पृथ्वी सूर्य के चारों ओर क्यों घूमती है?...


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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Randheer

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पृथ्वी सूरज के चारों ओर घूमती है क्योंकि अगर तुझे भी सोच के चारों ओर नहीं घूमती तो हमारे पीछे पड़ना ही दिन रात के 1:00 रहे मौसम ज्योतिषी ग्रह सूर्य की परिक्रमा लगाते उसी तरफ से भी एक ऐसा ग्रह है अभी सूरज की परिक्रमा लगाते हैं तो इसमें भी अपने अक्ष पर जो घूर्णन करते हैं सोच कर उसे रोटेशन कहते हैं जिसे * का परिक्रमा करती है जब अपने और भी पर और बीच पर तो उसे हम परिक्रमा कहते हैं रेगुलेशन

prithvi suraj ke charo aur ghoomti hai kyonki agar tujhe bhi soch ke charo aur nahi ghoomti toh hamare peeche padhna hi din raat ke 1 00 rahe mausam jyotishi grah surya ki parikrama lagate usi taraf se bhi ek aisa grah hai abhi suraj ki parikrama lagate hain toh isme bhi apne aksh par jo ghurnan karte hain soch kar use rotation kehte hain jise ka parikrama karti hai jab apne aur bhi par aur beech par toh use hum parikrama kehte hain regulation

पृथ्वी सूरज के चारों ओर घूमती है क्योंकि अगर तुझे भी सोच के चारों ओर नहीं घूमती तो हमारे प

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब भी जब भी बैंक में विस्फोट हुआ तब ब्रह्मांड एक बिंदु से विभिन्न विंडो में परिवर्तित हो गई और तेजी से केंद्र से दूरी दूर जाने लगे जब उनकी भूल जाने की 10 हो गई तो वे अपने किसी केंद्र के सापेक्ष रोटेशन करने लगे इसी प्रकार पृथ्वी पृथ्वी भी जब सूर्य से अलग हुई तो उनकी दूर जाने की वेग जब शून्य हो गई तो वह उसके आर्बिट में घूमने लगी क्योंकि सूर्य ग्रह पृथ्वी अगर सूर्य के चारों ओर नहीं घूमती तो वह पृथ्वी सूर्य पर वापिस जाकर समा जाती जो कि ऐसा नहीं हुआ इसीलिए पृथ्वी जो है सूर्य के चारों ओर घूमती है

jab bhi jab bhi bank mein visphot hua tab brahmaand ek bindu se vibhinn window mein parivartit ho gayi aur teji se kendra se doori dur jaane lage jab unki bhool jaane ki 10 ho gayi toh ve apne kisi kendra ke sapeksh rotation karne lage isi prakar prithvi prithvi bhi jab surya se alag hui toh unki dur jaane ki veg jab shunya ho gayi toh vaah uske arbit mein ghoomne lagi kyonki surya grah prithvi agar surya ke charo aur nahi ghoomti toh vaah prithvi surya par vaapas jaakar sama jaati jo ki aisa nahi hua isliye prithvi jo hai surya ke charo aur ghoomti hai

जब भी जब भी बैंक में विस्फोट हुआ तब ब्रह्मांड एक बिंदु से विभिन्न विंडो में परिवर्तित हो ग

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Rohit Singh

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पृथ्वी सूर्य के चक्कर इस तरीके से भी लगाती है जैसे चांद या फिर जो अन्य मैन मेड सेटेलाइट है जो हमने भेजी है उपग्रह अंतरिक्ष में वह यहां से वहां जाते हैं उसके बाद मोदी के चक्कर काटते रहते टाइम के बाद उसका सूरज पर गुरुत्वाकर्षण ने उसे पकड़ लिया और वह अभी बाहर जाने की कोशिश कर रही है तो इसी के चक्कर में वह इलेक्ट्रिकल ऑर्बिट में घूमती रहती है और सुदर्शन बहुत ज्यादा है और पृथ्वी का उसके सूर्य के मुकाबले में बहुत कम है इसलिए पृथ्वी सूरज के चक्कर लगाती है ना थे सूरज पृथ्वी का चक्कर लगाता है

prithvi surya ke chakkar is tarike se bhi lagati hai jaise chand ya phir jo anya man made satellite hai jo humne bheji hai upgrah antariksh mein vaah yahan se wahan jaate hain uske baad modi ke chakkar katatey rehte time ke baad uska suraj par gurutvaakarshan ne use pakad liya aur vaah abhi bahar jaane ki koshish kar rahi hai toh isi ke chakkar mein vaah electrical orbit mein ghoomti rehti hai aur sudarshan bahut zyada hai aur prithvi ka uske surya ke muqable mein bahut kam hai isliye prithvi suraj ke chakkar lagati hai na the suraj prithvi ka chakkar lagaata hai

पृथ्वी सूर्य के चक्कर इस तरीके से भी लगाती है जैसे चांद या फिर जो अन्य मैन मेड सेटेलाइट है

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Mohini

Voice Artist

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Snehasish Gupta

Journalist / Traveller

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पृथ्वी जो है वह अपने ऑर्बिट पर सूर्य के चारों तरफ घूमती रहती है अगर पृथ्वी चारों तरफ घूमता नहीं है तो हमारे जो देश है हमारे जो दिन काले वह पार नहीं होंगे हमारे जो साल है वह खत्म नहीं होंगे पृथ्वी घूमती रहती है क्योंकि वह धीरे-धीरे दोपहर से सुबह से शाम शाम से रात रात दोपहर फिर सुबह यह करने के लिए पृथ्वी घूमती रहती है और साल तक खत्म हो इसलिए पृथ्वी घूमती है सूरज के चारों ओर

prithvi jo hai vaah apne orbit par surya ke charo taraf ghoomti rehti hai agar prithvi charo taraf ghoomta nahi hai toh hamare jo desh hai hamare jo din kaale vaah par nahi honge hamare jo saal hai vaah khatam nahi honge prithvi ghoomti rehti hai kyonki vaah dhire dhire dopahar se subah se shaam shaam se raat raat dopahar phir subah yah karne ke liye prithvi ghoomti rehti hai aur saal tak khatam ho isliye prithvi ghoomti hai suraj ke charo aur

पृथ्वी जो है वह अपने ऑर्बिट पर सूर्य के चारों तरफ घूमती रहती है अगर पृथ्वी चारों तरफ घूमता

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shekhar11

Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां दिखा दे तो हम जहां तक हम जानते हैं कि सोलर सिस्टम और वहां पर 8 प्लानेट है पहले ना हुआ करते थे लेकिन अब भी आती प्लानेट है और जितने भी प्लैनेट्स है वह सभी सुरेश से ही बने हुए सूर्य के कुछ टुकड़े टूटने के बाद प्लांट बंद है तो इस कारण से ही पृथ्वी जो है हमारी वह भी सुबह से ही बनी है तो सूर्य एक सेंटर है पृथ्वी टूटने के कारण जो ग्रेविटेशनल फोर्स लगती है इस कारण से ही वह स्पेस में एक-एक ग्रेविटी में घूमती है और इस कारण से मैं ऐसा प्रतीत होता है कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है

haan dikha de toh hum jaha tak hum jante hain ki solar system aur wahan par 8 planet hai pehle na hua karte the lekin ab bhi aati planet hai aur jitne bhi planets hai vaah sabhi suresh se hi bane hue surya ke kuch tukde tutne ke baad plant band hai toh is karan se hi prithvi jo hai hamari vaah bhi subah se hi bani hai toh surya ek center hai prithvi tutne ke karan jo gravitational force lagti hai is karan se hi vaah space mein ek ek gravity mein ghoomti hai aur is karan se main aisa pratit hota hai ki prithvi surya ke charo aur chakkar lagati hai

हां दिखा दे तो हम जहां तक हम जानते हैं कि सोलर सिस्टम और वहां पर 8 प्लानेट है पहले ना हुआ

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