हमारी आदतों के पीछे कौन जिम्मेदार होता है, ब्रेन केमिकल्स या हमारे विचार? मतलब की आदतें बदलने में क्या सही उपाय रहेगा दवाईया या परामर्श?...


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Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी हमारी आदमी के पीछे जिम्मेदार कौन है ब्रेन केमिकल या हमारे विचार मतलब की आदतें बदलनी कि क्या सही उपाय रहेगी दवाइयां है परामर्श आपका प्रश्न बहुत अच्छा है और इसके लिए मैं कहूंगा कि जो आते हैं कुछ तो आपको वंशानुगत मिलती हैं जो आपको बचपन से संस्कारों से मिलते हैं और कुछ जानते आप समाज के प्राप्त करते हैं और किसी भी आदत को बदलने के लिए आपको 21 दिन की साधना करनी पड़ेगी ठीक है अगर आप कोई भी आदत बदलना चाहते हैं तो आप उसको 1 घंटे 21 दिन तक कामना करिए समझ जाओ 21 दिन तक उठने का प्रयास करें अगर एक बार आप 21 दिन तक सफल हो जाते हैं तो इस जगह मैं कहूंगा कि आदमी बदलने के लिए दवाई काम करेगी ना परामर्श काम करेंगे आप स्वयं ही बदलता यह मेरा पर्सनल व्यू है यह मेरा अनुभव है कि आप दवा से नहीं बदल सकते हैं कि हम उसको आप खुद ही बदल सकते हैं ठीक हो सकती है सहायक हो सकती है लेकिन उनकी बहुत बड़ा ज्ञानी गुरु मिल जाए तो बात अलग जो करना है वह आपको ही करना है

vicky hamari aadmi ke peeche zimmedar kaun hai brain chemical ya hamare vichar matlab ki aadatein badalni ki kya sahi upay rahegi davaiyan hai paramarsh aapka prashna bahut accha hai aur iske liye main kahunga ki jo aate hain kuch toh aapko vanshanugat milti hain jo aapko bachpan se sanskaron se milte hain aur kuch jante aap samaj ke prapt karte hain aur kisi bhi aadat ko badalne ke liye aapko 21 din ki sadhna karni padegi theek hai agar aap koi bhi aadat badalna chahte hain toh aap usko 1 ghante 21 din tak kamna kariye samajh jao 21 din tak uthane ka prayas kare agar ek baar aap 21 din tak safal ho jaate hain toh is jagah main kahunga ki aadmi badalne ke liye dawai kaam karegi na paramarsh kaam karenge aap swayam hi badalta yah mera personal view hai yah mera anubhav hai ki aap dawa se nahi badal sakte hain ki hum usko aap khud hi badal sakte hain theek ho sakti hai sahayak ho sakti hai lekin unki bahut bada gyani guru mil jaaye toh baat alag jo karna hai vaah aapko hi karna hai

विकी हमारी आदमी के पीछे जिम्मेदार कौन है ब्रेन केमिकल या हमारे विचार मतलब की आदतें बदलनी क

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए पहले ही जान लेते हैं कि आदत है या सजा ए बिट कैसे बनते हैं अगर आप किसी काम को रिपीट करते हैं 10 15 बार तो वह एक हैबिट बन सकता है अगर आप एक सोच को लगातार सोचते रहेंगे तो वह है पेट भर सकता है मेरे कहने का मतलब यह है रिपीटेशंस चौक होते हैं जिस चीज को बार-बार रिपीट करते हैं उसी से हमारे हैबिट्स बनते हैं कभी-कभी वह नेगेटिव होते हैं कभी-कभी को पॉजिटिव होते हैं तो जो पॉजिटिव पर होते हैं वह भेजो कि नेगेटिव बन सकते हैं सिंपल अगर आप बहुत ही दयालु है अच्छी बात है लेकिन इतने दयालु हो गए कि अपना सब कुछ देखकर आप खुद कंगाल हो गए तो ठीक हो जाता है ना तो नेगेटिव और पॉजिटिव ब्लड होता है वह उसकी एक सीमा होती है जिसके आगे वह आपस में बदल सकते हैं तो अब आप जान चुके हैं कि हाइब्रिड फॉर्म कैसे होते जाने की आदत है तो अगर आपको आदतों को बदलना है तो अगर आपकी आदतें ऐसी है जिसने आपको डिस्ट्रक्शन की ओर नहीं ले गए हैं आपका जो दिनचर्य है वह चल रहा है आपके थॉट्स आपको कोई इतना परेशान नहीं कर रहे हैं कि आप कुछ नहीं कर के बैठे डिप्रेशन में है सब कुछ है निकलना हो तो डेकोरेट लिए आप अपने सोच के द्वारा अपने विचार बदलकर अपनी आदतें बदल सकते हैं लेकिन अगर आपके लिए कभी डिप्रेस्ड है जहां पर किसी की काउंसलिंग या फिर किसी का परामर्श आपको हेल्प नहीं कर रहा हो और आपका दिनचर्या बंद हो गया हो और अब दिन के कार्य नहीं कर पा रहे हो सिंपल टास्क्स भी तब आपको कि साइकैटरिस्ट से मिलना चाहिए और तभी शायद दवाइयों का उपयोग होगा लेकिन पर्सनली मेरे मुताबिक दवाइयों का उपयोग नहीं करना चाहिए जब तक आपका सिचुएशन बहुत ही संगीन ना हो तब तक हमारे विचारों को बदलने से लगातार उसके शिर्डी कांस्टेंट किसी भी काम को पूरा करने के लिए उसे उस पर अड़े रहना चाहिए तब देखने के लिए आप अपने हाइट्स को बदल सकते हैं अपने विचार को

dekhiye pehle hi jaan lete hain ki aadat hai ya saza a bit kaise bante hain agar aap kisi kaam ko repeat karte hain 10 15 baar toh vaah ek habit ban sakta hai agar aap ek soch ko lagatar sochte rahenge toh vaah hai pet bhar sakta hai mere kehne ka matlab yah hai ripiteshans chauk hote hain jis cheez ko baar baar repeat karte hain usi se hamare habits bante hain kabhi kabhi vaah Negative hote hain kabhi kabhi ko positive hote hain toh jo positive par hote hain vaah bhejo ki Negative ban sakte hain simple agar aap bahut hi dayalu hai achi baat hai lekin itne dayalu ho gaye ki apna sab kuch dekhkar aap khud kangal ho gaye toh theek ho jata hai na toh Negative aur positive blood hota hai vaah uski ek seema hoti hai jiske aage vaah aapas mein badal sakte hain toh ab aap jaan chuke hain ki hybrid form kaise hote jaane ki aadat hai toh agar aapko aadaton ko badalna hai toh agar aapki aadatein aisi hai jisne aapko destruction ki aur nahi le gaye hain aapka jo dinacharya hai vaah chal raha hai aapke thoughts aapko koi itna pareshan nahi kar rahe hain ki aap kuch nahi kar ke baithe depression mein hai sab kuch hai nikalna ho toh decorate liye aap apne soch ke dwara apne vichar badalkar apni aadatein badal sakte hain lekin agar aapke liye kabhi depressed hai jaha par kisi ki kaunsaling ya phir kisi ka paramarsh aapko help nahi kar raha ho aur aapka dincharya band ho gaya ho aur ab din ke karya nahi kar paa rahe ho simple tasks bhi tab aapko ki saikaitrist se milna chahiye aur tabhi shayad dawaiyo ka upyog hoga lekin personally mere mutabik dawaiyo ka upyog nahi karna chahiye jab tak aapka situation bahut hi sangeen na ho tab tak hamare vicharon ko badalne se lagatar uske shirdi constant kisi bhi kaam ko pura karne ke liye use us par ade rehna chahiye tab dekhne ke liye aap apne heights ko badal sakte hain apne vichar ko

देखिए पहले ही जान लेते हैं कि आदत है या सजा ए बिट कैसे बनते हैं अगर आप किसी काम को रिपीट क

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो सही बात है कि जो है फिक्स होती हैं वह हमारे माइंड से बनती हैं वह कोई हमारी फिजिकल बॉडी या मेडिकल कॉरपोरेशन केमिकल कंपोजिशन से नहीं बनती तो हमारी कोई क्रीमिंग हो सकती है कि हम किसी चीज के लिए प्रेम कर रहे हैं कॉल को कॉल के लिए करता है कोई किसी चीज के लिए जाता है वह खुद भी किसी और चीज की ब्राइटनेस टॉप करने से पहले हमारे माइंड का यह खेल को सारा कहता है कि यह चीज तुम्हें चाहिए क्या यह चीज में करनी चाहिए यह गलत है बेटा तो यह तो हमें किसी के परामर्श से समझ कर और फिर अपने ऊपर काम करना हमें इंट्रोस्पेक्शन करना है कि मैंने आज चार बारी झूठ बोला इंटीग्रेट जानबूझकर मैंने गलत चीज सुधारने के लिए काम करना पड़ेगा मेहनत करनी पड़ेगी और सेंड करें कि मानव को यही है कि हम फुल लाइफ है उसकी हालत बनी हुई है तो उसको प्रैक्टिस करना पड़ेगा कैसे ट्यूशन में नहीं गेम नहीं बोलूंगा यह वाली बात करने से ठीक हो सकती और है भी तो सकती है कि मान लीजिए कोई समथिंग विच इज विक्रम के नुक्से सोची भी हमें विल पावर के साथ ही दूर करनी है कोई मेडिसिन लेने से नहीं मिल पाएगी तू है कई कई लोग होते हैं जो है कंपनी भी बात को बैठा होता है वह फिर नहीं बैठ सकता उसको उसको अपने बात करते हैं गला सुरीला कृपया कोई गाली बीच में सेंटेंस में गालियां निकालना दिए क्या कुछ बन जाती है नेट पैक करके कभी होगा

yah toh sahi baat hai ki jo hai fix hoti hai vaah hamare mind se banti hai vaah koi hamari physical body ya medical corporation chemical composition se nahi banti toh hamari koi creaming ho sakti hai ki hum kisi cheez ke liye prem kar rahe hai call ko call ke liye karta hai koi kisi cheez ke liye jata hai vaah khud bhi kisi aur cheez ki brightness top karne se pehle hamare mind ka yah khel ko saara kahata hai ki yah cheez tumhe chahiye kya yah cheez mein karni chahiye yah galat hai beta toh yah toh hamein kisi ke paramarsh se samajh kar aur phir apne upar kaam karna hamein introspekshan karna hai ki maine aaj char baari jhuth bola integrate janbujhkar maine galat cheez sudhaarne ke liye kaam karna padega mehnat karni padegi aur send kare ki manav ko yahi hai ki hum full life hai uski halat bani hui hai toh usko practice karna padega kaise tuition mein nahi game nahi boloonga yah wali baat karne se theek ho sakti aur hai bhi toh sakti hai ki maan lijiye koi something which is vikram ke nukshe sochi bhi hamein will power ke saath hi dur karni hai koi medicine lene se nahi mil payegi tu hai kai kai log hote hai jo hai company bhi baat ko baitha hota hai vaah phir nahi baith sakta usko usko apne baat karte hai gala surila kripya koi gaali beech mein sentence mein galiya nikalna diye kya kuch ban jaati hai net pack karke kabhi hoga

यह तो सही बात है कि जो है फिक्स होती हैं वह हमारे माइंड से बनती हैं वह कोई हमारी फिजिकल बॉ

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी आदतें हमारे स्वभाव पर डिपेंड करती है हमारे नेचर पर डिपेंड करती है कि हम कैसी आदते रखते हैं इसीलिए हमारे विचार भी हमारी आदतों को बदल सकते हैं किसी तरह की दवाइयां नहीं परामर्श जरूर आप किसी से ले सकते हैं क्योंकि अगर आप सही संगत में है अच्छे लोगों के साथ हैं और जो लोग आपको सही सलाह देते हैं तो आप अपनी आदतों को बदल सकते हैं क्योंकि कहीं भी बात हमें एकदम से समझ में आ जाती है वही बात अगर हम खुद से करने लगते हैं तो हमें लगता है ठीक है कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन वही बात जब कोई अपना कहता है या कोई ऐसा व्यक्ति कहता है जिसकी बात आपको नही लगता है आपको महसूस होती है और आपके दिमाग पर करते हैं कि आप अपने आप को बदलना चाहते हैं अच्छे लगते हैं और जिनकी आपके जीवन में कोई इंपोर्टेंस है और जिनकी विचारों से आप हमेशा एक नहीं सकारात्मक सोच महसूस करते हैं तो उनके विचारों से जरूर आपकी आंखें बदल सकती है और अपने विचारों को थोड़ा सा सही करने की कोशिश कीजिए ताकि आप अपनी आदतों को बदल सके अपनी उन आंखों को थोड़ा सके जिनकी वजह से आपने यह सवाल किया है तो जरूर आप अपने विचारों पर ध्यान दीजिए और ऐसे किसी को समझता हूं और आपकी आदतों के बारे में थोड़ा बहुत कुछ पता हो तो सही

hamari aadatein hamare swabhav par depend karti hai hamare nature par depend karti hai ki hum kaisi adate rakhte hai isliye hamare vichar bhi hamari aadaton ko badal sakte hai kisi tarah ki davaiyan nahi paramarsh zaroor aap kisi se le sakte hai kyonki agar aap sahi sangat mein hai acche logo ke saath hai aur jo log aapko sahi salah dete hai toh aap apni aadaton ko badal sakte hai kyonki kahin bhi baat hamein ekdam se samajh mein aa jaati hai wahi baat agar hum khud se karne lagte hai toh hamein lagta hai theek hai koi fark nahi padega lekin wahi baat jab koi apna kahata hai ya koi aisa vyakti kahata hai jiski baat aapko nahi lagta hai aapko mehsus hoti hai aur aapke dimag par karte hai ki aap apne aap ko badalna chahte hai acche lagte hai aur jinki aapke jeevan mein koi importance hai aur jinki vicharon se aap hamesha ek nahi sakaratmak soch mehsus karte hai toh unke vicharon se zaroor aapki aankhen badal sakti hai aur apne vicharon ko thoda sa sahi karne ki koshish kijiye taki aap apni aadaton ko badal sake apni un aankho ko thoda sake jinki wajah se aapne yah sawaal kiya hai toh zaroor aap apne vicharon par dhyan dijiye aur aise kisi ko samajhata hoon aur aapki aadaton ke bare mein thoda bahut kuch pata ho toh sahi

हमारी आदतें हमारे स्वभाव पर डिपेंड करती है हमारे नेचर पर डिपेंड करती है कि हम कैसी आदते र

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी आदत के पीछे जिम्मेदार कौन होता है लेकिन केमिकल से हमारे विचार की सबसे पहली चीज जो भी हमारे आरती होती है ठीक है उसके लिए जिम्मेदार होते हैं क्योंकि जितने भी विचार है जीतू भी हम करते हैं क्योंकि हम सोचते हैं सारे चीज जो है वह आपके माइंड माइंड के ऊपर डिपेंड करता है माइंड दो ही वही कंट्रोल करता है तो आदत बदलने के लिए कोई दवाई नहीं होती

hamari aadat ke peeche zimmedar kaun hota hai lekin chemical se hamare vichar ki sabse pehli cheez jo bhi hamare aarti hoti hai theek hai uske liye zimmedar hote hain kyonki jitne bhi vichar hai jeetu bhi hum karte hain kyonki hum sochte hain saare cheez jo hai vaah aapke mind mind ke upar depend karta hai mind do hi wahi control karta hai toh aadat badalne ke liye koi dawai nahi hoti

हमारी आदत के पीछे जिम्मेदार कौन होता है लेकिन केमिकल से हमारे विचार की सबसे पहली चीज जो भी

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