क्या आपको शादी करने पर पछतावा है यदि हाँ, तो क्यों?...


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Bhim Singh Kasnia

Acupunctrist,Motivational Speaker

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नमस्कार आपका सवाल है कि क्या आपको शादी करने पर पछतावा है यदि हां तो क्यों देखी हमें जरा भी पछतावा नहीं है हमारी शादी पर क्योंकि हमारी शादी आज से 18 साल पहले हुई थी और हमें तो लगता है जैसे 18 दिन हुए हैं देखिए एक ऐसी लड़की जो आपके लिए अपना सब घर बार सब छोड़ कर जहां तक उसने अब तक की जिंदगी बिताई वह जगह छोड़कर आप एक अनजान प्रसन्न हो उसके लिए पूरी अपनी लाइफ समर्पित करके आ जाती है तो उसके साथ रहने में पछतावा क्यों होगा वहां तो प्यार और केयर ही होगा इसलिए हमें जरा भी पछतावा नहीं है हम बहुत खुश है शादी से थैंक यू

namaskar aapka sawaal hai ki kya aapko shaadi karne par pachtava hai yadi haan toh kyon dekhi hamein zara bhi pachtava nahi hai hamari shaadi par kyonki hamari shaadi aaj se 18 saal pehle hui thi aur hamein toh lagta hai jaise 18 din hue hain dekhiye ek aisi ladki jo aapke liye apna sab ghar baar sab chhod kar jaha tak usne ab tak ki zindagi bitai vaah jagah chhodkar aap ek anjaan prasann ho uske liye puri apni life samarpit karke aa jaati hai toh uske saath rehne me pachtava kyon hoga wahan toh pyar aur care hi hoga isliye hamein zara bhi pachtava nahi hai hum bahut khush hai shaadi se thank you

नमस्कार आपका सवाल है कि क्या आपको शादी करने पर पछतावा है यदि हां तो क्यों देखी हमें जरा भी

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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क्या क्या आपको शादी करने पर पछतावा है एक ऐसा लड्डू होता है कहावत है जादू यह कैसा लड्डू होता है जो आता है वही बताता है जो यह कहावत है कहावत सही आप फ्री होकर आप ने प्रश्न किया है कि शादी रूपी लड्डू खाने पर आने पर तो सबको मालूम है क्या पछतावा होता है अकेले रह जाते हैं अपनी जिंदगी भर काम करता है कि आज मेरे जीवन साथी नहीं लेकिन आपकी शादी का लड्डू खाने के बाद लोगों को पछतावा होता है तुम्हें क्या दूं शादी की यह कहावत गलत है श्री श्री गलत है क्योंकि लड्डू न खाने पर तो पछतावा होता है लड्डू खाने पर किसी को पछतावा नहीं होता है बल्कि यही पछतावा होता है कि लड्डू जल्दी खत्म हो गया लड्डू में आनंद नहीं ले पाएगी लड्डू नहीं है शादी एक सामंजस्य है शादी एक जीवन शैली है शादी हम को कैसे हमको सत्र में रहना किसी लड़की की शादी होती है या किसी लड़के की शादी होती है तू जरूरी नहीं कि दोनों के विचार एक रूप शादी में सामंजस्य करना पड़ता है एक दूसरे के विचारों को अपनाना पड़ता है एक दूसरे के लिए कुछ समझौता करना पड़ता को झुकना पड़ता है हां जब शादी में दोनों पक्षों का ईगो आड़े आ जाता है दोनों का हम आगे आ जाता है और कोई पक्ष बिल्कुल भी झुकने को तैयार नहीं सोचता है कि मैं तो इसे झुक आऊंगी झुका लूंगा मैं अपने जीवनसाथी को झुका लूंगा उसको मेरे हिसाब से चलना है जब एक आदमी का ईगो आगे आगे आ जाता है एक आदमी हो जाता है शादी में तब शादी में तनाव होता है झगड़ा होता है तब झगड़े की स्थिति में सामंजस्य के अभाव में शादी पर एक प्रस्ताव जहां दो पक्षों में समझौता हो जाता है ऐसा मंजर छू जाता है शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की भावनाओं की जाती है वह समझते हैं कि हमको जीवन भर रह नहीं है एक दूसरे का सम्मान करने जाते हैं वहां शादी पछतावा नहीं होती है आदमी सोचता है कि मैं बार-बार मुझे खाने को मिले और जहां ऐसा नहीं होता है वहां शादी एक प्रस्ताव आता है तो मैं तो यही कहूंगा कि भैया शादी में सामंजस्य करिए एक दूसरे का सम्मान करिए और यदि एक दूसरे का सम्मान नहीं है विचारों में नहीं है आपस में रहन-सहन नहीं है तो फिर शादी बहुत बड़ा बहुत बड़ी सजा है

kya kya aapko shaadi karne par pachtava hai ek aisa laddu hota hai kahaavat hai jadu yah kaisa laddu hota hai jo aata hai wahi batata hai jo yah kahaavat hai kahaavat sahi aap free hokar aap ne prashna kiya hai ki shaadi rupee laddu khane par aane par toh sabko maloom hai kya pachtava hota hai akele reh jaate hain apni zindagi bhar kaam karta hai ki aaj mere jeevan sathi nahi lekin aapki shaadi ka laddu khane ke baad logo ko pachtava hota hai tumhe kya doon shaadi ki yah kahaavat galat hai shri shri galat hai kyonki laddu na khane par toh pachtava hota hai laddu khane par kisi ko pachtava nahi hota hai balki yahi pachtava hota hai ki laddu jaldi khatam ho gaya laddu me anand nahi le payegi laddu nahi hai shaadi ek samanjasya hai shaadi ek jeevan shaili hai shaadi hum ko kaise hamko satra me rehna kisi ladki ki shaadi hoti hai ya kisi ladke ki shaadi hoti hai tu zaroori nahi ki dono ke vichar ek roop shaadi me samanjasya karna padta hai ek dusre ke vicharon ko apnana padta hai ek dusre ke liye kuch samjhauta karna padta ko jhukna padta hai haan jab shaadi me dono pakshon ka ego ade aa jata hai dono ka hum aage aa jata hai aur koi paksh bilkul bhi jhukane ko taiyar nahi sochta hai ki main toh ise jhuk aaungi jhuka lunga main apne jeevansathi ko jhuka lunga usko mere hisab se chalna hai jab ek aadmi ka ego aage aage aa jata hai ek aadmi ho jata hai shaadi me tab shaadi me tanaav hota hai jhagda hota hai tab jhagde ki sthiti me samanjasya ke abhaav me shaadi par ek prastaav jaha do pakshon me samjhauta ho jata hai aisa manjar chu jata hai shantipurna sah astitva ki bhavnao ki jaati hai vaah samajhte hain ki hamko jeevan bhar reh nahi hai ek dusre ka sammaan karne jaate hain wahan shaadi pachtava nahi hoti hai aadmi sochta hai ki main baar baar mujhe khane ko mile aur jaha aisa nahi hota hai wahan shaadi ek prastaav aata hai toh main toh yahi kahunga ki bhaiya shaadi me samanjasya kariye ek dusre ka sammaan kariye aur yadi ek dusre ka sammaan nahi hai vicharon me nahi hai aapas me rahan sahan nahi hai toh phir shaadi bahut bada bahut badi saza hai

क्या क्या आपको शादी करने पर पछतावा है एक ऐसा लड्डू होता है कहावत है जादू यह कैसा लड्डू होत

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Vikas Singh

Political Analyst

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आपका सवाल है क्या आपको शादी करने पर पछतावा है यदि हां तो क्यों भैया अभी मेरी शादी नहीं हुई है लेकिन मैं एक लड़की से बहुत प्यार करता था और वह लड़की मुझसे भी बहुत प्यार करती थी हम दोनों लोग पति-पत्नी की तरह ही रहते थे उनसे दूर रहती थी मैं भी काफी दूर-दूर था दिल्ली का बनारस साइट की थी लेकिन वह प्रतिदिन सुबह उठती थी स्नान करती थी और अपने माथे पर हल्का सा उस लगाती थी किसी को पता नहीं चलता था उसकी गर्दन में एक धागा हमने बनाया था वह धागा भी उत्पन्न के रखती थी जब बताता था करवा चौथ का व्रत भी रहती थी लेकिन उसकी शादी किसी से किसी दूसरे से तय हो चुकी है मई में उसकी शादी है तो मुझे पछतावा है कि मैं इतना दिन उसके साथ रहा और आज उसकी शादी कहीं और हो रही है तो दुख होता है कि सोचता हूं कि भगवान कृष्ण ने राधा जी से प्यार किया था कि शादी उनकी रुकमणी जी से हुई थी तो शादी विवाह ऊपर से विधाता लिखकर भेजता है हमने तुझसे प्यार किया था और वह प्यार तो हम एकदम मानते थे कि शादी के समान लेकिन यह बात या तो वह जानती है या तो मैं जानता हूं या तो भगवान जानते हैं अब मैं किसी से बोलूंगा तो लोग मुझे पागल कहेंगे लोग कहेंगे कि फालतू बात कर रहे हो अगर मैं फोटो खींच दिखाऊंगा तो उस लड़की की बदनामी होगी बड़ी सम्मानित परिवार से मैं भी सम्मानित परिवार से हूं और मैं नहीं चाहता कि उसकी बदनामी हो और मैं चाहता हूं कि वह जहां भी रहे खुश रहे बस और कुछ नहीं अभी शादी में भी नहीं हुई है अगर अच्छी लड़की मिलेगी तो मैं पक्का उससे शादी कर लूंगा और मैं भी अपने जीवन को जीने का प्रयास करूंगा बाकी की देखेंगे आगे क्या होता है अभी तक तो मेरा कोई मूड नहीं है शादी करने का लेकिन हो सकता है कि घरवाले प्रेशर बनाए कुछ ऐसी स्थिति परिस्थिति आ जाए जिससे शादी करना जरूरी ही हो थोड़ा सा आप लोगों के राजपूत परिवार में थोड़ा सा गार्जियन अपने सम्मान का ध्यान रखते हैं और वह जो बोलते हैं उसे करना पड़ता है तो अभी तक मेरा मूड नहीं है क्योंकि मैं अपना पूरा जीवन समाज के लिए देश के लिए समर्पित करना चाहता हूं मैं यह बात उस लड़की से भी बोलता था कि तुम्हें अकेले रहना होगा तुम कहीं शादी कर लेना मैं शादी नहीं करूंगा तुमसे मैं मजाक नहीं बोलता था मेरा मन तो था उसी से शादी करने का लेकिन अब वह बात भी सत्य हो गई तो उसका शादी कहीं और ही तय हो गया उसने बताया भी नहीं कि अपने घरवालों को उसके घर एक दिक्कत है कि उस राजपूतों में कई पुत्र होता है वह नागवंशी हम लोग कौन सी है तो बिग वंशी परिवार में जब उसके घर के लड़की की शादी होती है तो साथ दे तो डेट हो तो गया होगा दो-तीन लोगों का तो नहीं चाहता है उसके घर तो उसके बाद हम भी बोलते थे कि तुम कहीं और कर लेना और वही बात आज सत्य साबित हुई और मैं बोलता था कि मैं देश के लिए अकेले जी लूंगा यह करूंगा वह करूंगा और अभी तक उसी लक्ष्य को लेकर चल रहा हूं अगर कोई अच्छी लड़की मिलेगी तो मैं पक्का उससे शादी करूंगा और अपने जीवन को जीने का प्रयास करूंगा धन्यवाद

aapka sawaal hai kya aapko shaadi karne par pachtava hai yadi haan toh kyon bhaiya abhi meri shaadi nahi hui hai lekin main ek ladki se bahut pyar karta tha aur vaah ladki mujhse bhi bahut pyar karti thi hum dono log pati patni ki tarah hi rehte the unse dur rehti thi main bhi kaafi dur dur tha delhi ka banaras site ki thi lekin vaah pratidin subah uthati thi snan karti thi aur apne mathe par halka sa us lagati thi kisi ko pata nahi chalta tha uski gardan me ek dhaga humne banaya tha vaah dhaga bhi utpann ke rakhti thi jab batata tha karva chauth ka vrat bhi rehti thi lekin uski shaadi kisi se kisi dusre se tay ho chuki hai may me uski shaadi hai toh mujhe pachtava hai ki main itna din uske saath raha aur aaj uski shaadi kahin aur ho rahi hai toh dukh hota hai ki sochta hoon ki bhagwan krishna ne radha ji se pyar kiya tha ki shaadi unki rukamani ji se hui thi toh shaadi vivah upar se vidhata likhkar bhejta hai humne tujhse pyar kiya tha aur vaah pyar toh hum ekdam maante the ki shaadi ke saman lekin yah baat ya toh vaah jaanti hai ya toh main jaanta hoon ya toh bhagwan jante hain ab main kisi se boloonga toh log mujhe Pagal kahenge log kahenge ki faltu baat kar rahe ho agar main photo khinch dikhaunga toh us ladki ki badnami hogi badi sammanit parivar se main bhi sammanit parivar se hoon aur main nahi chahta ki uski badnami ho aur main chahta hoon ki vaah jaha bhi rahe khush rahe bus aur kuch nahi abhi shaadi me bhi nahi hui hai agar achi ladki milegi toh main pakka usse shaadi kar lunga aur main bhi apne jeevan ko jeene ka prayas karunga baki ki dekhenge aage kya hota hai abhi tak toh mera koi mood nahi hai shaadi karne ka lekin ho sakta hai ki gharwale pressure banaye kuch aisi sthiti paristhiti aa jaaye jisse shaadi karna zaroori hi ho thoda sa aap logo ke rajput parivar me thoda sa guardian apne sammaan ka dhyan rakhte hain aur vaah jo bolte hain use karna padta hai toh abhi tak mera mood nahi hai kyonki main apna pura jeevan samaj ke liye desh ke liye samarpit karna chahta hoon main yah baat us ladki se bhi bolta tha ki tumhe akele rehna hoga tum kahin shaadi kar lena main shaadi nahi karunga tumse main mazak nahi bolta tha mera man toh tha usi se shaadi karne ka lekin ab vaah baat bhi satya ho gayi toh uska shaadi kahin aur hi tay ho gaya usne bataya bhi nahi ki apne gharwaalon ko uske ghar ek dikkat hai ki us rajputo me kai putra hota hai vaah nagvanshi hum log kaun si hai toh big vanshi parivar me jab uske ghar ke ladki ki shaadi hoti hai toh saath de toh date ho toh gaya hoga do teen logo ka toh nahi chahta hai uske ghar toh uske baad hum bhi bolte the ki tum kahin aur kar lena aur wahi baat aaj satya saabit hui aur main bolta tha ki main desh ke liye akele ji lunga yah karunga vaah karunga aur abhi tak usi lakshya ko lekar chal raha hoon agar koi achi ladki milegi toh main pakka usse shaadi karunga aur apne jeevan ko jeene ka prayas karunga dhanyavad

आपका सवाल है क्या आपको शादी करने पर पछतावा है यदि हां तो क्यों भैया अभी मेरी शादी नहीं हुई

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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अपने का मैं आपको शादी करके पछता में दिनांक 2 को नहीं शादी करने के बाद प्रस्ताव हो तो नहीं है प्रश्न यह है किसी को नहीं होता है लेकिन हां जगजीवन की टारजन समानांतर नहीं करते हुए इंसान को कष्ट मिटा दुख मिलता है और ऐसी स्थिति में उसे शादी करने के बाद पछतावा होता है और वह चाइना पटाखे कम से कम शांति से करें ताकि बुरे दिन नहीं देखना पड़ता और शमशाद जीवनसाथी का अच्छा नहीं लगता है दोनों मृदुल का जीवन जीते हैं तो कहते हैं कि स्वर्ग नहीं मिल जाता

apne ka main aapko shaadi karke pachata me dinank 2 ko nahi shaadi karne ke baad prastaav ho toh nahi hai prashna yah hai kisi ko nahi hota hai lekin haan jagjivan ki tarjan samanantar nahi karte hue insaan ko kasht mita dukh milta hai aur aisi sthiti me use shaadi karne ke baad pachtava hota hai aur vaah china patakhe kam se kam shanti se kare taki bure din nahi dekhna padta aur shamshad jeevansathi ka accha nahi lagta hai dono mridul ka jeevan jeete hain toh kehte hain ki swarg nahi mil jata

अपने का मैं आपको शादी करके पछता में दिनांक 2 को नहीं शादी करने के बाद प्रस्ताव हो तो नहीं

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Naresh Kumar Chaudhary

Mix Martial Art Trainer

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किकी पछतावा तो नहीं करना चाहिए इंसान को क्या कोई कुछ सामान्य से प्रक्रिया और एक पारंपरिक प्रक्रिया शादी सब को करना पड़ता जवारे मैरिज करें जहां तक जीवन के साथ यापन का प्रश्न है तो उसे आपस में पूर्व जन्मों के जो कर्म होते हैं कि जोड़ियां उपस्थित होती कर्मों के आधार पर उनको घर के संचालन के लिए पत्नी पति का साथ होता है अगर हमारे विचार मिलते हैं और एक दूसरे का सम्मान करते दोनों में किसी के अंदर तानाशाही नहीं होती घर परिवार में माता-पिता की हमेशा असुरक्षा और सेवा होती है लड़की के घरवाले लड़की के जीवन पर कोई अपने दखल नहीं रखते हैं तो निश्चित को घर सुखी होगा और इसके विपरीत जो दुखी होगा तो परिस्थितियों से लड़ना चाहिए जीवन संघर्ष है और अपनी समस्याओं को सेंड चालू करना चाहिए और पछतावा करने से कोई फायदा थोड़ी आदमी कभी पछतावा तो आप किसी की बात पर कर सकते समस्याएं तो हर जगह शादी होती है वहां प्रेम नवीनीकरण भी तो होता जिसको पछतावा नहीं करना चाहिए यह जीवन की खुशियां मानना चाहिए

kiki pachtava toh nahi karna chahiye insaan ko kya koi kuch samanya se prakriya aur ek paramparik prakriya shaadi sab ko karna padta javare marriage kare jaha tak jeevan ke saath yaapan ka prashna hai toh use aapas me purv janmon ke jo karm hote hain ki jodiyan upasthit hoti karmon ke aadhar par unko ghar ke sanchalan ke liye patni pati ka saath hota hai agar hamare vichar milte hain aur ek dusre ka sammaan karte dono me kisi ke andar tanashahi nahi hoti ghar parivar me mata pita ki hamesha asuraksha aur seva hoti hai ladki ke gharwale ladki ke jeevan par koi apne dakhal nahi rakhte hain toh nishchit ko ghar sukhi hoga aur iske viprit jo dukhi hoga toh paristhitiyon se ladana chahiye jeevan sangharsh hai aur apni samasyaon ko send chaalu karna chahiye aur pachtava karne se koi fayda thodi aadmi kabhi pachtava toh aap kisi ki baat par kar sakte samasyaen toh har jagah shaadi hoti hai wahan prem naveenikaran bhi toh hota jisko pachtava nahi karna chahiye yah jeevan ki khushiya manana chahiye

किकी पछतावा तो नहीं करना चाहिए इंसान को क्या कोई कुछ सामान्य से प्रक्रिया और एक पारंपरिक प

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

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नमस्कार साथियों शादी विवाह मनुष्य के लिए एक अति महत्वपूर्ण रिवाज है जो सृष्टि में सहायक है और उसके बिना मनुष्य किसी मायने में अधूरा रहता है यह मनुष्य के लिए आवश्यक क्रिया है इसलिए इसमें दस्तावेज ऐसी कोई बात नहीं होती किंतु फिर भी यदि विवाह के कारण मनुष्य को कोई ऐसी विशेष उपलब्धि से हाथ धोना पड़े या छोड़ना पड़े जो बाद में उसे किसी भी प्रकार दोबारा हासिल नहीं हो तो संभव है उसे पछतावा हो सकता है

namaskar sathiyo shaadi vivah manushya ke liye ek ati mahatvapurna rivaaj hai jo shrishti me sahayak hai aur uske bina manushya kisi maayne me adhura rehta hai yah manushya ke liye aavashyak kriya hai isliye isme dastavej aisi koi baat nahi hoti kintu phir bhi yadi vivah ke karan manushya ko koi aisi vishesh upalabdhi se hath dhona pade ya chhodna pade jo baad me use kisi bhi prakar dobara hasil nahi ho toh sambhav hai use pachtava ho sakta hai

नमस्कार साथियों शादी विवाह मनुष्य के लिए एक अति महत्वपूर्ण रिवाज है जो सृष्टि में सहायक ह

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अभी ब्रश मुझसे क्यों पूछ रही हो कि मुझे शादी करने पर पछतावा है या नहीं आप अपने बारे में कीजिए ना वैसे तो यह ऐसा लड्डू है जिसने खाया वह भी पछताया जिसने नहीं खाया वह भी पछताया तो इसलिए शादी करके शायद ही कोई खुश होगा

abhi brush mujhse kyon puch rahi ho ki mujhe shaadi karne par pachtava hai ya nahi aap apne bare me kijiye na waise toh yah aisa laddu hai jisne khaya vaah bhi pachtaya jisne nahi khaya vaah bhi pachtaya toh isliye shaadi karke shayad hi koi khush hoga

अभी ब्रश मुझसे क्यों पूछ रही हो कि मुझे शादी करने पर पछतावा है या नहीं आप अपने बारे में की

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Rakesh Kumar Chandra

BE ( Electrical )/ MBA ( Marketing) Electrical Engineer

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Mohini

Voice Artist

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Sanchi Sharma

Journalist, Photographer

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अगर आपने शादी कर रही है ना तो यह आपका खुद का डिसीजन है सब पता ने सब कुछ नहीं है जो हम नींद आती है तो आप को खुश करने के नुस्खे पता नहीं हम कि हम स्कूल नहीं पचता है उसके चित्र कॉल करें तो मेरी राय तो यह क्या करना चाहिए कैसे करना चाहिए

agar aapne shadi kar rahi hai na toh yah aapka khud ka decision hai sab pata ne sab kuch nahi hai jo hum neend aati hai toh aap ko khush karne ke nuskhe pata nahi hum ki hum school nahi pachta hai uske chitra call kare toh meri rai toh yah kya karna chahiye kaise karna chahiye

अगर आपने शादी कर रही है ना तो यह आपका खुद का डिसीजन है सब पता ने सब कुछ नहीं है जो हम नींद

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Snehasish Gupta

Journalist / Traveller

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सब को शादी करने का खेल इसलिए होता है क्योंकि शादी के बाद जो नॉर्मल लाइफ है यह खराब हो जाता है आपको बहुत रूल रेगुलेशन मारना पड़ता है इसलिए आप पार्टी नहीं कर पाते भी बचाने के बाद तो और बता जाता इसलिए से कुछ शादी करना चाहती का पछतावा होता है

sab ko shadi karne ka khel isliye hota hai kyonki shadi ke baad jo normal life hai yah kharab ho jata hai aapko bahut rule regulation marna padta hai isliye aap party nahi kar paate bhi bachane ke baad toh aur bata jata isliye se kuch shadi karna chahti ka pachtava hota hai

सब को शादी करने का खेल इसलिए होता है क्योंकि शादी के बाद जो नॉर्मल लाइफ है यह खराब हो जाता

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TS Bhanot

Teacher

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