मेरे आस पास के लोग कभी कभी ऐसा बर्ताव करते है जब मुझे लगता है की उन्हें मेरी चिंता बिलकुल ही नहीं है। ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?...


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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

0:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निकिता लोग जो भी कहते हैं कुछ अच्छा सोच कर कहते हमको ऐसा लगता होगा कब स्वीकार नहीं कर रही थी आप लोगों की परवाह नहीं करें ठीक है आप अपना मन को पढ़ाई में लगाने ज्यादा चिंता नहीं करें आप अपने फ्यूचर के बारे में सोचें और लक्ष्य को हासिल करने के लिए ज्यादा ज्यादा पढ़ाई का है लोगों को अरे लोगों की बातों को तकलीफ नहीं माने और अच्छे लोगों की संगति करें हमेशा पॉजिटिव सोच हमेशा ध्यान पढ़ाई में लगे जंग अपना लक्ष्य प्राप्त होगा

nikita log jo bhi kehte hain kuch accha soch kar kehte hamko aisa lagta hoga kab sweekar nahi kar rahi thi aap logo ki parvaah nahi kare theek hai aap apna man ko padhai me lagane zyada chinta nahi kare aap apne future ke bare me sochen aur lakshya ko hasil karne ke liye zyada zyada padhai ka hai logo ko are logo ki baaton ko takleef nahi maane aur acche logo ki sangati kare hamesha positive soch hamesha dhyan padhai me lage jung apna lakshya prapt hoga

निकिता लोग जो भी कहते हैं कुछ अच्छा सोच कर कहते हमको ऐसा लगता होगा कब स्वीकार नहीं कर रही

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके पास मेरे आस-पास के लोग कभी-कभी ऐसा बर्ताव करते हैं जब मुझे लगता है सुनील भैया की चिंता नहीं है मुझे क्या करना चाहिए थोड़ा सा सीन रहे और उनके व्यवहार को उनकी प्रतिक्रिया करें धीरे-धीरे

aapke paas mere aas paas ke log kabhi kabhi aisa bartaav karte hain jab mujhe lagta hai sunil bhaiya ki chinta nahi hai mujhe kya karna chahiye thoda sa seen rahe aur unke vyavhar ko unki pratikriya kare dhire dhire

आपके पास मेरे आस-पास के लोग कभी-कभी ऐसा बर्ताव करते हैं जब मुझे लगता है सुनील भैया की चिं

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Nikunj Sodagar

Environmental Engineer, Life Coach, Astro Vastu Consultant, Hypnotherapist

3:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले तो आपका प्रश्न है उसके लिए मैं पूछना चाहूंगा कि आप क्षमा चाहते हैं कि कोई अन्य व्यक्ति आपके लिए चिंता करें शायद आपको ऐसा है कि कोई व्यक्ति सही में करता है दिखावा करता है तो आपको लगता है कि सामने वाला व्यक्ति आपसे प्यार कर रहा है आपसे उसकी इमोशनल विदेशी मगर यह बात सही नहीं है कई बार माता-पिता बच्चे को कुछ बोलते नहीं है तब तक नहीं करते मगर उनकी निगाह है हमें अपने बच्चों के लिए याद करके सेना अपवाद को छोड़कर किसी भी इंसान को तो थोड़ी है कि कोई भी जानवर अपने बच्चे पर निखार आता है तो आपका यह सूचना है कि दुकान से बर्ताव करते इसकी वजह से उन लोगों का की कोई चिंता नहीं आप अपने आपको जानने की कोशिश कीजिए ऐसा लगता है या कुछ घटना या पेट्स है जिसके आधार पर आप मानते हो यह आपके लिए कोई चिंता करने वाला नहीं है और दूसरा एक पल भी बता दो अगर लोग आपके बारे में चिंता करते तो ज्यादातर लोग उन लोगों के बारे बारे में चिंता करते हैं जो नादान होते कमजोर होते अरे कुत्ते कमजोर होते मानसिक तौर पर कमजोर होते इसकी चिंता की जाती है तो आपको करो होना चाहिए क्या आप स्वतंत्र हैं इंडिपेंडेंट आपके आसपास के लोगों को लगता है कि आपके बारे में कोई चिंता करने की जरूरत नहीं आप खुद को भी और अन्य को भी समाज व उनका आपके ऊपर का विश्वास हो सकता है सुरक्षित परिस्थितियों को समझने चाहिए बाद में एक बात समझने की कोशिश कीजिए

pehle toh aapka prashna hai uske liye main poochna chahunga ki aap kshama chahte hain ki koi anya vyakti aapke liye chinta kare shayad aapko aisa hai ki koi vyakti sahi me karta hai dikhawa karta hai toh aapko lagta hai ki saamne vala vyakti aapse pyar kar raha hai aapse uski emotional videshi magar yah baat sahi nahi hai kai baar mata pita bacche ko kuch bolte nahi hai tab tak nahi karte magar unki nigah hai hamein apne baccho ke liye yaad karke sena apavad ko chhodkar kisi bhi insaan ko toh thodi hai ki koi bhi janwar apne bacche par nikhaar aata hai toh aapka yah soochna hai ki dukaan se bartaav karte iski wajah se un logo ka ki koi chinta nahi aap apne aapko jaanne ki koshish kijiye aisa lagta hai ya kuch ghatna ya pets hai jiske aadhar par aap maante ho yah aapke liye koi chinta karne vala nahi hai aur doosra ek pal bhi bata do agar log aapke bare me chinta karte toh jyadatar log un logo ke bare bare me chinta karte hain jo nadan hote kamjor hote are kutte kamjor hote mansik taur par kamjor hote iski chinta ki jaati hai toh aapko karo hona chahiye kya aap swatantra hain independent aapke aaspass ke logo ko lagta hai ki aapke bare me koi chinta karne ki zarurat nahi aap khud ko bhi aur anya ko bhi samaj va unka aapke upar ka vishwas ho sakta hai surakshit paristhitiyon ko samjhne chahiye baad me ek baat samjhne ki koshish kijiye

पहले तो आपका प्रश्न है उसके लिए मैं पूछना चाहूंगा कि आप क्षमा चाहते हैं कि कोई अन्य व्यक्त

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Bhavin J. Shah

Life Coach

0:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डिपेंडेंसी क्रिएट्स अपसेट जब हम दूसरों के ऊपर डिपेंडेंट रहते हैं या हमेशा सोचते हैं कि लोग मेरे साथ ऐसा बर्ताव करें कि सब मुझे पसंद है वह नहीं होने वाला है अगर आप चाहते हो रिस्पेक्ट पाना झंडू डिमांड कमांड यानी कि आप अपने वैल्यू इतनी क्रिएट करिए कि आप नहीं कहेंगे फिर भी लोग आपको जो रिस्पेक्ट देना चाहिए वह देंगे और आपको किसी के पास उसके दीवान करने की या आपको भूख नहीं रहेगी किसी ने मुझे बुलाया नहीं बुलाया और इस पर दिया नहीं दिया आप अपनी लाइन लंबी करते चाहिए डे बाय डे डे बाय डे अपने आप को इंप्रूव करिए और देखिए एक दिन ऐसा आएगा जब आपको किसी को कह रानी पड़ेगा प्लीज गिव मी रिस्पेक्ट पीपल विल गिव यू रिस्पेक्ट थैंक यू

dipendensi creates upset jab hum dusro ke upar dependent rehte hain ya hamesha sochte hain ki log mere saath aisa bartaav kare ki sab mujhe pasand hai vaah nahi hone vala hai agar aap chahte ho respect paana jhandu demand command yani ki aap apne value itni create kariye ki aap nahi kahenge phir bhi log aapko jo respect dena chahiye vaah denge aur aapko kisi ke paas uske deevan karne ki ya aapko bhukh nahi rahegi kisi ne mujhe bulaya nahi bulaya aur is par diya nahi diya aap apni line lambi karte chahiye day bye day day bye day apne aap ko improve kariye aur dekhiye ek din aisa aayega jab aapko kisi ko keh rani padega please give me respect pipal will give you respect thank you

डिपेंडेंसी क्रिएट्स अपसेट जब हम दूसरों के ऊपर डिपेंडेंट रहते हैं या हमेशा सोचते हैं कि लोग

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

1:23

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक ही जीवन है इसमें कभी भी कोई नहीं सारे दिन एक समान नहीं कभी आप यही सोच सकती है आज का दिन अच्छा तो कल का दिन भी अच्छा होगा कभी नहीं आपके साथ अगर कोई है तो दुनिया में कोई किसी के बिना रह नहीं सकता और नफरत करते हैं आपको बुरा समझते आपको बुरा मानते हैं बच्चे को मारते हैं पीते हैं तुम्हारा नाम क्या है

ek hi jeevan hai isme kabhi bhi koi nahi saare din ek saman nahi kabhi aap yahi soch sakti hai aaj ka din accha toh kal ka din bhi accha hoga kabhi nahi aapke saath agar koi hai toh duniya mein koi kisi ke bina reh nahi sakta aur nafrat karte hain aapko bura samajhte aapko bura maante hain bacche ko marte hain peete hain tumhara naam kya hai

एक ही जीवन है इसमें कभी भी कोई नहीं सारे दिन एक समान नहीं कभी आप यही सोच सकती है आज का दिन

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है मेरे आस-पास के लोग कभी-कभी ऐसा बर्ताव करते हैं जब मुझे लगता है क्यों नहीं मेरी चिंता बिल्कुल ही नहीं बहुत अच्छे क्वेश्चन है लेकिन आप जरा सोचिए कि जब आपको लगता है कि अन्य लोग मेरी चिंता नहीं करते हैं तो आप उन लोगों के पास जाइए जो लोग आपकी चिंता नहीं करते हैं वह लोग अपनी इतनी चिंता करते हैं सर्वप्रथम आपको इस बात को दिमाग से हटा देना है कि लोग मेरी कितनी चिंता करते हैं बल्कि इस बात पर आप गौर करिए कि आप अपनी जितनी चिंता करते हैं आप अपनी चिंता कीजिए और किसी अन्य व्यक्ति के पास इतना समय नहीं है कि वह आपकी चिंता को समझे क्योंकि वह अपने ही चिंता में इतना उलझा हुआ है कि आपको चिंतित करने का प्रयास करता है इसलिए आप स्वयं की चिंता को देखें स्वयं की समस्याओं को समझें और दूसरे लोगों के बहकावे में ना आए

aapne poocha hai mere aas paas ke log kabhi kabhi aisa bartaav karte hain jab mujhe lagta hai kyon nahi meri chinta bilkul hi nahi bahut acche question hai lekin aap zara sochiye ki jab aapko lagta hai ki anya log meri chinta nahi karte hain toh aap un logo ke paas jaiye jo log aapki chinta nahi karte hain vaah log apni itni chinta karte hain sarvapratham aapko is baat ko dimag se hata dena hai ki log meri kitni chinta karte hain balki is baat par aap gaur kariye ki aap apni jitni chinta karte hain aap apni chinta kijiye aur kisi anya vyakti ke paas itna samay nahi hai ki vaah aapki chinta ko samjhe kyonki vaah apne hi chinta me itna uljha hua hai ki aapko chintit karne ka prayas karta hai isliye aap swayam ki chinta ko dekhen swayam ki samasyaon ko samajhe aur dusre logo ke bahakaave me na aaye

आपने पूछा है मेरे आस-पास के लोग कभी-कभी ऐसा बर्ताव करते हैं जब मुझे लगता है क्यों नहीं मेर

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Rishi Arya

Yoga Trainer

4:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा कि मेरे आस-पास के लोग कभी-कभी ऐसा बर्ताव करते हैं कि जब मुझे लगता है कि उन्हें मेरी बिल्कुल चिंता ही नहीं है ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए बंद हो आपकी बात बिल्कुल अपनी जगह ठीक है कभी कबार क्या होता है जो रियल बात है वह तो यह है कि इस दुनिया में सारा जो खेल है ना रिश्ते नाते दोस्ती मित्रता रिलेशन सब कुछ तो है ना यह पिक स्वार्थ पूर्ण व्यवस्था के पहलू हैं इनके पीछे मकसद है मतलब है बगैर मकसद के कोई आपके साथ संबंध नहीं रखता आप कहेंगे ऐसा तो नहीं है लेकिन मैं आपको कुछ उदाहरण देता हूं आपने कभी गौर किया होगा कि एक माता-पिता अपने बच्चे को जन्म देते हैं और वह माता-पिता बच्चे का लालन-पालन करते हैं और न जाने कितनी परेशानियां उठाकर कई बार तो ऐसा होता है हु इस संपत्ति को दांव पर लगाकर और बच्चे की परवरिश करते हैं इसके पीछे कारण क्या है उस बच्चे ने मां-बाप के साथ में कोई एहसान तो किया नहीं लेकिन हां वहां स्वार्थ है स्वार्थ क्या है यह बच्चा बड़ा होगा तो हमारा नाम करेगा बुढ़ापे में हमारा सहारा बनेगा इस स्वार्थ में बच्चे की परवरिश कर रहे हैं अब बच्चा बड़ा हुआ अब बच्चे को क्या है मां-बाप तो थक चुके हैं तो फिर बच्चा क्या करता है कुछ तो समझदार जिनको कहें ए जिनका स्वार्थ ठीक होता है उनको कहें वह मां-बाप की सेवा करते हैं मां-बाप की सेवा कर लेकिन आपने देखा होगा उसमें भी स्वार्थ है स्वार्थ पूर्ण सेवा होती है क्यों क्योंकि मैं उनको तो उम्मीद है कि मां-बाप के पास जो संपदा है जो संपत्ति है जो कुछ उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में जो अर्जित किया है वह हमारे लिए है इसलिए वह मां-बाप की सेवा करते हैं चार भाई होते तो एक भाई ज्यादा सेवा करता है क्यों क्योंकि मेरे पितर संपत्ति में मेरा तुझे ज्यादा कर जाए या मुझे कुछ ज्यादा तेज हैं इसलिए उसमें भी स्वार्थ पूर्ण व्यवस्था है तू मेरे भाई इसमें मुझे लगता है कि परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है यह दुनिया स्वार्थ पूर्ण है बेटे का पिता से जो रिश्ता है कोई स्वार्थ का रिश्ता है पिता का बेटे से रिश्ता है वह स्वार्थ का रिश्ता है अपने अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपने-अपने का लेख जो है और काले उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संबंध हैं इसमें कुछ परेशान होने की बात नहीं है जी अकेला आता है और अकेला ही जाता है कोई किसी के साथ नहीं जाता इशारे संबंध हम यहां आकर बनाते हैं और इनके पीछे कोई ना कोई मकसद होता है इसलिए इसमें कतई परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है आपको मुझे लगता है कि आपकी जो शंका थी इसका कुछ समाधान निकला होगा मुझे पूरी आशा और उम्मीद है कि आप मेरे जवाब से संतुष्ट होंगे यदि ओम श्याम

aapne kaha ki mere aas paas ke log kabhi kabhi aisa bartaav karte hain ki jab mujhe lagta hai ki unhe meri bilkul chinta hi nahi hai aise me mujhe kya karna chahiye band ho aapki baat bilkul apni jagah theek hai kabhi kabar kya hota hai jo real baat hai vaah toh yah hai ki is duniya me saara jo khel hai na rishte naate dosti mitrata relation sab kuch toh hai na yah pic swarth purn vyavastha ke pahaloo hain inke peeche maksad hai matlab hai bagair maksad ke koi aapke saath sambandh nahi rakhta aap kahenge aisa toh nahi hai lekin main aapko kuch udaharan deta hoon aapne kabhi gaur kiya hoga ki ek mata pita apne bacche ko janam dete hain aur vaah mata pita bacche ka lalan palan karte hain aur na jaane kitni pareshaniya uthaakar kai baar toh aisa hota hai hoon is sampatti ko dav par lagakar aur bacche ki parvarish karte hain iske peeche karan kya hai us bacche ne maa baap ke saath me koi ehsaan toh kiya nahi lekin haan wahan swarth hai swarth kya hai yah baccha bada hoga toh hamara naam karega budhape me hamara sahara banega is swarth me bacche ki parvarish kar rahe hain ab baccha bada hua ab bacche ko kya hai maa baap toh thak chuke hain toh phir baccha kya karta hai kuch toh samajhdar jinako kahein a jinka swarth theek hota hai unko kahein vaah maa baap ki seva karte hain maa baap ki seva kar lekin aapne dekha hoga usme bhi swarth hai swarth purn seva hoti hai kyon kyonki main unko toh ummid hai ki maa baap ke paas jo sampada hai jo sampatti hai jo kuch unhone apni puri zindagi me jo arjit kiya hai vaah hamare liye hai isliye vaah maa baap ki seva karte hain char bhai hote toh ek bhai zyada seva karta hai kyon kyonki mere pitar sampatti me mera tujhe zyada kar jaaye ya mujhe kuch zyada tez hain isliye usme bhi swarth purn vyavastha hai tu mere bhai isme mujhe lagta hai ki pareshan hone ki koi avashyakta nahi hai yah duniya swarth purn hai bete ka pita se jo rishta hai koi swarth ka rishta hai pita ka bete se rishta hai vaah swarth ka rishta hai apne apne udyeshyon ki purti ke liye apne apne ka lekh jo hai aur kaale udyeshyon ki purti ke liye sambandh hain isme kuch pareshan hone ki baat nahi hai ji akela aata hai aur akela hi jata hai koi kisi ke saath nahi jata ishare sambandh hum yahan aakar banate hain aur inke peeche koi na koi maksad hota hai isliye isme katai pareshan hone ki koi avashyakta nahi hai aapko mujhe lagta hai ki aapki jo shanka thi iska kuch samadhan nikala hoga mujhe puri asha aur ummid hai ki aap mere jawab se santusht honge yadi om shyam

आपने कहा कि मेरे आस-पास के लोग कभी-कभी ऐसा बर्ताव करते हैं कि जब मुझे लगता है कि उन्हें मे

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Prabha

Business Owner

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मन को शांत रखना चाहिए खुद से बातें करनी चाहिए खुद से बातें करने से आत्म बल मिलता है और कुछ करने का सबसे अच्छा तरीका है कि ना कोई हमारा अच्छा बहुत सोच रहा है और ना ही हमसे कोई बातें कर रहा है तो हम अपने लिए सोच सकते हैं कि से अच्छा है कि हम खुद से बातें करें जिससे कि हमारे आसपास के लोग हमारी चिंता करें या ना करें इसे हमें फर्क ना पड़े बरात वाले

man ko shaant rakhna chahiye khud se batein karni chahiye khud se batein karne se aatm bal milta hai aur kuch karne ka sabse accha tarika hai ki na koi hamara accha bahut soch raha hai aur na hi humse koi batein kar raha hai toh hum apne liye soch sakte hain ki se accha hai ki hum khud se batein kare jisse ki hamare aaspass ke log hamari chinta kare ya na kare ise hamein fark na pade baraat waale

मन को शांत रखना चाहिए खुद से बातें करनी चाहिए खुद से बातें करने से आत्म बल मिलता है और कुछ

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