धर्म से बड़ी इंसानियत है तो लोग एक दूसरे से प्यार क्यों नहीं करते?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दीदी कि अगर आप किसी छोटे बच्चे को बुलाकर भूलेंगे ना कि क्या सही है क्या गलत है तो वह आपको बता देगा आप जो कहना मत होगा क्योंकि हम इंसान को यह पता होता है बेसिकली मोटा मोटा कि सही क्या है क्या गलत है एक इंसान का दूसरे इंसान के प्रति क्या रवैया होना चाहिए उसे पता होता है आप बहुत बारीकी में नहीं समझ आएगा नहीं पता होगा वह लड़का नहीं है वह कोई दिक्कत वाली बात नहीं है लेकिन मोटा-मोटा उसे बताओ तो सही क्या है गलत क्या है जब हम बात करते हैं इंसानियत और धर्म की तो होता क्या है कि कुछ धर्म के प्रचारक कि मैं धर्म को कैसे माध्यम बनाओ ताकि मेरा काम निकल जाए और अधिकतर हमने देखा है कि यह पॉलीटिकल रीजंस होते हैं जिनके कारण वह धर्म को चुनते हैं और सोचते हैं कि धर्म को अगर चुना जाए तो इसमें मुझे बहुत बड़ी तादाद मिल जाएगी मैं इमोशनली लोगों को चार्ज कर सकता हूं और एक दिशा में ले जा सकता हूं तो लोग क्या करते हैं लोग अपनी अधर्म की छतरी निकालते हैं उस धर्म की छतरी के नीचे वह धर्म वाले या उस मान्यता वाले लोगों को इकट्ठा करते हैं उसके बाद क्या होता है उसके बाद वहां प्रचार शुरू है किसी भी तरीके का इंश्योरेंस करने वाली कहानी शुरू होती है इससे क्या होता है वह इंसान जो दूसरे इंसान के बारे में वह नजरिया रखता था वह सोच रखता था वह इंसान को इंसान देखता था वैसा ट्वीट करता था अब वह क्या हो गया भाई तू उस छतरी वाला में छतरी वाला तुम उस टीम में मैं इस टीम में मेरी टीम यह बोलती है तुम्हारी टीम वह बोलती अबू टीम टीम की बात हो गई है अब टीम टीम की बात हो गई तो क्या इसका मतलब क्या हुआ भी फ्री इंसानियत नहीं आएगी ना फिर तो जीत और हार वाली बात है जाएगी फिर तो हॉट वाली बात हो जाएगी जहां पर जीत और हार वाली बात हो गई कि मैं बड़ा तो तुम छोटे हाथों में ऊंचा तुम नीचे फिर इंसानियत कहां हो कहां हो कोई वैल्यू करेगा लेकिन इंसान को पता होता है सही क्या है गलत क्या है

didi ki agar aap kisi chote bacche ko bulakar bhulenge na ki kya sahi hai kya galat hai toh vaah aapko bata dega aap jo kehna mat hoga kyonki hum insaan ko yah pata hota hai basically mota mota ki sahi kya hai kya galat hai ek insaan ka dusre insaan ke prati kya ravaiya hona chahiye use pata hota hai aap bahut baareekee mein nahi samajh aayega nahi pata hoga vaah ladka nahi hai vaah koi dikkat wali baat nahi hai lekin mota mota use batao toh sahi kya hai galat kya hai jab hum baat karte hain insaniyat aur dharm ki toh hota kya hai ki kuch dharm ke prachar ki main dharm ko kaise madhyam banao taki mera kaam nikal jaaye aur adhiktar humne dekha hai ki yah political rijans hote hain jinke karan vaah dharm ko chunte hain aur sochte hain ki dharm ko agar chuna jaaye toh isme mujhe bahut badi tadad mil jayegi main emotionally logo ko charge kar sakta hoon aur ek disha mein le ja sakta hoon toh log kya karte hain log apni adharma ki chatri nikalate hain us dharm ki chatri ke niche vaah dharm waale ya us manyata waale logo ko ikattha karte hain uske baad kya hota hai uske baad wahan prachar shuru hai kisi bhi tarike ka insurance karne wali kahani shuru hoti hai isse kya hota hai vaah insaan jo dusre insaan ke bare mein vaah najariya rakhta tha vaah soch rakhta tha vaah insaan ko insaan dekhta tha waisa tweet karta tha ab vaah kya ho gaya bhai tu us chatri vala mein chatri vala tum us team mein main is team mein meri team yah bolti hai tumhari team vaah bolti abu team team ki baat ho gayi hai ab team team ki baat ho gayi toh kya iska matlab kya hua bhi free insaniyat nahi aayegi na phir toh jeet aur haar wali baat hai jayegi phir toh hot wali baat ho jayegi jaha par jeet aur haar wali baat ho gayi ki main bada toh tum chote hathon mein uncha tum niche phir insaniyat kahaan ho kahaan ho koi value karega lekin insaan ko pata hota hai sahi kya hai galat kya hai

दीदी कि अगर आप किसी छोटे बच्चे को बुलाकर भूलेंगे ना कि क्या सही है क्या गलत है तो वह आपको

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पोस्ट बहुत अच्छा है दारू जाति सबसे बढ़कर इंसानियत होती है मानवता की है इसलिए एक मानव को दूसरे मानवीय सहायता करनी चाहिए उसका काम होना चाहिए उसके हितों में पूरा करना चाहिए उसके साथ देना चाहिए ना कि हम एक दूसरे के खून के प्यासे बने नाक के में एक दूसरे की बुराई करें ना कि हम एक दूसरे को हेय दृष्टि से देखते हैं जो कि धार्मिक जाति तक के बंदरों ने आज मानकों को विभिन्न के थानों में कैद कर दिया है छोटे-छोटे विचारों में कैद कर दिया धार्मिक संस्थाओं की वीडियो बांध दिए धर्मांधता से परिपूर्ण कर दिया है इसलिए मेरे मित्रों इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है हम सबका एक कर्तव्य है कि हम सब भारतीय दूसरे भारतीयों को सहायता करें सेवा करें उसकी और के हितों का ध्यान रखें हम सब मिलकर के एक हैं क्योंकि हम एक हमारा देश है एक हमारा संविधान एक हमारा राष्ट्रगीत है एक हमारा राष्ट्रगान है एक हमारा राष्ट्र बजे इसलिए आओ हम सब मिलकर के एक साथ कहे ना हम हिंदू है ना मुसलमान हैं मस्जिद जैन है नासिक के ईसाई हैं हम हम भारतीय हैं भारतीय हैं भारतीय

aapka post bahut accha hai daaru jati sabse badhkar insaniyat hoti hai manavta ki hai isliye ek manav ko dusre manviya sahayta karni chahiye uska hona chahiye uske hiton mein pura karna chahiye uske saath dena chahiye na ki hum ek dusre ke khoon ke pyaase bane nak ke mein ek dusre ki burayi kare na ki hum ek dusre ko haiya drishti se dekhte hain jo ki dharmik jati tak ke bandaron ne aaj maankon ko vibhinn ke thanon mein kaid kar diya hai chote chhote vicharon mein kaid kar diya dharmik sasthaon ki video bandh diye dharmandhata se paripurna kar diya hai isliye mere mitron insaniyat sabse bada dharm hai hum sabka ek kartavya hai ki hum sab bharatiya dusre bharatiyon ko sahayta kare seva kare uski aur ke hiton ka dhyan rakhen hum sab milkar ke ek hain kyonki hum ek hamara desh hai ek hamara samvidhan ek hamara rashtrageet hai ek hamara rashtragan hai ek hamara rashtra baje isliye aao hum sab milkar ke ek saath kahe na hum hindu hai na muslim hain masjid jain hai nashik ke isai hain hum hum bharatiya hain bharatiya hain bharatiya

आपका पोस्ट बहुत अच्छा है दारू जाति सबसे बढ़कर इंसानियत होती है मानवता की है इसलिए एक मानव

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up sharma c

study and aspirant of CSE

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म से बड़े इंसानियत है तो इसके पीछे जो यथार्थ है पहले उसे जानिए समस्त विश्व ब्रम्हांड के प्रत्येक जीव हर वस्तु अगर अपने कर्म को पालन करते हुए एक दूसरे से जुड़ जाए तो उसे हम धर्म कहते हैं उसी प्रकार अगर मनुष्य स्वयं और सृष्टि के लिए कल्याण करने के लिए अपने धर्म का पालन करता है तो उसे हम इंसानियत करते हैं करते हैं जो धर्म का एक पाठ है आज लोग प्यार का परिभाषा ही भूल गए हैं सिर्फ किसी से आकर्षण और शारीरिक सुख सुख के आधार पर संबंध बनाते हैं तो उसे सिर्फ प्रेम कह दिया जाता है स्वार्थी प्रेम है जब तक आपका उससे स्वार्थ रहेगा तब तक ही आपको उससे संबंधित था बना रहेगा संबंध बना रहेगा जो कि प्रेम का सबसे नशीला रूप सबसे हटा हुआ रुप है श्याम प्रेम ना समझ बैठें हैं लोग एक दूसरे से अगर प्रेम निस्वार्थ भाव से करेंगे एक दूसरे से जुड़ेंगे तो स्वयं सिस्टर के लिए भी सही होगा इंसानियत इसी को कहते हैं अगर अब निस्वार्थ भाव से किसी को कल्याण करने के लिए सोच रही थी इंसानियत है लोगों को आप सही मार्ग दिखाइए जो मार्ग से भटक गए हैं उन्हें 7 मार्च को बताइए उन्हें जो शब्द और कर्ण के प्रति छिपा हुआ जो यथार्थ है उसे बताइए उन्हें बताइए कि धर्म क्या होता है प्यार क्या होता है और हमेशा बौद्धिक मानसिक और शारीरिक आज तक पर दूसरों की सेवा के लिए तत्पर है यही तो मनुष्य का कर्तव्य है एक तो मनुष्य का लक्ष्य है दूसरों को सही मार्ग देखना ना दूसरों को अपने साथ कदम से कदम मिलाकर ले चलना ताकि स्वयं तो सेवा में रतन रहे और दूसरों को भी सेवा में रखने रखें

dharam se bade insaniyat hai toh iske peeche jo yatharth hai pehle use janiye samast vishwa bramhand ke pratyek jeev har vastu agar apne karm ko palan karte hue ek dusre se jud jaaye toh use hum dharm kehte hain usi prakar agar manushya swayam aur shrishti ke liye kalyan karne ke liye apne dharm ka palan karta hai toh use hum insaniyat karte hain karte hain jo dharm ka ek path hai aaj log pyar ka paribhasha hi bhool gaye hain sirf kisi se aakarshan aur sharirik sukh sukh ke aadhaar par sambandh banate hain toh use sirf prem keh diya jata hai swaarthi prem hai jab tak aapka usse swarth rahega tab tak hi aapko usse sambandhit tha bana rahega sambandh bana rahega jo ki prem ka sabse nasheela roop sabse hata hua roop hai shyam prem na samajh baithen hain log ek dusre se agar prem niswarth bhav se karenge ek dusre se judenge toh swayam sister ke liye bhi sahi hoga insaniyat isi ko kehte hain agar ab niswarth bhav se kisi ko kalyan karne ke liye soch rahi thi insaniyat hai logo ko aap sahi marg dikhaaiye jo marg se bhatak gaye hain unhe 7 march ko bataye unhe jo shabd aur karn ke prati chhipa hua jo yatharth hai use bataye unhe bataye ki dharm kya hota hai pyar kya hota hai aur hamesha baudhik mansik aur sharirik aaj tak par dusro ki seva ke liye tatpar hai yahi toh manushya ka kartavya hai ek toh manushya ka lakshya hai dusro ko sahi marg dekhna na dusro ko apne saath kadam se kadam milakar le chalna taki swayam toh seva mein ratan rahe aur dusro ko bhi seva mein rakhne rakhen

धर्म से बड़े इंसानियत है तो इसके पीछे जो यथार्थ है पहले उसे जानिए समस्त विश्व ब्रम्हांड के

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी आपने बहुत बड़ी बात कही है कि धर्म से बड़ी इंसानियत होती है फिर भी हम एक दूसरे को प्यार नहीं करते आप आपकी बात से मैं बहुत अधिक करता हूं तो किस देश की जनता बहुत मासूम में इस बात में बिलीव करती है कि धर्म से बड़ी इंसानियत है और बहुत लोग फॉलो भी करते हैं लेकिन कहीं ना कि हमारे देश के जो राजनीतिज्ञ वह अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए धर्म को आपस में लड़ आते हैं और सत्ता पाते जिस प्रकार उनके बयान कुछ बात को समझना पड़ेगा कि धर्म से बड़ी इंसानियत है और इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है जिस दिन इस देश के लोगों ने यह समझ लिया तो मुझे नहीं लगता कि जिस प्रकार हमारे समाज में सांप्रदायिक दंगा

vicky aapne bahut badi baat kahi hai ki dharm se badi insaniyat hoti hai phir bhi hum ek dusre ko pyar nahi karte aap aapki baat se main bahut adhik karta hoon toh kis desh ki janta bahut masoom mein is baat mein believe karti hai ki dharm se badi insaniyat hai aur bahut log follow bhi karte hain lekin kahin na ki hamare desh ke jo rajanitigya vaah apni mahatwakankshaon ke liye dharm ko aapas mein lad aate hain aur satta paate jis prakar unke bayan kuch baat ko samajhna padega ki dharm se badi insaniyat hai aur insaniyat se bada koi dharm nahi hai jis din is desh ke logo ne yah samajh liya toh mujhe nahi lagta ki jis prakar hamare samaj mein sampradayik danga

विकी आपने बहुत बड़ी बात कही है कि धर्म से बड़ी इंसानियत होती है फिर भी हम एक दूसरे को प्या

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किस धर्म से बड़ी इंसानियत है तो लोगों को एक दूसरे से प्यार क्यों नहीं करते मुझे लगता है कि हमारे देश में जो है आज की डेट में हमारे राजनेता जोगी पॉलीटिशियन कह सकते हैं लोगों को पहले तो धर्म के नाम पर बैठते हैं ताकि लोग दूध ले सकें क्यों नहीं पता होता क्या के सारे एक साथ हो जाएंगे तो वह जो है पार्टियों को जैन धर्म के नाम पर वोट नहीं देंगे और आज भी हमारे देश में जो है धर्म के नाम पर लोग बैठे रहे इसलिए हमारे यहां इंसानियत बहुत ही कम दिखती है और प्यार बहुत ही कम दिखता है लोगों के बीच में बदलेंगे इंसानियत लोगों के बीच में प्यार करेंगे नहीं मानते तो बिल्कुल जय माई बीच में प्यार हो सकता है

kis dharm se badi insaniyat hai toh logo ko ek dusre se pyar kyon nahi karte mujhe lagta hai ki hamare desh mein jo hai aaj ki date mein hamare raajneta jogi politician keh sakte hain logo ko pehle toh dharm ke naam par baithate hain taki log doodh le sake kyon nahi pata hota kya ke saare ek saath ho jaenge toh vaah jo hai partiyon ko jain dharm ke naam par vote nahi denge aur aaj bhi hamare desh mein jo hai dharm ke naam par log baithe rahe isliye hamare yahan insaniyat bahut hi kam dikhti hai aur pyar bahut hi kam dikhta hai logo ke beech mein badalenge insaniyat logo ke beech mein pyar karenge nahi maante toh bilkul jai my beech mein pyar ho sakta hai

किस धर्म से बड़ी इंसानियत है तो लोगों को एक दूसरे से प्यार क्यों नहीं करते मुझे लगता है कि

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