कई लोग ऐसा क्यों कहते हैं की बृहस्पति जिस घर में बैठता है, उससे नष्ट कर देता है?...


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Ashish Pandey

Astrologer

1:41
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नमस्कार हमारे सभी लोकल मित्रों को और जय सीताराम जी महानुभाव का प्रश्न है या फिर लोगों की सुनी हुई बातों को कुछ लोगों की कही हुई बातों को पूछना चाह रहे हैं कई लोग ऐसा कहते हैं कि प्लेस पति जिस घर में बैठता है उससे नष्ट कर देता सब लोग जिन्हें ज्योतिष की जानकारी है उन्हें पद और बाकी सब को नहीं पता है क्योंकि कहा जाता है ना गुरुजी घर में बैठता हूं इस घर की हानि करता है हल करने का मतलब गुरु हमारे ऐसे होते हैं जो कि अपने आपको या अपने बच्चों को अपने परिवार को शिक्षा नहीं दे पाए जितना अन्य बच्चों को भी कमी वर्क अभी से लेकर लेकिन उनकी दृष्टि ही ऐसी होती है उनका स्थानीय ऐसा होता है कर देना गुरु होते हैं कुछ भूखे रह जाएंगे लेकिन अन्य बच्चों को भूखा नहीं रहने का मतलब अपने घर को परेशान कर लेंगे लेकिन और घर को खुशहाल बना दे बाकी इन सब चीजों को आप सदा केयर नहीं करी समय सब कुछ अच्छा कर

namaskar hamare sabhi local mitron ko aur jai sitaram ji mahanubhav ka prashna hai ya phir logo ki suni hui baaton ko kuch logo ki kahi hui baaton ko poochna chah rahe hain kai log aisa kehte hain ki place pati jis ghar me baithta hai usse nasht kar deta sab log jinhen jyotish ki jaankari hai unhe pad aur baki sab ko nahi pata hai kyonki kaha jata hai na guruji ghar me baithta hoon is ghar ki hani karta hai hal karne ka matlab guru hamare aise hote hain jo ki apne aapko ya apne baccho ko apne parivar ko shiksha nahi de paye jitna anya baccho ko bhi kami work abhi se lekar lekin unki drishti hi aisi hoti hai unka sthaniye aisa hota hai kar dena guru hote hain kuch bhukhe reh jaenge lekin anya baccho ko bhukha nahi rehne ka matlab apne ghar ko pareshan kar lenge lekin aur ghar ko khushahal bana de baki in sab chijon ko aap sada care nahi kari samay sab kuch accha kar

नमस्कार हमारे सभी लोकल मित्रों को और जय सीताराम जी महानुभाव का प्रश्न है या फिर लोगों की स

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Pt.BRAJESH JI(RADHE-KRISHAN JYOTISH ANUSANDHAN KENDRA).

Astrologer,Rashi Ratna & Vastu Visesagya.

3:04
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जी नमस्कार अरे कुत्ते ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के आचार्य विजयपाल के बोल रहे हैं आप एक प्रश्न है कि कई लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर बैठता है उसे नष्ट कर देता है ऐसा बिल्कुल नहीं है उसके कुछ विशेष स्थान है जैसे द्वितीय कुंडली का दूसरा भाव कुंडली का पांचवा भाव कुंडली का सातवां भाव कुंडली का ग्यारहवां भाव इन भाव पर जब बृहस्पति अकेला हो जाए इसमें भी एक शर्त है कि अकेला रहे तब वह भाव नाश कर देता है क्यों अधिक ताकत बताते हैं और सीमित ज्ञान अर्थात गुरु गुरुदेव बृहस्पति को देवताओं के गुरु हैं अब जो ज्ञान है उसको लक्ष्मी का दूसरा भाग होता है ज्ञान को धन से क्या लेना जान जो है वह सब कुछ खुद से क्या मतलब है इसलिए वह कुंडली के दूसरे भाव में अगर अकेला बैठ जाए तो उठाओ बाबू नाथ पंचम जो गुरुदेव महाराज उनको संतान से क्या मतलब है क्योंकि पहले जो शुक्राचार्य गुरु शुक्राचार्य से उसको कोई विशेष लगाव नहीं होता था इसलिए पंचम स्थान जो होता कुंडली का संतान भाव वहां पर अगर पति अकेला बैठ जाए तो उसके बाद सप्तम भाव सप्तम भाव है वह पत्नी का कार्यक्रम जबकि वाका का कारक ग्रह विवाह करा देने वाला उससे कोई मतलब नहीं है वहां के स्थान को के भाव को खराब कर देता है ठीक है तो कौन-कौन सा हो गया द्वितीय भाव संता धन भाव संतान भाव पत्नी भाव और हमने आपको बताया 11 वे स्थान अर्थात भाऊ भाऊ भाऊ को क्या लेना देना किस कारण से बृहस्पति जब भी द्वितीय पंचम सप्तम एकादश भाव में अकेला बैठ जाता है तो यह खाओ नाश कर देता है अगर वह अकेला है तो और कोई ग्रह वहां पर आ जाए तो वह भावना नहीं करता वहां का वक्त फल देता है ठीक है

ji namaskar are kutte jyotish anusandhan kendra ke aacharya vijayapal ke bol rahe hain aap ek prashna hai ki kai logo ka kehna hai ki jis sthan par baithta hai use nasht kar deta hai aisa bilkul nahi hai uske kuch vishesh sthan hai jaise dwitiya kundali ka doosra bhav kundali ka panchava bhav kundali ka satvaan bhav kundali ka gyarahavan bhav in bhav par jab brihaspati akela ho jaaye isme bhi ek sart hai ki akela rahe tab vaah bhav naash kar deta hai kyon adhik takat batatey hain aur simit gyaan arthat guru gurudev brihaspati ko devatao ke guru hain ab jo gyaan hai usko laxmi ka doosra bhag hota hai gyaan ko dhan se kya lena jaan jo hai vaah sab kuch khud se kya matlab hai isliye vaah kundali ke dusre bhav me agar akela baith jaaye toh uthao babu nath pancham jo gurudev maharaj unko santan se kya matlab hai kyonki pehle jo shukraachaary guru shukraachaary se usko koi vishesh lagav nahi hota tha isliye pancham sthan jo hota kundali ka santan bhav wahan par agar pati akela baith jaaye toh uske baad saptam bhav saptam bhav hai vaah patni ka karyakram jabki vaka ka kaarak grah vivah kara dene vala usse koi matlab nahi hai wahan ke sthan ko ke bhav ko kharab kar deta hai theek hai toh kaun kaun sa ho gaya dwitiya bhav santa dhan bhav santan bhav patni bhav aur humne aapko bataya 11 ve sthan arthat bhau bhau bhau ko kya lena dena kis karan se brihaspati jab bhi dwitiya pancham saptam ekadash bhav me akela baith jata hai toh yah khao naash kar deta hai agar vaah akela hai toh aur koi grah wahan par aa jaaye toh vaah bhavna nahi karta wahan ka waqt fal deta hai theek hai

जी नमस्कार अरे कुत्ते ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के आचार्य विजयपाल के बोल रहे हैं आप एक प्रश

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ASTRO GURU DR UMESH DWIVEDII WhatsApp No. 9782864507

Astrologer And Vastu Shastra Consultant

0:41
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गुरु बृहस्पति मतलब एक अध्यापक अध्यापक जिस विद्यार्थी की तरफ ध्यान ने के पढ़ाता है जिसकी तरफ को देखता है वह विद्यार्थी उसकी बात को ध्यान से सुनता है और उसकी बात को ग्रहण करता है और वह अपने जीवन में आगे बढ़ जाता है लेकिन जहां अध्यापक अपने पास में बैठे हुए की तरफ ध्यान नहीं देता तो वह जो पास में बैठे हैं वह लोग उस स्थान को या जहां पर बैठा है उस स्थान को उतना महत्व नहीं दे पाता जिसके कारण से यह कहावत सही है कि बृहस्पति जिस स्थान पर बैठता है उसे स्थान का फल नहीं देता लेकिन जहां दृष्टि करता है वहां का फल जरूर देता

guru brihaspati matlab ek adhyapak adhyapak jis vidyarthi ki taraf dhyan ne ke padhata hai jiski taraf ko dekhta hai vaah vidyarthi uski baat ko dhyan se sunta hai aur uski baat ko grahan karta hai aur vaah apne jeevan me aage badh jata hai lekin jaha adhyapak apne paas me baithe hue ki taraf dhyan nahi deta toh vaah jo paas me baithe hain vaah log us sthan ko ya jaha par baitha hai us sthan ko utana mahatva nahi de pata jiske karan se yah kahaavat sahi hai ki brihaspati jis sthan par baithta hai use sthan ka fal nahi deta lekin jaha drishti karta hai wahan ka fal zaroor deta

गुरु बृहस्पति मतलब एक अध्यापक अध्यापक जिस विद्यार्थी की तरफ ध्यान ने के पढ़ाता है जिसकी तर

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हर बात को पूर्ण ढंग से कहीं गई है लोग उसका एक का निकाल लिया और शॉर्टकट में कोई किसी भी चीज को बोलना शुरू कर देते हैं यह कहना मिथ्या है कि गुरुजी से टांग पर बैठता है उस स्थान को नष्ट कर देता है उसका मूल रूप से सूत्र जो मैं आगे बोलने जा रहा हूं स्थानी करो जीवा स्थान वृद्धि करा सनी सनी राठी गधों जीवा जीवा की कथा सनी यदि गुरु स्थान की हानि करता है और सनी जो है स्थान की वृद्धि करता है कब जब शनि की राशि में गुरु गया हो और गुरु की राशि में शनि किया हो इन दोनों ग्रहों का जब भी एक्सचेंज होता है तो उसमें ग्रुप में सफल देता है कृष्ण भाई फल देने लगता है और उसमें जो है उसके बंदना लगता है सनी जो है सर्वाधिक शुभ फल देना शुरू कर देते हैं यदि इस कंडीशन को पूरा करता है शनि की राशि में गुरु किया और गुरु की राशि में शनि के ऊपर वाली लाइन एप्लीकेशन एप्लीकेशन न्यूज़ नहीं हो रही तू ऊपर की लाइन तो साथ में उसको यार तुम तो बाकी जो जो थे उसके 12 साल के और दूसरे जातक अलंकार के सिद्धांत

har baat ko purn dhang se kahin gayi hai log uska ek ka nikaal liya aur shortcut mein koi kisi bhi cheez ko bolna shuru kar dete hain yah kehna mithya hai ki guruji se taang par baithta hai us sthan ko nasht kar deta hai uska mul roop se sutra jo main aage bolne ja raha hoon sthani karo Jiva sthan vriddhi kara sunny sunny rathi gadhon Jiva Jiva ki katha sunny yadi guru sthan ki hani karta hai aur sunny jo hai sthan ki vriddhi karta hai kab jab shani ki rashi mein guru gaya ho aur guru ki rashi mein shani kiya ho in dono grahon ka jab bhi exchange hota hai toh usmein group mein safal deta hai krishna bhai fal dene lagta hai aur usmein jo hai uske bandana lagta hai sunny jo hai sarvadhik shubha fal dena shuru kar dete hain yadi is condition ko pura karta hai shani ki rashi mein guru kiya aur guru ki rashi mein shani ke upar waali line application application news nahi ho rahi tu upar ki line toh saath mein usko yaar tum toh baki jo jo the uske 12 saal ke aur dusre jatak alankar ke siddhant

हर बात को पूर्ण ढंग से कहीं गई है लोग उसका एक का निकाल लिया और शॉर्टकट में कोई किसी भी चीज

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देखिए यह लोगों का मानना गलत है कि ब्रश विशेषकर में बैठता है उसे नष्ट कर देता है लेकिन हां इतना जरूर है कि बृहस्पति से बृहस्पति का जितना सहारा है उतने वक्त घर में बीमारी वगैरा ऐसा चलता रहता है काम का कोई पता नहीं चलता है तथा बृहस्पति के लिए हमें दाता व्यक्ति का पूजन करना चाहिए दाल चित्र पीले वस्त्र पहनकर सरस्वती के दिन महिलाओं को घर में कपड़े नहीं धोने चाहिए आदमी ऐसा उपाय वह करना पड़ता है जिससे कि 10 पति का साया कम होगा तब ऋषि भगवान के उपवास रखना चाहिए जिससे बृहस्पति भगवान प्रसन्न हो ऐसा नहीं है कि नष्ट कर देता है

dekhiye yah logo ka manana galat hai ki brush visheshkar mein baithta hai use nasht kar deta hai lekin haan itna zaroor hai ki brihaspati se brihaspati ka jitna sahara hai utne waqt ghar mein bimari vagaira aisa chalta rehta hai kaam ka koi pata nahi chalta hai tatha brihaspati ke liye hamein data vyakti ka pujan karna chahiye daal chitra peele vastra pehankar saraswati ke din mahilaon ko ghar mein kapde nahi dhone chahiye aadmi aisa upay vaah karna padta hai jisse ki 10 pati ka saya kam hoga tab rishi bhagwan ke upvaas rakhna chahiye jisse brihaspati bhagwan prasann ho aisa nahi hai ki nasht kar deta hai

देखिए यह लोगों का मानना गलत है कि ब्रश विशेषकर में बैठता है उसे नष्ट कर देता है लेकिन हां

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RAJKUMAR

Sharp Astrology

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओम विघ्नेश्वराय नमः विघ्नहर्ता श्री गणेशा गुरुजी को नष्ट कर देता है तो यह भी गलत है लेकिन आप ग्रुप इस तरीके से देखें अगर वह आपकी कुंडली में नवम स्थान में बैठा रे तो क्या भाग्य का नाश कर देगा सच में बेटा है तो क्या घर का सुख मिलेगा सप्तम स्थान में बैठा है तो क्या पत्नी को जीत दिला देगा ऐसा नहीं होता है देखो क्या होता है दोस्तों उसका वजन बहुत बढ़िया है बहुत वजनदार हो रहा है उसका जो उसकी जो चुंबक के पावर है जो उसकी जो मैग्नेटिक पावर हाउस में भी खिंचाव का अनुभव होता है ना वह बहुत ज्यादा होता है तो जिस घर में बैठता हूं तो वहां पर उसका खींचा हुआ जाता है यानी कि वहां पर आपको वही तेरे ना देगा अच्छा काम करो गुरु मान लो आपका सूर्य के साथ है तो वह आपको यह कहेगा कि आप अपनी आत्मा को शुद्ध करते रहो और शुद्ध करते रहो चंद्र के साथ बैठा है तो आप को ज्ञान देना ज्ञान की बातें ही करो ज्ञान से पैसे कमाओ आप ही जैसे चलो बड़ी बड़ी चीज अपने पास यह क्या गुरुजी के साथ बैठता है तो रिश्ता बन जाता है और मान लो कि अगर वह आपके लग्न में बैठा है तो आप बड़े हो महान विद्वान पुरुष दूसरे स्थान में बैठा है तो आप बड़े लेकिन उस गुरु प्रज्ञान जो जहां पर बैठा गुरु ग्रह जहां पर भी बैठा है उस स्थान का मालिक कितना बलवान है और उस स्थान का जो मालिक है कौन नक्षत्र में उसका तब सारा कहता है उसके ऊपर से गुरु का हम देख पाते कितना पावरफुल है नमन कुंडली में भी देख लो क्योंकि शादी के बाद का जीवन है उसके पहले जो इसका जीवन है वह क्या है वह भी मैं आपको बताऊं जो ग्रह की ताकत है ना उन को दर्शाता है वहां से आप उनकी स्टैंड से देख पाते हैं सही तरीके से डिग्री के हिसाब से राशि और डिग्री के हिसाब से उतरी एग्रो का पावर होता है कौन से खाने में कहां बलवान होता है देखना पड़ता है एक ग्रुप को जिस तन में जहां पर भी बैठता है ऐसा नहीं कि उसका फल नष्ट हो जाएगा लेकिन उसका फल देने का वह क्या कर सकता है जिसके घर में रह रहे हो ना उसको मैंने दे दिया तुम्हारे घर पर रहूं तो मैंने आपको ₹100000 दिया मेरा अब तुम्हें जो करना है करो अगर आप बिगड़े हुए हो मेरे पैसे का क्या करोगे तो बात होगी और अगर आप अच्छे हो तो क्या करोगे मुझे और कमा कर दोगी मेरे को नहीं चाहिए तेरे को क्या चाहिए उसके मालिक ने अपना सब कुछ दे दिया और गुरु की दृष्टि जहां पर भी पढ़ती दोस्तों उनको सुख कर देता है मान लो पाकिस्तान में हुए पेपर तो आपका जो बाह्य दिखावा है तो वह लोग ऐसा सोचेंगे कि आप थोड़े अच्छे इंसान हो तो आपका जो इंटरनेशनल थोड़ा अच्छा हो जाएगा फिर पंचम स्थान पर पड़ेगी तो आप के नसीब में पुत्र का योग भी देगा उत्तरा का इसका डेफिनेटली इसने बना दिया फिर अगर आप देखे उसकी साथी दृष्टि तो कहां पड़ती है इस तरह स्थान में तो आप ज्यादातर गलत काम नहीं करोगे लेकिन अगर वही स्थान पर शनि की दृष्टि पड़ रही हो मंगल की भी पढ़ रही हो तो इसका जो फल होता है ना वह थोड़ा मैजिकली चेंज हो जाता है क्या होता है यह जानने के लिए आप हमें कॉल कर सकते ओम शांति ही

om vighneshwaray namah vighnharta shri ganesha guruji ko nasht kar deta hai toh yah bhi galat hai lekin aap group is tarike se dekhen agar vaah aapki kundali me navam sthan me baitha ray toh kya bhagya ka naash kar dega sach me beta hai toh kya ghar ka sukh milega saptam sthan me baitha hai toh kya patni ko jeet dila dega aisa nahi hota hai dekho kya hota hai doston uska wajan bahut badhiya hai bahut vazandar ho raha hai uska jo uski jo chumbak ke power hai jo uski jo magnetic power house me bhi khinchav ka anubhav hota hai na vaah bahut zyada hota hai toh jis ghar me baithta hoon toh wahan par uska khicha hua jata hai yani ki wahan par aapko wahi tere na dega accha kaam karo guru maan lo aapka surya ke saath hai toh vaah aapko yah kahega ki aap apni aatma ko shudh karte raho aur shudh karte raho chandra ke saath baitha hai toh aap ko gyaan dena gyaan ki batein hi karo gyaan se paise kamao aap hi jaise chalo badi badi cheez apne paas yah kya guruji ke saath baithta hai toh rishta ban jata hai aur maan lo ki agar vaah aapke lagn me baitha hai toh aap bade ho mahaan vidhwaan purush dusre sthan me baitha hai toh aap bade lekin us guru pragyan jo jaha par baitha guru grah jaha par bhi baitha hai us sthan ka malik kitna balwan hai aur us sthan ka jo malik hai kaun nakshtra me uska tab saara kahata hai uske upar se guru ka hum dekh paate kitna powerful hai naman kundali me bhi dekh lo kyonki shaadi ke baad ka jeevan hai uske pehle jo iska jeevan hai vaah kya hai vaah bhi main aapko bataun jo grah ki takat hai na un ko darshata hai wahan se aap unki stand se dekh paate hain sahi tarike se degree ke hisab se rashi aur degree ke hisab se utari agro ka power hota hai kaun se khane me kaha balwan hota hai dekhna padta hai ek group ko jis tan me jaha par bhi baithta hai aisa nahi ki uska fal nasht ho jaega lekin uska fal dene ka vaah kya kar sakta hai jiske ghar me reh rahe ho na usko maine de diya tumhare ghar par rahun toh maine aapko Rs diya mera ab tumhe jo karna hai karo agar aap bigade hue ho mere paise ka kya karoge toh baat hogi aur agar aap acche ho toh kya karoge mujhe aur kama kar dogi mere ko nahi chahiye tere ko kya chahiye uske malik ne apna sab kuch de diya aur guru ki drishti jaha par bhi padhati doston unko sukh kar deta hai maan lo pakistan me hue paper toh aapka jo bahya dikhawa hai toh vaah log aisa sochenge ki aap thode acche insaan ho toh aapka jo international thoda accha ho jaega phir pancham sthan par padegi toh aap ke nasib me putra ka yog bhi dega uttara ka iska definetli isne bana diya phir agar aap dekhe uski sathi drishti toh kaha padti hai is tarah sthan me toh aap jyadatar galat kaam nahi karoge lekin agar wahi sthan par shani ki drishti pad rahi ho mangal ki bhi padh rahi ho toh iska jo fal hota hai na vaah thoda maijikali change ho jata hai kya hota hai yah jaanne ke liye aap hamein call kar sakte om shanti hi

ओम विघ्नेश्वराय नमः विघ्नहर्ता श्री गणेशा गुरुजी को नष्ट कर देता है तो यह भी गलत है लेकिन

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

0:59
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कई लोग ऐसा कहते हैं कि बृहस्पति घर पर बैठता उस दिन उस पर ऐसा नहीं शास्त्र में लिखा हुआ है स्थान हानि करो जी वह स्थान वृद्धि करो सनी करता है और इस पद से स्थान रखता है मकान योजना के तहत विरासत में भाद्रपद में फायदा भी लग्न में या केंद्र में वनस्पति फल देता है अन्य स्थान व्रत है उसका फल कम होता है इसका मतलब यह है यहां बैठे उसको

kai log aisa kehte hain ki brihaspati ghar par baithta us din us par aisa nahi shastra me likha hua hai sthan hani karo ji vaah sthan vriddhi karo sunny karta hai aur is pad se sthan rakhta hai makan yojana ke tahat virasat me bhadrapad me fayda bhi lagn me ya kendra me vanaspati fal deta hai anya sthan vrat hai uska fal kam hota hai iska matlab yah hai yahan baithe usko

कई लोग ऐसा कहते हैं कि बृहस्पति घर पर बैठता उस दिन उस पर ऐसा नहीं शास्त्र में लिखा हुआ है

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Ritesh

Astrologer

0:43
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ऐसा जरूरी नहीं है कि मैं यहां बैठता है उसकी हानि करता है डिपेंड करता है वह किस घर का लोड है और उससे बचने के लिए आ रही है और किसने बताया कि इसी फॉर्मेट में और मेरे साथ में बैठा हुआ है तो बैठा उसका लोड स्टोन है या उसका सब देख रहा है तो देश का नहीं करेगा ऐसा नहीं करता है

aisa zaroori nahi hai ki main yahan baithta hai uski hani karta hai depend karta hai vaah kis ghar ka load hai aur usse bachne ke liye aa rahi hai aur kisne bataya ki isi format me aur mere saath me baitha hua hai toh baitha uska load stone hai ya uska sab dekh raha hai toh desh ka nahi karega aisa nahi karta hai

ऐसा जरूरी नहीं है कि मैं यहां बैठता है उसकी हानि करता है डिपेंड करता है वह किस घर का लोड ह

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यह शास्त्र की पंक्ति है जिसमें कहा गया है कि मुकुल बनती अन्य कार्य से केंद्र वृहस्पति जब जब केंद्र में भव्य स्थिति होता है तो व्यक्ति अनेक उपलब्धियों को प्राप्त करता है क्योंकि वह 5 सिर भाव का कारक होता है परंतु एक पंक्ति और आती है इसी प्रसंग में स्थान स्थान हानि करो जीवन वृद्धि करो शनि जिस स्थान में बृहस्पति बैठता है उस स्थान की हानि करता है यथा पंचम भाव में बृहस्पति की स्थिति संतान की हानि करती है एवं विद्या विद्या में वृद्धि करती है यह पंचम भाव संतान का होता है विद्या का भी है बुद्धि का भी है परंतु पंचम भाव में बृहस्पति की स्थिति संतान के लिए अच्छी नहीं मानी जाती यही एक इसका अर्थ मान सकते हैं

yah shastra ki pankti hai jisme kaha gaya hai ki mukul banti anya karya se kendra vrihaspati jab jab kendra me bhavya sthiti hota hai toh vyakti anek uplabdhiyon ko prapt karta hai kyonki vaah 5 sir bhav ka kaarak hota hai parantu ek pankti aur aati hai isi prasang me sthan sthan hani karo jeevan vriddhi karo shani jis sthan me brihaspati baithta hai us sthan ki hani karta hai yatha pancham bhav me brihaspati ki sthiti santan ki hani karti hai evam vidya vidya me vriddhi karti hai yah pancham bhav santan ka hota hai vidya ka bhi hai buddhi ka bhi hai parantu pancham bhav me brihaspati ki sthiti santan ke liye achi nahi maani jaati yahi ek iska arth maan sakte hain

यह शास्त्र की पंक्ति है जिसमें कहा गया है कि मुकुल बनती अन्य कार्य से केंद्र वृहस्पति जब ज

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Daivagya Krishna Shastri

Astrologer, Ved, Bhagvat Mahapuran

1:08
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जय श्री राधे कृष्णा जय श्री श्यामा बिल्कुल कई लोग यही कहते पराया है यह हमारे सिद्धांत जो है ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से प्रतिपादित किए गए हैं क्योंकि यदि आप लोग जगत में भी देखेंगे तो गुरु दूसरे का कल्याण कर सकता है किंतु अपना कल्याण करना उनके लिए मुश्किल का कार्य होता है दीपक के नीचे बदायूं अंधेरा रहता है ठीक उसी प्रकार गुरु दूसरे के लिए जप कर सकता है अनुष्ठान कर सकता है दूसरों के हित में इतना व्यस्त रहता है कि उसे अपने लिए समय निकाल पाता है इसलिए वह जिसे भाव पर बैठता है तो उस भाव के साथ उसकी विकृतियां आ जाती है उसकी विचारधाराओं में विकृतियां आ जाती है चित्रलोक जगत के साथ साथ में यह जो कुंडली का जगत हैं 12 चक्कर हैं बाना खाने हैं उनके आधार पर भेदभाव को बैठता है उस भाव को कम कर देता है नहीं करता उस भाव का बल कमजोर हो जाता है जय श्री राधे कृष्णा जय श्री श्यामा

jai shri radhe krishna jai shri shyaama bilkul kai log yahi kehte paraaya hai yah hamare siddhant jo hai jyotish shastra ke madhyam se pratipadit kiye gaye hain kyonki yadi aap log jagat mein bhi dekhenge toh guru dusre ka kalyan kar sakta hai kintu apna kalyan karna unke liye mushkil ka karya hota hai deepak ke neeche badayun andhera rehta hai theek usi prakar guru dusre ke liye jap kar sakta hai anushthan kar sakta hai dusron ke hit mein itna vyast rehta hai ki use apne liye samay nikaal pata hai isliye vaah jise bhav par baithta hai toh us bhav ke saath uski vikritiyan aa jaati hai uski vichardharaon mein vikritiyan aa jaati hai chitralok jagat ke saath saath mein yah jo kundali ka jagat hain 12 chakkar hain bana khane hain unke aadhaar par bhedbhav ko baithta hai us bhav ko kam kar deta hai nahi karta us bhav ka bal kamjor ho jata hai jai shri radhe krishna jai shri shyaama

जय श्री राधे कृष्णा जय श्री श्यामा बिल्कुल कई लोग यही कहते पराया है यह हमारे सिद्धांत जो ह

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मुझे ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बृहस्पति जिस घर में बैठता है उसे नष्ट कर देता है कहा गया है कि 147 8147 10 12 भाव में यदि बृहस्पति हो तो जातक बहुत ही भाग्यशाली और सौभाग्यशाली वाला होता है केवल अष्टम भाव ही जातक के लिए बृहस्पति और द्वितीय भाव में यदि बृहस्पति हो तो वह मार्केट का कार्य करता है लेकिन उसमें भी यदि अपने घर का हो अपनी उच्च राशि का हो तो वह धनवान बुद्धिमान और बलशाली लीडर बनाता है इसके लिए यह कहा गया है कि ब्राह्मण का आठवीं बृहस्पति खराब होता है बाकी लोगों के लिए कोई ऐसा कोई दिक्कत

mujhe aisa bilkul nahi hai ki brihaspati jis ghar mein baithta hai use nasht kar deta hai kaha gaya hai ki 147 8147 10 12 bhav mein yadi brihaspati ho toh jatak bahut hi bhagyashali aur saubhagyashali vala hota hai keval ashtam bhav hi jatak ke liye brihaspati aur dwitiya bhav mein yadi brihaspati ho toh vaah market ka karya karta hai lekin usme bhi yadi apne ghar ka ho apni ucch rashi ka ho toh vaah dhanwan buddhiman aur balashaalee leader banata hai iske liye yah kaha gaya hai ki brahman ka aatthvi brihaspati kharaab hota hai baki logo ke liye koi aisa koi dikkat

मुझे ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बृहस्पति जिस घर में बैठता है उसे नष्ट कर देता है कहा गया है कि

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ज्योतिष नक्षत्र है अस्थान हानि करो जीवा जीवा शब्द ज्योतिष में विराट पद के लिए लिया गया है सभी राष्ट्रपति जिस घर में होता है वहां पर अस्थान हानि करता लेकिन नष्ट नहीं करता क्योंकि वह पृथ्वी ग्रह नहीं है उसके भाव के फल को कुछ कम कर देता है और उसकी दृष्टि उस भाव के शुभ फल को बढ़ा देती पृथक बाजीगर राजा से सूर्य केतु है या क्या कर रहे हो भैया जिस भाव में बैठते हैं वहां के फल का नुकसान करते हैं और उसके फल को उस व्यक्ति से अलग कर देते हैं लेकिन विरासत पृथक बाद ही कराना यह बताने हानि थोड़ा सा नुकसान करता है उस जगह का इसलिए ज्योतिष में विकास पत्र शुक्र की राशि में बैठेगा तो वहां के कार्य पत्र को बढ़ा देगा लेकिन पति ऐसा नहीं करते जहां देखेगा उसके कार्यकर्ताओं को बढ़ा देता है ओरिया सूत्र सुन प्रचलित आस्थान हानि करो जीवन और ऐसा देखने में भी आता है

jyotish nakshtra hai asthan hani karo Jiva Jiva shabd jyotish me virat pad ke liye liya gaya hai sabhi rashtrapati jis ghar me hota hai wahan par asthan hani karta lekin nasht nahi karta kyonki vaah prithvi grah nahi hai uske bhav ke fal ko kuch kam kar deta hai aur uski drishti us bhav ke shubha fal ko badha deti prithak bajigar raja se surya Ketu hai ya kya kar rahe ho bhaiya jis bhav me baithate hain wahan ke fal ka nuksan karte hain aur uske fal ko us vyakti se alag kar dete hain lekin virasat prithak baad hi krana yah batane hani thoda sa nuksan karta hai us jagah ka isliye jyotish me vikas patra shukra ki rashi me baithega toh wahan ke karya patra ko badha dega lekin pati aisa nahi karte jaha dekhega uske karyakartaon ko badha deta hai oriya sutra sun prachalit asthan hani karo jeevan aur aisa dekhne me bhi aata hai

ज्योतिष नक्षत्र है अस्थान हानि करो जीवा जीवा शब्द ज्योतिष में विराट पद के लिए लिया गया है

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नमस्कार मित्रों श्री राधे राधे कई लोग ऐसा क्यों कहते हैं कि बृहस्पति जिस घर में बैठता है उसे नष्ट कर देता है कई लोगों की बात तो नहीं करते मित्र लेकिन हमारा शास्त्र कहता है कि जिस घर में देव गणपति बैठते हैं कुछ घर कहानी करते अश्व राशि के हूं तो थोड़ा फल जरूर देते हैं किसी भी घर में बैठते हैं उस घर का नाश करते लेकिन जहां देखते हो उसको प्रबल मनाते श्री राधे राधे

namaskar mitron shri radhe radhe kai log aisa kyon kehte hain ki brihaspati jis ghar me baithta hai use nasht kar deta hai kai logo ki baat toh nahi karte mitra lekin hamara shastra kahata hai ki jis ghar me dev ganapati baithate hain kuch ghar kahani karte ashv rashi ke hoon toh thoda fal zaroor dete hain kisi bhi ghar me baithate hain us ghar ka naash karte lekin jaha dekhte ho usko prabal manate shri radhe radhe

नमस्कार मित्रों श्री राधे राधे कई लोग ऐसा क्यों कहते हैं कि बृहस्पति जिस घर में बैठता है

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जय श्री कृष्णा नमस्कार दोस्तों नारायण ज्योतिष परामर्श से मैं पंडित अभिषेक शास्त्री इस सवाल का जवाब दे रहा हूं कई लोग ऐसा क्यों कहते हैं कि बस पति जिस घर में बसता है उसे नष्ट कर देता है तो मेरा मानना है दोस्तों की बृहस्पति चाहे जिस चेहरे में भी बैठे पहले उस पर विचार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि बृहस्पति किस शहर में बैठ रहा है और उससे अधिक महत्वपूर्ण है कि वे राष्ट्रपति किस राशि है बैठ रहा है स्वराशि बैठ रहा है या फिर सतगुरु की राशि है बैठ रहा है शत्रु के घर रहा है या फिर अपने उस स्थान को होते हुए लग्न में उसकी दृष्टि पड़ रही है यह सब देखते हुए तबरेज पत्ते के बारे में या जवाब देना उचित रहेगा और व्यस्त पति का चाहे जहां भी रहे वह नष्ट नहीं करता है शुभ फल ही देता है लेकिन वह उस कंडीशन खराब देखना चाहता है यदि उसके साथ कोई पाप ग्रह बेस्ट रहे हैं दिलीप आप बुरा के संसर्ग में आ रहा है तो उसका फल अशुभ आ सकता है उस स्थिति में कष्ट पहुंचता है उस भाव में थोड़ी सी नुकसान होती है उसको से संबंधित जातक को नुकसान सहना पड़ता है लेकिन सबसे पहले करना उचित रहेगा कि बृहस्पति की शादी में है किस जगह पर बैठ रहा है स्वराशि में है मित्र राशि में है या सही है और किस ग्रह के संसर्ग में है इससे पहले देखते हुए तब विचार करें जय श्री कृष्णा दोस्तों

jai shri krishna namaskar doston narayan jyotish paramarsh se main pandit abhishek shastri is sawaal ka jawab de raha hoon kai log aisa kyon kehte hain ki bus pati jis ghar me basta hai use nasht kar deta hai toh mera manana hai doston ki brihaspati chahen jis chehre me bhi baithe pehle us par vichar karna atyant mahatvapurna hai ki brihaspati kis shehar me baith raha hai aur usse adhik mahatvapurna hai ki ve rashtrapati kis rashi hai baith raha hai swarashi baith raha hai ya phir satguru ki rashi hai baith raha hai shatru ke ghar raha hai ya phir apne us sthan ko hote hue lagn me uski drishti pad rahi hai yah sab dekhte hue tabrez patte ke bare me ya jawab dena uchit rahega aur vyast pati ka chahen jaha bhi rahe vaah nasht nahi karta hai shubha fal hi deta hai lekin vaah us condition kharab dekhna chahta hai yadi uske saath koi paap grah best rahe hain dilip aap bura ke sansarg me aa raha hai toh uska fal ashubh aa sakta hai us sthiti me kasht pahuchta hai us bhav me thodi si nuksan hoti hai usko se sambandhit jatak ko nuksan sahna padta hai lekin sabse pehle karna uchit rahega ki brihaspati ki shaadi me hai kis jagah par baith raha hai swarashi me hai mitra rashi me hai ya sahi hai aur kis grah ke sansarg me hai isse pehle dekhte hue tab vichar kare jai shri krishna doston

जय श्री कृष्णा नमस्कार दोस्तों नारायण ज्योतिष परामर्श से मैं पंडित अभिषेक शास्त्री इस सव

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