बीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान मेरठ मेयर सुनीता वर्मा ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के दौरान बैठे थे, क्या यह देश के लिए अपमान है?...


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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए क्या बीजेपी के मैप मेरठ में हूं 10 देशवासी कोई सा भी हो यदि वह राष्ट्रगीत के समय खड़े नहीं होते हैं मोहन अवस्था में बैठे रहते हैं तो वह देश के लिए तापमान है यह साथ में उनकी सोच की शर्म आनी चाहिए उनको कि वह देशवासी होने के बावजूद राष्ट्रीय गीत पर बैठते हैं तो उन्हें खुद पर खुद के लिए बुरा महसूस होना चाहिए बजाय की देश के लिए तापमान है

dekhiye kya bjp ke map meerut mein hoon 10 deshvasi koi sa bhi ho yadi vaah rashtrageet ke samay khade nahi hote hain mohan avastha mein baithe rehte hain toh vaah desh ke liye taapman hai yah saath mein unki soch ki sharm aani chahiye unko ki vaah deshvasi hone ke bawajud rashtriya geet par baithate hain toh unhe khud par khud ke liye bura mehsus hona chahiye bajay ki desh ke liye taapman hai

देखिए क्या बीजेपी के मैप मेरठ में हूं 10 देशवासी कोई सा भी हो यदि वह राष्ट्रगीत के समय खड़

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से राष्ट्रगीत वंदे मातरम के दौरान बैठे रहना यह देश के लिए अपमान नहीं है क्योंकि देखा जाए तो एक राष्ट्रगीत यह नहीं बता सकता कि अदृश्य व्यक्ति देश के अपमान है या सम्मान है लोगों को अपने देश की तरफ सम्मान दिखाने के अलग अलग तरीके होते हैं और अगर हम उस पर ध्यान दे तो ज्यादा अच्छा होगा वंदे मातरम गीत के दौरान बैठे रहना मेरे हिसाब से अपमान बिल्कुल नहीं है और यह बीजेपी की मेयर सुनीता वर्मा जो है वह देश की देश के लिए उनके पास बहुत सम्मान होना ने पहले भी ऐसे बहुत काम किया देश को कितना सम्मानजनक मानती है तो मेरे हिसाब से कहना गलत है किया देश के लिए अपमान है

mere hisab se rashtrageet vande mataram ke dauran baithe rehna yah desh ke liye apman nahi hai kyonki dekha jaaye toh ek rashtrageet yah nahi bata sakta ki adrishya vyakti desh ke apman hai ya sammaan hai logo ko apne desh ki taraf sammaan dikhane ke alag alag tarike hote hain aur agar hum us par dhyan de toh zyada accha hoga vande mataram geet ke dauran baithe rehna mere hisab se apman bilkul nahi hai aur yah bjp ki meyer sunita verma jo hai vaah desh ki desh ke liye unke paas bahut sammaan hona ne pehle bhi aise bahut kaam kiya desh ko kitna sammanjanak maanati hai toh mere hisab se kehna galat hai kiya desh ke liye apman hai

मेरे हिसाब से राष्ट्रगीत वंदे मातरम के दौरान बैठे रहना यह देश के लिए अपमान नहीं है क्योंकि

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदित्य कोई भी व्यक्ति अगर अपने मां की संभावना मां का सम्मान करता है वह उसके सम्मान में हमेशा खड़ा होता है और यह देश भी जो है हमारी मां की तरह ही है हमें रहने को जगह दी हमें खाने को हमेशा पानी दिया पीने को हमें खाने को आने दिया अगर इसके सम्मान में अगर कोई व्यक्ति खड़ा नहीं होता है तो बिल्कुल भी अपने मां का अपमान कर रहा है चाहे वह इस देश का कोई भी व्यक्ति हो बीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान मेरठ मेयर सुनीति वर्मा ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के दौरान बैठे थे इसके कारण अब जो यह व्यवहार जो है उचित नहीं है देश भी हमारी मां के समान है देश ने हमें बहुत कुछ दिया है अगर हम उनके लिए कुछ कुछ मिनट उसके राष्ट्रीय गीत पर खड़े नहीं हो सकते तो यह बिल्कुल ही शर्म की बात है देशवासियों के लिए

aditya koi bhi vyakti agar apne maa ki sambhavna maa ka sammaan karta hai vaah uske sammaan mein hamesha khada hota hai aur yah desh bhi jo hai hamari maa ki tarah hi hai hamein rehne ko jagah di hamein khane ko hamesha paani diya peene ko hamein khane ko aane diya agar iske sammaan mein agar koi vyakti khada nahi hota hai toh bilkul bhi apne maa ka apman kar raha hai chahen vaah is desh ka koi bhi vyakti ho bjp protest ke dauran meerut meyer suniti verma ne rashtriya geet vande mataram ke dauran baithe the iske karan ab jo yah vyavhar jo hai uchit nahi hai desh bhi hamari maa ke saman hai desh ne hamein bahut kuch diya hai agar hum unke liye kuch kuch minute uske rashtriya geet par khade nahi ho sakte toh yah bilkul hi sharm ki baat hai deshvasiyon ke liye

आदित्य कोई भी व्यक्ति अगर अपने मां की संभावना मां का सम्मान करता है वह उसके सम्मान में हमे

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी नहीं आ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के दौरान बैठना कोई भी देश के लिए अपमान की बात नहीं है क्योंकि हमारे देश में राष्ट्रगान यानी कि जन गण मन के समय खराब होना खड़ा होना आवश्यक है परंतु राष्ट्रगीत वंदे मातरम के लिए खड़ा होना नहीं तो इसे हम देश के लिए अपमान से नहीं जुड़ सकते

ji nahi aa rashtriya geet vande mataram ke dauran baithana koi bhi desh ke liye apman ki baat nahi hai kyonki hamare desh mein rashtragan yani ki jan gan man ke samay kharab hona khada hona aavashyak hai parantu rashtrageet vande mataram ke liye khada hona nahi toh ise hum desh ke liye apman se nahi jud sakte

जी नहीं आ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के दौरान बैठना कोई भी देश के लिए अपमान की बात नहीं है क

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Anukrati

Journalism Graduate

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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के दौरान बैठे रहना देश का अपमान कैसे हो सकता है देश का सम्मान क्या किसी एक गीत या एक मेहर के खड़े होने पर आधारित है नहीं देश का सम्मान सर्वोच्च है हर व्यक्ति का देश को सम्मान देने का तरीका अलग अलग हो सकता है और हमें इतने खुले विचारों का होना चाहिए कि हम इसकी इज्जत कर सकें

rashtriya geet vande mataram ke dauran baithe rehna desh ka apman kaise ho sakta hai desh ka sammaan kya kisi ek geet ya ek mehar ke khade hone par aadharit hai nahi desh ka sammaan sarvoch hai har vyakti ka desh ko sammaan dene ka tarika alag alag ho sakta hai aur hamein itne khule vicharon ka hona chahiye ki hum iski izzat kar sakein

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के दौरान बैठे रहना देश का अपमान कैसे हो सकता है देश का सम्मान क्य

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