आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आपको परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया?...


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Anshu Saxena

Business Manager

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आपने सवाल जवाब देने वाले से पूछा है आप का सवाल है कि आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आप को परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया यदि आप मुझसे पूछना चाहते हैं तो मैं जवाब दूंगा आपको देखिए अगर मैं मेरे जीवन की बात करता हूं कि मैं परी पक्का हुआ यह मैंने मेरी जिम्मेदारी है कब समझी मैं मतलब लेट पैदाइश था यानी कि मेरा जब जन्म हुआ उसके बाद जब मैं पढ़ा नहीं हुआ था मेरे फादर रिटायर हो गए थे तो मुझे खुद यह महसूस हुआ कि अब मुझे कुछ करना चाहिए बस मेरी परिपक्वता जो है वहीं से शुरु हो गई थी मजबूर मुझे किस नहीं किया था क्योंकि वह बहुत अच्छी पोस्ट से रिटायर हुए थे तो सारी सुविधाएं थी परंतु मेरे मन में यह था कि अगर मेरे फादर अब रिटायर हो गए तो मुझे चेत जाना चाहिए मुझे मेरी जिम्मेदारियों को समझ लेना चाहिए क्योंकि अभी तो वह वक्त है कि अभी मैं कुछ नहीं कर पाया तो भी मेरे मां-बाप इतने सक्षम है कि वह मुझे जेल जाएंगे परंतु मैं उस चीज को मैंने सीरियस ले लिया लाइट ही नहीं लिया और मैं शुरू हो गया पढ़ाई के साथ मैंने अपने काम किए और धीरे धीरे धीरे जब मेरे को परिपक्व होने में टाइम थोड़ा लगा परंतु वह वक्त ज्यादा दूर नहीं था मैंने मेरी जिम्मेदारियों को समझा मेरे मां-बाप को मैंने संभाला और मेरी बहन की मैंने शादी करी तो इस तरह से जीवन में और मुझे कहीं कोई तकलीफ नहीं मिली किसी क्योंकि मैं अपनी जिम्मेदारी हूं कुछ ऐसे जैसे समझने लगा मुझे मज़ा आने लगा और मुझे लगने लगा कि शायद इन्होंने जो करना था पढ़ाना था जो भी करना था कर दिया रे मेरी शादी भी मेरे पिताजी की रिटायरमेंट के बाद ही हुई थी फिर भी हम लोग इतने सक्षम थे और मैं स्वयं इतना आत्मविश्वास ही हो चुका था कि मुझे ऐसा नहीं लगा कि अब क्या होगा क्योंकि समय से पहले चेत जाना परिपक्व होना बहुत जरूरी है जब सर पर मौत मंदिर मंडल आती है तब आप बाय ढूंढते तो शायद कुछ नहीं मिलता आपको फिर तो फिर मरा नहीं है इसलिए आप सभी से मैं यही कहूंगा कि मौके की नजाकत को जरूर देखिए और आने वाला समय चाहे आपको लगता है कि अभी तो टाइम है परंतु टाइम नहीं है आपके पास में आपको शुरू हो जाना चाहिए अगर मजबूरी है तब भी और मजबूरी नहीं है तब भी आप यह न सोचे कि अभी तो क्या करेंगे अभी तो हमारे घर में सब कुछ है अभी तुम्हारे खेलने कूदने के दिन समय इतना तेजी से गुजरता है कि खेलकूद में कब बड़े हो जाते हैं और कब जिम्मेदारियां अचानक जब कंधों पर आती है तब हड़बड़ा जाते हैं और उस वक्त आप तैयार नहीं होते कुछ करने के लिए इसे परिपक्वता कोई टाइम लेकर नहीं आती है आप तो जैसे आपने हो संभाला पड़े हुए अपनी पढ़ाई पूर्ण करें आपको समझ लेना चाहिए मैं परिपक्व हो गया मुझे मेरी जिम्मेदारियां निभानी है चाहे घर की जरूरत नहीं हो फिर भी मुझे काम करना है तो आप उसी राह पर चलें तो शायद आप भी खुश रहेंगे और आपका परिवार भी

aapne sawaal jawab dene waale se poocha hai aap ka sawaal hai ki aapke jeevan me aisa kya hua hai jisne aap ko paripakva hone par majboor kar diya yadi aap mujhse poochna chahte hain toh main jawab dunga aapko dekhiye agar main mere jeevan ki baat karta hoon ki main pari pakka hua yah maine meri jimmedari hai kab samjhi main matlab late paidaaish tha yani ki mera jab janam hua uske baad jab main padha nahi hua tha mere father retire ho gaye the toh mujhe khud yah mehsus hua ki ab mujhe kuch karna chahiye bus meri paripakvata jo hai wahi se shuru ho gayi thi majboor mujhe kis nahi kiya tha kyonki vaah bahut achi post se retire hue the toh saari suvidhaen thi parantu mere man me yah tha ki agar mere father ab retire ho gaye toh mujhe chet jana chahiye mujhe meri jimmedariyon ko samajh lena chahiye kyonki abhi toh vaah waqt hai ki abhi main kuch nahi kar paya toh bhi mere maa baap itne saksham hai ki vaah mujhe jail jaenge parantu main us cheez ko maine serious le liya light hi nahi liya aur main shuru ho gaya padhai ke saath maine apne kaam kiye aur dhire dhire dhire jab mere ko paripakva hone me time thoda laga parantu vaah waqt zyada dur nahi tha maine meri jimmedariyon ko samjha mere maa baap ko maine sambhala aur meri behen ki maine shaadi kari toh is tarah se jeevan me aur mujhe kahin koi takleef nahi mili kisi kyonki main apni jimmedari hoon kuch aise jaise samjhne laga mujhe maza aane laga aur mujhe lagne laga ki shayad inhone jo karna tha padhana tha jo bhi karna tha kar diya ray meri shaadi bhi mere pitaji ki retirement ke baad hi hui thi phir bhi hum log itne saksham the aur main swayam itna aatmvishvaas hi ho chuka tha ki mujhe aisa nahi laga ki ab kya hoga kyonki samay se pehle chet jana paripakva hona bahut zaroori hai jab sir par maut mandir mandal aati hai tab aap bye dhoondhate toh shayad kuch nahi milta aapko phir toh phir mara nahi hai isliye aap sabhi se main yahi kahunga ki mauke ki nazakat ko zaroor dekhiye aur aane vala samay chahen aapko lagta hai ki abhi toh time hai parantu time nahi hai aapke paas me aapko shuru ho jana chahiye agar majburi hai tab bhi aur majburi nahi hai tab bhi aap yah na soche ki abhi toh kya karenge abhi toh hamare ghar me sab kuch hai abhi tumhare khelne koodne ke din samay itna teji se guzarta hai ki khelkud me kab bade ho jaate hain aur kab zimmedariyan achanak jab kandhon par aati hai tab hadbada jaate hain aur us waqt aap taiyar nahi hote kuch karne ke liye ise paripakvata koi time lekar nahi aati hai aap toh jaise aapne ho sambhala pade hue apni padhai purn kare aapko samajh lena chahiye main paripakva ho gaya mujhe meri zimmedariyan nibhani hai chahen ghar ki zarurat nahi ho phir bhi mujhe kaam karna hai toh aap usi raah par chalen toh shayad aap bhi khush rahenge aur aapka parivar bhi

आपने सवाल जवाब देने वाले से पूछा है आप का सवाल है कि आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आ

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

0:53
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हाफिज यूनिवर्स क्या हुआ विजय होने पर मजबूर कर दिया जिंदगी की दौड़ में कितना है अवश्य कि जब इंसान को बचाने में चूर कर देता है या घटना में जो कर देती है इंसान का अनुभव से मैं छोरा चमार पिक्चर भेजो कर देता है या उसके जीवन में क्या उसकी फ्रेंड फ्रेंड मुझे इस मोड़ पर ला खड़ा करती है जब उसे ना चाहते हुए भी परिपक्वता का अभी अधिग्रहण करना पड़ता है

haafiz Universe kya hua vijay hone par majboor kar diya zindagi ki daudh me kitna hai avashya ki jab insaan ko bachane me chur kar deta hai ya ghatna me jo kar deti hai insaan ka anubhav se main chhora chamaar picture bhejo kar deta hai ya uske jeevan me kya uski friend friend mujhe is mod par la khada karti hai jab use na chahte hue bhi paripakvata ka abhi adhigrahan karna padta hai

हाफिज यूनिवर्स क्या हुआ विजय होने पर मजबूर कर दिया जिंदगी की दौड़ में कितना है अवश्य कि ज

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अशोक गुप्ता

Founder of Vision Commercial Services.

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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

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आदित्य मिश्रा आपके द्वारा जो भी कार्य किए जाते हैं और उनसे आपकी जो भी हानि और लाभ होते हैं उसके बाद लोगों से आपका परिचय होता है जिसके द्वारा आप को मिलता है आपके साथ में कौन आपके आपके साथ चलता है कौन आपके बीच में छोड़कर चला जाता है इस व्यक्ति के द्वारा कितना नुकसान होता है या कोई और है आपको ही सारे अनुभव होते जाते हैं और उसी तरह से आप को परिपक्व होते जाते हैं इसके अलावा बाकी आपको और कुछ शिक्षा को परिपक्व नहीं बना सकती से आपका अनुभव ज्यादा परिपक्व कोई बनाता है तो उसका नंबर आपके द्वारा किए गए कार्यों से धन्यवाद

aditya mishra aapke dwara jo bhi karya kiye jaate hain aur unse aapki jo bhi hani aur labh hote hain uske baad logo se aapka parichay hota hai jiske dwara aap ko milta hai aapke saath me kaun aapke aapke saath chalta hai kaun aapke beech me chhodkar chala jata hai is vyakti ke dwara kitna nuksan hota hai ya koi aur hai aapko hi saare anubhav hote jaate hain aur usi tarah se aap ko paripakva hote jaate hain iske alava baki aapko aur kuch shiksha ko paripakva nahi bana sakti se aapka anubhav zyada paripakva koi banata hai toh uska number aapke dwara kiye gaye karyo se dhanyavad

आदित्य मिश्रा आपके द्वारा जो भी कार्य किए जाते हैं और उनसे आपकी जो भी हानि और लाभ होते हैं

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Aniel K Kumar Imprints

NLP Master Life Coach, Motivational Speaker

1:25
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नमस्कार आपका सवाल है कि जीवन में ऐसी क्या चीज है घटित हुई जिसने आप को परिपक्व करने के लिए मजबूर कर दिया पहला कदम उठाता तब भी मैं अपने आपको प्रीपक ने महसूस कर रहा था मैं चल नहीं पा रहा था तो उस वक्त भी मैंने अपने आप को प्रयोग किया और आज मैं दौड़ता हूं भागता है वो सारे काम करता हूं क्या तुम्हें उसमें प्रीपक नहीं था और मेरे को मजबूर होना पड़ा उसमें सीखना पड़ा और अपने आप को प्रयोग करना पड़ा ऐसी हर चीज जो भी मैंने सीखी जहां भी सीखी जो चीज चीज पर भी हाथ में पारंगत हुआ हूं वह चीजें मेरे को जीवन नहीं सिखाइए जीवन नहीं मेरे को मजबूर किया है उसको उसके लिए परिपक्व होने की तो जो भी चीजें हैं अगर मेरे पास है वह सब चीजें सिचुएशन की डिमांड के अनुसार ही क्रिएट चाहे हम कहीं सर्विस कर रहे थे तब की रही हो चाहे आज से हम और आपसे बात कर रहे हैं आपके जवाब दे रहे हैं तो उनसे कई जवाब ऐसे आज जिनके पास हमें सोचना होता है कि हम अगर होते तो उस जगह पर क्या करते तो उस पर तो हम सोच करके उसका जवाब दे रहे तो यह जवाब देने में ही हुए हैं काम करने के बाद कोई भी काम है जिसको भी आपस टाइम कर रहे हो आज जिस को बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं वह किसी ने किसी की डिमांड थी तब हम उसमें हिंद जय भारत आपका दिन शुभ

namaskar aapka sawaal hai ki jeevan me aisi kya cheez hai ghatit hui jisne aap ko paripakva karne ke liye majboor kar diya pehla kadam uthaata tab bhi main apne aapko pripak ne mehsus kar raha tha main chal nahi paa raha tha toh us waqt bhi maine apne aap ko prayog kiya aur aaj main daudata hoon bhagta hai vo saare kaam karta hoon kya tumhe usme pripak nahi tha aur mere ko majboor hona pada usme sikhna pada aur apne aap ko prayog karna pada aisi har cheez jo bhi maine sikhi jaha bhi sikhi jo cheez cheez par bhi hath me paarangat hua hoon vaah cheezen mere ko jeevan nahi sikhaiye jeevan nahi mere ko majboor kiya hai usko uske liye paripakva hone ki toh jo bhi cheezen hain agar mere paas hai vaah sab cheezen situation ki demand ke anusaar hi create chahen hum kahin service kar rahe the tab ki rahi ho chahen aaj se hum aur aapse baat kar rahe hain aapke jawab de rahe hain toh unse kai jawab aise aaj jinke paas hamein sochna hota hai ki hum agar hote toh us jagah par kya karte toh us par toh hum soch karke uska jawab de rahe toh yah jawab dene me hi hue hain kaam karne ke baad koi bhi kaam hai jisko bhi aapas time kar rahe ho aaj jis ko behtar tarike se kar paa rahe hain vaah kisi ne kisi ki demand thi tab hum usme hind jai bharat aapka din shubha

नमस्कार आपका सवाल है कि जीवन में ऐसी क्या चीज है घटित हुई जिसने आप को परिपक्व करने के लिए

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Manoj Modi

Motivational Speaker | Business Owner

6:04
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नमस्कार दोस्तों मैं यह बात वैसे आपके सामने शेयर नहीं करना चाहता था लेकिन क्या है कि मैं ब्लॉक करता हूं एक पेशेंट एक्स प्लस कमाल डे के पास है किसी चीज के ऊपर ओके नहीं मांगता हूं नई मोटरसाइकिल करता हूं मेरा बड़ा भाई मेरी मम्मी पापा तो हम एक अपार्टमेंट में रहते थे धनुष के बाद में हमारे पिताजी थे कहीं नौकरी करते थे 1 क्विटल छोटू पान की दुकान पर उसके बाद में क्या हुआ कि काफी टाइम तक बनाना उस पर वर्क किया किसी और के लिए काम किया काफी मदद की लेकिन क्या होता है कि ऐसा कभी नहीं रहता था एक ऐसी चीजें हमेशा चेंज होता तो समय कैसी है जो हमेशा एनी मोमेंट कैंट तो समय कभी नेता आया था दो हजार चार चार या पांच के अंदर 2005 के बारे में आने का कोई दोष नहीं था उस टाइम पर डे वी बोथ ब्रदर वेडिंग एंड टाइपिंग 10th क्लास आता जाता है और B.Ed कर रहा था तो 10 - 906 महीने तक इस बीच में जो 6 महीने के बाद में हमने फिर एक बिजनेस ओपन किया गारमेंट का रेडीमेड गारमेंट शॉप 5 अक्टूबर दीपावली के पहले की लोकेशन पर भी कम सेट करना था लेकिन हमारी मजबूरी थी वह कंपल्शन टाटा विकास नीति दुकान की और शायद ठीक से करा करा पाए थे माइंड के अंदर तो मैंने लिस्ट लिटीली आइटम तरसपोर्ट लिटिया इनीशिएटिड दैट वी कैन से पहले एक रेडीमेड की दुकान पर काम किया था तो मेरे पास थोड़ा सेट किया एंड मैंने उसके जरिए आपके कितने तारीख को समझने के लिए किस करता तक मुझे पता है मुझे लगता है जातक की विशेषता पर अच्छा मार सकता है एक प्रयास की सराहना करता हूं कि द मोमेंट मैच लिसनिंग

namaskar doston main yah baat waise aapke saamne share nahi karna chahta tha lekin kya hai ki main block karta hoon ek patient x plus kamaal day ke paas hai kisi cheez ke upar ok nahi mangta hoon nayi motorcycle karta hoon mera bada bhai meri mummy papa toh hum ek apartment me rehte the dhanush ke baad me hamare pitaji the kahin naukri karte the 1 kwital chotu pan ki dukaan par uske baad me kya hua ki kaafi time tak banana us par work kiya kisi aur ke liye kaam kiya kaafi madad ki lekin kya hota hai ki aisa kabhi nahi rehta tha ek aisi cheezen hamesha change hota toh samay kaisi hai jo hamesha any moment cantt toh samay kabhi neta aaya tha do hazaar char char ya paanch ke andar 2005 ke bare me aane ka koi dosh nahi tha us time par day v both brother wedding and typing 10th class aata jata hai aur B Ed kar raha tha toh 10 906 mahine tak is beech me jo 6 mahine ke baad me humne phir ek business open kiya garment ka ready made garment shop 5 october deepawali ke pehle ki location par bhi kam set karna tha lekin hamari majburi thi vaah compulsion tata vikas niti dukaan ki aur shayad theek se kara kara paye the mind ke andar toh maine list litili item tarasaport litiya inishietid that v can se pehle ek ready made ki dukaan par kaam kiya tha toh mere paas thoda set kiya and maine uske jariye aapke kitne tarikh ko samjhne ke liye kis karta tak mujhe pata hai mujhe lagta hai jatak ki visheshata par accha maar sakta hai ek prayas ki sarahana karta hoon ki the moment match listening

नमस्कार दोस्तों मैं यह बात वैसे आपके सामने शेयर नहीं करना चाहता था लेकिन क्या है कि मैं ब्

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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करो कि लाइफ में ऐसे सिचुएशन आते हैं जहां पर उन्हें वक्त से पहले हमें जो रोजाना पड़ता है रिस्पांसिबिलिटीज मदारियों को अपने कंधों पर लेना पड़ता है मैं भी उनमें से एक हूं जब मैं 24 वर्ष की थी तब मेरे जो बड़े भाई हैं जो आदमी मेजर थे मेजर टेप श्यामसुंदर उन्होंने कारगिल के 2 साल पहले देश के लिए अपनी जान दे दी थी और उस घटना ने मेरे पुलिस ने की को बदल दिया मेरे लाइफ बदल गई मेरी सोच बदल गई और मेरी जिंदगी का एम भी बदल गया लक्ष्य भी बदल गया क्योंकि मेरे भाई ऐसे थे जो दूसरों के लिए जीते थे दूसरों के लिए उन्होंने अपनी जान दे दी देश के लिए अपनी जान दे दी हमसे दूसरों का भला करते थे आखिरी वक्त तक उन्हें दूसरों की अपनी पलटन के बारे में ही सोचे तो उनके जो अच्छे क्वालिटी है दूसरों के लिए जीना है वह मैंने भी अपना लिया है फिर मैंने पढ़कर साइकॉलजिस्ट बनी और मैं अपने इस विद्या और प्राइस के एक्सपीरियंस दूसरों का भला करती हूं और मैं चाहती हूं कि हर एक घर में अगर हम एक इंसान को उसकी लास्ट बस ले तो पूरी फैमिली बदल सकती है तो मेरा जो सोचना यह है कि इसमें चेंज वन लाइफ डेफिनेटली वह एक लाइक और काफी लाईफ को बदलेगी और काफी लाईफ को बदलेंगे और बदलाव जो आएगा वह अच्छा बदलाव आएगा और इस औरत को एक अच्छा पीसफुल जगह बनाएगा रहने के लिए तो डेफिनेट लिए फिर मेरे पैरंट्स मदारी मेरे पर आ गई और बहुत ही आगे से मुझे काफी कुच कुच होता है फ्रीडम का जहां पर आपको जो चाहिए आप कर सकते हो मैं नहीं कर पाई लेकिन मैं आई एम थैंकफूल क्योंकि एक तरीके से मैं जानती हूं कि कठिनाई क्या है जिम्मेदारी क्या है जिंदगी कैसे बहुत करीब से देखा है उसके बाद मेरे फिर पिताजी के देहांत हो गया तो फिर मेरी मां की जिम्मेदारी मेरे पर आ गई तो और भी जिम्मेदारी बड़ी बहुत बड़ा और मेरे को समझदारी आई और विद्युत आया और मैंने पढ़ाई की और आज आपके सामने हूं वह कल में एक्सपर्ट की तरह तो आए हो मेरी लाइफ एंड चेंज व्हाट एवरीवन थैंक यू

karo ki life mein aise situation aate hain jaha par unhe waqt se pehle hamein jo rojana padta hai rispansibilitij madariyon ko apne kandhon par lena padta hai bhi unmen se ek hoon jab main 24 varsh ki thi tab mere jo bade bhai hain jo aadmi major the major tape shyamsundar unhone kargil ke 2 saal pehle desh ke liye apni jaan de di thi aur us ghatna ne mere police ne ki ko badal diya mere life badal gayi meri soch badal gayi aur meri zindagi ka M bhi badal gaya lakshya bhi badal gaya kyonki mere bhai aise the jo dusro ke liye jeete the dusro ke liye unhone apni jaan de di desh ke liye apni jaan de di humse dusro ka bhala karte the aakhiri waqt tak unhe dusro ki apni paltan ke bare mein hi soche toh unke jo acche quality hai dusro ke liye jeena hai vaah maine bhi apna liya hai phir maine padhakar psychologist bani aur main apne is vidya aur price ke experience dusro ka bhala karti hoon aur main chahti hoon ki har ek ghar mein agar hum ek insaan ko uski last bus le toh puri family badal sakti hai toh mera jo sochna yah hai ki isme change van life definetli vaah ek like aur kaafi life ko badalegi aur kaafi life ko badalenge aur badlav jo aayega vaah accha badlav aayega aur is aurat ko ek accha peaceful jagah banayega rehne ke liye toh definet liye phir mere Parents madari mere par aa gayi aur bahut hi aage se mujhe kaafi kuch kuch hota hai freedom ka jaha par aapko jo chahiye aap kar sakte ho main nahi kar payi lekin main I M thainkaful kyonki ek tarike se main jaanti hoon ki kathinai kya hai jimmedari kya hai zindagi kaise bahut kareeb se dekha hai uske baad mere phir pitaji ke dehant ho gaya toh phir meri maa ki jimmedari mere par aa gayi toh aur bhi jimmedari badi bahut bada aur mere ko samajhdari I aur vidhyut aaya aur maine padhai ki aur aaj aapke saamne hoon vaah kal mein expert ki tarah toh aaye ho meri life and change what everyone thank you

करो कि लाइफ में ऐसे सिचुएशन आते हैं जहां पर उन्हें वक्त से पहले हमें जो रोजाना पड़ता है रि

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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नमस्ते दोस्तों मेरी आनी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं वैसे ऐसा कोई एक पार्टी कूलर इंसीडेंट नहीं है जिसकी वजह से मुझे लाइफ में या परिपक्व होने के लिए मुझे यह लगा कि मुझे अनुभवी या फिर आगे चलना चाहिए यह सब है तो मुझे ऐसा लगता है कि मैंने अपने पिताजी को देखा और उनसे मैं काफी इंस्पायरर हुई हूं प्रभावित हुई हूं और वह एक वजह तो नहीं वह एक व्यक्ति हैं जिनके वजह से मुझे आगे बढ़ने का हमेशा ही यह मेडिसिन मैंने हर अपने मोड में जिंदगी मिली है कि मुझे आगे बढ़ना है और मुझे मुझे कुछ करना है मुझे अपने लिए ही कुछ करना है और अपना एक नाम बनाना है पहचान बनाना है तो मैंने मैंने उनसे इंस्पिरेशन लिया है वैराम उस कारण उस कारण ही मुझे काफी प्रेरणा मिली है कि मुझे आगे जाना चाहिए मुझे अपनी लाइफ का कुछ करना है तो वहां एक वजह और एक व्यक्ति मेरे पिताजी हैं तो यही मैं सोचती हूं और तुम मुझे कुछ ऐसा नजर नहीं आ रहा है थैंक यू

namaste doston meri aani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain waise aisa koi ek party cooler insident nahi hai jiski wajah se mujhe life mein ya paripakva hone ke liye mujhe yah laga ki mujhe anubhavi ya phir aage chalna chahiye yah sab hai toh mujhe aisa lagta hai ki maine apne pitaji ko dekha aur unse main kaafi inspayarar hui hoon prabhavit hui hoon aur vaah ek wajah toh nahi vaah ek vyakti hain jinke wajah se mujhe aage badhne ka hamesha hi yah medicine maine har apne mode mein zindagi mili hai ki mujhe aage badhana hai aur mujhe mujhe kuch karna hai mujhe apne liye hi kuch karna hai aur apna ek naam banana hai pehchaan banana hai toh maine maine unse Inspiration liya hai vairam us karan us karan hi mujhe kaafi prerna mili hai ki mujhe aage jana chahiye mujhe apni life ka kuch karna hai toh wahan ek wajah aur ek vyakti mere pitaji hain toh yahi main sochti hoon aur tum mujhe kuch aisa nazar nahi aa raha hai thank you

नमस्ते दोस्तों मेरी आनी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं वै

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

1:59

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Garima Dwivedi

Clinical Psychologist

0:39
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मुझे एक समय की बात है जब नहीं किया मेरे बचपन की बातें मेरी काफी हद तक मेरी चीजें

mujhe ek samay ki baat hai jab nahi kiya mere bachpan ki batein meri kaafi had tak meri cheezen

मुझे एक समय की बात है जब नहीं किया मेरे बचपन की बातें मेरी काफी हद तक मेरी चीजें

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Vivek Shukla

Life coach

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देहाती आपके जिंदगी में ऐसा क्या हुआ जिससे अधिक समझदारी भी ज्ञानी हो गया है फिर मुझे दुनिया का समझदारी सबसे पहली बात जो जानते हैं कि दिमाग बदाम खाने से नहीं ठोकर खाने से आती बड़ी पुरानी कहावत है और बहुत ही ज्यादा प्रचलित भी है तो मुझे भी यही ठोकर मिला मानिक मैंने लोगों पर ट्रस्ट किया और उन्होंने मुझे धोखा दिया सबसे पहली बात मेरे खास दोस्त था जिसे मैंने अपनी जिंदगी में सबसे अहम हिस्सा माना था उसने जब मेरे घरवालों के ऊपर गंदी नजर फिर तो मुझे माने सबक मिल गया कि कभी भर किसी भर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए फिर किसी के ऊपर इतना भी भरोसा ना कभी जिंदगी में आपको ऐसे कदम उठा डाले जिससे आप को शर्मसार होना पड़ा और जितना हो सके लोगों के ऊपर इतना ही भरोसा करें या फिर अपने घर वाले को यह परिवार वालों से उतना ही विश्वास करवाना ठीक रहेंगे हर किसी पर नजर रखें

dehati aapke zindagi mein aisa kya hua jisse adhik samajhdari bhi gyani ho gaya hai phir mujhe duniya ka samajhdari sabse pehli baat jo jante hain ki dimag badaam khane se nahi thokar khane se aati badi purani kahaavat hai aur bahut hi zyada prachalit bhi hai toh mujhe bhi yahi thokar mila manik maine logo par trust kiya aur unhone mujhe dhokha diya sabse pehli baat mere khaas dost tha jise maine apni zindagi mein sabse aham hissa mana tha usne jab mere gharwaalon ke upar gandi nazar phir toh mujhe maane sabak mil gaya ki kabhi bhar kisi bhar aankh mundakar bharosa nahi karna chahiye phir kisi ke upar itna bhi bharosa na kabhi zindagi mein aapko aise kadam utha dale jisse aap ko sharmasar hona pada aur jitna ho sake logo ke upar itna hi bharosa kare ya phir apne ghar waale ko yah parivar walon se utana hi vishwas karwana theek rahenge har kisi par nazar rakhen

देहाती आपके जिंदगी में ऐसा क्या हुआ जिससे अधिक समझदारी भी ज्ञानी हो गया है फिर मुझे दुनिया

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

2:42
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अकड़ प्रश्न है कि आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ जिसने आप को परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया तो इसका सिंपल सा जवाब है कि आपके जीवन में जितने भी चैलेंजिंग सिचुएशन आईएस जितनी ही कठिन परिस्थितियां हैं उस परिस्थितियों ने कहीं ना कहीं आपको बहुत ज्यादा मजबूत किया होता है और उन परिस्थितियों में अगर आपने अपने आपको संभाल लिया तो आप देखेंगे आप कहीं ना कहीं एक नई में छोटी को शिव कर चुके होते हैं इसलिए जीवन में होने वाला है या आने वाले कभी भी जो चुनौतियां होती है बुरा समय जो होता है वह बहुत कुछ सिखा कर जाता है क्योंकि हम उसको गलत तरीके से लेते हैं और जीवन में आने वाले बुरे समय को या गलत इक्वेशन को हम ऐसे लेते हैं कि यह कहीं ना कहीं हमारे जीवन में सिर्फ हमको सफर करने के लिए आता है लेकिन नई अगर उसको आप डिप्ली स्टडी करेंगे तो आप यह पाएंगे कि जो भी जीवन की गलत परिस्थितियां हैं या चलेंगे सिचुएशन हैं वह कहीं ना कहीं आप अंदर से काफी मजबूत कर देती हैं और कुछ ना कुछ कोई ना कोई ऐसी स्किल या कोई ना कोई ऐसी स्टाफ को दी जाती है जिससे आप आने वाले जीवन में और बहुत कुछ काफी अजीब कर चुके होते हैं करते हैं इसलिए कभी भी जीवन में कुछ भी गलत हो तो उसको इस तरीके से लें कि वह कहीं ना कहीं ऐसे अपॉर्चुनिटी आपके पास आई है कि उस अपॉर्चुनिटी को आप प्रॉपर हैंडल करते हुए अपने पर्सनालिटी में अपने व्यक्तित्व में कुछ ना कुछ बहुत अच्छा मजबूत बना सकते हैं अगर इस तरीके से लेंगे तो आप आने वाली है जीवन में होने वाले कभी चैलेंजिंग सिचुएशन को कभी गलत तरीके से नहीं लेंगे और उसमें सफल बिल्कुल नहीं करेंगे उसको ऐसे अपॉर्चुनिटी लेंगे जहां से आप कुछ ना कुछ नई चीज देखते हैं कुछ ना कुछ नई स्टैंड आती है जो आपकी पर्सनालिटी में एक नया निखार लेकर आती है और वह पश्चिम कि आप को एक नई दिशा देती है जिससे जीवन में आप बहुत ज्यादा कामयाब होते हैं तो इसलिए अगर आपके जीवन में बहुत ज्यादा ऐसे सिचुएशन आ रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह आपके जीवन में बहुत सारी ऐसी अपॉर्चुनिटी आ रहे हैं जहां पर आप काफी मैच्योर हो सकते हैं और काफी इस जीवन में कभी सक्सेसफुल हो सकते हैं थैंक यू सो मच

akad prashna hai ki aapke jeevan mein aisa kya hua jisne aap ko paripakva hone par majboor kar diya toh iska simple sa jawab hai ki aapke jeevan mein jitne bhi chailenjing situation ias jitni hi kathin paristhiyaann hain us paristhitiyon ne kahin na kahin aapko bahut zyada majboot kiya hota hai aur un paristhitiyon mein agar aapne apne aapko sambhaal liya toh aap dekhenge aap kahin na kahin ek nayi mein choti ko shiv kar chuke hote hain isliye jeevan mein hone vala hai ya aane waale kabhi bhi jo chunautiyaan hoti hai bura samay jo hota hai vaah bahut kuch sikha kar jata hai kyonki hum usko galat tarike se lete hain aur jeevan mein aane waale bure samay ko ya galat equation ko hum aise lete hain ki yah kahin na kahin hamare jeevan mein sirf hamko safar karne ke liye aata hai lekin nayi agar usko aap dipli study karenge toh aap yah payenge ki jo bhi jeevan ki galat paristhiyaann hain ya chalenge situation hain vaah kahin na kahin aap andar se kaafi majboot kar deti hain aur kuch na kuch koi na koi aisi skill ya koi na koi aisi staff ko di jaati hai jisse aap aane waale jeevan mein aur bahut kuch kaafi ajib kar chuke hote hain karte hain isliye kabhi bhi jeevan mein kuch bhi galat ho toh usko is tarike se le ki vaah kahin na kahin aise opportunity aapke paas I hai ki us opportunity ko aap proper handle karte hue apne personality mein apne vyaktitva mein kuch na kuch bahut accha majboot bana sakte hain agar is tarike se lenge toh aap aane wali hai jeevan mein hone waale kabhi chailenjing situation ko kabhi galat tarike se nahi lenge aur usme safal bilkul nahi karenge usko aise opportunity lenge jaha se aap kuch na kuch nayi cheez dekhte hain kuch na kuch nayi stand aati hai jo aapki personality mein ek naya nikhaar lekar aati hai aur vaah paschim ki aap ko ek nayi disha deti hai jisse jeevan mein aap bahut zyada kamyab hote hain toh isliye agar aapke jeevan mein bahut zyada aise situation aa rahe hain toh iska matlab hai ki vaah aapke jeevan mein bahut saree aisi opportunity aa rahe hain jaha par aap kaafi mature ho sakte hain aur kaafi is jeevan mein kabhi successful ho sakte hain thank you so match

अकड़ प्रश्न है कि आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ जिसने आप को परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया तो

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

2:01
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जहां तक का क्वेश्चन है आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आप को परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया लिखिए जिस समय हम 18 उन्नीस साल का मेंबर हूं मेरे फादर डेथ करके अब दिमाग में आया कि अब हम लोगों को थोड़ा सा अपने पैर पर होना चाहिए और गर्जन से अपने ऊपर आ गए उस समय ही मैं जाकर उसके बाद योग का ट्रेनिंग में लेने लगा और रुचि होने लगी रुचि तो थोड़ा और झटका डेट का मन मेरे शरीर मेरे कर्म पर काफी बड़ा झटका लगा था जिसने हमें हिला कर रख दिया और मुझे परिपक्व होने के लिए मजबूर कर दिया लेकिन मैं किसी से शेयर कभी नहीं किया हूं कि आप लोगों का क्वेश्चन है इसलिए हमारी मजबूरी है खेल आपका इन सब देना तो वह चीज क्योंकि 1 दिन के होने पर व्यक्ति थोड़ा अलग है जीवन व्यतीत करता है लग जीवन जीता है लेकिन जब गार्जियन करना हो ना किसी भी व्यक्ति के जीवन में चप्पल आ जाता है तो व्यक्ति मजबूर हो जाता है धन्यवाद

jahan tak ka question hai aapke jeevan mein aisa kya hua hai jisne aap ko paripakva hone par majboor kar diya likhiye jis samay hum 18 unnis saal ka member hoon mere father death karke ab dimag mein aaya ki ab hum logo ko thoda sa apne pair par hona chahiye aur garjan se apne upar aa gaye us samay hi main jaakar uske baad yog ka training mein lene laga aur ruchi hone lagi ruchi toh thoda aur jhatka date ka man mere sharir mere karm par kaafi bada jhatka laga tha jisne hamein hila kar rakh diya aur mujhe paripakva hone ke liye majboor kar diya lekin main kisi se share kabhi nahi kiya hoon ki aap logo ka question hai isliye hamari majburi hai khel aapka in sab dena toh vaah cheez kyonki 1 din ke hone par vyakti thoda alag hai jeevan vyatit karta hai lag jeevan jita hai lekin jab guardian karna ho na kisi bhi vyakti ke jeevan mein chappal aa jata hai toh vyakti majboor ho jata hai dhanyavad

जहां तक का क्वेश्चन है आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आप को परिपक्व होने पर मजबूर कर

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J.P. Y👌g i

Psychologist

3:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस बारे में कोई नहीं जान सकता लेकिन एक लक्षण से पता चलता है जिसको हम एक शब्द में कहते हैं संस्कार और संस्कार आज का नहीं कई जन्म जन्म जन्मांतर का संस्करण है और संस्करण से ही संस्कार की उत्पत्ति होती है संस्कार से ही शुरू बनता है शुरू से ही पहचान होती है तो आपकी जैसे प्रश्न में कहा कि आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ जिसने आप को परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया यह बहुत ज्ञान प्रशन है बहुत अच्छा और आधारित प्रश्न है क्योंकि परिपक्वता आती है जब हमें सजगता होती है और 120 मिल ही जाता है जिन लोगों के जीवन में 120 की उत्पत्ति होती है और एक विचार का विकल्प शाखा अभी जंकृत होकर बढ़ने लगता है तो निसंदेह वह परी पकता की भूमिका में ले ही जाता है और उसी में देखा जाए तो कई लोग किसकी ढंग से रूचि रखते हैं उसी रूचि के अनुसार अपने जनसमूह में मिलते हैं तो रुचि क्यों है क्या कारण है इसके बारे में तो बहुत ही अच्छी बात है कि जो लोग सूक्ष्म से मिले हो सकते हैं मन के अंदर प्रेरित हो जाते हैं मन में मन का वास करने लग सकते हैं तो प्रवक्ता का यही है कि एक मजबूती आती है पक जाता है पकाया जाता है पता जब है पकाया जब जाता है जब हम उस अग्नि को अपने नजदीक हमेशा लाकर रखते तापित करते हैं तो हर चीज स्थापित होकर परिपाक होगी जिससे हम भागते हैं जिससे डरते हैं तो अच्छा कौन हो जाता है इसलिए दुख ही सबसे बड़ा परिपक्व बनाने की चीज है और दुख को ईश्वर की तरफ से भी मिल जाता है क्योंकि इनको सही बता पर चलना पड़ता है और कुछ लोगों के माध्यम से भी दुख मिलता है तो भी फायदा ही होता है और समझदारी पर पक्का यह है रानी दुख से संकट से फायदा उठा रहे हो मजबूती बना रहे यही परित्यक्ता की सबसे बड़ी कहानी है

is bare mein koi nahi jaan sakta lekin ek lakshan se pata chalta hai jisko hum ek shabd mein kehte hai sanskar aur sanskar aaj ka nahi kai janam janam janmantar ka sanskaran hai aur sanskaran se hi sanskar ki utpatti hoti hai sanskar se hi shuru banta hai shuru se hi pehchaan hoti hai toh aapki jaise prashna mein kaha ki aapke jeevan mein aisa kya hua jisne aap ko paripakva hone par majboor kar diya yah bahut gyaan prashn hai bahut accha aur aadharit prashna hai kyonki paripakvata aati hai jab hamein sajgata hoti hai aur 120 mil hi jata hai jin logo ke jeevan mein 120 ki utpatti hoti hai aur ek vichar ka vikalp shakha abhi jankrit hokar badhne lagta hai toh nisandeh vaah pari pakata ki bhumika mein le hi jata hai aur usi mein dekha jaaye toh kai log kiski dhang se ruchi rakhte hai usi ruchi ke anusaar apne janasamuh mein milte hai toh ruchi kyon hai kya karan hai iske bare mein toh bahut hi achi baat hai ki jo log sukshm se mile ho sakte hai man ke andar prerit ho jaate hai man mein man ka was karne lag sakte hai toh pravakta ka yahi hai ki ek majbuti aati hai pak jata hai pakaya jata hai pata jab hai pakaya jab jata hai jab hum us agni ko apne nazdeek hamesha lakar rakhte tapit karte hai toh har cheez sthapit hokar paripak hogi jisse hum bhagte hai jisse darte hai toh accha kaun ho jata hai isliye dukh hi sabse bada paripakva banane ki cheez hai aur dukh ko ishwar ki taraf se bhi mil jata hai kyonki inko sahi bata par chalna padta hai aur kuch logo ke madhyam se bhi dukh milta hai toh bhi fayda hi hota hai aur samajhdari par pakka yah hai rani dukh se sankat se fayda utha rahe ho majbuti bana rahe yahi parityakta ki sabse baadi kahani hai

इस बारे में कोई नहीं जान सकता लेकिन एक लक्षण से पता चलता है जिसको हम एक शब्द में कहते हैं

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Govind Saraf

Entrepreneur

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह उस समय की बात है जब मैंने हाल फिलाल में ग्रैजुएशन कंप्लीट की थी और मैं सीए कर रहा था तब अचानक से मुझे एक जगह जाना था इन नकली मेरी वह मीटिंग कैंसिल हो गई मेरे पापा कब बहुत ही भयानक इमरजेंसी में तबीयत खराब हुआ और इतना भयंकर बाकी मैंने उनको लेकर निर्मल क्लीनिक द्वारा किस्मत से मुझे ड्राइविंग आती थी इसलिए मैच काल चला सकता था लाइसेंस भी था मेरे पास अवेलेबल ओं सिक लीव लेकर गया तो वहां भी हो चुके गिरने लग गए जैसे को बेहोश अगर गिरने लगे डॉक्टर ने तुरंत कमेंट किया तो थोड़ा ही क्यों नहीं इंजेक्शन लगाना पड़ेगा एक सरकारी अस्पताल ले के चली जाओ खाओ इंजेक्शन बिलिया के प्राइवेट में बल्कि सकता नहीं मिल सकता है मैं तो बिन ट्राई करके सरकारी हॉस्पिटल गया वहां की जो स्थिति मैंने देखी डॉक्टर डॉक्टर एक ही बार करते कि मेरे पिताजी डेंजर में है संभालना मुश्किल है मैं डर गया था वह समझ में नहीं आ रहा था और उसके बाद मैंने तुरंत अपने भैया को बड़े भैया का फोन क्यों बड़े भैया ने मुझे तुरंत इन प्राइवेट हॉस्पिटल में कहा मैं तुरंत वहां से जाकर प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया वह दिन मेरा ऐसा देश था जिस दिन मैं समझ नहीं आ रहा था कि जिंदगी में मैं बड़ा हूं या अकेला पड़ गया हूं सबसे बड़ी बात तो यह थी लेकिन मेरे साथ एक और थे मेरे दोस्त ने में बड़े भैया कहके बुलाता हूं शायद भैया वह ठीक होने में भी समझाया मुझे यह साथ में थे वह मेरे जब मैं हॉस्पिटल ने लिखे अपने पिताजी को गाड़ी में जा रहा था कि मेरे पिताजी एक ही बार बार तुम्हें सांस नली पार में सांस मिली भगवान की असीम कृपा से मुक्ति भी हो गए स्वस्थ भी हो गए उनका अलार्म्स लोकेश वादक किडनी डैमेज आया था ब्लड क्लॉटिंग हो गया था कि तीनों एक साथ हुई कृष्णा हॉस्पिटल जाना पड़ा और उस दिन के बाद उस इंसीडेंट है मुझे जिंदगी परिपक्व बना दिया और मैं जो रोने पर मजबूर कर दिया

dekhiye yah us samay ki baat hai jab maine haal filal mein Graduation complete ki thi aur main ca kar raha tha tab achanak se mujhe ek jagah jana tha in nakli meri vaah meeting cancel ho gayi mere papa kab bahut hi bhayanak emergency mein tabiyat kharab hua aur itna bhayankar baki maine unko lekar nirmal clinic dwara kismat se mujhe driving aati thi isliye match kaal chala sakta tha license bhi tha mere paas available on sick leave lekar gaya toh wahan bhi ho chuke girne lag gaye jaise ko behosh agar girne lage doctor ne turant comment kiya toh thoda hi kyon nahi injection lagana padega ek sarkari aspatal le ke chali jao khao injection biliya ke private mein balki sakta nahi mil sakta hai toh bin try karke sarkari hospital gaya wahan ki jo sthiti maine dekhi doctor doctor ek hi baar karte ki mere pitaji danger mein hai sambhaalna mushkil hai dar gaya tha vaah samajh mein nahi aa raha tha aur uske baad maine turant apne bhaiya ko bade bhaiya ka phone kyon bade bhaiya ne mujhe turant in private hospital mein kaha main turant wahan se jaakar private hospital mein admit karaya vaah din mera aisa desh tha jis din main samajh nahi aa raha tha ki zindagi mein main bada hoon ya akela pad gaya hoon sabse badi baat toh yah thi lekin mere saath ek aur the mere dost ne mein bade bhaiya kehke bulata hoon shayad bhaiya vaah theek hone mein bhi samjhaya mujhe yah saath mein the vaah mere jab main hospital ne likhe apne pitaji ko gaadi mein ja raha tha ki mere pitaji ek hi baar baar tumhe saans nali par mein saans mili bhagwan ki asim kripa se mukti bhi ho gaye swasthya bhi ho gaye unka alarms lokesh vaadak KIDNEY damage aaya tha blood klating ho gaya tha ki tatvo ek saath hui krishna hospital jana pada aur us din ke baad us insident hai mujhe zindagi paripakva bana diya aur main jo rone par majboor kar diya

देखिए यह उस समय की बात है जब मैंने हाल फिलाल में ग्रैजुएशन कंप्लीट की थी और मैं सीए कर रहा

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे एक बहुत गहरे मित्र थे उनका नाम था रमेश शर्मा हम दोनों अक्सर साथ साथ रहते थे एक बार फर्स्ट अप्रैल की बात है मेरे घर पर आया और भयंकर एक्सीडेंट हो गया है और भी हॉस्पिटल एडमिट हैं अंतिम सांसें दे रहे हैं तुम जल्दी जाओ उसके पास तो मैं याद कर रहे हैं मेरे यहां से कम से कम 12 किलोमीटर दूर था मैं भागा भागा वहां से जैसे-तैसे किसी की सहायता देता हुआ हॉस्पिटल पहुंचा 1 घंटे बाद देखी जब मैंने वहां देखा तुम हॉस्टल में रमेश जी नहीं मैं उनके परिवारों के लोगों को ढूंढा फोन लगाया लेकिन कहीं नहीं जा रही थी नहीं रहे थे मेरा मिर्ची के घर पहुंचा करता हुआ था मैंने मां का बिल के बारे में पूछा उन्होंने कहा कि कहीं बाहर गए हुए हैं तब तुमने उनका लड़का और मैं दोनों उनके स्कूल में पहुंचे वहां से तो कल देखा उन्होंने कहा कि आप क्या बात हो गई मैंने कहा यार खवा मित्र ने अपने ने मुझसे यह कहा था कि रमेश जी का भयंकर एक्सीडेंट हो गया है और मैं भागा भागा हॉस्पिटल पहुंचा तुम्हारे घर पहुंचा अब मैं देख कर खुश हूं दिमाग सही हो उस दिन के बाद मैंने उसे मेरे मित्र तुमने ऐसा क्यों बोला किसी के दूसरे के लायक हो इस तरह से परेशान करना मुझ को कितनी परेशानी हुई तुमने नहीं जाना उसके परिवार के लोगों की परेशानी हुई यह तो मैं नहीं महसूस किया क्या इसी को फर्स्ट अप्रैल कहेंगे क्या यह उचित है मतलब आदमी को मेट्रोड होना बहुत आवश्यक है मजाक भी कीजिए तो मजाक ऐसी चीजें जिससे किसी को मानसिक प्रताड़ना ना हो शारीरिक कष्ट ना हो ना हो और हमारी ऐसी मजाक जो किसी के दिल पर अटक जाए मानसिक टेंशन का कारण बन जाए किसी की परेशानी का कारण बन जाए क्या वह उचित है यह बिल्कुल बात को सूचित करते हैं कि आप हमें छोड़ हैं आप समझ नहीं पाते हैं आप वक्त की नजाकत नहीं जानते हैं आप गंभीरता से एकदम रहित है उस दिन से वह मेरा मित्र ऐसा सुधर गया अब मैंने उसको ऐसी गंदी मजाक करते हुए नहीं देखा है मित्रों मैं इस टाइप के माध्यम से आपसे यही कहना चाहता हूं कि कभी ऐसी मजाक मत करो जो किसी के दिल को लग जाए किसी को मानसिक परेशानी हो जाए किसी को टेंशन हो जाए और यह आपको ऐसी मजाक सूचित करते हैं कि आप अंदर छोड़ हैं वह क्वालिफाइड नहीं है हम क्वालिफाइड हैं आप आप बीटी का बाप है आप लोग सामाजिकता से रहित हैं इसलिए कभी भी ऐसी मजाक नहीं करनी चाहिए

mere ek bahut gehre mitra the unka naam tha ramesh sharma hum dono aksar saath saath rehte the ek baar first april ki baat hai mere ghar par aaya aur bhayankar accident ho gaya hai aur bhi hospital admit hain antim sansen de rahe hain tum jaldi jao uske paas toh main yaad kar rahe hain mere yahan se kam se kam 12 kilometre dur tha main bhaagaa bhaagaa wahan se jaise taise kisi ki sahayta deta hua hospital pohcha 1 ghante baad dekhi jab maine wahan dekha tum hostel mein ramesh ji nahi main unke parivaron ke logo ko dhundha phone lagaya lekin kahin nahi ja rahi thi nahi rahe the mera mirchi ke ghar pohcha karta hua tha maine maa ka bill ke bare mein poocha unhone kaha ki kahin bahar gaye hue hain tab tumne unka ladka aur main dono unke school mein pahuche wahan se toh kal dekha unhone kaha ki aap kya baat ho gayi maine kaha yaar khava mitra ne apne ne mujhse yah kaha tha ki ramesh ji ka bhayankar accident ho gaya hai aur main bhaagaa bhaagaa hospital pohcha tumhare ghar pohcha ab main dekh kar khush hoon dimag sahi ho us din ke baad maine use mere mitra tumne aisa kyon bola kisi ke dusre ke layak ho is tarah se pareshan karna mujhse ko kitni pareshani hui tumne nahi jana uske parivar ke logo ki pareshani hui yah toh main nahi mehsus kiya kya isi ko first april kahenge kya yah uchit hai matlab aadmi ko metrod hona bahut aavashyak hai mazak bhi kijiye toh mazak aisi cheezen jisse kisi ko mansik prataadana na ho sharirik kasht na ho na ho aur hamari aisi mazak jo kisi ke dil par atak jaaye mansik tension ka karan ban jaaye kisi ki pareshani ka karan ban jaaye kya vaah uchit hai yah bilkul baat ko suchit karte hain ki aap hamein chod hain aap samajh nahi paate hain aap waqt ki nazakat nahi jante hain aap gambhirta se ekdam rahit hai us din se vaah mera mitra aisa sudhar gaya ab maine usko aisi gandi mazak karte hue nahi dekha hai mitron main is type ke madhyam se aapse yahi kehna chahta hoon ki kabhi aisi mazak mat karo jo kisi ke dil ko lag jaaye kisi ko mansik pareshani ho jaaye kisi ko tension ho jaaye aur yah aapko aisi mazak suchit karte hain ki aap andar chod hain vaah qualified nahi hai hum qualified hain aap aap BT ka baap hai aap log samajikta se rahit hain isliye kabhi bhi aisi mazak nahi karni chahiye

मेरे एक बहुत गहरे मित्र थे उनका नाम था रमेश शर्मा हम दोनों अक्सर साथ साथ रहते थे एक बार फर

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Shubham Saini

Software Engineer

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Vikas Singh

Political Analyst

3:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सिर्फ मेरे जीवन में नहीं आप सभी लोगों के जीवन में जो कठिन समय आता है वह आप को शक्तिशाली बनाने के लिए प्रेरित करता है वह आपके पास एक मौका होता है कि आप कुछ नया कर सकते हैं कुछ अच्छा कर सकते हैं हमारे जीवन में जब कठिनाई आती है तो हम घबरा जाते हैं हम परेशान हो जाते हैं और परेशान होकर अपनी परेशानी को और ज्यादा बढ़ा लेते हैं अगर डिफिकल्टीज आपके जीवन में आती है तो आप उसे एक और सर की तरह लीजिए क्योंकि वह जीवन में हमारे लिए अवसर होता है कुछ सीखने के लिए कुछ करने के लिए जोर से पहुंची पॉजिटिव तरीके से लेता है सकारात्मक तरीके से लेता है वह समाज के लिए मिसाल बनता है सपोर्ट करिए आपका जन्म किसी गरीब परिवार में हुआ है तू जन्म गरीब परिवार में हुआ है अगर मृत्यु आपकी गरीब फैमिली में हो रही है तो यह इसका मतलब यह है कि आपने अच्छा कर्म नहीं किया गरीब होना बुरी बात नहीं है लेकिन गरीब होकर गरीब मर जाना बुरी बात तो आप आपका जन्म चाहे जिस फैमिली में हुआ है जिस बैकग्राउंड में हुआ है आप मेहनत करिए कोशिश करिए एक सफल होने की देखिए जितने भी आईएएस पीसीएस अधिकारी बनते हैं जितने भी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं राष्ट्रपति बनते हैं सारे लोग बड़ी फैमिली से बिलॉन्ग करते हैं और किसी के फादर एग्री के किसान हैं किसी के फादर रिक्शा चलाने वाले हैं किसी के फादर मजदूरी करने वाले हैं तो ऐसी स्थिति है तो आप कभी अपने मनोबल को गिरने मत दीजिए किसी भी स्थिति किसी भी परिस्थिति में आप अपने धैर्य को बरकरार रखिए अपने दिमाग को स्थिर रखें और अपने टारगेट को फिक्स करके रखिए हमारा क्या होता है दिल्ली टारगेट चेंज होता है आज मन करेगा कि पॉलिटिक्स में जाऊंगा कल मन करेगा क्या रे पुलिस में भर्ती हो जाता तो सही रहता परसों मन करता है कि अरे यार फौज में भर्ती हो जाता तो बढ़िया होता भैया आपका टारगेट एक होना चाहिए जो आईएएस तैयारी करने जाते हैं बंदे वह बच्चे उनके पास आईएस फिक्स होता है उनका टारगेट कि मुझे आईएएस बनना है उनका पीसीएस बहुत सारे स्टूडेंट ऐसे होते दिन का पीसीएस क्वालीफाई हो जाता है कई बार लेकिन वह लेकिन उनका टारगेट रहता आईएस व्हो आईएस के लिए पुनः तैयारी करने में लग जाते हैं बहुत सारी स्टूडेंट अस्सी परसेंट ऐसे जाते हैं तैयारी करने मैं आईएसबी बनूंगा मैं पीसीएस भी बनूंगा मैं रेलवे में भी फॉर्म भर दूंगा मैं बैंक में भी भर दूंगा तो ऐसे लोग कुछ नहीं कर पाते अपने टारगेट को फिक्स रखिए और फिर से टारगेट के पीछे आप भागी दौड़ी उसके पीछे जवाब उसके लिए कर्म करेंगे तो हो सकता है कि आपको कुछ टाइम असफलता प्राप्त हो लेकिन एक दिन ऐसा आएगा कि आपको सफलता अवश्य अब तो होगा तो कर्म प्रधान है और डिफिकल्टीज से कभी घबराइए मत कठिन समय से कभी घबराइए मत कठिन समय हमारे जीवन में अवसर के रूप में होता है ऑफिस को सकारात्मक तरीके से अपना कर्म करते रहिए आप मजबूत बनेंगे समाज के लिए मिसाल बनेंगे समाज के लिए आदर्श बनेंगे धन्यवाद

dekhiye sirf mere jeevan mein nahi aap sabhi logo ke jeevan mein jo kathin samay aata hai vaah aap ko shaktishali banane ke liye prerit karta hai vaah aapke paas ek mauka hota hai ki aap kuch naya kar sakte hai kuch accha kar sakte hai hamare jeevan mein jab kathinai aati hai toh hum ghabara jaate hai hum pareshan ho jaate hai aur pareshan hokar apni pareshani ko aur zyada badha lete hai agar difficulties aapke jeevan mein aati hai toh aap use ek aur sir ki tarah lijiye kyonki vaah jeevan mein hamare liye avsar hota hai kuch sikhne ke liye kuch karne ke liye jor se pahuchi positive tarike se leta hai sakaratmak tarike se leta hai vaah samaj ke liye misal baata hai support kariye aapka janam kisi garib parivar mein hua hai tu janam garib parivar mein hua hai agar mrityu aapki garib family mein ho rahi hai toh yah iska matlab yah hai ki aapne accha karm nahi kiya garib hona buri baat nahi hai lekin garib hokar garib mar jana buri baat toh aap aapka janam chahen jis family mein hua hai jis background mein hua hai aap mehnat kariye koshish kariye ek safal hone ki dekhiye jitne bhi IAS pcs adhikari bante hai jitne bhi desh ke pradhanmantri bante hai rashtrapati bante hai saare log baadi family se Belong karte hai aur kisi ke father agree ke kisan hai kisi ke father riksha chalane waale hai kisi ke father mazdoori karne waale hai toh aisi sthiti hai toh aap kabhi apne manobal ko girne mat dijiye kisi bhi sthiti kisi bhi paristithi mein aap apne dhairya ko barkaraar rakhiye apne dimag ko sthir rakhen aur apne target ko fix karke rakhiye hamara kya hota hai delhi target change hota hai aaj man karega ki politics mein jaunga kal man karega kya ray police mein bharti ho jata toh sahi rehta parso man karta hai ki are yaar fauj mein bharti ho jata toh badhiya hota bhaiya aapka target ek hona chahiye jo IAS taiyari karne jaate hai bande vaah bacche unke paas ias fix hota hai unka target ki mujhe IAS banna hai unka pcs bahut saare student aise hote din ka pcs qualify ho jata hai kai baar lekin vaah lekin unka target rehta ias vo ias ke liye punh taiyari karne mein lag jaate hai bahut saree student assi percent aise jaate hai taiyari karne main ISB banunga main pcs bhi banunga main railway mein bhi form bhar dunga main bank mein bhi bhar dunga toh aise log kuch nahi kar paate apne target ko fix rakhiye aur phir se target ke peeche aap bhaagi daudi uske peeche jawab uske liye karm karenge toh ho sakta hai ki aapko kuch time asafaltaa prapt ho lekin ek din aisa aayega ki aapko safalta avashya ab toh hoga toh karm pradhan hai aur difficulties se kabhi ghabaraiye mat kathin samay se kabhi ghabaraiye mat kathin samay hamare jeevan mein avsar ke roop mein hota hai office ko sakaratmak tarike se apna karm karte rahiye aap majboot banenge samaj ke liye misal banenge samaj ke liye adarsh banenge dhanyavad

देखिए सिर्फ मेरे जीवन में नहीं आप सभी लोगों के जीवन में जो कठिन समय आता है वह आप को शक्तिश

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Medha Gupta

Clinical Psychologist

2:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब हम को एकदम से बात करते हैं कौन कितनी परेशानी झेलने की क्षमता है और अक्सर कुछ लोग यह देखा भी गया जान से भी ज्यादा रीसेंट होते हैं बाकी लोगों के मुकाबले इसका कोई जो लोग ज्यादा इमोशनल इमेज और वचन को समझ में आता है कि हम इस ब्रह्मांड का इस दुनिया का केंद्र नहीं है दुनिया में हर चीज मेरी वजह से नहीं हो रही है मेरे लिए नहीं हो रही और मेरे लिए नहीं होगी वह अपने आप जो उनका दायरा होता है वह बढ़ जाए दूसरों की बातें सुनने और समझने के लिए तैयार होते हैं वह अपने अंदर अपने उनकी जो भी इमोशंस होते हैं उसको समझने के लिए उसको देखने के लिए अपने हाथ के प्रति बहुत ज्यादा सतर्क हो तो उन्हें समझ में आ रहा है कि उनके साथ अगर वह ऐसा कुछ ऐसा हो रहा है और कुछ ऐसा महसूस करें छोटे बच्चों में भी दिखे तो इसका मतलब हर बच्चे का जो चले जो उनको मोड़ करता है वह उनके पैरों पैरों है वह कुमार के तारे उनके हाथ में गीली मिट्टी है और मिट्टी को मोल्ड करके उसका कैसा भी पत्र टीचर के पास एक बहुत बड़ी होती है कैसे डील कर रहा है कैसे बनाते हैं या उनका तरीका सीधा बच्चे को डांटने का है उस पर डिपेंड करता है कि वह बच्चा अपने इमोशन को कितना बोनस पाते मतलब उसको कितना समझ पाता बच्चों का मन जो होता है वह

ab hum ko ekdam se baat karte hain kaun kitni pareshani jhelne ki kshamta hai aur aksar kuch log yah dekha bhi gaya jaan se bhi zyada recent hote hain baki logo ke muqable iska koi jo log zyada emotional image aur vachan ko samajh mein aata hai ki hum is brahmaand ka is duniya ka kendra nahi hai duniya mein har cheez meri wajah se nahi ho rahi hai mere liye nahi ho rahi aur mere liye nahi hogi vaah apne aap jo unka dayara hota hai vaah badh jaaye dusro ki batein sunne aur samjhne ke liye taiyar hote hain vaah apne andar apne unki jo bhi emotional hote hain usko samjhne ke liye usko dekhne ke liye apne hath ke prati bahut zyada satark ho toh unhe samajh mein aa raha hai ki unke saath agar vaah aisa kuch aisa ho raha hai aur kuch aisa mehsus kare chote baccho mein bhi dikhe toh iska matlab har bacche ka jo chale jo unko mod karta hai vaah unke pairon pairon hai vaah kumar ke taare unke hath mein gili mitti hai aur mitti ko mould karke uska kaisa bhi patra teacher ke paas ek bahut badi hoti hai kaise deal kar raha hai kaise banate hain ya unka tarika seedha bacche ko dantane ka hai us par depend karta hai ki vaah baccha apne emotion ko kitna bonus paate matlab usko kitna samajh pata baccho ka man jo hota hai vaah

अब हम को एकदम से बात करते हैं कौन कितनी परेशानी झेलने की क्षमता है और अक्सर कुछ लोग यह दे

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

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हेलो दोस्त नमस्कार जी आप का सवाल है आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ जिससे आपको परिपक्व होने पर मजबूर कर दिया सवाल आपका बहुत ही शानदार है लिखिए परिपक्वता किसी न किसी करण बसी आती है और इसका कोई एक कारण नहीं हो सकता इसकी कोई एक वजह नहीं हो सकती है हर व्यक्ति हर व्यक्ति के साथ कुछ अलग अलग प्रकार की घटनाएं हो सकती हैं उन्हीं में से मेरी भी लाइफ ऐसी ही थी सुबह जागना रात को सोना दिनभर मौज मस्ती करना या फिर अपना जो स्टडी लाइफ थी उसमें समय बिताना ट्यूशन जाना बच्चों के साथ खेलना कहीं दूर निकल जाना लेकिन कुछ ऐसी डेंट ऐसा हुआ घर में कि हमारी शादी 21 वर्ष की उम्र में हुई और लगभग एक 2 साल के अंदर हमारी बड़ी बच्चे का जन्म और शादी के पहले तक एकदम नॉर्मल लाइफ थी कोई जिम्मेदारियां को रिस्पांसिबिलिटी नहीं थी लेकिन धीरे-धीरे बहुत ज्यादा फैमिली को चलाने के लिए समस्या आने लगी उसे बहुत कुछ सीखा और उसे काफी परिपक्व बना अब तो लाइफ सेटल है तो दिखी हार के साथ उचित अलग-अलग प्रकार की घटनाएं हो सकते हैं धन्यवाद

hello dost namaskar ji aap ka sawaal hai aapke jeevan mein aisa kya hua jisse aapko paripakva hone par majboor kar diya sawaal aapka bahut hi shandar hai likhiye paripakvata kisi na kisi karan basi aati hai aur iska koi ek karan nahi ho sakta iski koi ek wajah nahi ho sakti hai har vyakti har vyakti ke saath kuch alag alag prakar ki ghatnaye ho sakti hain unhi mein se meri bhi life aisi hi thi subah jagana raat ko sona dinbhar mauj masti karna ya phir apna jo study life thi usme samay bitana tuition jana baccho ke saath khelna kahin dur nikal jana lekin kuch aisi dent aisa hua ghar mein ki hamari shadi 21 varsh ki umr mein hui aur lagbhag ek 2 saal ke andar hamari badi bacche ka janam aur shadi ke pehle tak ekdam normal life thi koi zimmedariyan ko responsibility nahi thi lekin dhire dhire bahut zyada family ko chalane ke liye samasya aane lagi use bahut kuch seekha aur use kaafi paripakva bana ab toh life settle hai toh dikhi haar ke saath uchit alag alag prakar ki ghatnaye ho sakte hain dhanyavad

हेलो दोस्त नमस्कार जी आप का सवाल है आपके जीवन में ऐसा क्या हुआ जिससे आपको परिपक्व होने पर

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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हमें जब तक मैं जो नहीं हो जाता है परिपक्व नहीं मजा आता है मेरे साथ गलत भावना सोचता हीन भावना सोचता है आप परेशान करते रहेंगे मेहनत करते रहिए आशावान बनिए धनवान बने ऑपरेशन कीजिए आप जरूर अपने कार्य में सफलता प्राप्त करें

hamein jab tak main jo nahi ho jata hai paripakva nahi maza aata hai mere saath galat bhavna sochta heen bhavna sochta hai aap pareshan karte rahenge mehnat karte rahiye ashavan baniye dhanwan bane operation kijiye aap zaroor apne karya mein safalta prapt kare

हमें जब तक मैं जो नहीं हो जाता है परिपक्व नहीं मजा आता है मेरे साथ गलत भावना सोचता हीन भाव

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

2:28
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आपका क्या आप जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आपको प्राप्त होने पर मजबूर कर दिया है परिपक्व होना एक व्यक्ति या मेरे साथी जीवन यात्रा में जीवन यात्रा में कौन-कौन से प्रभाव हैं कौन-कौन जिसे हम जीवन यात्रा में निकलते हैं हम देखते हैं कि हमें इस घटना में तक जाना है उसके पहले बहुत सारे स्टेशन पड़ते हैं कुछ छोटे स्टेशन देते हैं कुछ बड़े स्टेशन रहते हैं कुछ साफ सुथरा रहते हैं कुछ गंदे रहते हैं या ट्रेन में यात्री आते रहते हैं जाते रहते हैं कभी बहुत अच्छे लोग या फिर मिलते हैं कभी यात्रा में जो कभी घमंड नहीं करती उसमें उतार-चढ़ाव हम पूर्णता प्रतिकूलता सुखी सुख-दुख आनंद विहार आती रहती है और यह सारी स्थितियां आपको देख शिक्षा देती हैं आपके अंदर एक पुस्तक प्राप्त करते करते शिक्षा प्राप्त करते करते हैं शुरुआत में जब ऐसा होता है तो हम मानसिक रोग के लिए इसके लिए तैयार नहीं होते लेकिन आगे बढ़ता है आप पता की ओर बढ़ जाते हैं हर कदम पर हर क्षेत्र में एक निश्चित समय अवधि के बाद एक निश्चित अंतराल तक जो प्राप्त किए गए सारे अनुभव हैं वह आपको परिपक्व बनाते हैं एक घटना या एक प्रस्तुति आफ कंडक्टर पता नहीं लगता है 8 साल का जवाब 25 साल विद्यार्थी जीवन विद्यार्थी जीवन के बारे में आपके अंदर परिपक्वता आपने क्या किया नहीं किया फिर आप अपने परिवार को बात करने में यह जो सारी परिस्थितियां हैं आपको अनुभव देती हैं आपको सिखाती हैं और आप धीरे-धीरे आप परिपक्व हो जाते हैं थैंक यू

aapka kya aap jeevan me aisa kya hua hai jisne aapko prapt hone par majboor kar diya hai paripakva hona ek vyakti ya mere sathi jeevan yatra me jeevan yatra me kaun kaun se prabhav hain kaun kaun jise hum jeevan yatra me nikalte hain hum dekhte hain ki hamein is ghatna me tak jana hai uske pehle bahut saare station padate hain kuch chote station dete hain kuch bade station rehte hain kuch saaf suthara rehte hain kuch gande rehte hain ya train me yatri aate rehte hain jaate rehte hain kabhi bahut acche log ya phir milte hain kabhi yatra me jo kabhi ghamand nahi karti usme utar chadhav hum purnata pratikulta sukhi sukh dukh anand vihar aati rehti hai aur yah saari sthitiyan aapko dekh shiksha deti hain aapke andar ek pustak prapt karte karte shiksha prapt karte karte hain shuruat me jab aisa hota hai toh hum mansik rog ke liye iske liye taiyar nahi hote lekin aage badhta hai aap pata ki aur badh jaate hain har kadam par har kshetra me ek nishchit samay awadhi ke baad ek nishchit antaral tak jo prapt kiye gaye saare anubhav hain vaah aapko paripakva banate hain ek ghatna ya ek prastuti of conductor pata nahi lagta hai 8 saal ka jawab 25 saal vidyarthi jeevan vidyarthi jeevan ke bare me aapke andar paripakvata aapne kya kiya nahi kiya phir aap apne parivar ko baat karne me yah jo saari paristhiyaann hain aapko anubhav deti hain aapko sikhati hain aur aap dhire dhire aap paripakva ho jaate hain thank you

आपका क्या आप जीवन में ऐसा क्या हुआ है जिसने आपको प्राप्त होने पर मजबूर कर दिया है परिपक्व

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ANIL SINGH

Business Man | Ex-Teacher

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शादी से पहले और शादी के बाद भी मुल्क टोटल तीन लड़कियों ने मुझे धोखा दिया जिस कारण से मुझे एक ऐसी फिलिंग आएगी शायद लड़की पर विश्वास करना उचित नहीं है कि मानसिकता भी हो सकती है लेकिन उन चीजों ने मुझे परिपक्व खाने पर मजबूर कर दिया कि अब मुझे अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा इन सब चीजों में कुछ नहीं रखा

shadi se pehle aur shadi ke baad bhi mulk total teen ladkiyon ne mujhe dhokha diya jis karan se mujhe ek aisi feeling aayegi shayad ladki par vishwas karna uchit nahi hai ki mansikta bhi ho sakti hai lekin un chijon ne mujhe paripakva khane par majboor kar diya ki ab mujhe apni jimmedari ko samajhna hoga in sab chijon mein kuch nahi rakha

शादी से पहले और शादी के बाद भी मुल्क टोटल तीन लड़कियों ने मुझे धोखा दिया जिस कारण से मुझे

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ganesh pazi

Motivator

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जब जवाबदारी के साथ जिम्मेदारी भी सर पर आई तुम मजबूर होना पड़ा उसे पूरा करने के लिए बहुत सारे वो मिली बहुत सारे धोखे बहुत सारे सहयोग यह सब ऐसा कुछ हुआ उसे मुझे परिपक्व बना दिया

jab javabdari ke saath jimmedari bhi sir par I tum majboor hona pada use pura karne ke liye bahut saare vo mili bahut saare dhokhe bahut saare sahyog yah sab aisa kuch hua use mujhe paripakva bana diya

जब जवाबदारी के साथ जिम्मेदारी भी सर पर आई तुम मजबूर होना पड़ा उसे पूरा करने के लिए बहुत

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Rinku Kumar Meena

managing director (MD)life expert hindi writer tourist guides writing self employed मैं चाहता हूं हर व्यक्ति को अपने जीवन में खुश रहने का पूरा अधिकार है चाहे वह लड़का या लड़की और वह जो चाहे कर सकती अपनी लाइफ से उसका भी अधिकार होना चाहिए और मैं चाहता हूं लड़कियां भी अपना जीवन पूरी तरीके से खुश हो कर दिया चाहे वह अपने परिवार में हो या ससुराल में विश्वास करता हूं

2:38
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घटनाक्रम की बात की जाए तो काफी घटनाक्रम वैसे मैंने आपसे चार-पांच साल पहले डायरेक्ट सेलिंग वगैरह की कंपनी ज्वाइन की थी और वहां से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला और वह मेरे लाइफ में मुझे मजबूत होने पर या ना चाहूं मेरे जो आत्मविश्वास बढ़ाने में पूछा था सहयोग दिया और उनकी वजह से आज मैं क्षेत्र में इस में मैं खेलना चाहता हूं कहना चाहूं जिस फिल्म में मैं एक कंपनी खड़े करना चाहता हूं लोगों को रोजगार देने के लिए उसके लिए परिपक्व किया है मैंने देखा है कि जब भी व्यक्ति है जो कुछ हटके या कहना चाहूं लोगों से मिली वाला करने का कार्य करता तो बाकी लोग हैं जो आप का साथ छोड़ने लग जाएंगे लेकिन अगर आपका लक्ष्य जो राइट है पर आप खुश रहना चाहती हूं आपको लगता है कि आप ऐसा करके खुश रहेंगे तो आप अपने कार्य कीजिए अब कोई नहीं तोड़ सकता अगर आप 100 मिनट आपका आत्मविश्वास मजबूत है दूसरा मेरी लाइफ में काफी होती क्या हाल है जो में गुजारे काफी जगह और उनकी वजह से मुझे काफी शायद और जॉब की बात की जाए तो जैसे चंडीगढ़ हुआ लखनऊ हैदराबाद और भी काफी बिगेस्ट सिटी थोड़ा सा भाग जाते हो तो आपको जो भारी मात्रा में है या भारी लोगों से मिलकर नई सीख मिलती है कि होता क्या है लोग जब एक जगह रहते हैं तो वह केवल उसी जगह के माहौल के अंत हो सकते हैं लेकिन जैसे-जैसे आप बाहर निकलोगे तो आपकी चौक कैटेगरी हैं या माहौल क्या सोचने की क्षमता है वह भी अब सोचने की क्षमता का विरोध और यही कुछ चीजें हैं जो मुझे मजबूत बनाती है धन्यवाद

ghatanaakram ki baat ki jaaye toh kaafi ghatanaakram waise maine aapse char paanch saal pehle direct selling vagera ki company join ki thi aur wahan se mujhe bahut kuch sikhne ko mila aur vaah mere life mein mujhe majboot hone par ya na chahu mere jo aatmvishvaas badhane mein poocha tha sahyog diya aur unki wajah se aaj main kshetra mein is mein main khelna chahta hoon kehna chahu jis film mein main ek company khade karna chahta hoon logo ko rojgar dene ke liye uske liye paripakva kiya hai maine dekha hai ki jab bhi vyakti hai jo kuch hatake ya kehna chahu logo se mili vala karne ka karya karta toh baki log hai jo aap ka saath chodne lag jaenge lekin agar aapka lakshya jo right hai par aap khush rehna chahti hoon aapko lagta hai ki aap aisa karke khush rahenge toh aap apne karya kijiye ab koi nahi tod sakta agar aap 100 minute aapka aatmvishvaas majboot hai doosra meri life mein kaafi hoti kya haal hai jo mein gujare kaafi jagah aur unki wajah se mujhe kaafi shayad aur job ki baat ki jaaye toh jaise chandigarh hua lucknow hyderabad aur bhi kaafi biggest city thoda sa bhag jaate ho toh aapko jo bhari matra mein hai ya bhari logo se milkar nayi seekh milti hai ki hota kya hai log jab ek jagah rehte hai toh vaah keval usi jagah ke maahaul ke ant ho sakte hai lekin jaise jaise aap bahar nikloge toh aapki chauk category hai ya maahaul kya sochne ki kshamta hai vaah bhi ab sochne ki kshamta ka virodh aur yahi kuch cheezen hai jo mujhe majboot banati hai dhanyavad

घटनाक्रम की बात की जाए तो काफी घटनाक्रम वैसे मैंने आपसे चार-पांच साल पहले डायरेक्ट सेलिंग

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कोई घटना ऐसी नहीं होती किसी के जीवन में भी जो किसी को परिपक्व करने के लिए मजबूर करती है यह परिपक्वता तो समस्या राशि आई एक्सचेंजर जीवन यात्रा में बचपन में चौधरी ने जो अपनों की आती है मैं किस आधार पर कुछ होते हैं जो अपने टाइम से पहले बच्चे दीपक हो जाते हो जाते हैं पर आमतौर पर ये टैंक के साथ ही आती है

koi ghatna aisi nahi hoti kisi ke jeevan me bhi jo kisi ko paripakva karne ke liye majboor karti hai yah paripakvata toh samasya rashi I exchanger jeevan yatra me bachpan me choudhary ne jo apnon ki aati hai main kis aadhar par kuch hote hain jo apne time se pehle bacche deepak ho jaate ho jaate hain par aamtaur par ye tank ke saath hi aati hai

कोई घटना ऐसी नहीं होती किसी के जीवन में भी जो किसी को परिपक्व करने के लिए मजबूर करती है यह

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Prabhu

Consultant : Marketing : PR

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओ सारी चीजें हैं इसके विषय में परिपक्व हो गया लेकिन मैं कुछ चीजों को आपसे शेयर करना चाहूंगा आपको बताना चाहूंगा कि साथ में पढ़ते थे साथ में घूमते थे मूवी देखना है खेलना फिरता था मारा एक हमारे एक समूह टीम था हमारा हक गलत है लेकिन कुछ साल के बाद जाम पढ़ाई खत्म करके निकले तो मैंने देखा कि वह सारे दोस्त लोग वेल सेटल हो रहे हैं और बाइक नहीं हो पा रहा हूं तो मुझे बहुत दुख लगा कि ऐसा कैसे हो गया हम साथ में पड़े साथ में गया तू मुझे पहचाना कि बोलो वह सच में शेयर नहीं करते मैं कभी उन लोगों से कुछ छुपाया जाए बोलजॉब से संबंधित कोई जानकारी हो या फिर जेल से या फिर पर्सनल से या फिर मुझे बुरा लगा तो मैंने सोचा कि मैंने उनके पीछे उनमें और मुझे फर्क यह था कि मैं अपना सारा समय में काम छोड़कर उनको समय देता था अगर वह कहीं जाते थे बुलाते थे तो मैं चला जाता अपने काम होने के बावजूद भी उसको मैं थोड़ा सा लेट करने के बाद चलाया था उनके पास लाया था उनके साथ रहता था लेकिन थोड़ा बैलेंस करना करके रखना पड़ेगा तो मैंने देखा और यह चीज ने मुझे ने उत्तर दिया कि अगर मैं वह जॉब जॉब मिलने के बाद भी मुझे बुलाते थे और जब भी कुछ प्रोग्राम होता तो मुझे बुला रहे थे लेकिन उन्होंने कभी पर्सनल यह नहीं बोला कि यह लोग यह लोग मुझे कहां तक लेकर जा रहे हैं इससे लाभदायक मेरे दोस्त कभी भी उनसे कुछ पा लेने की कोई इच्छा नहीं थी कि मैं दूंगा दूंगा तो फिर दोस्ती दोस्ती दोस्ती थी लेकिन उसके बाद मैंने बंद करना शुरू कर दिया इशारे करके मुझे बहुत तकलीफ हुई थी और मुझे बहुत ही गुस्सा भी लगा अपने आप पर कि मैंने बहुत समय निकालकर उनके मैंने अपनी से अलग से टाइम में समय नहीं निकाला इसके बाद फिर मैंने उन्हें इसलिए मुझे धीरे पर को काट के मैच के बारे में सोचते क्या सोचता है कि मैं किस तरह से अपने पर्सनल लाइफ के बारे में काफी सोचा इसके बाद दीदी ने मुझे किसी के प्रति मैच्योरिटी में बहुत ज्यादा मुझे मदद की और मैंने सोचा मुझे किस चीज की जरूरत जरूरत है उसके बाद फिर मैंने काम और मैसेज को ले करके उसके सुने लगा कि मुझे कहां पर काम करना किसके साथ काम करना है और मुझे कहां जाना है कि किस समय में लोगों के साथ इन किचन करना है सारे दोनों को मैंने बैलेंस कर देना मुझे हिलाकर रख देगी दोस्त लोग आपको तभी मदद करेंगे जब उनको फायदा होता है कि मुझे सिखा देंगे सिखा दिया और मुझे पता नहीं कि मुझे अपने समय अपने काम को बेहतर तरीके से यूज कर रहा है अपने दोस्तों के पीछे नहीं देना है तो क्यों आगे बढ़कर में भी कुछ हो गया और मुझे काफी परेशानी में था और मैं उनसे को टाइम देना बंद कर दिया और अपना सारा टाइम अपनी क्षमता अपनी काबिलियत और अपने-अपने लगा दिया लोग दोस्तों में आते हैं पूछते हैं लेकिन मैंने उनको नहीं छोड़ा है लेकिन क्रीम के साथ हाय हेलो करता हूं जाता हूं बात करता हूं पार्टी भी जाता हूं लेकिन मैं उनको समय नहीं देता अगर मेरा समय अगर ऑफिस टाइम मेरा जो है मेरा अपना उसको निकाल कर के रूप में ड्यूटी में रहता तो मुझे छुट्टी मांगते मिला आ जाओ हम लोग चलेंगे कुछ पार्टी वार्टी करते तो मैं उन्हें मना करता कि मैं बोलता हूं अभी थोड़ी पार्टी तो करते-करते किस चीज सिखा दिया परिपक्वता की कहां पर मुझे ऐसे अपने काम और संबंध को मुंह संकलन करना है

O saari cheezen hain iske vishay me paripakva ho gaya lekin main kuch chijon ko aapse share karna chahunga aapko batana chahunga ki saath me padhte the saath me ghumte the movie dekhna hai khelna phirta tha mara ek hamare ek samuh team tha hamara haq galat hai lekin kuch saal ke baad jam padhai khatam karke nikle toh maine dekha ki vaah saare dost log well settle ho rahe hain aur bike nahi ho paa raha hoon toh mujhe bahut dukh laga ki aisa kaise ho gaya hum saath me pade saath me gaya tu mujhe pehchana ki bolo vaah sach me share nahi karte main kabhi un logo se kuch chupaya jaaye boljab se sambandhit koi jaankari ho ya phir jail se ya phir personal se ya phir mujhe bura laga toh maine socha ki maine unke peeche unmen aur mujhe fark yah tha ki main apna saara samay me kaam chhodkar unko samay deta tha agar vaah kahin jaate the bulate the toh main chala jata apne kaam hone ke bawajud bhi usko main thoda sa late karne ke baad chalaya tha unke paas laya tha unke saath rehta tha lekin thoda balance karna karke rakhna padega toh maine dekha aur yah cheez ne mujhe ne uttar diya ki agar main vaah job job milne ke baad bhi mujhe bulate the aur jab bhi kuch program hota toh mujhe bula rahe the lekin unhone kabhi personal yah nahi bola ki yah log yah log mujhe kaha tak lekar ja rahe hain isse labhdayak mere dost kabhi bhi unse kuch paa lene ki koi iccha nahi thi ki main dunga dunga toh phir dosti dosti dosti thi lekin uske baad maine band karna shuru kar diya ishare karke mujhe bahut takleef hui thi aur mujhe bahut hi gussa bhi laga apne aap par ki maine bahut samay nikalakar unke maine apni se alag se time me samay nahi nikaala iske baad phir maine unhe isliye mujhe dhire par ko kaat ke match ke bare me sochte kya sochta hai ki main kis tarah se apne personal life ke bare me kaafi socha iske baad didi ne mujhe kisi ke prati maturity me bahut zyada mujhe madad ki aur maine socha mujhe kis cheez ki zarurat zarurat hai uske baad phir maine kaam aur massage ko le karke uske sune laga ki mujhe kaha par kaam karna kiske saath kaam karna hai aur mujhe kaha jana hai ki kis samay me logo ke saath in kitchen karna hai saare dono ko maine balance kar dena mujhe hilakar rakh degi dost log aapko tabhi madad karenge jab unko fayda hota hai ki mujhe sikha denge sikha diya aur mujhe pata nahi ki mujhe apne samay apne kaam ko behtar tarike se use kar raha hai apne doston ke peeche nahi dena hai toh kyon aage badhkar me bhi kuch ho gaya aur mujhe kaafi pareshani me tha aur main unse ko time dena band kar diya aur apna saara time apni kshamta apni kabiliyat aur apne apne laga diya log doston me aate hain poochhte hain lekin maine unko nahi choda hai lekin cream ke saath hi hello karta hoon jata hoon baat karta hoon party bhi jata hoon lekin main unko samay nahi deta agar mera samay agar office time mera jo hai mera apna usko nikaal kar ke roop me duty me rehta toh mujhe chhutti mangate mila aa jao hum log chalenge kuch party varti karte toh main unhe mana karta ki main bolta hoon abhi thodi party toh karte karte kis cheez sikha diya paripakvata ki kaha par mujhe aise apne kaam aur sambandh ko mooh sankalan karna hai

ओ सारी चीजें हैं इसके विषय में परिपक्व हो गया लेकिन मैं कुछ चीजों को आपसे शेयर करना चाहूंग

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Abdullah Qureshi

Assistant Professor

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अभी कोई 10 साल पहले की कहानी है कोई कॉलेज में तब तक तो मौज मस्ती करने को मिला महिलाओं की तरह से अत्याचार किया जाता है दलितों के साथ अत्याचार बुजुर्गों के साथ क्या क्या समस्या है और बहुत कुछ ले ज्ञान भी हासिल करें और वहां से थोड़ा बहुत कोशिश की है

abhi koi 10 saal pehle ki kahani hai koi college me tab tak toh mauj masti karne ko mila mahilaon ki tarah se atyachar kiya jata hai dalito ke saath atyachar bujurgon ke saath kya kya samasya hai aur bahut kuch le gyaan bhi hasil kare aur wahan se thoda bahut koshish ki hai

अभी कोई 10 साल पहले की कहानी है कोई कॉलेज में तब तक तो मौज मस्ती करने को मिला महिलाओं की त

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सपना शर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता

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