मेरे घर वालों की आर्थिक स्थिति ठीक होने के बावजूद भी वो मुझे खेलने के लिए सपोर्ट नहीं कर रहे है, कोई उपाय बताओ?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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मेरे घर वालों की आर्थिक स्थिति ठीक होने के बावजूद वो मुझे खेलने के लिए सपोर्ट नहीं कर रहे हैं कोई उपाय बताएं घर वालों की आर्थिक स्थिति ठीक होगी वह आपको लगता होगा लेकिन घरवालों को ही मालूम होगा क्यों कैसे घर चलाते हैं क्योंकि आप कम आते नहीं हैं और सिर्फ पढ़ाई करते हैं आपको अंदाजा नहीं आ सकता कि घर का खर्चा कैसे चलता है बहुत शेखर चेक करने के लिए आपके माता-पिता अपने शॉप का बलिदान देते हैं वह अपनी कचहरी गंजी पहुंचेंगे लेकिन आपको अच्छे गंजी पिलाते हैं उनके उनके पैरों के चप्पल टूटी गई होगी लेकिन वह आपको अच्छे जूते चप्पल लाकर देते हो माता पिता बलिदान देते हैं तो बच्चों को कभी कभी नहीं दे सकता है इसलिए अगर वह खेलने जाने के लिए सपोर्ट नहीं कर रहे हैं तो कोई बात नहीं आपको पढ़ाई करने की आपकी पहले जिम में परी होती है प्रभु जी आपकी पढ़ाई पहले खेलकर आप कोई नौकरी नहीं करेंगे या बिजनेस नहीं कर पाएंगे आप खेल को अपनी कार के दिया भविष्य बनाने की सोचते हैं तो पहले आपको उसके लिए भी पढ़ाई करनी चाहिए खेल को सेकंड चैरिटी में रखी है आप क्रिकेट खेलते हो या कोई भी खेल खेलते हैं लेकिन पढ़ा लिखा हूं ना उसने पहले जरूरी होता है इसलिए आप अपने माता-पिता की इच्छा को भगवान भी के इज्जत दीजिए और उनका कहना मान पर आपके माता-पिता जो कहते हैं वही काम करें क्योंकि वही आपका भविष्य चाहते हैं सुनहरा भविष्य वही जाते हैं आप अपने शौक को पूरा करने के लिए अपने माता-पिता को बर्थडे नहीं कर सकते क्योंकि भविष्य आदमी 1 दिन माता पिता बनेंगे तो आप अपने बच्चे के साथ क्या करेंगे आप कैसे रखेंगे अपने बच्चे आप जोक तीतर के बच्चे करेंगे ना वही करना चाहिए ना बच्चों को समझना जरूरी होता है और बच्चों को समझना चाहिए हर एक लड़के को समझना चाहिए हम सोचे कि हमारे माता पिता हमारे दुश्मन है यह उनके पास पैसा है लेकिन हमें पैसा नहीं देते हैं लेकिन जो असली घर चलाता है उसी को मालूम होता है माता-पिता को कैसे घर चला रहे हैं क्योंकि यह सब होते हुए भी कई ऐसे आकस्मिक खर्च आ जाते हैं सभी ध्यान दें खर्चा जाते हैं बहुत से खर्चे होते हैं कि जो लेकर नहीं आते हैं लेकिन मैं सब कुछ करना पड़ता है इसलिए आर्थिक स्थिति आपको अच्छी लगती हो तो भले लगे लेकिन फिर भी आपको अपने माता-पिता का ही कहना मानना चाहिए क्योंकि वह आपका भला चाहते हैं और सुंदर भविष्य की कामना के माता-पिता ही करते हैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं धन्यवाद

mere ghar walon ki aarthik sthiti theek hone ke bawajud vo mujhe khelne ke liye support nahi kar rahe hain koi upay bataye ghar walon ki aarthik sthiti theek hogi vaah aapko lagta hoga lekin gharwaalon ko hi maloom hoga kyon kaise ghar chalte hain kyonki aap kam aate nahi hain aur sirf padhai karte hain aapko andaja nahi aa sakta ki ghar ka kharcha kaise chalta hai bahut shekhar check karne ke liye aapke mata pita apne shop ka balidaan dete hain vaah apni kachahari ganji pahunchenge lekin aapko acche ganji peelate hain unke unke pairon ke chappal tuti gayi hogi lekin vaah aapko acche joote chappal lakar dete ho mata pita balidaan dete hain toh baccho ko kabhi kabhi nahi de sakta hai isliye agar vaah khelne jaane ke liye support nahi kar rahe hain toh koi baat nahi aapko padhai karne ki aapki pehle gym me pari hoti hai prabhu ji aapki padhai pehle khelkar aap koi naukri nahi karenge ya business nahi kar payenge aap khel ko apni car ke diya bhavishya banane ki sochte hain toh pehle aapko uske liye bhi padhai karni chahiye khel ko second charity me rakhi hai aap cricket khelte ho ya koi bhi khel khelte hain lekin padha likha hoon na usne pehle zaroori hota hai isliye aap apne mata pita ki iccha ko bhagwan bhi ke izzat dijiye aur unka kehna maan par aapke mata pita jo kehte hain wahi kaam kare kyonki wahi aapka bhavishya chahte hain sunehra bhavishya wahi jaate hain aap apne shauk ko pura karne ke liye apne mata pita ko birthday nahi kar sakte kyonki bhavishya aadmi 1 din mata pita banenge toh aap apne bacche ke saath kya karenge aap kaise rakhenge apne bacche aap joke titar ke bacche karenge na wahi karna chahiye na baccho ko samajhna zaroori hota hai aur baccho ko samajhna chahiye har ek ladke ko samajhna chahiye hum soche ki hamare mata pita hamare dushman hai yah unke paas paisa hai lekin hamein paisa nahi dete hain lekin jo asli ghar chalata hai usi ko maloom hota hai mata pita ko kaise ghar chala rahe hain kyonki yah sab hote hue bhi kai aise aakasmik kharch aa jaate hain sabhi dhyan de kharcha jaate hain bahut se kharche hote hain ki jo lekar nahi aate hain lekin main sab kuch karna padta hai isliye aarthik sthiti aapko achi lagti ho toh bhale lage lekin phir bhi aapko apne mata pita ka hi kehna manana chahiye kyonki vaah aapka bhala chahte hain aur sundar bhavishya ki kamna ke mata pita hi karte hain bahut bahut subhkamnaayain dhanyavad

मेरे घर वालों की आर्थिक स्थिति ठीक होने के बावजूद वो मुझे खेलने के लिए सपोर्ट नहीं कर रहे

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