मानव जीवन का उद्देश्य क्या है?...


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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है मानव जीवन का उद्देश्य क्या है जन्मजात परिस्थितियां और संस्कार के अनुरूप मनुष्य का जीवन का उद्देश्य उद्दीपन होता है जिसके जेहन के अंदर उससे चेतना उत्पन्न हो रही है और सांभर के लिए चेष्टा कर रहा है वही दिशाएं उसका उद्देश्य बनाती है जबकि मनुष्य की जीवात्मा का सहज भाव बहिर्मुखी होता है और अपने दिमाग के तौर पर दुनियादारी को चलाना चाहता है जब तक हम किसी परिस्थिति के अनुरूप में पेड़ प्रतिज्ञा होकर उद्देश्य की पूर्ति कीजिए अपनी स्थापना नहीं करते हैं और जीवन का कोई उद्देश्य बनता नहीं है अनीता हालात के दुर्घटना के यह किसी भी ऐसी चीज आती है जिसके अंदर बहुत गहराई से मनुष्य के अंदर तेरी भावना जागृत होती है और उसकी जो प्रतिभा संस्कार है अगर उसको इंक्लूड करता है तो जाकर उसका देश का दिशा बनता है और इस पर कोई पार्टी कूलर एक उद्देश्य नहीं हो सकता इस संसार में विभिन्न बताए हैं और उसमें कहीं ना कहीं सामान उसकी खोजबीन का देश जुड़ता है जो लोग सार्थक हो गए हैं कुछ चीजों को इजाद किए हुए हैं रही सही उनके जीवन का उद्देश्य और सार्थक हुआ है अन्यथा तो सृष्टि क्रम में बहुलता से प्रपंच के माया में और जो प्रकृति की धाराएं बहरी उसी में ही आवश्यक है जीवन यापन कर रहा है सुरक्षा पूर्ण निर्धारित करने के लिए कई युक्ति और अनुशासन सिद्धांत की आवश्यकता पड़ती है उसी प्रकार यही है कि अगर इंसान दृढ़ प्रतिज्ञ हो जाए और उस पर निछावर हो जाए और प्रयोजन को समझ ले कि दूसरा कोई कारण बनता ही नहीं है तो वह देश उसके लिए प्राप्ति हो जाता है और जीवन के हर पल को उसकी संयुक्त ही में व्यतीत करता है जब तक वह सार्थकता पूर्वक अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेता तो संस्कार की विधि से अपने आप को अपनी प्रतिभा को टटोल करके उसमें प्रयुक्ति में चेष्टा करना वह चाहे किसी भी ढंग से साथ ना हो जो भी संघर्ष होता है उसके लिए प्रवृत्ति करना चाहिए परीक्षा ही मनुष्य की मुरलीधर कारण बनता है तो वह इच्छा को दृढ़ता के साथ रोड रखा है तो वह उस क्रम में निपुणता आ रही है तो वह सार्थक और उद्देश्य की पूर्ति कर लेता है और रही बात तो इसमें राशि सात्विक और तामसिक धाराओं में कहीं ना कहीं अपने को भी नियुक्त रख पाता है जो उसके अंदर की प्रवृतियां और प्रकृति है तो उसके लिए हादसे उद्देश पूरी कर पूरी करता है और मोहित है देखा जाए सिस्टर की अवधारणा में तो जन्म हुआ है और बंधन है और मुक्ति की दशा के प्रति प्रेरित होना और निर्भय पद में प्राप्त करना सचिंद्र होता और परिपूर्णता के पद पर आसीन हो जाना यही मोदी सो जाता है चाहे वह किसी भी प्रकार के ढंग का हो धन्यवाद मैजीपी योगी हो कल एप्स की ओर से आपको शुभकामनाएं देता हूं

prashna hai manav jeevan ka uddeshya kya hai janmajat paristhiyaann aur sanskar ke anurup manushya ka jeevan ka uddeshya uddipan hota hai jiske jehan ke andar usse chetna utpann ho rahi hai aur saambhar ke liye cheshta kar raha hai wahi dishaen uska uddeshya banati hai jabki manushya ki jivaatma ka sehaz bhav bahurmukhi hota hai aur apne dimag ke taur par duniyaadaari ko chalana chahta hai jab tak hum kisi paristhiti ke anurup me ped pratigya hokar uddeshya ki purti kijiye apni sthapna nahi karte hain aur jeevan ka koi uddeshya banta nahi hai anita haalaat ke durghatna ke yah kisi bhi aisi cheez aati hai jiske andar bahut gehrai se manushya ke andar teri bhavna jagrit hoti hai aur uski jo pratibha sanskar hai agar usko include karta hai toh jaakar uska desh ka disha banta hai aur is par koi party cooler ek uddeshya nahi ho sakta is sansar me vibhinn bataye hain aur usme kahin na kahin saamaan uski khojbin ka desh judta hai jo log sarthak ho gaye hain kuch chijon ko ijad kiye hue hain rahi sahi unke jeevan ka uddeshya aur sarthak hua hai anyatha toh shrishti kram me bahulata se PRAPANCH ke maya me aur jo prakriti ki dharayen bahri usi me hi aavashyak hai jeevan yaapan kar raha hai suraksha purn nirdharit karne ke liye kai yukti aur anushasan siddhant ki avashyakta padti hai usi prakar yahi hai ki agar insaan dridh pratigya ho jaaye aur us par nichavar ho jaaye aur prayojan ko samajh le ki doosra koi karan banta hi nahi hai toh vaah desh uske liye prapti ho jata hai aur jeevan ke har pal ko uski sanyukt hi me vyatit karta hai jab tak vaah sarthakta purvak apne lakshya ko prapt nahi kar leta toh sanskar ki vidhi se apne aap ko apni pratibha ko tatol karke usme prayukti me cheshta karna vaah chahen kisi bhi dhang se saath na ho jo bhi sangharsh hota hai uske liye pravritti karna chahiye pariksha hi manushya ki muralidhar karan banta hai toh vaah iccha ko dridhta ke saath road rakha hai toh vaah us kram me nipunata aa rahi hai toh vaah sarthak aur uddeshya ki purti kar leta hai aur rahi baat toh isme rashi Satvik aur tamasik dharaon me kahin na kahin apne ko bhi niyukt rakh pata hai jo uske andar ki pravritiyan aur prakriti hai toh uske liye haadse uddesh puri kar puri karta hai aur mohit hai dekha jaaye sister ki avdharna me toh janam hua hai aur bandhan hai aur mukti ki dasha ke prati prerit hona aur nirbhay pad me prapt karna sachindra hota aur paripurnata ke pad par aaseen ho jana yahi modi so jata hai chahen vaah kisi bhi prakar ke dhang ka ho dhanyavad maijipi yogi ho kal apps ki aur se aapko subhkamnaayain deta hoon

प्रश्न है मानव जीवन का उद्देश्य क्या है जन्मजात परिस्थितियां और संस्कार के अनुरूप मनुष्य

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज का प्रश्न है मानव जीवन का उद्देश्य क्या है और मैं अपनी बात को यहीं से शुरू कर रहा हूं कि मानव जीवन हमें दिया है भगवान ने इसलिए क्योंकि जो पूछे शास्त्र बता रहे हैं कि 8400000 योनियों को भुगतने के बाद में विमानों के लिए मिलता है अष्टमी है जीव जंतु जानवर आदेश हुई है भगवान का भजन के पीछे दोनों का एक साथ मुसलमानों के लोग आपके में ही गिर जा रहे हैं इसलिए तो समझे और राष्ट्र के प्रति अगर भगवान में

aaj ka prashna hai manav jeevan ka uddeshya kya hai aur main apni baat ko yahin se shuru kar raha hoon ki manav jeevan hamein diya hai bhagwan ne isliye kyonki jo pooche shastra bata rahe hain ki 8400000 yoniyon ko bhugatane ke baad me vimaano ke liye milta hai ashtami hai jeev jantu janwar aadesh hui hai bhagwan ka bhajan ke peeche dono ka ek saath musalmanon ke log aapke me hi gir ja rahe hain isliye toh samjhe aur rashtra ke prati agar bhagwan me

आज का प्रश्न है मानव जीवन का उद्देश्य क्या है और मैं अपनी बात को यहीं से शुरू कर रहा हूं क

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Ankur Nautiyal

Career & Relationship Counsellor, Motivator

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य है देखिए किताब के अपने लाइफ के गोश्त होते सबके अपने उद्देश्य होते हैं कि हमें अपनी लाइफ में क्या करना किसी को अपनी लाइफ में सिर्फ छोटी-छोटी चीज होता कि होती मैं तड़पता कि मैं पढ़ना है उसके बाद नौकरी करनी है और फिर घर संभालना है किसी की उम्मीद मुझसे कि उद्देश्य ही होता है कि हमने आपसे पहले सफल इंसान बनना है उसके अलावा उसकी बात है सारी चीजें तो सबकी अपनी लाइफ को सोते हैं सबके मानव के उद्देश्य होते हैं और एक सफल इंसान वही होता है कि जो अपनी स्टेप टू स्टेप फॉलो करें और हर चीज के पहलुओं को ध्यान से समझें और उसके बाद वह अपने एक जो लेवल है हर चीज में हो सकता होता हुआ नजर आता है इसलिए अपने पहले मानव के उद्देश्यों को हमें अपने जो भी आप के उद्देश्य लिखिए उस उद्देश्य को ध्यान रखें कि हम अपने जीवन में क्या करना है क्या हमारे लिए तैया क्या हम कितने उद्देश्य को ऑन कर पाते हम कर पाएंगे तो छोटी-छोटी दृष्टि से आप आगे बढ़े हैं तो यकीनन आप के सारे उद्देश्य पूरे होंगे धन्यवाद

manav jeevan ka uddeshya kya hai manav jeevan ka uddeshya hai dekhiye kitab ke apne life ke gosht hote sabke apne uddeshya hote hain ki hamein apni life me kya karna kisi ko apni life me sirf choti choti cheez hota ki hoti main tadpata ki main padhna hai uske baad naukri karni hai aur phir ghar sambhaalna hai kisi ki ummid mujhse ki uddeshya hi hota hai ki humne aapse pehle safal insaan banna hai uske alava uski baat hai saari cheezen toh sabki apni life ko sote hain sabke manav ke uddeshya hote hain aur ek safal insaan wahi hota hai ki jo apni step to step follow kare aur har cheez ke pahaluwon ko dhyan se samajhe aur uske baad vaah apne ek jo level hai har cheez me ho sakta hota hua nazar aata hai isliye apne pehle manav ke udyeshyon ko hamein apne jo bhi aap ke uddeshya likhiye us uddeshya ko dhyan rakhen ki hum apne jeevan me kya karna hai kya hamare liye taiya kya hum kitne uddeshya ko on kar paate hum kar payenge toh choti choti drishti se aap aage badhe hain toh yakinan aap ke saare uddeshya poore honge dhanyavad

मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य है देखिए किताब के अपने लाइफ के गोश्त ह

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Peyush Bhatia

Lifecoach | Relationship Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मानव जीवन का लक्ष्य है स्वयं को जानना इस धरती पर हम सीखने के लिए आए हैं हर परिस्थिति हमें कुछ ना कुछ सिखाती है हमें हर हाल में खुश रहना सीखना है हमें पेशेंस का पाठ सीखना है दूसरों के लिए प्रेम का पाठ सीखना है ऐसे कई पाठ में जो हमें जीवन की परिस्थितियों और लोगों से सीखने हैं इनसे हमारा स्वयं का विस्तार होता है हमें मानव जीवन सीधा सीधा सीधा सीधा लक्ष्य अपने आप को जानने का है स्वयं का विस्तार है दूसरों के लिए जीना है निस्वार्थ भाव से उनके लिए जीना है एक और चीज है जो मानव जीवन में बहुत जरूरी है जिसके लिए हम पैदा हुए हैं और वह है कि विभिन्न लोगों के साथ हमारा कर्मों का लेना देना है उसे चुकाना भी इस मानव जीवन का बहुत बड़ा उद्देश्य है

manav jeevan ka lakshya hai swayam ko janana is dharti par hum seekhne ke liye aaye hain har paristhiti hamein kuch na kuch sikhati hai hamein har haal mein khush rehna sikhna hai hamein patience ka path sikhna hai dusron ke liye prem ka path sikhna hai aise kai path mein jo hamein jeevan ki paristhitiyon aur logon se seekhne hain inse hamara swayam ka vistaar hota hai hamein manav jeevan seedha seedha seedha seedha lakshya apne aap ko jaanne ka hai swayam ka vistaar hai dusron ke liye jeena hai niswarth bhav se unke liye jeena hai ek aur cheez hai jo manav jeevan mein bahut zaroori hai jiske liye hum paida hue hain aur vaah hai ki vibhinn logon ke saath hamara karmon ka lena dena hai use chukaana bhi is manav jeevan ka bahut bada uddeshya hai

मानव जीवन का लक्ष्य है स्वयं को जानना इस धरती पर हम सीखने के लिए आए हैं हर परिस्थिति हमें

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सवाल बहुत ही गहरा है और मैं इसके बारे में तो नहीं हूं कि मैं इस सवाल के जवाब को देने में सक्षम हूं या नहीं पर मैं कोशिश करती हूं मेरे हिसाब से अभी तक मेरे जीवन का जितना एक्सपीरियंस रहा है जीवन का उद्देश्य है खुश रहना जो भी परिस्थितियां हमारे चारों तरफ है उसके बीच हम कैसे अपने स्टेटस मैन को मेंटेन करके खुश रह सकते हैं और दूसरा हम अपने आसपास के इन्वायरमेंट को किस तरीके से चेंज करके औरों के लिए इस धरती को एक अभी से ज्यादा अच्छी रहने की जगह बना सकते हैं तुम मुझे लगता है यह दो चीजें सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट है जिसको मैं यह कहता हूं कि हां जीने का उद्देश्य यही है

yah sawaal bahut hi gehra hai aur main iske bare mein toh nahi hoon ki main is sawaal ke jawab ko dene mein saksham hoon ya nahi par main koshish karti hoon mere hisab se abhi tak mere jeevan ka jitna experience raha hai jeevan ka uddeshya hai khush rehna jo bhi paristhiyaann hamare charo taraf hai uske beech hum kaise apne status man ko maintain karke khush reh sakte hain aur doosra hum apne aaspass ke environment ko kis tarike se change karke auron ke liye is dharti ko ek abhi se zyada achi rehne ki jagah bana sakte hain tum mujhe lagta hai yah do cheezen sabse zyada important hai jisko main yah kahata hoon ki haan jeene ka uddeshya yahi hai

यह सवाल बहुत ही गहरा है और मैं इसके बारे में तो नहीं हूं कि मैं इस सवाल के जवाब को देने मे

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Aman Singh

Lifecoach| Mindset trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह एक क्वेश्चन है जिसका मैं एक लास्ट आंसर नहीं देखना मुझे पता है ना उस मालिक से बात करो जैसा कि हम सब जानते कि हर एक इंसान इस दुनिया में एक और पर से आया हे भगवान हमें एक लिंक भेजा है तो उस दिन को जानने की आपको बहुत सारी चीजें करनी पड़ेगी तब तक ऐसा कर आपके सामने खाने की चीजें रखी है जब तक आप उनको ठीक नहीं करेंगे आपको समझेगा नहीं किया आपको पसंद है या नहीं पसंद है तो आप अपने जीवन में दिखनी चाहिए जो आपको करनी है तो आप की हॉबी भेजो आपकी इंटरेस्ट्स अरे अब तो कर रहे होगे तब आपको पता चलेगा कि हां यह मेरी मैं कर सकता हूं या यह मुझे पसंद है और आपको भी तो पता चले कि मैं भी पसंद नहीं करना है इन चीजों को ट्राई करेंगे अलग-अलग चीजों को ट्राई करेंगे तब आप समझो कि आपके जीवन में कौन सी ऐसी चीज है जो आपकी लाइफ में सर्च में अटैक कर रही है और सर आपको अपने जीवन का एक कॉल परस मिलेगा यही फार्मूले से मैंने अपना पुल पर अपनी लंका मोटर्स जाना है

yah ek question hai jiska main ek last answer nahi dekhna mujhe pata hai na us malik se baat karo jaisa ki hum sab jante ki har ek insaan is duniya mein ek aur par se aaya hai bhagwan hamein ek link bheja hai toh us din ko jaanne ki aapko bahut saree cheezen karni padegi tab tak aisa kar aapke saamne khane ki cheezen rakhi hai jab tak aap unko theek nahi karenge aapko samjhega nahi kiya aapko pasand hai ya nahi pasand hai toh aap apne jeevan mein dikhni chahiye jo aapko karni hai toh aap ki hobby bhejo aapki interests arre ab toh kar rahe hoge tab aapko pata chalega ki haan yah meri main kar sakta hoon ya yah mujhe pasand hai aur aapko bhi toh pata chale ki main bhi pasand nahi karna hai in chijon ko try karenge alag alag chijon ko try karenge tab aap samjho ki aapke jeevan mein kaun si aisi cheez hai jo aapki life mein search mein attack kar rahi hai aur sir aapko apne jeevan ka ek call paras milega yahi formulae se maine apna pool par apni lanka motors jana hai

यह एक क्वेश्चन है जिसका मैं एक लास्ट आंसर नहीं देखना मुझे पता है ना उस मालिक से बात करो जै

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Lalit Tomar

Police Service

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मानव जीवन का उद्देश्य जहां तक मिल समझ में आता है वह इस संसार को और बेहतर बनाना और यह संसार किसी एक काम से बेहतर नहीं बन सकता है यह बेहतर बहुत तरीके हैं उनसे बनेगा किसी एक तरीके से नहीं बन सकता है बड़ों की सेवा करना बीच में आता है और प्राणियों जितने भी प्राणी है वह पशु पक्षी हो चाहे वह पेड़ पौधों में तूने भी प्राणी मानता हूं उन सबका रखो और केयर करना दूसरा आपका जो पर्यावरण है उसे ढंग से आपके पारिस्थितिकी तंत्र जो है उसे बनाए तेरे बिना के रखना चरित्र का विकास करना और अच्छे कामों के लिए प्रेरित करना बहुत सारी चीजें कोई एक उसके बारे में आप नहीं बता सकती है बस रिकॉर्डिंग होगा मिलकर तो आपको आंसर मिल गया होगा जय हिंद

manav jeevan ka uddeshya jahan tak mil samajh mein aata hai vaah is sansar ko aur behtar banana aur yah sansar kisi ek kaam se behtar nahi ban sakta hai yah behtar bahut tarike hain unse banega kisi ek tarike se nahi ban sakta hai badon ki seva karna beech mein aata hai aur praaniyon jitne bhi prani hai vaah pashu pakshi ho chahen vaah ped paudho mein tune bhi prani manata hoon un sabka rakho aur care karna doosra aapka jo paryaavaran hai use dhang se aapke paristhitikee tantra jo hai use banaye tere bina ke rakhna charitra ka vikas karna aur acche kamon ke liye prerit karna bahut saree cheezen koi ek uske bare mein aap nahi bata sakti hai bus recording hoga milkar toh aapko answer mil gaya hoga jai hind

मानव जीवन का उद्देश्य जहां तक मिल समझ में आता है वह इस संसार को और बेहतर बनाना और यह संसार

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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जहां तक आपका क्वेश्चन है मानव जीवन का उद्देश्य क्या है तो देखिए मानव जीवन का उद्देश्य तो सर्वोपरि उद्देश्य है जिस उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति 77% कोशिश करते रहता है व्यक्ति अधिक व्यक्ति में यह चीज पाया जाता है कि रात का समय अगर ना बना जाए तो व्यक्ति को हर कार्य करने के लिए जहां तक मेरा मानना है कि कोशिश करते रहेगा और लगे रहेगा उसके बाद भी कमी लोग हैं किसी ने अपने जीवन में सफलता मिलती है दूसरी बात कि ईश्वर ने जब मनुष्य को बनाया तो बहुत सोच समझकर बनाया एक व्यक्ति का अलग-अलग रूप रेखा अलग अलग दिमाग अलग अलग कर काठी अलग-अलग सोच अलग-अलग विचार यह सब भिन्नता के बाद भी प्रतीक माना देखने में एक है एक मानव को आप देख रहे हैं आंखों से खुली आंखों से तो एक जैसा देखेगा लेकिन सबकी सोच अलग-अलग है और ध्यान से देखा जाए तो सब में कुछ ना कुछ से भिन्नता जरूर है लेकिन उससे भिन्नता को होमवर्क नहीं पाते हैं फोटो देखकर जिससे भी तरीके से जैसे भी मनुष्य अपने उद्देश्य के बारे में सोचता है कोई कोई मनुष्य होती है अपने बारे में बहुत ज्यादा सोचता है प्रति कोई व्यक्ति होता है कि अपने घर के बारे में सोचता है कोई व्यक्ति होता है कि वह पूरे समाज के बारे में सोचता है कोई व्यक्ति होता है कि वह पूरे अपने राज्य के बारे में सोचता है कोई व्यक्ति होता है कि ऊपर देश के बारे में सोचता है कोई कोई व्यक्ति होता है क्यों पूरे विश्व के बारे में पूरे संसार के बारे में सोचता है अब रह गई बात अगर उसको देखा जाए तो हम लोगों से भी ना उसका रूपरेखा नहीं है सोच अलग-अलग है तो सोच जो है जैसी व्यक्ति की सोच होती है वैसे ही उद्देश्य व्यक्ति का होता है अगर आप विस्तृत सोचते हैं तो आपका सोच भी अब का उद्देश्य भी विस्तृत होगा अगर आप लघु सोचते हैं तो आपका सोच भी और का आपका उद्देश्य भी लघु होगा छोटा होगा बहुत व्यक्ति ऐसे होते हैं जो सिर्फ इस होते हैं सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं ना कि अपने परिवार के बारे में बच्चा बेबी मां बाप भाई बहन घर परिवार रिलेटिव दोस्त भूतनाथ के बारे में सोचते हैं तो व्यक्ति का व्यक्तित्व जितना ही बड़ा होगा तो व्यक्तित्व के ऊपर व्यक्ति का उद्देश्य निर्भर करता है व्यक्तित्व के ऊपर व्यक्ति की सोच निर्भर करती है व्यक्ति का परिवारिक बैकग्राउंड भी निर्भर करता है उसके उद्देश्य के बारे में सोचने के लिए विवश करता है व्यक्ति अगर अच्छे परिवार का है अच्छे माहौल होता है अच्छे वातावरण में पला बढ़ा है तो निश्चित है कि अपने बारे में तो प्रत्येक व्यक्ति को सोचने का अधिकार है लेकिन जो व्यक्ति अपने साथ पूरे समाज पूरे गांव पूरे राज्य पूरे देश के बारे में अगर सोचे और उसका उद्देश्य स्वार्थ परक ना रहे स्वार्थ से परिपूर्ण घर है एक आम उद्देश्य है जिससे पूरे हमारे देश हमारे पूरे स्टेट हमारे पूरे जिले को अगर उससे कुछ फायदे हो रहे हैं वैसी अगर सोच किसी व्यक्ति में है तो उस उद्देश्य का हो और उस सोच को हम सलाम करना चाहेंगे प्रणाम करना चाहेंगे नमस्कार करना चाहेंगे क्योंकि व्यक्ति 8400000 योनियों में भटकते हुए इस ब्रह्मांड का एक अमूल्य धरोहर मानव है अगर हम इस मानव जीवन में आए हैं और हमने जनकल्याण का कार्य एक भी ना किया तो फिर इस जीवन में आने का हमारा उद्देश्य पूर्ण नहीं हुआ और फिर दोबारा इस जीवन को हम पाएंगे कि नहीं यह जीवन दोबारा हमें मिलेगा कि नहीं यह शायरी स्वर्ग को ही पता होगा बाकी किसी को पता तो होगा ही नहीं इस चीज को हम जानते हैं इसलिए इस जन्म में जब यह जन्म मानव का मानव का जन्म लिए हैं और हम कुछ करने में सक्षम अगर हैं तो हमारा उद्देश्य ऊंचा होना चाहिए और ऊंचे उद्देश्य अच्छे उद्देश्य अच्छे सोच ऊंची सोच वाले व्यक्ति जो होते हैं उस हमेशा हमेशा ही सफलता मिलती रहती है सफलता उन्हें हमेशा पुनर्जीवित करते रहती है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का सोच प्रतिकृति का उद्देश्य ऊंचा होना चाहिए जनकल्याणकारी होना चाहिए प्रभाव कारी होना चाहिए एक व्यक्ति को स्वावलंबी बनाने की बनाने की प्रेरणा देनी चाहिए और मेरा मानना है कि जिस मानव जीवन का उद्देश्य अगर सही है अगर जिस व्यक्ति का अपने जीवन में उद्देश्य से ही निर्धारित कर लिया अच्छे उद्देश्य हैं 7:00 से स्वार्थ से परिपूर्ण नहीं है एक सामाजिक उद्देश्य है एक व्यवहारी उद्देश्य है एक अच्छे स्वार्थ से स्वार्थ से हटके अगर आपका उद्देश्य है तो निश्चित है कि सभी आपको मदद करेगा और ईश्वर के द्वारा आपको मदद जरूर मिलेगी इसलिए आप जब मनुष्य के रूप में इस पृथ्वी पर आए हैं तो हमेशा हमेशा ही ऐसा सोचे कि आपके द्वारा किसी भी व्यक्ति को यहां तक कि जानवर प्राणी पशु पक्षी किसी को भी आपके द्वारा चोट न पहुंचाई जाए चाहे वह आपका मन मन से चोट हो भजन से चोट हो या कर्म से चोट हो आपके द्वारा अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह का हर हाथ पहुंचता है चोट पहुंचता है तो वह भी एक तरह का हिंसा ही है तो इससे उसे हमें बिल्कुल अपने को किनारा किनारा करना चाहिए और उद्देश्य अगर आपका मोर्चा है तो ईश्वर भी आपको मदद करने से कदापि पीछे नहीं हटेंगे धन्यवाद

jahan tak aapka question hai manav jeevan ka uddeshya kya hai toh dekhiye manav jeevan ka uddeshya toh sarvopari uddeshya hai jis uddeshya ko pura karne ke liye pratyek vyakti 77 koshish karte rehta hai vyakti adhik vyakti mein yah cheez paya jata hai ki raat ka samay agar na bana jaaye toh vyakti ko har karya karne ke liye jahan tak mera manana hai ki koshish karte rahega aur lage rahega uske baad bhi kami log hain kisi ne apne jeevan mein safalta milti hai dusri baat ki ishwar ne jab manushya ko banaya toh bahut soch samajhkar banaya ek vyakti ka alag alag roop rekha alag alag dimag alag alag kar kathi alag alag soch alag alag vichar yah sab bhinnata ke baad bhi prateek mana dekhne mein ek hai ek manav ko aap dekh rahe hain aakhon se khuli aakhon se toh ek jaisa dekhega lekin sabki soch alag alag hai aur dhyan se dekha jaaye toh sab mein kuch na kuch se bhinnata zaroor hai lekin usse bhinnata ko homework nahi paate hain photo dekhkar jisse bhi tarike se jaise bhi manushya apne uddeshya ke bare mein sochta hai koi koi manushya hoti hai apne bare mein bahut zyada sochta hai prati koi vyakti hota hai ki apne ghar ke bare mein sochta hai koi vyakti hota hai ki vaah poore samaaj ke bare mein sochta hai koi vyakti hota hai ki vaah poore apne rajya ke bare mein sochta hai koi vyakti hota hai ki upar desh ke bare mein sochta hai koi koi vyakti hota hai kyon poore vishwa ke bare mein poore sansar ke bare mein sochta hai ab reh gayi baat agar usko dekha jaaye toh hum logon se bhi na uska rooprekha nahi hai soch alag alag hai toh soch jo hai jaisi vyakti ki soch hoti hai waise hi uddeshya vyakti ka hota hai agar aap vistrit sochte hain toh aapka soch bhi ab ka uddeshya bhi vistrit hoga agar aap laghu sochte hain toh aapka soch bhi aur ka aapka uddeshya bhi laghu hoga chota hoga bahut vyakti aise hote hain jo sirf is hote hain sirf aur sirf apne bare mein sochte hain na ki apne parivar ke bare mein baccha baby maa baap bhai behen ghar parivar relative dost bhutnath ke bare mein sochte hain toh vyakti ka vyaktitva jitna hi bada hoga toh vyaktitva ke upar vyakti ka uddeshya nirbhar karta hai vyaktitva ke upar vyakti ki soch nirbhar karti hai vyakti ka pariwarik background bhi nirbhar karta hai uske uddeshya ke bare mein sochne ke liye vivash karta hai vyakti agar acche parivar ka hai acche maahaul hota hai acche vatavaran mein pala badha hai toh nishchit hai ki apne bare mein toh pratyek vyakti ko sochne ka adhikaar hai lekin jo vyakti apne saath poore samaaj poore gaon poore rajya poore desh ke bare mein agar soche aur uska uddeshya swartha parak na rahe swartha se paripurna ghar hai ek aam uddeshya hai jisse poore hamare desh hamare poore state hamare poore jile ko agar usse kuch fayde ho rahe hain vaisi agar soch kisi vyakti mein hai toh us uddeshya ka ho aur us soch ko hum salaam karna chahenge pranam karna chahenge namaskar karna chahenge kyonki vyakti 8400000 yoniyon mein bhatakate hue is brahmaand ka ek amuly dharohar manav hai agar hum is manav jeevan mein aaye hain aur humne jankalyan ka karya ek bhi na kiya toh phir is jeevan mein aane ka hamara uddeshya purn nahi hua aur phir dobara is jeevan ko hum payenge ki nahi yah jeevan dobara hamein milega ki nahi yah shaayari swarg ko hi pata hoga baki kisi ko pata toh hoga hi nahi is cheez ko hum jante hain isliye is janam mein jab yah janam manav ka manav ka janam liye hain aur hum kuch karne mein saksham agar hain toh hamara uddeshya uncha hona chahiye aur unche uddeshya acche uddeshya acche soch unchi soch waale vyakti jo hote hain us hamesha hamesha hi safalta milti rehti hai safalta unhe hamesha punarjeevit karte rehti hai isliye pratyek vyakti ka soch pratikriti ka uddeshya uncha hona chahiye janakalyankari hona chahiye prabhav kaari hona chahiye ek vyakti ko svaavlambi banaane ki banaane ki prerna deni chahiye aur mera manana hai ki jis manav jeevan ka uddeshya agar sahi hai agar jis vyakti ka apne jeevan mein uddeshya se hi nirdharit kar liya acche uddeshya hain 7 00 se swartha se paripurna nahi hai ek samajik uddeshya hai ek vyavahari uddeshya hai ek acche swartha se swartha se hatake agar aapka uddeshya hai toh nishchit hai ki sabhi aapko madad karega aur ishwar ke dwara aapko madad zaroor milegi isliye aap jab manushya ke roop mein is prithvi par aaye hain toh hamesha hamesha hi aisa soche ki aapke dwara kisi bhi vyakti ko yahan tak ki janwar prani pashu pakshi kisi ko bhi aapke dwara chot na pahunchai jaaye chahen vaah aapka man man se chot ho bhajan se chot ho ya karm se chot ho aapke dwara agar kisi vyakti ko kisi bhi tarah ka har hath pahunchta hai chot pahunchta hai toh vaah bhi ek tarah ka hinsa hi hai toh isse use hamein bilkul apne ko kinara kinara karna chahiye aur uddeshya agar aapka morcha hai toh ishwar bhi aapko madad karne se kadapi peeche nahi hatenge dhanyavad

जहां तक आपका क्वेश्चन है मानव जीवन का उद्देश्य क्या है तो देखिए मानव जीवन का उद्देश्य तो स

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Er Pankaj Rai

International Motivational speaker · Counsellor · Writer. Trainer

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स्विमिंग मतलब इंसान और लाइफ असलम ज़िंदगी हम सभी अगर हम थोड़ा सा माइक्रोलॉजी में बिलीव करें तो हम सभी इंसान का जो रूप है बहुत सारी योनियों के बाद हम इंसान का जन्म लेते हैं और पूरे ब्रह्मांड में इंसान ही एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास इसका दिमाग जो है वह सबसे ज्यादा तकलीफ है इंसान जैसा व्यक्तित्व है जो अपने दो पैरों पर खड़ा हो पाया और तो पैरों पर खड़ा होने की वजह से ब्लड का जो सरकुलेशन है प्रेम में सबसे कम क्यों होता है और इसी वजह से आज हमारे ब्रेन में 8600 करोड़ से ज्यादा न्यूरॉन होता है एक छोटा-मोटा ब्रह्मांड में अपने अंदर कहीं चलते इंसानी जीवन की क्षमता है अपार क्षमता है जिनका सिर्फ इंसान का जो जीवन का जो उद्देश्य है जो सबसे पहला उद्देश्य वह स्वयं को जानना आप क्या हो आप एक व्यक्तित्व हो क्या आप शरीर हो मांगो क्या आप मन हो या आप एक चेतना सबसे जो जो मेरा होते शैतान का कि स्वयं को चाहने आप आप कौन हो दूसरा आपकी जो भी क्षमताएं हैं टैलेंट से या आप कहें उनको आपकी जो मुझे स्कूल से आती क्योंकि क्षमता है आप अपनी क्षमताओं को पहचाने एक इंसानी जीवन आपके लिए इंसानी जीवन की ढेर सारी कंपनियों की आपकी क्या-क्या क्षमता है मतलब कुछ लोग संगीत में बहुत अच्छे होते हैं कुछ पेंटिंग में बहुत अच्छे होते हैं कुछ पढ़ने में बहुत अच्छे होते हैं कुछ तकलीफ में बहुत अच्छे होते हैं कुछ गाने में बहुत अच्छे होते हैं हर एक व्यक्ति की क्षमताएं अलग-अलग होती है जब व्यक्ति अपनी क्षमताओं को पहचानता है तो उस क्षमताओं के साथ उसका कौशल निखरता है जिसको जब आप अपनी क्षमताओं को पहचानते हैं आप अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हैं तो वह क्षमता है आपकी परिवार के लिए किस तरह मदद कर करार हो सकते हैं वह आपको देखना है क्योंकि सबसे पहले यदि आप जिम्मेदार है तो अपने लिए फिर आप अपने परिवार के लिए जिम्मेदार है तेरा अपने समाज के लिए जिम्मेदार है फिर आप अपने राष्ट्र के लेने मिला जब आप स्वयं रूप से सक्षम हो जाते हैं आपके में बढ़ती आपके कौशल बढ़ते तो आपकी क्षमता है और कौशल किस तरह से आपके परिवार को मदद कर सकते हैं आपकी क्षमता है और कौशल किस तरह से आपके समाज के लोगों को मदद कर सकती हैं और आपकी क्षमता और कौशल किस तरह लास्ट के लिए मदद कर सकती हैं जो करना चाहिए हर तरफ से आपके जो भी आप लोगों का फायदा मिले आपके अंदर प्रेम होना चाहिए आपके अंदर का गुलाम होना चाहिए आपके अंदर दूसरों की सोच है दूसरों के अगर कोई दुख है या दर्द है उसको अगर आप किसी तरह से मदद कर सकते हो तो वह भावना के अंदर होना चाहिए हमेशा यह नहीं होना चाहिए कि सिर्फ पैसा मिल जाए पहला मुख्य उद्देश्य स्वयं को जाने अपनी क्षमताओं को जाने आपकी क्षमताओं से किस तरह से आप अपने परिवार समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं उनको बेहतर उनका योगदान दे सकते हैं सिर्फ पापा इंपॉर्टेंट है कि आपके अंदर प्रेम होना चाहिए आपके अंदर अहंकार नहीं होना चाहिए आपके अंदर करना होना चाहिए आपके इंसान और जानवर में जो है वह यही है दिमाग का प्रेम कहां करुणा का नाश्ता का कि हम रोजाना के पहले इंसानी व्यक्तित्व के लक्षण आपके अंदर आते हैं तब आप एक जानवर से अलग होते हैं और तमाम इंसानियत को प्राप्त करते हो तब आप इस ह्यूमन लाइफ एक अच्छी नहीं मिल लाइफ चीज अगर आपके अंदर नहीं है तो आप इंसान नहीं हो आप इंसान चलाने लाइफ में

Swimming matlab insaan aur life aslam zindagi hum sabhi agar hum thoda sa maikrolaji mein believe karen toh hum sabhi insaan ka jo roop hai bahut saree yoniyon ke baad hum insaan ka janam lete hain aur poore brahmaand mein insaan hi ek aisa vyakti hai jiske paas iska dimag jo hai vaah sabse zyada takleef hai insaan jaisa vyaktitva hai jo apne do pairon par khada ho paya aur toh pairon par khada hone ki wajah se blood ka jo sarakuleshan hai prem mein sabse kam kyon hota hai aur isi wajah se aaj hamare brain mein 8600 crore se zyada nueron hota hai ek chota mota brahmaand mein apne andar kahin chalte insani jeevan ki kshamta hai apaar kshamta hai jinka sirf insaan ka jo jeevan ka jo uddeshya hai jo sabse pehla uddeshya vaah swayam ko janana aap kya ho aap ek vyaktitva ho kya aap sharir ho mango kya aap man ho ya aap ek chetna sabse jo jo mera hote shaitaan ka ki swayam ko chahne aap aap kaun ho doosra aapki jo bhi kshamataen hain talent se ya aap kahein unko aapki jo mujhe school se aati kyonki kshamta hai aap apni kshamataon ko pehchane ek insani jeevan aapke liye insani jeevan ki dher saree companion ki aapki kya kya kshamta hai matlab kuch log sangeet mein bahut acche hote hain kuch painting mein bahut acche hote hain kuch padhne mein bahut acche hote hain kuch takleef mein bahut acche hote hain kuch gaane mein bahut acche hote hain har ek vyakti ki kshamataen alag alag hoti hai jab vyakti apni kshamataon ko pahachanta hai toh us kshamataon ke saath uska kaushal nikharata hai jisko jab aap apni kshamataon ko pehchante hain aap apni kshamataon ka upyog karte hain toh vaah kshamta hai aapki parivar ke liye kis tarah madad kar karar ho sakte hain vaah aapko dekhna hai kyonki sabse pehle yadi aap zimmedar hai toh apne liye phir aap apne parivar ke liye zimmedar hai tera apne samaaj ke liye zimmedar hai phir aap apne rashtra ke lene mila jab aap swayam roop se saksham ho jaate hain aapke mein badhti aapke kaushal badhte toh aapki kshamta hai aur kaushal kis tarah se aapke parivar ko madad kar sakte hain aapki kshamta hai aur kaushal kis tarah se aapke samaaj ke logon ko madad kar sakti hain aur aapki kshamta aur kaushal kis tarah last ke liye madad kar sakti hain jo karna chahiye har taraf se aapke jo bhi aap logon ka fayda mile aapke andar prem hona chahiye aapke andar ka gulam hona chahiye aapke andar dusron ki soch hai dusron ke agar koi dukh hai ya dard hai usko agar aap kisi tarah se madad kar sakte ho toh vaah bhavna ke andar hona chahiye hamesha yah nahi hona chahiye ki sirf paisa mil jaaye pehla mukhya uddeshya swayam ko jaane apni kshamataon ko jaane aapki kshamataon se kis tarah se aap apne parivar samaaj aur rashtra ka nirmaan kar sakte hain unko behtar unka yogdan de sakte hain sirf papa important hai ki aapke andar prem hona chahiye aapke andar ahankar nahi hona chahiye aapke andar karna hona chahiye aapke insaan aur janwar mein jo hai vaah yahi hai dimag ka prem kahaan karuna ka nashta ka ki hum rojana ke pehle insani vyaktitva ke lakshan aapke andar aate hain tab aap ek janwar se alag hote hain aur tamaam insaniyat ko prapt karte ho tab aap is human life ek achi nahi mil life cheez agar aapke andar nahi hai toh aap insaan nahi ho aap insaan chalane life mein

स्विमिंग मतलब इंसान और लाइफ असलम ज़िंदगी हम सभी अगर हम थोड़ा सा माइक्रोलॉजी में बिलीव करें

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Dr. Bushra Rais

Child Psychologist

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मुझे गूगल के बुड्ढे अपनी कोई ना कोई तो पता

mujhe google ke buddhe apni koi na koi toh pata

मुझे गूगल के बुड्ढे अपनी कोई ना कोई तो पता

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Dr. Alpana Rastogi

Psychologist

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मेरे साथ अपने मन को संभालते रहना और अपने काम में लगे रहना ही मनुष्य का उद्देश्य होना चाहिए अपने लक्ष्य को जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करना और उसे पाना उस रास्ते चलते रहना इससे बड़ा कोई उद्यम नहीं है

mere saath apne man ko sambhalate rehna aur apne kaam mein lage rehna hi manushya ka uddeshya hona chahiye apne lakshya ko jeevan ke lakshya ko nirdharit karna aur use paana us raste chalte rehna isse bada koi udyam nahi hai

मेरे साथ अपने मन को संभालते रहना और अपने काम में लगे रहना ही मनुष्य का उद्देश्य होना चाहिए

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Dr Tarun Nigam

Psycratist

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बल्कि जीवन में कुछ ऐसा करें जिससे मीनिंग

balki jeevan mein kuch aisa karen jisse meaning

बल्कि जीवन में कुछ ऐसा करें जिससे मीनिंग

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Yogesh Verma

Psychotherapist

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ओके सूरत में आए हो तो कुछ पड़ जाए अगर मैं आपकी फैशन करूं तो मुझे पता लग सकता है कि आपका पोस्ट किया है सबके अपने अलग-अलग है अपना हिसाब से जन्मा है उसका अपना ही पड़ता है वह अपनी टीम लेकर आया तो हम यह नहीं कह सकते कि हम मगर इधर बेंगलुरु में रहते हैं तो हमारे पास ही है आप तो दिल्ली में रहते हो तो यह पिक में कॉलोनी में या उस स्कूल में पढ़ते हैं तो उसका पर्पल दिया हर इंसान का पता लगाना अब दोबारा एक जन्म लेते हैं और वही काम करने आओगे आप का थीम चेंज होता है तेरा लाइफ में दूसरा पर मिलेगा तो ग्रहण कर लेते आना पड़ेगा लेके आते हो आप नहीं तो आपका फिर वह पढ़ता था टाइम नहीं होता तक आप लेकर आओगे फिर ऑनलाइन हो गए और आप टेंशन हो गए आप टेंशन नहीं करोगे इधर भी है आप अपनी क्या है वह पशु होना चाहिए अगर पूर्ण नहीं होता है तो फिर से ही टेक

ok surat mein aaye ho toh kuch pad jaaye agar main aapki fashion karun toh mujhe pata lag sakta hai ki aapka post kiya hai sabke apne alag alag hai apna hisab se janma hai uska apna hi padta hai vaah apni team lekar aaya toh hum yah nahi keh sakte ki hum magar idhar bengaluru mein rehte hain toh hamare paas hi hai aap toh delhi mein rehte ho toh yah pic mein colony mein ya us school mein padhte hain toh uska purple diya har insaan ka pata lagana ab dobara ek janam lete hain aur wahi kaam karne aaoge aap ka theme change hota hai tera life mein doosra par milega toh grahan kar lete aana padega leke aate ho aap nahi toh aapka phir vaah padhata tha time nahi hota tak aap lekar aaoge phir online ho gaye aur aap tension ho gaye aap tension nahi karoge idhar bhi hai aap apni kya hai vaah pashu hona chahiye agar purn nahi hota hai toh phir se hi take

ओके सूरत में आए हो तो कुछ पड़ जाए अगर मैं आपकी फैशन करूं तो मुझे पता लग सकता है कि आपका पो

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Surender Dhalwal

Assistant Professor Clinical Psychology

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मनुष्य जीवन का उद्देश्य निश्चित रूप से प्रगति अपनी भी और दूसरों की भी

manushya jeevan ka uddeshya nishchit roop se pragati apni bhi aur dusron ki bhi

मनुष्य जीवन का उद्देश्य निश्चित रूप से प्रगति अपनी भी और दूसरों की भी

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Sapna

Social Worker

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मानव के जीवन का उद्देश होता है कि जो हमें जीवन मिला है वह ईश्वर की कृपा से प्राप्त हुआ है ईश्वर ने हमें एक मौका और दिया है कि हम जो जीवन हमें मिला है उसमें हम बुखार ना करें जिनकी वजह से हमें या दूसरों को कष्ट हो हमें हमेशा ईश्वर का नाम लेकर सारे कार्यों को करना चाहिए और ईश्वर का धन्यवाद करते रहना चाहिए यही मानव जीवन का उद्देश्य है मेरे अनुभव के अनुसार सपना शर्मा

manav ke jeevan ka uddesh hota hai ki jo hamein jeevan mila hai vaah ishwar ki kripa se prapt hua hai ishwar ne hamein ek mauka aur diya hai ki hum jo jeevan hamein mila hai usme hum bukhar na kare jinki wajah se hamein ya dusro ko kasht ho hamein hamesha ishwar ka naam lekar saare karyo ko karna chahiye aur ishwar ka dhanyavad karte rehna chahiye yahi manav jeevan ka uddeshya hai mere anubhav ke anusaar sapna sharma

मानव के जीवन का उद्देश होता है कि जो हमें जीवन मिला है वह ईश्वर की कृपा से प्राप्त हुआ है

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अपने आप को जानना और प्रकृति में एका कारिता को पा लेना

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अपने आप को जानना और प्रकृति में एका कारिता को पा लेना

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हेलो गाइस आपके लिए मानव जीवन को सुधार नहीं किया फिर भी मैं कहना चाहूंगा मानव जीवन के उद्देश्य को आप को मनाना पड़ेगा आपके लक्ष्य को बनाना पड़ेगा आप लक्ष्य को एक केंद्रित की ओर करना पड़ेगा कि मुझे करना क्या है मुझे अपने माता-पिता के लिए क्या करना मुझे अपने सामने के लिए करना है मुझे अपने परिवार के लिए क्या करना है यह सब सो जाओगे नहीं तो कुछ नहीं कर पाओगे और सबसे बड़ी चीज है जीवन में कष्ट जाता है कि कई झोपड़ी में जाना और उस पर कुछ तकलीफ क्या होता है पेट की बुक क्या होती है उसी मुद्दे से जुड़ जाएगा तो उसको आपको क्यों करना है अपने जीवन में खाना तो उद्देश्य पड़ता है दोस्त से बनता नहीं है ठीक है अगर मैं कुछ गलत बोल रहा हूं दोस्ती मुझे माफ करना सॉरी

hello guys aapke liye manav jeevan ko sudhaar nahi kiya phir bhi main kehna chahunga manav jeevan ke uddeshya ko aap ko manana padega aapke lakshya ko banana padega aap lakshya ko ek kendrit ki aur karna padega ki mujhe karna kya hai mujhe apne mata pita ke liye kya karna mujhe apne saamne ke liye karna hai mujhe apne parivar ke liye kya karna hai yah sab so jaoge nahi toh kuch nahi kar paoge aur sabse badi cheez hai jeevan me kasht jata hai ki kai jhopdi me jana aur us par kuch takleef kya hota hai pet ki book kya hoti hai usi mudde se jud jaega toh usko aapko kyon karna hai apne jeevan me khana toh uddeshya padta hai dost se banta nahi hai theek hai agar main kuch galat bol raha hoon dosti mujhe maaf karna sorry

हेलो गाइस आपके लिए मानव जीवन को सुधार नहीं किया फिर भी मैं कहना चाहूंगा मानव जीवन के उद्दे

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Rudal

Singer

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मानव जीवन का उद्देश है जब तक जिंदगी मिली है जीवन मिला है जितनी सांसे मिली है हंसी खुशी से गुजारी है और मौज मस्ती कीजिए किसी को दुख तकलीफ ना दीजिए यही जीवन का उद्देश है

manav jeevan ka uddesh hai jab tak zindagi mili hai jeevan mila hai jitni sanse mili hai hansi khushi se gujari hai aur mauj masti kijiye kisi ko dukh takleef na dijiye yahi jeevan ka uddesh hai

मानव जीवन का उद्देश है जब तक जिंदगी मिली है जीवन मिला है जितनी सांसे मिली है हंसी खुशी से

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Chaina Karmakar

Spiritual Healer & Life Coach

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मानव जीवन का उद्देश्य जो है खुद को ढूंढने में लगाना चाहिए जो कि हम कभी करते नहीं हैं हम दूसरों के हिसाब से जीवन जीते हैं हम दूसरों को देखते हैं वह कैसे जीवन जी रहे हैं उस हिसाब से हम जीवन जीना चाहते हैं यानी कंपेयर करने लगते हैं कोई अगर पैसा कमाते हमें भी पैसा कमाना चाहिए वैसा लाइफ जीना चाहिए कोई अगर कुछ पढ़ना चाहिए प्लस स्पोर्ट्स या कुछ और फॉलो कर रहे तो हमें लगता है शायद यह पसंद आएगा तो हम सिर्फ एंक्वायरी नहीं पाते कि हमें क्या पसंद है तो मानव जीवन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उद्देश्य जो है अपने आप को ढूंढने में लगाना चाहिए तब जो है हर छोटी बड़ी चीजें आप इंजॉय करने लगेंगे जीवन की आपको खुशी दे जाएगी आप दूसरों के मोहताज नहीं रहेंगे अपनी खुशी के लिए तो आगे बढ़िए सेल्फ एंक्वायरी कीजिए और अपने को ढूंढिए

manav jeevan ka uddeshya jo hai khud ko dhundhne mein lagana chahiye jo ki hum kabhi karte nahi hain hum dusron ke hisab se jeevan jeete hain hum dusron ko dekhte hain vaah kaise jeevan ji rahe hain us hisab se hum jeevan jeena chahte hain yani compare karne lagte hain koi agar paisa kamate hamein bhi paisa kamana chahiye waisa life jeena chahiye koi agar kuch padhna chahiye plus sports ya kuch aur follow kar rahe toh hamein lagta hai shayad yah pasand aayega toh hum sirf enquiry nahi paate ki hamein kya pasand hai toh manav jeevan ka sabse bada aur mahatvapurna uddeshya jo hai apne aap ko dhundhne mein lagana chahiye tab jo hai har choti badi cheezen aap enjoy karne lagenge jeevan ki aapko khushi de jayegi aap dusron ke mohtaaz nahi rahenge apni khushi ke liye toh aage badhiye self enquiry kijiye aur apne ko dhundhiye

मानव जीवन का उद्देश्य जो है खुद को ढूंढने में लगाना चाहिए जो कि हम कभी करते नहीं हैं हम दू

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मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य अपने जीवन को सफलतम रूप से पूर्ण करना जीवन का हर व्यक्ति को अपने लक्ष्य देता है हर व्यक्ति के लक्ष्य निर्धारित लक्ष्य को सूचना देते हैं मानव का मुख्य उद्देश्य देखें तो वह अपने जीवन यापन को अच्छे से निर्वाह करते हैं पूर्ण करना अर्थात उस का मुख्य उद्देश्य के बारे में बात करेंगे तुम अपने जीवन को अच्छे से जीना चाहता है परिवार में किसी प्रकार का चित्र नहीं चाहता उसके चौथे के पत्नी अच्छे से उसको रखें घर परिवार से चलें बच्चे अच्छे से शिक्षा ले अच्छी शिक्षा प्राप्त करके अपने आप को योग्य विदेशिया योग्य नागरिक बनाएं उसके पैसा व नौकरियों में प्रवेश कर जाएं और अपना जीवन यापन करें कुल मिलाके यही जीवन का मुख्य उद्देश्य रहता है बदल संपूर्ण है भगवान के बताए मार्ग पर चलना भगवान को पूजना लोगों को गरीबों को यह लोगों को जिस जिस प्रकार की बहन साहित्य कसे के सहायता करना कि सब गोंडा से है जो जीवन में आपके जिम मुख्य लक्ष्य की पूर्ति हो जाएगी और आपको भी समय बचेगा तो आप इन चीजों में सेव करने को तैयार है नाम दें अन्यथा नहीं यदि अपनी आवश्यकता पूर्ति नहीं होगी कैसे उम्मीद रखने को दूसरों की मदद करने पहुंच जाएगा बहुत कम या बहुत ही बिल ले लोगी रहते इसमें के झोंके अपना कष्ट को भी भूल कर दूसरे के कष्टों को दूर करने का प्रयत्न करते हैं धन्यवाद

manav jeevan ka uddeshya kya hai manav jeevan ka uddeshya apne jeevan ko safalatam roop se purn karna jeevan ka har vyakti ko apne lakshya deta hai har vyakti ke lakshya nirdharit lakshya ko soochna dete hain manav ka mukhya uddeshya dekhen toh vaah apne jeevan yaapan ko acche se nirvah karte hain purn karna arthat us ka mukhya uddeshya ke bare mein baat karenge tum apne jeevan ko acche se jeena chahta hai parivar mein kisi prakar ka chitra nahi chahta uske chauthe ke patni acche se usko rakhen ghar parivar se chalen bacche acche se shiksha le achi shiksha prapt karke apne aap ko yogya videshiya yogya nagarik banaye uske paisa v naukriyon mein pravesh kar jayen aur apna jeevan yaapan karen kul milake yahi jeevan ka mukhya uddeshya rehta hai badal sampurna hai bhagwan ke bataye marg par chalna bhagwan ko pujna logon ko garibon ko yah logon ko jis jis prakar ki behen sahitya kaise ke sahaayata karna ki sab gonda se hai jo jeevan mein aapke gym mukhya lakshya ki purti ho jayegi aur aapko bhi samay bachega toh aap in chijon mein save karne ko taiyar hai naam dein anyatha nahi yadi apni avashyakta purti nahi hogi kaise ummid rakhne ko dusron ki madad karne pahunch jaega bahut kam ya bahut hi bill le logi rehte isme ke jhonke apna kasht ko bhi bhool kar dusre ke kaston ko dur karne ka prayatn karte hain dhanyavad

मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य अपने जीवन को सफलतम रूप से पूर्ण करना ज

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आप अपने जीवन में हमेशा एक ही उद्देश्य को अगर आप हर बार अपनी सोच बदलो कि अपना उद्देश्य लोगे तो आपका भी परफेक्ट नहीं हो पाओगे आपने जो एक बार सोच लिया आपको ही करना और अगर आप यह सोच रहे हो संस्कृत हर रोज 24:00 बजे तक कभी अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाओगे अपनी पिक सूर्यपुत्र नीचे करो कि मुझे करना है तो करना और आप कर सकते हो चुके मनुष्य में अपनी शक्तियों किसी भी चीज को हासिल कर सकता है

aap apne jeevan mein hamesha ek hi uddeshya ko agar aap har baar apni soch badlo ki apna uddeshya loge toh aapka bhi perfect nahi ho paoge aapne jo ek baar soch liya aapko hi karna aur agar aap yeh soch rahe ho sanskrit har roj 24:00 baje tak kabhi apna lakshya prapt nahi kar paoge apni pic suryaputra neeche karo ki mujhe karna hai toh karna aur aap kar sakte ho chuke manushya mein apni shaktiyon kisi bhi cheez ko hasil kar sakta hai

आप अपने जीवन में हमेशा एक ही उद्देश्य को अगर आप हर बार अपनी सोच बदलो कि अपना उद्देश्य लोगे

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मानव जीवन का उद्देश्य किसी को दुख मत देना उसी को मन होता कहते हैं मानव जानवरों क्यों नहीं कहते मानो क्योंकि वह खुद के बारे में सोच मनुष्य के बारे में सोचता है अपने बारे में बच्चों के बारे में खेती बाड़ी करता है सब कुछ क्या करनी चाहिए

manav jeevan ka uddeshya kisi ko dukh mat dena usi ko man hota kehte hain manav jaanvaro kyon nahi kehte maano kyonki vaah khud ke bare mein soch manushya ke bare mein sochta hai apne bare mein bacchon ke bare mein kheti badi karta hai sab kuch kya karni chahiye

मानव जीवन का उद्देश्य किसी को दुख मत देना उसी को मन होता कहते हैं मानव जानवरों क्यों नहीं

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RAVI

Teacher and Poet

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वास्तविकता यह है कि मानव जीवन का सबसे पहला उद्देश्य तो यही है कि उसको अपने जन्म जन्म को किस तरीके से सार्थक करना यही मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है और मानव जन्म के लिए जो सबसे बड़ा धर्म है वह है इंसानियत ठीक है तो मानव जीवन का उद्देश्य यही है कि हम जितना से जितना ज्यादा से ज्यादा लोगों का हित कर सकें या लोगों के लिए अच्छा कर सके उतना करें यही जीवन का मेन उद्देश्य अदर वाइज आप किसी भी उद्देश्य की इच्छा रखते हैं तो आप अपना समय व्यर्थ मत कीजिए ज्यादा से ज्यादा लोगों का भला कीजिए बस यही मानव उद्देश्य और अपनी क्षमताओं को पर किए धन्यवाद

vastavikta yah hai ki manav jeevan ka sabse pehla uddeshya toh yahi hai ki usko apne janam janam ko kis tarike se sarthak karna yahi manav jeevan ka sabse bada uddeshya hai aur manav janam ke liye jo sabse bada dharam hai vaah hai insaniyat theek hai toh manav jeevan ka uddeshya yahi hai ki hum jitna se jitna zyada se zyada logon ka hit kar sakein ya logon ke liye accha kar sake utana karen yahi jeevan ka main uddeshya other wise aap kisi bhi uddeshya ki iccha rakhte hain toh aap apna samay vyarth mat kijiye zyada se zyada logon ka bhala kijiye bus yahi manav uddeshya aur apni kshamataon ko par kiye dhanyavad

वास्तविकता यह है कि मानव जीवन का सबसे पहला उद्देश्य तो यही है कि उसको अपने जन्म जन्म को कि

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मानव जीवन का उद्देश्य है प्रकृति को बचाना उसमें सुधार करना साफ सुथरा रखना और किसी भी चीज हर चीज में साफ सफाई का ध्यान रखना

manav jeevan ka uddeshya hai prakriti ko bachaana usme sudhaar karna saaf suthara rakhna aur kisi bhi cheez har cheez me saaf safaai ka dhyan rakhna

मानव जीवन का उद्देश्य है प्रकृति को बचाना उसमें सुधार करना साफ सुथरा रखना और किसी भी चीज ह

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