क्या किसी को उसकी बातों से जज करना सही है?...


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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

1:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जांच करना जो होता है मतलब एक सेंटेंस प्रदान करना जो कि सही नहीं होता हां लेकिन आप एनालाइज कर सकते हैं आप इसके बारे में जांच कर सकते हैं कि उनका पर्सनालिटी कैसा है उनका इमोशनल मेच्योरिटी कितना है उनकी सोच कैसी है उनका नॉलेज और कैसा है और उनका लाइफ में आउटलुक क्या है यह आप जांच कर सकते हैं उनकी बातों और इमोशंस के द्वारा और फिर आप देख सकते हैं कि आपके साथ उनका पर्सनालिटी कैसा जमता है अगर सब कुछ ठीक है तो दोस्ती की जगह ठीक नहीं है तो फिर उनको एक वेतनश्रेणी एक हाय बाय के रिश्ते तक की रखिएगा तो जांच करके आपने अपने डिसाइड करना कि आपके लिए सही है नहीं अलग है लेकिन जज करके एक सेंटेंस प्रदान करना कि यह फलाना प्रसन्न ऐसा है यह गलत है हम किसी को जज करने का हमें किसी को जज करने का ना तो अधिकार है ना कि नहीं वह सही है क्योंकि हम खुद परफेक्ट इन नहीं होते और दूसरे के की जांच करने से आपका जो आपके खुद के जो नेगेटिव क्वालिटीज होते हैं वह बाहर आ ही जाते हैं और क्योंकि अगर हम हम जो दूसरों को प्रदान करते हैं मतलब हम ऑलरेडी जानते हैं कि वह क्वालिटीज क्या है तो जाहिर है हमें भी थोड़े होंगे वरना हम को पता नहीं होता वह क्या है तो जज करना यह बहुत ही नेगेटिव वर्जित होता है और हमें जज नहीं करना चाहिए हां अब ऑनलाइन कीजिए जांच कीजिए और देखिए कि आपके लिए वह इंसान सही है कि नहीं और उसके बाद आप कोई भी निर्णय लीजिए

dekhiye jaanch karna jo hota hai matlab ek sentence pradan karna jo ki sahi nahi hota haan lekin aap analyse kar sakte hai aap iske bare mein jaanch kar sakte hai ki unka personality kaisa hai unka emotional maturity kitna hai unki soch kaisi hai unka knowledge aur kaisa hai aur unka life mein outlook kya hai yah aap jaanch kar sakte hai unki baaton aur emotional ke dwara aur phir aap dekh sakte hai ki aapke saath unka personality kaisa jamata hai agar sab kuch theek hai toh dosti ki jagah theek nahi hai toh phir unko ek vetanashreni ek hi bye ke rishte tak ki rakhiega toh jaanch karke aapne apne decide karna ki aapke liye sahi hai nahi alag hai lekin judge karke ek sentence pradan karna ki yah falana prasann aisa hai yah galat hai hum kisi ko judge karne ka hamein kisi ko judge karne ka na toh adhikaar hai na ki nahi vaah sahi hai kyonki hum khud perfect in nahi hote aur dusre ke ki jaanch karne se aapka jo aapke khud ke jo Negative kwalitij hote hai vaah bahar aa hi jaate hai aur kyonki agar hum hum jo dusro ko pradan karte hai matlab hum already jante hai ki vaah kwalitij kya hai toh jaahir hai hamein bhi thode honge varna hum ko pata nahi hota vaah kya hai toh judge karna yah bahut hi Negative varjit hota hai aur hamein judge nahi karna chahiye haan ab online kijiye jaanch kijiye aur dekhiye ki aapke liye vaah insaan sahi hai ki nahi aur uske baad aap koi bhi nirnay lijiye

देखिए जांच करना जो होता है मतलब एक सेंटेंस प्रदान करना जो कि सही नहीं होता हां लेकिन आप एन

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा सवाल है आपका कि किसी को उसकी बातों से जज करना सही है या नहीं बट जब भी हम किसी ने इंसान से मिलते हैं तो हम सबसे पहले उनकी शब्द यानी उनकी बातें ही सुनते हैं और एक अनुमान लगा लेते हैं कि हमारी उनसे बनेगी या नहीं ठीक है इसके बाद यह बात बिल्कुल सही जरूरी है कि सिर्फ शब्द सब कुछ नहीं बस पाइप करते बहुत सारे लोग जो है वह कहते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं तो उनकी कर्म भी देखने उनके काम भी देखनी बहुत जरूरी है अगर कोई इंसान अपने शब्दों पर जो कह रहा है वही कर रहा है तब उसे यूनो पूरा जजमेंट तब उस पर आप भरोसा एक तरीके से कर सकते हैं सिर्फ बातों पर भरोसा मत करिए किसी की भी बड़ा जब भी हम किसी से न इंसान से मिलते हैं तो बातों से ही बाद में अनुमान लगाया जाता है बट ऐसा नहीं है कि वह तो सिर्फ बातों बातों से आप उन पर पूरी तरीके से भरोसा कर सकते हैं

bahut hi accha sawaal hai aapka ki kisi ko uski baaton se judge karna sahi hai ya nahi but jab bhi hum kisi ne insaan se milte hain toh hum sabse pehle unki shabd yani unki batein hi sunte hain aur ek anumaan laga lete hain ki hamari unse banegi ya nahi theek hai iske baad yah baat bilkul sahi zaroori hai ki sirf shabd sab kuch nahi bus pipe karte bahut saare log jo hai vaah kehte kuch aur hain aur karte kuch aur hain toh unki karm bhi dekhne unke kaam bhi dekhni bahut zaroori hai agar koi insaan apne shabdon par jo keh raha hai wahi kar raha hai tab use uno pura judgement tab us par aap bharosa ek tarike se kar sakte hain sirf baaton par bharosa mat kariye kisi ki bhi bada jab bhi hum kisi se na insaan se milte hain toh baaton se hi baad mein anumaan lagaya jata hai but aisa nahi hai ki vaah toh sirf baaton baaton se aap un par puri tarike se bharosa kar sakte hain

बहुत ही अच्छा सवाल है आपका कि किसी को उसकी बातों से जज करना सही है या नहीं बट जब भी हम किस

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Suman Bhardwaj

Psychologist/Yoga Trainer/Marriage Counsellor,Child And Adolscent Counsellor

0:50

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क्रिक बातों के आधार पर हम पर नहीं कर सकते किसी के भी जगे तो जज करना और कमेंट में थोड़ा सा भी शक होता है बहुत ज्यादा करें उनके उनके उनके भागो उनके तरीके उनके वर्गों नॉनवर्बल एक्सप्रेशंस थे सोसायटी अगर आप सोसायटी की बात कर रहे हैं तो उनकी सोसाइटी लिमिटेड इन सब चीजों से आप क्या करना चाहते हैं तो किस को मिला क्या करें

crick baaton ke aadhaar par hum par nahi kar sakte kisi ke bhi jage toh judge karna aur comment mein thoda sa bhi shak hota hai bahut zyada kare unke unke unke bhago unke tarike unke vargon nonverbal expressions the sociaty agar aap sociaty ki baat kar rahe hain toh unki society limited in sab chijon se aap kya karna chahte hain toh kis ko mila kya karen

क्रिक बातों के आधार पर हम पर नहीं कर सकते किसी के भी जगे तो जज करना और कमेंट में थोड़ा सा

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Priyanka Kapoor

Clinical Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सैमसंग कंपनी की सबसे किसी की बात करने के तरीके

samsung company ki sabse kisi ki baat karne ke tarike

सैमसंग कंपनी की सबसे किसी की बात करने के तरीके

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आपका प्रश्न है क्या किसी को उसकी बातों से चेक करना सही है जी नहीं सिर्फ किसी को या उसके व्यक्तित्व को जज करने के लिए सिर्फ उसकी बातों का और सुनाया समझना काफी नहीं है बल्कि हम उसके व्यवहार उसकी आदतों या उसके नेचर को देख कर भी हम उसकी पर्सनालिटी को जज कर सकते हैं कभी-कभी कुछ लोग ज्यादा बड़बोले होती है तो हम लोगों की सिर्फ बातों पर ध्यान ना देकर उसकी पर्सनैलिटी को जज नहीं कर सकते बल्कि व्यवहार में वह कहीं ज्यादा अच्छे होते हैं धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

aapka prashna hai kya kisi ko uski baaton se check karna sahi hai ji nahi sirf kisi ko ya uske vyaktitva ko judge karne ke liye sirf uski baaton ka aur sunaya samajhna kaafi nahi hai balki hum uske vyavhar uski aadaton ya uske nature ko dekh kar bhi hum uski personality ko judge kar sakte hain kabhi kabhi kuch log zyada badhbole hoti hai toh hum logo ki sirf baaton par dhyan na dekar uski personality ko judge nahi kar sakte balki vyavhar mein vaah kahin zyada acche hote hain dhanyavad aapka din shubha ho

आपका प्रश्न है क्या किसी को उसकी बातों से चेक करना सही है जी नहीं सिर्फ किसी को या उसके व्

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या किसी को उसकी बातों से जांच करना सही है कोई लोग किसी की बातों से जज कर लेते हैं कोई लोग किसी की बातों से जज नहीं करते हैं कोई लोग उनके फेस रीडिंग बॉडी लैंग्वेज कैसे पता लगाते धीरे-धीरे समझते हैं उसके बाद जज करते हैं सिंपल के डिपेंड की क्या वातावरण है कैसा क्या सिचुएशन है उस पर डिपेंड रहता है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

aapka prashna hai kya kisi ko uski baaton se jaanch karna sahi hai koi log kisi ki baaton se judge kar lete hain koi log kisi ki baaton se judge nahi karte hain koi log unke face reading body language kaise pata lagate dhire dhire samajhte hain uske baad judge karte hain simple ke depend ki kya vatavaran hai kaisa kya situation hai us par depend rehta hai aapka din shubha ho dhanyavad

आपका प्रश्न है क्या किसी को उसकी बातों से जांच करना सही है कोई लोग किसी की बातों से जज कर

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि आप किसी व्यक्ति को उसके बातों के आधार पर जज ना करें आप उसे समझने का प्रयास करें उसके एक्टिविटीज देखें तो किसकी एक्टिविटीज उसके एक्शन ज्यादा महत्व कारी होते हैं बजाय उसके शब्द क्योंकि शब्द मानव की जो बॉडी होती है यह इसमें मानव अधिकतम दोगले भाग को लेकर जीता है बस कुछ और बोलता है और उसकी एक्टिविटीज उसके एक्शन कुछ और होते हैं इसलिए प्रत्येक समझदार मानव को उसके एक्टिविटीज देखनी चाहिए उसके बीएफ देखने चाहिए उसके एक्शन देखना चाहिए उसी आधार पर ही उसको जज किया जाए ना कि शब्दों के आधार पर शब्दों से तुम लोग अधिकांश लोग आदर्शवादी बनते हैं लेकिन जिनके चरित्र दो कौड़ी के होते हैं आप राम रहीम को देखिए आप आसाराम जी को देखिए आसाराम जी ने अपनी पाक कला के द्वारा भारत में 33 करोड़ अपने फॉलोवर्स बनाएं जो आज भी अंधे भक्तों की तरह उनकी मूर्ति की पूजा करते हैं उनके चित्र पूजा करते हैं कि उनकी बात तलाक का नमूना है कि उनके उत्तम भाषण का नाम नाम है उनकी शैली का सबूत है लेकिन उनके कर्म कर्म इतनी घटिया थे जिसके कारण से आज बहुत जेल में जेल में हैं और अपने कर्मों की सजा पा रहे ऐसे आपको भारत में अनेक अनेक मिल जाएंगे ब्लाइंड सपोर्टर सादिक परिस्थितियों के आधार पर उनके बनते हैं जबकि इनकी एक्टिविटी देखी जाए इनके एक्शन देखे जाएं इनके बीएफ देखे जाएं तो बहुत ही पार्टी के होते हैं इसलिए उसकी यदि किसी व्यक्ति की सच्चाई देखना चाहते हैं यदि उसे सही रूप का मूल्यांकन करना चाहते हैं तो उसकी एक्टिविटीज उसके एक्शन और उसके बीएफ के आधार पर आप करें वही सही मूल्यांकन आएगा बजाय उस स्पीच ओं से या उसकी बाग शैली से लोग भारत में तो अधिकांश अस्सी और नब्बे परसेंट दोगले चरित्र को लेकर के जीते हैं क्योंकि हम भारतीयों का स्वभाव है लोग लालच और स्वार्थ यह हमारे अंदर कूट-कूट कर भरे हैं इसी कारण से हम लोग हमेशा हारते रहे हैं इसी के कारण से हम लोग हमेशा आप हम लोगों ने दुखों को पाया है क्योंकि दरअसल हम लोगों का दोगला चरित्र है तो किस में हमको उसकी एक्टिविटीज बीएफ और उसके एक्शन के आधार पर ही किसी का मूल्यांकन करना चाहिए

swami vivekananda ne kaha hai ki aap kisi vyakti ko uske baaton ke aadhar par judge na kare aap use samjhne ka prayas kare uske activities dekhen toh kiski activities uske action zyada mahatva kaari hote hai bajay uske shabd kyonki shabd manav ki jo body hoti hai yah isme manav adhiktam dogle bhag ko lekar jita hai bus kuch aur bolta hai aur uski activities uske action kuch aur hote hai isliye pratyek samajhdar manav ko uske activities dekhni chahiye uske bf dekhne chahiye uske action dekhna chahiye usi aadhar par hi usko judge kiya jaaye na ki shabdon ke aadhar par shabdon se tum log adhikaansh log aadarshvaadi bante hai lekin jinke charitra do kaudi ke hote hai aap ram rahim ko dekhiye aap asharam ji ko dekhiye asharam ji ne apni pak kala ke dwara bharat mein 33 crore apne followers banaye jo aaj bhi andhe bhakton ki tarah unki murti ki puja karte hai unke chitra puja karte hai ki unki baat talak ka namuna hai ki unke uttam bhashan ka naam naam hai unki shaili ka sabut hai lekin unke karm karm itni ghatiya the jiske karan se aaj bahut jail mein jail mein hai aur apne karmon ki saza paa rahe aise aapko bharat mein anek anek mil jaenge blind supporter sadik paristhitiyon ke aadhar par unke bante hai jabki inki activity dekhi jaaye inke action dekhe jayen inke bf dekhe jayen toh bahut hi party ke hote hai isliye uski yadi kisi vyakti ki sacchai dekhna chahte hai yadi use sahi roop ka mulyankan karna chahte hai toh uski activities uske action aur uske bf ke aadhar par aap kare wahi sahi mulyankan aayega bajay us speech on se ya uski bagh shaili se log bharat mein toh adhikaansh assi aur nabbe percent dogle charitra ko lekar ke jeete hai kyonki hum bharatiyon ka swabhav hai log lalach aur swarth yah hamare andar kut kut kar bhare hai isi karan se hum log hamesha harte rahe hai isi ke karan se hum log hamesha aap hum logo ne dukhon ko paya hai kyonki darasal hum logo ka dogla charitra hai toh kis mein hamko uski activities bf aur uske action ke aadhar par hi kisi ka mulyankan karna chahiye

स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि आप किसी व्यक्ति को उसके बातों के आधार पर जज ना करें आप उसे स

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मानव जीवन में तो किसी भी व्यक्ति की बात ही सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि हम मानव हैं हम किसी आदमी को उसकी बात से ही दर्ज कर उसके अंदर घुसकर नहीं देख सकते उसके दिल के अंदर जाकर नहीं देख सकता इसके भीतर स्टेज जब हम कॉलेज में होते हैं जो मेरा सबसे अच्छा दोस्त होता है वह में सबसे ज्यादा गाली देता तो इस चीज को भी समझना होगा कि हमारे उसके बीच क्या रिलेशन यह भी बहुत मायने रखता है फिर भी उसके बातों से जज करना बिल्कुल सही

manav jeevan mein toh kisi bhi vyakti ki baat hi sabse mahatvapurna maani jaati hai kyonki hum manav hain hum kisi aadmi ko uski baat se hi darj kar uske andar ghuskar nahi dekh sakte uske dil ke andar jaakar nahi dekh sakta iske bheetar stage jab hum college mein hote hain jo mera sabse accha dost hota hai vaah mein sabse zyada gaali deta toh is cheez ko bhi samajhna hoga ki hamare uske beech kya relation yah bhi bahut maayne rakhta hai phir bhi uske baaton se judge karna bilkul sahi

मानव जीवन में तो किसी भी व्यक्ति की बात ही सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि हम मानव है

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Shubham

Software Engineer in IBM

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी मुझे लगता है कि आप सिर्फ किसी की बातों से आप उसको देख कर सकते हैं या फिर आप एक ही नजर में एक ही बार बात करने से किसी को दर्ज कर सकते हैं आज के समय में आपको आधी से ज्यादा लोग ऐसे मिल जाएंगे जो मीठी बातें करते हैं या फिर कुछ ऐसी बातें करते हैं जो सिर्फ सामने वाले व्यक्ति को लुभाने वाली बातें होती है बाकी अगर हम उनकी असल जिंदगी में झांक कर देखे तो पता चलेगा आपको कि वह बिल्कुल या अपोजिट काम करते हैं लेकिन जो को बोलते हैं वह तो करती ही नहीं है तू बिलकुल आप मुझे लगता है कि किसी को उनकी बातों से एक बार में दर्ज नहीं कर सकते आप तो तुम के समय नहीं बताते और यह नहीं पहचान लेते कि जो बोलता है वाकई में वह करता है या नहीं तो ना ही आप किसी का वीडियो एक झलक में देख सकते हैं ना आप उनकी बातों से उनको जज कर सकते हैं तो कुछ समय आप उनके साथ जब जब रहेंगे उनसे बातें करेंगे तब आपको पता चलेगा कि यहां जो वह बोलते हैं क्या वह वैसा ही करते हैं तो बहुत सारी बातें हैं तुम मुझे लगता है कि आप किसी की बातों से उनको जज कर सकते हैं एक बार

vicky mujhe lagta hai ki aap sirf kisi ki baaton se aap usko dekh kar sakte hain ya phir aap ek hi nazar mein ek hi baar baat karne se kisi ko darj kar sakte hain aaj ke samay mein aapko aadhi se zyada log aise mil jaenge jo mithi batein karte hain ya phir kuch aisi batein karte hain jo sirf saamne waale vyakti ko lubhane wali batein hoti hai baki agar hum unki asal zindagi mein jhank kar dekhe toh pata chalega aapko ki vaah bilkul ya opposite kaam karte hain lekin jo ko bolte hain vaah toh karti hi nahi hai tu bilkul aap mujhe lagta hai ki kisi ko unki baaton se ek baar mein darj nahi kar sakte aap toh tum ke samay nahi batatey aur yah nahi pehchaan lete ki jo bolta hai vaakai mein vaah karta hai ya nahi toh na hi aap kisi ka video ek jhalak mein dekh sakte hain na aap unki baaton se unko judge kar sakte hain toh kuch samay aap unke saath jab jab rahenge unse batein karenge tab aapko pata chalega ki yahan jo vaah bolte kya vaah waisa hi karte hain toh bahut saree batein hain tum mujhe lagta hai ki aap kisi ki baaton se unko judge kar sakte hain ek baar

विकी मुझे लगता है कि आप सिर्फ किसी की बातों से आप उसको देख कर सकते हैं या फिर आप एक ही नजर

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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी यह बात बिल्कुल सही है कोई भी जॉब से बातें बना रहा है प्रॉब्लम कर रहा है उन चीजों के अलावा जो बात कर रहा है कैसे करना चाहिए किसी एक बार उसने झूठ बोला एक बार अपना गलत पॉइंट है जहां को यह लाई हो जाना चाहिए कि वह इंसान आपके लिए नहीं बनाया वह झूठा है तो चैट कर रहा है या पुराना ऐसी हो जिससे वह अपने आप को समझने की जरूरत है कि वह जो है वह सही नहीं है इसलिए जांच करना चाहिए

vicky yah baat bilkul sahi hai koi bhi job se batein bana raha hai problem kar raha hai un chijon ke alava jo baat kar raha hai kaise karna chahiye kisi ek baar usne jhuth bola ek baar apna galat point hai jaha ko yah lai ho jana chahiye ki vaah insaan aapke liye nahi banaya vaah jhutha hai toh chat kar raha hai ya purana aisi ho jisse vaah apne aap ko samjhne ki zarurat hai ki vaah jo hai vaah sahi nahi hai isliye jaanch karna chahiye

विकी यह बात बिल्कुल सही है कोई भी जॉब से बातें बना रहा है प्रॉब्लम कर रहा है उन चीजों के अ

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता है कि किसी को सिर्फ बातों से ही जज नहीं करना चाहिए और भी क्राइटेरिया हमें देखनी चाहिए कि वह इंसान नाम कैसा है किस तरह से वह दूसरों से बहस कर रहा है उसकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है उसके काम कैसे हैं क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग बोलते वक्त तो सोचते नहीं है और कुछ भी बोल देते हैं वहीं उनकी जो कछ नहीं होती है नहीं जो बोलते हैं वह लोग उसके अलावा और उनकी करनी होती है बिल्कुल अलग अलग होती है और हम इस इंसान को जज नहीं करना चाहिए सिर्फ आंतों की वैल्यू पर वह जो कर रहा है उसको देख कर उसको ज्यादा जज करना चाहिए उसके अलावा कई लोग ऐसे होते हैं जो आपसे कहेंगे कुछ लेकिन आप जब सच में उस चीज की बारी आएगी तो वह आप वह चीज नहीं करेंगे तो आपको कहीं ना कहीं एक डिफरेंस लगेगा तो मुझे लगता है कि बातों के साथ-साथ को इंसान कैसे बीएफ कर रहा है और क्या दूसरों के प्रति उसकी सोच है यह क्या बोलती काम है उनके विशेष पर इंसान को जांच करना चाहिए और साथ ही साथ कहीं ना कहीं ना कहीं लोग जो सामने दिखाने के लिए काफी कुछ अच्छी चीजें बोल देते हैं पीछे को कुछ और होते तो सच्चे इंसान को अगर आपको देखना है तो सारी चीजें उसकी लेनी होंगी तभी आप उसको जज करके पता लगा सकते हैं कि वह इंसान कैसा है

mujhe lagta hai ki kisi ko sirf baaton se hi judge nahi karna chahiye aur bhi criteria hamein dekhni chahiye ki vaah insaan naam kaisa hai kis tarah se vaah dusro se bahas kar raha hai uski body language kaisi hai uske kaam kaise hai kyonki kai baar aisa hota hai ki kuch log bolte waqt toh sochte nahi hai aur kuch bhi bol dete hai wahi unki jo kach nahi hoti hai nahi jo bolte hai vaah log uske alava aur unki karni hoti hai bilkul alag alag hoti hai aur hum is insaan ko judge nahi karna chahiye sirf anton ki value par vaah jo kar raha hai usko dekh kar usko zyada judge karna chahiye uske alava kai log aise hote hai jo aapse kahenge kuch lekin aap jab sach mein us cheez ki baari aayegi toh vaah aap vaah cheez nahi karenge toh aapko kahin na kahin ek difference lagega toh mujhe lagta hai ki baaton ke saath saath ko insaan kaise bf kar raha hai aur kya dusro ke prati uski soch hai yah kya bolti kaam hai unke vishesh par insaan ko jaanch karna chahiye aur saath hi saath kahin na kahin na kahin log jo saamne dikhane ke liye kaafi kuch achi cheezen bol dete hai peeche ko kuch aur hote toh sacche insaan ko agar aapko dekhna hai toh saree cheezen uski leni hongi tabhi aap usko judge karke pata laga sakte hai ki vaah insaan kaisa hai

मुझे लगता है कि किसी को सिर्फ बातों से ही जज नहीं करना चाहिए और भी क्राइटेरिया हमें देखनी

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं मुझे नहीं लगता है कि हम किसी की बातों से किसी के बारे में सही जजमेंट ले सकते हैं क्योंकि वक्त कोई भी व्यक्ति बोलता कुछ लिखता कुछ है होता कुछ और है अक्सर ऐसा होता था पहले कि हम सामने वाले के आचार व्यवहार से उसके पहनावे से उसकी व्यक्तित्व की पहचान करने की होगा आज लोग कई मौकों पर लगाए गए हैं और जो नहीं है वह दिखाने की ज्यादा कोशिश करते हैं इसलिए हम यह समझ नहीं पाते हैं कि वास्तविकता क्या है बस इतना जाने के लिए उस व्यक्ति के साथ रहना उस व्यक्ति के बारे में जानना काफी समय उसके साथ पेंट था तभी उसकी असलियत पता चलती है हमें पता चलता है कि वाकई में वो किस तरह की नेचर का व्यक्ति है और किस तारीख से हो रहता है लेकिन एक बार में उसकी बातों से हम अंदाजा नहीं लगा सकते कि भी व्यक्ति कैसा होगा हो सकता है वह व्यक्ति जिस तरह की बातें करता हो उस तरह का बिल्कुल नहीं हो बल्कि बिल्कुल उससे भी व्यक्ति हो लेकिन क्योंकि वह अपने आप को प्रेग्नेंट कैसे करता है वह उसे पता है कि अगर वह इस तरह की बातें करेगा तो सामने वाला एड्रेस होगा इसलिए वह इस तरह की बातें करता है तो मुझे लगता है अगर हमें कोई लोंग रिलेशनशिप रखनी है और किसी को अपने मन के साथ जोड़ना है तो हमें उसे जरूर कुछ वक्त देना चाहिए कुछ वक्त के साथ स्पेंड करना चाहिए और फिर उसे जांच करना चाहिए तू शायद हम सही जजमेंट ले पाए और सही व्यक्ति को चुन पाए

nahi mujhe nahi lagta hai ki hum kisi ki baaton se kisi ke bare mein sahi judgement le sakte hain kyonki waqt koi bhi vyakti bolta kuch likhta kuch hai hota kuch aur hai aksar aisa hota tha pehle ki hum saamne waale ke aachar vyavhar se uske pahnawe se uski vyaktitva ki pehchaan karne ki hoga aaj log kai maukon par lagaye gaye hain aur jo nahi hai vaah dikhane ki zyada koshish karte hain isliye hum yah samajh nahi paate hain ki vastavikta kya hai bus itna jaane ke liye us vyakti ke saath rehna us vyakti ke bare mein janana kaafi samay uske saath paint tha tabhi uski asliyat pata chalti hai hamein pata chalta hai ki vaakai mein vo kis tarah ki nature ka vyakti hai aur kis tarikh se ho rehta hai lekin ek baar mein uski baaton se hum andaja nahi laga sakte ki bhi vyakti kaisa hoga ho sakta hai vaah vyakti jis tarah ki batein karta ho us tarah ka bilkul nahi ho balki bilkul usse bhi vyakti ho lekin kyonki vaah apne aap ko pregnant kaise karta hai vaah use pata hai ki agar vaah is tarah ki batein karega toh saamne vala address hoga isliye vaah is tarah ki batein karta hai toh mujhe lagta hai agar hamein koi long Relationship rakhni hai aur kisi ko apne man ke saath jodna hai toh hamein use zaroor kuch waqt dena chahiye kuch waqt ke saath spend karna chahiye aur phir use jaanch karna chahiye tu shayad hum sahi judgement le paye aur sahi vyakti ko chun paye

नहीं मुझे नहीं लगता है कि हम किसी की बातों से किसी के बारे में सही जजमेंट ले सकते हैं क्यो

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