क्या आप पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं?...


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धारण कर सकता है यह ने बताया कि हनुमान मर गया तो दो आदमी आए बड़ी बड़ी मूछ वाले वाहन को ले गए ले जाने के बाद जो है वह पर वह आंखों देखा तो दिखा तू गलत आदमी को तो वहां छोड़ देते हैं तो आदमी को जान लेते हैं कुछ लोग किसी आदमी को गोली मार दी जाती है और वह गलत आदमी को शरीर उसका अंतिम संस्कार कर दिया कि उनकी आत्मा जो है दूसरी आत्मा में प्रवेश कर जाते वह पुनर्जन्म हो जाता है

dharan kar sakta hai yah ne bataya ki hanuman mar gaya toh do aadmi aaye badi badi mooch waale vaahan ko le gaye le jaane ke baad jo hai vaah par vaah aakhon dekha toh dikha tu galat aadmi ko toh wahan chhod dete hain toh aadmi ko jaan lete hain kuch log kisi aadmi ko goli maar di jaati hai aur vaah galat aadmi ko sharir uska antim sanskar kar diya ki unki aatma jo hai dusri aatma me pravesh kar jaate vaah punarjanm ho jata hai

धारण कर सकता है यह ने बताया कि हनुमान मर गया तो दो आदमी आए बड़ी बड़ी मूछ वाले वाहन को ले ग

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ऐसे और सवाल
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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न क्या पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं तो देखे हुए हिंदू समाज से आता हूं मैं हिंदू और हिंदू धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता को माना जाता है क्या ऐसा कहा जाता है जो व्यक्ति इस जन्म में अपने कर्मों को पूरा किए बिना मर जाते हैं वह दोबारा प्ले जन्म लेते हैं हालांकि अगर आप मुझसे कोई एग्जांपल मांगे कोई प्रूफ मांगे तो वह मेरे पास नहीं है और सायंस भी इस चीज को नहीं मानता है कि हर व्यक्ति का पुनर्जन्म होता है लेकिन अगर मैं हिंदू धर्म और शास्त्रों को मानो तो उसके कॉलिंग पुनर्जन्म का कौन सा को मैं मानता हूं मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

namaskar aapka prashna kya punarjanm par vishwas karte hain toh dekhe hue hindu samaj se aata hoon main hindu aur hindu dharm me punarjanm ki manyata ko mana jata hai kya aisa kaha jata hai jo vyakti is janam me apne karmon ko pura kiye bina mar jaate hain vaah dobara play janam lete hain halaki agar aap mujhse koi example mange koi proof mange toh vaah mere paas nahi hai aur sayans bhi is cheez ko nahi maanta hai ki har vyakti ka punarjanm hota hai lekin agar main hindu dharm aur shastron ko maano toh uske Calling punarjanm ka kaun sa ko main maanta hoon main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न क्या पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं तो देखे हुए हिंदू समाज से आता हूं म

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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देखो पुनर्जन्म होता है या नहीं होता यह किसी ने जानता तो है नहीं किताबों में लिखा है अब लोग कहते हैं कि पुनर्जन्म होता है कहां होता है किधर होता है किसके पास होता है

dekho punarjanm hota hai ya nahi hota yah kisi ne jaanta toh hai nahi kitabon me likha hai ab log kehte hain ki punarjanm hota hai kaha hota hai kidhar hota hai kiske paas hota hai

देखो पुनर्जन्म होता है या नहीं होता यह किसी ने जानता तो है नहीं किताबों में लिखा है अब लोग

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Trainer Yogi Yogendra

Motivational Speaker || Career Coach || Business Coach || Marketing & Management Expert's

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हेलो फ्रेंड्स मैं योगेंद्र शर्मा मोटिवेशनल स्पीकर के लिए कॉरपोरेट ट्रेनर आजम रितिक रोशन के बारे में बात करने वाले हमारे देश में विश्वास करते हैं एक लड़का आया था विश्वविद्यालय इसलिए जो है इसलिए पुनर्जन्म का जो है अस्तित्व है

hello friends main yogendra sharma Motivational speaker ke liye corporate trainer azam hrithik roshan ke bare me baat karne waale hamare desh me vishwas karte hain ek ladka aaya tha vishwavidyalaya isliye jo hai isliye punarjanm ka jo hai astitva hai

हेलो फ्रेंड्स मैं योगेंद्र शर्मा मोटिवेशनल स्पीकर के लिए कॉरपोरेट ट्रेनर आजम रितिक रोशन के

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

3:00
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सबसे पहले तो आप को मेरा नमस्कार धन्यवाद देना चाहूंगा कितना सुंदर सवाल का जवाब देने के लिए मुझे अवसर देने के लिए आपका सवाल है क्या आप पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं देखें अगर मैं कहूं हां इसमें भी कई जल में असहमति हो सकता है अगर मैं कहूं ना इसमें भी असहमति होगी इसमें कंट्रोवर्सी है कोई जवाब नहीं देना चाहूंगा जिसमें मेरा साथ अगर मेरा साथ कुछ ऐसा होता तो मैं आपको स्वस्थ सलाद कह सकता लेकिन जहां तक मेरा सोच है जब चलो किताब में पढ़ते हैं सही में देखते हैं कैसे घटनाएं जो कहा जाता है यह सच्चाई है लेकिन मेरे मन में यह दुविधा है सवाल है मेरा भी मन में यह मैं अपनी तरफ से कह रहा हूं मैं पुनर्जन्म पर विश्वास नहीं करता यह मेरा जो मेरा सोच मैं आपका साथ साझा किया शेयर किया जो पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं लेकिन मुझे ऐसा कोई इंसान मिला है जिनसे मैं विश्वास करता हूं जो पुनर्जन्म में अपना खाता हो ऐसे इंसान से अभी तक मैं नहीं मिला इसलिए जब मिलूंगा तब मैं कहूंगा कि हां करता हूं ना मैं पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करता हूं आप सभी लोग हैं चिंता मुक्त यह फर्क है बीमार है तनावग्रस्त है दूसरे पर डिपेंडेंट है सहानुभूति लेकर जी रहे हैं तो वे नर्क है मेरा पुनर्जन्म और इस जन्म अभी ही है धन्यवाद

sabse pehle toh aap ko mera namaskar dhanyavad dena chahunga kitna sundar sawaal ka jawab dene ke liye mujhe avsar dene ke liye aapka sawaal hai kya aap punarjanm me vishwas karte hain dekhen agar main kahun haan isme bhi kai jal me asahmati ho sakta hai agar main kahun na isme bhi asahmati hogi isme controversy hai koi jawab nahi dena chahunga jisme mera saath agar mera saath kuch aisa hota toh main aapko swasth salad keh sakta lekin jaha tak mera soch hai jab chalo kitab me padhte hain sahi me dekhte hain kaise ghatnaye jo kaha jata hai yah sacchai hai lekin mere man me yah duvidha hai sawaal hai mera bhi man me yah main apni taraf se keh raha hoon main punarjanm par vishwas nahi karta yah mera jo mera soch main aapka saath sajha kiya share kiya jo punarjanm me vishwas karte hain lekin mujhe aisa koi insaan mila hai jinse main vishwas karta hoon jo punarjanm me apna khaata ho aise insaan se abhi tak main nahi mila isliye jab milunga tab main kahunga ki haan karta hoon na main punarjanm me vishwas nahi karta hoon aap sabhi log hain chinta mukt yah fark hai bimar hai tanaavgrast hai dusre par dependent hai sahanubhuti lekar ji rahe hain toh ve nark hai mera punarjanm aur is janam abhi hi hai dhanyavad

सबसे पहले तो आप को मेरा नमस्कार धन्यवाद देना चाहूंगा कितना सुंदर सवाल का जवाब देने के लि

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

0:27
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क्या पुनर्जन्म विश्वास रखते हैं वही ऐसी घटना तुम्हारे सामने रखी है हमने फिल्मों में देखा है कुछ कहानियां भी पढ़ी हुई उसकी रियल बीएफ

kya punarjanm vishwas rakhte hain wahi aisi ghatna tumhare saamne rakhi hai humne filmo me dekha hai kuch kahaniya bhi padhi hui uski real bf

क्या पुनर्जन्म विश्वास रखते हैं वही ऐसी घटना तुम्हारे सामने रखी है हमने फिल्मों में देखा ह

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Isu Vasava

PASTOR in CHURCH.

0:34
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बाइबल के हिसाब से पूर्ण जन्म है यानी पुनरुत्थान जिसे बोलते हैं वह प्रभु श्री कृष्ण के आगमन के बाद जब यह आकाश पृथ्वी चल जाएगा यानी खत्म हो जाएगा और नई आकाश पृथ्वी बनेगी तब क्रिश्चियन लोग जो पवित्र जीवन जीते हैं वह जो पाप में जीते हैं उनकी बात नहीं है उनका पूरा जन्म नहीं होगा लेकिन जो पवित्र जीवन जीते हैं एकदम उनका पुनर्जन्म होगा नया का समय पृथ्वी में

bible ke hisab se purn janam hai yani punrutthan jise bolte hain vaah prabhu shri krishna ke aagaman ke baad jab yah akash prithvi chal jaega yani khatam ho jaega aur nayi akash prithvi banegi tab Christian log jo pavitra jeevan jeete hain vaah jo paap me jeete hain unki baat nahi hai unka pura janam nahi hoga lekin jo pavitra jeevan jeete hain ekdam unka punarjanm hoga naya ka samay prithvi me

बाइबल के हिसाब से पूर्ण जन्म है यानी पुनरुत्थान जिसे बोलते हैं वह प्रभु श्री कृष्ण के आगमन

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Vinita Mishra

Meditation

10:00
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प्रश्न है क्या आप पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं बिल्कुल पुनर्जन्म होता है क्योंकि शरीर जो है उसकी मृत्यु होती है शरीर एक पाठ करके एक जन्म का पाठ करके खत्म हो जाता है शरीर बिना सी चीज है और यहां के पास तो तू की दुनिया में निर्मित होता है शरीर यहीं रह जाता है पर आत्मा जो शरीर को चला रही होती है वह अविनाशी होती है और यह मनुष्य का ओरिजिनल स्वरूप आत्मा होती है वास्तव में हम सब मनुष्य जो इस दुनिया में दिख रहे हैं वह आत्मा है शरीर हमने अपने कर्म को करने के लिए लिया है और हमारे भगवान परमपिता परमात्मा अल्लाह खुदा जो भी एक हैं वह भी निराकार है पॉइंट ऑफ लाइफ में शरीर नहीं है बॉडी नहीं निराकार में जिन पर कोई आकार नहीं है पॉइंट ऑफ लाइट्स आकार नहीं हो तो एकदम कुछ नहीं है वैसा नहीं है पॉइंट टू फ्लाइट है एक बहुत छोटी प्रकाश की बिंदु हैं जिनके अंदर शांति प्रेमानंद ज्ञान शक्ति पवित्रता सुख का सागर है उनके खुद के अंदर इतना सारी चीजें इतनी सारी चीजों का सागर है और हम सभी आत्माएं जो पूरी दुनिया में है 8:00 बजा रहे हो क्या किसी जाति धर्म के हैं वह सारे उनकी संतान हैं उनके बच्चे हैं और दिखने में बिल्कुल उनके जैसे यानी एक छोटी सी प्रकाश की ज्योति एक छोटी सी पॉइंट ऑफ लाइट इतनी छोटी-छोटी चीजें आंख से देख ना पाए इतनी छोटी मतलब बहुत ज्यादा सुखी चीज जो होती है इन आंखों से नहीं देख पाती है इन आंखों से हम वैसे ही चीजों को देख सकते हैं जितनी चीजें हमें इन आंखों के कैपेसिटी होगी नहीं देख पाएगी स्कूल की जाती है सुख से नहीं देख पाती है तो आत्म प्रकाश की छोटी सी बिंदु आत्मा जो है वह अविनाशी है इसलिए आत्मा एक जन्म का पाठ पूरा करके फिर नया जन्म लेकर नया पाठ पूरा करती है आत्मा का यह काम ही आत्मा यहां शरीर धारण कर रोल करने आती है और रोल पूरा हो जाता है इस रोल क्या था तो उसके अगले रोज मिलते हैं जैसे दुख सुख उसने उसने किया होगा जैसे विचार उसके उसके आधार पर उसे अगला जन्म ले अगले परिवार के सदस्य यह सारी चीजें यह समय कलयुग के अंतिम घड़ी है कलयुग का अंतिम समय है और अंतिम समय में सभी आत्मा विश्व की जितनी आत्माएं हैं अपने छोटे मोटे बड़े सारे हिसाब-किताब चुकता करने में लगे हिसाब किताब में आत्मा का दूसरी आत्मा के साथ कई तरह के चार किताब बनते हैं किसी घर में एक रहते हैं कितने भाई बहन रहते हैं लोगों के साथ प्रेम का किताब भी बन जाता है कुछ लड़ाई कभी हिसाब किताब बन जाता तो यह सारे कर्मों का हिसाब किताब किसे कहा जाता है और यह जन्म जन्मांतर तक चलते हैं क्योंकि शरीर तो विनाश हो जाता है शरीर मरने के बाद ही रह जाता है और आत्मा को संस्कार अपने अंदर ले कर चली जाती है और आत्मा को पिछले जन्मों के सीन सीनरी आदमी का घटनाक्रम हुआ था यह याद नहीं रहेगा क्या हम थे वह याद नहीं रहेगा लेकिन किसने दुख दिया है किसने सुख दिया है हर आत्मा को अपने अंदर पता है किसको दुख रिटर्न करना करना है किसको प्यार देना है किसको नहीं पता वह संस्कार के रूप में खाली रहते नहीं वह शरीर सुस्त चोले को पहन शरीर से उस व्यक्ति को पहचान पाएगा पर आप ना तो आत्मा वह चीजें चली जाती है और जैसे ही सारा कुछ सेट होगा प्रकृति का वह सारा बहुत सारे नियम इसके साथ होगा बाद में छुपा ले कोई किसी की हत्या कर देता है जिसको उसे हिसाब चुकता करना ही है क्योंकि अपना के संस्कार जन्म जन्मांतर तक चलते हैं इसलिए आत्मक पुनर जन्म लेती है इसलिए इस तरह के संस्कार होते इस चीज को समझने की बात समझना बहुत जरूरी है क्या जो बोलते हैं या जनता यह मानना है कि अपना पुनर्जन्म नहीं लेती आत्मा तो अविनाशी आत्मा ने शरीर के द्वारा पुनर्जन्म लेकर लेकिन कोई मनुष्य की पुनर्जन्म नहीं लेता यह नहीं मानना है तो ऐसा करो तो सभी का जब जन्म होता है एक जैसा नहीं होना चाहिए जैसे रिकॉर्ड है उस आधार पर हमने बहुत गुस्सा वाला भी रखे थे संस्कार रखे थे हमारे अंदर भी संस्कार रहेगा इसलिए छोटे बच्चे भी कभी सभी बच्चे एक जैसे नहीं होते कुछ बहुत खुशमिजाज होते हैं कुछ बहुत चिड़चिड़ी होते हैं कुछ बहुत गुस्सैल भी हो जाते हैं लेकिन नेटवर्क खली यह नहीं करता कि पिछले जन्म तो उसके क्या संस्कार से अगर नए जन्मे उसे अच्छे संस्कार मिलेंगे तो फिर वह उसे ठीक कर सकता है फिर वह नया पार्ट उसे ठीक कर सकता है लेकिन अगर वैसे अगर फिर मिल गया वैसे उसके फिर वह पड़ जाएगा बहुत पड़ जाएगा तो प्रेजेंट चलती है और उसमें भगवान का कोई रोल नहीं है उसमें इंसान का इंसान के साथ है और जैसे अपना कर्म केवल चुका नहीं पड़ेगा खास करके हर एक कोई एक दूसरे से अपने उन हिसाब किताब के अचूक तू करने में लगा है क्योंकि अभी अंतिम समय है और सबको अपना हिसाब किताब क्लियर करके उस परमपिता परमात्मा के पास जाना है सबको अपना राज क्लियर चाहिए ताकि वहां पर भगवान के उस दुनिया में जहां आत्माएं रहती हैं बिल्कुल प्योर प्योर सौल ही जा सकती हैं क्योंकि तू स्कूल के ऊपर ही लेट चैप्टर जाता है कर्मों का बुक लिए रहेगी तो भी उस शिव के धाम में जा सकती है परंतु मैं भी नहीं रहेगी मतलब किसी तरह खत्म कर दूं के अंदर नहीं रहना चाहिए इसलिए इस समय में हम देखते हैं कि बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और एक तरीका है जिससे हम कर रहे हैं हम लोग करते हैं ब्रम्हाकुमारी में हम लोग जो करते हैं योग विधि से परमात्मा के साथ निरंतर योग में रहकर हम इस दुनिया में रहकर भी इस दुनिया से डरते हैं यहां के लोगों से मिलना जुलना पर उनके हाथ से करते हैं मुंह से करते हैं बात करते हैं लेकिन अंदर से मन बुद्धि को सिर्फ परमात्मा के साथ जोड़कर रहते रखते हैं जिससे आत्मा में जन्मों के जो महल है खाट चढ़े हुए हैं कर्म के संस्कार चलेंगे वह भूल जाते हैं कि पीछे परमात्मा परमात्मा परमात्मा याद रहेंगे धूप बहुत हद तक फार्म के चक्कर में योग के द्वारा अपना कर्म भोग खत्म करना कहा जाता है योग के द्वारा कर्म भोग खत्म करना और जो योग के द्वारा नहीं करेंगे यानी परमात्मा के साथ तेज बुद्धि नहीं है सिर्फ अभी की दुनिया को ही सब कुछ मांग कर बैठे हैं तो फिर कर्म बुक के द्वारा उनका उनकी आत्मा पावन होगी क्योंकि पावन आत्मा को बनना है पवित्र आत्मा को बनना है शरीर को गंगा स्नान करके इतना पूजा पाठ करके इतना तीर्थ यात्रा करके इतना हज करके सोचते हैं पावना शरीर भगवान के पास नहीं जाता है हम हमेशा रोज देखते हैं हम लोगों की मृत्यु होती है शरीर में फलाना व्यक्ति ऊपर चला गया ऊपर जाने वाला कौन था वह आत्मा की शरीर अगर आप वह व्यक्ति था तो शरीर तो यहीं पड़ा है सिर्फ आत्मा निकल जाती है तो आंखें नाक मुंह कान कुछ काम नहीं करते हैं साधना अविनाशी होती और अपने साथ में शरीर के द्वारा जो भी कर्म की उसके संस्कार लेकर जाती है और जन्म जन्मांतर तक लेकर चलती है इसलिए पुनर्जन्म बिल्कुल सत्य है अधिक से अधिक जन 84 होते हैं अगर कोई आत्मा सृष्टि की शुरुआत में आती है तो अब तक रहेगी एक बार जब भगवान के धाम से नीचे आ जाती है आत्मा तो उसका जन्म जन्म पार्ट होते रहता है इससे सबसे पहले आई हुई आत्मा सबसे लास्ट तक भी रहना ही है उसको सबसे ज्यादा पार्ट से मिलेगा और धीरे-धीरे अन्य आत्मा थी उनका पार्टी का मैया का कोई 84 लेंगे कोई 8382 लेंगे कोई काशी लेंगे इस तरह से मोथे मनुष्य वह भी थे लेकिन उनका संपूर्ण व्यक्तित्व संपूर्ण दयनीय स्वरूप हो गया था मनुष्य में परफेक्ट मनुष्य हंड्रेड परसेंट परफेक्ट इसलिए उनकी पूजा आज मूर्तियों के रूप में हम लोग देवी-देवताओं के रूप में करते हैं वास्तव में आत्मा रूप में अपने आप को भूलकर से बॉडी कॉन्शसनेस के चलते बहुत विकारी हो गए हो कलयुग के अंत तक आते-आते आत्मा पूरी तरह विकार में ग्रसित हो गई और सिर्फ अपने आप को शरीर मान बैठे जबकि वह परमात्मा का बच्चा शरीर नहीं आत्मा

prashna hai kya aap punarjanm me vishwas karte hain bilkul punarjanm hota hai kyonki sharir jo hai uski mrityu hoti hai sharir ek path karke ek janam ka path karke khatam ho jata hai sharir bina si cheez hai aur yahan ke paas toh tu ki duniya me nirmit hota hai sharir yahin reh jata hai par aatma jo sharir ko chala rahi hoti hai vaah avinashi hoti hai aur yah manushya ka original swaroop aatma hoti hai vaastav me hum sab manushya jo is duniya me dikh rahe hain vaah aatma hai sharir humne apne karm ko karne ke liye liya hai aur hamare bhagwan parampita paramatma allah khuda jo bhi ek hain vaah bhi nirakaar hai point of life me sharir nahi hai body nahi nirakaar me jin par koi aakaar nahi hai point of lights aakaar nahi ho toh ekdam kuch nahi hai waisa nahi hai point to flight hai ek bahut choti prakash ki bindu hain jinke andar shanti premanand gyaan shakti pavitrata sukh ka sagar hai unke khud ke andar itna saari cheezen itni saari chijon ka sagar hai aur hum sabhi aatmaen jo puri 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milenge toh phir vaah use theek kar sakta hai phir vaah naya part use theek kar sakta hai lekin agar waise agar phir mil gaya waise uske phir vaah pad jaega bahut pad jaega toh present chalti hai aur usme bhagwan ka koi roll nahi hai usme insaan ka insaan ke saath hai aur jaise apna karm keval chuka nahi padega khas karke har ek koi ek dusre se apne un hisab kitab ke achuk tu karne me laga hai kyonki abhi antim samay hai aur sabko apna hisab kitab clear karke us parampita paramatma ke paas jana hai sabko apna raj clear chahiye taki wahan par bhagwan ke us duniya me jaha aatmaen rehti hain bilkul pure pure saul hi ja sakti hain kyonki tu school ke upar hi late chapter jata hai karmon ka book liye rahegi toh bhi us shiv ke dhaam me ja sakti hai parantu main bhi nahi rahegi matlab kisi tarah khatam kar doon ke andar nahi rehna chahiye isliye is samay me hum dekhte hain ki bahut zyada badh jaati hai aur ek tarika hai jisse hum kar rahe hain hum log karte hain bramhakumari me hum log jo karte hain yog vidhi se paramatma ke saath nirantar yog me rahkar hum is duniya me rahkar bhi is duniya se darte hain yahan ke logo se milna julana par unke hath se karte hain mooh se karte hain baat karte hain lekin andar se man buddhi ko sirf paramatma ke saath jodkar rehte rakhte hain jisse aatma me janmon ke jo mahal hai khat chade hue hain karm ke sanskar chalenge vaah bhool jaate hain ki peeche paramatma paramatma paramatma yaad rahenge dhoop bahut had tak form ke chakkar me yog ke dwara apna karm bhog khatam karna kaha jata hai yog ke dwara karm bhog khatam karna aur jo yog ke dwara nahi karenge yani paramatma ke saath tez buddhi nahi hai sirf abhi ki duniya ko hi sab kuch maang kar baithe hain toh phir karm book ke dwara unka unki aatma paavan hogi kyonki paavan aatma ko banna hai pavitra aatma ko banna hai sharir ko ganga snan karke itna puja path karke itna tirth yatra karke itna haj karke sochte hain pawna sharir bhagwan ke paas nahi jata hai hum hamesha roj dekhte hain hum logo ki mrityu hoti hai sharir me falana vyakti upar chala gaya upar jaane vala kaun tha vaah aatma ki sharir agar aap vaah vyakti tha toh sharir toh yahin pada hai sirf aatma nikal jaati hai toh aankhen nak mooh kaan kuch kaam nahi karte hain sadhna avinashi hoti aur apne saath me sharir ke dwara jo bhi karm ki uske sanskar lekar jaati hai aur janam janmantar tak lekar chalti hai isliye punarjanm bilkul satya hai adhik se adhik jan 84 hote hain agar koi aatma shrishti ki shuruat me aati hai toh ab tak rahegi ek baar jab bhagwan ke dhaam se niche aa jaati hai aatma toh uska janam janam part hote rehta hai isse sabse pehle I hui aatma sabse last tak bhi rehna hi hai usko sabse zyada part se milega aur dhire dhire anya aatma thi unka party ka maiya ka koi 84 lenge koi 8382 lenge koi kashi lenge is tarah se mothe manushya vaah bhi the lekin unka sampurna vyaktitva sampurna dayaniye swaroop ho gaya tha manushya me perfect manushya hundred percent perfect isliye unki puja aaj murtiyon ke roop me hum log devi devatao ke roop me karte hain vaastav me aatma roop me apne aap ko bhulkar se body consciousness ke chalte bahut vikari ho gaye ho kalyug ke ant tak aate aate aatma puri tarah vikar me grasit ho gayi aur sirf apne aap ko sharir maan baithe jabki vaah paramatma ka baccha sharir nahi aatma

प्रश्न है क्या आप पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं बिल्कुल पुनर्जन्म होता है क्योंकि शरीर जो

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Pawan Dwivedi

Career Counsellor

0:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल नहीं हम पुनर्जन्म में बिल्कुल विश्वास नहीं करते हैं और यह करना भी नहीं चाहिए आदमी को अपने कर्म के हिसाब से उसके जवाब उसकी जन्म मृत्यु समय आधारित होते हैं लेकिन पुनर्जन्म कभी किसी का नहीं होता है फिल्मों में आप देखते हैं वह सही नहीं होता मैं इसको बिल्कुल भी नहीं मानता

ji bilkul nahi hum punarjanm me bilkul vishwas nahi karte hain aur yah karna bhi nahi chahiye aadmi ko apne karm ke hisab se uske jawab uski janam mrityu samay aadharit hote hain lekin punarjanm kabhi kisi ka nahi hota hai filmo me aap dekhte hain vaah sahi nahi hota main isko bilkul bhi nahi maanta

जी बिल्कुल नहीं हम पुनर्जन्म में बिल्कुल विश्वास नहीं करते हैं और यह करना भी नहीं चाहिए आद

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गोपाल पांडेय

Journalist, Counselor, motivational speaker

1:08
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नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल राज का पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं तो निश्चित तौर पर मेरे सामने बहुत से ऐसे कैसे मुझे देखने को मिले हैं और सुनने को मिले हैं और साथ ही भारत ही नहीं बाहर के भी बहुत से विदेश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपने आपको बताते हैं कि इससे पहले मेरा जन्म कहां हुआ था और इधर में हुआ था अभी हाल फिलाल में ही टीम का जो राजा हैं उनके घर एक पुत्र पैदा हुए वह यूपी के अपने किसी गांव में अपने आपको वहां के किसान कहते थे और वहां के हर घर में जाकर और हर चीज को वोट में पहचान लिया था तो निकले ना होती है उनके नाम से होने की घटनाएं काल्पनिक नहीं मानी जा सकती दशानन कहा जा सकता है कि पुनर्जन्म होता है चलना चाहिए धन्यवाद दोस्तों

namaskar doston main gopal raj ka punarjanm par vishwas karte hain toh nishchit taur par mere saamne bahut se aise kaise mujhe dekhne ko mile hain aur sunne ko mile hain aur saath hi bharat hi nahi bahar ke bhi bahut se videsh me bahut se aise log hain jo apne aapko batatey hain ki isse pehle mera janam kaha hua tha aur idhar me hua tha abhi haal filal me hi team ka jo raja hain unke ghar ek putra paida hue vaah up ke apne kisi gaon me apne aapko wahan ke kisan kehte the aur wahan ke har ghar me jaakar aur har cheez ko vote me pehchaan liya tha toh nikle na hoti hai unke naam se hone ki ghatnaye kalpnik nahi maani ja sakti dashanan kaha ja sakta hai ki punarjanm hota hai chalna chahiye dhanyavad doston

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल राज का पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं तो निश्चित तौर पर मेरे सामन

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नमस्कार आपका पसंद है क्या आप पूर्ण जन्म पर विश्वास करते हैं जी हां हम पुन जन्म पर विश्वास करते हैं और अब तो इसके बहुत प्रमाण मिले हैं हमारे देश में तो पहले ही लोग इस तरह के प्रमाण दे चुके थे परंतु अब विदेशों में भी स्पष्ट चढ़ी हो रही है और वहां पर भी यह परिणाम सबूत मिले हैं जिसकी वजह से लोगों का मूल धर्म की तरफ विश्वास बढ़ रहा है आज की डेट में बाहर के देशों में व्यक्ति को सुनाने के बाद में उसको पिछले जन्मों में ले जाया जाता है और वहां देखा जाता है कि उसे ऐसा क्या किया था जिसकी वजह से उसे इस जन्म में यह सब मिल रहा है और व्यक्ति में स्वयं देख कर बताता है इसलिए यह बिल्कुल सच है

namaskar aapka pasand hai kya aap purn janam par vishwas karte hain ji haan hum pun janam par vishwas karte hain aur ab toh iske bahut pramaan mile hain hamare desh me toh pehle hi log is tarah ke pramaan de chuke the parantu ab videshon me bhi spasht chadhi ho rahi hai aur wahan par bhi yah parinam sabut mile hain jiski wajah se logo ka mul dharm ki taraf vishwas badh raha hai aaj ki date me bahar ke deshon me vyakti ko sunaane ke baad me usko pichle janmon me le jaya jata hai aur wahan dekha jata hai ki use aisa kya kiya tha jiski wajah se use is janam me yah sab mil raha hai aur vyakti me swayam dekh kar batata hai isliye yah bilkul sach hai

नमस्कार आपका पसंद है क्या आप पूर्ण जन्म पर विश्वास करते हैं जी हां हम पुन जन्म पर विश्वास

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Rakesh Samdadiya

Business Owner

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नमस्कार आपका सवाल है कि क्या आप पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं जी हां मैं पुनर्जन्म में विश्वास करता हूं पुनर्जन्म की कुछ घटनाएं मैंने खुद अनुभव की है देखी है इसलिए मैं मानता हूं कि पुनर्जन्म एक सत्य हकीकत है और यह होता है धन्यवाद

namaskar aapka sawaal hai ki kya aap punarjanm par vishwas karte hain ji haan main punarjanm me vishwas karta hoon punarjanm ki kuch ghatnaye maine khud anubhav ki hai dekhi hai isliye main maanta hoon ki punarjanm ek satya haqiqat hai aur yah hota hai dhanyavad

नमस्कार आपका सवाल है कि क्या आप पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं जी हां मैं पुनर्जन्म में विश

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Jyotsna

Homemaker

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ठीक है मैं हिंदू धर्म में में पुनर्जीवन को माना गया है बोलते हैं कि आत्मा कभी नहीं मरती वह और नए-नए रूप ने नया शरीर धारण करती रहती है तो उसका पुनर्जन्म होता है जिस प्रकार पुराने कपड़े पुराने हो जाने के बाद हम लोग उसको उतार के नया कपड़ा पहन लेते हैं उसी प्रकार आत्मा भी पुराना शरीर छोड़कर नया शरीर धारण करती है तो नया धारण करने के लिए उसको फिर से वही जन्म गर्भावस्था इन सभी चीजों से गुजरना पड़ता है तब जाकर जो है नया शरीर मिलता है तो पुनर्जन्म को हमारे हिंदू धर्म में मान्यता है तो हां पुनर्जन्म होता है

theek hai main hindu dharm me me punarjeewan ko mana gaya hai bolte hain ki aatma kabhi nahi marti vaah aur naye naye roop ne naya sharir dharan karti rehti hai toh uska punarjanm hota hai jis prakar purane kapde purane ho jaane ke baad hum log usko utar ke naya kapda pahan lete hain usi prakar aatma bhi purana sharir chhodkar naya sharir dharan karti hai toh naya dharan karne ke liye usko phir se wahi janam garbhavastha in sabhi chijon se gujarana padta hai tab jaakar jo hai naya sharir milta hai toh punarjanm ko hamare hindu dharm me manyata hai toh haan punarjanm hota hai

ठीक है मैं हिंदू धर्म में में पुनर्जीवन को माना गया है बोलते हैं कि आत्मा कभी नहीं मरती वह

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Neeraj

Professor

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हमें पुनर्जन्म पर विश्वास करता हूं यह निश्चित है कि जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु होगी लेकिन जिसकी मृत्यु है उसका जन्म भी होगा हम कहते हैं पुनर्जन्म बार बार आना उसका जन्म हुआ है इसका मतलब उसकी मृत्यु हुई थी और पुनर्जन्म ऐसे देख सकते हैं कि हम सभी लोग इंसान पशु पक्षियों पर आते हैं लेकिन सभी के सभी लोग पर मुकेश अंबानी के घर क्यों नहीं पैदा होते बुद्धिमान होते हैं और कभी मोरक होते ऐसा क्यों होता है हमारे पहले हुए हमारे कर्म है कर्मों से ही मिक्सचर मिलता है कि समान रूप से पैदा होने में जन्म होने में जो हमारी अप्रासंगिक प्रासंगिकता दिखती है समान रूप से हम सभी एक जैसे घरों में पैदा नहीं होते अलग लोगों में पैदा होते हैं

hamein punarjanm par vishwas karta hoon yah nishchit hai ki jiska janam hua hai uski mrityu hogi lekin jiski mrityu hai uska janam bhi hoga hum kehte hain punarjanm baar baar aana uska janam hua hai iska matlab uski mrityu hui thi aur punarjanm aise dekh sakte hain ki hum sabhi log insaan pashu pakshiyo par aate hain lekin sabhi ke sabhi log par mukesh ambani ke ghar kyon nahi paida hote buddhiman hote hain aur kabhi morak hote aisa kyon hota hai hamare pehle hue hamare karm hai karmon se hi mixture milta hai ki saman roop se paida hone me janam hone me jo hamari aprasangik parasangikta dikhti hai saman roop se hum sabhi ek jaise gharon me paida nahi hote alag logo me paida hote hain

हमें पुनर्जन्म पर विश्वास करता हूं यह निश्चित है कि जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु होगी लेक

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नर्सरी के बगल से स्वागत है क्या आपका विश्वास रखते हैं नहीं तो सामने जाते हैं

nursery ke bagal se swaagat hai kya aapka vishwas rakhte hain nahi toh saamne jaate hain

नर्सरी के बगल से स्वागत है क्या आपका विश्वास रखते हैं नहीं तो सामने जाते हैं

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