अंक विज्ञान या नूमरॉलॉजी को समझने के लिए सबसे अच्छी किताब कौन सी है?...


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Dr. Ravindra Kumar

Asrtologers & Numerologists.

1:47

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अभी कि उसके लिए मैं तो शहर अपनी किताब से शुरू करूंगा क्योंकि मैंने 1972 में मैं लंदन में आकर चाचा लंदन यूनिवर्सिटी में रिसर्च करता था और बाहर जनसभा पुरानी किताबों की दुकान करता था पुरानी दुकान रानी के सामान सब सब देशों के अंदर में करीब 10 देशों में 1992 में भारत में दिल्ली में पब्लिश हुई थी उसे मैंने वर्ल्ड की जितनी भी किताबें हैं सब का रेफरेंस दिया हुआ सीक्रेट्स रविंद्र कुमार एंड करूंगा मेरी किताब को पढ़कर दिल्ली में कितने दूर ज्योतिषी बन गए हैं और उन्होंने अपनी अपनी कॉलोनी में दुकानें खुली हुई है और अच्छा उनका चल रहा है सुंदर लड़की की अब तक मुझे मिली थी बट आईटी वास ए वेरी गुड नीमराना कि उनकी किताब से मैंने शुरू किया था डॉक्टर जूनो जोनल जेएनवी तिलोनिया अमेरिका की रहने वाली थी और मैं भी अमेरिका में रहा करता था सेंटेंसेस को मैन से मिलने गया तो पता चला कि 2 साल पहले उनका निधन हो गया उनके हुए 40 साल हो चुके हैं लेकिन उनकी प्रिंसिपल से ऊपर नहीं मिल रही बहुत चलती है पाइथागोरियन थ्योरम पर उनके

abhi ki uske liye main toh shehar apni kitab se shuru karunga kyonki maine 1972 mein main london mein aakar chacha london university mein research karta tha aur bahar jansabha purani kitabon ki dukaan karta tha purani dukaan rani ke saamaan sab sab deshon ke andar mein kareeb 10 deshon mein 1992 mein bharat mein delhi mein publish hui thi use maine world ki jitni bhi kitaben hain sab ka reference diya hua secrets ravindra kumar and karunga meri kitab ko padhakar delhi mein kitne dur jyotishi ban gaye hain aur unhone apni apni colony mein dukanein khuli hui hai aur accha unka chal raha hai sundar ladki ki ab tak mujhe mili thi but it was a very good neemrana ki unki kitab se maine shuru kiya tha doctor juno jonal JNV tiloniya america ki rehne wali thi aur main bhi america mein raha karta tha sentenses ko man se milne gaya toh pata chala ki 2 saal pehle unka nidhan ho gaya unke hue 40 saal ho chuke hain lekin unki principal se upar nahi mil rahi bahut chalti hai paithagoriyan theorem par unke

अभी कि उसके लिए मैं तो शहर अपनी किताब से शुरू करूंगा क्योंकि मैंने 1972 में मैं लंदन में आ

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