhya karan hai jab tak vyakti ko is samaj ke logo ko aatm gyaan aur tatwagyan nahi hoga apne charno ke uddesh nahi samajh payegi tab tak vaah unko maut se dar lagta rahega arthat aap gyani aur tatwagyan hi sab toh hota hai aur jo sant hota hai vaah apne prarambh ko bhukh manata hai is janam ko na ki apna ghar manata hai vaah is samaj se is logo ke mooh mein nahi padta hai aur apne jeevan ke uddeshya purv karke chala jata hai hum log ko nahi darna chahiye

जय सद्गुरु आप सभी का कल्याण हो मुझे पता है की मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता

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Shipra Ranjan

Life Coach

0:44
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पता चले कि मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है फिर मुझे क्या करना चाहिए था आपको बता दें कि यह डर आपको ही नहीं हर एक इंसान को लगता है कोई भी मरना नहीं चाहता है अपने प्यार करने वालों से अपने अपनों से दूर होना नहीं चाहता है जैसे में सूरत है आपको इसके बारे में सोचना छोड़ कर के जीवन के बारे में सोचना शुरू करें आपको डर अपने आप ही कम हो जाएगा लाइफ में से बहुत कुछ होगा अभी तक आपने नहीं किया होगा ऐसा बहुत कुछ होगा जब तक है मिल नहीं दिया है आपने नहीं देखा है आप उस पर फोकस करें तो ज्यादा बेहतर रहेगा अपनी जिंदगी को जीने के बारे में सोचें जिनकी बेहद खूबसूरत है आप अब कटेंगे जब उस तरफ से तो बिल्कुल आप भी बहुत ज्यादा अच्छा फील करेंगे आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद

pata chale ki mujhe yah baat pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi mujhe maut se dar lagta hai phir mujhe kya karna chahiye tha aapko bata de ki yah dar aapko hi nahi har ek insaan ko lagta hai koi bhi marna nahi chahta hai apne pyar karne walon se apne apnon se dur hona nahi chahta hai jaise mein surat hai aapko iske bare mein sochna chod kar ke jeevan ke bare mein sochna shuru kare aapko dar apne aap hi kam ho jaega life mein se bahut kuch hoga abhi tak aapne nahi kiya hoga aisa bahut kuch hoga jab tak hai mil nahi diya hai aapne nahi dekha hai aap us par focus kare toh zyada behtar rahega apni zindagi ko jeene ke bare mein sochen jinki behad khoobsurat hai aap ab katenge jab us taraf se toh bilkul aap bhi bahut zyada accha feel karenge aapka din shubha rahe dhanyavad

पता चले कि मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है फिर मुझे क

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

2:00
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आपने जो प्रश्न किया उसका उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि अगर आप अपने दिमाग में किसी भी प्रकार की कोई नकारात्मक सोच रखेंगे नकारात्मक धारा रखेंगे तो उससे कहीं ना कहीं आपको डर भी लगेगा और वह भी लगेगा अगर आप डर और भय से बचना चाहते हैं तो बहुत जरूरी होता है कि अपने जीवन में किसी भी प्रकार की नकारात्मक धारणा या नकारात्मक बात अपने दिमाग में ना लाएं कितना ही आप किसी गलत चीजों के बारे में सोचेंगे आपका दिमाग उसको और बढ़ाता चला जाता है इसीलिए उस चीज से हमें डर लगने लगता है यह ध्यान रखना होगा कि यह मौत होती है यूनिवर्सल ट्रुथ है सबके जीवन में आती है लेकिन कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को जीना नहीं छोड़ता है यह ध्यान रखना होगा जीवन में मौत जब आना होगा तब आएगी लेकिन उसके डर से आप जीवन बिल्कुल जीना ना छोड़ो उसको मौत के हालत पर छोड़ दें जब उसको आना होगा आएगी लेकिन जितना जीवन आपको मिला है उस जीवन को जीने की कोशिश करें अनावश्यक रूप से अगर आप मौत के बारे में सोचते रहेंगे तो उससे जो आपके पास जो जीवन है उसको भी जी नहीं पाएंगे इसलिए आप जीवन में भी हर सेकंड करते रहेंगे इसलिए बहुत जरूरी होता है कि हमें अपने जीवन के भविष्य के बारे में कुछ भी किसी को नहीं पता होता है कि कब क्या होगा लेकिन अगर आपको सोचना ही है भविष्य के बारे में तो हमेशा सकारात्मक सोच आशावादी बने रहिए और ऐसा महसूस करेगी जीवन में जो कुछ होगा बहुत ही अच्छा होगा तभी आप जीवन में जितना जीवन भी मिलेगा आपको उसको आनंद में तरीके से जी पाएंगे और ध्यान रखना होगा हर व्यक्ति के जीवन में सुख दुख लगा रहता है लेकिन जीवन का आनंद में तरीके से जीने के लिए बहुत जरूरी होता है कि हमेशा अच्छी चीजों के बारे में सोचें और जीवन में सब कुछ अच्छा होगा ऐसा उम्मीद रखें तभी हमारे पास जितना भी जीवन होगा उसको हम अच्छे से जी पाएंगे और तब यह जीवन हमें बोझ नहीं लगेगा इस जीवन को हम आनंद में तरीके से लेंगे मेरी शुभकामनाएं आपके लिए धन्यवाद

aapne jo prashna kiya uska uttar me main yahi kehna chahta hoon ki agar aap apne dimag me kisi bhi prakar ki koi nakaratmak soch rakhenge nakaratmak dhara rakhenge toh usse kahin na kahin aapko dar bhi lagega aur vaah bhi lagega agar aap dar aur bhay se bachna chahte hain toh bahut zaroori hota hai ki apne jeevan me kisi bhi prakar ki nakaratmak dharana ya nakaratmak baat apne dimag me na laye kitna hi aap kisi galat chijon ke bare me sochenge aapka dimag usko aur badhata chala jata hai isliye us cheez se hamein dar lagne lagta hai yah dhyan rakhna hoga ki yah maut hoti hai universal truth hai sabke jeevan me aati hai lekin koi bhi vyakti apne jeevan ko jeena nahi chodta hai yah dhyan rakhna hoga jeevan me maut jab aana hoga tab aayegi lekin uske dar se aap jeevan bilkul jeena na chodo usko maut ke halat par chhod de jab usko aana hoga aayegi lekin jitna jeevan aapko mila hai us jeevan ko jeene ki koshish kare anavashyak roop se agar aap maut ke bare me sochte rahenge toh usse jo aapke paas jo jeevan hai usko bhi ji nahi payenge isliye aap jeevan me bhi har second karte rahenge isliye bahut zaroori hota hai ki hamein apne jeevan ke bhavishya ke bare me kuch bhi kisi ko nahi pata hota hai ki kab kya hoga lekin agar aapko sochna hi hai bhavishya ke bare me toh hamesha sakaratmak soch aashavadi bane rahiye aur aisa mehsus karegi jeevan me jo kuch hoga bahut hi accha hoga tabhi aap jeevan me jitna jeevan bhi milega aapko usko anand me tarike se ji payenge aur dhyan rakhna hoga har vyakti ke jeevan me sukh dukh laga rehta hai lekin jeevan ka anand me tarike se jeene ke liye bahut zaroori hota hai ki hamesha achi chijon ke bare me sochen aur jeevan me sab kuch accha hoga aisa ummid rakhen tabhi hamare paas jitna bhi jeevan hoga usko hum acche se ji payenge aur tab yah jeevan hamein bojh nahi lagega is jeevan ko hum anand me tarike se lenge meri subhkamnaayain aapke liye dhanyavad

आपने जो प्रश्न किया उसका उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि अगर आप अपने दिमाग में किसी भी

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

1:24
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आपका प्रश्न है मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे में मुझे प्यार करना चाहिए निश्चित रूप से जीवन खोने का अज्ञात भाव यह भाव प्रत्येक मनुष्य को भ्रमित कर देता है और अचेतन में यह भाव बना ही रहता है लेकिन जब प्रकाश और जीवन दिया है हमें अंधकार के बारे में चिंतन की क्या आवश्यकता है इस संसार में जीवन जीने के लिए दिया है तो जीवन जिंदगी जिंदादिली से हट कर दी है खुल कर दिए प्रसन्न होकर दिए जब आएगी आएगी उस समय अपने पास कब आएगी यह निश्चित अनिश्चितता के इंतजार में या की अपेक्षा में बहुत सुंदर वर्तमान जीवन खराब करना बुद्धिमत्ता नहीं है वर्तमान में जीवन है मौत के बारे में न सोचकर जीवन के खाने के बारे में सोचें थैंक यू

aapka prashna hai mujhe yah baat pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi mujhe maut se dar lagta hai aise me mujhe pyar karna chahiye nishchit roop se jeevan khone ka agyaat bhav yah bhav pratyek manushya ko bharmit kar deta hai aur achetan me yah bhav bana hi rehta hai lekin jab prakash aur jeevan diya hai hamein andhakar ke bare me chintan ki kya avashyakta hai is sansar me jeevan jeene ke liye diya hai toh jeevan zindagi jindadili se hut kar di hai khul kar diye prasann hokar diye jab aayegi aayegi us samay apne paas kab aayegi yah nishchit anishchitata ke intejar me ya ki apeksha me bahut sundar vartaman jeevan kharab karna buddhimatta nahi hai vartaman me jeevan hai maut ke bare me na sochkar jeevan ke khane ke bare me sochen thank you

आपका प्रश्न है मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे मे

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Dr. Shakeel Akhtar

Homeopathy Doctor

1:17
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देखिए परीक्षा में बैठने से वो लोग डरते हैं जिनके तैयारी अच्छी नहीं होती है जिनके तैयारी अच्छी होती है वह परीक्षा देते हुए कभी नहीं डरते हैं उनको खुशी होती है परीक्षा में बैठते हुए तू ही दुनिया जो है यह परीक्षा की जगह है इसकी जगह है दुनिया में भेजा है इसके लिए परीक्षा के लिए भेजा है यह इंसान अच्छे कर्म करेगा तो ऊपर जाकर उसको फल अच्छा मिलेगा बुरे कर्म करेगा तो पर जाकर उसको सजा मिलेगी तो यह दिन की अच्छी तैयारी है ऊपर जाने कि जो लोग अच्छा काम करते हैं वह कभी मौत से नहीं डरते हैं और वह मौत के लिए तैयार रहते हैं हर वक्त दिल की तैयारी अच्छी नहीं है वह लोग मौत से डरते हैं अल्लाह ताला ने इंसान को अपनी इबादत के लिए भेजा है दुनिया में यहां आकर इंसान भूल गया इस बात को कि मैं किस लिए दुनिया में भेजा गया हूं वह दुनिया के चकाचौंध में इतना खो गया है कि उसे यह भी ख्याल नहीं कि मुझे मौत आनी ऊपर जाकर अपने मालिक के सामने मुझे हाजिर होना है और वहां पर जो यह दुनिया में अच्छे काम की है उसकी जगह मिलेगी उसका इनाम मिलेगा जन्नत मिलेगी अगर दुनिया में बुरे काम किए हैं तो सजा मिलेगी और जहन्नुम में जलना पड़ेगा थैंक यू

dekhiye pariksha me baithne se vo log darte hain jinke taiyari achi nahi hoti hai jinke taiyari achi hoti hai vaah pariksha dete hue kabhi nahi darte hain unko khushi hoti hai pariksha me baithate hue tu hi duniya jo hai yah pariksha ki jagah hai iski jagah hai duniya me bheja hai iske liye pariksha ke liye bheja hai yah insaan acche karm karega toh upar jaakar usko fal accha milega bure karm karega toh par jaakar usko saza milegi toh yah din ki achi taiyari hai upar jaane ki jo log accha kaam karte hain vaah kabhi maut se nahi darte hain aur vaah maut ke liye taiyar rehte hain har waqt dil ki taiyari achi nahi hai vaah log maut se darte hain allah tala ne insaan ko apni ibadat ke liye bheja hai duniya me yahan aakar insaan bhool gaya is baat ko ki main kis liye duniya me bheja gaya hoon vaah duniya ke chakachaundh me itna kho gaya hai ki use yah bhi khayal nahi ki mujhe maut aani upar jaakar apne malik ke saamne mujhe haazir hona hai aur wahan par jo yah duniya me acche kaam ki hai uski jagah milegi uska inam milega jannat milegi agar duniya me bure kaam kiye hain toh saza milegi aur jahannum me jalna padega thank you

देखिए परीक्षा में बैठने से वो लोग डरते हैं जिनके तैयारी अच्छी नहीं होती है जिनके तैयारी अच

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Krishna Singh

Motivational Speaker

1:00
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मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे मुझे क्या करना चाहिए जब इंसान अपने को देहमान बैठता है तो उसे संबंधित सारी विकार उसके मन में उत्पन्न होते हैं जब आप अपने को शरीर मान बैठते हैं तो शरीर तो नष्ट होना ही है तो वह भाई आपको सताता है जब आप अपनी चेतना में अपने मस्तिष्क में यह भाव लाते हैं कि मैं यह शरीर नहीं शरीर के अंदर विराजमान एक चैतन्य सत्ता जो कभी नहीं मरती यह चोला जब मैं छोडूंगी तो पुनः मेरे कर्मानुसार में नया चोला धारण करूं इस प्रकार की बातें जब अपने मस्तिष्क में दोहराते हैं तो धीरे-धीरे आ पाएंगे कुछ से कुछ समय के बाद आपके अंदर का भय मिट जाता है क्योंकि जब आप अपने सत्य स्वरूप को पहचानते हैं उसको महसूस करते हैं उसमें जीना शुरु करते हैं तो कोई भी डर या भय आपको नहीं होता

mujhe yah baat pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi mujhe maut se dar lagta hai aise mujhe kya karna chahiye jab insaan apne ko dehman baithta hai toh use sambandhit saari vikar uske man me utpann hote hain jab aap apne ko sharir maan baithate hain toh sharir toh nasht hona hi hai toh vaah bhai aapko sataata hai jab aap apni chetna me apne mastishk me yah bhav laate hain ki main yah sharir nahi sharir ke andar viraajamaan ek chaitanya satta jo kabhi nahi marti yah chola jab main chodungi toh punh mere karmanusar me naya chola dharan karu is prakar ki batein jab apne mastishk me dohrate hain toh dhire dhire aa payenge kuch se kuch samay ke baad aapke andar ka bhay mit jata hai kyonki jab aap apne satya swaroop ko pehchante hain usko mehsus karte hain usme jeena shuru karte hain toh koi bhi dar ya bhay aapko nahi hota

मुझे यह बात पता है कि मौत सब को आती है फिर भी मुझे मौत से डर लगता है ऐसे मुझे क्या करना चा

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

0:50
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आप जानते ही संसार में कितना भी अमीर आदमी हो कितना भी धन संपत्ति हो जाता मृत्यु निश्चित है तो फिर मृत्यु से क्या घबराना मृत्यु तो 1 दिन सबको आना है आप मेरे दिल से नहीं लगाई है मृत्यु होने के बाद शरीर की आत्मा बाहर निकल जाती है और वहां की नई सदी में प्रवेश करती है इसलिए मृत्यु से नहीं कर रहा मैं तो जीवन की सच्चाई है हकीकत आप ऐसे जैसे मत करें ऐसे मत पॉजिटिव थिंकिंग रखें आप तो धार्मिक चीजों के दामों पढ़ें आप तो संभव हो तो महापुरुषों की जीवनी पड़े संभव हो तो नैतिक शिक्षा मलिक बुक्स पर है इसका अध्ययन करें करें

aap jante hi sansar mein kitna bhi amir aadmi ho kitna bhi dhan sampatti ho jata mrityu nishchit hai toh phir mrityu se kya ghabrana mrityu toh 1 din sabko aana hai aap mere dil se nahi lagayi hai mrityu hone ke baad sharir ki aatma bahar nikal jaati hai aur wahan ki nayi sadi mein pravesh karti hai isliye mrityu se nahi kar raha main toh jeevan ki sacchai hai haqiqat aap aise jaise mat kare aise mat positive thinking rakhen aap toh dharmik chijon ke daamo padhen aap toh sambhav ho toh mahapurushon ki jeevni pade sambhav ho toh naitik shiksha malik books par hai iska adhyayan kare karen

आप जानते ही संसार में कितना भी अमीर आदमी हो कितना भी धन संपत्ति हो जाता मृत्यु निश्चित है

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Debabrata Maity

Business Owner | Motivational Speaker

4:01
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हेल्थ एंड डिजीज डर लगता है डर कुछ भी नहीं है यह जस्टिक एहसास है इसको आप दूर भगा सकते हैं इधर कब ज्यादा आता है जब भी कोई एक्सीडेंटल केस देखते हैं ऐसे ही कुछ होता है देखते हैं तो आपको डर फीलिंग थाने लगता है तो इधर से फिल्म को हटाने के लिए एक्चुली आप थोड़ा से डिलीट करके देखेंगे तो आपका बॉडी विच में ज्यादा है इस चीज को आप को मानना पड़ेगा पहले बॉडी में सेल कैसे कुछ एक्टिविटी करते हैं जिसके वजह से आपका उठने से बढ़ जाता है बॉडी में या तो अब रात देर रात तक जागते हैं नींद आपके प्रोफाइल होता नहीं है या तो खाना टाइम से खाते नहीं है खाली पेट में रहते खाना प्रॉपर टाइम से चाहिए प्रॉपर डाइट चार्ट मेंटेन कीजिए अच्छा से खाना खाइए खुद को स्वस्थ रखें तभी जाके आपका डरकर फीलिंग्स थोड़ा सा कम हो जाएगा अब देखिए इसको करके आप कमजोरी ही आपका डर का मेन कारण है आपका जब बोर्डिंग स्वस्थ रहेगा जब माइंड सेव एनर्जी स्टिक रहेंगे तभी जाकर आपका इधर हट जाएगा और एक बात है जो आप डर को भगाने का पूछी बिल्कुल मत कीजिए आप को कैरियर में क्या फोकस करना है आप स्टूडेंट हैं क्या सर्विस करते हैं मेरे को पता नहीं है अगर स्टूडेंट जादू सर्विस करते हैं या तो कोई बिजनेसमैन है तो आप का गोल है उसकी तरफ ज्यादा पर ध्यान दीजिए आपके कामों में उलझे हुए रैली जो काम करते हैं उसमें कंसंट्रेशन कीजिए तभी जाके आपका जो प्रॉब्लम से 90% तक स्टार्ट हो जाएगा इसमें लगाए रखते हैं इसीलिए डर सताता रहता है और एक बात आप जल्दी ही मन में एक ख्याल आता है जो मेरा कुछ हो जाएगा मेरा कुछ तो हो नहीं जाएगा तो आप मन को खुद को बोलिए जो भी होगा देखा जाएगा आज सोना है नहीं तो कल होना है कभी ना कभी तो होना ही डर ना इसमें मन को ऑटो सजेशन दीजिए और जब भी ऐसा मन में ख्याल आए तुरंत ही आप कुछ काम में लग गई है कुछ काम में खुद को बंद कीजिए कोई भी काम हो जो आपको अच्छा लगता हूं ऐसा कोई भी काम या तो कोई गम जो कुछ भी काम करते हैं तो उस काम में उसको इन बंद कीजिए और ज्यादातर समय वह काम में बिजी रहिए और ऐसा ना हो तो काम नहीं कर सकते अभी अब तूने जब जाते हैं ना प्रॉब्लम चाहिए जब सोने जाते हैं वह सोचते रहते हैं क्योंकि उसी टाइम में तो आप खुद को सीमित रखी वहां पर कोई पूरी कोई उपन्यास कुछ भी पूरी पढ़िए उपन्यास पढ़ सकते हैं तो आपको टाइम पास हो जाएगा एक एंटरटेनमेंट हो जाएगा एक समय भी पार हो जाएगा और इसको पढ़ने के बहाने में आपका माइंड से जो टेंशन है और टेंशन भी दूर रहेगा तो ऐसे करके आप खुद को रिलैक्स कर सकते हैं और ज्यादा अगर ऐसा है आपको चाहिए गाइडेंस तो जरुर हमें उनसे कांटेक्ट कर सकते हैं

health and disease dar lagta hai dar kuch bhi nahi hai yah jastik ehsaas hai isko aap dur bhaga sakte hain idhar kab zyada aata hai jab bhi koi accidental case dekhte hain aise hi kuch hota hai dekhte hain toh aapko dar feeling thane lagta hai toh idhar se film ko hatane ke liye ekchuli aap thoda se delete karke dekhenge toh aapka body which me zyada hai is cheez ko aap ko manana padega pehle body me cell kaise kuch activity karte hain jiske wajah se aapka uthane se badh jata hai body me ya toh ab raat der raat tak jagte hain neend aapke profile hota nahi hai ya toh khana time se khate nahi hai khaali pet me rehte khana proper time se chahiye proper diet chart maintain kijiye accha se khana khaiye khud ko swasth rakhen tabhi jake aapka darker feelings thoda sa kam ho jaega ab dekhiye isko karke aap kamzori hi aapka dar ka main karan hai aapka jab boarding swasth rahega jab mind save energy stick rahenge tabhi jaakar aapka idhar hut jaega aur ek baat hai jo aap dar ko bhagane ka puchi bilkul mat kijiye aap ko carrier me kya focus karna hai aap student hain kya service karte hain mere ko pata nahi hai agar student jadu service karte hain ya toh koi bussinessmen hai toh aap ka gol hai uski taraf zyada par dhyan dijiye aapke kaamo me ulajhe hue rally jo kaam karte hain usme kansantreshan kijiye tabhi jake aapka jo problem se 90 tak start ho jaega isme lagaye rakhte hain isliye dar sataata rehta hai aur ek baat aap jaldi hi man me ek khayal aata hai jo mera kuch ho jaega mera kuch toh ho nahi jaega toh aap man ko khud ko bolie jo bhi hoga dekha jaega aaj sona hai nahi toh kal hona hai kabhi na kabhi toh hona hi dar na isme man ko auto suggestion dijiye aur jab bhi aisa man me khayal aaye turant hi aap kuch kaam me lag gayi hai kuch kaam me khud ko band kijiye koi bhi kaam ho jo aapko accha lagta hoon aisa koi bhi kaam ya toh koi gum jo kuch bhi kaam karte hain toh us kaam me usko in band kijiye aur jyadatar samay vaah kaam me busy rahiye aur aisa na ho toh kaam nahi kar sakte abhi ab tune jab jaate hain na problem chahiye jab sone jaate hain vaah sochte rehte hain kyonki usi time me toh aap khud ko simit rakhi wahan par koi puri koi upanyas kuch bhi puri padhiye upanyas padh sakte hain toh aapko time paas ho jaega ek Entertainment ho jaega ek samay bhi par ho jaega aur isko padhne ke bahaane me aapka mind se jo tension hai aur tension bhi dur rahega toh aise karke aap khud ko relax kar sakte hain aur zyada agar aisa hai aapko chahiye guidance toh zaroor hamein unse Contact kar sakte hain

हेल्थ एंड डिजीज डर लगता है डर कुछ भी नहीं है यह जस्टिक एहसास है इसको आप दूर भगा सकते हैं इ

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Aniel K Kumar Imprints

NLP Master Life Coach, Motivational Speaker

5:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मनीष के कुमारी में चिंतन मस्त लाइफ कोच आज आपके साथ चुरा हूं और आप का सवाल है कि आपको पता है कि मौत सब को आती है फिर भी आपको डर लग रहा है लगता है ऐसे में आपको क्या करना चाहिए आपका सवाल भी सही है और आपका डर भी सही है अपनी जगह लेकिन यह भी एक यूनिवर्सल सत्य है की एक दिन सबको जाना है जो जन्म हुआ है उसको मारना है तो फिर इसी काम तो तुम भगवान पर छोड़ दो तुम्हारे लिए और बहुत से काम है डर उन चीजों से होता है जो चीजें आपके लिए कुछ गलत करेंगे जो आपके लिए कुछ ऐसा कर देंगे कि आपका जीना दुश्वार हो जाएगा कुछ ऐसा कर देंगे इसमें आपके जीवन में कुछ नए चैलेंजिस क्रिएट कर देगा दोस्त इस चीज पर ध्यान दीजिए कि मृत्यु तो आपके सभी चैलेंज इसको खत्म कर देते सभी समस्याओं को खत्म कर देती है तो आप उसे क्यों डर रहे पहले कब आने हैं कैसे आनी है यह सब एक सिस्टम जो प्रकृति ने बना रखा है उसमें शेड्यूल है तो आप उसकी चिंता मत करो कि वह कब आएगी लाइट ऑन द फोकस करो आपको इस जीवन क्यों मिला है आप इस जीव में क्या बेहतर कर सकते हो आप अपने फोकस को मौत से हटाकर अपने जीवन पर लेकर आओ जीवन पर लेकर आते हो तो आप इस चीज को किस लिए मिला है आज के दिन की क्या वजह है आपके पास जाने की इन चीजों पर फोकस करोगे तो आपको 1:00 बजे मिलेगी और आप उस बजे को अकांप्लिश कीजिए नया दिन मिलेगा उस नहीं बजे मिलेगी और इस तरह अपने जीवन का हर पल हर क्षण आनंद लेते रहेंगे और जो आपका फोकस अब तक था पहले इससे पहले था उस फोकस उस चीज को कभी याद करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह आपका काम नहीं है ना उससे डरने की जरूरत है जो आपको कुछ गलत कर सकता आपके लिए नहीं आपको उसके बारे में टेंशन लेने की जरूरत है यह कैसे होगा किस तरह होगा ऑटोमेटिक होना का जिक्र करूं एक बहुत फेमस किताब है एक ही गाय जापानी पैटर्न पर लिखी हुई है वह इंग्लिश में लैंग्वेज में है आप देखोगे तो अमेजॉन पर भी होगी और बाकी सभी ऑनलाइन कोशिश पर लेबल होगी और आपका समय होता मुला की पड़ सकते हैं उसमें लिखा है सीक्रेट को जापानी लोग हैं एक जगह है वहां पर वह डेढ़ सौ 300 साल के लोगों की आजा लाइफ है तो उस उन्होंने उस सीक्रेट लिखा है कि वह सीक्रेट क्या है उनकी लंबी जिंदगी का आज मुझे क्या करना है और वह उस काम को कंप्लीट करने के लिए अपनी पूरी एनर्जी लगाते हैं पूरे व्हाट्स लगाते हैं पूरी ताकत लगाते हैं तो पूरा काम अपना उसका स्कोर पूरा करने में पूरा समय लगाते समय ही नहीं होता दूसरी चीजों के बारे में सोचने का तो आज आप ड्यूटी जो एंडिंग के बारे में सोच रहे हैं उसकी बजाय आप इस चीज में सोचें कि आज का 3 जुलाई सुबह आपको मिले हैं किस लिए मिले हर सुबह आपके लिए एक नया सवेरा लेकर आती है आपको इस नई एनर्जी लेकर आता है आता है जाता है शाम तक आपका निजी देते हुए शाम को ढल जाता है और रात आपकी रेस्ट करने के लिए होती है नेक्स्ट डे फिर आप एक बेहतर जी के साथ काम कर पाए तो इस तरह अपने को अपनी जिंदगी का मकसद देखे क्या है आप अपने आप के जिंदगी का मकसद सिर्फ और सिर्फ एंडिंग नहीं है हर दिन के जीवन को जिए आप अपने आप बेहतर होते चले जाएंगे आपके जीवन का का नया-नया मकसद होगा आशा करता हूं कि जवाब आपको सहायता करेगा अपने जीवन को बेहतर बनाने में सफल होने में शिव को भरपूर जीने में जय हिंद जय भारत

namaskar manish ke kumari me chintan mast life coach aaj aapke saath chura hoon aur aap ka sawaal hai ki aapko pata hai ki maut sab ko aati hai phir bhi aapko dar lag raha hai lagta hai aise me aapko kya karna chahiye aapka sawaal bhi sahi hai aur aapka dar bhi sahi hai apni jagah lekin yah bhi ek universal satya hai ki ek din sabko jana hai jo janam hua hai usko marna hai toh phir isi kaam toh tum bhagwan par chhod do tumhare liye aur bahut se kaam hai dar un chijon se hota hai jo cheezen aapke liye kuch galat karenge jo aapke liye kuch aisa kar denge ki aapka jeena dushwar ho jaega kuch aisa kar denge isme aapke jeevan me kuch naye chailenjis create kar dega dost is cheez par dhyan dijiye ki mrityu toh aapke sabhi challenge isko khatam kar dete sabhi samasyaon ko khatam kar deti hai toh aap use kyon dar rahe pehle kab aane hain kaise aani hai yah sab ek system jo prakriti ne bana rakha hai usme schedule hai toh aap uski chinta mat karo ki vaah kab aayegi light on the focus karo aapko is jeevan kyon mila hai aap is jeev me kya behtar kar sakte ho aap apne focus ko maut se hatakar apne jeevan par lekar aao jeevan par lekar aate ho toh aap is cheez ko kis liye mila hai aaj ke din ki kya wajah hai aapke paas jaane ki in chijon par focus karoge toh aapko 1 00 baje milegi aur aap us baje ko accomplish kijiye naya din milega us nahi baje milegi aur is tarah apne jeevan ka har pal har kshan anand lete rahenge aur jo aapka focus ab tak tha pehle isse pehle tha us focus us cheez ko kabhi yaad karne ki zarurat nahi hai kyonki vaah aapka kaam nahi hai na usse darane ki zarurat hai jo aapko kuch galat kar sakta aapke liye nahi aapko uske bare me tension lene ki zarurat hai yah kaise hoga kis tarah hoga Automatic hona ka jikarr karu ek bahut famous kitab hai ek hi gaay japani pattern par likhi hui hai vaah english me language me hai aap dekhoge toh amazon par bhi hogi aur baki sabhi online koshish par lebal hogi aur aapka samay hota mula ki pad sakte hain usme likha hai secret ko japani log hain ek jagah hai wahan par vaah dedh sau 300 saal ke logo ki aajad life hai toh us unhone us secret likha hai ki vaah secret kya hai unki lambi zindagi ka aaj mujhe kya karna hai aur vaah us kaam ko complete karne ke liye apni puri energy lagate hain poore whats lagate hain puri takat lagate hain toh pura kaam apna uska score pura karne me pura samay lagate samay hi nahi hota dusri chijon ke bare me sochne ka toh aaj aap duty jo ending ke bare me soch rahe hain uski bajay aap is cheez me sochen ki aaj ka 3 july subah aapko mile hain kis liye mile har subah aapke liye ek naya savera lekar aati hai aapko is nayi energy lekar aata hai aata hai jata hai shaam tak aapka niji dete hue shaam ko dhal jata hai aur raat aapki rest karne ke liye hoti hai next day phir aap ek behtar ji ke saath kaam kar paye toh is tarah apne ko apni zindagi ka maksad dekhe kya hai aap apne aap ke zindagi ka maksad sirf aur sirf ending nahi hai har din ke jeevan ko jiye aap apne aap behtar hote chale jaenge aapke jeevan ka ka naya naya maksad hoga asha karta hoon ki jawab aapko sahayta karega apne jeevan ko behtar banane me safal hone me shiv ko bharpur jeene me jai hind jai bharat

नमस्कार मनीष के कुमारी में चिंतन मस्त लाइफ कोच आज आपके साथ चुरा हूं और आप का सवाल है कि आप

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Mohit Chouksey

Business Coach at MLM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह जीवन का सत्य है कि जन्म हुआ है तो मृत्यु जरूर होगी और जैसा कि आपने लिखा है कि आपको मृत्यु से डर लगता है तो यह आपके अकेले की समस्या नहीं मृत्यु से डर बहुत लोगों को लगता है और जो इस डर पर जीत पाते हैं वह सक्सेसफुल हो जाते हैं मेरा यह विचार है कि अगर आपके मन में ही आता था तुम इतने से डर लगता है तो उसमें कोई यूनीक बात नहीं है वह बहुत लोगों को डर लगता है उससे और कम होने के लिए आपको क्या करना पड़ेगा आपको आपका ध्यान उस चीज से हटाकर किसी दूसरी एक्टिविटी में लगाना रहेगा लाइफ प्रोडक्ट के अलावा भी अगर आपको जानने मिला है तो यह करने के लिए बहुत सारी चीज़ें हैं तो आपको कर सकते हो आप किस चीज में रुचि हो उसमें चाहिए उस फील को एक्सप्लोर कीजिए अपने आप को इंटरटेन कीजिए घुमिया सीरियल लोगों के साथ टाइम स्पेंड कीजिए जैसे कि अगर आप कह रहे हैं कि मृत्यु से डर लगता है तो कुछ वह भी चीजें ट्राई कीजिए जिनमें आपको लगता है कि हां इसमें कुछ डेंजर है बच्ची के साथ यह नहीं कह रहा हूं बिल्कुल मारने पर चले जाएं ऐसी कोई बात नहीं सेफ्टी के साथ आपसे रेलिंग टाइप की चीजें भी ट्राई कर सकते हैं और जहां तक कि आपका जो क्वेश्चन है उस पर मैं यही कहना चाहूंगा कि मृत्यु से डरने की कोई भी आपको जरूरत नहीं है वह तो जमाने की रहती है तो आती ही है उसके लिए किसी कॉल्स की कोई जरूरत नहीं रहती है लोग घर बैठे बैठे भी मर जाते हैं तो उससे कोई डरने की भभूत होने की जरूरत नहीं है धन्यवाद

yah jeevan ka satya hai ki janam hua hai toh mrityu zaroor hogi aur jaisa ki aapne likha hai ki aapko mrityu se dar lagta hai toh yah aapke akele ki samasya nahi mrityu se dar bahut logo ko lagta hai aur jo is dar par jeet paate hai vaah successful ho jaate hai mera yah vichar hai ki agar aapke man mein hi aata tha tum itne se dar lagta hai toh usme koi unique baat nahi hai vaah bahut logo ko dar lagta hai usse aur kam hone ke liye aapko kya karna padega aapko aapka dhyan us cheez se hatakar kisi dusri activity mein lagana rahega life product ke alava bhi agar aapko jaanne mila hai toh yah karne ke liye bahut saree chize hai toh aapko kar sakte ho aap kis cheez mein ruchi ho usme chahiye us feel ko eksaplor kijiye apne aap ko intaraten kijiye ghumiya serial logo ke saath time spend kijiye jaise ki agar aap keh rahe hai ki mrityu se dar lagta hai toh kuch vaah bhi cheezen try kijiye jinmein aapko lagta hai ki haan isme kuch danger hai bachi ke saath yah nahi keh raha hoon bilkul maarne par chale jayen aisi koi baat nahi safety ke saath aapse railing type ki cheezen bhi try kar sakte hai aur jaha tak ki aapka jo question hai us par main yahi kehna chahunga ki mrityu se darane ki koi bhi aapko zarurat nahi hai vaah toh jamane ki rehti hai toh aati hi hai uske liye kisi Calls ki koi zarurat nahi rehti hai log ghar baithe baithe bhi mar jaate hai toh usse koi darane ki bhabhuta hone ki zarurat nahi hai dhanyavad

यह जीवन का सत्य है कि जन्म हुआ है तो मृत्यु जरूर होगी और जैसा कि आपने लिखा है कि आपको मृत्

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Dr. Jitubhai Shah

Friend, Philosopher and Guide

1:21
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मौत निश्चित है फिर भी आप को डर लगता है कि स्वाभाविक है क्योंकि हमारे जीवन में अटैचमेंट कितने होते हैं वह एंड से दूर होना हमको पसंद नहीं है लेकिन एक बार आप एक्सेप्ट कर लो के जीवन की अनिवार्यता है जीवन में एक ही चीज निश्चित है और मृत्यु और कभी भी आ सकती है तो अभी उसकी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है एक्शन जो है उसको हमको आनंद से जीना है और जीवन में हमको खुश रहना है किसी के प्रति अगर कोई ट्रेन है इसका है उसके पति को अन है तो हो सके उतना उनके पास माफी मांग करें और जीवन में कुछ भी इन कंपलीट ना रखें जो भी काम करना है किसी को फर्क करना है किसी से माफी मांगना है किसी को थैंक्स कहना है किसी को अप्रिशिएट करना है अभी कर ले क्योंकि मृत्यु कब आएगा वह हमको पता नहीं है तो मस्ती से जीवन जी जो होगा सो होगा अभी उसकी चिंता करने से कोई फायदा नहीं है थैंक यू

maut nishchit hai phir bhi aap ko dar lagta hai ki swabhavik hai kyonki hamare jeevan mein attachment kitne hote hain vaah and se dur hona hamko pasand nahi hai lekin ek baar aap except kar lo ke jeevan ki aniwaryaata hai jeevan mein ek hi cheez nishchit hai aur mrityu aur kabhi bhi aa sakti hai toh abhi uski chinta karne ki koi zarurat nahi hai action jo hai usko hamko anand se jeena hai aur jeevan mein hamko khush rehna hai kisi ke prati agar koi train hai iska hai uske pati ko an hai toh ho sake utana unke paas maafi maang kare aur jeevan mein kuch bhi in complete na rakhen jo bhi kaam karna hai kisi ko fark karna hai kisi se maafi maangna hai kisi ko thanks kehna hai kisi ko aprishiet karna hai abhi kar le kyonki mrityu kab aayega vaah hamko pata nahi hai toh masti se jeevan ji jo hoga so hoga abhi uski chinta karne se koi fayda nahi hai thank you

मौत निश्चित है फिर भी आप को डर लगता है कि स्वाभाविक है क्योंकि हमारे जीवन में अटैचमेंट कित

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Chaina Karmakar

Spiritual Healer & Life Coach

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विकी मौत सभी को आती है और आपको भी आएगी मुझे भी आएगी पर क्या यह लॉजिकल है मौत से डर के हम जीना ही छोड़ मौत कब आनी है यह किसी को नहीं पता है उसके डर से जीवन को जीना छोड़ देना जो आपने ऑलरेडी मौत को पहले ही मौत से पहले ही अपनी मौत को इनवाइट कर लिया है तो अपना बुद्धि लगाइए कि अगर मैं बहुत दूर भी है तो भी आपने इनवाइट कर लिया ऑलरेडी बाय शेयरिंग इन एवरी नंदन तू जिंदगी को जीना सीखिए मौत कभी भी आएगी मान लीजिए मौत कल आ रही है तो अब जिंदगी को कैसे जिएंगे तो हर रोज ऐसे जी की मौत क लानी है तभी आप लाइफ को सेलिब्रेट कर पाएंगे तभी आप लाइफ को जी पाएंगे ऐसे डर डर के जीना जीना नहीं होता है यह तो मरना ही हुआ तो आप फिजिकल डेट के पहले मेंटल डेथ को तो इनवाइट कर ही ली है तो आगे बढ़ी है और कुछ अच्छे चीजों पर अपने दिमाग को लगाइए मेडिटेशन कीजिए कौन से ग्रीटिंग कीजिए योगा कीजिए नेचर के बीच में जाइए कनेक्ट फिर कीजिए नेचर के साथ सारी चीजें जो धीरे-धीरे आपको लाइफ को एंजॉय करना सिखाएंगे अजय आफ लाइफ को एंजॉय करने लगेंगे मौत का डर धीरे-धीरे खत्म होता जाएगा

vicky maut sabhi ko aati hai aur aapko bhi aayegi mujhe bhi aayegi par kya yah logical hai maut se dar ke hum jeena hi chod maut kab aani hai yah kisi ko nahi pata hai uske dar se jeevan ko jeena chod dena jo aapne already maut ko pehle hi maut se pehle hi apni maut ko invite kar liya hai toh apna buddhi lagaaiye ki agar main bahut dur bhi hai toh bhi aapne invite kar liya already bye sharing in every nandan tu zindagi ko jeena sikhiye maut kabhi bhi aayegi maan lijiye maut kal aa rahi hai toh ab zindagi ko kaise jeeenge toh har roj aise ji ki maut k lani hai tabhi aap life ko celebrate kar payenge tabhi aap life ko ji payenge aise dar dar ke jeena jeena nahi hota hai yah toh marna hi hua toh aap physical date ke pehle mental death ko toh invite kar hi li hai toh aage badhi hai aur kuch acche chijon par apne dimag ko lagaaiye meditation kijiye kaunsi Greeting kijiye yoga kijiye nature ke beech mein jaiye connect phir kijiye nature ke saath saree cheezen jo dhire dhire aapko life ko enjoy karna sikhaenge ajay of life ko enjoy karne lagenge maut ka dar dhire dhire khatam hota jaega

विकी मौत सभी को आती है और आपको भी आएगी मुझे भी आएगी पर क्या यह लॉजिकल है मौत से डर के हम ज

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Imran Ansari

Electrician at Treasure Xpart

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एक की मौत एक सनम से इंसान की रूह को और इंसान को जोड़ देता है कि मैंने जो कुछ भी कमाया है वह सब यही रह जाएगा मगर मौत कब आएगी किसी को पता नहीं है मगर यह कैसा सत्य है जिसे दुनिया की कोई ताकत शुक्ला नहीं सकती मेरा मानना यह है कि मौत का डर रहना इंसान को जरूरी है जिस तरीके सामने की करने से खुश होते हैं बुरा करने से हमें डर लगता है पूरा करते हैं तो पूरा करने के बाद हमें सजा मिलने का जो तार होता है इसी तरह बंदे को मौत का डर पाप करने से होता है हमें मौत को याद करना चाहिए कि हम एक दिन मरना है और जब भी हमारे अंदर पाप करने का ख्याल आए गुनाह करने का ख्याल आए तो यह सोचना कि परमेश्वर मुझे देख रहा है लकी बंदा इंसान उसे झूठ नहीं बोल सकता इस सच्चाई को सामने रखते हुए कि मुझे एक दिन मरना है यह गलत नहीं है क्या आपको पता है कि मौत 1 दिन आनी है मगर आपको मौत का डर सताता है बंदे को डर था वही है जो गलत होता है आप कोशिश कीजिए मौत को अपने साथ में रखी है कि भाई मुझे मरना 1 दिन और में अच्छे काम करके मरो दुनिया आपको मरने के बाद भी याद करे ना कि मरने के बाद मैं आपको पूरा खाए

ek ki maut ek sanam se insaan ki ruh ko aur insaan ko jod deta hai ki maine jo kuch bhi kamaya hai vaah sab yahi reh jaega magar maut kab aayegi kisi ko pata nahi hai magar yah kaisa satya hai jise duniya ki koi takat shukla nahi sakti mera manana yah hai ki maut ka dar rehna insaan ko zaroori hai jis tarike saamne ki karne se khush hote hain bura karne se hamein dar lagta hai pura karte hain toh pura karne ke baad hamein saza milne ka jo taar hota hai isi tarah bande ko maut ka dar paap karne se hota hai hamein maut ko yaad karna chahiye ki hum ek din marna hai aur jab bhi hamare andar paap karne ka khayal aaye gunah karne ka khayal aaye toh yah sochna ki parmeshwar mujhe dekh raha hai lucky banda insaan use jhuth nahi bol sakta is sacchai ko saamne rakhte hue ki mujhe ek din marna hai yah galat nahi hai kya aapko pata hai ki maut 1 din aani hai magar aapko maut ka dar sataata hai bande ko dar tha wahi hai jo galat hota hai aap koshish kijiye maut ko apne saath mein rakhi hai ki bhai mujhe marna 1 din aur mein acche kaam karke maro duniya aapko marne ke baad bhi yaad kare na ki marne ke baad main aapko pura khaye

एक की मौत एक सनम से इंसान की रूह को और इंसान को जोड़ देता है कि मैंने जो कुछ भी कमाया है

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Gyaani Woman lekhika 📚👩

Lekhika Hoon Suchai Likhti Hoo

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विकी किस कौन से इंसान को नहीं पता है कि मौत एक दिन सबको आनी है सब कोई पता है सब कोई डर लगता है मुझे भी लगता है कभी-कभी जब मैं सोचती हूं कि मैं मर जाऊंगी तो क्या होगा क्या होगा जिसकी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर है उसका क्या होगा मैं यह सोचती हूं मैं करती हूं इसलिए क्योंकि मेरे ऊपर जिम्मेदारियां है मेरी फैमिली है मोह माया रिश्ते नाते यह सब है बस नेटवर्क उठे सबके अंदर किसी ना किसी चीज को लेकर कोई सोचता है मैं मर जाऊंगा मैं मर जाऊंगा उसका क्या होगा मैं मर जाऊं तो ख्याल मौत का डर तो उसको भी था तो उसने कितने आपकी आंखें कभी तो उसने किशन को अपना दुश्मन बना लिया मुझको डर सबको सबको है इंसान को एक ही तरीके से निकाली है बस यह सोचिए कि एक ना एक दिन मरना है लेकिन मरने से पहले जीना है खुल कर देना मुझे अपनी जिंदगी मुस्कुराते रहिए आगे बढ़ते रहिए आती तो मत आने दो भाई आज नहीं तो कल जिस मिट्टी में जन्म ले उसे मिट्टी में मिलना है यह जिंदगी का उसूल है और हमको नहीं बता सकते ना तोड़ सकते हैं

vicky kis kaun se insaan ko nahi pata hai ki maut ek din sabko aani hai sab koi pata hai sab koi dar lagta hai mujhe bhi lagta hai kabhi kabhi jab main sochti hoon ki main mar jaungi toh kya hoga kya hoga jiski jimmedari mere kandhon par hai uska kya hoga main yah sochti hoon main karti hoon isliye kyonki mere upar zimmedariyan hai meri family hai moh maya rishte naate yah sab hai bus network uthe sabke andar kisi na kisi cheez ko lekar koi sochta hai mar jaunga main mar jaunga uska kya hoga main mar jaaun toh khayal maut ka dar toh usko bhi tha toh usne kitne aapki aankhen kabhi toh usne kishan ko apna dushman bana liya mujhko dar sabko sabko hai insaan ko ek hi tarike se nikali hai bus yah sochiye ki ek na ek din marna hai lekin marne se pehle jeena hai khul kar dena mujhe apni zindagi muskurate rahiye aage badhte rahiye aati toh mat aane do bhai aaj nahi toh kal jis mitti mein janam le use mitti mein milna hai yah zindagi ka usul hai aur hamko nahi bata sakte na tod sakte hain

विकी किस कौन से इंसान को नहीं पता है कि मौत एक दिन सबको आनी है सब कोई पता है सब कोई डर लगत

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Mnu

Student

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हेलो फ्रेंड्स जैसा कि आप सभी को पता है मौत सब को आती है फिर भी आप को डर लगता है कि मुझे मौत आ जाएगी तो ऐसे मैं आपको अपने प्रजेंट में जीना चाहिए और अपने कार्यों को खुशी से करना चाहिए और यह मानकर चलना चाहिए कि यह तो प्रकृति का नियम है की मौत 1 दिन सभी को आनी है और हमेशा खुश रहने का प्रयास करना चाहिए

hello friends jaisa ki aap sabhi ko pata hai maut sab ko aati hai phir bhi aap ko dar lagta hai ki mujhe maut aa jayegi toh aise main aapko apne present mein jeena chahiye aur apne karyo ko khushi se karna chahiye aur yah maankar chalna chahiye ki yah toh prakriti ka niyam hai ki maut 1 din sabhi ko aani hai aur hamesha khush rehne ka prayas karna chahiye

हेलो फ्रेंड्स जैसा कि आप सभी को पता है मौत सब को आती है फिर भी आप को डर लगता है कि मुझे मौ

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मृत्यु एक सार्वजनिक सत्य है किंतु यह कहना कि यह सत्य है इसलिए ना डरो क्योंकि यह होना यह सब बहुत गलत सत्य जानते हुए भी डर लगता है तो उसके लिए एक छोटा सा काम है देखिए जो चीज होनी है उसको होने पर छोड़ दीजिए जब वह होगा तब देखा जाएगा उससे कल का सोच कर आज जिंदगी में डरने की कोई आवश्यकता नहीं है और हो सकता है आपकी मृत्यु आए ही ना अगर आप प्रतिदिन यह सोचकर जीवन जिएंगे कि आपकी मृत्यु आएगी आएगी आएगी नहीं तो आपको लगेगा कि हां मुझे मृत से डर नहीं लग रहा है आप बस यह सोचिए कि मेरी तो मिलती ही नहीं आएगी हर पल आप यही सोचे कि मैं तो मरने वाला नहीं हूं मैं तो अमर हूं मैं अपनी जिंदगी अच्छे से जी लूंगा तो आपको मृत्यु से क्या किसी से भी डर नहीं लगेगा और आप अपनी जिंदगी अच्छे से जिएंगे मजे लीजिए बस मृत्यु का टेंशन छोड़िए आप अमर हैं यह समझ के रहिए जय हिंद

mrityu ek sarvajanik satya hai kintu yah kehna ki yah satya hai isliye na daro kyonki yah hona yah sab bahut galat satya jante hue bhi dar lagta hai toh uske liye ek chota sa kaam hai dekhiye jo cheez honi hai usko hone par chod dijiye jab vaah hoga tab dekha jaega usse kal ka soch kar aaj zindagi mein darane ki koi avashyakta nahi hai aur ho sakta hai aapki mrityu aaye hi na agar aap pratidin yah sochkar jeevan jeeenge ki aapki mrityu aayegi aaegi aayegi nahi toh aapko lagega ki haan mujhe mrit se dar nahi lag raha hai aap bus yah sochiye ki meri toh milti hi nahi aayegi har pal aap yahi soche ki main toh marne vala nahi hoon main toh amar hoon main apni zindagi acche se ji lunga toh aapko mrityu se kya kisi se bhi dar nahi lagega aur aap apni zindagi acche se jeeenge maje lijiye bus mrityu ka tension chodiye aap amar hain yah samajh ke rahiye jai hind

मृत्यु एक सार्वजनिक सत्य है किंतु यह कहना कि यह सत्य है इसलिए ना डरो क्योंकि यह होना यह स

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Truth

C.A Accountant

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मिथुन निश्चित है लेकिन फिर भी आप को डर लगता है इसका निश्चित कारण यह है कि आपको आपके परिवार जनों के प्रति या अपने करीबियों के प्रति प्रेम से मैं मृत्यु से डर लगता है जितना क्या राम अपने घर वालों से प्रिंट करेंगे उतना ही ज्यादा ने मृत्यु से डर लगेगा इसका उपाय यह है कि हमें छू खुशियों के पल होते हैं उनके बारे में ही सोचना चाहिए कि यह केवल सीमित समय के लिए पूरी जिंदगी नहीं मिलती तो श्याम धीरे-धीरे मृत्यु का टाइम पीरियड कम करते जाएंगे

mithun nishchit hai lekin phir bhi aap ko dar lagta hai iska nishchit karan yah hai ki aapko aapke parivar jano ke prati ya apne karibiyon ke prati prem se main mrityu se dar lagta hai jitna kya ram apne ghar walon se print karenge utana hi zyada ne mrityu se dar lagega iska upay yah hai ki hamein chu khushiyon ke pal hote hain unke bare mein hi sochna chahiye ki yah keval simit samay ke liye puri zindagi nahi milti toh shyam dhire dhire mrityu ka time period kam karte jaenge

मिथुन निश्चित है लेकिन फिर भी आप को डर लगता है इसका निश्चित कारण यह है कि आपको आपके परिवार

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