कभी कभी हम जीवन में कुछ शर्मिंदा होने वाली हरकतें करते हैं जिन्हें बाद में याद करके हम हँसते है! ऐसा कोई वाक़या आपके साथ हुआ है? इसके बारे में ज़रूर कुछ बताएँ।?...


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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब तक है जान और जान जाता है तथा कुछ ना कुछ गलती करते रहते हैं और बाद में उस गलती का पश्चाताप होता है शर्मिंदगी महसूस होती है लेकिन ऐसी गलती से लोगों को सीख लेनी चाहिए दोबारा बदलती नहीं जानबूझकर कोई गलती नहीं करना चाहिए इंसान को मैं साथ ही मारना चाहिए अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए महापुरुषों की जीवनी को पानी चाहिए खरीदनी चाहिए

jab tak hai jaan aur jaan jata hai tatha kuch na kuch galti karte rehte hain aur baad me us galti ka pashchaataap hota hai sharmindagi mehsus hoti hai lekin aisi galti se logo ko seekh leni chahiye dobara badalti nahi janbujhkar koi galti nahi karna chahiye insaan ko main saath hi marna chahiye acche gunon ko apnana chahiye mahapurushon ki jeevni ko paani chahiye kharidani chahiye

जब तक है जान और जान जाता है तथा कुछ ना कुछ गलती करते रहते हैं और बाद में उस गलती का पश्चात

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Pradeep Solanki

Corporate Yoga Consultant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां जीवन में ऐसी कई हरकतें होती है जो उस टाइम शर्मिंदा होने के बाद में आपसे इतना सोच कर हंसते हैं ऐसी ही घटना हमारे कुछ दोस्तों के साथ हुई ब्रिजलैंड में थे और वहां से हमें पेरिस जाना था तो वहां से पहले जाने के लिए ट्रेन चलती है इंग्लिश में करनी चाहिए अगर आप 1 महीने पहले टिकट बुक करा हो तो उसको जो कल टिकट बोलते थे 1 महीने पहले बुक कराओ तो सिर्फ 40 मिनट में मिल जाती थी एक आने और जाने की तो क्या पता निषाद एक तरफ तो हमने और टिकट बुक कराए टिकट बुक कराने गए तो उसको इंग्लिश नहीं आती थी तो टिकट बुक कर रही थी वह जर्मन थी तो हमने समझाया कि भाई हमें बुधवार की रात जो भी टिकट हो जो भी ट्रेन है उसकी टिकट दे दे सहारा मतलब रात को बैठेंगे और करीबन हम सुबह आराम से पहुंच जाएंगे तो अब उसकी तो समझ में आया उसने क्या किया बुधवार की रात की चेक करी है और बुधवार को रात को बोली थी 12:10 पर है अब 1210 तो शायद हमें सुनाई नहीं दिया और उन्हें राहत ट्रेन है बुधवार की रात थी लेकिन टेक्निकली 12:00 बजे के बाद दिन बदल जाता है बृहस्पतिवार बृहस्पतिवार गुरुवार की सुबह की सुबह की टिकट थी लेकिन उसने बुधवार की रात की टिकट कर देती हो तो शायद हमारे उसके समझने में जो भी गलती रही हो हमें लगा कि यह बुधवा जो टिकट है यह बुधवार की है और वह दो टेक्निकल अगर आप देखेंगे तो वह बृहस्पतिवार की ढिशुम बुधवार की टिकट की बुधवार की रात किया कुछ तो हम जिस दिन जाना था उस दिन पहुंच गए हमारी सुबह 12:10 बजे सीट और जो डब्बा लिखा हुआ था क्योंकि अब चार आदमी को एक पूरा को पूरा डब्बा डब्बा पूरा नाम दरवाजा बंद कर सकते थे लड़के चारों उसमें जाकर आराम से बैठ गए और बैठने के बाद हमने ताश पास निकाल दिए और कमी देवरिया निकाल कर आराम से बनियान बनियान और निक्कर निक्कर में ठाट के साथ बैठ गए अब जिन की टिकट थी उस दिन कि बेचारे फैमिली वाले थे वहां पर उनका जी देखो जी हमारी तो उन्होंने भी विचारों ने भी उस टाइम हम से माफी मांगी उन्होंने कहा सॉरी हैं आप हमारी गलती आप उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया कि टिकट है पहले दिन की है उसके बाद में चले गए और हम आराम से बैठकर हो जोर-जोर से आगे की क्या यार क्या बकवास है सिस्टम खराब है 1 जनवरी टिकट है आज की नहीं है यह तो गई 24 घंटे पहले आप के पहले दिन निकल चुकी है बड़ी शर्मिंदगी हुई क्योंकि हमने उनको थोड़ा मजाक उड़ाया था बाकी लोगों का यह हमने उनसे माफी मांगी और टी पी साहब को ही बोला कि था अब तो फस गए हम क्या करें बताओ हमारी गलती है लेकिन हमारी ऐसी गलती तो हमने जानबूझकर नहीं किया खैर टीटी से आपकी समझ में बात आ गई उन्होंने कहा देखो भाई अगर आप अगर आप उतरते हो मैं तो अगले स्टेशन पर बोलते तो आप उतर जाओ कोई बात नहीं मां से वापस चले जाओ अब हमने सोचा कि वापसी की टिकट भी खराब चली जाएगी फिर उसके नहीं चलो अब टिकट बना दो तो फिर कहां चलोगे फाइंड नहीं लेता नेक्स्ट रेल किराया है अब जो एक्चुअल किराया था वही करीबन 3 गुण होता है जल्दी सोचो बैंक से ऊपर का क्या चल कर आया था तब रब ने वह किराया दिया और फिर गए और फिर वापस आई घटना को याद करते हैं तो काफी हंसी आती है

ji haan jeevan me aisi kai harakatein hoti hai jo us time sharminda hone ke baad me aapse itna soch kar hansate hain aisi hi ghatna hamare kuch doston ke saath hui brijalaind me the aur wahan se hamein paris jana tha toh wahan se pehle jaane ke liye train chalti hai english me karni chahiye agar aap 1 mahine pehle ticket book kara ho toh usko jo kal ticket bolte the 1 mahine pehle book karao toh sirf 40 minute me mil jaati thi ek aane aur jaane ki toh kya pata nishad ek taraf toh humne aur ticket book karae ticket book karane gaye toh usko english nahi aati thi toh ticket book kar rahi thi vaah german thi toh humne samjhaya ki bhai hamein budhavar ki raat jo bhi ticket ho jo bhi train hai uski ticket de de sahara matlab raat ko baitheange aur kariban hum subah aaram se pohch jaenge toh ab uski toh samajh me aaya usne kya kiya budhavar ki raat ki check kari hai aur budhavar ko raat ko boli thi 12 10 par hai ab 1210 toh shayad hamein sunayi nahi diya aur unhe rahat train hai budhavar ki raat thi lekin technically 12 00 baje ke baad din badal jata hai brehaspativar brehaspativar guruwaar ki subah ki subah ki ticket thi lekin usne budhavar ki raat ki ticket kar deti ho toh shayad hamare uske samjhne me jo bhi galti rahi ho hamein laga ki yah budhwa jo ticket hai yah budhavar ki hai aur vaah do technical agar aap dekhenge toh vaah brehaspativar ki dhishum budhavar ki ticket ki budhavar ki raat kiya kuch toh hum jis din jana tha us din pohch gaye hamari subah 12 10 baje seat aur jo dabba likha hua tha kyonki ab char aadmi ko ek pura ko pura dabba dabba pura naam darwaja band kar sakte the ladke charo usme jaakar aaram se baith gaye aur baithne ke baad humne tash paas nikaal diye aur kami devariya nikaal kar aaram se BUNIYAN BUNIYAN aur nikkar nikkar me thaat ke saath baith gaye ab jin ki ticket thi us din ki bechare family waale the wahan par unka ji dekho ji hamari toh unhone bhi vicharon ne bhi us time hum se maafi maangi unhone kaha sorry hain aap hamari galti aap unhone bhi dhyan nahi diya ki ticket hai pehle din ki hai uske baad me chale gaye aur hum aaram se baithkar ho jor jor se aage ki kya yaar kya bakwas hai system kharab hai 1 january ticket hai aaj ki nahi hai yah toh gayi 24 ghante pehle aap ke pehle din nikal chuki hai badi sharmindagi hui kyonki humne unko thoda mazak udaya tha baki logo ka yah humne unse maafi maangi aur T p saheb ko hi bola ki tha ab toh fas gaye hum kya kare batao hamari galti hai lekin hamari aisi galti toh humne janbujhkar nahi kiya khair tt se aapki samajh me baat aa gayi unhone kaha dekho bhai agar aap agar aap utarate ho main toh agle station par bolte toh aap utar jao koi baat nahi maa se wapas chale jao ab humne socha ki wapsi ki ticket bhi kharab chali jayegi phir uske nahi chalo ab ticket bana do toh phir kaha chaloge find nahi leta next rail kiraaya hai ab jo actual kiraaya tha wahi kariban 3 gun hota hai jaldi socho bank se upar ka kya chal kar aaya tha tab rab ne vaah kiraaya diya aur phir gaye aur phir wapas I ghatna ko yaad karte hain toh kaafi hansi aati hai

जी हां जीवन में ऐसी कई हरकतें होती है जो उस टाइम शर्मिंदा होने के बाद में आपसे इतना सोच कर

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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अजी ऐसे कहीं बाकी होते हैं कई बार आपके जीवन में ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं हो जाती है मेरे जीवन की छोटी सी घटना है जो बहुत ज्यादा अच्छी भी नहीं है बहुत ज्यादा बुरी भी नहीं है वह आपके साथ शेयर कर लेता हूं क्या हुआ कि मैं ऐसे अपने फोन पर लगा हुआ था किसी से बात कर रहा था और मेरे दोस्त बोला कि आप चाय बना लो तो मैं अपने दोस्तों के साथ रहता था तो मैं चाय बनाने लगा तो मैंने गर्म पानी रख दिया उसमें शक्कर चायपत्ती सब डाल दिया और मेरा दिमाग लगा हुआ था बात करने में तो वह बोलने लगा मतलब और मैंने ध्यान नहीं दिया और एक पुलिस निकाला और सारा दूध दूध में डाल दिया और बाद में देखा तो दूध पूरा फट गया गैलरी एचआईएसी कैसी है मतलब दो मुकेश फट गया दूध अभी तो लेकर आए थे आप लोग को कैसे फट गया तो मेरा दोस्त आया और उसने देखा कि अरे आपने तो छाछ छाछ का पैकेट डाल दिया उसमें खुलते पानी में चाय पत्ती शक्कर में तो अभी यह क्या कर दिया आपने बस शांत हो गए हैं कि भैया यह क्या हुआ हमसे ऐसी छोटी-छोटी चीज है जो थोड़ा चलकर आती है क्या गर्म फोन पर ध्यान नहीं देते तो कम से कम सांस का पैकेट बचा लेते हैं शक्कर चाय पत्ती बच्चन ऐसी घटनाएं हो जाती थैंक यू

aji aise kahin baki hote hain kai baar aapke jeevan me aisi choti choti ghatnaye ho jaati hai mere jeevan ki choti si ghatna hai jo bahut zyada achi bhi nahi hai bahut zyada buri bhi nahi hai vaah aapke saath share kar leta hoon kya hua ki main aise apne phone par laga hua tha kisi se baat kar raha tha aur mere dost bola ki aap chai bana lo toh main apne doston ke saath rehta tha toh main chai banane laga toh maine garam paani rakh diya usme shakkar chayapatti sab daal diya aur mera dimag laga hua tha baat karne me toh vaah bolne laga matlab aur maine dhyan nahi diya aur ek police nikaala aur saara doodh doodh me daal diya aur baad me dekha toh doodh pura phat gaya gallery HIAC kaisi hai matlab do mukesh phat gaya doodh abhi toh lekar aaye the aap log ko kaise phat gaya toh mera dost aaya aur usne dekha ki are aapne toh chhachh chhachh ka packet daal diya usme khulte paani me chai patti shakkar me toh abhi yah kya kar diya aapne bus shaant ho gaye hain ki bhaiya yah kya hua humse aisi choti choti cheez hai jo thoda chalkar aati hai kya garam phone par dhyan nahi dete toh kam se kam saans ka packet bacha lete hain shakkar chai patti bachchan aisi ghatnaye ho jaati thank you

अजी ऐसे कहीं बाकी होते हैं कई बार आपके जीवन में ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं हो जाती है मेरे जीवन

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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जहां मेरे साथ की एक बार इस तरह ऐसा हादसा हुआ कि मुझे आप आदमी एक बार की बात मैं आपको बताता हूं कि नेटवर्क मार्केटिंग के मोटिवेशन प्रोग्राम में मुझे स्पेनिश में मैं खुद शामिल था तू कभी सीनियर पोस्ट पर था तो अक्सर यह नौकरी मिली आते रहते थे लेकिन यह मौका कुछ खास था क्योंकि पहले से बहुत ज्यादा बड़ी कॉन्फ्रेंस थी और मुझे इसमें मुख्य अतिथि बनाया गया था उसमें हादसा हुआ कि मैं हर युग इन थे मैं अपना सूट कोट पैंट पहनकर के एक अच्छा बैठक में बुलाकर के वहां पर गया सारे को जाने के बाद सब कुछ ठीक-ठाक होने के बाद मैं अपनी फ्रेंड की जिप लगाना भूल गया बीच में स्पीच देते हुए स्पीड देते हुए एक जगह पर मैंने को बोला कि फ्रैंकलिन शाम को फ्री होना चाहिए और हंस खेल का हंस खुलकर सबसे बोला चाहिए खुल कर बोलना चाहिए उसमें किसी झिझक नहीं होती होती आप अपनी बात को खुलकर रखें बिना किसी सर के देखेंगे तो सामने वाले पर उसका असर ज्यादा आता है कभी मेरे जो दोस्त भी थे और लोग मेरे उस दुनिया में खड़े होकर के बोले कि हां सर आपका तो आप तो हार जाओ तो खुलकर बोलते हैं तो मैं उसकी बात को थोड़ा सीरियस ले लिया मैंने उसको सारिका उसके कहने से अभी दूसरी ओर थे उन्होंने मुझे इशारा किया कि सारे हीरो ने आपको कुछ और इशारा किया है अभी मैंने कहा कि खुल खुल के बताओ कौन सी ट्रेन की पेंट की जो चिप है उस चैन है वह खुली हुई तो मैं देखा और दूसरे को बैकसाइड को घुमाने के बाद अपना पानी बंद किया और उसके बाद में बोला तो लेकिन विश्वास के साथ ही बोल पाया और कभी सही नहीं हुई और काफी लोग नीचे करके आ से लग गए तू कभी कभी ऐसा होता हो जाता है कि हम जब भी निकले तो खुद को पूरा चेकअप चेक करें कि हम बिल्कुल हमारा कोई हमारा कोई कपड़ा गूगल तो ही पहना हुआ पाकिस्तान के साथ जाते चेक करना चाहिए और ठीक-ठाक है ठीक है एक काम कर रहे हैं कहने का तात्पर्य की हर तरह से अपने आप को फिट करके तभी हम घर से निकले बेहतर रहता है वह किसी भी नहीं आपके जीवन के ऊपर कभी-कभी खतरा किया जाता है उसे भी आप बस सकते हैं यही मेरा कहना है और आपने बहुत अच्छा सवाल किया है धन्यवाद

jaha mere saath ki ek baar is tarah aisa hadsa hua ki mujhe aap aadmi ek baar ki baat main aapko batata hoon ki network marketing ke motivation program me mujhe spanish me main khud shaamil tha tu kabhi senior post par tha toh aksar yah naukri mili aate rehte the lekin yah mauka kuch khas tha kyonki pehle se bahut zyada badi conference thi aur mujhe isme mukhya atithi banaya gaya tha usme hadsa hua ki main har yug in the main apna suit coat pant pehankar ke ek accha baithak me bulakar ke wahan par gaya saare ko jaane ke baad sab kuch theek thak hone ke baad main apni friend ki jeep lagana bhool gaya beech me speech dete hue speed dete hue ek jagah par maine ko bola ki frainkalin shaam ko free hona chahiye aur hans khel ka hans khulkar sabse bola chahiye khul kar bolna chahiye usme kisi jhijhak nahi hoti hoti aap apni baat ko khulkar rakhen bina kisi sir ke dekhenge toh saamne waale par uska asar zyada aata hai kabhi mere jo dost bhi the aur log mere us duniya me khade hokar ke bole ki haan sir aapka toh aap toh haar jao toh khulkar bolte hain toh main uski baat ko thoda serious le liya maine usko sarika uske kehne se abhi dusri aur the unhone mujhe ishara kiya ki saare hero ne aapko kuch aur ishara kiya hai abhi maine kaha ki khul khul ke batao kaun si train ki paint ki jo chip hai us chain hai vaah khuli hui toh main dekha aur dusre ko baiksaid ko ghumaane ke baad apna paani band kiya aur uske baad me bola toh lekin vishwas ke saath hi bol paya aur kabhi sahi nahi hui aur kaafi log niche karke aa se lag gaye tu kabhi kabhi aisa hota ho jata hai ki hum jab bhi nikle toh khud ko pura checkup check kare ki hum bilkul hamara koi hamara koi kapda google toh hi pehna hua pakistan ke saath jaate check karna chahiye aur theek thak hai theek hai ek kaam kar rahe hain kehne ka tatparya ki har tarah se apne aap ko fit karke tabhi hum ghar se nikle behtar rehta hai vaah kisi bhi nahi aapke jeevan ke upar kabhi kabhi khatra kiya jata hai use bhi aap bus sakte hain yahi mera kehna hai aur aapne bahut accha sawaal kiya hai dhanyavad

जहां मेरे साथ की एक बार इस तरह ऐसा हादसा हुआ कि मुझे आप आदमी एक बार की बात मैं आपको बताता

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Santosh Singh indrwar

Business Consultant & Life Couch

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बचपन में हम स्कूल जाते थे ना बहुत पिटाई होते हैं और बहुत पिटाई होने के बावजूद भी हम पढ़ते नहीं थे जिले में मनचला लगता था

bachpan me hum school jaate the na bahut pitai hote hain aur bahut pitai hone ke bawajud bhi hum padhte nahi the jile me manchala lagta tha

बचपन में हम स्कूल जाते थे ना बहुत पिटाई होते हैं और बहुत पिटाई होने के बावजूद भी हम पढ़ते

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Anuraadha Uboweja

Empowerment Coach & Healer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरी माता जी का मेरे छोटे भाई के साथ बहुत लगाव था और मुझे लगता था कि वह मुझसे प्यार नहीं करते हैं जो आप मुझे लगता है कि हर बड़े बच्चे को यही लगता है कि छोटे बच्चे को ज्यादा प्यार मिलता है तो उसमें उसमें मैं उसकी उर्दू की बोतल छुपा देती थी जो मुझे सुनकर बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी कि मैं ऐसा करती थी बटन हंसी भी आती है

meri mata ji ka mere chote bhai ke saath bahut lagav tha aur mujhe lagta tha ki vaah mujhse pyar nahi karte hain jo aap mujhe lagta hai ki har bade bacche ko yahi lagta hai ki chote bacche ko zyada pyar milta hai toh usme usmein main uski urdu ki bottle chupa deti thi jo mujhe sunkar bahut sharmindagi mehsus hoti thi ki main aisa karti thi button hansi bhi aati hai

मेरी माता जी का मेरे छोटे भाई के साथ बहुत लगाव था और मुझे लगता था कि वह मुझसे प्यार नहीं क

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसे तो बहुत ना करे जिंदगी में आते हैं पर अभी जो मुझे सबसे इंपॉर्टेंट याद आ रहा है वह मैं आपके साथ शेयर कर सकती हूं यह बात उस समय की है जब मेरी शादी भी नहीं हुई थी और मेरी एक फ्रेंड है जिसकी शादी हो गई थी तो उसे उसकी सास अचार बनाने के लिए कुछ मसाले लेकर आई थी तो उसने मुझसे फोन करके पूछा कि इन मसालों को कैसे पीसते हैं और जैसा मैं हमेशा मुझे एडवाइजर्स देने में हमेशा से बहुत मजा आता था पर उस समय बचपना था मुझे समझ नहीं थी कि अगर नहीं पता तो किसी बात को मना भी किया जा सकता है और मैंने उसे कह दिया कि मैं ठीक है पानी डालकर सब को भी स्लो मिक्सी में चला कर और उसने सारे अचार के मसाले पानी में डालकर को पीस कर रख दिया था

aise toh bahut na kare zindagi mein aate hain par abhi jo mujhe sabse important yaad aa raha hai vaah main aapke saath share kar sakti hoon yah baat us samay ki hai jab meri shadi bhi nahi hui thi aur meri ek friend hai jiski shadi ho gayi thi toh use uski saas achaar banne liye kuch masale lekar I thi toh usne mujhse phone karke poocha ki in masalo ko kaise peeste hain aur jaisa main hamesha mujhe edavaijars dene mein hamesha se bahut maza aata tha par us samay bachapana tha mujhe samajh nahi thi ki agar nahi pata toh kisi baat ko mana bhi kiya ja sakta hai aur maine use keh diya ki main theek hai paani dalkar sab ko bhi slow mixie mein chala kar aur usne saare achaar ke masale paani mein dalkar ko peace kar rakh diya tha

ऐसे तो बहुत ना करे जिंदगी में आते हैं पर अभी जो मुझे सबसे इंपॉर्टेंट याद आ रहा है वह मैं आ

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

1:45

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन में कभी कभी ऐसी बातें हो जाती हैं जिसको बाद में देख कर अपने आप आदमी को शर्मिंदगी महसूस होने लगती है मैं बैडमिंटन खेलता था फिरता हूं अभी लेकिन उससे अपने टीम का कैप्टन था मैंने अपने साथ काम करने वाले एक लड़के के भाई को ऐसे ही खड़े खड़े चैलेंज दे दिया कि मैं उसे बैडमिंटन में हरा दूंगा अगर वह अच्छा खेलता था बनारस दिल्ली यूनिवर्सिटी का चैंपियन था और अच्छा लेकिन मजे की बात की है जब उसे पता लगा मैं टीम का कैप्टन हूं और वह 14 पॉइंट लेने के बावजूद भी 1414 होने के बाद भी उसने पैर के मोच का बहाना लिया अब गेंद छोड़ दिया उसने मेरी समझ में नहीं आया लेकिन बाद में मेरी समझ में आया किस लिए मेरी इज्जत बचाने के लिए अपने प्लीज मेरे को लिस्ट सामने मेरी इज्जत बचाने के लिए जान के गेम का बहाना करा और पैर का मूड का बहाना करके छोड़ दिया आज मैं उस बात को कभी होता है तो मुझे महसूस होती है और भी महसूस होता है कि बाहर गया है वह लड़के ने मेरी इज्जत बचाने के लिए इतना बड़ा काम करा और उसके बाद जब मैं उससे मिला तो मैंने 1 दिन उससे पूछा कि क्या यह सच है कि तुमने ऐसा बोला कुछ मुस्कुरा दिया उसकी मुस्कान से मैं समझ गया इसमें मेरी इज्जत बचाने के लिए ऑफिस पुलिस के सामने सिर्फ यह काम करा था और आज मुझे महसूस होती है पर एक सबक मिलता है कि कभी भी बिना सोचे किसी को चैलेंज मत दो किसी को आंखों नहीं कि वह तुमसे नीचा है

jeevan mein kabhi kabhi aisi batein ho jaati hain jisko baad mein dekh kar apne aap aadmi ko sharmindagi mehsus hone lagti hai Badminton khelta tha phirta hoon abhi lekin usse apne team ka captain tha maine apne saath kaam karne waale ek ladke ke bhai ko aise hi khade khade challenge de diya ki main use Badminton mein hara dunga agar vaah accha khelta tha banaras delhi university ka champion tha aur accha lekin maje ki baat ki hai jab use pata laga main team ka captain hoon aur vaah 14 point lene ke bawajud bhi 1414 hone ke baad bhi usne pair ke moch ka bahana liya ab gend chod diya usne meri samajh mein nahi aaya lekin baad mein meri samajh mein aaya kis liye meri izzat bachane ke liye apne please mere ko list saamne meri izzat bachane ke liye jaan ke game ka bahana kara aur pair ka mood ka bahana karke chod diya aaj main us baat ko kabhi hota hai toh mujhe mehsus hoti hai aur bhi mehsus hota hai ki bahar gaya hai vaah ladke ne meri izzat bachane ke liye itna bada kaam kara aur uske baad jab main usse mila toh maine 1 din usse poocha ki kya yah sach hai ki tumne aisa bola kuch muskura diya uski muskaan se main samajh gaya isme meri izzat bachane ke liye office police ke saamne sirf yah kaam kara tha aur aaj mujhe mehsus hoti hai par ek sabak milta hai ki kabhi bhi bina soche kisi ko challenge mat do kisi ko aankho nahi ki vaah tumse nicha hai

जीवन में कभी कभी ऐसी बातें हो जाती हैं जिसको बाद में देख कर अपने आप आदमी को शर्मिंदगी महसू

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हां एक बार ऐसा था कि मैं स्कूल में जब 10th क्लास में पढ़ता था तब हमारे गुरुजी सवाल उसमें ब्लैक बोर्ड में बता रहे थे वाला लड़का जो खड़ा था उसकी टेबल जो है मैंने तो सब लोग हंसने लगे

haan ek baar aisa tha ki main school mein jab 10th class mein padhata tha tab hamare guruji sawaal usme black board mein bata rahe the vala ladka jo khada tha uski table jo hai maine toh sab log hasne lage

हां एक बार ऐसा था कि मैं स्कूल में जब 10th क्लास में पढ़ता था तब हमारे गुरुजी सवाल उसमें

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Kshama Jadeja

Health Department

1:32
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कभी कभी जीवन में हमको शर्मिंदा होने वाले हरकतें करते हैं बाद में याद करके हम हंसते हैं ऐसा कोई बात अगर हम तो बाद में याद करके हंसते हैं हुमा टीशर्ट शर्मिंदा करने वाली नहीं है अगर हमें कोई ऐसा काम करती हूं सोच कर मैं बाद में शर्मिंदगी महसूस होती है तो उसी जी कर लो क्या तुम मेरी लाइफ में ऐसी बहुत सारी चीजें हुई है जिनको मैं बाद में सोच कर जो है शर्मिंदा महसूस करती हूं अपनी अभी उसमें नजर में के इमीडीएटली किसी भी बात का मैं जवाब नहीं देना चाहिए सोच सकती सामने वाली की सुननी चाहिए उसके बाद जवाब देना चाहिए और हमें भूल जाना चाहिए कि मेरी किसी पर्सनल टेंशन सामने वाली बिल्कुल नहीं होनी चाहिए और कितनी अच्छी या बुरी नहीं देता या देता है तो बाद में उस चीज में उस बारे में नहीं सोच पाती कि मैंने ऐसा किया मुझे लगता मैं सही उस दिन बाद में मुझे लगता है मुझे ऐसी चीजें नहीं करनी चाहिए थी कोई भी काम करने से पहले उसके बारे में सोचना और समझना बहुत जरूरी होते हैं

kabhi kabhi jeevan me hamko sharminda hone waale harakatein karte hain baad me yaad karke hum hansate hain aisa koi baat agar hum toh baad me yaad karke hansate hain huma Tshirt sharminda karne wali nahi hai agar hamein koi aisa kaam karti hoon soch kar main baad me sharmindagi mehsus hoti hai toh usi ji kar lo kya tum meri life me aisi bahut saari cheezen hui hai jinako main baad me soch kar jo hai sharminda mehsus karti hoon apni abhi usme nazar me ke imidietali kisi bhi baat ka main jawab nahi dena chahiye soch sakti saamne wali ki sunnani chahiye uske baad jawab dena chahiye aur hamein bhool jana chahiye ki meri kisi personal tension saamne wali bilkul nahi honi chahiye aur kitni achi ya buri nahi deta ya deta hai toh baad me us cheez me us bare me nahi soch pati ki maine aisa kiya mujhe lagta main sahi us din baad me mujhe lagta hai mujhe aisi cheezen nahi karni chahiye thi koi bhi kaam karne se pehle uske bare me sochna aur samajhna bahut zaroori hote hain

कभी कभी जीवन में हमको शर्मिंदा होने वाले हरकतें करते हैं बाद में याद करके हम हंसते हैं ऐसा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई मैं भी तो सा इंसान हूं इंसान होने के नाते मुझे भी ऐसे या मेरे से भी ऐसे कई काम है जो बाद में मुझे हंसी आती और लगता है कि क्या बच्चों की तरह मैंने ऐसा कर दिया बस कर दिया अमृता कि मुझे नहीं करना चाहिए लेकिन जिंदगी का एक असूल अपना लेना चाहिए हो सके तो जिससे कोई ऐसा काम ना करें जिससे में पछताना पड़े हमारे शास्त्रों में लिखा है कि जो सेल्फ कंडेमनेशन है आपने आपको क्रिटिसाइज करना है आपने आपकी लूटना करनी है वह ठीक भी हो पापा

bhai main bhi toh sa insaan hoon insaan hone ke naate mujhe bhi aise ya mere se bhi aise kai kaam hai jo baad me mujhe hansi aati aur lagta hai ki kya baccho ki tarah maine aisa kar diya bus kar diya amrita ki mujhe nahi karna chahiye lekin zindagi ka ek asul apna lena chahiye ho sake toh jisse koi aisa kaam na kare jisse me pachhataana pade hamare shastron me likha hai ki jo self condemnation hai aapne aapko criticize karna hai aapne aapki lootna karni hai vaah theek bhi ho papa

भाई मैं भी तो सा इंसान हूं इंसान होने के नाते मुझे भी ऐसे या मेरे से भी ऐसे कई काम है जो ब

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कैसा होता है हम कभी-कभी पुरानी बातें ऐसे काम कर जाते हैं बाद में याद करते तो बहुत हंसी आती है अपनी पर्सनल बातें तो नहीं बता सकती आपको बढ़िया सोच है कुछ बातें मतलब जैसे हमने उन बातों को मैं याद कर रहा था जब वह बातें कुछ रियल से पहले पहले से होने लगी हो मतलब मैं पहले हमारा को घटना घटिया में बात को लेकर अभी इस टाइम मैं आपके साथ कुछ ऐसी बातें वही बात है कहने लगता है कोई तो आपको मेरी बात क्लास पीछे वाली बातें याद आई और परी आती है

kaisa hota hai hum kabhi kabhi purani batein aise kaam kar jaate hain baad me yaad karte toh bahut hansi aati hai apni personal batein toh nahi bata sakti aapko badhiya soch hai kuch batein matlab jaise humne un baaton ko main yaad kar raha tha jab vaah batein kuch real se pehle pehle se hone lagi ho matlab main pehle hamara ko ghatna ghatiya me baat ko lekar abhi is time main aapke saath kuch aisi batein wahi baat hai kehne lagta hai koi toh aapko meri baat class peeche wali batein yaad I aur pari aati hai

कैसा होता है हम कभी-कभी पुरानी बातें ऐसे काम कर जाते हैं बाद में याद करते तो बहुत हंसी आती

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हां हम कई बार स्मार्ट होकर कोई ऐसा कार्य करते हैं जिससे आदमी को शर्मिंदगी महसूस होती हैं जिन्हें बाद में याद करके हम हंसते हैं ऐसा वाकया हर किसी आदमी के साथ होता रहता है

haan hum kai baar smart hokar koi aisa karya karte hain jisse aadmi ko sharmindagi mehsus hoti hain jinhen baad me yaad karke hum hansate hain aisa vakaya har kisi aadmi ke saath hota rehta hai

हां हम कई बार स्मार्ट होकर कोई ऐसा कार्य करते हैं जिससे आदमी को शर्मिंदगी महसूस होती हैं ज

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Ruhi Khan

production engg

0:46
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बचपन में हर एक के साथ होता है कि जब छोटे होते हैं तो मिट्टी के सामान बनाकर खेलते हैं यह खिलौने होते हैं तो उनके टूटने पर खराब होने पर हमें अफसोस होता है बचपन में रोते हैं और जब बड़े होते हैं तो उसका एहसास होता है तो कुछ भी नहीं था फिर मैं माल किए हमेशा हमारे दिल के अंदर आती है करो और बड़े होते हैं तो इज्जत इज्जत हमें सबसे प्यारी होती है तो यह वक्त के साथ सीएम बदलती रहती है जो उस उम्र से हटके आगे जाते हैं उस चीजों की अहमियत कम हो जाती है अक्षरा महसूस होता है और एक एहसास होता है कि हम किस चीज पर लड़ते झगड़ते थे आप सोच कर देते हैं बस यही है

bachpan me har ek ke saath hota hai ki jab chote hote hain toh mitti ke saamaan banakar khelte hain yah khilone hote hain toh unke tutne par kharab hone par hamein afasos hota hai bachpan me rote hain aur jab bade hote hain toh uska ehsaas hota hai toh kuch bhi nahi tha phir main maal kiye hamesha hamare dil ke andar aati hai karo aur bade hote hain toh izzat izzat hamein sabse pyaari hoti hai toh yah waqt ke saath cm badalti rehti hai jo us umar se hatake aage jaate hain us chijon ki ahamiyat kam ho jaati hai akshara mehsus hota hai aur ek ehsaas hota hai ki hum kis cheez par ladte jhagadate the aap soch kar dete hain bus yahi hai

बचपन में हर एक के साथ होता है कि जब छोटे होते हैं तो मिट्टी के सामान बनाकर खेलते हैं यह खि

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देखिए अगर मेरे से बात हुई क्या करेंगे आपकी जिंदगी में रखे हुए हैं तो मैं क्या करूंगा इंसान जय हो गलतियों का पुलिंदा है वह भावनाओं में कामनाओं में पता नहीं किसने किसने घूमता रहता है कहता रहता है तो ऐसी बातें सब के साथ होती हैं और बाद मुझे एहसास होता है तो लोग पछताते हैं हंसते हुए पछताते हैं उसको याद करके कोई हंसता है तू बेवकूफ आदमी जो भी शेर आदमी होगा संजीदा आदमी होगा उसको जब उसको एहसास होगा तो वह शर्म आएगा वापस करेगा तो इस तरह की चीजें तो होती है जब आपको एहसास हो जाए तो कोशिश कीजिए कि भाई उसके बाद में कोई और अच्छा काम करें तो शुरु से इस बात का ख्याल रखिएगा ऐसा कुछ करना ही ना पड़े के बाद में अफसोस करना पड़े और ऐसी बातों को आप दूसरों के बारे में जानकर क्या फायदा होगा वह आप ही जानते होंगे

dekhiye agar mere se baat hui kya karenge aapki zindagi me rakhe hue hain toh main kya karunga insaan jai ho galatiyon ka pulinda hai vaah bhavnao me kamanaon me pata nahi kisne kisne ghoomta rehta hai kahata rehta hai toh aisi batein sab ke saath hoti hain aur baad mujhe ehsaas hota hai toh log pachtate hain hansate hue pachtate hain usko yaad karke koi hansata hai tu bewakoof aadmi jo bhi sher aadmi hoga sanjida aadmi hoga usko jab usko ehsaas hoga toh vaah sharm aayega wapas karega toh is tarah ki cheezen toh hoti hai jab aapko ehsaas ho jaaye toh koshish kijiye ki bhai uske baad me koi aur accha kaam kare toh shuru se is baat ka khayal rakhiega aisa kuch karna hi na pade ke baad me afasos karna pade aur aisi baaton ko aap dusro ke bare me jaankar kya fayda hoga vaah aap hi jante honge

देखिए अगर मेरे से बात हुई क्या करेंगे आपकी जिंदगी में रखे हुए हैं तो मैं क्या करूंगा इंसान

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santosh Kumar santosh

College Chairman

0:34
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हां बिल्कुल जब मेरा दोस्त ने अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज किया था और इसका बात हमारे मैडम को पता चल गया था तब उन्होंने कहा था कि चूड़ी खरीदने का औकात नहीं है और चले हो प्यार करने हंसी लगता है कि यह मेरा दोस्त ने लेकिन मैंने प्रमाणित किया था उस चीज को और उसी स्कूल में जाकर के जब मेरी इनकम काफी हाई-फाई हो गई थी जब मैं कॉलेज का चेयरमैन बन गया था तो वह स्कूल गया था उसमें उनको मैंने प्रणाम किया था और तो शायद उन्हें एहसास होगा

haan bilkul jab mera dost ne apni girlfriend ko propose kiya tha aur iska baat hamare madam ko pata chal gaya tha tab unhone kaha tha ki chudi kharidne ka aukat nahi hai aur chale ho pyar karne hansi lagta hai ki yah mera dost ne lekin maine pramanit kiya tha us cheez ko aur usi school me jaakar ke jab meri income kaafi high fai ho gayi thi jab main college ka chairman ban gaya tha toh vaah school gaya tha usme unko maine pranam kiya tha aur toh shayad unhe ehsaas hoga

हां बिल्कुल जब मेरा दोस्त ने अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज किया था और इसका बात हमारे मैडम को प

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सपना शर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता

7:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कभी-कभी हम जीवन में कुछ शर्मिंदा होने वाली हरकतें करते हैं जिन्हें बाद में हम याद करके हम हंसते हैं ऐसा कोई बाकी आपके साथ हुआ है इसके बारे में बताएं तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि मैं किसी को दुखी नहीं देख सकती चाहे वह अपना परिवार हो या किसी दूसरे का परिवार हो या कोई समाज का व्यक्ति हो या कोई समाज की महिला हो या कोई समाज का बच्चा हो या कोई समाज का बुजुर्ग हो मैं किसी को दुखी नहीं देख सकती यदि मेरे पास कोई रो कर आता है और मुझसे अपनी समस्या कहता है तो मुझे यह लगता है कि मैं इसकी समस्या को कैसे ना कैसे दूर करूं उसके लिए मैं कोई ना कोई कदम उठा लेती हूं जिसकी वजह से मुझे बाद में शर्मिंदा होना पड़ता है वह इसलिए क्योंकि जिस की समस्या को मैं दूर करने के लिए जो करती हूं वह व्यक्ति उसी व्यक्ति से मिल जाता है जिससे समस्या थी और मैं बुरी हो जाती हूं इसलिए जिस जिस व्यक्ति की समस्या थी और जिससे समस्या थी उस व्यक्ति के सामने मुझे शर्मिंदा होना पड़ता है क्योंकि वह व्यक्ति जब मुझ से मिलता है तो यही कहता है क्यों तुमने तो हम लोगों के बीच में आने की कोशिश की थी तुमने तो कोई कसर नहीं छोड़ी हमारा बुरा करने में और देखो हम लोग एक हैं तो बस यह बात मुझे बहुत शर्मिंदा करती है तो यह बात मुझे शर्मिंदा जरूर करती है लेकिन इस बात ने मुझे सीख दी है हर चीज कोई ना कोई प्रेरणा व शिक्षा देती है तो मैंने हमेशा यदि कोई गलती भी की है तो उससे सीख ली है तो आगे उस गलती ना हो ऐसा काम ना करने की मैंने प्रतिज्ञा ली है कि आगे ऐसा कोई काम नहीं करूंगी जिससे यह समस्या दोबारा हो यदि कोई यह गलती होती है तो उस गलती को मैं दोबारा घबराती नहीं हूं इसलिए मैंने अपने जीवन में यह जो वाक्य आपको बता रही हूं वह यही है कि मैं जिसकी मैंने मदद की वह मेरी बहन की जय हो कर मेरे पास आई थी जिसका अपने दीवा दो रानी के साथ झगड़ा था और वह मेरे पास रुक कर आई और मुझे पता था उसके साथ में गलत हुआ है इसलिए मैंने उसकी मदद करने के लिए मैंने कानून का सहारा लिया कि मैं अपनी बहन की मदद करो यदि मेरी बहन के साथ कुछ गलत हो रहा है तो मैं इस लायक नहीं हूं किसी मदद कर सकूं अपने पास रख सकूं और उसका उसके परिवार का भार उठा सकूं क्योंकि मैं खुद ही परेशान थी मेरे पास में रहने की व्यवस्था थी ना खाने की इसलिए मैंने सोचा कि कानून की मदद से यह मेरी बहन को परेशानी हो रही है उस परेशानी को दूर किया जाए तो मैंने जो जीजी की समस्या थी उसको मैंने कानून के सहारे दूर करने की कोशिश की इससे जो जी जी का परिवार था उनके देवर दौरानी साथ लगे रहते उनके पास घर है पैसा है सब कुछ था तो कानून वाले उनके घर पर गए भी और उन्होंने उन पर ही झूठ लगा दिया कि उनकी यह गलती है वह गलती है उन्होंने उनकी गलती बता कर जो कानून वाले थे उनको लौटा दिया उनका कुछ नहीं हुआ और मेरी बहन ने यह नहीं सोचा कि मेरी बहन मेरी वजह से इन लोगों के लिए बुरी हो गई है तो अब मैं इन लोगों से कोई मतलब नहीं रहूंगी लेकिन जो मेरी बहन थी वह उनका परिवार फिर से एक हो गए वैसे साथ बैठकर खाने लगे बोलने लगे आपस में एक दूसरे का सहयोग करने लगे जिससे जो हमारी बहन का परिवार था उनकी नजरों में मैं बुरी हूं वह आज तक मुझसे बात नहीं करते और वह यही कहते हैं कि आप में तो हमारे लिए कानून के माध्यम से जेल और हमें पिटवा ने की कोई कसर नहीं छोड़ी थी इस तरीके की बातें जब मुझसे करते हैं तो मैं अपने आप में शर्म महसूस करती हूं और शर्मिंदा होती हूं और इसमें इसका कोई जवाब इसलिए नहीं देती कि क्योंकि गलती मेरी ही थी जो मैंने यह नहीं सोचा कि उनका परिवार है उनके परिवार की समस्या है और उनकी समस्या है उसे वही दूर कर सकते हैं मुझे यह लगा कि वह समस्या को दूर नहीं कर पाए क्योंकि वह बहुत परेशान थी इसलिए मैंने उनकी मदद की और उसका मुझे गलत परिणाम मिला कि बिजली के परिवार वाले हैं वह मुझसे और मेरे परिवार से नफरत करते हैं और हम लोगों की कोई मदद नहीं करना चाहते और जब भी हम उनके सामने कभी पड़ जाते हैं तो वह हमारी हंसी उड़ाते हैं इससे मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है तो यह मेरे जीवन कैसा वाक्य है जिसकी वजह से मुझे शर्मिंदा होना पड़ा था अपना शर्मा जय हिंद जय भारत आपका दिन शुभ हो

aapka prashna hai kabhi kabhi hum jeevan me kuch sharminda hone wali harakatein karte hain jinhen baad me hum yaad karke hum hansate hain aisa koi baki aapke saath hua hai iske bare me bataye toh main aapko batana chahungi ki main kisi ko dukhi nahi dekh sakti chahen vaah apna parivar ho ya kisi dusre ka parivar ho ya koi samaj ka vyakti ho ya koi samaj ki mahila ho ya koi samaj ka baccha ho ya koi samaj ka bujurg ho main kisi ko dukhi nahi dekh sakti yadi mere paas koi ro kar aata hai aur mujhse apni samasya kahata hai toh mujhe yah lagta hai ki main iski samasya ko kaise na kaise dur karu uske liye main koi na koi kadam utha leti hoon jiski wajah se mujhe baad me sharminda hona padta hai vaah isliye kyonki jis ki samasya ko main dur karne ke liye jo karti hoon vaah vyakti usi vyakti se mil jata hai jisse samasya thi aur main buri ho jaati hoon isliye jis jis vyakti ki samasya thi aur jisse samasya thi us vyakti ke saamne mujhe sharminda hona padta hai kyonki vaah vyakti jab mujhse se milta hai toh yahi kahata hai kyon tumne toh hum logo ke beech me aane ki koshish ki thi tumne toh koi kesar nahi chodi hamara bura karne me aur dekho hum log ek hain toh bus yah baat mujhe bahut sharminda karti hai toh yah baat mujhe sharminda zaroor karti hai lekin is baat ne mujhe seekh di hai har cheez koi na koi prerna va shiksha deti hai toh maine hamesha yadi koi galti bhi ki hai toh usse seekh li hai toh aage us galti na ho aisa kaam na karne ki maine pratigya li hai ki aage aisa koi kaam nahi karungi jisse yah samasya dobara ho yadi koi yah galti hoti hai toh us galti ko main dobara ghabrati nahi hoon isliye maine apne jeevan me yah jo vakya aapko bata rahi hoon vaah yahi hai ki main jiski maine madad ki vaah meri behen ki jai ho kar mere paas I thi jiska apne diva do rani ke saath jhagda tha aur vaah mere paas ruk kar I aur mujhe pata tha uske saath me galat hua hai isliye maine uski madad karne ke liye maine kanoon ka sahara liya ki main apni behen ki madad karo yadi meri behen ke saath kuch galat ho raha hai toh main is layak nahi hoon kisi madad kar sakun apne paas rakh sakun aur uska uske parivar ka bhar utha sakun kyonki main khud hi pareshan thi mere paas me rehne ki vyavastha thi na khane ki isliye maine socha ki kanoon ki madad se yah meri behen ko pareshani ho rahi hai us pareshani ko dur kiya jaaye toh maine jo GG ki samasya thi usko maine kanoon ke sahare dur karne ki koshish ki isse jo ji ji ka parivar tha unke devar daurani saath lage rehte unke paas ghar hai paisa hai sab kuch tha toh kanoon waale unke ghar par gaye bhi aur unhone un par hi jhuth laga diya ki unki yah galti hai vaah galti hai unhone unki galti bata kar jo kanoon waale the unko lauta diya unka kuch nahi hua aur meri behen ne yah nahi socha ki meri behen meri wajah se in logo ke liye buri ho gayi hai toh ab main in logo se koi matlab nahi rahungi lekin jo meri behen thi vaah unka parivar phir se ek ho gaye waise saath baithkar khane lage bolne lage aapas me ek dusre ka sahyog karne lage jisse jo hamari behen ka parivar tha unki nazro me main buri hoon vaah aaj tak mujhse baat nahi karte aur vaah yahi kehte hain ki aap me toh hamare liye kanoon ke madhyam se jail aur hamein pitva ne ki koi kesar nahi chodi thi is tarike ki batein jab mujhse karte hain toh main apne aap me sharm mehsus karti hoon aur sharminda hoti hoon aur isme iska koi jawab isliye nahi deti ki kyonki galti meri hi thi jo maine yah nahi socha ki unka parivar hai unke parivar ki samasya hai aur unki samasya hai use wahi dur kar sakte hain mujhe yah laga ki vaah samasya ko dur nahi kar paye kyonki vaah bahut pareshan thi isliye maine unki madad ki aur uska mujhe galat parinam mila ki bijli ke parivar waale hain vaah mujhse aur mere parivar se nafrat karte hain aur hum logo ki koi madad nahi karna chahte aur jab bhi hum unke saamne kabhi pad jaate hain toh vaah hamari hansi udate hain isse mujhe sharmindagi mehsus hoti hai toh yah mere jeevan kaisa vakya hai jiski wajah se mujhe sharminda hona pada tha apna sharma jai hind jai bharat aapka din shubha ho

आपका प्रश्न है कभी-कभी हम जीवन में कुछ शर्मिंदा होने वाली हरकतें करते हैं जिन्हें बाद में

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अब किसी तरह यही बातें कीजिए आप लोग जो बात करते हैं बार-बार वही अगर प्रश्न आते हैं उसके उत्तर देते हैं आदमी क्या चीज उसको आदमी काटने की लड़की में पटाया हूं तो पड़ती है क्यों से शादी करना चाहेंगे वह नहीं करती है यह चीज हंसी की बात हो जाती है क्योंकि यह दिल की बात उनकी है और अगर अकेले में ही अपना निकाले अगर प्रेम की भाषा बोलकर और माता पिता से आज्ञा लेकर अपनी शादी कर ले तो ही अच्छा है यह चीज अच्छी चीज बोलते हैं जो कि अभी भी होती है

ab kisi tarah yahi batein kijiye aap log jo baat karte hain baar baar wahi agar prashna aate hain uske uttar dete hain aadmi kya cheez usko aadmi katne ki ladki me pataya hoon toh padti hai kyon se shaadi karna chahenge vaah nahi karti hai yah cheez hansi ki baat ho jaati hai kyonki yah dil ki baat unki hai aur agar akele me hi apna nikale agar prem ki bhasha bolkar aur mata pita se aagya lekar apni shaadi kar le toh hi accha hai yah cheez achi cheez bolte hain jo ki abhi bhi hoti hai

अब किसी तरह यही बातें कीजिए आप लोग जो बात करते हैं बार-बार वही अगर प्रश्न आते हैं उसके उत्

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श्याम आते हैं मेरे पास तो बहुत है एक ही सुन लो मेरी जमीन में पुलिस ने लूटना शुरू कर दिया पुलिस की दादागिरी से पुलिस ने अपनी भेज कर लूट रहा है और मैं पुलिस के पास गया भाई वह आदमी खुश रहे तो वह आदमी खुद उसको पर जज ने मेरे को निकाल दिया लेकिन पुलिस नहीं मान रही है तहसीलदार के निकाले सातबारा है लेकिन पुलिस मानती नहीं ऐसा वाक्य में क्या करूं क्योंकि मैं पुलिस के पास जाता हूं उसको टांगे तोड़ने के लिए आती मेरे को वर्कर आती है उसकी तरफ से मुझे वह पता नहीं के चक्कर में पुलिस और खुद पुलिस के पुलिस ने लुभाने के लिए उसको मदद कर रही रोशनी करके ले लिया कोर्ट का आदेश मेरे बारे में है मोहिनी क्रिकेट मोल लेने के लिए 100 रक्षण दिया है कोर्ट ने लेकिन फिर भी पुलिस नहीं मन की आशा वर्कर सन में कहीं नहीं है आप कोई जवाब को किसी प्रेशर में कर सकते हैं किसी न्यूज़ चैनल को देख सकते हैं ऐसा जवाब पूछो मेरे एक दिन के खर्चा महीने के लोगों को मेरी तरफ से न्यूज़ चैनल को आधा घंटा बजा दो बोलो कोई न्यूज़ चैनल है कि हिंदुस्तान में सामान्य प्रशासन व्यवस्था इसलिए मैं बोला तानी केबल के नीचे से दे दो ऊपर से ले लो कौन करता है सब पुलिस करके किसानों को लड़ाना आपस में मारा ना ख़ून मर्डर करना यह यह घंटे के लिए झगड़ा करना कि प्यार करके इसको लंबा करके पैसा लूट सकते हैं गरीबों को लोग सकते हैं हमको जाना है पुलिस के पास पुलिस के जाकर भैया जी के पास जाएगा जब पुलिस के पास भेजता है फिर हम आएंगे क्या रोएंगे मैं पहले पुलिस के पास गया पुलिस ने नया जिसके पास भेजे निर्देश में फिर पुलिस के पास भेजा मेरी से किसने बनाई थी कैसे बनते हैं यदि हिंदुस्तान में तो पुलिस का तो वही पुराना वाला है कि नहीं अब देखो प्रकरण

shyam aate hain mere paas toh bahut hai ek hi sun lo meri jameen me police ne lootna shuru kar diya police ki dadagiri se police ne apni bhej kar loot raha hai aur main police ke paas gaya bhai vaah aadmi khush rahe toh vaah aadmi khud usko par judge ne mere ko nikaal diya lekin police nahi maan rahi hai tahseeldar ke nikale satbara hai lekin police maanati nahi aisa vakya me kya karu kyonki main police ke paas jata hoon usko tange todne ke liye aati mere ko worker aati hai uski taraf se mujhe vaah pata nahi ke chakkar me police aur khud police ke police ne lubhane ke liye usko madad kar rahi roshni karke le liya court ka aadesh mere bare me hai mahina cricket mole lene ke liye 100 rakshan diya hai court ne lekin phir bhi police nahi man ki asha worker san me kahin nahi hai aap koi jawab ko kisi pressure me kar sakte hain kisi news channel ko dekh sakte hain aisa jawab pucho mere ek din ke kharcha mahine ke logo ko meri taraf se news channel ko aadha ghanta baja do bolo koi news channel hai ki Hindustan me samanya prashasan vyavastha isliye main bola tani keval ke niche se de do upar se le lo kaun karta hai sab police karke kisano ko ladana aapas me mara na khoon murder karna yah yah ghante ke liye jhagda karna ki pyar karke isko lamba karke paisa loot sakte hain garibon ko log sakte hain hamko jana hai police ke paas police ke jaakar bhaiya ji ke paas jaega jab police ke paas bhejta hai phir hum aayenge kya roenge main pehle police ke paas gaya police ne naya jiske paas bheje nirdesh me phir police ke paas bheja meri se kisne banai thi kaise bante hain yadi Hindustan me toh police ka toh wahi purana vala hai ki nahi ab dekho prakaran

श्याम आते हैं मेरे पास तो बहुत है एक ही सुन लो मेरी जमीन में पुलिस ने लूटना शुरू कर दिया प

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