क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की ज़रूरत होती है? क्या यह जीवन का कोई नियम है?...


user

Suresh Kumar

Motivational Speaker, Trainer, Counsellor, Handwriting Analyst

1:21
Play

Likes  119  Dislikes    views  1346
WhatsApp_icon
25 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user
Play

Likes  93  Dislikes    views  2781
WhatsApp_icon
user

Pramod Kushwaha

famous Motivational Guru N Painter

0:29
Play

Likes  43  Dislikes    views  981
WhatsApp_icon
user

Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

0:54
Play

Likes    Dislikes    views  
WhatsApp_icon
user

Aniel K Kumar Imprints

NLP Master Life Coach, Motivational Speaker

1:04
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार अनिल के कुमार MP3 मस्त लाइफ कोच आज आपके साथ जुड़ा हूं आप का सवाल है क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है ऐसा कोई नियम नहीं है कि हर किसी को हर औरत को व्यक्ति को यह तो एक सामंजस्य पर डिपेंड करता है यदि आप अपने आपको चाहते हैं कि आपका परिवार आगे बढ़े आप कुछ अपने जैसा एक नाम से यहां पर क्रिएट करके छोड़कर जाएं तो उसके लिए आपको अकेला व्यक्ति भी अपने आप को सफल बना सकता है अकेली औरत बड़े मुकाम तक पहुंच सकते हैं ऐसी कोई जरूरत नहीं है किसी की प्रकृति के नियम के अनुसार उसके बगैर कोई आता है जय हिंद जय भारत आपका दिन शुभ हो

namaskar anil ke kumar MP3 mast life coach aaj aapke saath juda hoon aap ka sawaal hai kya ek mahila ko apne jeevan me ek aadmi ki zarurat hoti hai kya yah jeevan ka koi niyam hai aisa koi niyam nahi hai ki har kisi ko har aurat ko vyakti ko yah toh ek samanjasya par depend karta hai yadi aap apne aapko chahte hain ki aapka parivar aage badhe aap kuch apne jaisa ek naam se yahan par create karke chhodkar jayen toh uske liye aapko akela vyakti bhi apne aap ko safal bana sakta hai akeli aurat bade mukam tak pohch sakte hain aisi koi zarurat nahi hai kisi ki prakriti ke niyam ke anusaar uske bagair koi aata hai jai hind jai bharat aapka din shubha ho

नमस्कार अनिल के कुमार MP3 मस्त लाइफ कोच आज आपके साथ जुड़ा हूं आप का सवाल है क्या एक महिला

Romanized Version
Likes  113  Dislikes    views  1103
WhatsApp_icon
user

Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह जिंदगी है यहां पर एक महिला को किसी पुरुष की जरूरत होती है या फिर किसी पुरुष को किसी महिला की जरूरत होती है अगर किसी महिला को किसी महिला की और एक किसी पुरुष को किसी अन्य पुरुष की जरूरत होती है यह कह पाना काफी मुश्किल है आज का यह जमाना जो है यह काफी अलग जमाना है यहां पर कई लोग जो हैं वह शादी या नहीं करते हैं ताकि उनका जो फोकस हो उनका जो गोल हो जो उनका लक्ष्य हो वह डिस्टर्ब ना हो रही थी तो नहीं चाहते उनकी जो प्राइमरी जिंदगी है उसको वह बदलना नहीं चाहते तो कई लोग जो है वह रिश्ते में घुसते तो हैं पर एक फ्री रिश्ते में जहां पर वह बदला नहीं चाहते और जहां तक औरतों का सवाल है आजकल काफी औरतें कभी इंडिपेंडेंट हो गई है इसे मैनेजर बना हुआ है एंपावरमेंट हुआ है इसके वजह से जो है और क्वालिटी की बात है कि मर्द और औरत को इक्वल इक्वल लेटेस्ट मिलना चाहिए उसकी वजह से काफी गलत पर फ्रेश हो रही है घरों में जहां पर और तो बच बेटियों को दिखाया जा रहा है कि अपने पतियों को अपने अधीन में रखो उनको डोमिनेट करो अपने पति को छूट मत दो उन्हें अपनी उंगलियां में न जाओ यह सब जो सीख लिया जा रहा है कि यह सुपरहिट द मैन यह जो गलत सीख है उसी तरह अगर जो मां अपने बेटे को सिखाते ही अपनी वाइफ को अपने पैरों के नीचे रखो और को गुलाम बना यह भी गलत है तो वैसे अगर देखा जाए तो एक पुरुष को महिला की जरूरत जफर अली है और एक महिला को भी पुलिस की जगह डेफिनेटली है तभी वह दो दो पहिए होते हैं वह एक होकर वह गाड़ी चलती है लेकिन आज के जमाने में भी को साथ में लोग चल नहीं रहे हैं एक-एक दर्शन में देख नहीं रहे हैं तो काफी प्रॉब्लम आ रहे हैं काफी जो है उतार-चढ़ाव देख रहे हैं रिश्तो में भी तो डेफिनटली जरूरत है लेकिन किस तरह से वह साथ निभा पाते हैं कैसे वह सफर आगे बढ़ता है डिपेंड डिपेंड सुंदर मेंटालिटी अब रिंगिंग और वह लाइफ में क्या चाहते हैं उनका गोला मकसद क्या इस पर डिपेंड करता है

dekhiye yah zindagi hai yahan par ek mahila ko kisi purush ki zarurat hoti hai ya phir kisi purush ko kisi mahila ki zarurat hoti hai agar kisi mahila ko kisi mahila ki aur ek kisi purush ko kisi anya purush ki zarurat hoti hai yah keh paana kaafi mushkil hai aaj ka yah jamana jo hai yah kaafi alag jamana hai yahan par kai log jo hain vaah shadi ya nahi karte hain taki unka jo focus ho unka jo gol ho jo unka lakshya ho vaah disturb na ho rahi thi toh nahi chahte unki jo primary zindagi hai usko vaah badalna nahi chahte toh kai log jo hai vaah rishte mein ghuste toh hain par ek free rishte mein jaha par vaah badla nahi chahte aur jaha tak auraton ka sawaal hai aajkal kaafi auraten kabhi independent ho gayi hai ise manager bana hua hai empowerment hua hai iske wajah se jo hai aur quality ki baat hai ki mard aur aurat ko equal equal latest milna chahiye uski wajah se kaafi galat par fresh ho rahi hai gharon mein jaha par aur toh bach betiyon ko dikhaya ja raha hai ki apne patiyon ko apne adheen mein rakho unko dominet karo apne pati ko chhut mat do unhe apni ungaliyan mein na jao yah sab jo seekh liya ja raha hai ki yah superhit the man yah jo galat seekh hai usi tarah agar jo maa apne bete ko sikhaate hi apni wife ko apne pairon ke niche rakho aur ko gulam bana yah bhi galat hai toh waise agar dekha jaaye toh ek purush ko mahila ki zarurat jafar ali hai aur ek mahila ko bhi police ki jagah definetli hai tabhi vaah do do pahiye hote hain vaah ek hokar vaah gaadi chalti hai lekin aaj ke jamane mein bhi ko saath mein log chal nahi rahe hain ek ek darshan mein dekh nahi rahe hain toh kaafi problem aa rahe hain kaafi jo hai utar chadhav dekh rahe hain rishto mein bhi toh definatali zarurat hai lekin kis tarah se vaah saath nibha paate hain kaise vaah safar aage badhta hai depend depend sundar mentalaity ab ringing aur vaah life mein kya chahte hain unka gola maksad kya is par depend karta hai

देखिए यह जिंदगी है यहां पर एक महिला को किसी पुरुष की जरूरत होती है या फिर किसी पुरुष को कि

Romanized Version
Likes  80  Dislikes    views  2044
WhatsApp_icon
user

Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

1:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरा ऐसा मानना है कि इस जीवन में हर महिला को आदमी की जरूरत है उतनी ही जितनी हर आदमी को महिला की है आप यहां लोग समझने में गलती कर देते हैं ऐसा मुझे लगता है क्योंकि मैंने भी पहले कुछ और समझा था मुझे भी ऐसा लगता था कि एक महिला एक आदमी के बिना संपूर्ण नहीं होती या एक आदमी एक महिला के बिना संपूर्ण नहीं होता यह कौन सा बिल्कुल गलत है हम अपने आपने पूरी तरह से संपूर्ण होते हैं और इसके बहुत सारे एग्जांपल आप देखोगे चारों तरफ से आपको मिल जाएंगे जैसे पहले बहुत सी महिलाएं जो बचपन में ही विधवा हो जाती थी तो उनकी दोबारा शादी नहीं की जाती थी तो वह अपना पूरा जीवन जीती थी और मदर टैरेसा है इंदिरा गांधी है ऐसे बहुत से लेडीस को हमने देखा है जो बहुत कुछ कर सकती हैं हां आदमी का सपोर्ट रहेगा तो वह अपने काम को जितना अच्छा कर रही है उससे शायद थोड़ा सा और ज्यादा अच्छे से कर सकेंगे वैसे ही आदमी के साथ है वह अकेले भी बहुत कुछ कर सकता है और अगर उसी औरत का सपोर्ट मिलेगा तो वह थोड़ा और अच्छे से कर सकेगा लेकिन बेसिक कैपेसिटी इंसान की खुद पर डिपेंड करती है और उसे यह समझना होता है कि मैं अपने आप में संपूर्ण हूं मुझे किसी का सहारा चाहिए लेकिन किसी पर निर्भरता नहीं चाहिए ऐसा मेरा मानना है

mera aisa manana hai ki is jeevan mein har mahila ko aadmi ki zarurat hai utani hi jitni har aadmi ko mahila ki hai aap yahan log samjhne mein galti kar dete hain aisa mujhe lagta hai kyonki maine bhi pehle kuch aur samjha tha mujhe bhi aisa lagta tha ki ek mahila ek aadmi ke bina sampurna nahi hoti ya ek aadmi ek mahila ke bina sampurna nahi hota yah kaun sa bilkul galat hai hum apne aapne puri tarah se sampurna hote hain aur iske bahut saare example aap dekhoge charo taraf se aapko mil jaenge jaise pehle bahut si mahilaye jo bachpan mein hi vidva ho jaati thi toh unki dobara shadi nahi ki jaati thi toh vaah apna pura jeevan jeeti thi aur mother tairesa hai indira gandhi hai aise bahut se ladies ko humne dekha hai jo bahut kuch kar sakti hain haan aadmi ka support rahega toh vaah apne kaam ko jitna accha kar rahi hai usse shayad thoda sa aur zyada acche se kar sakenge waise hi aadmi ke saath hai vaah akele bhi bahut kuch kar sakta hai aur agar usi aurat ka support milega toh vaah thoda aur acche se kar sakega lekin basic capacity insaan ki khud par depend karti hai aur use yah samajhna hota hai ki main apne aap mein sampurna hoon mujhe kisi ka sahara chahiye lekin kisi par nirbharta nahi chahiye aisa mera manana hai

मेरा ऐसा मानना है कि इस जीवन में हर महिला को आदमी की जरूरत है उतनी ही जितनी हर आदमी को महि

Romanized Version
Likes  93  Dislikes    views  2173
WhatsApp_icon
play
user

Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

1:60

Likes  84  Dislikes    views  2475
WhatsApp_icon
user

Vandana

Transformational Peace Coach

1:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है मेल मेरे हिसाब से जरूरत तो हमको बहुत सारी चीजों की होती है और रही आदमी की महिला के लिए जी हां जरूरत है बट हमको इससे ज्यादा जरूरत है अपने अंदर की एक पुरुष को अपने अंदर एक पुरुष और स्त्री दोनों एक मेल और चने नंदनी अपने अंदर है उसको जागृत नहीं करेंगे तब तक हमको जरूरत में से एक आदमी की लाइफ में देखा है कि जितना मैं अपने अंदर एक मेल एनर्जी को एक्टिवेट नहीं कर रही थी अच्छे से उतना मैं बाहर के पुरुष को ढूंढ रही थी अब सपोर्ट के लिए इमोशनल सपोर्ट के लिए लेकर हम हार जाते हैं जैसे जैसे हम अंदर इंटरनेट होते हैं हमारी तमन्ना तो फिर एक अंदर एक बहुत सुकून मिलता है कंटेंटमेंट मिलता है तो अगर क्या होता है कुछ उसके बाद ऑटोमेटेकली आपको कुछ जो सही है वह आपको मिल जाता है फिर जरूरत नहीं होती है आपको आपके पास आ जाती है नहीं भी आती है तो खुश रहते हो आती हो तो भी खुश रहते हो तो आप में एक एक विटनेसिंग वाली सिचुएशंस क्रिएट करते हैं तो मेरा हिसाब से आप अपने अंदर से पुरुष को जागृत करें वह जरूर वह जरूरी है सबसे जरूरी वह अपने आप को पहचानना थैंक यू

kya ek mahila ko apne jeevan mein ek aadmi ki zarurat hoti hai kya yah jeevan ka koi niyam hai male mere hisab se zarurat toh hamko bahut saree chijon ki hoti hai aur rahi aadmi ki mahila ke liye ji haan zarurat hai but hamko isse zyada zarurat hai apne andar ki ek purush ko apne andar ek purush aur stree dono ek male aur chane nandini apne andar hai usko jagrit nahi karenge tab tak hamko zarurat mein se ek aadmi ki life mein dekha hai ki jitna main apne andar ek male energy ko activate nahi kar rahi thi acche se utana main bahar ke purush ko dhundh rahi thi ab support ke liye emotional support ke liye lekar hum haar jaate hain jaise jaise hum andar internet hote hain hamari tamanna toh phir ek andar ek bahut sukoon milta hai kantentament milta hai toh agar kya hota hai kuch uske baad atometekli aapko kuch jo sahi hai vaah aapko mil jata hai phir zarurat nahi hoti hai aapko aapke paas aa jaati hai nahi bhi aati hai toh khush rehte ho aati ho toh bhi khush rehte ho toh aap mein ek ek vitnesingh wali sichueshans create karte hain toh mera hisab se aap apne andar se purush ko jagrit kare vaah zaroor vaah zaroori hai sabse zaroori vaah apne aap ko pahachanana thank you

क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है मेल मे

Romanized Version
Likes  92  Dislikes    views  2876
WhatsApp_icon
user

Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

1:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरी रानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं विकी महिला को एक पुरुष की जरूरत होती है या नहीं वह सिर्फ उस महिला पर डिपेंड करता है ऐसे बहुत लोग होते हैं आप पुरुषों में भी और महिलाओं में भी जो अक्षर में ऐसा फील उनके लिए जरूरत नहीं होती है आंधी कि हम इस दुनिया में है दुनिया बहुत बड़ी है बहुत बड़ी है तो हम सब सच्चाई से मुंह फेरना और दूसरों को जजमेंट दूसरे के लिए जजमेंट पास करना और दूसरे को खराब खराब चीजो चीजो अर्जुन के लिए यूज करना यह सब गलत बात है दुनिया में कहीं सारी चीजें होती हैं और कई सारे नाम और हैपनिंग्स हो रही है और बहुत ही जा रही होती गई है और ऐसा नहीं है कि सिर्फ एक पुरुष महिला के लिए बना है और महिला पुरुष के लिए आपको तो सबको मालूम है कि सेम जेंडर पेयरिंग भी हो रहे हैं और वह बहुत टाइम से यह सब तो न्यूज़ में अभी से ही है कुछ काफी सालों से यह तो बहुत टाइम पर ऐसे हो तैयार है तो आई नोट 3 की एक महिला को पुरुष की जरूरत है या पुरुष ही पुरुष को महिला की जरूरत है अगर उनको यह लगता है कि उनको जरूरत है तभी हम बोल सकते हैं वरना ऐसा कुछ नहीं है किसी को किसी की जरूरत है हम सब अपने लिए अपने लोगों को और अपने ड्राइव को ढूंढते हैं अपना शामली जिनको हम कहना चाहते हैं हम उनको खुद से सिलेक्ट करते हैं खुद से घूमते हैं तो सबके लिए जो कंडीशन से और सब के लिए जो रिक्वायरमेंट से वह अलग हमेशा ही होंगी किसी की नहीं हो सकती हैं बस यही मैं आप सब से कह सकती हूं थैंक यू

meri rani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain vicky mahila ko ek purush ki zarurat hoti hai ya nahi vaah sirf us mahila par depend karta hai aise bahut log hote hai aap purushon mein bhi aur mahilaon mein bhi jo akshar mein aisa feel unke liye zarurat nahi hoti hai aandhi ki hum is duniya mein hai duniya bahut baadi hai bahut baadi hai toh hum sab sacchai se mooh ferna aur dusro ko judgement dusre ke liye judgement paas karna aur dusre ko kharab kharaab cheejo cheejo arjun ke liye use karna yah sab galat baat hai duniya mein kahin saree cheezen hoti hai aur kai saare naam aur haipnings ho rahi hai aur bahut hi ja rahi hoti gayi hai aur aisa nahi hai ki sirf ek purush mahila ke liye bana hai aur mahila purush ke liye aapko toh sabko maloom hai ki same gender pairing bhi ho rahe hai aur vaah bahut time se yah sab toh news mein abhi se hi hai kuch kaafi salon se yah toh bahut time par aise ho taiyar hai toh I note 3 ki ek mahila ko purush ki zarurat hai ya purush hi purush ko mahila ki zarurat hai agar unko yah lagta hai ki unko zarurat hai tabhi hum bol sakte hai varna aisa kuch nahi hai kisi ko kisi ki zarurat hai hum sab apne liye apne logo ko aur apne drive ko dhoondhate hai apna shamili jinako hum kehna chahte hai hum unko khud se select karte hai khud se ghumte hai toh sabke liye jo condition se aur sab ke liye jo requirement se vaah alag hamesha hi hongi kisi ki nahi ho sakti hai bus yahi main aap sab se keh sakti hoon thank you

मेरी रानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं विकी महिला को एक

Romanized Version
Likes  94  Dislikes    views  2385
WhatsApp_icon
play
user

Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

1:59

Likes  93  Dislikes    views  2520
WhatsApp_icon
user

Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अजी ऐसा जीवन का कोई नियम नहीं है कि आप एक औरत को आदमी की जरूरत है ही है इस आदमी को एक औरत की जरूरत है ही गैलरी जो हम कहते हैं कि कोई औरत को आदमी की जरूरत है या किसी आदमी को औरत की जरूरत है तो इस इंडस्ट्री से जो है कल चैट कहता है आपका यह हमारा फाइनेंशली कोई सपोर्ट होगा आगे जाकर जब आपकी हेल्थ इश्यूज ओल्ड एज में हेल्थ इश्यूज होंगे तो आपके लिए कुछ खड़ा होगा आपकी कोई इमोशनल सपोर्ट के लिए खड़ा होगा जब आपको जरूरत होगी तो लेकिन वहीं अगर आप चाहे तो आप अपने आप को पाने के लिए इतना सिक्योर कर सकती हैं अपने लिए सेव कर सकते हैं ताकि आपको फ्यूचर में किसी की जरूरत ना पड़े इमोशनली आप अपना सूट कितना बना सकते हैं कि आपको जरूरत ना पड़े इंडियन कल्चर प्रोग्राम स्पेसिफिकली जाएं तो इंडियन कल्चर है जो चीज है यह कहता है कि हमें हमें एक पार्टनर की जरूरत होती है इसके अलावा यह भी चीज है कि अगर आप नहीं चाहती हैं कि आप फ्यूचर में कोई मैरिज करें तू भी ठीक है पहले की बात यह थी कि बायोलॉजी के लिए जो है यह था कि हमें अपनी स्पीशीज को आगे बढ़ाने के लिए बीन मेड मैन एंड वूमेन फॉर थे कंट्री प्रोड्यूस बेसिकली तू अब जो चीज है वह इतना लागू नहीं करती है रिकॉर्डिंग को लेशन ऑफ इंडिया और पॉपुलेशन ऑफ द वर्ल्ड शोल्ड कंपलीट

aji aisa jeevan ka koi niyam nahi hai ki aap ek aurat ko aadmi ki zarurat hai hi hai is aadmi ko ek aurat ki zarurat hai hi gallery jo hum kehte hai ki koi aurat ko aadmi ki zarurat hai ya kisi aadmi ko aurat ki zarurat hai toh is industry se jo hai kal chat kahata hai aapka yah hamara financially koi support hoga aage jaakar jab aapki health issues old age mein health issues honge toh aapke liye kuch khada hoga aapki koi emotional support ke liye khada hoga jab aapko zarurat hogi toh lekin wahi agar aap chahen toh aap apne aap ko paane ke liye itna secure kar sakti hai apne liye save kar sakte hai taki aapko future mein kisi ki zarurat na pade emotionally aap apna suit kitna bana sakte hai ki aapko zarurat na pade indian culture program specifically jaye toh indian culture hai jo cheez hai yah kahata hai ki hamein hamein ek partner ki zarurat hoti hai iske alava yah bhi cheez hai ki agar aap nahi chahti hai ki aap future mein koi marriage kare tu bhi theek hai pehle ki baat yah thi ki biology ke liye jo hai yah tha ki hamein apni species ko aage badhane ke liye bin made man and women for the country produce basically tu ab jo cheez hai vaah itna laagu nahi karti hai recording ko leshan of india aur population of the world sold complete

अजी ऐसा जीवन का कोई नियम नहीं है कि आप एक औरत को आदमी की जरूरत है ही है इस आदमी को एक औरत

Romanized Version
Likes  74  Dislikes    views  2553
WhatsApp_icon
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

1:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह एक अच्छा प्रश्न है कि क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है और क्या यह जीवन का कोई नियम है जी नहीं ऐसा कोई भी नियम नहीं है अगर औरत अपने आप को सशक्त बना ले हर तरीके से तो उसको कोई भी आदमी की जरूरत नहीं है वह खुद भी अपना जीवन अकेले बिता सकती है और उसे हर तरीके से सशक्त बनाना होगा कमाई को लेकर शारीरिक शक्ति को लेकर समाज को लेकर अपने आसपास रिश्तेदारों को लेकर सब तरह के जवानों को देने की सशक्त बनाना होगा शरीर के रूप में औरतों को कमजोर माना जाता है पुरुषों की अपेक्षा इसलिए उसको सारे रूप से सशक्त बनाना होगा ताकि वह कभी जीवन में उसको भीड़ ना पड़े तो मिट सके अपने शारीरिक वीकनेस दूर करना होगा अपनी फाइनेंसियल कंडीशन को स्ट्रांग बनाना होगा अच्छे से पढ़ लिख कर कहीं जीवन में कुछ बनना पड़ेगा ताकि वह उसे कहीं भी कमजोरी का सामना ना करना पड़े तो मुझे तो ऐसा नहीं लगता है एक महीना अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत को महसूस हमेशा ही करती है ऐसा नहीं है अगर उसे लगता है कि वह अकेले जीवन बहुत स्ट्रांग ली जी सकती है तो से जीना चाहिए कोई दिक्कत नहीं है धन्यवाद

yah ek accha prashna hai ki kya ek mahila ko apne jeevan mein ek aadmi ki zarurat hoti hai aur kya yah jeevan ka koi niyam hai ji nahi aisa koi bhi niyam nahi hai agar aurat apne aap ko sashakt bana le har tarike se toh usko koi bhi aadmi ki zarurat nahi hai vaah khud bhi apna jeevan akele bita sakti hai aur use har tarike se sashakt banana hoga kamai ko lekar sharirik shakti ko lekar samaj ko lekar apne aaspass rishtedaron ko lekar sab tarah ke jawano ko dene ki sashakt banana hoga sharir ke roop mein auraton ko kamjor mana jata hai purushon ki apeksha isliye usko saare roop se sashakt banana hoga taki vaah kabhi jeevan mein usko bheed na pade toh mit sake apne sharirik weakness dur karna hoga apni financial condition ko strong banana hoga acche se padh likh kar kahin jeevan mein kuch bana padega taki vaah use kahin bhi kamzori ka samana na karna pade toh mujhe toh aisa nahi lagta hai ek mahina apne jeevan mein ek aadmi ki zarurat ko mehsus hamesha hi karti hai aisa nahi hai agar use lagta hai ki vaah akele jeevan bahut strong li ji sakti hai toh se jeena chahiye koi dikkat nahi hai dhanyavad

यह एक अच्छा प्रश्न है कि क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है और क्या य

Romanized Version
Likes  69  Dislikes    views  1688
WhatsApp_icon
user

Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

2:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है निश्चित रूप से कोई ऐसी महिलाएं जीवन में सफल है लेकिन शादी नहीं की या शादी की उनके परिवार टूट गए लेकिन उस सफल बहुत सारे दिल की शादी नहीं हुई और वह सफल समाज और परिवार परिवार की संस्था को चलाने के लिए पुरुष और स्त्री पति और पत्नी इस संस्था को पवित्र बनाए रखने के लिए हम अपने संबंधों को पवित्र बनाए रखने के लिए इस तरह की संस्थाओं का निर्माण किया गया है पुरुष और महिला दोनों एक दूसरे के पूरक न कोई ज्यादा श्रेष्ठ है ना कोई कम से दोनों की बराबर भूमिका है परिवार को पालने में जीवन को आगे बढ़ाने में जितना योगदान होता है और जीवन के किसी क्षेत्र में पुरुष और स्त्री समान रूप से उनकी क्षमता होती है और समान रूप से वह प्रभावी प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन यह कोई बाध्यता नहीं है कई 52 + जीवन आगे बढ़ता है हमारी शारीरिक आवश्यकता है हमको भावनात्मक सुरक्षा चाहिए इन सब चीजों की एक दूसरे की पूरक का और निर्भरता है पुरुष की अलग प्रकृति होती है स्त्री की प्रगति अलग है पुरुष की प्रगति स्त्री कौर सकता है ती है और स्त्री की प्रगति को पुरुष रहती है इसके चलते हैं आप जीवन आगे बढ़ाने का निर्णय तंत्र में समर्थन करते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं

aapka prashna hai kya ek mahila ko apne jeevan me ek aadmi ki zarurat hoti hai kya yah jeevan ka koi niyam hai nishchit roop se koi aisi mahilaye jeevan me safal hai lekin shaadi nahi ki ya shaadi ki unke parivar toot gaye lekin us safal bahut saare dil ki shaadi nahi hui aur vaah safal samaj aur parivar parivar ki sanstha ko chalane ke liye purush aur stree pati aur patni is sanstha ko pavitra banaye rakhne ke liye hum apne sambandhon ko pavitra banaye rakhne ke liye is tarah ki sasthaon ka nirmaan kiya gaya hai purush aur mahila dono ek dusre ke purak na koi zyada shreshtha hai na koi kam se dono ki barabar bhumika hai parivar ko palne me jeevan ko aage badhane me jitna yogdan hota hai aur jeevan ke kisi kshetra me purush aur stree saman roop se unki kshamta hoti hai aur saman roop se vaah prabhavi pradarshan kar sakte hain lekin yah koi baadhyata nahi hai kai 52 jeevan aage badhta hai hamari sharirik avashyakta hai hamko bhavnatmak suraksha chahiye in sab chijon ki ek dusre ki purak ka aur nirbharta hai purush ki alag prakriti hoti hai stree ki pragati alag hai purush ki pragati stree kaur sakta hai ti hai aur stree ki pragati ko purush rehti hai iske chalte hain aap jeevan aage badhane ka nirnay tantra me samarthan karte hain toh aap aisa kar sakte hain

आपका प्रश्न है क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई

Romanized Version
Likes  198  Dislikes    views  1361
WhatsApp_icon
user

Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

1:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वास्तव में एक महिला को हमेशा अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है ठीक उसी तरह एक आदमी को 1 महीना की जरूरत होती है पति पति पत्नी के बीच एक गुड रिलेशनशिप होना चाहिए क्योंकि पति पत्नी का दांपत्य जीवन तभी सुख में होता है जब दोनों एक दूसरे पर विश्वास करते हैं एक दूसरे पर भरोसा करते हैं इसलिए एक महिला हो या पत्नी को दोनों के बीच अच्छा रिलेशनशिप होगा तभी दीर्घायु मनोज जी पाएंगे दोनों के बीच अच्छा रिलेशनशिप लंबे समय तक और पति पत्नी के बीच का रिलेशन एक विश्वास पर टिका है एक असर पर टिका है इसलिए एक महिला को अपने जीवन में गांड में गलत होती है ऐसा कोई जीवन का नियम नहीं है लेकिन समाज में ऐसा ही लिखा 1 फुट की पत्नी की जरूरत होती है और पत्नी पति की जरूरत होती है इसलिए आज के समाज में महिला दाम विवाह के दांपत्य में एक दूसरे पर भरोसा करना बहुत जरूरी होता है

vaastav mein ek mahila ko hamesha apne jeevan mein ek aadmi ki zarurat hoti hai theek usi tarah ek aadmi ko 1 mahina ki zarurat hoti hai pati pati patni ke beech ek good Relationship hona chahiye kyonki pati patni ka danpatya jeevan tabhi sukh mein hota hai jab dono ek dusre par vishwas karte hain ek dusre par bharosa karte hain isliye ek mahila ho ya patni ko dono ke beech accha Relationship hoga tabhi dirghayu manoj ji payenge dono ke beech accha Relationship lambe samay tak aur pati patni ke beech ka relation ek vishwas par tika hai ek asar par tika hai isliye ek mahila ko apne jeevan mein gaand mein galat hoti hai aisa koi jeevan ka niyam nahi hai lekin samaj mein aisa hi likha 1 feet ki patni ki zarurat hoti hai aur patni pati ki zarurat hoti hai isliye aaj ke samaj mein mahila daam vivah ke danpatya mein ek dusre par bharosa karna bahut zaroori hota hai

वास्तव में एक महिला को हमेशा अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है ठीक उसी तरह एक आदमी को

Romanized Version
Likes  175  Dislikes    views  1476
WhatsApp_icon
user

Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

4:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि क्या अब महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है देखिए सिर्फ महिलाएं नहीं पुरुष भी और महिला दोनों के लिए शादी जैसा एक इंस्टिट्यूट बनाया गया है जिसमें फैमिली को एक इंस्टीट्यूट कहा गया है के दोनों ही कोई दूसरे की जरूरत है इससे समाज का एक बैलेंस संतुलन बना रहता है एक फैमिली इस दूसरी दूसरी से तीसरी फैमिली इससे एक पूरा कम्युनिटी बनता है और उसके बाद पूरा समाज और पूरा एक नेशन तो जरूरत सबको है ऐसा नहीं है कि एक महिला को ही एक आदमी की जरूरत है या आदमी को नहीं है रही बात अगर प्रतिक्रिया महिलाओं की करें तो अक्सर यह देखा गया है कि महिलाएं थोड़ी कमजोर होती हैं शारीरिक तौर पर उनके लिए शादी या उनके साथ उनके बाप भाई या बेटे से उनकी एक तरह से एक स्टेटस होता है एक सुरक्षा व असुरक्षित व फील करती हैं तो यह चीज के कारण भी महिलाओं से कहा जाता है क्योंकि हमारी जो समाज की नींद है वह बैटरी और कल है परिवार कल्याण एक आदमी के नाम से समाज चलता है सब पिता के नाम से फिर पति के नाम से फिर बेटे से तो इस तरह के समाज में महिलाओं से अक्सर यह कहा जाता है कि उन्हें उनकी सेफ्टी उनकी सिक्योरिटी और उनके स्टेटस के लिए उन्हें हमेशा एक पुलिस की जरूरत पड़ती है लेकिन आज बदलते वक्त में यह ऐसा भी नहीं है कि महिलाएं जो पंडित इतना आगे जा चुकी है कि वह अपने आप को अकेले नहीं देख पा देखभाल नहीं कर पाते ऐसा नहीं है लेकिन अगर आप यह समझते हो के शादी के बगैर एक महिला ने रह सकती और एक पुरुष ने सकता है तो यह थोड़ा सा इसमें मैं आपको मतलब एक करेक्शन यह कर दूं कि यह एक चली बात दोनों पर लागू चाहे अकेली औरत हो या अकेले मर्द ऊपर वाले ने एक ऐसी नियम एक सिस्टम बनाया है कि हमें हर वक्त इंसान की जरूरत पड़ती है इसीलिए लोग रिश्तो में जोड़ते हैं उसी रिश्ते से फैमिली बनती है उसी से बड़े-बड़े इंस्टीट्यूट से बनते हैं और उसी से समाज बनता है तो क्योंकि उससे हमें इस तरह बनाया है अगर सब अलग अलग रहने लग गए या एक ऐसा जीवन अकेला व्यतीत करने लगे तो इसमें समाज का संतुलन बिगड़ने की हो सकता है मतलब यह आगे चलकर ऐसा होकर सब अकेले एक जीवन काट रहे हैं चाहे महिलाएं हैं चाहे पुरुष हो सकता है के बाद सिक्योरिटी कि नहीं लेकिन थोड़ा सा समाज का संतुलन थोड़ा सा बिगड़ सकता है तो इस कारण यह चीज कही जाती है यह दोनों ही को एक दूसरे की जरूरत है और यह जीवन का नियम नहीं है लेकिन आज बदलते वक्त में मैं यह नहीं कह सकते कि जिया जीवन का नियम है लेकिन मेरे मेरी अपनी राय यह है कि समाज की नींव के लिए यह जरूरी है जिसमें ने कहा कि अगर हम सब छह महिलाएं हो या पुरुष अकेले-अकेले इंडिपेंडेंट एक जीवन जीना शुरु कर दें तो फिर ऐसा होगा कि थोड़ा संतुलन बिगड़ जाएगा इसकी राइट नाउ जीती जागती मिसाल जापान है जिसमें अगर आपने पढ़ा होगा कहीं तो देखेंगे जापान की सबसे ज्यादा पॉपुलेशन बीज हो चुकी है उनके आने एट 5% लोग आज 70 साल की उम्र से ज्यादा है और इन लोगों में बहुत से लोगों अलग रहते हैं शादी नहीं कि अकेले रहते हैं चाहे महिला हो या पुरुष और वहां के लोग कोई प्रॉब्लम है क्योंकि आगे कोई नकली नहीं है और ज्यादा लोग जो पूरे हैं उन्हें केयर की जरूरत है जबकि उनके बच्चे नहीं है तो जापान की खुद कई प्राइम मिनिस्टर पॉलिसीज बना रहे हैं कोशिश कर रहे हैं कि इस मसले से कैसे जुड़ा जाए क्योंकि उनका समाज में थोड़ा सा संतुलन बिगड़ गया है तो यह जो है इसीलिए कहा जाता है कि दोनों को एक दूसरे की जरूरत है और शादी एक ऐसा इंस्टिट्यूट है जिससे कि समाज की न्यूज़ बहुत प्रॉन्ग रहती है धन्यवाद

aapka sawaal hai ki kya ab mahila ko apne jeevan me ek aadmi ki zarurat hoti hai kya yah jeevan ka koi niyam hai dekhiye sirf mahilaye nahi purush bhi aur mahila dono ke liye shaadi jaisa ek institute banaya gaya hai jisme family ko ek institute kaha gaya hai ke dono hi koi dusre ki zarurat hai isse samaj ka ek balance santulan bana rehta hai ek family is dusri dusri se teesri family isse ek pura community baata hai aur uske baad pura samaj aur pura ek nation toh zarurat sabko hai aisa nahi hai ki ek mahila ko hi ek aadmi ki zarurat hai ya aadmi ko nahi hai rahi baat agar pratikriya mahilaon ki kare toh aksar yah dekha gaya hai ki mahilaye thodi kamjor hoti hain sharirik taur par unke liye shaadi ya unke saath unke baap bhai ya bete se unki ek tarah se ek status hota hai ek suraksha va asurakshit va feel karti hain toh yah cheez ke karan bhi mahilaon se kaha jata hai kyonki hamari jo samaj ki neend hai vaah battery aur kal hai parivar kalyan ek aadmi ke naam se samaj chalta hai sab pita ke naam se phir pati ke naam se phir bete se toh is tarah ke samaj me mahilaon se aksar yah kaha jata hai ki unhe unki safety unki Security aur unke status ke liye unhe hamesha ek police ki zarurat padti hai lekin aaj badalte waqt me yah aisa bhi nahi hai ki mahilaye jo pandit itna aage ja chuki hai ki vaah apne aap ko akele nahi dekh paa dekhbhal nahi kar paate aisa nahi hai lekin agar aap yah samajhte ho ke shaadi ke bagair ek mahila ne reh sakti aur ek purush ne sakta hai toh yah thoda sa isme main aapko matlab ek correction yah kar doon ki yah ek chali baat dono par laagu chahen akeli aurat ho ya akele mard upar waale ne ek aisi niyam ek system banaya hai ki hamein har waqt insaan ki zarurat padti hai isliye log rishto me jodte hain usi rishte se family banti hai usi se bade bade institute se bante hain aur usi se samaj baata hai toh kyonki usse hamein is tarah banaya hai agar sab alag alag rehne lag gaye ya ek aisa jeevan akela vyatit karne lage toh isme samaj ka santulan bigadne ki ho sakta hai matlab yah aage chalkar aisa hokar sab akele ek jeevan kaat rahe hain chahen mahilaye hain chahen purush ho sakta hai ke baad Security ki nahi lekin thoda sa samaj ka santulan thoda sa bigad sakta hai toh is karan yah cheez kahi jaati hai yah dono hi ko ek dusre ki zarurat hai aur yah jeevan ka niyam nahi hai lekin aaj badalte waqt me main yah nahi keh sakte ki jiya jeevan ka niyam hai lekin mere meri apni rai yah hai ki samaj ki neev ke liye yah zaroori hai jisme ne kaha ki agar hum sab cheh mahilaye ho ya purush akele akele independent ek jeevan jeena shuru kar de toh phir aisa hoga ki thoda santulan bigad jaega iski right now jeeti jaagti misal japan hai jisme agar aapne padha hoga kahin toh dekhenge japan ki sabse zyada population beej ho chuki hai unke aane ate 5 log aaj 70 saal ki umar se zyada hai aur in logo me bahut se logo alag rehte hain shaadi nahi ki akele rehte hain chahen mahila ho ya purush aur wahan ke log koi problem hai kyonki aage koi nakli nahi hai aur zyada log jo poore hain unhe care ki zarurat hai jabki unke bacche nahi hai toh japan ki khud kai prime minister policies bana rahe hain koshish kar rahe hain ki is masle se kaise juda jaaye kyonki unka samaj me thoda sa santulan bigad gaya hai toh yah jo hai isliye kaha jata hai ki dono ko ek dusre ki zarurat hai aur shaadi ek aisa institute hai jisse ki samaj ki news bahut prang rehti hai dhanyavad

आपका सवाल है कि क्या अब महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का को

Romanized Version
Likes  836  Dislikes    views  7544
WhatsApp_icon
user

Shipra Ranjan

Life Coach

1:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक महिला को अपने आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है तो आपको बता दें कि हमेशा से ऐसी मान्यता है कि कोई भी महिला पुरुष के सहारे के नहीं जीवन यापन कर सकती है कोई जरूरत होती है जीवन यापन करने के लिए होता है ऐसे लोगों का मानना है लेकिन मेरे विचार में आज की तारीख में ऐसे बहुत सारे एग्जाम पर मौजूद हैं उदाहरण मौजूद है जहां पर महिलाएं इंडिपेंडेंट लिए अपने आपको अच्छी तरीके से जीने के लिए तैयार कर चुकी है जहां पर ऐसी बहुत सी महिलाएं मौजूद हैं जिन्हें किसी भी पुरुष के सहारे की जरूरत नहीं है सिंह एक बार अंतिम तक की अगर बात की जाए तो बहुत उन्हें बच्चों को गोद लेकर भी सिंगल प्लांट की तरह से महिलाओं ने जो के साथ बच्चों को अच्छे एजुकेशन दिए हमको अच्छा फ्यूचर दिया है ऐसा नहीं है आज के सारे को देखते हुए ऐसा बिल्कुल भी नहीं है महिला को पुरुष की जरूरत पड़ेगी ही ऐसा कोई नियम भी नहीं है कोई कानून भी नहीं है कि कोई महिला सिंगल नहीं रह सकती है और जो लोगों की मान्यता इतने वर्षों से चली आ रही थी आज की तारीख में को मैंने कभी गलत साबित हो चुकी है

ek mahila ko apne aadmi ki zarurat hoti hai kya yah jeevan ka koi niyam hai toh aapko bata de ki hamesha se aisi manyata hai ki koi bhi mahila purush ke sahare ke nahi jeevan yaapan kar sakti hai koi zarurat hoti hai jeevan yaapan karne ke liye hota hai aise logo ka manana hai lekin mere vichar me aaj ki tarikh me aise bahut saare exam par maujud hain udaharan maujud hai jaha par mahilaye independent liye apne aapko achi tarike se jeene ke liye taiyar kar chuki hai jaha par aisi bahut si mahilaye maujud hain jinhen kisi bhi purush ke sahare ki zarurat nahi hai Singh ek baar antim tak ki agar baat ki jaaye toh bahut unhe baccho ko god lekar bhi singles plant ki tarah se mahilaon ne jo ke saath baccho ko acche education diye hamko accha future diya hai aisa nahi hai aaj ke saare ko dekhte hue aisa bilkul bhi nahi hai mahila ko purush ki zarurat padegi hi aisa koi niyam bhi nahi hai koi kanoon bhi nahi hai ki koi mahila singles nahi reh sakti hai aur jo logo ki manyata itne varshon se chali aa rahi thi aaj ki tarikh me ko maine kabhi galat saabit ho chuki hai

एक महिला को अपने आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है तो आपको बता दें कि हमेश

Romanized Version
Likes  565  Dislikes    views  4875
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सत्य है बिना पुरुष के महिला नहीं जी सकती है और बिना महिला के कुछ नहीं सकता है यह दोनों जीवन के एक दूसरे के पूरक हैं और उसके बिना महिला बोगी है और महिला के बिना पुरुष इसलिए भगवान ने हम दोनों को एक दूसरे का पूरक बनाया है और दोनों मिलकर की चलती है एक न एक से बड़ा है 11 से छोटा है दोनों ही महान है लेकिन फिर भी एम आद्य शक्ति के रूप में महिला के स्थान पर उससे पूछा है क्योंकि दुश्मनों को सब्जी बनाने में इस मानव में समस्त बड़ों के प्रादुर्भाव में महिला का बहुत बड़ा कितनी भी उसमें पुर पाए जाते हैं उदारता एवं बुद्धि क्षमा ममता संवेदना कैंडिस समस्त गुणों की चटनी महिला है इसलिए महिला का स्थान स्थान शिक्षकों पर यह हमारी भारतीय संस्कृति भी हमेशा उन्हें स्थान देती रही आदर्श व्यक्ति रही यही कारण है कि हमारे समस्त भगवानों के नाम महापुरुषों के नाम से पहले महिलाओं के नाम है जैसे राधे श्याम सीता राम पार्वती परमेश्वर लक्ष्मी नारायण सीताराम आगे और हमारी मां ऋषि यों ने सबसे पहले यह कहा यत्र नार्यस्तु पूजन रमंते तत्र देवता महिलाओं का स्थान हमारी संस्कृति में पहुंच रहा है यही कारण है कि हम नव दुर्गाओं में भारी कन्याओं का दुर्गा मानकर के पूजन करते हैं यह जन करते हैं उनका उनकी प्रार्थना करते हैं उनके चरण वंदन करते हैं या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः या देवी सर्वभूतेषु नमस्तस्ए नमो नमः

yah satya hai bina purush ke mahila nahi ji sakti hai aur bina mahila ke kuch nahi sakta hai yah dono jeevan ke ek dusre ke purak hain aur uske bina mahila boggie hai aur mahila ke bina purush isliye bhagwan ne hum dono ko ek dusre ka purak banaya hai aur dono milkar ki chalti hai ek na ek se bada hai 11 se chota hai dono hi mahaan hai lekin phir bhi M adya shakti ke roop mein mahila ke sthan par usse poocha hai kyonki dushmano ko sabzi banane mein is manav mein samast badon ke pradurbhav mein mahila ka bahut bada kitni bhi usme pur paye jaate hain udarata evam buddhi kshama mamata samvedana kaindis samast gunon ki chatni mahila hai isliye mahila ka sthan sthan shikshakon par yah hamari bharatiya sanskriti bhi hamesha unhe sthan deti rahi adarsh vyakti rahi yahi karan hai ki hamare samast bhagwano ke naam mahapurushon ke naam se pehle mahilaon ke naam hai jaise radhe shyam sita ram parvati parmeshwar laxmi narayan sitaram aage aur hamari maa rishi yo ne sabse pehle yah kaha yatarr naryastu pujan ramante tatra devta mahilaon ka sthan hamari sanskriti mein pohch raha hai yahi karan hai ki hum nav durgaon mein bhari kanyaon ka durga maankar ke pujan karte hain yah jan karte hain unka unki prarthna karte hain unke charan vandan karte hain ya devi sarvabhuteshu matrirupen sansthita namastasye namastasye namastasye namo namah ya devi sarvabhuteshu shakti rupen sansthita namastasye namastasye namastasye namo namah ya devi sarvabhuteshu namastasye namo namah

यह सत्य है बिना पुरुष के महिला नहीं जी सकती है और बिना महिला के कुछ नहीं सकता है यह दोनों

Romanized Version
Likes  199  Dislikes    views  2270
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  53  Dislikes    views  1067
WhatsApp_icon
user

Rakesh Kumar Chandra

BE ( Electrical )/ MBA ( Marketing) Electrical Engineer

3:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है देखिए बड़ा ही अजीब सा सवाल आपने किया है नियम है कि एक महिला को पुरुष की आवश्यकता होती है या नहीं तो सबसे पहले हम यह बता दें कि यह प्रकृति ने पति की सुंदर रचना है नारी और प्रकृति की सुंदर रचना है पुरुष नारी और पुरुष को भगवान ने बनाया है और नारी और पुरुष एक दूसरे के संपूरक होते हैं आपने संपूर्ण बड़ा होगा संपूरक कोण किसे कहते हैं जीवन को चलाना है एक सीधी लाइन में 180 डिग्री का कोण होता अगर संपूर्ण होना है यानी कि जिंदगी को पूर्ण रूप से चलाना है तो नारी को पुरुष क्यों पुरुष को नारी की जरूरत पड़ेगी बहुत जरूरी है नारी के साथ किसी पुरुष का होना इसीलिए शादी विवाह का आयोजन किया गया कि वही शादी की जानी चाहिए और शादी करके हम उस संपूर्णता को हासिल करें यही के लिए बनाया गया था इसीलिए अर्धनारीश्वर आधारित होती है जीवन में यदि इसी नारी के जीवन में पुरुष नहीं है तो सिर बहुत अकेलापन महसूस होता है और अकेलापन इस दुनिया में सबसे बड़ा देश बन चुकी अकेलेपन में हम बहुत ऐसे निर्णय गलत तरीके से ले जाते हैं जो हमें नहीं लेनी चाहिए अकेलापन हमारे शरीर में विष पैदा करता है डिस्कनेक्टिविटी लाता है गलत बातों को सोचने के लिए प्रेरित करता है लेकिन यदि हमारे साथ पुरुष आती है और हम उसके साथ रहते हैं तो वह हमारा केयर तो करेगा ही साथ ही साथ हमारी तो फिजिकली मेंटली जो आवश्यकता है उनको भी पूरा करेगा तो इसलिए जीवन में एक पुरुष का होना जरूरी है वैसे यह तो उसके लिए महिला का होना जरूरी है क्योंकि जीवन का एक संयोग है भले ही वह एक दूसरे को कम प्यार करें दूर रहें लेकिन जब जरूरत होती है तब महसूस होता है यहां एक महिला के जीवन अंकुर होना चाहिए ताकि उसकी हर प्रकार की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और जीवन को बेहतर तरीके से किया जा सके जीवन की कठिन परिस्थितियों में अपना ही कोई सहयोग में बाधाएं दूर का व्यक्ति बहुत लंबे समय तक नहीं करता इसलिए यह सत्य है कि जीवन में एक महिला किसी पुरुष होना चाहिए यूट्यूब अगर आप नहीं जीना चाहते हैं और एकाकी जीवन जिला जाते हैं पुरुषों से नफरत करते हैं तो यह एक अलग धन्यवाद

kya ek mahila ko apne jeevan me ek aadmi ki zarurat hoti hai kya yah jeevan ka koi niyam hai dekhiye bada hi ajib sa sawaal aapne kiya hai niyam hai ki ek mahila ko purush ki avashyakta hoti hai ya nahi toh sabse pehle hum yah bata de ki yah prakriti ne pati ki sundar rachna hai nari aur prakriti ki sundar rachna hai purush nari aur purush ko bhagwan ne banaya hai aur nari aur purush ek dusre ke sanpurak hote hain aapne sampurna bada hoga sanpurak kon kise kehte hain jeevan ko chalana hai ek seedhi line me 180 degree ka kon hota agar sampurna hona hai yani ki zindagi ko purn roop se chalana hai toh nari ko purush kyon purush ko nari ki zarurat padegi bahut zaroori hai nari ke saath kisi purush ka hona isliye shaadi vivah ka aayojan kiya gaya ki wahi shaadi ki jani chahiye aur shaadi karke hum us sanpoornataa ko hasil kare yahi ke liye banaya gaya tha isliye ardhnareshwar aadharit hoti hai jeevan me yadi isi nari ke jeevan me purush nahi hai toh sir bahut akelapan mehsus hota hai aur akelapan is duniya me sabse bada desh ban chuki akelepan me hum bahut aise nirnay galat tarike se le jaate hain jo hamein nahi leni chahiye akelapan hamare sharir me vish paida karta hai diskanektiviti lata hai galat baaton ko sochne ke liye prerit karta hai lekin yadi hamare saath purush aati hai aur hum uske saath rehte hain toh vaah hamara care toh karega hi saath hi saath hamari toh physically mentally jo avashyakta hai unko bhi pura karega toh isliye jeevan me ek purush ka hona zaroori hai waise yah toh uske liye mahila ka hona zaroori hai kyonki jeevan ka ek sanyog hai bhale hi vaah ek dusre ko kam pyar kare dur rahein lekin jab zarurat hoti hai tab mehsus hota hai yahan ek mahila ke jeevan ankur hona chahiye taki uski har prakar ki avashayaktaon ko pura kiya ja sake aur jeevan ko behtar tarike se kiya ja sake jeevan ki kathin paristhitiyon me apna hi koi sahyog me baadhayain dur ka vyakti bahut lambe samay tak nahi karta isliye yah satya hai ki jeevan me ek mahila kisi purush hona chahiye youtube agar aap nahi jeena chahte hain aur ekaki jeevan jila jaate hain purushon se nafrat karte hain toh yah ek alag dhanyavad

क्या एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है क्या यह जीवन का कोई नियम है देखिए

Romanized Version
Likes  14  Dislikes    views  155
WhatsApp_icon
user

Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

2:00
Play

Likes  39  Dislikes    views  621
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय फ्रेंड गुड इवनिंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया पर मैं आपको यह बता दूं कि यह कोई जरूरी नहीं होती है वह तो सब लोगों की अलग-अलग आवश्यकताएं होती है जिसके कारण ऐसा लोग कहते हैं पर जिंदगी का यह कोई नियम नहीं है और ना ही किसी गॉड या किसी धर्म ग्रंथ में ऐसा लिखा हुआ है कि एक महिला को एक पुलिस की जरूरत पड़ती है पर कुछ लोग के साथ होती है कि जो उनकी बायोलॉजिकल आवश्यकताएं होती है तो वह बस उसे पूरा करने के लिए या अन्य प्रकार के कांटेक्ट रखने के लिए ऐसी चीजें मानी जाती है पर यह जरूरी नहीं आपको मैं एक एग्जांपल देता हूं जैसे कि लता मंगेशकर जी जिन्होंने आज तक मैरिज नहीं किया क्या उनके जीवन में आज ऐसी हो सकता नहीं थी क्या तो ऐसी बात नहीं है बहुत ही है लेकिन आप चाहें तो उन्हें नकार भी सकते हैं थैंक यू

hi friend good evening aapke dwara kaafi badhiya question kiya gaya par main aapko yah bata doon ki yah koi zaroori nahi hoti hai vaah toh sab logo ki alag alag aavashyakataen hoti hai jiske karan aisa log kehte hain par zindagi ka yah koi niyam nahi hai aur na hi kisi god ya kisi dharm granth me aisa likha hua hai ki ek mahila ko ek police ki zarurat padti hai par kuch log ke saath hoti hai ki jo unki biological aavashyakataen hoti hai toh vaah bus use pura karne ke liye ya anya prakar ke Contact rakhne ke liye aisi cheezen maani jaati hai par yah zaroori nahi aapko main ek example deta hoon jaise ki lata mangeskar ji jinhone aaj tak marriage nahi kiya kya unke jeevan me aaj aisi ho sakta nahi thi kya toh aisi baat nahi hai bahut hi hai lekin aap chahain toh unhe nakar bhi sakte hain thank you

हाय फ्रेंड गुड इवनिंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया पर मैं आपको यह बता दूं कि

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  244
WhatsApp_icon
play
user

Likes  15  Dislikes    views  510
WhatsApp_icon
user

Chaina Karmakar

Spiritual Healer & Life Coach

1:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सिर्फ महिला के ऊपर एप्लीकेबल नहीं होता है आदमी के ऊपर भी एप्लीकेबल होता है हर एक किसी को एक साथी की जरूरत होती है चाहे वह महिला हो चाहे वह आदमी हो जीवन का नियम तो नहीं है पर आप अगर आसपास नजरें घुमा कर देखें तो आपको हर किसी के लाइफ में जो है कोई ना कोई रहता है और हर कोई रेप करता है इस रिलेशनशिप के लिए एक महिला को भी जरूरत होता है वह कंप्लीट तभी फील करती है जब अपने लाइफ में किसी ईमेल पार्टनर को यूज करती है यह मेल पार्टनर के साथ रहती है सिमिलरली फीमेल पार्टनर भी जब अपने लाइफ में किसी फीमेल पार्टनर गूगल कम करता है बात कर लो एक कंप्लीशन पील ऑफ कंप्लीशन आता है पर यह नियम नहीं है जरूरी नहीं है इंसान जब धीरे धीरे बोलना शुरू कर पता है और समझने में आता है कि आम रिलेशनशिप से भी परे या आम आदमी और औरत से भी परे बहुत कुछ सीखने क्यों होता है जिंदगी रुकने का नाम नहीं है कई लोग जो है रुक जाते हैं यह सोच कर कि मेरे को पार्टनर नहीं मिला है तुम्हें जीवन को कैसे जिऊंगा लोग जो है उस चीज को एक्सेप्ट कर लेते हैं और बहुत कुछ सीखते हैं और आगे बढ़ जाते हैं जिंदगी जो है कोई नियम नहीं है जिंदगी को हम नाप तोल के नहीं जी सकते हैं और ना ही इस तरीके से जी सकते कि मेरे लाइफ में कोई पार्टनर नहीं है तो मैं लाइफ को ना जीव तुम जीवन जो है एक्सप्लोरेशन का नाम है रुकने का नाम नहीं है

dekhiye sirf mahila ke upar applicable nahi hota hai aadmi ke upar bhi applicable hota hai har ek kisi ko ek sathi ki zarurat hoti hai chahen vaah mahila ho chahen vaah aadmi ho jeevan ka niyam toh nahi hai par aap agar aaspass najarein ghuma kar dekhen toh aapko har kisi ke life mein jo hai koi na koi rehta hai aur har koi rape karta hai is Relationship ke liye ek mahila ko bhi zarurat hota hai vaah complete tabhi feel karti hai jab apne life mein kisi email partner ko use karti hai yah male partner ke saath rehti hai similarali female partner bhi jab apne life mein kisi female partner google kam karta hai baat kar lo ek completion pill of completion aata hai par yah niyam nahi hai zaroori nahi hai insaan jab dhire dhire bolna shuru kar pata hai aur samjhne mein aata hai ki aam Relationship se bhi pare ya aam aadmi aur aurat se bhi pare bahut kuch sikhne kyon hota hai zindagi rukne ka naam nahi hai kai log jo hai ruk jaate hain yah soch kar ki mere ko partner nahi mila hai tumhe jeevan ko kaise jiunga log jo hai us cheez ko except kar lete hain aur bahut kuch sikhate hain aur aage badh jaate hain zindagi jo hai koi niyam nahi hai zindagi ko hum naap tol ke nahi ji sakte hain aur na hi is tarike se ji sakte ki mere life mein koi partner nahi hai toh main life ko na jeev tum jeevan jo hai exploration ka naam hai rukne ka naam nahi hai

देखिए सिर्फ महिला के ऊपर एप्लीकेबल नहीं होता है आदमी के ऊपर भी एप्लीकेबल होता है हर एक किस

Romanized Version
Likes  87  Dislikes    views  2517
WhatsApp_icon
user

Shravan Kumar jat

Sports Man And Teacher

2:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते जी आज का सवाल है एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है यह बात सत्य है की एक महिला बिना आदमी के जीवन जीती है वह एक अधूरा जीवन माना जाता है क्योंकि उसके जो जीवन में तो लिखने वाले हैं पाए जाने वाले जो सुख हैं तो बहुत कम मिल पाते हैं उन्हें एक हाथ से कभी ताली नहीं बजा जा सकती उसी तरह से महिला व पुरुष का जो जुड़ा होता है उस जोड़े में अगर एक नहीं होता है स्त्री या पुरुष कोई सा एक नहीं होता है तो वह जीवन अधूरा ही माना जाता है और प्रकार से गाड़ी के दो पहिए होते हैं एक भैया अगर खराब हो जाता है तो गाड़ी नहीं चल पाती है अब आजकल मॉडर्न जमाना है इस जमाने में व्यक्ति कई तरह की इच्छा है रखता है शादी ब्याह नहीं करता है और अकेला रहना पसंद करता है यह एक पर्सेंट ऐसे व्यक्ति होती हैं जो अपना अकेले जीवन जीने की बातें सोच लेते हैं अगर इस सृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए अपने को यह चीज बहुत ही महत्वपूर्ण है कि संसार को चलाने के लिए स्त्री और पुरुष का दोनों का होना आवश्यक है और एक पूरे परिवार को चलाने के लिए भी एक पुरुष का होना बहुत आवश्यक है आजकल ज्यादातर महिला भी एक काम करने लग गई हैं लेकिन जो क्षमता पुरुषों में होती है जो क्षमता पुरुषों में होती है इतनी डिफरेंट ए महिला में होती है पर बहुत कम होती हैं जो कि इतनी समस्याओं को सेंड करें कितनी अंजू आने वाले आप भी समस्याएं हैं उनको वह सेंड करें और अपना जीवन जिए तो पुरुष होता है तो महिलाओं का जीवन भी आसान और पुरुष का जीवन भी बहुत आसान होता है और इसीलिए यह प्रकृति का नियम भी है कि महिला व पुरुष को एक भाई की तरह गाड़ी की तरह साथ मिलकर अपना जीवन जीना चाहिए हंसी खुशी से अपना जीवन जीना चाहिए और दोनों को एक दूसरे पर आश्रित होकर ही अपना जीवन जिया जा सकता है धन्यवाद

namaste ji aaj ka sawaal hai ek mahila ko apne jeevan mein ek aadmi ki zarurat hoti hai yah baat satya hai ki ek mahila bina aadmi ke jeevan jeeti hai vaah ek adhura jeevan mana jata hai kyonki uske jo jeevan mein toh likhne waale hain paye jaane waale jo sukh hain toh bahut kam mil paate hain unhe ek hath se kabhi tali nahi baja ja sakti usi tarah se mahila va purush ka jo jinko hota hai us jode mein agar ek nahi hota hai stree ya purush koi sa ek nahi hota hai toh vaah jeevan adhura hi mana jata hai aur prakar se gaadi ke do pahiye hote hain ek bhaiya agar kharab ho jata hai toh gaadi nahi chal pati hai ab aajkal modern jamana hai is jamane mein vyakti kai tarah ki iccha hai rakhta hai shadi byaah nahi karta hai aur akela rehna pasand karta hai yah ek percent aise vyakti hoti hain jo apna akele jeevan jeene ki batein soch lete hain agar is shrishti ko aage badhane ke liye apne ko yah cheez bahut hi mahatvapurna hai ki sansar ko chalane ke liye stree aur purush ka dono ka hona aavashyak hai aur ek poore parivar ko chalane ke liye bhi ek purush ka hona bahut aavashyak hai aajkal jyadatar mahila bhi ek kaam karne lag gayi hain lekin jo kshamta purushon mein hoti hai jo kshamta purushon mein hoti hai itni different a mahila mein hoti hai par bahut kam hoti hain jo ki itni samasyaon ko send kare kitni Anju aane waale aap bhi samasyaen hain unko vaah send kare aur apna jeevan jiye toh purush hota hai toh mahilaon ka jeevan bhi aasaan aur purush ka jeevan bhi bahut aasaan hota hai aur isliye yah prakriti ka niyam bhi hai ki mahila va purush ko ek bhai ki tarah gaadi ki tarah saath milkar apna jeevan jeena chahiye hansi khushi se apna jeevan jeena chahiye aur dono ko ek dusre par aashrit hokar hi apna jeevan jiya ja sakta hai dhanyavad

नमस्ते जी आज का सवाल है एक महिला को अपने जीवन में एक आदमी की जरूरत होती है यह बात सत्य है

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  27
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!