आपकी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा पछतावा क्या है?...


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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे जीवन का सबसे बड़ा पस्त आ गया है कि मैंने कुछ लोगों को खुद से ज्यादा प्यार किया खुद से ज्यादा उन पर भरोसा किया और मुझे पछतावा इसलिए है कि आज वही लोगों ने मेरे बारे में गलत सोचा या किसी और के कहने पर मुझे गलत मान लिया तो मुझे इस बात से पर आप कोई पछतावा भी मैंने इस बात से सबक सीख लिया और आगे से मैं इस चीज का हमेशा ध्यान रखूंगी और जितने लोगों से मैं बात करती हूं मैं उनको भी यही सलाम करती हूं कि खुद से ज्यादा इंर्पोटेंस कभी किसी को मुंह तो खुद से ज्यादा प्यार किसी को मत करो खुद से ज्यादा भरोसा किसी दूसरे पर मत करो

mere jeevan ka sabse bada past aa gaya hai ki maine kuch logo ko khud se zyada pyar kiya khud se zyada un par bharosa kiya aur mujhe pachtava isliye hai ki aaj wahi logo ne mere bare mein galat socha ya kisi aur ke kehne par mujhe galat maan liya toh mujhe is baat se par aap koi pachtava bhi maine is baat se sabak seekh liya aur aage se main is cheez ka hamesha dhyan rakhungi aur jitne logo se main baat karti hoon main unko bhi yahi salaam karti hoon ki khud se zyada inrpotens kabhi kisi ko mooh toh khud se zyada pyar kisi ko mat karo khud se zyada bharosa kisi dusre par mat karo

मेरे जीवन का सबसे बड़ा पस्त आ गया है कि मैंने कुछ लोगों को खुद से ज्यादा प्यार किया खुद से

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे जीवन का एक ही पछतावा और वह यह है कि जब 17 20 साल पहले जब मैंने साइकिल रेस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था और अपना क्लीनिक खोलना चाहती थी तब जो मेरे करीबी लोग भी उन्होंने मुझसे यह कहा कि साइकॉलजी जो है यह अच्छी सब्जेक्ट नहीं है लोग तुम्हें गलत समझेंगे वगैरा-वगैरा जिसके वजह से मैंने अपना क्लीनिक अपना प्राप्त उन दिनों शुरू नहीं किया जो मुझे शुरू करना चाहिए था क्योंकि मैं दूसरों की बातों में थोड़ा इंश्योरेंस हो गई थी और मुझे लगा तो फिर मैंने अपना फील्ड बदल लिया और कंटेंट राइटिंग शुरू किया और जो मैंने कई साल कंटेंट राइटिंग क्या आर्टिकल सॉरी सॉरी लिख दी थी लेकिन मेरा उसका मैं अच्छी तरीके मेरा मन हमेशा से कॉलेज में ही रहा था और फिर मैंने कुछ सालों पहले डिसाइड किया कि जब मैंने पढ़ाई उसे भी किया जमीर रुचि भी उसी में है तो फिर मैं वह क्यों कर रही हूं जिसमें मेरा हंड्रेड परसेंट नहीं है तो फिर मैंने वापस से कॉलेज में फिर से और बहुत सारे कोर्स उसके बहुत सारे बॉक्स ऑफिस अटेंड किए और उसके बाद आज मैं अपना क्लीनिक खोल चुकी हूं इतने सालों के बाद पछतावा इसी का है कि यह काम में पहले भी कर सकती थी तो मैं आप लोगों से यही कहना चाहूंगी कि जहां पर आपकी रुचि हो जिस काम में आपका मन आपका आपकी जो आत्मा और आपका जो बिल एकत्रित जहां पर होते हैं वही काम को करना चाहिए किसी की बातों में ना आएगा कि आप जानते हैं कि आपका फील्ड कौन सा है जहां पर आप अच्छा काम कर सकते हैं दूसरों को दूसरों की लाइफ में कोई चेंज लेकर आ सकते अपना इसलिए अच्छा कर सकते हैं तो आपको हमेशा वही करना चाहिए जो आपको लगता ही लगता हो यह काम अगर मैंने उस टाइम पर किया होता तो आज शायद काफी कुछ बदल बदल गया होता मेरे और दूसरों की लाइफ में तो मेरे लिए रात में आपको सिर्फ इतना कहना चाहूंगी कि आप भी अगर इस स्थान पर खड़े हैं जहां पर लोग आपसे कह रहे हैं कि नहीं नहीं ऐसा मत करो तो प्लीज आप दूसरों की बातों में मत आइएगा आप अपनी बात और अपने फिलिंग्स को जज कीजिए और वही कीजिए जो आपका दिल आपका दिमाग और आपकी आत्मा कहती हो

mere jeevan ka ek hi pachtava aur vaah yah hai ki jab 17 20 saal pehle jab maine cycle race mein post graduation kiya tha aur apna clinic kholna chahti thi tab jo mere karibi log bhi unhone mujhse yah kaha ki psychology jo hai yah achi subject nahi hai log tumhe galat samjhenge vagaira vagaira jiske wajah se maine apna clinic apna prapt un dino shuru nahi kiya jo mujhe shuru karna chahiye tha kyonki main dusro ki baaton mein thoda insurance ho gayi thi aur mujhe laga toh phir maine apna field badal liya aur content writing shuru kiya aur jo maine kai saal content writing kya article sorry sorry likh di thi lekin mera uska main achi tarike mera man hamesha se college mein hi raha tha aur phir maine kuch salon pehle decide kiya ki jab maine padhai use bhi kiya jamir ruchi bhi usi mein hai toh phir main vaah kyon kar rahi hoon jisme mera hundred percent nahi hai toh phir maine wapas se college mein phir se aur bahut saare course uske bahut saare box office attend kiye aur uske baad aaj main apna clinic khol chuki hoon itne salon ke baad pachtava isi ka hai ki yah kaam mein pehle bhi kar sakti thi toh main aap logo se yahi kehna chahungi ki jaha par aapki ruchi ho jis kaam mein aapka man aapka aapki jo aatma aur aapka jo bill ekatrit jaha par hote hain wahi kaam ko karna chahiye kisi ki baaton mein na aayega ki aap jante hain ki aapka field kaun sa hai jaha par aap accha kaam kar sakte hain dusro ko dusro ki life mein koi change lekar aa sakte apna isliye accha kar sakte hain toh aapko hamesha wahi karna chahiye jo aapko lagta hi lagta ho yah kaam agar maine us time par kiya hota toh aaj shayad kaafi kuch badal badal gaya hota mere aur dusro ki life mein toh mere liye raat mein aapko sirf itna kehna chahungi ki aap bhi agar is sthan par khade hain jaha par log aapse keh rahe hain ki nahi nahi aisa mat karo toh please aap dusro ki baaton mein mat aiega aap apni baat aur apne feelings ko judge kijiye aur wahi kijiye jo aapka dil aapka dimag aur aapki aatma kehti ho

मेरे जीवन का एक ही पछतावा और वह यह है कि जब 17 20 साल पहले जब मैंने साइकिल रेस में पोस्ट ग

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Lokesh kesharwani

Psychologist & Philosopher (Life Coach), Counsellor Of Everything.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मेरे सबसे बड़ा पछतावा इस बात के दो मुझे कोई जानकारी नहीं है लेकिन अगर मैं किसी इंसान के बढ़ावा को अगर मैं तो किसी इंसान की जिंदगी का सबसे बड़ा पछतावा तब होता है जब उसकी एक गलती हुई है दोस्तों के बीच में एक दीवार खड़ी हो जाती है कहना चाहिए कि कई सालों बाद पता चलता है

dekhie mere sabse bada pachtava is baat ke do mujhe koi jankari nahi hai lekin agar main kisi insaan ke badhawa ko agar main toh kisi insaan ki zindagi ka sabse bada pachtava tab hota hai jab uski ek galti hui hai doston ke beech mein ek deewaar khadi ho jati hai kehna chahiye ki kai salon baad pata chalta hai

देखिए मेरे सबसे बड़ा पछतावा इस बात के दो मुझे कोई जानकारी नहीं है लेकिन अगर मैं किसी इंसान

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Agam Jain

IPS Officer

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Krati Agarwal

software engineer

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