ऐसी कौन सी बातें हैं जो लोगों को अपने जीवन में अक्सर देर से समझ आती हैं?...


user

Peyush Bhatia

Lifecoach | Relationship Coach

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो चीज हमें देर से समझ आती है वह विनम्र रहना इंसान अपने जीवन में अहंकार घमंड करता है अपनी काफी कामयाबी काबिलियत धन दौलत के बारे में सीटी मारता है विनम्र व्यक्ति के रिश्ते अच्छे होते हैं उसे समझ होती है कि खुशी इन्फोटेक वस्तुओं से नहीं दूसरों को खुशी देने में है परिवार से उनमें अच्छे संबंध बनाने से मन की शांति मिलती है विनम्रता से उन पर उन पर यह जुनून नहीं होता कि लोग उनकी तरफ खुद का उन लोगों का ध्यान उन पर केंद्रित हो और ऐसे शांत व्यक्ति का जो तन मन की तंदुरुस्ती है वह अपने आप मिलती है और यह बात लोगों को बहुत देर से समझ में आती है

jo cheez hamein der se samajh aati hai vaah vinamra rehna insaan apne jeevan mein ahankar ghamand karta hai apni kaafi kamyabi kabiliyat dhan daulat ke bare mein city maarta hai vinamra vyakti ke rishte acche hote hain use samajh hoti hai ki khushi infotek vastuon se nahi dusro ko khushi dene mein hai parivar se unmen acche sambandh banane se man ki shanti milti hai vinamrata se un par un par yah junun nahi hota ki log unki taraf khud ka un logo ka dhyan un par kendrit ho aur aise shaant vyakti ka jo tan man ki tandurusti hai vaah apne aap milti hai aur yah baat logo ko bahut der se samajh mein aati hai

जो चीज हमें देर से समझ आती है वह विनम्र रहना इंसान अपने जीवन में अहंकार घमंड करता है अपनी

Romanized Version
Likes  17  Dislikes    views  521
WhatsApp_icon
8 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से यह बात हमें अपने जीवन में सबसे देर से समझ आती है कि आज हमारे जीवन में जो कुछ भी है जैसा भी है उसके लिए पूरी तरह से और 100% जिम्मेदार हम खुद हैं हमने ही कुछ ना कुछ ऐसे एक्शन लिए कुछ ऐसे स्टेप्स थे हमारे जिसकी वजह से ऐसा कुछ हुआ जो आज है हमारे पास तो अगर हम खुश हैं तो उसके जिम्मेदार भी हम खुद हैं और अगर हम दुखी हैं तो उसके जिम्मेदार भी हमने हमने जरूर कुछ ऐसा किया होगा जिसकी वजह से आज हमारी यह स्थिति है

mere hisab se yah baat hamein apne jeevan mein sabse der se samajh aati hai ki aaj hamare jeevan mein jo kuch bhi hai jaisa bhi hai uske liye puri tarah se aur 100 zimmedar hum khud hain humne hi kuch na kuch aise action liye kuch aise steps the hamare jiski wajah se aisa kuch hua jo aaj hai hamare paas toh agar hum khush hain toh uske zimmedar bhi hum khud hain aur agar hum dukhi hain toh uske zimmedar bhi humne humne zaroor kuch aisa kiya hoga jiski wajah se aaj hamari yah sthiti hai

मेरे हिसाब से यह बात हमें अपने जीवन में सबसे देर से समझ आती है कि आज हमारे जीवन में जो कुछ

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  322
WhatsApp_icon
user

Delete

Delete

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से इंसान को लाइफ में जो बात सबसे देर से समझ में आती है वह खुद की वैल्यू इसमें कोई अहंकार नहीं है लेकिन हमें जानना जरूरी है कि हम किस लायक हैं आप सोचिए यदि आप किसी जॉब में है आपको एक एक समूह की तनख्वाह मिल रही है आप लगे रहते हैं बैठे रहते हो जो भी बैठे रहते हैं बैठे थे जब तक कि आप यह नहीं देखते कि शायद आपके आस पड़ोस वाले आपके दोस्तों काफी आगे बढ़ गए आपसे आप फिर हाथ-पैर मारते हैं शायद कहीं और इंटरव्यू देते हैं फटाफट आपका सिलेक्शन होने को होता है 40 50 60 70 पर सेंट आफ इंक्रीमेंट मिल जाता हाइक मिल जाता है और तब आपकी वही कंपनी जहां पर आप है आपको बोलती है ठीक है हम आपको वह पैकेट मैच करके देंगे अस्सी परसेंट देंगे अब हमारे साथ रुक जाओ यह आप ही को नहीं शायद बहुत से और रास्ते सराउंडिंग में ऐसी चीजें हैं जिनको यह बात सबसे देर से समझ में आती है कि एक इंडिविजुअल की ट्रेन क्या है क्या है और उसकी वैल्यू क्या है तो मेरे हिसाब से कभी भी अपने कॉन्फिडेंस लूज करने की जरूरत नहीं है किसी को किसी से क्वेश्चन में सिर्फ अपनी वैल्यू पर जाने और उस को धन्यवाद

mere hisab se insaan ko life mein jo baat sabse der se samajh mein aati hai vaah khud ki value isme koi ahankar nahi hai lekin hamein janana zaroori hai ki hum kis layak hain aap sochiye yadi aap kisi job mein hai aapko ek ek samuh ki tankhvaah mil rahi hai aap lage rehte hain baithe rehte ho jo bhi baithe rehte hain baithe the jab tak ki aap yah nahi dekhte ki shayad aapke aas pados waale aapke doston kaafi aage badh gaye aapse aap phir hath pair marte hain shayad kahin aur interview dete hain phataphat aapka selection hone ko hota hai 40 50 60 70 par sent of increment mil jata hike mil jata hai aur tab aapki wahi company jaha par aap hai aapko bolti hai theek hai hum aapko vaah packet match karke denge assi percent denge ab hamare saath ruk jao yah aap hi ko nahi shayad bahut se aur raste surrounding mein aisi cheezen hain jinako yah baat sabse der se samajh mein aati hai ki ek individual ki train kya hai kya hai aur uski value kya hai toh mere hisab se kabhi bhi apne confidence loose karne ki zarurat nahi hai kisi ko kisi se question mein sirf apni value par jaane aur us ko dhanyavad

मेरे हिसाब से इंसान को लाइफ में जो बात सबसे देर से समझ में आती है वह खुद की वैल्यू इसमें क

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  364
WhatsApp_icon
user

Kaartik Gupta

Clinical Psychologist

0:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फाइटिंग सबसे बड़ी कोई है क्या चीज इंपोर्टेंट है क्या चीज को टाइम देना जरूरी है कि यह समझने में लोग बहुत टाइम लगा देते परमानेंट डिलीट पत्नी को जाकर के लिए थोड़ा सा नाटक देख रहे हैं तहसील के साथ-साथ अपने ऊपर भी काम करना चाहते हैं

fighting sabse badi koi hai kya cheez important hai kya cheez ko time dena zaroori hai ki yah samjhne mein log bahut time laga dete permanent delete patni ko jaakar ke liye thoda sa natak dekh rahe hain tehsil ke saath saath apne upar bhi kaam karna chahte hain

फाइटिंग सबसे बड़ी कोई है क्या चीज इंपोर्टेंट है क्या चीज को टाइम देना जरूरी है कि यह समझने

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  515
WhatsApp_icon
user

Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनको अच्छाइयों से परहेज होती है जब आप अच्छी बात बताएंगे तो सुना नहीं चाहिए हमें समझना नहीं चाहिए कुछ अच्छी चीज अच्छी समाचार के भी ना अपना अच्छा नहीं लगता लेकिन सदाचार का गाना चाहिए समय बर्बाद नहीं करना चाहिए समय का सदुपयोग करना चाहिए इंसान परेशान करके ही अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं इसलिए घबराएं नहीं आगे बढ़ने का नक्शा मुझे बहुत सी बातें हैं जब जवानी कोई चीज समर्पण के नाम है उसका जाती है सदाचार के बाद उसका जाती है तूने यह बातें संदेश सुनें और एक विद्यार्थी को मात्र समझाया जाता है जो बच्चे कमजोर होते हैं उन्हें अच्छी तरह से समझ में नहीं आती है रितेश बच्चे होते हैं तुम्हें कोई भी सवाल पूछे आसानी से

bahut se log aise hote hain jinako acchhaiyon se parhej hoti hai jab aap achi baat batayenge toh suna nahi chahiye hamein samajhna nahi chahiye kuch achi cheez achi samachar ke bhi na apna accha nahi lagta lekin sadachar ka gaana chahiye samay barbad nahi karna chahiye samay ka sadupyog karna chahiye insaan pareshan karke hi apni manjil tak pohch sakte hain isliye ghabraen nahi aage badhne ka naksha mujhe bahut si batein hain jab jawaani koi cheez samarpan ke naam hai uska jaati hai sadachar ke baad uska jaati hai tune yah batein sandesh sunen aur ek vidyarthi ko matra samjhaya jata hai jo bacche kamjor hote hain unhe achi tarah se samajh mein nahi aati hai ritesh bacche hote hain tumhe koi bhi sawaal pooche aasani se

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनको अच्छाइयों से परहेज होती है जब आप अच्छी बात बताएंगे तो सुना

Romanized Version
Likes  135  Dislikes    views  1066
WhatsApp_icon
user

N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

1:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन में सबसे देर से समझ में आती है सत्य फरिश्तों के बीच का संवाद दोस्ती के रिश्ते का बीच हो चाहे वह माता-पिता के रिलेशन से हो चाहे वह परिवार में किसी दूसरे व्यक्ति के रिलेशन सोचा है वह समाज में आता है अपनी क्लेश अपने सीनियर इसकी बात उसे बहुत बाद में समझ में आते क्योंकि पाने वाली सा बनाता है समाज में जैसे ही निकलता है जैसे ही कोई बच्चा जन्म लेता है तो जन्म लेते ही उसे बताया जाता है कि वह तुम्हारे पापा हैं वह तुम्हारे चाचा हैं वह तुम्हारी मम्मी है इसको तो उसने बनाया नहीं इन रिश्तो को जन्म के साथ-साथ उसके ऊपर एक तरह से हम कहते हैं चेतना सामान्य शब्द में ऊपर जाता है समझ में नहीं होता तब समझ में आता है भावनाओं का कितना संबंध है एक दूसरे से वही चाहिए जो बचपन में हमारे चाचा या हमारे दूसरे रिश्तेदार पेंट कर रहे हो कि प्यार कर रहे होते जब हम बड़ा हो जाते हैं तो वह प्यार नहीं मिलता है क्योंकि उसमें बच्चों के बीच दूरियां कम होने लगती है उसने कैलकुलेशन किया होता है कि हमारे ताऊ जी हैं हमारे दादाजी हैं यह हमारे फूफाजी है रिश्तेदार हैं आगे कैलकुलेटर फिर बिगड़ जाता फिर उसे सोचना पड़ता है किस में केमिस्ट्री कितनी है इसमें क्या परसेंटेज है किसका प्यार का परसेंटेज कितना है कितना है यह समझते समझते समझते समझते जब तक उसके जीवन का अंत नहीं होता तब तक उसकी समझदारी इसमें खत्म नहीं होती है उसे बहुत कुछ समझना बाकी राजा

jeevan mein sabse der se samajh mein aati hai satya farishton ke beech ka samvaad dosti ke rishte ka beech ho chahen vaah mata pita ke relation se ho chahen vaah parivar mein kisi dusre vyakti ke relation socha hai vaah samaj mein aata hai apni kalesh apne senior iski baat use bahut baad mein samajh mein aate kyonki paane wali sa banata hai samaj mein jaise hi nikalta hai jaise hi koi baccha janam leta hai toh janam lete hi use bataya jata hai ki vaah tumhare papa hain vaah tumhare chacha hain vaah tumhari mummy hai isko toh usne banaya nahi in rishto ko janam ke saath saath uske upar ek tarah se hum kehte hain chetna samanya shabd mein upar jata hai samajh mein nahi hota tab samajh mein aata hai bhavnao ka kitna sambandh hai ek dusre se wahi chahiye jo bachpan mein hamare chacha ya hamare dusre rishtedar paint kar rahe ho ki pyar kar rahe hote jab hum bada ho jaate hain toh vaah pyar nahi milta hai kyonki usme baccho ke beech duriyan kam hone lagti hai usne calculation kiya hota hai ki hamare taau ji hain hamare dadaji hain yah hamare fufaji hai rishtedar hain aage calculator phir bigad jata phir use sochna padta hai kis mein chemistry kitni hai isme kya percentage hai kiska pyar ka percentage kitna hai kitna hai yah samajhte samajhte samajhte samajhte jab tak uske jeevan ka ant nahi hota tab tak uski samajhdari isme khatam nahi hoti hai use bahut kuch samajhna baki raja

जीवन में सबसे देर से समझ में आती है सत्य फरिश्तों के बीच का संवाद दोस्ती के रिश्ते का बीच

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  2
WhatsApp_icon
play
user

Neha

Journalist , Writer

0:59

Likes    Dislikes    views  105
WhatsApp_icon
play
user

Dilsh Sheikh

Journalist

1:03

Likes  14  Dislikes    views  221
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
ऐसी कौन सी बात ;

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!