अगर अंधे को अंधा ना कहें तो क्या कहें?...


play
user

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा है अगर अंधे को अंधा ना कहें तो क्या कहें वैसे देखा जाए तो आप सत्य बोलते हैं सत्य हैं जो व्यक्ति अंधा है वह तो अंधा ही है यह सत्य है लेकिन आपने पढ़ा होगा की अप्रिय सत्य को भी नहीं बोलना चाहिए वह सत्य तो है किंतु अब फ्री है किसी को बुरा लगता है तो उन बातों को ना कहें जैसे मान लीजिए कोई व्यक्ति चोर है यदि आप उसे 4 व्यक्तियों के सामने क्यों कहेंगे तुझसे बुरा लगेगा क्योंकि समाज में उसकी हानि होती है इसलिए यह सत्य है कि वह चोर है किंतु सत्य बोलना तो चाहिए लेकिन प्लीज सच बोलना चाहिए अप्रिय सत्य नहीं या था जैसे मान लीजिए किसी भी व्यक्ति के पास कोई भी दुर्गुण है किसी भी प्रकार का है यदि आप चार व्यक्तियों के सामने या समाज में उसे उस जरूर के बारे में उसे बताएंगे उसे कष्ट होगा इसलिए कृपया करके इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपको सत्य तो बोलना है किंतु प्रिय सत्य बोलना है आप पी सकते ना बोले क्योंकि प्रत्येक प्राणी से कोई न कोई गलती तो हो ही जाती है और यदि उस गलती को बार-बार या उसे अपमान करने का प्रयास किया जाए कि गलत होता है इसलिए अंधा को अंधा ना करें बल्कि उसका जना उस नाम से उसको पुकारे आप उसे अंधा कह कर उसको आत्मग्लानि से भर देते हैं वह जिस अंधेपन की वजह से संसार में जीत नहीं पा रहा है आपसे और कष्ट देकर मृत्यु की ओर धकेला चाहते हैं तो इसलिए ऐसी वाणी का प्रयोग ना करें जिस वाणी से किसी को कष्ट हो भले ही वह सकते हो

aapne kaha hai agar andhe ko andha na kahein toh kya kahein waise dekha jaaye toh aap satya bolte hain satya hain jo vyakti andha hai vaah toh andha hi hai yah satya hai lekin aapne padha hoga ki apriya satya ko bhi nahi bolna chahiye vaah satya toh hai kintu ab free hai kisi ko bura lagta hai toh un baaton ko na kahein jaise maan lijiye koi vyakti chor hai yadi aap use 4 vyaktiyon ke saamne kyon kahenge tujhse bura lagega kyonki samaj me uski hani hoti hai isliye yah satya hai ki vaah chor hai kintu satya bolna toh chahiye lekin please sach bolna chahiye apriya satya nahi ya tha jaise maan lijiye kisi bhi vyakti ke paas koi bhi durgun hai kisi bhi prakar ka hai yadi aap char vyaktiyon ke saamne ya samaj me use us zaroor ke bare me use batayenge use kasht hoga isliye kripya karke is baat ka vishesh dhyan rakhen ki aapko satya toh bolna hai kintu priya satya bolna hai aap p sakte na bole kyonki pratyek prani se koi na koi galti toh ho hi jaati hai aur yadi us galti ko baar baar ya use apman karne ka prayas kiya jaaye ki galat hota hai isliye andha ko andha na kare balki uska pariyojna us naam se usko pukare aap use andha keh kar usko atmaglani se bhar dete hain vaah jis andhepan ki wajah se sansar me jeet nahi paa raha hai aapse aur kasht dekar mrityu ki aur dhakela chahte hain toh isliye aisi vani ka prayog na kare jis vani se kisi ko kasht ho bhale hi vaah sakte ho

आपने कहा है अगर अंधे को अंधा ना कहें तो क्या कहें वैसे देखा जाए तो आप सत्य बोलते हैं सत्य

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  86
WhatsApp_icon
1 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
Likes    Dislikes    views  
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!