वह एक चीज़ क्या है जो हम समाज से सीख सकते है और हम अपने आने वाली पीढ़ी को सिखा सकते है?...


user

Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से हम समाज से हमें यह जरूर सीखना चाहिए कि कैसे एक दूसरे की इज्जत करनी है किसी की परवाह करनी है और उसमें को बनाए रखना है रिश्तो को तोड़ना बहुत आसान होता है और उसको बनाए रखना थोड़ा सा कहीं कहीं मुश्किल भी होता है और हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को भी यह जरूर से खाना चाहिए कि कैसे हम इंसान एक साथ जब हम सोसाइटी समाज बनाकर एक साथ रहते हैं तो कैसे हम एक दूसरे की परवाह करनी जरूरी है एक दूसरे के ख्यालात को इज्जत देनी जरूरी है एक दूसरे की परवाह करनी जरूरी है एक-दूसरे की केयर करनी जरूरी है

mere hisab se hum samaj se hamein yah zaroor sikhna chahiye ki kaise ek dusre ki izzat karni hai kisi ki parvaah karni hai aur usme ko banaye rakhna hai rishto ko todna bahut aasaan hota hai aur usko banaye rakhna thoda sa kahin kahin mushkil bhi hota hai aur hamein apni aane wali peedhi ko bhi yah zaroor se khana chahiye ki kaise hum insaan ek saath jab hum society samaj banakar ek saath rehte hain toh kaise hum ek dusre ki parvaah karni zaroori hai ek dusre ke khyalat ko izzat deni zaroori hai ek dusre ki parvaah karni zaroori hai ek dusre ki care karni zaroori hai

मेरे हिसाब से हम समाज से हमें यह जरूर सीखना चाहिए कि कैसे एक दूसरे की इज्जत करनी है किसी क

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  318
WhatsApp_icon
6 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

1:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के टाइम में कोई एक-दो काम ऐसे नहीं है जो आज हम सीखे और अपने परिवार को आगे से सीखता है वह आपके परिवार को सुखी जाता है हम पढ़ते हैं बच्चे को पढ़ाते हैं हम खाते हैं वह बताते हैं हम नहाते हैं वह बच्चों को सिखाते हैं हम रिश्तेदारों में जाते हैं वहां से कैसे बात करनी है हम दे देंगे अभी तक तुमने मां-बाप के हैं बच्चे के पहले मास्टर हैं वह सिखाते हैं वही सबसे पहले चीज होती है जो घर में शिक्षा मिलती है बुद्धि के लिए पहली शिक्षा को किया माफ किस को भेजते हैं इसलिए यह बात पूरी सकती कि बाप बेटा उसको शराब में आती है जिसके बच्चे किस जिसके मां बाप की सेवा भाव रखते हैं दूसरों कदर करते हैं उनके बच्चे भी ऐसे नहीं करते हैं उसे कत्ल करते हैं शिक्षा देते हैं अच्छी बातें करते हैं अच्छे स्वभाव रखते हैं

aaj ke time mein koi ek do kaam aise nahi hai jo aaj hum sikhe aur apne parivar ko aage se sikhata hai vaah aapke parivar ko sukhi jata hai hum padhte hain bacche ko padhate hain hum khate hain vaah batatey hain hum nahaate hain vaah baccho ko sikhaate hain hum rishtedaron mein jaate hain wahan se kaise baat karni hai hum de denge abhi tak tumne maa baap ke hain bacche ke pehle master hain vaah sikhaate hain wahi sabse pehle cheez hoti hai jo ghar mein shiksha milti hai buddhi ke liye pehli shiksha ko kiya maaf kis ko bhejate hain isliye yah baat puri sakti ki baap beta usko sharab mein aati hai jiske bacche kis jiske maa baap ki seva bhav rakhte hain dusro kadar karte hain unke bacche bhi aise nahi karte hain use katl karte hain shiksha dete hain achi batein karte hain acche swabhav rakhte hain

आज के टाइम में कोई एक-दो काम ऐसे नहीं है जो आज हम सीखे और अपने परिवार को आगे से सीखता है व

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  666
WhatsApp_icon
play
user

Dr. Renu Bhatia

Clinical Psychologist

1:05

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चैप्टर छोड़ा था मेरे भाई अब मैं क्या बोलूं देती है जो समाज में वाली बनाएं जो समाज हमारे को गाली देती हूं कि वह जो हमें सिखाते हैं या वह जो हमें कुछ लेते हैं तो शायद वह हमारी लेला माजा जी से चुपके हुई ज्योति वाला डायलॉग चार बंदे क्या करेंगे लोग क्या कहेंगे रात को रोटी खाकर भी तुम को समा जा रहा है फॉलो करे लेकिन इतना ज्यादा मैं समाज कव्वाली

chapter choda tha mere bhai ab main kya bolu deti hai jo samaj mein wali banaye jo samaj hamare ko gaali deti hoon ki vaah jo hamein sikhaate hain ya vaah jo hamein kuch lete hain toh shayad vaah hamari lela maja ji se chupake hui jyoti vala dialogue char bande kya karenge log kya kahenge raat ko roti khakar bhi tum ko sama ja raha hai follow kare lekin itna zyada main samaj qawwali

चैप्टर छोड़ा था मेरे भाई अब मैं क्या बोलूं देती है जो समाज में वाली बनाएं जो समाज हमारे को

Romanized Version
Likes  34  Dislikes    views  605
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वह चीज है जो आप सीख सकते हैं और बच्चों को बचाते हुए हैं हमारे संस्कार अगर आप बच्चों को संस्कार देंगे और सामाजिकता के साथ संस्कार देंगे उन्हें जीवन भगवान ऐसा प्रसन्न रहेंगे और आप संगठन

vaah cheez hai jo aap seekh sakte hain aur baccho ko bachate hue hain hamare sanskar agar aap baccho ko sanskar denge aur samajikta ke saath sanskar denge unhe jeevan bhagwan aisa prasann rahenge aur aap sangathan

वह चीज है जो आप सीख सकते हैं और बच्चों को बचाते हुए हैं हमारे संस्कार अगर आप बच्चों को संस

Romanized Version
Likes  136  Dislikes    views  1510
WhatsApp_icon
user

Rishi Mishra

Rehabilitation Psychologist

1:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक चीज जो हमेशा आसान होनी चाहिए मुझे है कि इंग्लिश में मदद बदलाव बदलाव और यही शायद हम हर जनरेशन जिनमें से ज्ञात होता है वही होता है कि हम बदलाव को नकारात्मकता के देखते हैं यदि बदलाव को होगा आप जानना चाहे बदनाम होता है और बदलाव से ही नहीं जिसको हम मारना नहीं चाहते हैं हम उसको सही कर देते हैं या फिर उस से पीछा छुड़ा ते हैं जबकि बदलाव से नहीं आ को अपना रास्ता निकालना है और बदला बोतल से निकल कर आती है उनसे हम ना अपने भरना है

ek cheez jo hamesha aasaan honi chahiye mujhe hai ki english mein madad badlav badlav aur yahi shayad hum har generation jinmein se gyaat hota hai wahi hota hai ki hum badlav ko nakaratmakta ke dekhte hain yadi badlav ko hoga aap janana chahen badnaam hota hai aur badlav se hi nahi jisko hum marna nahi chahte hain hum usko sahi kar dete hain ya phir us se picha chuda te hain jabki badlav se nahi aa ko apna rasta nikalna hai aur badla bottle se nikal kar aati hai unse hum na apne bharna hai

एक चीज जो हमेशा आसान होनी चाहिए मुझे है कि इंग्लिश में मदद बदलाव बदलाव और यही शायद हम हर ज

Romanized Version
Likes  71  Dislikes    views  1703
WhatsApp_icon
user
1:48
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम एक जिंदगी में अच्छी सीखना बहुत जरूरी है टेबल के नीचे से दो और ऊपर चलो आप बोलेंगे कौन सी बातें हमारे हिंदुस्तान जब स्वतंत्र हुआ तो हमारी नहीं हुई है इसलिए की गई पाकिस्तान टेबल के नीचे से दे दिया जमीन का टुकड़ा काटकर 14 अगस्त को 45 को 15 अगस्त को हमारा देश स्वतंत्र हुआ अंग्रेजों ने लिया करो दूसरे को दिया मुस्लिम के नाम क्या क्या क्वेश्चन टेबल के नीचे से पहले दिया 14 तारीख को दिया तो 15 तारीख को स्वतंत्रता हुआ लेकिन इसको दुनिया मानती नहीं है इस देश का भ्रष्टाचार हमारी स्वतंत्र में बोया हुआ है तो वही चीज तो होंगे कि इसका सोचने का नहीं है छोटी-छोटी बातों को लेकर बैठते हैं इसको काट कर दो इसको काट करने के लिए हिम्मत चाहिए हिम्मत वाले को यह लालची बंदर जीने नहीं देती है बंदर की जैसी पहुंचे जनता हमारी जैसे बंदर में जंगल में घूमने के लिए जाते थे मूड पर चढ़ाया मूवी पेको 12 दी एक दूसरे के लिए जैकेट के ऐसा है गवर्नमेंट इसको कुछ ना कुछ मोड पर चलाओ या फिर देती है आपके लड़के आपस में चूर करने का किसी को मतलब नहीं है सच्चाई उनको मालूम नहीं है इसलिए भ्रष्टाचार की उम्मीद है देश को स्वतंत्र व भ्रष्टाचार में 14 तारीख को पाकिस्तान दिया 15 तारीख को हिंदुस्तान डबल सुनो सोचो उसके बाद बोलो

hum ek zindagi me achi sikhna bahut zaroori hai table ke niche se do aur upar chalo aap bolenge kaun si batein hamare Hindustan jab swatantra hua toh hamari nahi hui hai isliye ki gayi pakistan table ke niche se de diya jameen ka tukda katkar 14 august ko 45 ko 15 august ko hamara desh swatantra hua angrejo ne liya karo dusre ko diya muslim ke naam kya kya question table ke niche se pehle diya 14 tarikh ko diya toh 15 tarikh ko swatantrata hua lekin isko duniya maanati nahi hai is desh ka bhrashtachar hamari swatantra me boya hua hai toh wahi cheez toh honge ki iska sochne ka nahi hai choti choti baaton ko lekar baithate hain isko kaat kar do isko kaat karne ke liye himmat chahiye himmat waale ko yah lalchi bandar jeene nahi deti hai bandar ki jaisi pahuche janta hamari jaise bandar me jungle me ghoomne ke liye jaate the mood par chadaya movie peko 12 di ek dusre ke liye jacket ke aisa hai government isko kuch na kuch mode par chalao ya phir deti hai aapke ladke aapas me chur karne ka kisi ko matlab nahi hai sacchai unko maloom nahi hai isliye bhrashtachar ki ummid hai desh ko swatantra va bhrashtachar me 14 tarikh ko pakistan diya 15 tarikh ko Hindustan double suno socho uske baad bolo

हम एक जिंदगी में अच्छी सीखना बहुत जरूरी है टेबल के नीचे से दो और ऊपर चलो आप बोलेंगे कौन सी

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  180
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!