क्या देवी देवता है और अगर है तो कहा है और अगर नहीं है तो लोग क्यों पूजा करते है?...


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हिंदू धर्म के अनुसार हमारे धर्म में यह मान्यता रही है कि हमारे धर्म में देवी देवताओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है वह हमारे लिए पूजनीय रहे हैं और हमारी इन में आस्था हमेशा से रही है क्योंकि हम यह मानते हैं कि संसार की सभी चीजों का निर्माण और सृष्टि की संरचना हमारे देवी देवताओं ने ही की थी आपने पूछा है कि क्या देवी देवता होते हैं अगर होते हैं तो कहां हैं और अगर नहीं होते हैं तो हमें ने क्यों पूछते हैं तो देखिए जहां तक इनके होने का सवाल है तो हमारा धर्म यह मानता है कि यह पूरे संसार में अपना निवास करते हैं इनका निवास स्थान पूरे संसार में है और जहां तक इनकी ना होने का एक मतलब है तो यह इस बात पर कहा गया है कि उनकी ना होने का मतलब यह है कि विज्ञान जो है वह उत्तर को नहीं मानता कि देवी देवता होते हैं क्योंकि विज्ञान साक्ष्यों पर यकीन करता है अगर हम वैज्ञानिक सर पर माने तो फिर इन्हें इनके होने का साक्षी एक प्रकार से हमारे पास होना चाहिए जो कि मेरे ख्याल से अभी तक नहीं मिल पाया है लेकिन जहां तक इनकी पूछने का सवाल है तो अगर हमारी गहरी आस्था हमारे देवी देवताओं में है तो हमें जरूरी नहीं पूछना चाहिए पर अगर आप कहते हैं कि भाई आप इस सब चीज को नहीं मानते तो आप आजाद है इस चीज को अन्ना मारने के लिए की देवी देवता नहीं होते और आप उन्हें नहीं पूछते हैं क्योंकि हमारी में गहरी आस्था है हमने हमेशा एक पूजा स्थान देते हैं तो इसलिए हम देवी देवताओं को पूछते हैं

hindu dharm ke anusaar hamare dharm mein yah manyata rahi hai ki hamare dharm mein devi devatao ka ek bahut hi mahatvapurna sthan hota hai vaah hamare liye pujaniya rahe hain aur hamari in mein astha hamesha se rahi hai kyonki hum yah maante hain ki sansar ki sabhi chijon ka nirmaan aur shrishti ki sanrachna hamare devi devatao ne hi ki thi aapne poocha hai ki kya devi devta hote hain agar hote hain toh kahaan hain aur agar nahi hote hain toh hamein ne kyon poochhte hain toh dekhiye jaha tak inke hone ka sawaal hai toh hamara dharm yah manata hai ki yah poore sansar mein apna niwas karte hain inka niwas sthan poore sansar mein hai aur jaha tak inki na hone ka ek matlab hai toh yah is baat par kaha gaya hai ki unki na hone ka matlab yah hai ki vigyan jo hai vaah uttar ko nahi manata ki devi devta hote hain kyonki vigyan sakshyon par yakin karta hai agar hum vaigyanik sir par maane toh phir inhen inke hone ka sakshi ek prakar se hamare paas hona chahiye jo ki mere khayal se abhi tak nahi mil paya hai lekin jaha tak inki poochne ka sawaal hai toh agar hamari gehri astha hamare devi devatao mein hai toh hamein zaroori nahi poochna chahiye par agar aap kehte hain ki bhai aap is sab cheez ko nahi maante toh aap azad hai is cheez ko anna maarne ke liye ki devi devta nahi hote aur aap unhe nahi poochhte hain kyonki hamari mein gehri astha hai humne hamesha ek puja sthan dete hain toh isliye hum devi devatao ko poochhte hain

हिंदू धर्म के अनुसार हमारे धर्म में यह मान्यता रही है कि हमारे धर्म में देवी देवताओं का एक

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