भगवान शिव के पिता गुरु परिवार भाई कौन-कौन है?...


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शिव अजन्मा अविनाशी हैं उनके कोई माता-पिता नहीं है यह स्वत आउट भूत हैं यशवंत जगत के गुरु हैं इनके गुरु कोई नहीं है

shiv ajanma avinashi hain unke koi mata pita nahi hai yah swat out bhoot hain yashvant jagat ke guru hain inke guru koi nahi hai

शिव अजन्मा अविनाशी हैं उनके कोई माता-पिता नहीं है यह स्वत आउट भूत हैं यशवंत जगत के गुरु है

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भगवान शिव के पिता का नाम ज्योति निरंजन काल भगवान जिसे वेद पुराण में ब्रह्म कहा गया है सर पुरुष कहा गया है यह इनका भगवान शिव का पिता है और यह काल भगवान किसी को अपना रूप नहीं दिखाऊंगा करके यह अव्यक्त रहता है यह काल भगवान अपना रूप किसी को नहीं दिखाते और अपने बच्चे को भी अपना रूप नहीं दिखाते क्योंकि इनको श्राप लगा है सच ईश्वर पिता का कि तू एक लाख हनसा का महल को यानी 5 को रोज खाएगा और सवा लाख हनसा को फायदा करेगा ऐसे इन को श्राप लगा है इसीलिए यह मेरा पूर्ण जानकारी ना मिले मेरे पुत्रों को ऐसे कार्य के यह कभी दर्शन नहीं देता काल भगवान और दुर्गा माता को कहा है कि मेरा भेज मेरे पुत्रों को कभी मत बताना क्योंकि मेरे को श्राप लगा है एक लाख अंसा को हनसा कार्मेल को रोज खाने के लिए यानी पाप को खाने के लिए तो इनको ब्रह्मा विष्णु शंकर को कार्यकर्ता बाद बनाओ जो विष्णु है वह सद्गुण डालेगा और ब्रह्मा है जो जीव आत्मा डालेगा और शंकर भगवान हैं वह सहयोग का काम करेगा जैसे एक पति-पत्नी करते हैं वैसे झाले डालेंगे और एक जीव बनाएंगे जीव का रचना करेंगे और इंसानों को जन्म देंगे और मारने वाला आने वाला मैं हूं मैं रहूंगा क्योंकि इसी में मेरा पेट भरेगा और काल भगवान दुर्गा माता को बोले हैं कि अगर मेरा भेज मेरे पुत्रों को अगर तू बताएगा तो मैं तेरे को भी बहुत शराब दूंगा तेरे को शराब से ढूंढना पड़ेगा ऐसे करके काल भगवान दुर्गा माता को दबाव दिया है इसलिए ब्रह्मा विष्णु शंकर को यह तीनों का पिता के बारे में दुर्गा माता नहीं बताती तीनों बच्चे सो और मैं ही तुम्हारा पिता हूं मैं ही तुम्हारा नाम आता हूं ऐसे करके बोला है इसलिए संसार वालों को कभी ज्यादा करके ज्यादा लोग को जानकारी नहीं रहते और ब्रह्मा विष्णु शंकर ही परमात्मा है ऐसे सोचते हैं लेकिन यह सुख शमा ज्ञान जो सत ईश्वर पिता का जो सत ईश्वर पीता है वह अपना भेजती हाय संत के रूप में साधु के रूप में तत्वदर्शी संत के रूप में आते हैं परमात्मा अपना अंश बना कर भेजते हैं और भेजने के बाद यही सूक्ष्म अज्ञान को बताते हैं परमात्मा के बारे में और यह सुख शमा ज्ञान बताते हैं और ये ब्रह्मा विष्णु शंकर के बारे में भी उन्हें प्रमाण सहित खोलकर सभी वेदों का पुराणों का बताते हैं अगर काल निरंजन के बारे में ब्रह्मा विष्णु शंकर को पता चल जाता तो यह कभी हम इंसानों को रचना हिंदू रचना नहीं करते क्योंकि हम क्योंकि हम रचना की करते हैं और पिता मार कर खाते हैं इसको सर आप लगा है तो हम इसके अंदर इसके जाल में नहीं रहेंगे ऐसे करके सोच लेते जो प्रकृति प्रकृति भागवत गीता में दिया है वह दुर्गा माता है और यह दुर्गा माता यानी 8 भूल जाने वाला अष्टम जी यह शंकर भगवान का मां का हो या फिर गुरु का हो यह दोनों दुर्गा माही है यह ब्रह्मा विष्णु शंकर का गुरु भी है और मां भी है क्योंकि इसको तीनों देव को जन्म देने वाला दुर्गा माता है और यह यही शिक्षा दिया है कि मैं तेरा माता हूं माही पूरे जगत जननी हूं मेरे आगे और कोई नहीं है ऐसे यह ब्रह्मा विष्णु को बताए हैं इसलिए यही दुर्गा माता इनका मां है और इनका गुरु है और और इनका पत्नी पार्वती है और इनका शंकर भगवान का पुत्र गणेश भगवान है और कार्तिक है यह शंकर भगवान तीनों भाइयों में सबसे छोटा है जो ब्रह्मा विष्णु शंकर है तो शंकर भगवान सबसे छोटा है और इससे थोड़ा बड़ा मंजुला जो बीच वाला रहता है वह विष्णु भगवान है और विष्णु भगवान से बड़ा ब्रह्म देव है यह तीनों भाई है ठीक है धन्यवाद

bhagwan shiv ke pita ka naam jyoti niranjan kaal bhagwan jise ved puran me Brahma kaha gaya hai sir purush kaha gaya hai yah inka bhagwan shiv ka pita hai aur yah kaal bhagwan kisi ko apna roop nahi dikhaunga karke yah avyakt rehta hai yah kaal bhagwan apna roop kisi ko nahi dikhate aur apne bacche ko bhi apna roop nahi dikhate kyonki inko shraap laga hai sach ishwar pita ka ki tu ek lakh hanasa ka mahal ko yani 5 ko roj khaega aur sava lakh hanasa ko fayda karega aise in ko shraap laga hai isliye yah mera purn jaankari na mile mere putron ko aise karya ke yah kabhi darshan nahi deta kaal bhagwan aur durga mata ko kaha hai ki mera bhej mere putron ko kabhi mat batana kyonki mere ko shraap laga hai ek lakh ansa ko hanasa karmel ko roj khane ke liye yani paap ko khane ke liye toh inko brahma vishnu shankar ko karyakarta baad banao jo vishnu hai vaah sadgun dalega aur brahma hai jo jeev aatma dalega aur shankar bhagwan hain vaah sahyog ka kaam karega jaise ek pati patni karte hain waise jhale daalenge aur ek jeev banayenge jeev ka rachna karenge aur insano ko janam denge aur maarne vala aane vala main hoon main rahunga kyonki isi me mera pet bharega aur kaal bhagwan durga mata ko bole hain ki agar mera bhej mere putron ko agar tu batayega toh main tere ko bhi bahut sharab dunga tere ko sharab se dhundhana padega aise karke kaal bhagwan durga mata ko dabaav diya hai isliye brahma vishnu shankar ko yah tatvo ka pita ke bare me durga mata nahi batati tatvo bacche so aur main hi tumhara pita hoon main hi tumhara naam aata hoon aise karke bola hai isliye sansar walon ko kabhi zyada karke zyada log ko jaankari nahi rehte aur brahma vishnu shankar hi paramatma hai aise sochte hain lekin yah sukh shama gyaan jo sat ishwar pita ka jo sat ishwar pita hai vaah apna bhejti hi sant ke roop me sadhu ke roop me tatvadarshi sant ke roop me aate hain paramatma apna ansh bana kar bhejate hain aur bhejne ke baad yahi sukshm agyan ko batatey hain paramatma ke bare me aur yah sukh shama gyaan batatey hain aur ye brahma vishnu shankar ke bare me bhi unhe pramaan sahit kholakar sabhi vedo ka purano ka batatey hain agar kaal niranjan ke bare me brahma vishnu shankar ko pata chal jata toh yah kabhi hum insano ko rachna hindu rachna nahi karte kyonki hum kyonki hum rachna ki karte hain aur pita maar kar khate hain isko sir aap laga hai toh hum iske andar iske jaal me nahi rahenge aise karke soch lete jo prakriti prakriti bhagwat geeta me diya hai vaah durga mata hai aur yah durga mata yani 8 bhool jaane vala ashtam ji yah shankar bhagwan ka maa ka ho ya phir guru ka ho yah dono durga maahi hai yah brahma vishnu shankar ka guru bhi hai aur maa bhi hai kyonki isko tatvo dev ko janam dene vala durga mata hai aur yah yahi shiksha diya hai ki main tera mata hoon maahi poore jagat janani hoon mere aage aur koi nahi hai aise yah brahma vishnu ko bataye hain isliye yahi durga mata inka maa hai aur inka guru hai aur aur inka patni parvati hai aur inka shankar bhagwan ka putra ganesh bhagwan hai aur kartik hai yah shankar bhagwan tatvo bhaiyo me sabse chota hai jo brahma vishnu shankar hai toh shankar bhagwan sabse chota hai aur isse thoda bada manjula jo beech vala rehta hai vaah vishnu bhagwan hai aur vishnu bhagwan se bada Brahma dev hai yah tatvo bhai hai theek hai dhanyavad

भगवान शिव के पिता का नाम ज्योति निरंजन काल भगवान जिसे वेद पुराण में ब्रह्म कहा गया है सर प

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