मशहूर लोगों की कुंडली में क्या खास चीज़ है जो उन्हें दूसरों से अलग करती है?...


play
user

Likes  115  Dislikes    views  1127
WhatsApp_icon
6 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Krishna Kumar Gupta

Astrologer And Tantrokt Vastu Consultant

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

और सप्तमेश की पोजीशन में जितनी दूरी होती है उतना ही जाता है भाग्य भाव का केंद्र में स्थित राष्ट्रीय दो रहे हैं सोशल वर्कर के किसी प्रकार का आविष्कार किस प्रकार सेवंथ मिलता है उसको कैसे बनता है जिसको दुनिया को पहुंचाना जरूरत होती तो इस प्रकार हर भाव की जानकारी

aur saptamesh ki position me jitni doori hoti hai utana hi jata hai bhagya bhav ka kendra me sthit rashtriya do rahe hain social worker ke kisi prakar ka avishkar kis prakar sevanth milta hai usko kaise banta hai jisko duniya ko pahunchana zarurat hoti toh is prakar har bhav ki jaankari

और सप्तमेश की पोजीशन में जितनी दूरी होती है उतना ही जाता है भाग्य भाव का केंद्र में स्थित

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  297
WhatsApp_icon
user
1:38
Play

Likes  3  Dislikes    views  67
WhatsApp_icon
play
user

ज्योतिष गुरु आचार्य शैलेश उपाध्याय

पाराशर ज्योतिष कार्यालय,हरहुआ,वाराणसी।

8:40

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हरि ओम नमो नारायण जय श्री कृष्णा जय हो ज्योतिष गुरु आचार्य शैलेश उपाध्याय वाराणसी से सांसद ने प्रश्न किया है मशहूर लोगों की कुंडली में क्या खास चीज है जो उन्हें दूसरों से अलग करती है आपको मैं बता दूं कि मशहूर वही होते हैं जो अपने मेहनत के बल पर जाते हैं और मेहनत तभी व्यक्ति करता है जब ग्रह उसके प्रबल होते हैं और 1 एकड़ होता है केंद्र होता है उसी को अपना लक्ष्य मान करके उसमें उनको मनोबल मिलता है मनोहर मिलते और स्टेप बाय स्टेप पर चलते वह अपने मंजिल को पा जाते हैं ज्योतिष की दृष्टि से कई ऐसे योग बनते हैं मशहूर लोगों की प्रश्न यह उठता है कि मशहूर तो अब किसी क्षेत्र का मशहूर कोई एक क्षेत्र तो है नहीं कार्य की व्यापकता है और हर कार्य क्षेत्र के माहिर होते हैं हर एक अलग अलग कार्यों में लोग प्रसिद्धि हासिल करते हैं मशहूर होते हैं तो कार्य पैडमैन का ज्योतिष की दृष्टि से जो कार्य होता है वह ग्रह ग्रह का जो स्वभाव है उसी के अनुसार व्यक्ति कार्य करता है जो ग्रह कारक बनते हैं उसी के अनुसार काटता है अब उदाहरण लेते हैं जैसे यह फिल्मी दुनिया के अभिनेता जो मशहूर होते हैं कोई फिल्मी कलाकार है कहीं ना कहीं उनका देखेंगे तो उनकी शुक्र पहली प्राथमिकता शुक्र चंद्रमा और बुध यह बहुत अच्छे होते हैं कहने कहीं और उसने भी फिल्मी दुनिया में भी अपाचे कंपटीशन रहता है उसमें जो सबसे नंबर वन पर है तो कहीं न कहीं शुक्र सूर्य चंद्र तो है ही और जब तक सूर्य नहीं होगा तब तक वह चमकते सितारे नहीं बनेंगे सूर्यमुखी अच्छा स्थिति में रहता है दोनों का कौन सा ग्रह योग बना देता है कई राज्य होते हैं अब यह ज्योतिष का विषय है 12 राज्यों के नहीं होते और इतना होता है कि एक गरीब के घर में भी एक दरिद्र के घर में भी कोई व्यक्ति पैदा रहते हैं अगर उसको उसके जीवन में राजयोग लिखा रहता है तो बन ही जाता है सबसे अलग होता है उदाहरण लेते हैं जिसे सब लोग जानते हैं कि रानू मंडल जो एक रोड की भिखारिन थी जो भीख मांगते जीवन यापन करती थी स्टेशनों पर बैठकर तो ऐसे ही नीच कुल में उत्पन्न होते हुए भी यह जो दरिद्र कंगाल भी हैं और राजीव नगर लिखा रहेगा तो राजीव को जाते हैं उसका ज्योति का कुछ ट्रैक्टर होते हैं जिसे जन्म काल में तीन या चार ग्रह यदि अपने उचिया मूल त्रिकोण में बड़ी होकर रहे तो राज वंश में उत्पन्न मनुष्य अवश्य ही राजा होता है तथा पांच या छह द्रव्य मूल त्रिकोण में हो कर रहे तो दरिद्र कुल उत्पन्न भी राजा होता है जो चाहिए वह ईरानी मूल के स्थिति होगी यदि 2 या 1 ग्रह उच्च स्तर है तो जातक धनवान होता है परंतु राजा नहीं होता है तो कई कारण हैं एक दो कारण नहीं है क्या क्या बताया जाए बस आप ही समझ गए आपके प्रश्न का अंतिम राजा निष्कर्ष यही निकलता है कि मशहूर लोगों से एक आम आदमी से कुंडली देख लिया जाए तो बहुत जमीन आसमान का फर्क होता है मौसम कुल्लू में क्या होता है कि उनकी कुंडली बोलती है कैसे बोलती है कि 12 राज्यों को उनकी कुंडली में कहीं न कहीं रहता है कोई न कोई राजयोग रहता है कि अच्छा दूसरी चीज ऐसा भी आप सुनेंगे की कोई अचानक चमका 6 महीने साल भर के लिए चमका या कुछ ही दिन के लिए चमका एक हफ्ते महीने के लिए चमका उसके बाद फिर पता नहीं लगता है तो वह अगर राजयोग भी नहीं है तो तो राजीव कह जाएगा जो मशहूर है मतलब राजीव को उनकी बेटी देख लीजिए अचानक कोई ग्रह आया जो इनकी कुंडली में जो मजबूत बना है उसका है सुभद्रा है केंद्र त्रिकोण का स्वामी है भाग्य से तमाम चीजें और भागेश को स्वयं का शुभ अग्रवाल भी दे रहे हैं देख रहे हैं उनकी दृष्टि अच्छी है तमाम चीजें क्षमता मजबूत है उस स्थिति में कारक कारक में भी उनका जो डिग्री अच्छी है ग्रहों का बालक जो होता है संता क्लॉज संविधान में जो देखा जाता है बाल वृद्ध को बाल बाल कुमार युवा वृद्ध अमृत उसमें युवा स्थितियों के अनुसार मतलब 12 से 18 डिग्री होगी युवा होंगे तो वह काम करते हुए उसकी दशा महादशा आई होगी और सरल भी मजबूत होंगे उन तमाम चीज है इस वजह से जाना जाता है परंतु उसकी है उसका समय है उसकी दशा खत्म होती है जैसे था वैसे यथावत बन जाता है ऐसा भी होता है तो राज्य की कोई एक-दो तथ्य नहीं है बहुत है इसके बारे में जानकारी लेना हो तो आप कॉल करके बात कर सकते हैं और मैंने बताया कि राजयोग कई कारण है केंद्र में अगर ऐसा भी होता है केंद्र में दो या तीन किराया चार ग्रह जैसा होता है चार ग्रह होने का मतलब हुआ ग्रह कुंडली मुझको जाओ चक्रवर्ती राजा भी हो जाता है ऐसा भी है केंद्र में जिसके दो ग्रह उच्च के होते हैं वह भी उसका भी राज्य होता है दशमेश का मतलब हिंदुस्तान के स्वामी अगर लग्न और लग्नेश का दशम में सभी राज्य होता है भाग्य भाग्य श्री स्वामी लग्न में चले जाने लगे तो समय कम पड़ जाएगा समय से भी है मिलाकर यही है उनकी कुंडली अलग देखेंगे तो ब्रिज के होते हैं उन्हें आते जाते हैं बहुत ऐसा भी होता है कि लोग नहीं समझ पाते हैं जो कि जन्मांग चक्र से ही केवल देख करके बताते हैं उसमें लोग ब्लॉक हो जाते हैं आगे से दे दिया किसी ग्राहक के रोजगार और केंद्र या त्रिकोण बैठा है उसकी या भाग्य से उच्च का हो गया केंद्र कौन बैठा है सुबह देख रहे हैं तो लोग बोल देते हैं किस की महादशा आएगी यह भाग्यशाली रहेगा सब कुछ सारा कार्य अच्छा होगा और जब उसकी दशा आती है नहीं होता है तो लोग क्लॉक हो जाते हैं तो इसीलिए कुंडली बहुत केवल एक तरह से नहीं देखा जाता है और इसका कई क्षेत्र है उससे तो उसे देखकर किताब निष्कर्ष निकाला जाता है ऐसा नहीं है कि मिली जय हनुमान 10 नाम चतुर्थांश जो जैसा क्षेत्र का प्रश्न होता है उसके अनुसार देखा जाता है श्याम स्थित है इसका ग्रहों का तो दशा महादशा अंतर्दशा अंतर्दशा यहां तक सुषमा दशा प्राण दशा दिन प्रतिदिन की उचित व्यवस्था है जितना उतना पाएंगे मैं समझता हूं कि मेरे द्वारा बताए गए आप जवाब से संतुष्ट होंगे ऐसा मैं आशा करता हूं आपका दिन आने वाला शुभ हो जय श्री कृष्णा नमो नारायण

hari om namo narayan jai shri krishna jai ho jyotish guru aacharya shailesh upadhyay varanasi se saansad ne prashna kiya hai mashoor logo ki kundali mein kya khaas cheez hai jo unhe dusro se alag karti hai aapko main bata doon ki mashoor wahi hote hain jo apne mehnat ke bal par jaate hain aur mehnat tabhi vyakti karta hai jab grah uske prabal hote hain aur 1 acre hota hai kendra hota hai usi ko apna lakshya maan karke usme unko manobal milta hai manohar milte aur step bye step par chalte vaah apne manjil ko paa jaate hain jyotish ki drishti se kai aise yog bante hain mashoor logo ki prashna yah uthata hai ki mashoor toh ab kisi kshetra ka mashoor koi ek kshetra toh hai nahi karya ki vyapakata hai aur har karya kshetra ke maahir hote hain har ek alag alag karyo mein log prasiddhi hasil karte hain mashoor hote hain toh karya padman ka jyotish ki drishti se jo karya hota hai vaah grah grah ka jo swabhav hai usi ke anusaar vyakti karya karta hai jo grah kaarak bante hain usi ke anusaar katata hai ab udaharan lete hain jaise yah filmy duniya ke abhineta jo mashoor hote hain koi filmy kalakar hai kahin na kahin unka dekhenge toh unki shukra pehli prathamikta shukra chandrama aur buddha yah bahut acche hote hain kehne kahin aur usne bhi filmy duniya mein bhi apache competition rehta hai usme jo sabse number van par hai toh kahin na kahin shukra surya chandra toh hai hi aur jab tak surya nahi hoga tab tak vaah chamakate sitare nahi banenge suryamukhi accha sthiti mein rehta hai dono ka kaun sa grah yog bana deta hai kai rajya hote hain ab yah jyotish ka vishay hai 12 rajyo ke nahi hote aur itna hota hai ki ek garib ke ghar mein bhi ek daridra ke ghar mein bhi koi vyakti paida rehte hain agar usko uske jeevan mein rajyog likha rehta hai toh ban hi jata hai sabse alag hota hai udaharan lete hain jise sab log jante hain ki ranu mandal jo ek road ki bhikharin thi jo bhik mangate jeevan yaapan karti thi stationo par baithkar toh aise hi neech kul mein utpann hote hue bhi yah jo daridra kangal bhi hain aur rajeev nagar likha rahega toh rajeev ko jaate hain uska jyoti ka kuch tractor hote hain jise janam kaal mein teen ya char grah yadi apne uchiya mul trikon mein badi hokar rahe toh raj vansh mein utpann manushya avashya hi raja hota hai tatha paanch ya cheh dravya mul trikon mein ho kar rahe toh daridra kul utpann bhi raja hota hai jo chahiye vaah irani mul ke sthiti hogi yadi 2 ya 1 grah ucch sthar hai toh jatak dhanwan hota hai parantu raja nahi hota hai toh kai karan hain ek do karan nahi hai kya kya bataya jaaye bus aap hi samajh gaye aapke prashna ka antim raja nishkarsh yahi nikalta hai ki mashoor logo se ek aam aadmi se kundali dekh liya jaaye toh bahut jameen aasman ka fark hota hai mausam kullu mein kya hota hai ki unki kundali bolti hai kaise bolti hai ki 12 rajyo ko unki kundali mein kahin na kahin rehta hai koi na koi rajyog rehta hai ki accha dusri cheez aisa bhi aap sunenge ki koi achanak chamaka 6 mahine saal bhar ke liye chamaka ya kuch hi din ke liye chamaka ek hafte mahine ke liye chamaka uske baad phir pata nahi lagta hai toh vaah agar rajyog bhi nahi hai toh toh rajeev keh jaega jo mashoor hai matlab rajeev ko unki beti dekh lijiye achanak koi grah aaya jo inki kundali mein jo majboot bana hai uska hai subhadra hai kendra trikon ka swami hai bhagya se tamaam cheezen aur bhagesh ko swayam ka shubha agrawal bhi de rahe hain dekh rahe hain unki drishti achi hai tamaam cheezen kshamta majboot hai us sthiti mein kaarak kaarak mein bhi unka jo degree achi hai grahon ka balak jo hota hai santa clause samvidhan mein jo dekha jata hai baal vriddh ko baal baal kumar yuva vriddh amrit usme yuva sthitiyo ke anusaar matlab 12 se 18 degree hogi yuva honge toh vaah kaam karte hue uski dasha Mahadasha I hogi aur saral bhi majboot honge un tamaam cheez hai is wajah se jana jata hai parantu uski hai uska samay hai uski dasha khatam hoti hai jaise tha waise yathavat ban jata hai aisa bhi hota hai toh rajya ki koi ek do tathya nahi hai bahut hai iske bare mein jaankari lena ho toh aap call karke baat kar sakte hain aur maine bataya ki rajyog kai karan hai kendra mein agar aisa bhi hota hai kendra mein do ya teen kiraaya char grah jaisa hota hai char grah hone ka matlab hua grah kundali mujhko jao chakravarti raja bhi ho jata hai aisa bhi hai kendra mein jiske do grah ucch ke hote hain vaah bhi uska bhi rajya hota hai dashmesh ka matlab Hindustan ke swami agar lagn aur lagnesh ka dasham mein sabhi rajya hota hai bhagya bhagya shri swami lagn mein chale jaane lage toh samay kam pad jaega samay se bhi hai milakar yahi hai unki kundali alag dekhenge toh bridge ke hote hain unhe aate jaate hain bahut aisa bhi hota hai ki log nahi samajh paate hain jo ki janmang chakra se hi keval dekh karke batatey hain usme log block ho jaate hain aage se de diya kisi grahak ke rojgar aur kendra ya trikon baitha hai uski ya bhagya se ucch ka ho gaya kendra kaun baitha hai subah dekh rahe hain toh log bol dete hain kis ki Mahadasha aayegi yah bhagyashali rahega sab kuch saara karya accha hoga aur jab uski dasha aati hai nahi hota hai toh log clock ho jaate hain toh isliye kundali bahut keval ek tarah se nahi dekha jata hai aur iska kai kshetra hai usse toh use dekhkar kitab nishkarsh nikaala jata hai aisa nahi hai ki mili jai hanuman 10 naam chaturthansh jo jaisa kshetra ka prashna hota hai uske anusaar dekha jata hai shyam sthit hai iska grahon ka toh dasha Mahadasha antardasha antardasha yahan tak sushma dasha praan dasha din pratidin ki uchit vyavastha hai jitna utana payenge main samajhata hoon ki mere dwara bataye gaye aap jawab se santusht honge aisa main asha karta hoon aapka din aane vala shubha ho jai shri krishna namo narayan

हरि ओम नमो नारायण जय श्री कृष्णा जय हो ज्योतिष गुरु आचार्य शैलेश उपाध्याय वाराणसी से सांसद

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  191
WhatsApp_icon
user

Chinta Haran Tripathi

Astrologer/Vastu Shastra

2:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रहना है मशहूर लोगों की कुंडली में क्या खास चीज है जो उन्हें दूसरों से अलग करते हैं तो जो लोग अशिक्षित लोग होते हैं उनकी जन्म कुंडली में केंद्र त्रिकोण में शुभ ग्रह हों केंद्र त्रिकोण के स्वामियों का स्थान परिवर्तन या जूती परस्पर एक दूसरे की हो या एक दूसरे की देश पढ़ती हो और केंद्र में हो या पंच महापुरुष लक्षणों में से कोई योग बनते हैं या का हल या चंद राजयोग बनता हो या गजकेसरी योग बनता हो ऐसे शुभ योग बनते हो तो ऐसे लोगों की कुंडली में इन ग्रहों के लोगों से आदमी मथुर होता प्रसिद्धि पाती है और इनके स्वामी बलवान हो ना हो पाप ग्रहों से युत देखना और जिन लोगों की कुंडली में केंद्र त्रिकोण के स्वामी या धर्म के तालाब के स्वामी ग्रह अस्त क्षेत्रीय निराश होकर एक भाव में हो तो केंद्र में शुभ ग्रह न हो तो इन लोगों को जन्मपत्री अच्छी नहीं मानी जाती ऐसे लोगों को कीर्ति त्याग धनेटा सुख-सुविधा का भाव होता है जनता होती है पंडित चिंता की बात

rehna hai mashoor logo ki kundali me kya khas cheez hai jo unhe dusro se alag karte hain toh jo log ashikshit log hote hain unki janam kundali me kendra trikon me shubha grah ho kendra trikon ke swamiyon ka sthan parivartan ya juti paraspar ek dusre ki ho ya ek dusre ki desh padhati ho aur kendra me ho ya punch mahapurush lakshano me se koi yog bante hain ya ka hal ya chand rajyog banta ho ya gajakesri yog banta ho aise shubha yog bante ho toh aise logo ki kundali me in grahon ke logo se aadmi mathur hota prasiddhi pati hai aur inke swami balwan ho na ho paap grahon se yut dekhna aur jin logo ki kundali me kendra trikon ke swami ya dharm ke taalab ke swami grah ast kshetriya nirash hokar ek bhav me ho toh kendra me shubha grah na ho toh in logo ko janampatri achi nahi maani jaati aise logo ko kirti tyag dhaneta sukh suvidha ka bhav hota hai janta hoti hai pandit chinta ki baat

रहना है मशहूर लोगों की कुंडली में क्या खास चीज है जो उन्हें दूसरों से अलग करते हैं तो जो ल

Romanized Version
Likes  144  Dislikes    views  1466
WhatsApp_icon
user

Kapil Rawal

Astrologer,Advocate,Tax Consultant

0:44
Play

Likes  2  Dislikes    views  110
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!