हम भगवान को कैसे पा सकते हैं?...


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Babin Mukherjee Arup Kumar Mukherjee

Artist (Vocal Music) And IT professional

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नमस्कार मैं अनूप कुमार मुखर्जी बॉबी मुखर्जी पश्चिम बंगाल इंडिया से बोल रहा हूं भगवान आप का सवाल है भगवान को कैसे पा सकते हैं भगवान को कैसे पा सकते हैं इससे पहले यह जानिया भगवान कहां है भगवान आपके अंदर हैं आपके कर्म के अंदर है वह कर्म भाग्य रोटेशन एंड रेगुलेशन ऑफ प्लेनेट भाग्य का दिशा कुंडली का जो निर्भर करता है भगवान को पाने के लिए सबसे पहले ईमानदार होना चाहिए सच्चा होना चाहिए ओल्ड ब्लड में किसी कहानी नहीं करना चाहिए किसी को नहीं देना चाहिए भले ही खुद कष्ट पा लो तब तक नहीं जाना चाहिए ऐसा नहीं है कि आप कुछ मत कहो वह एक बार एक चिप आगे बढ़ा तो उसका साहस और बढ़ जाएगा वह और आगे बढ़ेगा वह का घर तक आ जाएगा वह आपको प्रॉब्लम करेगा तो कहीं ना कहीं तो रोकना ही पड़ेगा तो उससे उसी तरह से रोक दो जो आपके लिए भविष्य में खतरा बनने की कोशिश कर रहा हो उसके लिए आपको एक क्वेश्चन भी चाहिए तो यह सवाल है भगवान से भगवान प्रकृति के कण-कण में है भगवान की मर्जी के बगैर एक पत्ता भी नहीं हिलता हमारे जो यह सृष्टि हुई है विज्ञान ब्लास्ट हुई है 3 पॉइंट 1 बिलीयन ईयर्स एगो उसके बाद प्लैनेट्स मरकरी वीनस अर्थ मार्च जो भी चैनल जो आठ ग्रह है एस्केप ग्रह है यह सृष्टि हुई है कि भगवान का ही सृष्टि है इसको आतंकी ग्रुप से कुछ कहा नहीं जा सकता हम लोग सब खोज रहे हैं हम लोग सब इसी खोज में है कि भगवान कहां है कहां पर है इस बार हम लोग के कदमों में हैं इस बार हमारे अंदर है इस बार हर एक जीप में हैं इस बार हर एक भूखे में है हर एक ऐसे में है हर एक पत्ता में है हर एक कण कण में है हर एक पानी के बूंद में हैं सिर्फ यह मत सोचना रही है कि भगवान का है भगवान को कैसे पा सकते हैं सबसे पहले अपने कर्मों को ठीक करो आप भला तो जग भला एक व्यक्ति एक अच्छा परिवार को निर्माण कर सकता है और कई अच्छा परिवार मिलकर बेहतर समाज बनता है और समाज मिलकर एक देश बनता है क्राफ्ट बनता है मानव सभ्यता बनता है सबसे पहले खुद से स्टार्ट करना चाहिए खुद से खुद से खुद को रेक्टिफिकेशन करना चाहिए खुद का कमी है कोई भी इंसान दूध का धुला हुआ नहीं है सबवे अच्छाई और बुराई में द्वंद चलता रहता है हम सब में कुछ ना कुछ बुराई है कुछ ना कुछ अच्छा ही है तो उस बुराई को दबा के अच्छाई को अपना अवचेतन मन में जो बुराई है उसको दबाके अपना चेतन मन को जगाना कि भगवान है अपना चेतन मन को मैं कहां हूं किस अवस्था में हूं मैं किसी को हानि तो नहीं कर रहा हूं मेरे इस बार किस से किसी का नुकसान तो नहीं हो रहा है ईश्वर एक है सबका मालिक एक है जैसे साईं बाबा ने कहा कि गए थे सबका मालिक एक है सबका अलग अलग है सिर्फ बात अलग है जाता है कि यह काम है एक ही खाते में सब जाता है पहला बोलता कोई राम बोलता है कोई बोलता है कोई तथागत गौतम बुद्ध बोलता है कोई यीशु बोलता है कब आए गुरु बोलता है जाता है कि है कुछ लोग समाज का धर्म का ठेकेदार बनकर इस समाज में यह फ्रिक्शन यह जो डिफरेंट जाति प्रथा को बढ़ावा दिया अपना उल्लू सीधा करने के लिए सच तो यह है कि सब एक है सब मनुष्य को समान अधिकार है हम सब एक हैं एक ही भगवान के सृष्टि हैं कर्म को ठीक करना चाहिए कोशिश करना चाहिए मुश्किल है ऊपर से नीचे गिरना आसान है नीचे से ऊपर जाना कठिन है इसीलिए खराब चीज कोई भी खराब चीज को कैच करना बहुत आसान हो जाता है और अच्छा चीज को उचित करना मुश्किल हो जाता है कोशिश करना चाहिए अच्छाई को बढ़ावा देना और बुराई को हटाना जय भगवा जय बजरंगबली जय सबका मालिक एक ओम जय हिंद नमस्कार

namaskar main anup kumar mukherjee bobby mukherjee paschim bengal india se bol raha hoon bhagwan aap ka sawaal hai bhagwan ko kaise paa sakte hain bhagwan ko kaise paa sakte hain isse pehle yah janiya bhagwan kaha hai bhagwan aapke andar hain aapke karm ke andar hai vaah karm bhagya rotation and regulation of planet bhagya ka disha kundali ka jo nirbhar karta hai bhagwan ko paane ke liye sabse pehle imaandaar hona chahiye saccha hona chahiye old blood me kisi kahani nahi karna chahiye kisi ko nahi dena chahiye bhale hi khud kasht paa lo tab tak nahi jana chahiye aisa nahi hai ki aap kuch mat kaho vaah ek baar ek chip aage badha toh uska saahas aur badh jaega vaah aur aage badhega vaah ka ghar tak aa jaega vaah aapko problem karega toh kahin na kahin toh rokna hi padega toh usse usi tarah se rok do jo aapke liye bhavishya me khatra banne ki koshish kar raha ho uske liye aapko ek question bhi chahiye toh yah sawaal hai bhagwan se bhagwan prakriti ke kan kan me hai bhagwan ki marji ke bagair ek patta bhi nahi hilata hamare jo yah shrishti hui hai vigyan blast hui hai 3 point 1 biliyan years ego uske baad planets mercury venus arth march jo bhi channel jo aath grah hai escape grah hai yah shrishti hui hai ki bhagwan ka hi shrishti hai isko aatanki group se kuch kaha nahi ja sakta hum log sab khoj rahe hain hum log sab isi khoj me hai ki bhagwan kaha hai kaha par hai is baar hum log ke kadmon me hain is baar hamare andar hai is baar har ek jeep me hain is baar har ek bhukhe me hai har ek aise me hai har ek patta me hai har ek kan kan me hai har ek paani ke boond me hain sirf yah mat sochna rahi hai ki bhagwan ka hai bhagwan ko kaise paa sakte hain sabse pehle apne karmon ko theek karo aap bhala toh jag bhala ek vyakti ek accha parivar ko nirmaan kar sakta hai aur kai accha parivar milkar behtar samaj banta hai aur samaj milkar ek desh banta hai craft banta hai manav sabhyata banta hai sabse pehle khud se start karna chahiye khud se khud se khud ko rektifikeshan karna chahiye khud ka kami hai koi bhi insaan doodh ka dhula hua nahi hai subway acchai aur burayi me dwand chalta rehta hai hum sab me kuch na kuch burayi hai kuch na kuch accha hi hai toh us burayi ko daba ke acchai ko apna avachetan man me jo burayi hai usko dabake apna chetan man ko jagaana ki bhagwan hai apna chetan man ko main kaha hoon kis avastha me hoon main kisi ko hani toh nahi kar raha hoon mere is baar kis se kisi ka nuksan toh nahi ho raha hai ishwar ek hai sabka malik ek hai jaise sai baba ne kaha ki gaye the sabka malik ek hai sabka alag alag hai sirf baat alag hai jata hai ki yah kaam hai ek hi khate me sab jata hai pehla bolta koi ram bolta hai koi bolta hai koi tathagat gautam buddha bolta hai koi yeshu bolta hai kab aaye guru bolta hai jata hai ki hai kuch log samaj ka dharm ka thekedaar bankar is samaj me yah friction yah jo different jati pratha ko badhawa diya apna ullu seedha karne ke liye sach toh yah hai ki sab ek hai sab manushya ko saman adhikaar hai hum sab ek hain ek hi bhagwan ke shrishti hain karm ko theek karna chahiye koshish karna chahiye mushkil hai upar se niche girna aasaan hai niche se upar jana kathin hai isliye kharab cheez koi bhi kharab cheez ko catch karna bahut aasaan ho jata hai aur accha cheez ko uchit karna mushkil ho jata hai koshish karna chahiye acchai ko badhawa dena aur burayi ko hatana jai bhagva jai bajrangbali jai sabka malik ek om jai hind namaskar

नमस्कार मैं अनूप कुमार मुखर्जी बॉबी मुखर्जी पश्चिम बंगाल इंडिया से बोल रहा हूं भगवान आप का

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