मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता हूँ?...


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Rudra

Super Model

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ओके चिंता का विषय क्या है यह तो केवल आप ही जानते हैं पर आपके साथ में कोई है तो चिंतित नहीं है उसमें और आप में क्या फर्क क्या आप किसी विषय के बारे में आपसे ज्यादा सोचने और एक चीज जो हम बहुत अच्छे से जानते हैं हर कोई की चमक के साथ शरीर में जुड़ा यानी चिंतन के साथ कर्म भी जरूरी खाली चंदन से कुछ नहीं होगा अपने आप को प्रोत्साहित करें और आगे बढ़े जनता हमें एक जगह पर रोक देती है प्रोत्साहन हमें आगे बढ़ाता है

ok chinta ka vishay kya hai yah toh keval aap hi jante hain par aapke saath me koi hai toh chintit nahi hai usme aur aap me kya fark kya aap kisi vishay ke bare me aapse zyada sochne aur ek cheez jo hum bahut acche se jante hain har koi ki chamak ke saath sharir me juda yani chintan ke saath karm bhi zaroori khaali chandan se kuch nahi hoga apne aap ko protsahit kare aur aage badhe janta hamein ek jagah par rok deti hai protsahan hamein aage badhata hai

ओके चिंता का विषय क्या है यह तो केवल आप ही जानते हैं पर आपके साथ में कोई है तो चिंतित नहीं

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Manoj Kumar Srivastava

सेवानिवृत्त उपसचिव,स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड रांची

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यह समस्या सिर्फ आपकी नहीं है यह लोग ऐसी समस्याओं से ग्रसित रहते हैं चिंता तनाव और शायद ही कोई बचा हुआ है कारण एक ही है मन पर अधिक बोझ जब हम छोटे होते हैं कोई जिए मां कोई समस्या नहीं होती है तो फिर मन उसको भी लेता है लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है तो मन पर दबाव बढ़ता है और मन स्वभाव से चंचल होता है कभी भी एक जगह स्थिर रहता है हमेशा चलता रहता है यहां तक कि नींद में भी सपने दिखाता है वह भाभी के साथ देंगे तो शांत और स्थिर मन ही इन सूचनाओं का प्रमुख कारण है अगर हम मन को शांत कर दे कर दे तो फिर इसी शक्ति बढ़ जाएगी मन पल ताजा हो जाता है और फिर बड़ी से बड़ी समस्या भी आपको परेशान नहीं कर सकती आप बहुत आसानी से हल कर सकते हैं और छोटी समस्या को तो आप कुछ समझेंगे ही नहीं तो मन को शक्तिशाली कैसे बनाएं सबसे बड़ा प्रश्न नहीं है मेरे हिसाब से क्योंकि मैं एक योग साधक को 20 वर्षों से और मैंने जीवन में बहुत गहराई से योग की शक्ति का रूप होती है इसलिए मेरी सलाह है कि प्रतिदिन 10 मिनट ध्यान और कल्याण करें और मन का सच बयान है ध्यान स्टेशन ऑफ रांका सनसेट बयान है और मन और प्राण दोनों हमेशा चलाएं माल होते हैं कभी स्थिर रहते हैं इसलिए अगर इनको थोड़ा आराम दे दिया जाए तो इन को शक्ति मिलती है ध्यान और पढ़े आपसे दोनों को आराम मिलता है आराम मिले से यह तो राजा होते हैं इनका बोलता है इस प्रकार से तरोताजा और हल्का महसूस करते हैं और तनाव को दूर होता है

yah samasya sirf aapki nahi hai yah log aisi samasyaon se grasit rehte hain chinta tanaav aur shayad hi koi bacha hua hai karan ek hi hai man par adhik bojh jab hum chote hote hain koi jiye maa koi samasya nahi hoti hai toh phir man usko bhi leta hai lekin jaise jaise umar badhti hai toh man par dabaav badhta hai aur man swabhav se chanchal hota hai kabhi bhi ek jagah sthir rehta hai hamesha chalta rehta hai yahan tak ki neend me bhi sapne dikhaata hai vaah bhabhi ke saath denge toh shaant aur sthir man hi in suchanaon ka pramukh karan hai agar hum man ko shaant kar de kar de toh phir isi shakti badh jayegi man pal taaza ho jata hai aur phir badi se badi samasya bhi aapko pareshan nahi kar sakti aap bahut aasani se hal kar sakte hain aur choti samasya ko toh aap kuch samjhenge hi nahi toh man ko shaktishali kaise banaye sabse bada prashna nahi hai mere hisab se kyonki main ek yog sadhak ko 20 varshon se aur maine jeevan me bahut gehrai se yog ki shakti ka roop hoti hai isliye meri salah hai ki pratidin 10 minute dhyan aur kalyan kare aur man ka sach bayan hai dhyan station of ranka sunset bayan hai aur man aur praan dono hamesha chalaye maal hote hain kabhi sthir rehte hain isliye agar inko thoda aaram de diya jaaye toh in ko shakti milti hai dhyan aur padhe aapse dono ko aaram milta hai aaram mile se yah toh raja hote hain inka bolta hai is prakar se tarotaja aur halka mehsus karte hain aur tanaav ko dur hota hai

यह समस्या सिर्फ आपकी नहीं है यह लोग ऐसी समस्याओं से ग्रसित रहते हैं चिंता तनाव और शायद ही

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Dr.Ravi Atroliya

रिटायर्डडीएसपी

1:19
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चिंता चिता समान होती है और चिंता या तनाव से ही अवसाद उत्पन्न होते हैं और यह अवसाद जब बढ़ते हैं तो यह आत्महत्या तक ले जाते हैं अर्थात यह मान के चलिए कि चिंता से चिंतित होने से कुछ नहीं होने वाला चिंतित होते रहे चिंता में मरते रहे तो अवसाद में डूबते जाएंगे ऊपर भी थी बहुत नुकसानदायक होगी तो बेहतर क्या है कि चिंता किस बात की है उसे आप एक कागज पर नोट करें क्या हुआ बात जो आपको खाए जा रही है सता रही है फिर उस चिंता को यह उस समस्या को जिसके से चिंता पैदा हुई है कैसे उसका समाधान खोजा जाए क्या क्या समाधान हो सकते हैं क्या आप खुद समाधान के रास्ते पर पढ़ सकते हैं और क्या दूसरों की मदद से उसका समाधान पा सकते हैं तो निश्चित ही आपको सही मार्गदर्शन मिल जाएगा सही राह मिल जाएगी और चिंता चिंता के पुत्र अवसाद से आपको मुक्ति मिल जाएगी

chinta chita saman hoti hai aur chinta ya tanaav se hi avsad utpann hote hain aur yah avsad jab badhte hain toh yah atmahatya tak le jaate hain arthat yah maan ke chaliye ki chinta se chintit hone se kuch nahi hone vala chintit hote rahe chinta me marte rahe toh avsad me dubte jaenge upar bhi thi bahut nukasanadayak hogi toh behtar kya hai ki chinta kis baat ki hai use aap ek kagaz par note kare kya hua baat jo aapko khaye ja rahi hai sata rahi hai phir us chinta ko yah us samasya ko jiske se chinta paida hui hai kaise uska samadhan khoja jaaye kya kya samadhan ho sakte hain kya aap khud samadhan ke raste par padh sakte hain aur kya dusro ki madad se uska samadhan paa sakte hain toh nishchit hi aapko sahi margdarshan mil jaega sahi raah mil jayegi aur chinta chinta ke putra avsad se aapko mukti mil jayegi

चिंता चिता समान होती है और चिंता या तनाव से ही अवसाद उत्पन्न होते हैं और यह अवसाद जब बढ़ते

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डाॅ. देवेन्द्र जोशी उज्जैन म प्र

पत्रकार, साहित्यकार शिक्षाविद

1:10
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अवसाद और चिंता से उबर कर फिर से अपनी जिंदगी में लौटना या तो आप पर ही निर्भर करता है कोई दूसरा आपके अंदर के अवसाद को दूर कर देगा ऐसा सोचना गलत है इसका संकल्प आपको अपने आप से लेना होगा दूसरे में अपनी सहायक हो सकते हैं आपकी कोई भी उर्जा को पुनर्जीवित करने के लिए मार्गदर्शन दे सकते उसके लिए यही है कि आप अपने चित्र में धुत होकर अपनी खोई हुई आंखें चेतना को पुनः प्राप्त करके और आत्म बल को पूरा मजबूत बनाकर आप फिर से इस संकल्प के साथ उठ खड़े हो मैं जीवन के लक्ष्य को हासिल करके रहूंगा जीवन की परेशानियां अपनी जगह है तकलीफ है अपनी जगह संघर्ष अपनी जगह है लेकिन उसके बावजूद भी हर हाल में अवसाद को त्यागकर अपने बना स्थिति को अजीत को प्रसन्न बनाए रखना आप कह रहे थे इसलिए उठो जागो और तब तक चैन की सांस मत लो जब तक कि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त इस देश के साथ आगे बढ़ेंगे तो यकीन मानिए आप सफलता प्राप्त कर लेंगे और आपका अवतार तू चला जाएगा

avsad aur chinta se ubar kar phir se apni zindagi me lautna ya toh aap par hi nirbhar karta hai koi doosra aapke andar ke avsad ko dur kar dega aisa sochna galat hai iska sankalp aapko apne aap se lena hoga dusre me apni sahayak ho sakte hain aapki koi bhi urja ko punarjeevit karne ke liye margdarshan de sakte uske liye yahi hai ki aap apne chitra me dhut hokar apni khoi hui aankhen chetna ko punh prapt karke aur aatm bal ko pura majboot banakar aap phir se is sankalp ke saath uth khade ho main jeevan ke lakshya ko hasil karke rahunga jeevan ki pareshaniya apni jagah hai takleef hai apni jagah sangharsh apni jagah hai lekin uske bawajud bhi har haal me avsad ko tyagakar apne bana sthiti ko ajit ko prasann banaye rakhna aap keh rahe the isliye utho jaago aur tab tak chain ki saans mat lo jab tak ki aap apne lakshya ko prapt is desh ke saath aage badhenge toh yakin maniye aap safalta prapt kar lenge aur aapka avatar tu chala jaega

अवसाद और चिंता से उबर कर फिर से अपनी जिंदगी में लौटना या तो आप पर ही निर्भर करता है कोई दू

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Subhrajit Das

Relationship Manager

2:03
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नमस्कार दोस्तों मैं हूं सुपर जीत आपका हो तो सवाल है मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभरकर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं जरुर दूंगा पहले आप मैं यह बताना चाहता हूं मैं सूरजीत दास एक मोटिवेशनल स्पीकर इस्लामपुर हूं अगर आपने मेरा चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया तो सुपर जी दास के नाम से चैनल है यूट्यूब चैनल को उसको भी फॉलो कर दो लाइक कर दो सब्सक्राइब कर दो ताकि मेरा मोटिवेशन और बना रहे और यह जवाब अगर अच्छा लगे तो यहां पर भी आप मुझे फॉलो कर दीजिएगा तो पहला जो चीज है वह मैं आपको बताना चाहता हूं अब डिप्रेशन में जा ही क्यों रहे हैं या तो आप को लड़की ने धोखा दिया है या आपके ग्राम में कम आता है या आपको लाइफ की कोई टेंशन है इसी वजह से आप डिप्रेशन के लिए 3:00 बजे जाओगे तो डिप्रेशन में मत जाइए डिप्रेशन में जाओगे दारु पियोगे सिगरेट पियोगे गांजा पियोगे या कुछ पियोगे ठीक है तो वह उससे कुछ नहीं होने वाला अब और ज्यादा उससे डिप्रेशन में जाओगे डिप्रेशन में बाहर आने का एक ही उपाय है सबको बारी है कि उपाय आपको दूसरे काम में बिजी रखना ज्यादा ना सोचना रिलैक्स फील करना खेलने जाना खुद नहीं जाना तो दोस्तों से बात करना और जिस वजह से डिप्रेशन आया है उसको हटाकर अपने लक्ष्य की तरफ ध्यान देना अपने दूसरे पर काम में बिजी रहना सबसे पहला है पहले तो आपको दिल को समझाना है चल भाई कोई बात नहीं की बार आया है ना बार-बार आने दे तू जितने बार आएगा तू 100 बार आएगा मैं उसे 200 बार कॉल करके दिखाऊंगा उसके लिए नई-नई चीजें हमें ब्लॉक कीजिए कोई जॉब ज्वाइन कर लीजिए कोई एक्टिंग क्लास ज्वाइन कर लीजिए डांस ज्वाइन कर लीजिए आप सबको इंटल्स रखकर बिजी चीजों में तो और उसके बाद भी डिप्रेशन के बाद भी अब अपने ऊपर काम करते रहे अच्छी अच्छी नई नई चीजें डिवेलप करते रहिए अब देखना डिप्रेशन कैसे बाहर एकदम चला जाएगा और आप मुझे जरुर बताइएगा कि आपका ट्यूशन कैसे गया है तो मुझे बहुत खुशी होगी अगर आप मेरे वीडियो को पहली बार सुन रहे तो कर दीजिए और लाइक करें सब्सक्राइब नंबर दो

namaskar doston main hoon super jeet aapka ho toh sawaal hai main kaise avsad aur chinta se ubharakar dobara protsahit ho sakta hoon zaroor dunga pehle aap main yah batana chahta hoon main surjit das ek Motivational speaker islampur hoon agar aapne mera channel ko subscribe nahi kiya toh super ji das ke naam se channel hai youtube channel ko usko bhi follow kar do like kar do subscribe kar do taki mera motivation aur bana rahe aur yah jawab agar accha lage toh yahan par bhi aap mujhe follow kar dijiyega toh pehla jo cheez hai vaah main aapko batana chahta hoon ab depression me ja hi kyon rahe hain ya toh aap ko ladki ne dhokha diya hai ya aapke gram me kam aata hai ya aapko life ki koi tension hai isi wajah se aap depression ke liye 3 00 baje jaoge toh depression me mat jaiye depression me jaoge daaru piyoge cigarette piyoge gaanja piyoge ya kuch piyoge theek hai toh vaah usse kuch nahi hone vala ab aur zyada usse depression me jaoge depression me bahar aane ka ek hi upay hai sabko baari hai ki upay aapko dusre kaam me busy rakhna zyada na sochna relax feel karna khelne jana khud nahi jana toh doston se baat karna aur jis wajah se depression aaya hai usko hatakar apne lakshya ki taraf dhyan dena apne dusre par kaam me busy rehna sabse pehla hai pehle toh aapko dil ko samajhana hai chal bhai koi baat nahi ki baar aaya hai na baar baar aane de tu jitne baar aayega tu 100 baar aayega main use 200 baar call karke dikhaunga uske liye nayi nayi cheezen hamein block kijiye koi job join kar lijiye koi acting class join kar lijiye dance join kar lijiye aap sabko intals rakhakar busy chijon me toh aur uske baad bhi depression ke baad bhi ab apne upar kaam karte rahe achi achi nayi nayi cheezen develop karte rahiye ab dekhna depression kaise bahar ekdam chala jaega aur aap mujhe zaroor bataiega ki aapka tuition kaise gaya hai toh mujhe bahut khushi hogi agar aap mere video ko pehli baar sun rahe toh kar dijiye aur like kare subscribe number do

नमस्कार दोस्तों मैं हूं सुपर जीत आपका हो तो सवाल है मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभरकर दोबार

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Vijay Padamwar

शासकीय कर्मचारी

2:33
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यह कच्छा प्रश्न है आपने लिखा मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं यह आजकल युवा है उसकी यह प्रमुख समस्या बनती जा रही है क्यों बनती जा रही है क्योंकि हमारे पास गोल बहुत बड़े-बड़े हैं हम किसी देखते हैं कि हमारे बीच से लड़ निकला हुआ कोई लड़का मुंबई जा रहा है बहुत अच्छा सेटल हो गया पुणे में है बहुत अच्छा सेटल है इतना कमा रहे उतना कमार है इसे सी शादी हो गई वह हो गई यह चीजें हमको डिप्रैस करते हैं कि मैं नहीं कर पा रहा हूं लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि हम जो कुछ कर सकते हैं अपना बेस्ट वह हमने आपके बारे में मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि आप अच्छा पड़ेगी आपके आसपास बहुत अच्छे अच्छे लोग हैं अच्छा करिए और आप जिस काम को पसंद करते हैं चाहे वह पेंटिंग करना हो कुछ भी हो सकता है आप उस काम को करिए अगर आपको बांसुरी बजाना पसंद है तो आप खाली समय में बांसुरी बजा लीजिए अगर आपको गाना गाना पसंद है तो खाली समय में गाना गाइए कोई दिक्कत नहीं है आप यह मत सोचें कि मैं बताइए और मुझे ऐसा लगता है कि अच्छा गाना सुनना या अच्छा संगीत सुनना जो मेरे जीवन का अनुभव अच्छा संगीत सुनना जवाब बहुत स्ट्रेस में रहते हैं और लता जी की कोई प्यारी सी आवाज आपके कानों में गूंजती आपको कितना अच्छा लगता है ना तो हम सोच कर के क्या रेट पता करना ऑफिस से बाहर आ जाते तो अच्छा संगीत सुनें आपका मन हो रहा है चाहिए भले बे सो रहे हो मैं तो बहुत देर सो रहा हूं इतना बेसुरा है कि मेरे सब लोग बता दे तू गाना बजा लेता हूं लेकिन अच्छा पढ़िए सबसे इंपॉर्टेंट चीज है कि अच्छा पढ़िए अच्छे लोगों से मिली है अगर आप फेसबुक व्हाट्सएप में तो अच्छे लोगों को फॉलो कीजिए फेसबुक में है तो अच्छे लोगों को फॉलो कीजिए अच्छा पड़ी है सबसे इंपॉर्टेंट अच्छे पड़ी है सुबह उठी है थोड़ा सा ध्यान करिए स्नान करने के बाद ईश्वर के सामने बैठ करके थोड़ा सा ध्यान दीजिए आपको बहुत अच्छा लगेगा

yah kaccha prashna hai aapne likha main kaise avsad aur chinta se ubhar kar dobara protsahit ho sakta hoon yah aajkal yuva hai uski yah pramukh samasya banti ja rahi hai kyon banti ja rahi hai kyonki hamare paas gol bahut bade bade hain hum kisi dekhte hain ki hamare beech se lad nikala hua koi ladka mumbai ja raha hai bahut accha settle ho gaya pune me hai bahut accha settle hai itna kama rahe utana kamar hai ise si shaadi ho gayi vaah ho gayi yah cheezen hamko diprais karte hain ki main nahi kar paa raha hoon lekin hum yah bhool jaate hain ki hum jo kuch kar sakte hain apna best vaah humne aapke bare me main sirf itna keh sakta hoon ki aap accha padegi aapke aaspass bahut acche acche log hain accha kariye aur aap jis kaam ko pasand karte hain chahen vaah painting karna ho kuch bhi ho sakta hai aap us kaam ko kariye agar aapko bansuri bajana pasand hai toh aap khaali samay me bansuri baja lijiye agar aapko gaana gaana pasand hai toh khaali samay me gaana gaiye koi dikkat nahi hai aap yah mat sochen ki main bataiye aur mujhe aisa lagta hai ki accha gaana sunana ya accha sangeet sunana jo mere jeevan ka anubhav accha sangeet sunana jawab bahut stress me rehte hain aur lata ji ki koi pyaari si awaaz aapke kanon me gunjti aapko kitna accha lagta hai na toh hum soch kar ke kya rate pata karna office se bahar aa jaate toh accha sangeet sunen aapka man ho raha hai chahiye bhale be so rahe ho main toh bahut der so raha hoon itna besura hai ki mere sab log bata de tu gaana baja leta hoon lekin accha padhiye sabse important cheez hai ki accha padhiye acche logo se mili hai agar aap facebook whatsapp me toh acche logo ko follow kijiye facebook me hai toh acche logo ko follow kijiye accha padi hai sabse important acche padi hai subah uthi hai thoda sa dhyan kariye snan karne ke baad ishwar ke saamne baith karke thoda sa dhyan dijiye aapko bahut accha lagega

यह कच्छा प्रश्न है आपने लिखा मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता

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Dr Kavita Choudhary

Principal Psychologist Educationist Counselor

3:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी आपका क्वेश्चन है कि मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दुबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं जब आपने इतना सोच लिया तो यह मान कर चलिए कि 25% डा प्रोत्साहित हो चुके हैं क्या डिप्रेशन से बाहर और चिंता से बाहर निकलना चाह रहे हैं व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं व्यक्ति का जो जीवनकाल है वह हमेशा एक जैसा नहीं रहता उसके जीवन में सुख और दुख दोनों ही आते हैं जब तक हमें दुख नहीं मिलेगा तो सुख की अनुभूति हमें नहीं होगी इसी प्रकार से अगर व्यक्ति हमेशा एक जैसा ही मिलता रहे उससे तो उसे जीवन में उतार-चढ़ाव का अभाव अनुभव ही नहीं हो पाएगा जब हम कभी अब साथिया चिंता की ओर जा रहे होते हैं तो हमारे मस्तिष्क में एक विशेष प्रकार की तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है और अवसाद की स्थिति में तो व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है तो ऐसी कंडीशन के अंदर जो व्यक्ति अपने आप को बाहर निकालना चाह रहे हैं तो बिल्कुल वो आगे बढ़ सकता है तो किस तरह से आप आगे बढ़े और कैसे इस अवसाद की स्थिति से बाहर निकले इसके लिए सबसे पहले तो आप खुद को मूल्यांकन करिए कि आप क्या हैं आपका क्या कहते हैं और आप क्या कर सकते हैं आप अपने अंदर एक सुबह उठने के बाद और पूरे दिन भर सोच कर चलिए कि भगवान ने आपको 1 दिन और दिया है जीने के लिए और इस जीवन को आज के दिन को आप और कैसे उत्तम बना सकते हैं दूसरा यह कि जब आप सुबह उठते हैं तो आप निर्धारित कर कर चलेंगे आज आपने कौन-कौन से कार्य करने हैं और आप क्या-क्या कर सकते हैं और जब आप अपने दिमाग में यह चीजें बबिता लेंगे कि ये स्वीकार कर सकता हूं तो वह आप कर पाएंगे तीसरा यह कि जब डिप्रेशन की स्थिति है तो डिप्रेशन में देखिए आपका सोचने समझने की शक्ति बहुत धीमी हो जाती है दूसरा आपका किसी से बातचीत करने का मन नहीं करता आप एकांत में रहना पसंद करते हैं तो आप कुछ इस तरह की चीजों को अपने जीवन में शामिल करिए जैसे कुछ अच्छी फिल्म हो सकती है जिससे आप मोटिवेट हुए कोई अच्छी बुक को आप नोबल्स को आप पढ़े जिससे आपका दिमाग उधर से डायवर्ट हो क्या कुछ ऐसे लोगों से आप संपर्क बनाए जिन लोगों से बात करके आपको बहुत अच्छा लगता है या कुछ ऐसी क्रिएटिव एक्टिविटी जो आप पहले से करते आए हैं लेकिन किन्हीं कारणों से अब आपने बंद कर दिया आप उनको पुनः अपने आपको उसमें इन्वॉल्व करिए तो धीरे-धीरे आप ही देखेंगे कि आपको पता ही नहीं था कि पूरा दिन निकल गया और आप अब साथ वाली जो स्थिति थी जिसमें आप पास बैठकर सोचते रहते थे उस स्थिति से आपको मुक्ति मिल जाएगी अगला काम जो करना है वह यह कि आपके परिवार में अन्य सदस्य जितने भी हैं उनकी भावनाओं को व्यक्त करिए जब आप उनकी भावनाओं की रिस्पेक्ट करेंगे तो इससे क्या होगा कि उन लोगों की फीलिंग आपके प्रति और ज्यादा पॉजिटिव होगी और जब आप आपके लिए वह पॉजिटिव होंगे तो आपकी केयर आपकी सियार और डायवर्शन ज्यादा होगा जिससे आप पॉजिटिव फीलिंग किया और निकलेगा

vicky aapka question hai ki main kaise avsad aur chinta se ubhar kar dubara protsahit ho sakta hoon jab aapne itna soch liya toh yah maan kar chaliye ki 25 da protsahit ho chuke hain kya depression se bahar aur chinta se bahar nikalna chah rahe hain vyakti ke jeevan me utar chadhav aate rehte hain vyakti ka jo jeevankal hai vaah hamesha ek jaisa nahi rehta uske jeevan me sukh aur dukh dono hi aate hain jab tak hamein dukh nahi milega toh sukh ki anubhuti hamein nahi hogi isi prakar se agar vyakti hamesha ek jaisa hi milta rahe usse toh use jeevan me utar chadhav ka abhaav anubhav hi nahi ho payega jab hum kabhi ab sathiya chinta ki aur ja rahe hote hain toh hamare mastishk me ek vishesh prakar ki tanaav ki sthiti utpann hoti hai aur avsad ki sthiti me toh vyakti ki sochne samjhne ki shakti khatam ho jaati hai toh aisi condition ke andar jo vyakti apne aap ko bahar nikalna chah rahe hain toh bilkul vo aage badh sakta hai toh kis tarah se aap aage badhe aur kaise is avsad ki sthiti se bahar nikle iske liye sabse pehle toh aap khud ko mulyankan kariye ki aap kya hain aapka kya kehte hain aur aap kya kar sakte hain aap apne andar ek subah uthane ke baad aur poore din bhar soch kar chaliye ki bhagwan ne aapko 1 din aur diya hai jeene ke liye aur is jeevan ko aaj ke din ko aap aur kaise uttam bana sakte hain doosra yah ki jab aap subah uthte hain toh aap nirdharit kar kar chalenge aaj aapne kaun kaun se karya karne hain aur aap kya kya kar sakte hain aur jab aap apne dimag me yah cheezen babita lenge ki ye sweekar kar sakta hoon toh vaah aap kar payenge teesra yah ki jab depression ki sthiti hai toh depression me dekhiye aapka sochne samjhne ki shakti bahut dheemi ho jaati hai doosra aapka kisi se batchit karne ka man nahi karta aap ekant me rehna pasand karte hain toh aap kuch is tarah ki chijon ko apne jeevan me shaamil kariye jaise kuch achi film ho sakti hai jisse aap motivate hue koi achi book ko aap nobles ko aap padhe jisse aapka dimag udhar se divert ho kya kuch aise logo se aap sampark banaye jin logo se baat karke aapko bahut accha lagta hai ya kuch aisi creative activity jo aap pehle se karte aaye hain lekin kinhi karanon se ab aapne band kar diya aap unko punh apne aapko usme involve kariye toh dhire dhire aap hi dekhenge ki aapko pata hi nahi tha ki pura din nikal gaya aur aap ab saath wali jo sthiti thi jisme aap paas baithkar sochte rehte the us sthiti se aapko mukti mil jayegi agla kaam jo karna hai vaah yah ki aapke parivar me anya sadasya jitne bhi hain unki bhavnao ko vyakt kariye jab aap unki bhavnao ki respect karenge toh isse kya hoga ki un logo ki feeling aapke prati aur zyada positive hogi aur jab aap aapke liye vaah positive honge toh aapki care aapki siyar aur dayavarshan zyada hoga jisse aap positive feeling kiya aur niklega

विकी आपका क्वेश्चन है कि मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दुबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं

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Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

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Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

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बहुत ही आसान तरीका दोस्त सबसे पहले अगर आप चिंताजनक माहौल में रह रहे हो तो सबसे पहले वह मॉल ही छोड़ दो जहां पर आप को नेगेटिव बातें मिलती हो जहां पर आपके साथ ऐसे लोग बैठते हैं जो आपको एक ही बात पर पॉइंट करें आपको बार-बार पूरे दिन आपको निगेटिव और उनके बारे में ही बताएं अब किसी भी तरह का कोई भी पॉजिटिव कोई भी प्रोत्साहित वाला काम ना हो रहा हो तो वहां पर आप ना जाए ना रहिए अपने आप को अलग कीजिए कॉसेटिव चीजों में ही रहे हैं जैसे आप गाने सुनिए कुछ बच्चे खेल रहे हैं आपके आसपास आप हर चीज से होता है तो सकते हैं आपको क्या करना अच्छा लगता है सबसे पहले उस पर जाइए क्या करना मुझे अच्छा लगता है मुझे घूमना पसंद है आपको मुझे कुछ खाने का मन कर रहा है मुझे वह खाना है मुझे कुछ गाना है गुनगुनाना है सुनना है वह करिए मुझे टेरिस पर घूमना है वह घूमी मुझे ओपन में जाकर जोर से चिल्लाने का मन नहीं है वह कहिए अपने पसंदीदा मित्रों को फोन करिए उनसे बातें कीजिए कोई गेम खेलिए जो गेम आपको पसंद है बहुत ही अच्छा आपका पूरा माइंड वहां जाएगा जहां आप उसको ले जाना चाहते हैं आप उन चीजों को छोड़ दीजिए बिलकुल छोड़ दीजिए सबसे बड़ी बात होगी जो जिस तरह से आप एक जगह में बैठे थे या जकड़े हुए थे नेगेटिव थॉट्स के बीच और नेगेटिव लोगों के बीच नेगेटिव एंड मरमेड के बीच में चले जाइए घर जहां भी आपको लगता है मुझे उन चीजों को देखेगी या फिर नेगेटिव किस तरह नहीं हो रहा है उन चीजों को चेंज कर डाली है वहां पर फोटोस लगाइए कोई अच्छी कोई हंसते मॉल की बच्चों की अपनी खुशाल की फोटो लगाए अपनी बचपन की फोटो है अपने मां-बाप की फोटो लगाएं अपने दोस्तों की फोटो लगाएं अपनी फोटो लगाएं अपने फोन में नहीं आ रही है आप अपने फोन में अपने फोन के कवर कोचिंग कीजिए अपने उठने बैठने की जगह के एनवायरमेंट को चेंज कीजिए मैं सच बोलता हूं हर चीज एवरीथिंग विल बी फाइंड यू फील हैप्पी जहां पर भी डांस गाना मस्ती हो रही है वह मॉल है आज एकेडमी से वह आजाए अपने-अपने एक-एक घंटा अपने आप को दीजिए जाएं और इंजॉय कीजिए दूसरे लोगों के साथ मिले जो कि उस पहले वाले लोगों से बिल्कुल बिल्कुल अलग है मैं ऑफिस हूं आप मुझे जरुर कॉल करें कि मैं सही हुआ या नहीं क्योंकि मैं भी ऐसा ही थैंक यू

bahut hi aasaan tarika dost sabse pehle agar aap chintajanak maahaul me reh rahe ho toh sabse pehle vaah mall hi chhod do jaha par aap ko Negative batein milti ho jaha par aapke saath aise log baithate hain jo aapko ek hi baat par point kare aapko baar baar poore din aapko negative aur unke bare me hi bataye ab kisi bhi tarah ka koi bhi positive koi bhi protsahit vala kaam na ho raha ho toh wahan par aap na jaaye na rahiye apne aap ko alag kijiye kasetiv chijon me hi rahe hain jaise aap gaane suniye kuch bacche khel rahe hain aapke aaspass aap har cheez se hota hai toh sakte hain aapko kya karna accha lagta hai sabse pehle us par jaiye kya karna mujhe accha lagta hai mujhe ghumana pasand hai aapko mujhe kuch khane ka man kar raha hai mujhe vaah khana hai mujhe kuch gaana hai gungunana hai sunana hai vaah kariye mujhe teris par ghumana hai vaah ghumi mujhe open me jaakar jor se chillane ka man nahi hai vaah kahiye apne pasandida mitron ko phone kariye unse batein kijiye koi game kheliye jo game aapko pasand hai bahut hi accha aapka pura mind wahan jaega jaha aap usko le jana chahte hain aap un chijon ko chhod dijiye bilkul chhod dijiye sabse badi baat hogi jo jis tarah se aap ek jagah me baithe the ya jakade hue the Negative thoughts ke beech aur Negative logo ke beech Negative and mermaid ke beech me chale jaiye ghar jaha bhi aapko lagta hai mujhe un chijon ko dekhenge ya phir Negative kis tarah nahi ho raha hai un chijon ko change kar dali hai wahan par photoss lagaaiye koi achi koi hansate mall ki baccho ki apni khusaal ki photo lagaye apni bachpan ki photo hai apne maa baap ki photo lagaye apne doston ki photo lagaye apni photo lagaye apne phone me nahi aa rahi hai aap apne phone me apne phone ke cover coaching kijiye apne uthane baithne ki jagah ke environment ko change kijiye main sach bolta hoon har cheez everything will be find you feel happy jaha par bhi dance gaana masti ho rahi hai vaah mall hai aaj academy se vaah ajaye apne apne ek ek ghanta apne aap ko dijiye jayen aur enjoy kijiye dusre logo ke saath mile jo ki us pehle waale logo se bilkul bilkul alag hai main office hoon aap mujhe zaroor call kare ki main sahi hua ya nahi kyonki main bhi aisa hi thank you

बहुत ही आसान तरीका दोस्त सबसे पहले अगर आप चिंताजनक माहौल में रह रहे हो तो सबसे पहले वह मॉल

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Krishna Kumar Gupta

Astrologer And Tantrokt Vastu Consultant

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Anand Khatwani

Financial Experthttps://youtu.be/opJOvcMEDZI

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नमस्कार जैसा कि आपने पूछ रहे कि मैं किस प्रकार अवसाद और चिंता से उभरकर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं मेरे मित्र इस प्रकार इसका उत्तर है आप सर्वप्रथम इस बात को अपने दिमाग से निकाल दीजिए कि आप चिंतित होकर अवसाद ग्रस्त हैं क्योंकि यह सिर्फ एक मानसिक परिवर्तन है जो कुछ समय के लिए है तत्पश्चात एम्स में उनके मेडिटेशन कीजिए अच्छा भोजन बैंड कीजिए एक्साइज कीजिए टाइम पर सोई है तथा एक अच्छे मनोचिकित्सक की मदद देकर दवाओं का अनुसरण करें तथा वैसी जीवन शैली में नकारात्मक लोगों तथा बातों से दूर है अतः सकारात्मक सोच धन्यवाद कृपया मुझे फोन करें आपका मित्र आनंद खटवानी

namaskar jaisa ki aapne puch rahe ki main kis prakar avsad aur chinta se ubharakar dobara protsahit ho sakta hoon mere mitra is prakar iska uttar hai aap sarvapratham is baat ko apne dimag se nikaal dijiye ki aap chintit hokar avsad grast hain kyonki yah sirf ek mansik parivartan hai jo kuch samay ke liye hai tatpashchat aiims me unke meditation kijiye accha bhojan band kijiye excise kijiye time par soi hai tatha ek acche manochikitsak ki madad dekar dawaon ka anusaran kare tatha vaisi jeevan shaili me nakaratmak logo tatha baaton se dur hai atah sakaratmak soch dhanyavad kripya mujhe phone kare aapka mitra anand khatvani

नमस्कार जैसा कि आपने पूछ रहे कि मैं किस प्रकार अवसाद और चिंता से उभरकर दोबारा प्रोत्साहित

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Ritesh Sah

Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सकारात्मक लोगों के साथ रहे सकारात्मक पुस्तके पड़े हैं और अपने दिल दिमाग को किसी ऐसी जगह पर लगाए जहां आपको अच्छा लगता हो अच्छा महसूस होता हो तो इस तरह से आप अपने डिप्रेशन से बाहर आ सकते हैं दोस्त बनाए ऐसे दोस्त बनाए जो आपकी बातों को सुने और समझे और आपको सही राह दिखाएं

sakaratmak logo ke saath rahe sakaratmak pustake pade hain aur apne dil dimag ko kisi aisi jagah par lagaye jaha aapko accha lagta ho accha mehsus hota ho toh is tarah se aap apne depression se bahar aa sakte hain dost banaye aise dost banaye jo aapki baaton ko sune aur samjhe aur aapko sahi raah dikhaen

सकारात्मक लोगों के साथ रहे सकारात्मक पुस्तके पड़े हैं और अपने दिल दिमाग को किसी ऐसी जगह पर

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Vishal Joshi

Script and Content Writer into SADVIDYA TV CHANNEL

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका आपका प्रश्न है मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता देखिए जीवन एक अमूल्य चीज है ठीक है और उसके दो पहलू हैं सुख और दुख ठीक है यह जैसे कि हमारा आज से हमारे करेंसी का जो सिक्का होता है उसके दो पहलू होते हैं ना अगर आप उसको उठा लेंगे और क्या आएगा वह आपको भी पता नहीं है ठीक है उसी तरह जीवन के दो पहलू है सुख और दुख में से पहले क्या आता है और पहले क्या नहीं आता वह हम बता नहीं सकते क्योंकि यह विधि का लिखा हुआ भी दान ठीक है अब संस्कृत में एक कहावत है स्थानांतरण दुखम दिक्कत से आनंद परम सुखम सुख के बाद दुखे और दुख के बाद सुख है ठीक है तो अपने हमारे कर्मों के अनुसार हम अपनी फल की प्राप्ति करते हैं यदि हम बुरा काम कर रहे हैं तो बोले अगर हम बुरा काम कर रहे हैं बुरे कर्म कर रहे हैं तो हमें फल बुरा मिलेगा अच्छे कर्म कर रहे हैं तो अच्छा फल मिलेगा ठीक है अब रही बात डिप्रेशन तू डिप्रेशन एक चीज ऐसी है कि जिसमें आप अपने जीवन को ऊर्जा देते कोई फूल होता है वह जिसने मुरझा जाता है वैसे आपकी प्रिय भी है तू जरूरत है आप को मोटिवेट होने की उनके बारे में सोचने की जिन्होंने आपको यहां तक पहुंचाया नहीं आपको आपके बैलेंस है आपके रिलेटिव से जो भी आपको और अच्छा लगता है वह व्यक्ति है जिसकी मदद से आप पूरा जीवन अच्छी तरह से जी रहे हैं और अच्छी तरह से आगर जिएंगे भी ठीक है तो उनके बारे में सोचिए जरा मोटिवेशनल वीडियोस देखिए किस तरह अलग-अलग फील्ड में है लोग अपने क्षेत्र में लोग आगे बढ़ते हैं कैसी भी मुश्किल में क्यों ना हो पर सभी मुश्किलों को पार करते हुए वो लोग जैसे आगे बढ़े और अपना जीवन उन्होंने जैसे और सफलता की ओर बढ़ तुम सबके जीवन देखें हां वह बात अलग है कि डिप्रेशन में आपको ऐसे ही विचार आएंगे कि मुझे अब नहीं जीना है वह नहीं जीना इसको मार दूंगा उसको मार दूंगा पर यह डिप्रेशन एक ऐसी चिंता है जो कि आपके जीवन की ही चिता जला ठीक है तो आप आपकी जो डिप्रेशन है उसको दूर करने के लिए ध्यान करें मेडिटेशन करें सिर्फ 5 से 10 मिनट या 15 मिनट तक मेडिटेशन करें तो भी आपको धीरे-धीरे इसका फायदा आपको देखने मिलेगा और डिप्रेशन को छोड़कर आपकी जो आगे की जिंदगी है उसके बारे में भी सोचिए क्योंकि डिप्रेशन में आकर आप अपने अमूल्य जीवन को वहां पर ही समाप्त कर देते हैं जो कि आपकी बहुत बड़ी गलती है ठीक है और अपने जीवन को आप अपने आपको खुद को छोटा सा मत समझना आपको अभी बहुत आगे जाना है जीवन को पार लगाना है और अनेक जीवनों को भी अनेक के जीवनों को भी अनेक लोगों के जीवन को भी पार लगाना है उतनी तो आपने क्षमता है डिप्रेशन 161 पार्ट ऑफ आवर लाइफ सबको आता है पर उस डिप्रेशन के वजह से वहां पर गिरे रहना ठीक है वह कहते हैं ना कि गिरनी गिरना बड़ी बात नहीं है कितना बड़ी बात नहीं जुड़े रहना बड़ी बात तो आपको उठना है डिप्रेशन से बाहर आने के बहुत सारे बहुत सारे आप आज के जमाने में बहुत सारे पहलुओं उपाय मौजूद है उनमें से कोई भी आपको मन पसंदीदा जो भी उपाय हो वह नहीं है और इस डिप्रेशन को दूर कीजिए क्योंकि जिंदगी अच्छी चीज है और उस को निखारने के लिए ईश्वर ने हमें यह जीवन दिया है तो इसको ऐसे ही व्यर्थ मत कीजिए डिप्रेशन इट्स अ पार्ट ऑफ आवर लाइफ

aapka aapka prashna hai main kaise avsad aur chinta se ubhar kar dobara protsahit ho sakta dekhiye jeevan ek amuly cheez hai theek hai aur uske do pahaloo hain sukh aur dukh theek hai yah jaise ki hamara aaj se hamare currency ka jo sikka hota hai uske do pahaloo hote hain na agar aap usko utha lenge aur kya aayega vaah aapko bhi pata nahi hai theek hai usi tarah jeevan ke do pahaloo hai sukh aur dukh me se pehle kya aata hai aur pehle kya nahi aata vaah hum bata nahi sakte kyonki yah vidhi ka likha hua bhi daan theek hai ab sanskrit me ek kahaavat hai sthanantaran dukham dikkat se anand param sukham sukh ke baad dukhe aur dukh ke baad sukh hai theek hai toh apne hamare karmon ke anusaar hum apni fal ki prapti karte hain yadi hum bura kaam kar rahe hain toh bole agar hum bura kaam kar rahe hain bure karm kar rahe hain toh hamein fal bura milega acche karm kar rahe hain toh accha fal milega theek hai ab rahi baat depression tu depression ek cheez aisi hai ki jisme aap apne jeevan ko urja dete koi fool hota hai vaah jisne murjha jata hai waise aapki priya bhi hai tu zarurat hai aap ko motivate hone ki unke bare me sochne ki jinhone aapko yahan tak pahunchaya nahi aapko aapke balance hai aapke relative se jo bhi aapko aur accha lagta hai vaah vyakti hai jiski madad se aap pura jeevan achi tarah se ji rahe hain aur achi tarah se aagar jeeenge bhi theek hai toh unke bare me sochiye zara Motivational videos dekhiye kis tarah alag alag field me hai log apne kshetra me log aage badhte hain kaisi bhi mushkil me kyon na ho par sabhi mushkilon ko par karte hue vo log jaise aage badhe aur apna jeevan unhone jaise aur safalta ki aur badh tum sabke jeevan dekhen haan vaah baat alag hai ki depression me aapko aise hi vichar aayenge ki mujhe ab nahi jeena hai vaah nahi jeena isko maar dunga usko maar dunga par yah depression ek aisi chinta hai jo ki aapke jeevan ki hi chita jala theek hai toh aap aapki jo depression hai usko dur karne ke liye dhyan kare meditation kare sirf 5 se 10 minute ya 15 minute tak meditation kare toh bhi aapko dhire dhire iska fayda aapko dekhne milega aur depression ko chhodkar aapki jo aage ki zindagi hai uske bare me bhi sochiye kyonki depression me aakar aap apne amuly jeevan ko wahan par hi samapt kar dete hain jo ki aapki bahut badi galti hai theek hai aur apne jeevan ko aap apne aapko khud ko chota sa mat samajhna aapko abhi bahut aage jana hai jeevan ko par lagana hai aur anek jivanon ko bhi anek ke jivanon ko bhi anek logo ke jeevan ko bhi par lagana hai utani toh aapne kshamta hai depression 161 part of hour life sabko aata hai par us depression ke wajah se wahan par gire rehna theek hai vaah kehte hain na ki girni girna badi baat nahi hai kitna badi baat nahi jude rehna badi baat toh aapko uthna hai depression se bahar aane ke bahut saare bahut saare aap aaj ke jamane me bahut saare pahaluwon upay maujud hai unmen se koi bhi aapko man pasandida jo bhi upay ho vaah nahi hai aur is depression ko dur kijiye kyonki zindagi achi cheez hai aur us ko nikharne ke liye ishwar ne hamein yah jeevan diya hai toh isko aise hi vyarth mat kijiye depression its a part of hour life

आपका आपका प्रश्न है मैं कैसे अवसाद और चिंता से उभर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता देखिए जी

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Sunila Nirmal

Lifestyle Coach ,Yoga Therapist,Astrologer,Motivational Speaker ,English Trainer .

1:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अवसाद और चिंता का कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं मिल पाएगा अवसाद और चिंता का जो ट्रीटमेंट मिलता है वह आपके एटमॉस्फेयर में सराउंडिंग में गारमेंट को बदलकर उसमें हो सकता है आपकी एक्टिविटी इसको चेंज करके हो सकता है जोक और प्राणायाम बहुत ज्यादा हेल्प करते हैं और 7 से बाहर आने में तो अगर कोई अच्छा योग इंस्ट्रक्टर आपको मिलता है अब जरूर हेल्प लीजिए उनसे सूर्य नमस्कार बहुत ज्यादा करिए सुबह सा और प्राणायाम बहुत ज्यादा करिए जिसमें अनुलोम विलोम और आपका कपालभाति हो सकता है और शामली प्राणायाम करिए आप इससे बहुत हेल्प होगी आपको डिप्रेशन में से बाहर आने में दूसरी चीज ऑफ मैडिटेशन कोर्स कर सकते हैं तो मेरी फेसबुक पर आए कभी तो आपकी पसंद की मेडिटेशन मेडिटेशन में भी डायनेमिक मेडिटेशन हो सकती है पासवर्ड मेडिटेशन हो सकती है तो आपको जो सूट करता है वह करिए कुछ और अच्छी सी आंखें बिछी में अपने आप को इन्वॉल्व कीजिए क्रिएटिव एक्टिविटीज डांस ड्रामा सिंगिंग म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट लर्निंग एक्टिविटीज कोचिंग ड्राइविंग ऐसे आपके बहुत जल्दी बाहर आ पाएंगे

avsad aur chinta ka koi medical treatment nahi mil payega avsad aur chinta ka jo treatment milta hai vaah aapke etamasfeyar me surrounding me garment ko badalkar usme ho sakta hai aapki activity isko change karke ho sakta hai joke aur pranayaam bahut zyada help karte hain aur 7 se bahar aane me toh agar koi accha yog instructor aapko milta hai ab zaroor help lijiye unse surya namaskar bahut zyada kariye subah sa aur pranayaam bahut zyada kariye jisme anulom vilom aur aapka kapalbhati ho sakta hai aur shamili pranayaam kariye aap isse bahut help hogi aapko depression me se bahar aane me dusri cheez of meditation course kar sakte hain toh meri facebook par aaye kabhi toh aapki pasand ki meditation meditation me bhi daynemik meditation ho sakti hai password meditation ho sakti hai toh aapko jo suit karta hai vaah kariye kuch aur achi si aankhen bichi me apne aap ko involve kijiye creative activities dance drama singing music instrument learning activities coaching driving aise aapke bahut jaldi bahar aa payenge

अवसाद और चिंता का कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं मिल पाएगा अवसाद और चिंता का जो ट्रीटमेंट मिलता

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Gyandeep Kkr

Social Activist

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Dharmesh

life Coach And Memoryguru

0:56
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इनसाइटी दूर करना स्ट्रेस दूर करना यह सिर्फ आपका डिसीजन हो सकता है उसमें और कुछ नहीं होता सिर्फ आपको तय करना है डिसीजन कसम खानी है हमें कि बस मुझे इस बार आना है तब जरूर बाहर आ सकते हैं और वह बाहर आने के लिए बहुत सारी चीज होती है उसके लिए एलएलबी आप कर सकता है मेडिटेशन हेल्प कर सकता है प्रोग्राम कर सकता है गोल्डन प्रिंसिपल ऑफ ह्यूमन लाइफ एक हेल्प कर सकता है तो आप अगर से बाहर आना चाहते तो जरूर से हमारा संपर्क करें और जी और आपको किस चीज का स्पेशल पहले जानना जरूरी जैसे डॉक्टर को कोई दवा देने से पहले की बीमारी जाना जरूरी है वैसे आपको कौन सा यह जानना जरूरी है उसके बाद हम भी खेल में आपको एडवाइस दे सकते हैं

inasaiti dur karna stress dur karna yah sirf aapka decision ho sakta hai usme aur kuch nahi hota sirf aapko tay karna hai decision kasam khaani hai hamein ki bus mujhe is baar aana hai tab zaroor bahar aa sakte hain aur vaah bahar aane ke liye bahut saari cheez hoti hai uske liye llb aap kar sakta hai meditation help kar sakta hai program kar sakta hai golden principal of human life ek help kar sakta hai toh aap agar se bahar aana chahte toh zaroor se hamara sampark kare aur ji aur aapko kis cheez ka special pehle janana zaroori jaise doctor ko koi dawa dene se pehle ki bimari jana zaroori hai waise aapko kaun sa yah janana zaroori hai uske baad hum bhi khel me aapko advice de sakte hain

इनसाइटी दूर करना स्ट्रेस दूर करना यह सिर्फ आपका डिसीजन हो सकता है उसमें और कुछ नहीं होता स

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Monika Sharma

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी तो बिल्कुल डिप्रेशन और एंजाइटी से निकलकर चिंता से निकलकर आपसे सकते मेरा होते हुए भी देखा है कि लोगों में बांटा जाता है खत्म हो जाता है खत्म हो जाती है ऑपरेशन के रस को खत्म करना पड़ेगा उनके अंडरस्टैंडिंग लेनी पड़ेगी उसको अच्छी तरीके से फॉलो करते हैं

haan ji toh bilkul depression aur anxiety se nikalkar chinta se nikalkar aapse sakte mera hote hue bhi dekha hai ki logo me baata jata hai khatam ho jata hai khatam ho jaati hai operation ke ras ko khatam karna padega unke understanding leni padegi usko achi tarike se follow karte hain

हां जी तो बिल्कुल डिप्रेशन और एंजाइटी से निकलकर चिंता से निकलकर आपसे सकते मेरा होते हुए भी

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ऐसा अवसाद कुछ बताओ साहब मन के नकारात्मक विचार होते हैं उन विचारों को त्यागी और जिंदगी में आगे आने के लिए विचारों का रास्ता बताइए जीवन में क्या करना चाहता लक्षण बताइए चरणबद्ध तरीके से उसको पूरा कीजिए सफलता के चार चार चरणों में बाकी है और बिल्कुल एकदम पूरी उर्जा लगा दीजिए पूरी शक्ति लगा दीजिए और सुख दुख जीवन के अंदर अपने समस्याओं का समाधान आपको खुद खोजना पड़ेगा जीवन संघर्षमय समझौतों से आपको खबर आता नहीं और आप जब सकारात्मक विचार जाए कि आप मन को बहुत प्रोत्साहन मिलेगा आप अपनी पिछली जिंदगी को भूल जाइए और जो करेगा अच्छा करेगा

aisa avsad kuch batao saheb man ke nakaratmak vichar hote hain un vicharon ko tyagi aur zindagi me aage aane ke liye vicharon ka rasta bataiye jeevan me kya karna chahta lakshan bataiye charanabddh tarike se usko pura kijiye safalta ke char char charno me baki hai aur bilkul ekdam puri urja laga dijiye puri shakti laga dijiye aur sukh dukh jeevan ke andar apne samasyaon ka samadhan aapko khud khojana padega jeevan sangharshamay samjhauton se aapko khabar aata nahi aur aap jab sakaratmak vichar jaaye ki aap man ko bahut protsahan milega aap apni pichali zindagi ko bhool jaiye aur jo karega accha karega

ऐसा अवसाद कुछ बताओ साहब मन के नकारात्मक विचार होते हैं उन विचारों को त्यागी और जिंदगी में

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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Sumit Roy

Consultant Clinical Psychologist

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शारीरिक बीमारियों की तरह मानसिक बीमारियों में भी कई तरह की बीमारियां होती हैं जिसमें अब साथ अगर मैं अवसाद से आप डिप्रेशन में जमीन कर रहे हैं तो डिप्रेशन और चिंता चिंता से अगर आप एंजाइटी उम्मीद कर रहे हैं तो एंजाइटी और इस तरह के बहुत सारी और शायर मानसिक बीमारियां हैं जिसको पहले समझना जरूरी है हम लोग कहते हैं डायग्नोसिस करना जरूरी है क्या आप के लक्षण या आपका पूरा हिस्ट्री लेकर के क्या आपको वाकई में कोई मानसिक बीमारी है अगर मानसिक बीमारी है तो कौन सी बीमारी है आपको और जब हम को समझ में आ जाता है कौन सी बीमारी है तो फिर हम लोग यह कह सकते हैं कि उसका इलाज संभव है या नहीं है कहां है कौन करेगा कितना समय लगेगा दवाइयां लेनी पड़ेगी या साइकोथेरेपी लेना पड़ेगा काउंसलिंग लेना यह सारी चीजें बताई जा सकती हैं बट मोटा मोटा अगर मैं आपका जवाब दूं तो आपको प्रोफेशनल मदद लेनी चाहिए मनोवैज्ञानिक चिकित्सक या क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट या सेक्रेटरी या मनोचिकित्सक से और अगर अवतार का मतलब डिप्रेशन ही है और चिंता का मतलब इनसाइटी है तो इन राइटिंग और डिप्रेशन का बहुत बढ़िया इलाज संभव है

sharirik bimariyon ki tarah mansik bimariyon me bhi kai tarah ki bimariyan hoti hain jisme ab saath agar main avsad se aap depression me jameen kar rahe hain toh depression aur chinta chinta se agar aap anxiety ummid kar rahe hain toh anxiety aur is tarah ke bahut saari aur shayar mansik bimariyan hain jisko pehle samajhna zaroori hai hum log kehte hain diagnosis karna zaroori hai kya aap ke lakshan ya aapka pura history lekar ke kya aapko vaakai me koi mansik bimari hai agar mansik bimari hai toh kaun si bimari hai aapko aur jab hum ko samajh me aa jata hai kaun si bimari hai toh phir hum log yah keh sakte hain ki uska ilaj sambhav hai ya nahi hai kaha hai kaun karega kitna samay lagega davaiyan leni padegi ya psychotherapy lena padega kaunsaling lena yah saari cheezen batai ja sakti hain but mota mota agar main aapka jawab doon toh aapko professional madad leni chahiye manovaigyanik chikitsak ya clinical psychologist ya secretary ya manochikitsak se aur agar avatar ka matlab depression hi hai aur chinta ka matlab inasaiti hai toh in writing aur depression ka bahut badhiya ilaj sambhav hai

शारीरिक बीमारियों की तरह मानसिक बीमारियों में भी कई तरह की बीमारियां होती हैं जिसमें अब सा

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विकी आपका सवाल है आप चिंता से उभरकर कैसे द्वारा प्रोत्साहित हो सकते हैं सबसे पहले चेक आपको जो बात खाए जा रही है आप किस बात से चिंतित हैं और बात को आप पर लेट करिए उस बात को इग्नोर करिए इंसान को अगर सबसे ज्यादा डैमेज करती है कोई चीज बीमारी के लक्षण होते हैं वह होता है आपका टेंशन टेंशन ही शरीर को खत्म करता है तो आप टेंशन मत लीजिए आप केवल आज लीजिए आप केवल माइंड में रखी है जो होगा अच्छे के लिए होगा इसी बात को आगे आप बढ़ाते चाहिए और सेंट में जीना सीख लिया फ्यूचर के पास कि इन सारी बातों पर आप गौर मत करिए आप केवल माइंड में रखिए जो होगा अच्छे के लिए होता है और आज मैं भी है क्योंकि कल किसी ने नहीं देखा है भाई तो टेंशन मत लो जो होगा देखा जाएगा उस चीज को तो आप टेंशन मत ले कर बैठे हो ना ही आप उसी को पूरा कर पाओगे मुझे तो आज भेजिए जितना टाइम है आपके पास टेंशन फ्री होकर जी आई हो आपकी लाइफ बेटर होगी उससे ज्यादा बेटर होगी और आपकी टेंशन किस बात की है आपको उसका भी समाधान होगा क्योंकि सब्र का फल मीठा होता है टेंशन लेने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता है तो अधिक जानकारी के लिए मुझे फेसबुक पर फॉलो करें नीचे जी के नाम से उतरने के लिए सॉन्ग

vicky aapka sawaal hai aap chinta se ubharakar kaise dwara protsahit ho sakte hain sabse pehle check aapko jo baat khaye ja rahi hai aap kis baat se chintit hain aur baat ko aap par late kariye us baat ko ignore kariye insaan ko agar sabse zyada damage karti hai koi cheez bimari ke lakshan hote hain vaah hota hai aapka tension tension hi sharir ko khatam karta hai toh aap tension mat lijiye aap keval aaj lijiye aap keval mind me rakhi hai jo hoga acche ke liye hoga isi baat ko aage aap badhate chahiye aur sent me jeena seekh liya future ke paas ki in saari baaton par aap gaur mat kariye aap keval mind me rakhiye jo hoga acche ke liye hota hai aur aaj main bhi hai kyonki kal kisi ne nahi dekha hai bhai toh tension mat lo jo hoga dekha jaega us cheez ko toh aap tension mat le kar baithe ho na hi aap usi ko pura kar paoge mujhe toh aaj bhejiye jitna time hai aapke paas tension free hokar ji I ho aapki life better hogi usse zyada better hogi aur aapki tension kis baat ki hai aapko uska bhi samadhan hoga kyonki sabra ka fal meetha hota hai tension lene se kisi bhi samasya ka samadhan nahi nikaala ja sakta hai toh adhik jaankari ke liye mujhe facebook par follow kare niche ji ke naam se utarane ke liye song

विकी आपका सवाल है आप चिंता से उभरकर कैसे द्वारा प्रोत्साहित हो सकते हैं सबसे पहले चेक आपको

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Dr Ramesh Kumar

Ayurvedic Doctor

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो पूरा दिन आप काम में बिजी हो अपना काम हो दूसरों का काम हो किसी गैर का काम हो अपनों का काम हो जो भी है काम करते हो तब ऐसा करोगे तो आप अपने बिजी रहोगे आपको पता ही नहीं होगा क्या होता है सबसे बढ़िया तरीका यह है कि आप काम करते रहो काम करते हो काम करते हो काम ही काम करना है आपको खाली बैठना नहीं काम करते करते थक जाओगे तो रात को अपने ही काम करने हैं

dekho pura din aap kaam me busy ho apna kaam ho dusro ka kaam ho kisi gair ka kaam ho apnon ka kaam ho jo bhi hai kaam karte ho tab aisa karoge toh aap apne busy rahoge aapko pata hi nahi hoga kya hota hai sabse badhiya tarika yah hai ki aap kaam karte raho kaam karte ho kaam karte ho kaam hi kaam karna hai aapko khaali baithana nahi kaam karte karte thak jaoge toh raat ko apne hi kaam karne hain

देखो पूरा दिन आप काम में बिजी हो अपना काम हो दूसरों का काम हो किसी गैर का काम हो अपनों का

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Dr.Dhruti Anklesaria

Doctorate in PSYCHOLOGY

2:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका जो सवाल है वो इनसाइटी और डिप्रेशन से रिलेटेड है इनसाइटी जाने की घबराहट घबराहट हमेशा फ्यूचर की रिलेटेड होती है अभी हुई तो वापस होगी वापस घबराहट हुई तो बहुत पहले जैसी होगी और यह रिश्ते सर्कल में हम पड़ जाते हैं डिप्रेशन हमेशा पास से रिलेटेड होता है इन दोनों चीजों को हम एक समान नहीं बन सकते और दोनों से भी ऊपर के अच्छे से आ सकते हैं जब आप उससे लड़ना सीख जाए जब आपको इनसाइटी ज्यादा हो बहुत घबराहट बढ़ जाएगा आपको पता ना चले कि क्या करना है अब एक बर्तन ले बर्तन जिस पानी भर सकी कैसे की प्रतियां उसमें आप ठंडा पानी भरे ठंडा पानी भरने के बाद अपना मुंह में डालें नहीं पता नहीं डालने हैं मूवी पर डाले 123 सेकंड तक रुके वापस ले वापस डाले वापस ले वापस डालें ऐसी कुछ बार करें 5:00 7 सेकंड तक करते जाए बाद में रुक जाएगी इस प्रकार आपकी घबराहट शांत हो जाएगी और आपको अच्छा महसूस लगेगा डिप्रेशन इसमें आपको सुबह 9:00 बजे से पहले रूप में संगे सिंह का एक्सरसाइज करने हैं एक्सरसाइज में सूर्य की रोशनी को आंखों में जाने देना है एक 2 सेकेंड तक देखे फिर आंख बंद करें वापस देखे बंद करें आगे पीछे दाएं बाएं अपने बदन को सीखने दे यैक्सिस आप 8 से 10 मिनट तक करें कि दोनों चीज़ों करने के बाद आपको बहुत अच्छा महसूस होगा क्योंकि दोनों में डोपामाइन एंडोर्फिंस चीन की कमी होने लगती है यह दोनों एक्सरसाइज करने से आपको अंग्रेज मैन मिलेगी और उससे ऊपर के पास सकते हैं और इसके साथ मैग्निशियम की फैंसी के लिए आप केले का सेवन करें ऐसे के फ्लैगशिप का सेवन करें ऐसा करने से आपको उनका रिजल्ट मिलेंगे और आप इन से बाहर आ पाएंगे ऐसी और जानकारी के लिए आप मेरे प्रोफाइल से सारी डिटेल्स लेकर पूछ सकते हैं नमस्ते थैंक यू

aapka jo sawaal hai vo inasaiti aur depression se related hai inasaiti jaane ki ghabarahat ghabarahat hamesha future ki related hoti hai abhi hui toh wapas hogi wapas ghabarahat hui toh bahut pehle jaisi hogi aur yah rishte circle me hum pad jaate hain depression hamesha paas se related hota hai in dono chijon ko hum ek saman nahi ban sakte aur dono se bhi upar ke acche se aa sakte hain jab aap usse ladana seekh jaaye jab aapko inasaiti zyada ho bahut ghabarahat badh jaega aapko pata na chale ki kya karna hai ab ek bartan le bartan jis paani bhar saki kaise ki pratiyan usme aap thanda paani bhare thanda paani bharne ke baad apna mooh me Daalein nahi pata nahi dalne hain movie par dale 123 second tak ruke wapas le wapas dale wapas le wapas Daalein aisi kuch baar kare 5 00 7 second tak karte jaaye baad me ruk jayegi is prakar aapki ghabarahat shaant ho jayegi aur aapko accha mehsus lagega depression isme aapko subah 9 00 baje se pehle roop me SANGE Singh ka exercise karne hain exercise me surya ki roshni ko aakhon me jaane dena hai ek 2 second tak dekhe phir aankh band kare wapas dekhe band kare aage peeche dayen baen apne badan ko sikhne de yaiksis aap 8 se 10 minute tak kare ki dono cheezon karne ke baad aapko bahut accha mehsus hoga kyonki dono me dopamine endorfins china ki kami hone lagti hai yah dono exercise karne se aapko angrej man milegi aur usse upar ke paas sakte hain aur iske saath magnesium ki fancy ke liye aap kele ka seven kare aise ke flagship ka seven kare aisa karne se aapko unka result milenge aur aap in se bahar aa payenge aisi aur jaankari ke liye aap mere profile se saari details lekar puch sakte hain namaste thank you

आपका जो सवाल है वो इनसाइटी और डिप्रेशन से रिलेटेड है इनसाइटी जाने की घबराहट घबराहट हमेशा फ

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Manoj Kumar

Spiritual Knowdge / working as a Social Worker

1:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मोटे कि आपको इस समय में अगर आप अवसाद और चिंता के शिकार हैं तो आपको एक आध्यात्मिक पुस्तक की जरूरत है और ऐसी ही परिस्थितियों के लिए संत रामपाल जी महाराज ने एक पुस्तक लिखी है जिसका नाम है जीने की राह यानी आपको वह पुस्तक जीवन जीने का सलीका सिखाएगी कि हमें जीवन किस प्रकार जीना चाहिए आप यह पुस्तक मेरी प्रोफाइल में दी गई वेबसाइट से एप्लीकेशन पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं इस तरह की आध्यात्मिक पुस्तकें आपको बहुत मिलेंगे वहां पर लेकिन आप जीने की राह पुस्तक पहले पढ़ें आप इनकी आपकी सभी चिंताओं का अवसाद का एक ही समाधान है यह अनमोल पुस्तक वैसे आपको संत रामपाल जी महाराज के अनमोल वचन साधना टीवी पर प्रतिदिन 7:30 पीएम से वे ईश्वर टीवी पर प्रतिदिन 8:30 पीएम से भी सुन सकते हैं आपको तनाव मुक्त अगर होना है तो इससे बेहतर तरीका आपको और नहीं मिलेगा उस दिन अवश्य सत्संग सुनाएं और पुस्तक पढ़ें धन्यवाद

mote ki aapko is samay me agar aap avsad aur chinta ke shikaar hain toh aapko ek aadhyatmik pustak ki zarurat hai aur aisi hi paristhitiyon ke liye sant rampal ji maharaj ne ek pustak likhi hai jiska naam hai jeene ki raah yani aapko vaah pustak jeevan jeene ka salika sikhaegi ki hamein jeevan kis prakar jeena chahiye aap yah pustak meri profile me di gayi website se application par jaakar download kar sakte hain is tarah ki aadhyatmik pustakein aapko bahut milenge wahan par lekin aap jeene ki raah pustak pehle padhen aap inki aapki sabhi chintaon ka avsad ka ek hi samadhan hai yah anmol pustak waise aapko sant rampal ji maharaj ke anmol vachan sadhna TV par pratidin 7 30 pm se ve ishwar TV par pratidin 8 30 pm se bhi sun sakte hain aapko tanaav mukt agar hona hai toh isse behtar tarika aapko aur nahi milega us din avashya satsang sunaen aur pustak padhen dhanyavad

मोटे कि आपको इस समय में अगर आप अवसाद और चिंता के शिकार हैं तो आपको एक आध्यात्मिक पुस्तक क

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Dr.Raj Dhubiya

Career Counsellor

2:08
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आइए क्वेश्चन का आंसर यहां पर देना चाहूंगा उस्ताद और चिंता यह बहुत ही मुख्य वर्ड से इन 2020 के अंदर सेंचुरी हम 21वीं सदी में जी रहे हैं एक चिंता और अवसाद यहां पर उन चीजों से हमें बार-बार यह वर्ड सामने आता है कि हम जो काम नहीं कर पा रहे हैं जो काम हो रहा है उस काम को कैसे किया जाए कब होगा क्या होगा बार-बार उस काम के बारे में सोचना असली किसी भी चीज के बारे में सोचना वह अच्छी बात है लेकिन हंसते ज्यादा सोचना अच्छी बात नहीं होती है तो आप चिंता ना करें किसी भी चीज को उसको आप को दूर करने के लिए सबसे पहला मेरा यहां पर है कभी मुझे ऐसा टेंशन होता है किसी भी चीज के बारे में बार-बार मैं सोचता हूं तो मेरे हिसाब से मैं यह करता हूं कि जब भी मुझे ऐसा चिंता होने लगती है किसी भी चीज के लिए तो मैं उस चीजों के बारे में सोचना थोड़ा काम करता हूं मेरे माइंड को मैं डाइवर्ट करता हूं दूसरी जैसे कि मैंने कोई काम किया है उस काम को नहीं हो पा रहा है उस काम को नहीं होने के कारण में देखता हूं कि सबसे बड़ा उस काम को नहीं होने के कारण क्या हो सकते हैं उन पहले तो उसको फाइंड आउट करता हूं और अगर वह काम नहीं हो पा रहा है तो उसको उस काम को मैं दूसरे तरीके से करता हूं और चिंता नहीं करता हूं चिंता को दूर करने के सबसे माइंड को में डाइवर्ट करता हूं कई बार म्यूजिक का सहारा लेते हैं हम बच्ची का सहारा लेते हैं भगवान की शरण में जाते हैं हम परिवार वालों के साथ बैठते हैं सबसे अच्छी चीज में आबू बताओ अगर आप बच्चों के साथ पर बैठकर कर मस्ती आप करेंगे ना छोटे बच्चों के साथ मिलकर तो हां तो आपको चिंता आपके पास भाई कि नहीं और किसी भी चीज के बारे में सोचेंगे नहीं तो डेफिनेटली अगर जीवन में कुछ अच्छा करना है तो बता दो चिंता को छोड़ दीजिए आपका माइंड ही सुस्त रहेगा माइंडी तंदुरुस्त रहेगा और आप जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहेंगे तो चिंता ही चिंता का कारण बनती है इसलिए मैं आपसे रिक्वेस्ट करता हूं चिंता के बारे में सोचे ना जो आप काम कर रहे हैं उसको और कुछ अलग ढंग से करें डिफरेंट जीत आपकी होगी और डिप्रेशन में ना जाए हमेशा अपने आप को खुश रहें और दूसरे को भी खुश रहे हैं थैंक यू

aaiye question ka answer yahan par dena chahunga ustad aur chinta yah bahut hi mukhya word se in 2020 ke andar century hum vi sadi me ji rahe hain ek chinta aur avsad yahan par un chijon se hamein baar baar yah word saamne aata hai ki hum jo kaam nahi kar paa rahe hain jo kaam ho raha hai us kaam ko kaise kiya jaaye kab hoga kya hoga baar baar us kaam ke bare me sochna asli kisi bhi cheez ke bare me sochna vaah achi baat hai lekin hansate zyada sochna achi baat nahi hoti hai toh aap chinta na kare kisi bhi cheez ko usko aap ko dur karne ke liye sabse pehla mera yahan par hai kabhi mujhe aisa tension hota hai kisi bhi cheez ke bare me baar baar main sochta hoon toh mere hisab se main yah karta hoon ki jab bhi mujhe aisa chinta hone lagti hai kisi bhi cheez ke liye toh main us chijon ke bare me sochna thoda kaam karta hoon mere mind ko main Divert karta hoon dusri jaise ki maine koi kaam kiya hai us kaam ko nahi ho paa raha hai us kaam ko nahi hone ke karan me dekhta hoon ki sabse bada us kaam ko nahi hone ke karan kya ho sakte hain un pehle toh usko find out karta hoon aur agar vaah kaam nahi ho paa raha hai toh usko us kaam ko main dusre tarike se karta hoon aur chinta nahi karta hoon chinta ko dur karne ke sabse mind ko me Divert karta hoon kai baar music ka sahara lete hain hum bachi ka sahara lete hain bhagwan ki sharan me jaate hain hum parivar walon ke saath baithate hain sabse achi cheez me aabu batao agar aap baccho ke saath par baithkar kar masti aap karenge na chote baccho ke saath milkar toh haan toh aapko chinta aapke paas bhai ki nahi aur kisi bhi cheez ke bare me sochenge nahi toh definetli agar jeevan me kuch accha karna hai toh bata do chinta ko chhod dijiye aapka mind hi sust rahega maindi tandurust rahega aur aap jeevan me hamesha aage badhte rahenge toh chinta hi chinta ka karan banti hai isliye main aapse request karta hoon chinta ke bare me soche na jo aap kaam kar rahe hain usko aur kuch alag dhang se kare different jeet aapki hogi aur depression me na jaaye hamesha apne aap ko khush rahein aur dusre ko bhi khush rahe hain thank you

आइए क्वेश्चन का आंसर यहां पर देना चाहूंगा उस्ताद और चिंता यह बहुत ही मुख्य वर्ड से इन 2020

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अनमोल मणी

योग शिक्षक

3:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रिय मित्र आप जीवन के रहस्य को और कर्मों की फिलासफी को समझकर पूरी तरह से अवसाद से मुक्त हो सकते हैं देखिए यह सृष्टि एक रंगमंच है यह एकदम सत्य है जैसे एक व्यक्ति कलाकार नाटक में मान लीजिए राजा का रोल कर रहा है जब तक नाटक चलेगा तब तक वो राजा का रोल करेगा उसे डायलॉग मिले मिलेंगे और अपने डायलॉग को अच्छी तरह से याद करा किया हुआ रहेगा और बढ़िया अभिनय करके दिखाएगा और नाटक पूरा होगा और चला जाएगा और अपनी ड्रेस बदल लेगा फिर उसी प्रकार यह सृष्टि रंगमंच है इसमें हम ऊपर से नीचे आते हैं एक मां के गर्भ में प्रवेश करते हैं अपने कर्म और अपने संबंधों के अनुसार हम जन्म लेते हैं और यहां अपने कर्म अपनी बुद्धि अपने मेमोरी पावर के हिसाब से हम यहां पर अपने जो डायलॉग हमें याद किए हैं उसके हिसाब से हम यहां जीवन जी रहे होते हैं और फिर चले जाते हैं यह क्रम चलता रहता है जब आप इस रहस्य को अच्छे से समझ जाएंगे यह निश्चय हो जाएगा आपको कि आप आए कहां से थे और फिर पूरा ड्रामा पूरा होने के बाद जाएंगे कहां तो आप बड़े मजे से आप इस दुनिया में अपने पाठ को आधा कर सकेंगे और यदि आपको यह ज्ञान नहीं है तो निश्चित रूप से आप कभी अवसाद में कभी चिंता में क्या होगा कैसे होगा यह दोस्त आप अच्छे से समझ लीजिए कि आप एक फरिश्ते हैं और आपकी दो क्या है एक सूक्ष्म शरीर है आपका और एक स्थूल शरीर सूक्ष्म शरीर से हम अलग होते ही है एक न एक दिन स्थूल शरीर आज नहीं तो कल डैमेज होता है और हम इसे छोड़ते हैं तो इसमें किसी भी प्रकार की चिंता और अवसाद का कहीं कोई चांस ही नहीं है यदि आपको यह ज्ञान हो गया तो आप इस ज्ञान को आगे और सुनने के लिए आप हमारे युटुब चैनल पर अनमोल मणि के नाम से आप टाइप करें उसमें 400 वीडियो लगभग देखने 14120 7up जीवन के रहस्य को पहले समझने का प्रयास करें उसके बाद भी यदि और साथ खत्म नहीं हो रहा है तो फिर हम आगे और चर्चा करें पहले आप अपने जीवन के रहस्य शुक्रिया

priya mitra aap jeevan ke rahasya ko aur karmon ki filasafi ko samajhkar puri tarah se avsad se mukt ho sakte hain dekhiye yah shrishti ek rangamanch hai yah ekdam satya hai jaise ek vyakti kalakar natak me maan lijiye raja ka roll kar raha hai jab tak natak chalega tab tak vo raja ka roll karega use dialogue mile milenge aur apne dialogue ko achi tarah se yaad kara kiya hua rahega aur badhiya abhinay karke dikhaega aur natak pura hoga aur chala jaega aur apni dress badal lega phir usi prakar yah shrishti rangamanch hai isme hum upar se niche aate hain ek maa ke garbh me pravesh karte hain apne karm aur apne sambandhon ke anusaar hum janam lete hain aur yahan apne karm apni buddhi apne memory power ke hisab se hum yahan par apne jo dialogue hamein yaad kiye hain uske hisab se hum yahan jeevan ji rahe hote hain aur phir chale jaate hain yah kram chalta rehta hai jab aap is rahasya ko acche se samajh jaenge yah nishchay ho jaega aapko ki aap aaye kaha se the aur phir pura drama pura hone ke baad jaenge kaha toh aap bade maje se aap is duniya me apne path ko aadha kar sakenge aur yadi aapko yah gyaan nahi hai toh nishchit roop se aap kabhi avsad me kabhi chinta me kya hoga kaise hoga yah dost aap acche se samajh lijiye ki aap ek farishte hain aur aapki do kya hai ek sukshm sharir hai aapka aur ek sthool sharir sukshm sharir se hum alag hote hi hai ek na ek din sthool sharir aaj nahi toh kal damage hota hai aur hum ise chodte hain toh isme kisi bhi prakar ki chinta aur avsad ka kahin koi chance hi nahi hai yadi aapko yah gyaan ho gaya toh aap is gyaan ko aage aur sunne ke liye aap hamare yutub channel par anmol mani ke naam se aap type kare usme 400 video lagbhag dekhne 14120 7up jeevan ke rahasya ko pehle samjhne ka prayas kare uske baad bhi yadi aur saath khatam nahi ho raha hai toh phir hum aage aur charcha kare pehle aap apne jeevan ke rahasya shukriya

प्रिय मित्र आप जीवन के रहस्य को और कर्मों की फिलासफी को समझकर पूरी तरह से अवसाद से मुक्त

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Ashish Pandey

Psychologist & Happiness Coach

3:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे जैसा कि आपका प्रश्न है कि मैं कैसे अवसाद और चिंता से उधर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं डिप्रेशन या अवसाद या चिंता यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपके सामने जो भी परिस्थिति आई है चाहे वह सकारात्मक परिस्थिति हो या नकारात्मक परिस्थिति हो आप उसको किस नजरिए से देखते हैं हम बाहरी तत्वों में खुशी देखते हैं हम बाहरी तत्वों में यह देखना चाहते हैं कि हम कैसे अपने वह चीज हमें कैसे प्रभावित करते हैं वह कैसे हम उसकी से खुश होते हैं यह में कैसे वहां पर आनंद की अनुभूति होती है जबकि सब कुछ हमारे अंदर होता है हम चाहे तो खुश हो सकते हैं हम चाहे तो दुखी हो सकते हमारा जो मस्तिष्क है वह कभी भी ऐड करना ही नहीं कर पाता है कि आप जो फील कर रहे हैं वह नेगेटिव एस्पेक्ट्स फील कर रहे हैं या पॉजिटिव एस्पेक्ट में फील कर रहे हैं यह हम उसे लेबल करने लगते हैं कि हमारे सामने खराब परिस्थिति आई है तब खराब महसूस करें हमारे सामने अच्छी परिस्थिति आई तब अच्छा महसूस कर रहे हैं बॉडी का रिस्पॉन्स हमेशा एक जैसा होता है दूसरी चीज जब भी हमारे सामने कोई ऐसी परिस्थिति आ रही है जो हमारे फेवर की नहीं है या जो हम जैसा हमने चाहा वैसे पर यकीन नहीं है तो जनता हमें हो रही है चिंता बेसिकली इसलिए हो रही है क्योंकि हम उन चीजों में बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं उस समस्या के बारे में बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं तो अगर आपको सकारात्मक रहना है आपको हतोत्साहित नहीं होना है अपने आपको एक पॉजिटिव एनर्जी के साथ में रखना है तो आपको उस सिचुएशन से हटकर के सोचना पड़ेगा ऐसा ऑब्जर्वर आपको उसके बारे में सोचना पड़ेगा तो आप कभी भी डिप्रेशन में नहीं जाएंगे आप कभी भी चंद आपको परेशान नहीं करेगी क्योंकि आप उसको ऐसा प्रॉब्लम सॉल्व अ देख रहे हैं मतलब आप उस समस्या का समाधान करने वाले अपने आप को जब देखेंगे तो आप उस उस उस जनता को आप नहीं महसूस करेंगे आपको परेशान नहीं करेगी जनरल क्या होता है ना कि हम ओवरथिंकिंग करने लगते हैं कोई समस्या ही काम बार-बार बार-बार उसी के बारे में सोच रहे हैं सोच सोच रहे जबकि हम इससे क्या होता है इससे हमारा जो कांटेक्ट विचारों के जाल में फंसने लगते हैं हमें विचारों के जाल में फंसना नहीं है हमें विचार उसके जाल से बाहर आना है और उसके लिए हम जब दूर से उस चीज को देखेंगे तो हमें उसमें समाधान दिखने लगेगा जब हम समाधान के फोकस करने लगते हैं तो हमारी चिंता अपने आप कम होने लगती है विचारों पर बंदना नहीं है रुकना है वहां पर एक स्टेप पीछे जाना है उस समस्या को देखना है और तब आगे बढ़ना है तो आप देखेंगे कि आपके सामने प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स डेवलप होने लगेंगे और आप कभी भी डिप्रेशन या चिंता में नहीं जाएंगे और रही बात कि इससे उबरना कैसे हैं तो उसको भरने के लिए नियमित रूप से योग प्राणायाम मेडिटेशन करें एक दिनचर्या फिक्स करें क्या में सुबह क्या करना है दोपहर क्या करना है शाम क्या करना है रात को क्या करना है एक अच्छी नींद लें खाना-पीना जितना आप सातवीं कक्षा के जितना आप हाइजीनिक खाना खाएंगे उतना ही आप अवसाद से दूर रहेंगे दूध और दूध से चीजों का सेवन करेंगे ज्यादा से ज्यादा तो भी आप 1 साल के अंदर से दूर रहेंगे धन्यवाद

dekhe jaisa ki aapka prashna hai ki main kaise avsad aur chinta se udhar kar dobara protsahit ho sakta hoon depression ya avsad ya chinta yah is baat par nirbhar karti hai ki aapke saamne jo bhi paristhiti I hai chahen vaah sakaratmak paristhiti ho ya nakaratmak paristhiti ho aap usko kis nazariye se dekhte hain hum bahri tatvon me khushi dekhte hain hum bahri tatvon me yah dekhna chahte hain ki hum kaise apne vaah cheez hamein kaise prabhavit karte hain vaah kaise hum uski se khush hote hain yah me kaise wahan par anand ki anubhuti hoti hai jabki sab kuch hamare andar hota hai hum chahen toh khush ho sakte hain hum chahen toh dukhi ho sakte hamara jo mastishk hai vaah kabhi bhi aid karna hi nahi kar pata hai ki aap jo feel kar rahe hain vaah Negative aspects feel kar rahe hain ya positive espekt me feel kar rahe hain yah hum use lebal karne lagte hain ki hamare saamne kharab paristhiti I hai tab kharab mehsus kare hamare saamne achi paristhiti I tab accha mehsus kar rahe hain body ka rispans hamesha ek jaisa hota hai dusri cheez jab bhi hamare saamne koi aisi paristhiti aa rahi hai jo hamare favour ki nahi hai ya jo hum jaisa humne chaha waise par yakin nahi hai toh janta hamein ho rahi hai chinta basically isliye ho rahi hai kyonki hum un chijon me bahut zyada sochne lagte hain us samasya ke bare me bahut zyada sochne lagte hain toh agar aapko sakaratmak rehna hai aapko hatotsahit nahi hona hai apne aapko ek positive energy ke saath me rakhna hai toh aapko us situation se hatakar ke sochna padega aisa abjarvar aapko uske bare me sochna padega toh aap kabhi bhi depression me nahi jaenge aap kabhi bhi chand aapko pareshan nahi karegi kyonki aap usko aisa problem solve a dekh rahe hain matlab aap us samasya ka samadhan karne waale apne aap ko jab dekhenge toh aap us us us janta ko aap nahi mehsus karenge aapko pareshan nahi karegi general kya hota hai na ki hum overthinking karne lagte hain koi samasya hi kaam baar baar baar baar usi ke bare me soch rahe hain soch soch rahe jabki hum isse kya hota hai isse hamara jo Contact vicharon ke jaal me fansane lagte hain hamein vicharon ke jaal me fansana nahi hai hamein vichar uske jaal se bahar aana hai aur uske liye hum jab dur se us cheez ko dekhenge toh hamein usme samadhan dikhne lagega jab hum samadhan ke focus karne lagte hain toh hamari chinta apne aap kam hone lagti hai vicharon par bandana nahi hai rukna hai wahan par ek step peeche jana hai us samasya ko dekhna hai aur tab aage badhana hai toh aap dekhenge ki aapke saamne problem solving skills develop hone lagenge aur aap kabhi bhi depression ya chinta me nahi jaenge aur rahi baat ki isse ubarana kaise hain toh usko bharne ke liye niyamit roop se yog pranayaam meditation kare ek dincharya fix kare kya me subah kya karna hai dopahar kya karna hai shaam kya karna hai raat ko kya karna hai ek achi neend le khana peena jitna aap satvi kaksha ke jitna aap haijinik khana khayenge utana hi aap avsad se dur rahenge doodh aur doodh se chijon ka seven karenge zyada se zyada toh bhi aap 1 saal ke andar se dur rahenge dhanyavad

देखे जैसा कि आपका प्रश्न है कि मैं कैसे अवसाद और चिंता से उधर कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकत

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Ajay kumar

Motivational Speaker , Life Coach

3:11
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स बजे कुमार मोटिवेशनल स्पीकर लाइफ कोच आपका प्रश्न है मैं कैसे अवसाद और चिंता से वर्कर दोबारा प्रोत्साहित हो सकता हूं देखिए यदि आप पहुंच याद है या दुखी हैं या फिर चिंता करते हैं उस से उभरने का एक ही तरीका है कि आप अपने वर्तमान में जीना शुरु कर दें भविष्य के लिए एक बेहतर लक्ष्य तय करें उसकी बेहतर ढंग से प्लानिंग करें और वर्तमान में अपना हंड्रेड परसेंट दे करके उस योजना को सफल बनाने के लिए काम करें चिंता का हमेशा मुख्य कारण ही होता है कि हम अपने वर्तमान की तुलना अपने पास्ट से करते हैं आज मेरा स्थिति बेहतर नहीं है कल मेरे स्थिति बेहतर थी या फिर मैंने इस काम को पहले क्यों नहीं कर लिया या फिर वह ऐसे क्यों नहीं हुआ मुझे पहले कर लेना चाहिए तब तो बहुत लेट हो गया हूं ऐसी बहुत सारी चीजें होती हैं या फिर ऐसे क्यों हो गया लाइफ में कोई घटना घट गई किसी के साथ कुछ हो गया हम सोचते हैं तब क्यों हो गया लेकिन क्या आपके सोचने से यह कैसे हो गया क्यों हो गया या फिर जो बीत चुका है क्या उसमें कुछ बदलाव कर सकते हैं जो बीत गया है 1 सेकंड को भी आप बदल नहीं सकते हैं उसके लिए चाहे पूरा जीवन चिंता करते रहे लेकिन जो आने वाला कल है उसे आप बेहतर बना सकते हैं परंतु यदि आप उस बीते हुए कल के बारे में जो अच्छा था या बुरा था सभी था उसके बारे में अगर आप सोचते रहेंगे तो अपना वर्तमान और भविष्य दोनों बिगाड़ लेंगे इसलिए चिंता करने से आज तक कभी भी किसी भी समस्या का हल नहीं निकला है और ना ही किसी का वर्तमान और भविष्य चिंता के कारण बेहतर हुआ है पल की नष्ट हुआ है चिंता नहीं चिंतन करने चिंता नहीं करना है हमें चिंतन करना होगा उस वर्तमान में चिंतन करना होगा एक बेहतर प्लानिंग करनी होगी एक बेहतर भविष्य की और चिंतन के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से अनुस वर्तमान में काम करना होगा ताकि भविष्य बेहतर हो और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हमें अपने वर्तमान को बेहतर तरीके से जीना होगा हंड्रेड परसेंट फुल फोकस के साथ में अपने वर्तमान में जीना होगा थैंक यू

hello friends baje kumar Motivational speaker life coach aapka prashna hai main kaise avsad aur chinta se worker dobara protsahit ho sakta hoon dekhiye yadi aap pohch yaad hai ya dukhi hain ya phir chinta karte hain us se ubharane ka ek hi tarika hai ki aap apne vartaman me jeena shuru kar de bhavishya ke liye ek behtar lakshya tay kare uski behtar dhang se planning kare aur vartaman me apna hundred percent de karke us yojana ko safal banane ke liye kaam kare chinta ka hamesha mukhya karan hi hota hai ki hum apne vartaman ki tulna apne past se karte hain aaj mera sthiti behtar nahi hai kal mere sthiti behtar thi ya phir maine is kaam ko pehle kyon nahi kar liya ya phir vaah aise kyon nahi hua mujhe pehle kar lena chahiye tab toh bahut late ho gaya hoon aisi bahut saari cheezen hoti hain ya phir aise kyon ho gaya life me koi ghatna ghat gayi kisi ke saath kuch ho gaya hum sochte hain tab kyon ho gaya lekin kya aapke sochne se yah kaise ho gaya kyon ho gaya ya phir jo beet chuka hai kya usme kuch badlav kar sakte hain jo beet gaya hai 1 second ko bhi aap badal nahi sakte hain uske liye chahen pura jeevan chinta karte rahe lekin jo aane vala kal hai use aap behtar bana sakte hain parantu yadi aap us bite hue kal ke bare me jo accha tha ya bura tha sabhi tha uske bare me agar aap sochte rahenge toh apna vartaman aur bhavishya dono bigad lenge isliye chinta karne se aaj tak kabhi bhi kisi bhi samasya ka hal nahi nikala hai aur na hi kisi ka vartaman aur bhavishya chinta ke karan behtar hua hai pal ki nasht hua hai chinta nahi chintan karne chinta nahi karna hai hamein chintan karna hoga us vartaman me chintan karna hoga ek behtar planning karni hogi ek behtar bhavishya ki aur chintan ke madhyam se yojnabadh tarike se anus vartaman me kaam karna hoga taki bhavishya behtar ho aur bhavishya ko behtar banane ke liye hamein apne vartaman ko behtar tarike se jeena hoga hundred percent full focus ke saath me apne vartaman me jeena hoga thank you

हेलो फ्रेंड्स बजे कुमार मोटिवेशनल स्पीकर लाइफ कोच आपका प्रश्न है मैं कैसे अवसाद और चिंता स

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