हम क्यों जान बूझ कर आत्म विनाशकारी आदतें पाल लेते हैं जब की हमें पता है की यह हमारे लिए हानिकारक हैं?...


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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम क्यों जानबूझकर आत्मविश्वास विनाशकारी आते हैं पाल लेते हैं जबकि में पता है कि यह हमारे लिए हानिकारक है आपका आज के संदर्भ में बिल्कुल ही सत्य बात बोल रहे हैं हर व्यक्ति को पता है कि बीड़ी पीने से नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिलेगा गुटखा खाने से नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिलेगा मद्रा पीने से नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिलेगा किसी की बुराई करने से नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिलेगा किसी का बुरा करने से नुकसान खिलाओगे फिर भी हम करते हैं इसके पीछे क्या है हमारे अंदर ईश्वर की कमी है जो कांसेप्ट दुनिया के अंदर वोट कमजोर है इसीलिए हम अपनी विनाशकारी हाल चाल लेते हैं क्योंकि हमें हमें क्लीिटी नहीं है दिमाग के अंदर यह चीजें हमारे साथी ने हमारा हमारा ही नहीं हमारे परिवार का हमारे बच्चों का पत्नी का माता पिता का और अगर हमारे परिवार का विनाश करें हमारे समाज का विनाश कर रहे एक व्यक्ति जो ऊपर जाता है उसके 50 लोग संदर्भ लेते हैं जबर गया है और हमें भी जाना है उससे प्रेरणा लेते हैं और एक व्यक्ति अगर गलत काम करता है तो हजारों लोग देखते हैं यह भी तो कर रहा है मेरे को करना चाहिए तो जानबूझकर आदमी नात कारी आते हैं व्यक्ति पाल लेते हैं जो कि सर बता गलत है धन्यवाद

hum kyon janbujhkar aatmvishvaas vinashkari aate hain pal lete hain jabki me pata hai ki yah hamare liye haanikarak hai aapka aaj ke sandarbh me bilkul hi satya baat bol rahe hain har vyakti ko pata hai ki bidi peene se nuksan ke alava kuch nahi milega gutkha khane se nuksan ke alava kuch nahi milega madra peene se nuksan ke alava kuch nahi milega kisi ki burayi karne se nuksan ke alava kuch nahi milega kisi ka bura karne se nuksan khilaoge phir bhi hum karte hain iske peeche kya hai hamare andar ishwar ki kami hai jo concept duniya ke andar vote kamjor hai isliye hum apni vinashkari haal chaal lete hain kyonki hamein hamein kliiti nahi hai dimag ke andar yah cheezen hamare sathi ne hamara hamara hi nahi hamare parivar ka hamare baccho ka patni ka mata pita ka aur agar hamare parivar ka vinash kare hamare samaj ka vinash kar rahe ek vyakti jo upar jata hai uske 50 log sandarbh lete hain jabar gaya hai aur hamein bhi jana hai usse prerna lete hain aur ek vyakti agar galat kaam karta hai toh hazaro log dekhte hain yah bhi toh kar raha hai mere ko karna chahiye toh janbujhkar aadmi nat kaari aate hain vyakti pal lete hain jo ki sir bata galat hai dhanyavad

हम क्यों जानबूझकर आत्मविश्वास विनाशकारी आते हैं पाल लेते हैं जबकि में पता है कि यह हमारे ल

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम क्यों जानबूझकर आत्मा विनाशकारी आदतें पाल लेते हैं जबकि हमें पता है कि हमारे लिए हानिकारक है वैसे एक बात तो बिल्कुल सही है की आदतें आप महान आत्मा विनाशकारी आदतें हम पाल लेते हैं उसके पीछे कारण यह होता है कि हमारी संगत गलत हो जाती है और गलत गलत रास्ते पर ले जाती है और पहले उसे टेस्ट करने की भावना होती है प्रेरित करते हैं दोस्त और फिर बाद में कब आदत बन जाती है मालूम नहीं पड़ता इलाके में मालूम होता है कि अपना विनाशकारी है इससे अविनाश के अलावा कुछ नहीं होने वाला लेकिन वह हम करने के लिए प्रेरित दोस्तों के कारण होते हैं क्या आप तो हम अपने कमजोर आत्मा बल के कारण होते हैं अगर हमारा आत्मबल कमजोर है और हम उसे जो भी आत्मा विनाशकारी चीज को बार बार सेवन करें या आत्मा विनाश कोई कार्य करें जो चीज बार-बार करते हैं तो वह आदत बन जाती है और जो आदत बन जाती है तो उसे बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है लेकिन जो आश्रम वालों की कमजोरी से अपना विनाशकारी आदते लगती है और वही आत्म बल मजबूत करके उन्हीं आदतों से छुटकारा पाया जा सकता है ऐसी कोई भी चीज नहीं है कि जो आत्मबल के आगे हार मान ले इसलिए अपने आपको अपने आत्मबल को अपने आत्मविश्वास को और अपने प्रतिज्ञा को संकल्प को आप दो राय या करें रोज तो आप बिना अविनाश कदमों से छुटकारा पा सकते हैं जिंदगी में हर चीज के बिना रह सकता है हर आदत के बिना रहा जा सकता है हमने यह सब आत्मा विनाशकारी आदतें जन्म के साथ हमारे साथ नहीं आई थी जो आदत से लगाई उसके जिम्मेदार हम खुद हैं और निकलने की जिम्मेदारी थी उसमें से हमारी और वह आत्म बल और संकल्प के द्वारा निकला जा सकता है कोशिश करके देखिए ऐसी कोई चीज इंपॉसिबल नहीं है आपके लिए क्योंकि भले ही हमने अपना जिला स्तरीय करती है लेकिन हम छुटकी सकते हैं इतना आत्मबोध जरूर करें और संकल्प धन्यवाद

hum kyon janbujhkar aatma vinashkari aadatein pal lete hain jabki hamein pata hai ki hamare liye haanikarak hai waise ek baat toh bilkul sahi hai ki aadatein aap mahaan aatma vinashkari aadatein hum pal lete hain uske peeche karan yah hota hai ki hamari sangat galat ho jaati hai aur galat galat raste par le jaati hai aur pehle use test karne ki bhavna hoti hai prerit karte hain dost aur phir baad me kab aadat ban jaati hai maloom nahi padta ilaake me maloom hota hai ki apna vinashkari hai isse avinash ke alava kuch nahi hone vala lekin vaah hum karne ke liye prerit doston ke karan hote hain kya aap toh hum apne kamjor aatma bal ke karan hote hain agar hamara atmabal kamjor hai aur hum use jo bhi aatma vinashkari cheez ko baar baar seven kare ya aatma vinash koi karya kare jo cheez baar baar karte hain toh vaah aadat ban jaati hai aur jo aadat ban jaati hai toh use bahar nikalna bahut mushkil ho jata hai lekin jo ashram walon ki kamzori se apna vinashkari adate lagti hai aur wahi aatm bal majboot karke unhi aadaton se chhutkara paya ja sakta hai aisi koi bhi cheez nahi hai ki jo atmabal ke aage haar maan le isliye apne aapko apne atmabal ko apne aatmvishvaas ko aur apne pratigya ko sankalp ko aap do rai ya kare roj toh aap bina avinash kadmon se chhutkara paa sakte hain zindagi me har cheez ke bina reh sakta hai har aadat ke bina raha ja sakta hai humne yah sab aatma vinashkari aadatein janam ke saath hamare saath nahi I thi jo aadat se lagayi uske zimmedar hum khud hain aur nikalne ki jimmedari thi usme se hamari aur vaah aatm bal aur sankalp ke dwara nikala ja sakta hai koshish karke dekhiye aisi koi cheez Impossible nahi hai aapke liye kyonki bhale hi humne apna jila stariy karti hai lekin hum chutki sakte hain itna atmabodh zaroor kare aur sankalp dhanyavad

हम क्यों जानबूझकर आत्मा विनाशकारी आदतें पाल लेते हैं जबकि हमें पता है कि हमारे लिए हानिकार

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

2:07
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आपका प्रश्न है कि हम क्यों जानबूझकर अपने बलात्कारी आते डाल देते हैं जबकि हमें पता है कि हमारे लिए हानिकारक है मां श्री श्रीयादे डरती हैं जस्ट शौक के तौर पर किसी को देखकर किसी के कहने से कुछ नहीं पता होता कि यह आदत हमें कहां ले जाएगी लेकिन जब आदत पड़ जाती है तब समझ में आती है आपने विनाशकारी आदत थी हमने क्यों पागल कुछ नहीं कर सकते हैं जिससे बचपन में ही कहीं किसी के कहने से किसी के देने से किसी के गम करने से हमने किसी ने नशा करना शुरू कर दिया तब नहीं पता क्या होता है लेकिन एक बार शुरू कर दिया उससे जो महसूस हुआ कोई बात नहीं थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा करके फिर भी अच्छा लगा कष्ट लगाना अच्छा लगा और अगर आपको लगा मटन बन रहा हूं वह कश 12345 पर ले फिर से मुझे आदत पड़ने पर समझ में आया यह गलत हो रहा है तो जब ते बनी श्रीमती तक नहीं पता बट आपको यह आदत गलत है लेकिन जब ढल जाती है और आपको लगता मैं फंस गया इसमें तब समझ में आती है आदत गलत छोड़ना मुश्किल हो जाता है लेकिन इतना मुश्किल भी नहीं है जहां चाहा वहां रहा अगर एक बार ठान लो तो छोड़ बचाने की जरूरत है उसका प्रयास करने की जरूरत है

aapka prashna hai ki hum kyon janbujhkar apne balaatkari aate daal dete hain jabki hamein pata hai ki hamare liye haanikarak hai maa shri shriyade darti hain just shauk ke taur par kisi ko dekhkar kisi ke kehne se kuch nahi pata hota ki yah aadat hamein kaha le jayegi lekin jab aadat pad jaati hai tab samajh me aati hai aapne vinashkari aadat thi humne kyon Pagal kuch nahi kar sakte hain jisse bachpan me hi kahin kisi ke kehne se kisi ke dene se kisi ke gum karne se humne kisi ne nasha karna shuru kar diya tab nahi pata kya hota hai lekin ek baar shuru kar diya usse jo mehsus hua koi baat nahi thoda thoda thoda thoda karke phir bhi accha laga kasht lagana accha laga aur agar aapko laga mutton ban raha hoon vaah kash 12345 par le phir se mujhe aadat padane par samajh me aaya yah galat ho raha hai toh jab te bani shrimati tak nahi pata but aapko yah aadat galat hai lekin jab dhal jaati hai aur aapko lagta main fans gaya isme tab samajh me aati hai aadat galat chhodna mushkil ho jata hai lekin itna mushkil bhi nahi hai jaha chaha wahan raha agar ek baar than lo toh chhod bachane ki zarurat hai uska prayas karne ki zarurat hai

आपका प्रश्न है कि हम क्यों जानबूझकर अपने बलात्कारी आते डाल देते हैं जबकि हमें पता है कि हम

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:55
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राम जी की आपका पर्सनल क्यों जानबूझकर भी हो जाती है कि आज चप्पल जाती है लगता है पैसा कमाए इस चकाचौंध की दुनिया इसमें सोचता कि पैसा मिले कैसे भी मिले और यह सोचते इसके पास यह है यह से लाइफस्टाइल जीने हम तो उस चक्कर में विनाशकारी आते जाते हैं लेकिन इंसान जो है विवेक अपना खुद ही था और भूल जाता कि हमें यह करने से किसी ना किसी दिन पकड़े जाएंगे और फिर हमारा क्या यह नहीं सोचता है यह अलग प्रजाति है बच्चों के किशोरावस्था मगर इस जगह इस टाइम अगर ध्यान दिया जाए तो वह आते नहीं पड़ती हैं उन्हें उस टाइम गाइडेंस की बहुत जरूरत होती है और दोस्ती कैसे लोग दोस्ती अच्छे लोगों से अगर अच्छे दोस्त हैं तो आप जो है इस टाइप के आते नहीं पड़ती विनाशकारी आते नहीं और में सोचने की समझने की शक्ति रहती और पिक माता-पिता कोई पता रहता है कि दोस्त अच्छे हैं कि यह बच्चा बिगड़ जाए तो बता देते हैं और माता-पिता को भी देखना चाहिए कहां पर जा रहा है क्या है इसका 14 साल से लेकर 25 साल तक के बच्चों को माता-पिता को परिवार को ध्यान देना चाहिए किस टाइप का है यह है कि जब आप अगर पाल लेते हैं और फिर आपकी छुट्टी नहीं है तो फिर उसके बाद जो है अपराधी बन जाते हैं और फिर तो जेल की रोटी खानी पड़ती इसलिए बिना करना और जो है जो पूछे अगर उसमें संतोष करते तो हमेशा खुश रहे सुखी रहे

ram ji ki aapka personal kyon janbujhkar bhi ho jaati hai ki aaj chappal jaati hai lagta hai paisa kamaye is chakachaundh ki duniya isme sochta ki paisa mile kaise bhi mile aur yah sochte iske paas yah hai yah se lifestyle jeene hum toh us chakkar me vinashkari aate jaate hain lekin insaan jo hai vivek apna khud hi tha aur bhool jata ki hamein yah karne se kisi na kisi din pakde jaenge aur phir hamara kya yah nahi sochta hai yah alag prajati hai baccho ke kishoraavastha magar is jagah is time agar dhyan diya jaaye toh vaah aate nahi padti hain unhe us time guidance ki bahut zarurat hoti hai aur dosti kaise log dosti acche logo se agar acche dost hain toh aap jo hai is type ke aate nahi padti vinashkari aate nahi aur me sochne ki samjhne ki shakti rehti aur pic mata pita koi pata rehta hai ki dost acche hain ki yah baccha bigad jaaye toh bata dete hain aur mata pita ko bhi dekhna chahiye kaha par ja raha hai kya hai iska 14 saal se lekar 25 saal tak ke baccho ko mata pita ko parivar ko dhyan dena chahiye kis type ka hai yah hai ki jab aap agar pal lete hain aur phir aapki chhutti nahi hai toh phir uske baad jo hai apradhi ban jaate hain aur phir toh jail ki roti khaani padti isliye bina karna aur jo hai jo pooche agar usme santosh karte toh hamesha khush rahe sukhi rahe

राम जी की आपका पर्सनल क्यों जानबूझकर भी हो जाती है कि आज चप्पल जाती है लगता है पैसा कमाए इ

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Vikas Singh

Political Analyst

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आपका सवाल है हम क्यों जानबूझकर आप विनाशकारी आदतें पाल लेते हैं जबकि हमें पता है कि यह हमारे लिए हानिकारक है देखे क्या लाभदायक होता है और क्या हानिकारक होता है कि हर व्यक्ति को पता होता है लेकिन व्यक्ति अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर पाता है तो वह हानिकारक चीजों का सेवन करता है उन घटनाओं को अंजाम देता है जिससे उसके बॉडी पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है और जब उसका तबीयत खराब होता है तो फिर जब वह हॉस्पिटल में होता है तो उसको समझ आती है कि अगर गलत काम नहीं किया होता तो शायद आज मैं यहां नहीं होता अब उस टाइम तो उसे समझ में आती है बात तक जब ठीक हो जाता है तो फिर वही गलती करना स्टार्ट कर देता है इंसान एक गलती को पूरा जीवन भर ही करता रहता है क्योंकि उसे गलती करने की लत लग जाती है शराब पीना हानिकारक है सिगरेट पीना हानिकारक है फेफड़े में रोग हो सकता है लिवर में प्रॉब्लम हो सकती है पेट में इंफेक्शन हो सकता है आपका गर्दन जाम हो सकता है कुछ भी हो सकता है और साथ शब्दों में लिखा होता है इसका सेवन आप लोग ना करें लेकिन उसके बाद भी शराब पीने वाला जाता है और कहता है भैया एक क्वार्टर देना क्वार्टर लगा कहीं रात में सो जाऊंगा अब लेकर आता है क्वार्टर प्याज वाज काट के नमकीन नमकीन रख के आराम से पीता है और पिक एंजॉय करता है उसे पता है कि हानिकारक है इसका गलत प्रभाव हमारे बॉडी के ऊपर पड़ेगा हमें दूध पीना चाहिए हमें शराब नहीं पीना चाहिए यह भी बात हो जानता है लेकिन उस शराब कुछ करता है क्योंकि शराब पीने की उसे लत लग गई है स्मोकिंग प्रोहिबिटेड ईयर लिखा होता है अगर आप मेट्रो स्टेशन पर जाएंगे सिगरेट पीना मना है सिगरेट पीना मना है क्यों लिखा गया होता है तो किस सिगरेट हानिकारक प्रोडक्ट है और अगर आप सिगरेट पियोगे तो इसमें से कोई और भी प्रभावित हो सकता है उसको भी कोई रोग हो सकता है इसलिए यहां पर सिगरेट मत पीजिए सिगरेट के डिब्बे पर लिखा होता है कि इससे कैंसर होता है उसके बाद भी बंदा सिगरेट पीता है आपको पता है कि सुबह उठना लाभदायक होता है हमें सुबह एक्सरसाइज करना चाहिए योगा करना चाहिए सिर्फ आप बोलते हो लेकिन जब करने का टाइम आता है तो आपको ठंडा लगता है ठंडी लगती है गर्मी में गर्मी लगती है आप उठ नहीं पाते हो और साफ साफ मना कर देते हो अपने दोस्त को की बाई सुबह भोर में 4:00 बजे मुझे मत जगा कर मैं नहीं उठ पाऊंगा मोटी नहीं सकता क्योंकि मैं देर से सोता हूं यह देखी समस्या है अब देर से सोते हो यह समस्या है क्या आपने कभी इसके समाधान के ऊपर विचार किया है अगर आप समाधान को पर विचार करते तो 2:00 बजे सोने के बजाय आप 10:11 बजे सोते हो सुबह 4:00 बजे जाग जाते हैं और एक्सरसाइज करते और आपका बॉडी फिट हो जाता पढ़ना बहुत अच्छी बात है स्टूडेंट को मन लगाकर पढ़ना चाहिए स्टूडेंट के बाद भली भांति जानता है और हजारों लाखों बार बोलता भी अपने दोस्तों के साथ लेकिन वह बंदा पढ़ने के टाइम पर बैठता है तो उसे उसकी गर्लफ्रेंड याद आने लगती है उस उसके अपने दोस्त याद आने लगते हैं और वह पढ़ाई छोड़ कर मजा लेने अपने दोस्तों के साथ चला जाता है घूमता फिरता है क्रिकेट खेलता है इंजॉय करता है आज पढ़ लूंगा आज नहीं पढ़ लूंगा कल कल से पढ़ना स्टार्ट करूंगा कल बैठा पढ़ने के लिए बाद भी नहीं पढ़ लूंगा यार कल परसों से पढ़ लूंगा अभी तो बहुत टाइम है एग्जाम आ जाता है एग्जाम के हाथों से बड़ा टेंशन होता है कि यार कैसे पास होगा कुछ पढ़ा ही नहीं और लास्ट में फेल भी हो जाता है तो कहने का मतलब है इंसान को अपने ऊपर कंट्रोल करना चाहिए जब आप अपने ऊपर कंट्रोल करोगे तब जाकर आप विजय प्राप्त करोगे लाभकारी काम करोगे तो उसका आपको लाभ मिलेगा गलत काम करोगे तो उसका दुष्प्रभाव पड़ेगा आप रात में सोने जाते हो और फोन चलाते रहते हो लाइट बंद करके उसकी रोशनी आपकी आंखों पर पड़ती है तो आपको पता है की रोशनी फोन की बहुत खराब है आंखों पर नहीं पड़नी चाहिए लेकिन हर इंसान रात में फोन जरूर चलाता है आज के टाइम में तो उसका प्रभाव पड़ता भी है पर मैं भी चलाता हूं फोन रात में मुझे भी फोन की लत है और मैं जानता हूं इसका प्रभाव बहुत पड़ता है लेकिन मैं थोड़ा सा नॉलेज बंद करने के लिए थोड़ा सा रात में कौन यूज करता हूं जब यह गलत है हम लोगों को नहीं करना चाहिए तो कहने का मतलब है जब आप जानते हो कि यह चीज हानिकारक है तो आप क्यों उस गलती को करते हो क्या आप को मनुष्य का जन्म दोबारा मिलेगा धरती पर नहीं मिलेगा इसलिए कोई भी ऐसा काम मत करिए जिससे आपके बॉडी पर हानिकारक प्रभाव पड़े जो सत्य है वह सत्य है जो लाभकारी काम है वह लाभकारी काम है गरीबों की मदद करना लाभकारी काम है अगर आप दूसरे की मदद करेंगे तो आपका मदद को भगवान करेगा आपके बच्चों की मदद कोई और करेगा यह कहा गया है ना ऐसा होता भी है अगर आपने बस में खड़ा होकर सीट को छोड़ कर किसी बुजुर्ग महिला को सीट दे दिया है तो दो-तीन साल बाद जब आप अपने माता जी के साथ जाते हो कहीं तो सीट फुल होती है और कोई व्यक्ति खड़ा होता है और आपकी माता जी को बैठ तो आपको याद आता है कि यार मैंने भी कभी अच्छा कर्म किया तो उसी का फल मिला है तो कहने का मतलब है लाभकारी काम का लाभदायक फल प्राप्त होता है गलत कर्मों का गलत फल प्राप्त होता है जो सत्य है उसे एक्सेप्ट करिए पति को आप एक्सेप्ट करोगे तो कोई भी गलत काम नहीं करोगे गलत काम नहीं करोगे तो आपके जीवन में सफल रिजल्ट आपको मिलेगा अच्छा रिजल्ट मिलेगा जो आपको भी खुशी प्रदान करेगा और आपके आने वाली पीढ़ी के लिए भी लाभकारी होगा धन्यवाद

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subah exercise karna chahiye yoga karna chahiye sirf aap bolte ho lekin jab karne ka time aata hai toh aapko thanda lagta hai thandi lagti hai garmi me garmi lagti hai aap uth nahi paate ho aur saaf saaf mana kar dete ho apne dost ko ki bai subah bhor me 4 00 baje mujhe mat jagah kar main nahi uth paunga moti nahi sakta kyonki main der se sota hoon yah dekhi samasya hai ab der se sote ho yah samasya hai kya aapne kabhi iske samadhan ke upar vichar kiya hai agar aap samadhan ko par vichar karte toh 2 00 baje sone ke bajay aap 10 11 baje sote ho subah 4 00 baje jag jaate hain aur exercise karte aur aapka body fit ho jata padhna bahut achi baat hai student ko man lagakar padhna chahiye student ke baad bhali bhanti jaanta hai aur hazaro laakhon baar bolta bhi apne doston ke saath lekin vaah banda padhne ke time par baithta hai toh use uski girlfriend yaad aane lagti hai us uske apne dost yaad aane lagte hain aur vaah padhai chhod kar maza lene apne doston ke saath chala jata hai ghoomta phirta hai cricket khelta hai enjoy karta hai aaj padh lunga aaj nahi padh lunga kal kal se padhna start karunga kal baitha padhne ke liye baad bhi nahi padh lunga yaar kal parso se padh lunga abhi toh bahut time hai exam aa jata hai exam ke hathon se bada tension hota hai ki yaar kaise paas hoga kuch padha hi nahi aur last me fail bhi ho jata hai toh kehne ka matlab hai insaan ko apne upar control karna chahiye jab aap apne upar control karoge tab jaakar aap vijay prapt karoge labhakari kaam karoge toh uska aapko labh milega galat kaam karoge toh uska dushprabhav padega aap raat me sone jaate ho aur phone chalte rehte ho light band karke uski roshni aapki aakhon par padti hai toh aapko pata hai ki roshni phone ki bahut kharab hai aakhon par nahi padni chahiye lekin har insaan raat me phone zaroor chalata hai aaj ke time me toh uska prabhav padta bhi hai par main bhi chalata hoon phone raat me mujhe bhi phone ki lat hai aur main jaanta hoon iska prabhav bahut padta hai lekin main thoda sa knowledge band karne ke liye thoda sa raat me kaun use karta hoon jab yah galat hai hum logo ko nahi karna chahiye toh kehne ka matlab hai jab aap jante ho ki yah cheez haanikarak hai toh aap kyon us galti ko karte ho kya aap ko manushya ka janam dobara milega dharti par nahi milega isliye koi bhi aisa kaam mat kariye jisse aapke body par haanikarak prabhav pade jo satya hai vaah satya hai jo labhakari kaam hai vaah labhakari kaam hai garibon ki madad karna labhakari kaam hai agar aap dusre ki madad karenge toh aapka madad ko bhagwan karega aapke baccho ki madad koi aur karega yah kaha gaya hai na aisa hota bhi hai agar aapne bus me khada hokar seat ko chhod kar kisi bujurg mahila ko seat de diya hai toh do teen saal baad jab aap apne mata ji ke saath jaate ho kahin toh seat full hoti hai aur koi vyakti khada hota hai aur aapki mata ji ko baith toh aapko yaad aata hai ki yaar maine bhi kabhi accha karm kiya toh usi ka fal mila hai toh kehne ka matlab hai labhakari kaam ka labhdayak fal prapt hota hai galat karmon ka galat fal prapt hota hai jo satya hai use except kariye pati ko aap except karoge toh koi bhi galat kaam nahi karoge galat kaam nahi karoge toh aapke jeevan me safal result aapko milega accha result milega jo aapko bhi khushi pradan karega aur aapke aane wali peedhi ke liye bhi labhakari hoga dhanyavad

आपका सवाल है हम क्यों जानबूझकर आप विनाशकारी आदतें पाल लेते हैं जबकि हमें पता है कि यह हमार

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जवाब भी चंदा नकारात्मक सोच होती है अनावश्यक रूप से धन की ओर पैदा करने लगते हैं उसे अपने उसके अंदर वाली माना जाता विमान को पूरा करने की कोशिश कभी गलत रास्ता अपना अपने जीवन को संतुलित बनाई है ईश्वर पर भरोसा रखें सत्कार्य कीजिए अच्छा कार्य करेंगे तो उसका परिणाम भी अच्छी मिलेंगे स्वाभिमान को त्यागी लोगों से संबंधित बिठाने की कोशिश कीजिए जब आप जानते हैं ऐसा गलत कार्य करने से सब लोग आपको गलत कार्य आप गलत कार्य मतलब आपको बिल्कुल इग्नोर किया जाएगा आप अपराधी प्रवृत्ति में फंस जाएंगे पुलिस आपके पीछे पड़ जाएगी इसलिए हमेशा अपनी सोच को सकारात्मक में भी आगे बढ़ने की कोशिश कीजिए समाज की सेवा की आंसर परमो धर्मा कर्म शासन के साथ आप आगे आगे बढ़ संघर्ष की समस्याओं का समाधान राजकीय आगे बढ़े

jawab bhi chanda nakaratmak soch hoti hai anavashyak roop se dhan ki aur paida karne lagte hain use apne uske andar wali mana jata Vimaan ko pura karne ki koshish kabhi galat rasta apna apne jeevan ko santulit banai hai ishwar par bharosa rakhen satkarya kijiye accha karya karenge toh uska parinam bhi achi milenge swabhiman ko tyagi logo se sambandhit bitane ki koshish kijiye jab aap jante hain aisa galat karya karne se sab log aapko galat karya aap galat karya matlab aapko bilkul ignore kiya jaega aap apradhi pravritti me fans jaenge police aapke peeche pad jayegi isliye hamesha apni soch ko sakaratmak me bhi aage badhne ki koshish kijiye samaj ki seva ki answer paramo dharma karm shasan ke saath aap aage aage badh sangharsh ki samasyaon ka samadhan rajkiya aage badhe

जवाब भी चंदा नकारात्मक सोच होती है अनावश्यक रूप से धन की ओर पैदा करने लगते हैं उसे अपने उस

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

0:53
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हम क्यों जानबूझकर अपनी आंखें बिनाश कार्यालय से पहले तुम जानते हैं कि मां के लिए हानिकारक है इंसानों का शिकार हो जाता है और मन का वशीभूत हो जाता है जिस इंसान का मन पर बस नहीं होता और आदतों का वह वशीकरण वशीभूत हो जाए तो सही निर्णय लेने की क्षमता में नहीं होता है दिखाओ कितनी विद्वानों कितने ही धनी हो उसके लिए जो कमियां उसको ऐसे निर्णय लेने पर मजबूर कर देती हूं जो किसके लिए घातक होती है और वह केवल हानिकारक है उसका भी दांव पर लगा दे

hum kyon janbujhkar apni aankhen binash karyalay se pehle tum jante hain ki maa ke liye haanikarak hai insano ka shikaar ho jata hai aur man ka vashibhut ho jata hai jis insaan ka man par bus nahi hota aur aadaton ka vaah vashikaran vashibhut ho jaaye toh sahi nirnay lene ki kshamta me nahi hota hai dikhaao kitni vidvaano kitne hi dhani ho uske liye jo kamiyan usko aise nirnay lene par majboor kar deti hoon jo kiske liye ghatak hoti hai aur vaah keval haanikarak hai uska bhi dav par laga de

हम क्यों जानबूझकर अपनी आंखें बिनाश कार्यालय से पहले तुम जानते हैं कि मां के लिए हानिकारक ह

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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आपको आप विनाशकारी आदतें को छोड़ देना चाहिए क्योंकि यह आदतें इंसान को गलत राह पर ले जाते हैं इससे उन्हीं का चरित्र खराब होता है अपने को नुकसान होता है इसलिए ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो आपके हानि पहुंचाते हैं और हानि पहुंचाने की वजह से आपका बहुत सकता रहित हो जाता है इसलिए आपको हमेशा अच्छे कार्य के प्रति सजग रहना चाहिए मेहनत करते रहना चाहिए सही कार्य को चुनना चाहिए हमेशा सच्चे मन से ईमानदारी से कार्य करना चाहिए लगन से कार्य करना चाहिए तभी वह कार्यकाल पूरा हो पाएगा

aapko aap vinashkari aadatein ko chhod dena chahiye kyonki yah aadatein insaan ko galat raah par le jaate hain isse unhin ka charitra kharaab hota hai apne ko nuksan hota hai isliye aise kaaryon se bachana chahiye jo aapke hani pahunchate hain aur hani pahunchane ki wajah se aapka bahut sakta rahit ho jata hai isliye aapko hamesha acche karya ke prati sajag rehna chahiye mehnat karte rehna chahiye sahi karya ko chunana chahiye hamesha sacche man se imaandaari se karya karna chahiye lagan se karya karna chahiye tabhi vaah karyakal pura ho payega

आपको आप विनाशकारी आदतें को छोड़ देना चाहिए क्योंकि यह आदतें इंसान को गलत राह पर ले जाते है

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Rakesh Kumar Chandra

BE ( Electrical )/ MBA ( Marketing) Electrical Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि हम जानबूझकर हाथ में विनाशकारी आदत है जबकि हमें पता होता है कि हमारे जीवन के लिए हानिकारक जी बिल्कुल आप को शायद पता होना चाहिए कि जिंदगी में दो प्रकार की आदतें होती हैं सकारात्मक और नकारात्मक जो सकारात्मक होती है वह जीवन में कुछ निर्माण का काम करती है पहुंचे काम देती है पर बच्चों की पढ़ाई लिखाई में कर देती है लेकिन जो नकारात्मक चीजें होती है विनाशकारी चीजें होती है वह जिंदगी को टेस्ट टीम यानी कि नाश्ता किए जाते हैं कुछ ऐसे काम होते हैं जो कि विनाश ताकि और होते हैं हालांकि इसमें फायदा जो भी होता है वह विनाशकारी का नहीं बल्कि उसका होता है विनाश करवाना तू यानि कहने का मतलब यह हुआ था पर यह हुआ यदि हम यह कहें कि बहुत सारे लोग एक जगह पर बैठे हुए हैं इसमें कुछ सहयोगी भी हो सकते हैं और कुछ विरोधी भी हो सकते हैं विरोधी जो भी होते हैं वह विनाशकारी की श्रेणी में ही आते हैं तो इस प्रकार से जितने भी विनाश की सूचनाएं रचनाएं धनराशि है वह सब जो है सब की सब जो है आप जो है जानबूझकर आत्मा विनाशकारी आदत है पाली की परख में रहते हैं तो इस प्रकार से हम यह जान लेकर जान बूझकर आत्मा विनाशकारी आदत है पाए जाते हैं जबकि हमें पता होता है यह हमारे लिए हानिकारक प्रकार की आत्मा विनाशकारी आदतों से बचें और जीवन को सुचिता पूर्वक प्रणाम गुरुजी ठीक तरीके से आगे ले जाने का काम करें धन्यवाद

aapka sawaal hai ki hum janbujhkar hath me vinashkari aadat hai jabki hamein pata hota hai ki hamare jeevan ke liye haanikarak ji bilkul aap ko shayad pata hona chahiye ki zindagi me do prakar ki aadatein hoti hain sakaratmak aur nakaratmak jo sakaratmak hoti hai vaah jeevan me kuch nirmaan ka kaam karti hai pahuche kaam deti hai par baccho ki padhai likhai me kar deti hai lekin jo nakaratmak cheezen hoti hai vinashkari cheezen hoti hai vaah zindagi ko test team yani ki nashta kiye jaate hain kuch aise kaam hote hain jo ki vinash taki aur hote hain halaki isme fayda jo bhi hota hai vaah vinashkari ka nahi balki uska hota hai vinash karwana tu yani kehne ka matlab yah hua tha par yah hua yadi hum yah kahein ki bahut saare log ek jagah par baithe hue hain isme kuch sahyogi bhi ho sakte hain aur kuch virodhi bhi ho sakte hain virodhi jo bhi hote hain vaah vinashkari ki shreni me hi aate hain toh is prakar se jitne bhi vinash ki suchnaen rachnaye dhanrashi hai vaah sab jo hai sab ki sab jo hai aap jo hai janbujhkar aatma vinashkari aadat hai paali ki parakh me rehte hain toh is prakar se hum yah jaan lekar jaan bujhkar aatma vinashkari aadat hai paye jaate hain jabki hamein pata hota hai yah hamare liye haanikarak prakar ki aatma vinashkari aadaton se bache aur jeevan ko suchita purvak pranam guruji theek tarike se aage le jaane ka kaam kare dhanyavad

आपका सवाल है कि हम जानबूझकर हाथ में विनाशकारी आदत है जबकि हमें पता होता है कि हमारे जीवन क

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Kavita

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Dilsh Sheikh

Journalist

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